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बुधवार, 6 फ़रवरी 2013

डायबिटीज(मधुमेह) पर कुदरती नुस्खे ::

डायबिटीज(मधुमेह) पर कुदरती नुस्खे ::

मधुमेह रोग में खून में शर्करा स्तर बढ जाता है भारत में शुगर रोगियों की संख्या में बडी तेजी से वृद्धि देखने में आ रही है।इस रोग का कारण प्रमुख रूप से इन्सूलिन हार्मोन की की गड्बडी को माना जाता है।तनाव और अनियंत्रित जीवन शैली से इस रोग को बढावा मिलता है।इस लेख में मैं कुछ घरेलू सरल नुस्खे प्रस्तुत कर रहा हूं जो इस रोग को पूरी तरह नियन्त्रित करने मे कारगर साबित हुए हैं।
१॥आंवला और हल्दी का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम ५ ग्राम की मात्रा में पानी के साथ लें। बढे हुए रोग में भी अच्छे परिणाम मिलते हैं।

२॥मैथी के बीज ५ ग्राम रात भर पानी में भिगो दें ,फ़िर मिक्सर में चलाकर छानकर पियें। अवश्य लाभ होगा।

३॥करेला का ५० ग्राम रस नित्य पीना अति गुणकारी माना गया है।

४॥दाल चीनी४० ग्राम एक लिटर पानी में रात भर भिगो दें , फ़िर मिक्सर में चलाकर छानकर दिन में पियें। यह नुस्खा शुगर कम करने की महौषधि है। जरूर आजमाएं।

५॥जमुन के ताजा ५ पत्ते पानी में पीसकर छानकर सुबह-शाम पीने से मधुमेह में बेहद फ़ायदा होता है।

६॥तुलसी,नीम और बेल के सूखे पत्ते बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनालें और शीशी में भर लें यह चूर्ण ५ ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम पानी के साथ लेने से अधिकांश रोगियों को लाभ मिलता है।

७॥ अंगूर का रस और पके टमाटर का रस नियमित लेने से मधुमेह में लाभ होताहै।

८॥सोयाबीन,जौ और चने के मिश्रित आटे की रोटी खावें,इससे शुगर का स्तर कम करने में काफ़ी मदद मिलती है।

९॥मांस और वसायुक्त भोजन हानिकारक है।

१०॥प्रतिदिन २४ घन्टे में ३-४ लिटर पानी पीने की आदत डालें।

११॥हरी सब्जीयां,फ़ल और रेशे वाली चीजें भोजन में प्रचुर मात्रा में लें। शकर, मीठे फ़ल से परहेज करें।

१२॥अपनी आयु के हिसाब से २ से ४ किलोमिटर नित्य घूमना जरूरी है।

उपरोक्त जीवन चर्या अपनाकर आप मधुमेह से होने वाले हानिकारक प्रभावों से बच सकते हैं। जिन मधुमेह रोगियों को नित्य इन्सुलिन के इन्जेक्शन लग रहे है उनके लिये हर्बल चिकित्सा उपादेय होती है।

बिच्छू काटने पर


बिच्छू काटने पर बहुत दर्द होता है जिसको बिच्छू काटता है उसके सिवा और कोई जान नही सकता कितना भयंकर कष्ट होता है। तो बिच्छू काटने पर एक दावा है उसका नाम है Silicea 200 इसका लिकुइड 5 ml घर में रखे । बिच्छू काटने पर इस दावा को जिव पर एक एक ड्रोप 10-10 मिनट अंतर पर तिन बार देना है । बिच्छू जब काटता है तो उसका जो डंक है न उसको अन्दर छोड़ देता है वोही दर्द करता है । इस डंक को बाहर निकलना आसान काम नही है, डॉक्टर के पास जायेंगे वो काट करेगा चीरा लगायेगा फिर खिंच के निकालेगा उसमे उसमे ब्लीडिंग भी होगी तकलीफ भी होगी । ये मेडिसिन इतनी बेहतरीन मेडिसिन है के आप इसके तिन डोस देंगे 10-10 मिनट पर एक एक बूंद और आप देखेंगे वो डंक अपने आप निकल कर बाहर आ जायेगा। सिर्फ तिन डोस में आधे घन्टे में आप रोगी को ठीक कर सकते है। बहुत जबरदस्त मेडिसिन है ये Silicea 200. और ये मेडिसिन मिट्टी से बनती है,वो नदी कि मिट्टी होती है न जिसमे थोड़ी बालू रहती है उसी से ये मेडिसिन बनती है । ये दवा आपको किसी भी होमियोपैथिक दवाईयो की दुकान पर मिल जाएगी

इस मेडिसिन को और भी बहुत सारी काम में आती है । अगर आप सिलाई मशीन में काम करती है तो कभी कभी सुई चुव जाती है और अन्दर टूट जाती है उस समय भी आप ये मेडिसिन ले लीजिये ये सुई को भी बाहर निकाल देगा। आप इस मेडिसिन को और भी कई केसेस में व्यवहार कर सकते है जैसे कांटा लग गया हो , कांच घुस गया हो, ततैया ने काट लिया हो, मधुमखी ने काट लिया हो ये सब जो काटने वाले अन्दर जो छोड़ देते है वो सब के लिए आप इसको ले सकते है । बहुत तेज दर्द निवारक है और जो कुछ अन्दर छुटा हुआ है उसको बाहर निकलने की मेडिसिन है ।
बहुत सस्ता मेडिसिन है 5 ml सिर्फ 10 रूपए की आती है इससे आप कम से कम 50 से 100 लोगों का भला कर सकते है ।ये दवा आपको किसी भी होमियोपैथिक दवाईयो की दुकान पर मिल जाएगी

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