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शुक्रवार, 23 अगस्त 2024

बॉस ने पूछा ~ इससे पहले कि आप भारत में कहां काम करते थे? भारतीय ~ जी! मैं .. एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर था.

 

सिरदर्द ....एक भारतीय ने अपनी नौकरी छोड़ दी


कनाडा में दुनिया की सबसे बड़ी

डिपार्टमेंटल स्टोर में

सेल्समैन की नौकरी ज्वाइन की।

बॉस ने पूछा ~

क्या आपके पास कोई अनुभव है?

उसने कहा ~ हाँ सर !

मैं भारत में सेल्समैन था।

पहला दिन उस भारतीय ने

पूरे मन से काम किया।

शाम 6 बजे बॉस ने पूछा ~

आज पहला दिन है...

आपने कितनी बिक्री की?

भारतीय ने कहा ~

सर ! मैंने 1 बिक्री की।

बॉस चौंक कर बोला ~ क्या...

केवल एक सेल?

जो आम तौर पर यहाँ काम करते हैं

20 से 30 प्रत्येक सेल्समैन बेचते हैं

रोज़ाना करते हैं.

अच्छा ये बताओ...

तुमने कितने की बिक्री की.

9,33,005 डॉलर ~

भारतीय बोलो.

क्या? लेकिन तुमने ऐसा कैसे किया?

हैरानी से बॉस ने पूछा.

भारतीय बोला ~

एक व्यक्ति आया,

मैंने उसे थोड़ा सा

मछली पकड़ने का हुक बेचा,

फिर एक माजोला और फिर

आखिर में एक बड़ा हुक बेचा.

फिर मैंने उसे एक बड़ी मछली पकड़ने वाली छड़ी दी

और कुछ मछली पकड़ने का सामान बेचा.

फिर मैंने उससे पूछा कि ~

तुम मछली कहाँ पकड़ोगे?

उसने कहा कि वह

तटीय क्षेत्र में पकड़ेगा.

फिर मैंने कहा इसके लिए

नाव की ज़रूरत होगी.

तो मैं उसे नीचे ले गया

उसे नाव विभाग में ले गया और उसे

20 फीट डबल इंजन

👉 स्कूनर नाव बेची.

जब उसने कहा कि यह नाव उसकी है

वोक्स वैगन में नहीं आएगी,

फिर मैंने उसे अपना

ऑटोमोबाइल सेक्शन में ले गया

और उसकी नई नाव कैरी

👉 डीलक्स 4×4 ब्लेज़र बेचा।

और जब मैंने उससे पूछा कि ~

मछली पकड़ने के दौरान तुम कहाँ रहोगी?

उसने कुछ भी प्लान नहीं किया था, इसलिए मैं

उसे कैंपिंग सेक्शन में ले गया, और

छह स्लीपर...

👉 कैंपर टेंट बेचा

और फिर उसने कहा कि

जब इतना कुछ ले लिया जाता है,

तो 200 डॉलर का किराना और

दो केस बीयर भी ले लूँगी।

अब बॉस दो कदम पीछे हटे, और

बहुत ही धमाकेदार अंदाज में

पूछना शुरू किया ~ तुमने इतना कुछ किया...

उस आदमी को बेचा, जो..

👉 सिर्फ़ एक मछली का हुक

खरीदने आया था।

नहीं सर! युवा भारतीय सेल्समैन ने

जवाब दिया ~ वह सिर्फ़...

सिरदर्द से राहत पाने के लिए

टैबलेट लेने आया था।

मैंने उसे समझाया कि ~

मछली पकड़ना

सिर दर्द से राहत पाना

सबसे बढ़िया उपाय है.

बॉस ने पूछा ~ इससे पहले कि आप

भारत में कहां काम करते थे?

भारतीय ~ जी! मैं ...

★ एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर था.

घबराहट की मामूली शिकायत पर

हम मरीजों से हैं

पैथोलॉजी, इको, ईसीजी, टीएमटी,

सीटी स्कैन, एक्स-रे, एमआरआई

आदि जांच करवाते हैं.

बॉस ~ आप मेरी कुर्सी पर बैठिए.

मैं भारत में प्रशिक्षण के लिए

निजी अस्पताल

जॉइन करने जा रहा हूँ.

जय हिंद 🇮🇳

#बहन_बेटियों_सावधान 👬

 

#बहन_बेटियों_सावधान 👬

जब कोई रिश्तेदार मामा चाचा ताऊ फूफा मौसा पड़ोसी कज़िन भैया आदि प्रकार का रिश्ता किनारे रख कर तुमसे कहने लगे "रिश्ते अपनी जगह ,पर मैं तो तुम्हें अपनी फ्रेंड मानता हूँ।

तुम एक मॉर्डन गर्ल हो आज के ज़माने की तो पुराने टाइप के रिश्ते मत मानो।

"तो अपने माता पिता भाई को बता दो,,, क्योंकि उनकी नियत में खोट है।

फेसबुक के फ्रेंड किसी फ्रेंडशिप के प्रतीक नहीं हैं।

फेसबुक फ्रेंड मतलब फालतू के फ्रेंड, सिर्फ ऑनलाइन हैं ये,,,,इनसे जिंदगी पर तब तक कोई फर्क नही जबतक असल जिंदगी में न मिलो।

अतः फेसबुक पर उनकी फ्रेंड रिक्वेस्ट को संदेह से न देखो,,,,

पर इनबॉक्स और व्हाट्सअप में वीडियो कोटेशन शेयर करने लगें तो सावधान।

पुरुषों के हथकंडे -

वे तुमसे ऐसे बातें करेंगे कि दर्द आंखों से छलक पड़े

स्वयं को अपनी पत्नी के पिछड़ेपन से त्रस्त दिखाएंगे

खुद हैंडसम बने रह कर जताएंगे कि बहुत पुराने विचारों की पत्नी मिली है,दर्द किससे कहे,,,,,,

तुम अगर कह बैठी कि मुझसे कहिये,में हूँ न तो बस तुम्हारा जीवन उनके हवाले हो गया।

पत्नी को बीमार बता सकते हैं

पत्नी के अवैध संबंधों की झूठी बात बता कर सहानुभूति लूटेंगे,,,

तुम्हें सुंदर और इंटेलीजेंट बता कर काबू करेंगे,,,,

तुम में उन्हें अचानक ऐश्वर्या सानिया कल्पना चावला दिखने लगेगी।

तुम्हारी ममी पापा की ज़्यादा केअर शुरू करेंगे,,,,

तुम्हें वो गिफ्ट करना शुरू करेंगे जो पापा नहीं दे सकते

कोई कुछ कहेगा भी नहीं

उनसे रिश्ता ही ऐसा है अचानक गिफ्ट बढ़ जाएं

कपड़े ज़्यादा प्राप्त होने लगें घर आना जाना बढ़ जाये।

तुम्हें एग्जाम दिलाने वे स्वयं जाने लगे।

#सावधान

कोई पुरुष रिश्ते की आड़ में तुम्हें लूटने की तैयारी में है।

अच्छी नियत वाले भी अलग दिख जाते हैं,,

#सबसे_सुरक्षित_रहें।।

मां बाप सगे भाई बहन के अलावा इस समाज में कोई हितैषी हो ही नही सकता ।।।

🌷❣️ 🙏राधे राधे 🙏❣️🌷

सालाना सैलरी 30 करोड़ रुपए, काम - सिर्फ स्विच ऑन-ऑफ करना, फिर भी लोग नहीं करना चाहते ये नौकरी

 

World`s First Lighthouse: ऐसी नौकरी जिसमें ना नजर रखने वाला बॉस हो, ना काम करने की टेंशन हो. जब मर्जी हो सो जाओ, जब मन करे मजे करो और सैलरी भी 30 करोड़ रुपए, फिर भी लोग नहीं करना चाहते ये जॉब, आखिर क्‍यों?

Highest Paying Lighthouse Job Salary: करोड़ों का मोटा पैकेज, काम के घंटे न के बराबर और उस पर बॉस भी ना हो. ऐसी नौकरी का सुख स्‍वर्ग के सुख से कम नहीं है. यूं कहें कि ऐसी नौकरी हर कोई करना चाहता है लेकिन एक ऐसी ही नौकरी के लिए कैंडिडेट मिलना मुश्किल होता है. ये नौकरी है मिस्‍त्र के अलेक्‍जेंड्रिया बंदरगाह में फारोस नाम के द्वीप पर स्थित लाइटहाउस ऑफ अलेक्‍जेंड्रिया के कीपर की नौकरी. इस नौकरी के लिए सालाना सैलरी 30 करोड़ रुपए है.

इस लाइटहाउस के कीपर का एक ही काम है कि उसे इस लाइट पर नजर रखना होती है कि यह लाइट कभी बंद ना हो. फिर चाहे दिन के चौबीसों घंटे उसका जो मन करे, वो करे. यानी कि जब मन करे सो जाओ, जब जागने का मन हो उठो और एंजॉय करो, फिसिंग करो, समुद्री नजारे देखो. बस, एक बात का ध्‍यान रखना है कि लाइट हाउस की लाइट बंद ना होने पाए. यह लाइट हमेशा जलती रहे. फिर भी लोग इतने मोटे पैकेज वाली आरामदायक नौकरी करने की हिम्‍मत नहीं जुटा पाते हैं.

जान जाने का खतरा

इस नौकरी को दुनिया की सबसे कठिन नौकरी माना जाता है क्‍योंकि यहां व्‍यक्ति को पूरे समय अकेले रहना होता है. ना उससे कोई बात करने वाला होता है और ना ही उसे इंसान नजर आते हैं. समुद्र के बीचोंबीच बने इस लाइटहाउस को कई खतरनाक तूफान भी झेलने पड़ते हैं. कई बार तो समुद्री लहरें इतनी ऊंची उठती हैं कि लहरों से लाइफहाउस पूरी तरह ढंक जाता है. इससे लाइटहाउस कीपर का जान जाने का खतरा भी बना रहता है.

आखिर क्‍यों इतना जरूरी है यह लाइट जलना?

अब सवाल यह है कि इस लाइट हाउस को क्‍यों बनाया गया और इसकी लाइट जलते रहना इतना जरूरी क्‍यों है? एक बार मशहूर सेलर (नाविक) कैप्‍टन मेरेसियस इस ओर से निकल रहे थे. इस इलाके में बड़ी-बड़ी चट्टानें थीं, जो उन्‍हें रात के अंधेरे में तूफान के बीच दिखाई नहीं दीं. इससे उनकी नाव उलटी हो गई. कई क्रू मेंबर मारे गए, काफी नुकसान हुआ. कैप्‍टर मेरी को बहुत दूर जाकर जमीन मिली और वे मिस्‍त्र पहुंचे. अक्‍सर यहां की चट्टानों से समुद्री जहाजों को बहुत नुकसान होता था.

इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना

तब यहां के शासक ने आर्किटेक्‍ट को बुलाया और कहा कि समुद्र के बीच ऐसी मीनार बनाओ जहां से रोशनी की व्‍यवस्‍था की जा सके. इससे जहाजों को रास्‍ता भी दिखाया जा सके और उन्‍हें बड़े पत्‍थरों से भी बचाया जा सके. तब यह लाइट हाउस बनाया गया लेकिन जब यह बनकर तैयार हुआ तो उन्‍हें खुद ये अंदाजा नहीं था कि वह इंजीनियरिंग की दुनिया का बड़ा इंवेंशन होने वाला है.

इस लाइटहाउस का नाम रखा गया 'द फेरोस ऑफ अलेक्‍जेंड्रिया'. इस लाइटहाउस में लकडि़यों की मदद से बड़ी आग जलाई जाती थी और लेंस की मदद से उसे और बड़ा किया जाता था ताकि उसकी रोशनी दूर तक जा सके.

दुनिया का पहला लाइटहाउस

इस लाइटहाउस के कारण अब यहां नाविक आसानी से आने-जाने लगे. यह दुनिया का पहला लाइट हाउस था. इसके बाद दुनिया भर में लाइट हाउस बने. पहले लाइट हाउस केवल समुद्री किनारों पर बनते थे, लेकिन बाद में पत्‍थरों वाली जगहों पर भी लाइट हाउस बनने लगे. साथ ही समय के साथ बिजली की खोज हुई और लाइट हाउस पर बिजली से रोशनी की जाने लगी.