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शुक्रवार, 10 अगस्त 2012

ये है बाबा रामदेव जी के बड़े भाई

ये है बाबा रामदेव जी के बड़े भाई के परिवार की सिर्फ कुछ महिने पुरानी तस्वीर देख सकते हैँ आज भी वो उसी स्थिति मे जहाँ पहले थे

अब उनके लिये जो कहते हैँ बाबा रामदेव ठग है

पिछले दिनों खबर आयी कि मुकेश अम्बानी अपने 5000 करोड़ के घर में शिफ्ट नही हो रहे कुछ वास्तु दोष रह गया है शायद  कमबख्त 5000 करोड़ रुपया खर्च के भी दोष रह गया 27 मंजिला घर बनवाया है
6 लोगों के रहने के लिए 168 कारें खड़ी हो सकती हैं 8 मंजिलें तो पार्किंग के  लिए है  कई सारे Swimming Pool
है Helipad है ऐसे लोगों को हमारे यहाँ धन पशु कहा जाता है  एक और धन पशु है दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के नेता कँवर सिंह तंवर हाल ही में उन्होंने अपने बेटे की शादी की सुनते है की 10 दिन तक समारोह चला 18000
मेहमान थे लड़की वालों ने अपने रिश्तेदारों को BMW दे के विदा किया  दामाद को हेलिकोप्टर दिया दहेज़ मे
लड़के की हजामत बनाने वाले नाइ को ही ढाई लाख का गिफ्ट दिया सुनते है की 100 करोड़ से ज्यादा खर्च हो गया एक शादी मे पूरी दुनिया मे इस शादी के चर्चे रहे  RECEPTION मे सोनिया गांधी  शाहरूख खान और ऐश्वर्य राय जैसी हस्तियाँ पहुंची थी  रईस लोग आहें  भर रहे थे काश हम भी अपनी बिटिया ऐसे ही ब्याह पाते 
 
इन ख़बरों को पढ़ के याद  आया सोने की चिड़िया है हिन्दुस्तान पिछले  दिनो अपने दिग्गी राजा यांनी किमध्य प्रदेश की राघो गढ़ रियासत के राजा  अपने  दिग्विजय सिंह जी फरमा रहे थे की A , B , C ,  तीन टीमें थी RSS की , सो एक , यानी राम देव को तो कुचल दिया और बाकी को देख  लेंगे और ये तो वो हमेशा से बोलते आये हैं की बाबा नहीं ठग है चोर है  बिजनेस करता है हाथ पैर बाँध के नदीमें फेंक  देना चाहिए और न जाने क्या क्या . इसके  अलावा हमारा मीडिया भी अक्सर उनसे ये पूछता है हाय  इतनी सारी दौलत इतनाआआआआआ          सारा रुपया है आपके  पास इतनी सारी दवाईयाँ बेचते हैं  आप इतने बड़े बिजनेस मैन है , बड़ी गाडी में चलते हैं चार्टर प्लेन में उड़ते  हैं वगैरा वगैरा अब इतने दौलत मंद  आदमी इतने बड़े रईस से ईर्ष्या होना तो स्वाभाविक है  अब  चूँकि मैं पातंजलि योग पीठ से  जुड़ा हूँ वहाँ महीनों रहा हूँ वहाँ की एक एक चीज़ को गौर से बड़े नज़दीक से देखा है एक बात तो मैं  भी मानता हूँ बाबा है वाकई रईस इसमें कोई  शक नहीं लोग कहते हैं की आज से मात्र 18 साल पहले बाबा हरिद्वार की गलियों में  साइकिल पे चलता था बात सही है सुनते हैं  की एक बार बाबा ने एक पंसारी से हज़ार रु  की जड़ी बूटिया उधार मांगी थी और उसने  मना कर दिया था वही बाबा आज 1100 करोड़ का मालिक हो गया  फ़कीर था रईस हो गया बड़े नज़दीक से देखा है मैंने
बाबा को मीडिया को रईस दिखता होगा बाबा पर आज भी सचमुच फ़कीर  है  वो अलग बात है की बाबा ने मात्र 5-7 सालों में एक साम्राज्य खड़ा कर दिया है पर किसके लिए एक किस्सा सुनाता हूँ देश के  एक TOP BOXING COACH अपने 30 स्टुडेंट्स को ले कर पतंजलि आना चाहते थे योग  सीखने 6 दिन का शिविर लगाना चाहते थे उन्होंने मुझसे संपर्क  किया वो पूछने लगे क्या खर्च  आएगा मैंने कहा कुछ ख़ास नहीं 3 दिन यहाँ धर्मशाला में फ्री में रहने को मिलेगा बाकी तीन दिन का 50 रु के हिसाब से एक Bed का दे देना और बाकी भोजन पानी तो फ्री मिलता ही है तीनों समय सो उन्होंने हाँ भर दी मैं इस सम्बन्ध में आचार्य बाल कृष्ण जी से मिला पूरी बात बतायी वो बोले क्या बात करते हो राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी धर्मशाला में  रुकेंगे नहीं Residential Blocks में AC Rooms में रुकवाओ खिलाड़ी हैं इसलिए अलग से भोजन की विशेष व्यस्था करवाओ दूध घी मक्खन पनीर फल फ्रूट हर चीज़ की व्यस्था करो लाने के लिए  स्टेशन पे बस भेजो वो तीस खिलाड़ी 7 दिन वहाँ योग पीठ में रुके योगसीखा सबके Medical Chekup हुए एकदम फ्री आज योग पीठ में सैकड़ों हज़ारों लोग पूरे देश से आते है योग सीखने और इलाज कराने धर्मशाला है  वहाँ 3 दिन तक फ्री रुकने  की व्यस्था इसके बाद 50 रु Bed (ठलुए मुफ्त खोरों को रोकने के लिए) दिन रात फ्री लंगर चलता है इतना बड़ा आयुर्वेदिक
अस्पताल है फ्री सेवा जो लोग धर्मशाला में नहीं रुकना चाहते उनके लिए 150  से ले के 400 रु Bed तक की Cooler और AC रूम में सुविधा इसके अलावा जो दवाईयाँ वहाँ आश्रम में मिलतीं हैं उनकी कीमत बाज़ार में बिकने वाली अन्य ब्रांड्स से 75 % तक कम हैं यानी बेहद सस्ती इसके अलावा बाबा के सैकड़ों सेवा प्रकल्प चल रहे हैं कितने ही गुरुकुल आज बाबा के अनुदान और मदद से चल रहे हैं लाखों योग कक्षाएं पूरे देश में फ्री चल रही है

आज बाबा ने योग को घर घर पहुंचा दिया है परन्तु सारी संपत्ति ट्रस्ट की है जिसमे बाबा के अलावा उनके परिवार का एक भी सदस्य नहीं है उनके परिवार का एक भी कोई बैंक  खाता नहीं है उनके एक भाई वही हरिद्वार में काम देखते हैं और वेतन पाते हैं एक बड़े भाई गाँव में खेती करते हैं सुनते हैं  की पुट्टपर्ति में साईं बाबा के निजी कक्ष से 7 करोड़ रुपया और 35  किलो सोना मिला था बाबा के निजीकक्ष में गया हूँ मैं वहाँ 7 रु नहीं मिलेंगे चटाई बिछा के सोते हैं जमीन पे NON AC रूम में दो जोड़ी कपडे है खुद धोते हैं उबली हुई सब्जी और एक गिलास दूध यही भोजन है  बाबा कहते हैं मेरा क्या है सब आपका है आपके लिए है आपके पैसे से बना है  बाबा कौ कौन सी बिटिया ब्याहनी है जिसके 18000 बारातियों को पकवान खिलाने हैं दहेज़ में BMW
देनी हैअलबत्ता उन मुक्केबाज लड़कियों को देख के बोले ये मेरी बेटियाँ हैं इन्हें  ओलम्पिक के लिए तैयार करो कोई चिंता मत करना मैं हूँ ना एक फ़कीर ने हम आम हिन्दुस्तानियों के लिए  इतना कुछ बना दिया योग सिखा दिया पर मीडिया और नेता मुकेश अम्बानी और कँवर सिंह तंवर सारीखों का गुणगान करते है तलवे चाटते हैं बाबा को ठग और चोर बताते हैं ऐसे हैं हमारे परम पूजनीय स्वमी रामदेव जी जो देश के  लिए इतना कुछ कर रहे हैं आज इसलिए हम स्वामी जी के साथ हैं-भारत स्वाभिमान के एक सदस्य के शब्दोँ मेँ

संविधान संशोधन विधेयक लाकर देश का नाम इंडिया के बजाय भारत रखने की मांग

सांसद शांता नाइक ने गुरुवार को संसद में एक संविधान संशोधन विधेयक लाकर देश का नाम इंडिया के बजाय भारत रखने की मांग की है।


नाइक ने एक बयान जारी कर बिल पेश करने के मकसद और इसके कारणों का जिक्र किया। उनके मुताबिक इंडिया के बजाय भारत शब्द ज्यादा व्यापक और प्रासंगिक है। इंडिया शब्द प्रादेशिकता की ओर संकेत करता है जबकि भारत इससे कहीं बढ़कर है। उन्होंने कहा कि हम अपने देश का गुणगान 'भारत माता की जय' से क
रते हैं न कि 'इंडिया की जय'।


नाइक इससे पहले राज्यसभा में इस बारे में विधेयक पेश कर चुके हैं, लेकिन बीच में ही कार्यकाल खत्म होने के कारण उनके बिल की अवधि समाप्त हो गई थी। संसद में दोबारा चुनकर आने के बाद नाइक ने इस बिल को फिर से पेश किया। उन्होंने कहा, 'देश का नाम इंडिया से बदलकर भारत रखने के कई आधार हैं, लेकिन इन सबसे बढ़कर भारत नाम के पीछे देशभक्ति की भावना है।'


जो लोग अभी भी इंडिया और भारत के अंतर से अनभिज्ञ हैं उनके लिए एक बार फिर .....


जरूर पढ़ें तथा औरो को भी पढ़ायें / शेयर करे:-

गुलामी से बाहर निकलो और भारतीय बनो::

इण्डिया छोडो और भारत बोलो::


भा + रत = भारत

(संस्कृति का सन्देश, स्वाभिमान का प्रतीक)


भारत उस देश का नाम है, जो अपने में एक विशिष्ट आध्यात्मिक संस्कृति को संजोए हुए है।

भारत : भा= 'प्रकाश और ज्ञान' + रत= 'लीन'

अर्थात जो देश प्रकाश, ज्ञान और आनंद की साधना में संलग्न रहा है, उसी का नाम है भारत।


भारत विश्वगुरु रहा है उसी ने बहुत पहले यह उदघोष किया -


॥ असतो माँ सदगमय, तमसो माँ ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय ॥

अर्थात असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर और मृत्यु से अमरत्व की ओर बढ़ना।


"अंग्रेजो ने भारत को इंडिया नाम दिया"

इस शब्द में वह शक्ति नहीं है, जो भारत के उपरोक्त गुणों को ध्वनित और व्यंजित कर सके, भारत के इंडिया शब्द का प्रयोग स्पष्ट करता है की भले ही अंग्रेजो की गुलामी से हम स्वतंत्र हो गए हैं, पर मानसिक दासता से अभी भी मुक्त नहीं हो सके हैं।


हमें इंडिया और अंग्रेजी, दोनों से ही अपने को मुक्त करना है तथा भारत, भारतीय संस्कृति और अपनी मातृभाषा से जुड़ना है, तभी हम सच्चे अर्थों में भारतीय कहलाने के अधिकारी होंगे।


# ::: इंडिया बनाम भारत ::: #


* इंडिया Competition पर चलता है और भारत Cooperation पर।

* इंडिया की theory है Survival of the Fittest और भारत की theory है Survival of all including the Weakest.

* इंडिया में ज्ञान डिग्री से मिलता है और भारत में ज्ञान सेवा से मिलता है।

* इंडिया में Nuclear Family चलती है और भारत में Joint Family.

* इंडिया में सिद्धांत है "स्व हिताय स्व सुखाय" और भारत में सिद्धांत है "बहुजन हिताय बहुजन सुखाय"।

* इंडिया में "I " "मैं" पर चलता है और भारत में "हम" पर चलता है।

* इंडिया मतलब इंडियन शहरों का समूह और भारत मतलब भारतीय गावों का समूह।

* इंडिया/इंडियन मतलब अंग्रेजी संस्कृति को बढ़ावा देना तथा भारत और भारतीय संस्कृति को भूलना।

* इंडिया/इंडियन मतलब विलासिता और शक्तिशाली लोग हैं जो भारत और भारतीयों पर राज करें।

* इंडियन सरकार ने भारतीय लोगों से जाति और धर्म क्यों पूछते हैं क्योंकि वे भारत/भारतीय लोगों पर शासन "फूट डालो और नियम" का पालन करते हैं।

* इंडियन मतलब साक्षर है और भारतीय मतलब शिक्षाविद् है।

* इंडियन अपने बच्चों के लिए सेक्स शिक्षा और भारतीय अपने बच्चों के लिए योग शिक्षा मांगते हैं।



भारत नाम हमारे देश में स्वीकार किया जाता है, विभिन्न सरकारी और सामाजिक क्षेत्रों, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्यूँ नहीं ?

जो निम्न उदाहरण से स्पष्ट है: -


1. हमारा राष्ट्रीय गान:

जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता ( ना की इंडिया भाग्य विधाता)


2. हमारा राष्ट्रीय प्रतिज्ञा: पहली पंक्ति है...!!

"भारत मेरा देश है" (ना की इंडिया मेरा देश है)


3. सर्वोच्च नागरिक सम्मान, जो हमारे देश में दिया जाता है: "भारतरत्न" है (ना की 'इंडियारत्न')


4. Indian penal code के लिए शब्द "भारतीय दंड संविधान" प्रयोग किया जाता है।


5. 'दूरदर्शन राष्ट्रीय नेटवर्क' पर दैनिक हिन्दी समाचार में हमेशा शब्द इंडिया के लिए भारत का उपयोग करता है। उदाहरणार्थ: 'इंडिया और इंग्लैंड' " के बीच के क्रिकेट मैच को "भारत और इंग्लैंड" के बीच।


6. हम कहते हैं "भारत माता की जय" (ना की इंडिया माता की जय)



"Incredible India" का मतलब "अविश्वासी इंडिया" होता है, तभी क्रिकेट के मैदान पर लिखा होता है, जिसे हमारे महान खिलाडी अपने जूते भरे पैरो से रोंदते है और इंडिया की जनता ताली बजाकर खुश होती है और भारत की जनता रोती है ? क्या हम अपने माता पिता का नाम किसी खेल के मैदान या सड़क पर लिख सकते है ?


इंग्लिश सीखो, लिखो, बोलो लेकिन सोचो....


"आंसू टपक रहे हैं, भारत के हर बाग से,

शहीदों की रूहें लिपट के रोती हैं, हर खासो आम से,

अपनों ने बुना था हमें, भारत के नाम से,

फिर भी यहाँ जिंदा है हम, गैरों के दिए हुए नाम इंडिया से"


क्या सोच रहे है आप ? बचाइए स्वाभिमान का प्रतीक अपने देश का नाम "भारत"


"हमारे देश का नाम हिंदी में भारत है, इंग्लिश में भी 'BHARAT' ही होगा ना की INDIA."


अधिक से अधिक शेयर करो और "इंडिया छोड़ो भारत बोलो"....!!