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शुक्रवार, 27 जुलाई 2018

27 जुलाई 2018 गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण

जय माता दी

*27 जुलाई 2018 गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का विवरण जानें*

गुरु पूर्णिमा पर रहेगा खग्रास चंद्रग्रहण, *दोपहर 2:54* से शुरू हो जाएगा सूतक, इसलिए बंद हो जाएंगे मंदिरों के पट, पहले ही गुरु पूजा करना होगा फलदायी

. गुरु पूर्णिमा पर शिष्य गुरुओं की दोपहर तक ही पूजा कर सकेंगे। यह सब खग्रास चंद्रग्रहण पडऩे के कारण होगा। ग्रहण का सूतक काल *दोपहर 2 बजकर 54 मिनट* से शुरू हो जाएगा। इस दौरान मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे। गुरु भी ध्यान, जप, तप, साधना आदि में लीन हो जाएंगे।

गुरु पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण की स्थिति कई सालों के बाद बन रही है। गुरु पूर्णिमा *27 जुलाई 2018* को मनाई जाएगी। ग्रहण उत्तरा अषाढ़ और श्रवण नक्षत्र तथा मकर राशि में होगा। यह साल का दूसरा खग्रास चंद्रग्रहण होगा, जो पूरे देश में दिखाई देगा।

चंद्रग्रहण शुरू होने के तीन प्रहर अर्थात 9 घंटे पहले ग्रहण का सूतक काल शुरू हो जाता है। यह दोपहर बाद से ग्रहण समाप्ति के बाद तक रहेगा। ग्रहण की अवधि 3 घंटा 55 मिनट रहेगी। ज्योतिषियों का कहना है कि इस सदी में यह सबसे लंबी अवधि वाला चंद्रग्रहण है, जो कई अनुसंधान का विषय भी बनेगा।

18 साल बाद बना ऐसा संयोग
गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण की स्थिति 18 साल बाद बनी है। ज्योतिषाचार्य  इसके पहले गुरु पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण की स्थिति 16 जुलाई 2000 में बनी थी। इसके बाद इस साल इस तरह की स्थिति बन रही है। ग्रहण के दौरान प्रतिमा स्पर्श, पूजा पाठ के साथ भोजन और शयन करना वर्जित माना गया है।

*चंद्र ग्रहण और सूतक का समय*

चंद्र ग्रहण का समय: 27 जुलाई *रात्रि 11.54.26 PM से 28 जुलाई रात्रि 03.48.59 AM* बजे तक.

की कुल अवधि: 03 घंटे 54 मिनट 33 सेकेंड

सूतक काल प्रारंभ: 27 जुलाई, दोपहर *02.54.00PM* बजे

*ग्रहण में क्या करें, क्या न करें?*

1.चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से  गुना फल होता है।

2.श्रेष्ठ साधक उस समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी घृत का स्पर्श करके ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का आठ हजार जप करने के पश्चात ग्रहणशुद्धि होने पर उस घृत को पी ले। ऐसा करने से वह मेधा (धारणशक्ति), कवित्वशक्ति तथा वाक् सिद्धि प्राप्त कर लेता है।

3.सूर्यग्रहण या चन्द्रग्रहण के समय भोजन करने वाला मनुष्य  अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक ‘अरुन्तुद’ नरक में वास करता है।

4.सूर्यग्रहण में ग्रहण चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व और चन्द्र ग्रहण में तीन प्रहर (9) घंटे पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। बूढ़े, बालक और रोगी डेढ़ प्रहर (साढ़े चार घंटे) पूर्व तक खा सकते हैं।

5.ग्रहण-वेध के पहले जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियाँ  दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते। पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना चाहिए।

6.ग्रहण वेध के प्रारम्भ में तिल या कुश मिश्रित जल का उपयोग भी अत्यावश्यक परिस्थिति में ही करना चाहिए और ग्रहण शुरू होने से अंत तक अन्न या जल नहीं लेना चाहिए।

7.ग्रहण के स्पर्श के समय स्नान, मध्य के समय होम, देव-पूजन और श्राद्ध तथा अंत में सचैल (वस्त्रसहित) स्नान करना चाहिए। स्त्रियाँ सिर धोये बिना भी स्नान कर सकती हैं।

8.ग्रहण पूरा होने पर सूर्य या चन्द्र, जिसका ग्रहण हो उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए।

9.ग्रहणकाल में स्पर्श किये हुए वस्त्र आदि की शुद्धि हेतु बाद में उसे धो देना चाहिए तथा स्वयं भी वस्त्रसहित स्नान करना चाहिए।

10.ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरतमंदों को वस्त्रदान से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।

11.ग्रहण के दिन पत्ते, तिनके, लकड़ी और फूल नहीं तोड़ने चाहिए। बाल तथा वस्त्र नहीं निचोड़ने चाहिए व दंतधावन नहीं करना चाहिए।

12.ग्रहण के समय ताला खोलना, सोना, मल-मूत्र का त्याग, मैथुन और भोजन – ये सब कार्य वर्जित हैं।

13.ग्रहण के समय कोई भी शुभ व नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

14.ग्रहण के समय सोने से रोगी, लघुशंका करने से दरिद्र, मल त्यागने से कीड़ा, स्त्री प्रसंग करने से सूअर और उबटन लगाने से व्यक्ति कोढ़ी होता है।

15.गर्भवती महिला को ग्रहण के समय विशेष सावधान रहना चाहिए। तीन दिन या एक दिन उपवास करके स्नान दानादि का ग्रहण में महाफल है, किन्तु संतानयुक्त गृहस्थ को ग्रहण और संक्रान्ति के दिन उपवास नहीं करना चाहिए।

16.भगवान वेदव्यासजी ने परम हितकारी वचन कहे हैं- सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) एक लाख गुना और सूर्यग्रहण में दस लाख गुना फलदायी होता है। यदि गंगाजल पास में हो तो चन्द्रग्रहण में एक करोड़ गुना और सूर्यग्रहण में दस करोड़ गुना फलदायी होता है।

17.ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम-जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है। ग्रहण के अवसर पर दूसरे का अन्न खाने से बारह वर्षों का एकत्र किया हुआ सब पुण्य नष्ट हो जाता है।

18.भूकंप एवं ग्रहण के अवसर पर पृथ्वी को खोदना नहीं चाहिए।

चंद्र ग्रहण 27-28 जुलाई 2018 आषाढ़ पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा

🌕🌖🌗🌘🌑

   *चंद्र ग्रहण*
27-28 जुलाई 2018 आषाढ़ पूर्णिमा ( *गुरु पूर्णिमा*) के दिन खग्रास यानी पूर्ण चंद्रग्रहण होने जा रहा है। यह ग्रहण कई मायनों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पूर्ण चंद्रग्रहण सदी का सबसे लंबा और बड़ा चंद्रग्रहण है। इसकी पूर्ण अवधि 3 घंटा 55 मिनट होगी। यह ग्रहण भारत समेत दुनिया के अधिकांश देशों में देखा जा सकेगा। इस चंद्रग्रहण को ब्लड मून कहा जा रहा है क्योंकि ग्रहण के दौरान एक अवस्था में पहुंचकर चंद्रमा का रंग रक्त की तरह लाल दिखाई देने लगेगा।  यह एक खगोलीय घटना है जिसमें चंद्रमा धरती के अत्यंत करीब दिखाई देता है।

*खग्रास चंद्रग्रहण*
यह खग्रास चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा-श्रवण नक्षत्र तथा मकर राशि में लग रहा है। इसलिए जिन लोगों का जन्म उत्तराषाढ़ा-श्रवण नक्षत्र और जन्म राशि मकर या लग्न मकर है उनके लिए ग्रहण अशुभ रहेगा। मेष, सिंह, वृश्चिक व मीन राशि वालों के लिए यह ग्रहण श्रेष्ठ, वृषभ, कर्क, कन्या और धनु राशि के लिए ग्रहण मध्यम फलदायी तथा मिथुन, तुला, मकर व कुंभ राशि वालों के लिए अशुभ रहेगा।

*ग्रहण कब से कब तक*
ग्रहण 27 जुलाई की मध्यरात्रि से प्रारंभ होकर 28 जुलाई को तड़के समाप्त होगा।
*स्पर्श* : रात्रि 11 बजकर 54 मिनट
*सम्मिलन* : रात्रि 1 बजे
*मध्य* : रात्रि 1 बजकर 52 मिनट
*उन्मीलन* : रात्रि 2 बजकर 44 मिनट
*मोक्ष* : रात्रि 3 बजकर 49 मिनट
*ग्रहण का कुल पर्व काल* : 3 घंटा 55 मिनट

*सूतक कब प्रारंभ होगा*
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस खग्रास चंद्रग्रहण का सूतक आषाढ़ पूर्णिमा शुक्रवार दिनांक 27 जुलाई को ग्रहण प्रारंभ होने के तीन प्रहर यानी 9 घंटे पहले लग जाएगा। यानी 27 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 54 मिनट पर लग जाएगा। सूतक लगने के बाद कुछ भी खाना-पीना वर्जित रहता है। रोगी, वृद्ध, बच्चे और गर्भवती स्त्रियां सूतक के दौरान खाना-पीना कर सकती हैं। सूतक प्रारंभ होने से पहले पके हुए भोजन, पीने के पानी, दूध, दही आदि में तुलसी पत्र या कुशा डाल दें। इससे सूतक का प्रभाव इन चीजों पर नहीं होता।

  *ग्रहण काल में क्या सावधानियां रखें*
*ग्रहणकाल में प्रकृति में कई तरह की अशुद्ध और हानिकारक किरणों का प्रभाव रहता है। इसलिए कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें ग्रहण काल के दौरान नहीं किया जाता है।

*ग्रहणकाल में सोना नहीं चाहिए। वृद्ध, रोगी, बच्चे और गर्भवती स्त्रियां जरूरत के अनुसार सो सकती हैं। वैसे यह ग्रहण मध्यरात्रि से लेकर तड़के के बीच होगा इसलिए धरती के अधिकांश देशों के लोग निद्रा में होते हैं।

*ग्रहणकाल में अन्न, जल ग्रहण नहीं करना चाहिए।

*ग्रहणकाल में यात्रा नहीं करना चाहिए, दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है।

*ग्रहणकाल में स्नान न करें। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें।

*ग्रहण को खुली आंखों से न देखें।

*ग्रहणकाल के दौरान महामृत्युंजय मत्र का जाप करते रहना चाहिए।

*गर्भवती स्त्रियां क्या करें*
ग्रहण का सबसे अधिक असर गर्भवती स्त्रियों पर होता है। ग्रहण काल के दौरान गर्भवती स्त्रियां घर से बाहर न निकलें। बाहर निकलना जरूरी हो तो गर्भ पर चंदन और तुलसी के पत्तों का लेप कर लें। इससे ग्रहण का प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर नहीं होगा। ग्रहण काल के दौरान यदि खाना जरूरी हो तो सिर्फ खानपान की उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करें जिनमें सूतक लगने से पहले तुलसी पत्र या कुशा डला हो। गर्भवती स्त्रियां ग्रहण के दौरान चाकू, छुरी, ब्लेड, कैंची जैसी काटने की किसी भी वस्तु का प्रयोग न करें। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे के अंगों पर बुरा असर पड़ता है। सुई से सिलाई भी न करें। माना जाता है इससे बच्चे के कोई अंग जुड़ सकते हैं। ग्रहण काल के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र ओम नमो भगवते वासुदेवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करती रहें।

💐 *जय श्री हरि*💐
      🌹सुप्रभात🌹
🌷जय जय अम्बे🌷

आज का पंचांग 27 July 2018

.            ।। 🕉 ।।
    🌞 *सुप्रभातम्* 🌞
««« *आज का पंचांग* »»»
कलियुगाब्द.................5120
विक्रम संवत्...............2075
शक संवत्..................1940
मास..........................आषाढ़
पक्ष............................शुक्ल
तिथी........................पूर्णिमा
रात्रि 01.49 पर्यंत पश्चात प्रतिपदा
रवि......................दक्षिणायन
सूर्योदय...........05.56.10 पर
सूर्यास्त...........07.10.46 पर
सूर्य राशि.......................कर्क
चन्द्र राशि....................मकर
नक्षत्र....................उत्तराषाढ़ा
रात्रि 12.23 पर्यंत पश्चात श्रवण
योग........................विष्कुम्भ
प्रातः 10.53 पर्यंत पश्चात प्रीती
करण...........................विष्टि
दोप 12.33 पर्यंत पश्चात बव
ऋतु..............................वर्षा
दिन..........................शुक्रवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :-
27 जुलाई सन 2018 ईस्वी ।

☸ शुभ अंक......................9
🔯 शुभ रंग...............आसमानी

👁‍🗨 *राहुकाल* :-
प्रात: 10.54 से 12.33 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
पश्चिमदिशा - यदि आवश्यक हो तो जौ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें।

✡ *चौघडिया* :-
प्रात: 07.37 से 09.15 तक लाभ
प्रात: 09.15 से 10.54 तक अमृत
दोप. 12.32 से 02.10 तक शुभ
सायं 05.27 से 07.05 तक चंचल
रात्रि 09.49 से 11.10 तक लाभ ।

📿 *आज का मंत्र* :-
।। ॐ भूतानां पतये नमः ।।

📢 *संस्कृत सुभाषितानि* --
पातितोऽपि कराघातै-
रुत्पतत्येव कन्दुकः।
प्रायेण साधुवृत्तानाम-
स्थायिन्यो विपत्तयः ॥
अर्थात :-
हाथ से पटकी हुई गेंद भी भूमि पर गिरने के बाद ऊपर की ओर उठती है, सज्जनों का बुरा समय अधिकतर थोड़े समय के लिए ही होता है।

🍃 *आरोग्यं सलाह* :-
*जले हुए घाव के घरेलू उपचार :-*

*1. हल्दी का पानी -*
एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर हल्दी कई प्रकार की सूजन संबंधी स्थितियों के इलाज के लिए दशकों से जाना जाता है। शोध से पता चला है कि कर्क्यूमिन हल्दी का सबसे सक्रिय घटक है जलन और त्वचा के इलाज में बहुत उपयोगी हो सकता है। जले हुए स्थान पर तुरंत हल्दी का पानी लगाने से दर्द कम होता है और आराम मिलता है। इसलिए इसे प्राथमिक उपाचार के तौर पर प्रयोग किया जा सकता है।

*2. आलू का छिलका -*
आलू ग्रह पर सबसे आम और महत्वपूर्ण खाद्य स्रोतों में से एक हैं। आलू के कई स्वास्थ्य और त्वचा संबंधित लाभ इस सब्जी को अधिक विशेष बनाते हैं। जले हुए घाव पर आलू या आलू का छिलका लगाने से जलन से राहत मिलेगी और ठंडक मिलेगी। इसके लिए आलू को दो भागों में काटकर उसे जख्म पर रखें। जलने के तुरंत बाद यह करना काफी लाभकारी होगा।
      *गुरु पूर्णिमा*

🌷🌷

🌷 *गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः |*
*गुरुर्साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ||*

*ध्यानमूलं गुरुर्मूर्ति पूजामूलं गुरोः पदम् |*
*मंत्रमूलं गुरोर्वाक्यं मोक्षमूलं गुरोः कृपा ||*
*अखंडमंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् |*
*तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः ||*

*त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बंधुश्च सखा त्वमेव |*
*त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देव देव ||*

*ब्रह्मानंदं परम सुखदं केवलं ज्ञानमूर्तिं |*
*द्वन्द्वातीतं गगनसदृशं तत्त्वमस्यादिलक्षयम् ||*
*एकं नित्यं विमलं अचलं सर्वधीसाक्षीभूतम् |*
*भावातीतं त्रिगुणरहितं सदगुरुं तं नमामि ||*
*समस्त गुरुजनों को सादर प्रणाम🙏🏻🙏🏻*

⚜ *आज का राशिफल* :-

🐏 *राशि फलादेश मेष* :-
भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। बेरोजगारी दूर होगी। सुख के साधन जुटेंगे। प्रमाद न करें।

🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता अर्जित करेगा।

👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
विवाद से क्लेश होगा। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। अपेक्षित कार्यों में बाधा होगी।

🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
मेहनत सफल रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। शत्रु परास्त होंगे। धनहानि संभव है। थकान रहेगी। प्रमाद न करें।

🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। आय में वृद्धि होगी। पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। झंझटों में न पड़ें।

👱🏻‍♀ *राशि फलादेश कन्या* :-
अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। जोखिम न उठाएं।

⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
फालतू खर्च अधिक होगा। दूसरों से अपेक्षा न करें। भय, कष्ट व चिंता का वातावरण बन सकता है। विवाद से बचें।

🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। लाभ होगा।

🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। नई योजना बनेगी। विवाद से बचें।

🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। धनार्जन सहज होगा। तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें।

🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। शत्रु शांत रहेंगे। जोखिम व जमानत के कार्य बिलकुल न करें।

🐋 *राशि फलादेश मीन* :-
विवाद न करें। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। बुद्धि का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। राजकीय बाधा दूर होगी।

☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो |

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

गुरुवार, 26 जुलाई 2018

आज का पंचांग 26 July 2018

.           ।। 🕉 ।।
    🌞 *सुप्रभातम्* 🌞
««« *आज का पंचांग* »»»
कलियुगाब्द.................5120
विक्रम संवत्................2075
शक संवत्...................1940
मास..........................आषाढ़
पक्ष.............................शुक्ल
तिथी........................चतुर्दशी
रात्रि 11.16 पर्यंत पश्चात पूर्णिमा
रवि......................दक्षिणायन
सूर्योदय...........05.55.01 पर
सूर्यास्त............07.11.54 पर
सूर्य राशि.......................कर्क
चन्द्र राशि.......................धनु
नक्षत्र......................पूर्वाषाढ़ा
रात्रि 09.17 पर्यंत पश्चात उत्तराषाढ़ा
योग...........................वैधृति
प्रातः 09.39 पर्यंत पश्चात विष्कुम्भ
करण.............................गर
प्रातः 10.00 पर्यंत पश्चात वणिज
ऋतु.............................वर्षा
दिन..........................गुरुवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :-
26 जुलाई सन 2018 ईस्वी ।

👁‍🗨 *राहुकाल* :-
दोपहर 02.11 से 03.50 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
दक्षिणदिशा -
यदि आवश्यक हो तो दही या जीरा का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।

☸ शुभ अंक.................8
🔯 शुभ रंग................पीला

✡ *चौघडिया* :-
प्रात: 05.58 से 07.36 तक शुभ
प्रात: 10.53 से 12.32 तक चंचल
दोप. 12.32 से 02.10 तक लाभ
दोप. 02.10 से 03.49 तक अमृत
सायं 05.27 से 07.06 तक शुभ
सायं 07.06 से 08.27 तक अमृत
रात्रि 08.27 से 09.49 तक चंचल |

📿 *आज का मंत्र* :-
|| ॐ धात्रे नमः ||

📢 *सुभाषितम्* :-
महाजनस्य संसर्गः,
कस्य नोन्नतिकारकः।
पद्मपत्रस्थितं तोयम्,
धत्ते मुक्ताफलश्रियम् ॥
अर्थात :-
महापुरुषों का सामीप्य किसके लिए लाभदायक नहीं होता, कमल के पत्ते पर पड़ी हुई पानी की बूँद मोती जैसी शोभा प्राप्त कर लेती है।

🍃 *आरोग्यं* :-
*फ्लू से लड़ने के लिए आसान घरेलू उपचार -*

*3. लहसुन -*
लहसुन अपने एंटी-बायोटीक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-हाइपरटेंसिव, एंटी-फंगल, एंटी-वायरल, एंटी-ऑक्सीडेंट और यहां तक कि कोलेस्ट्रॉल-कम करने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। लहसुन सर्दी-जुकाम से लड़ने में काफी मददगार होता है। फ्लू होने पर सुबह उठकर शहद और लहसुन का मिश्रण आपको सर्दी से निजात दिलाएगा।

*4. दूध में हल्दी -*
ऐसा देखा गया है कि फ्लू या सर्दी होने या शा‍रीरिक पीड़ा होने पर घरेलू उपाय के रूप में हल्दी वाले दूध का इस्तेमाल किया जाता है। प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम को मजूबूत करने के लिए हल्दी में बहुत ही क्षमता है और यह एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरिया और एंटी-फंगल गुणों के लिए जाना जाता है। हल्दीा दूध बीमारियों के साथ दर्द से तुरंत आराम देता है।

⚜ *आज का राशिफल* :-

🐏 *राशि फलादेश मेष* :-
जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। राजकीय अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-परिवार की चिंता रहेगी। व्यापार लाभदायी रहेगा।

🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। घर-परिवार की चिंता रहेगी। कार्यसिद्धि से आशाजनक परिणाम आएंगे।

👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। स्वास्‍थ्य का ध्यान रखें। जल्दबाजी न करें। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। क्रोध, उत्तेजना पर संयम रखें।

🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
दौड़धूप अधिक रहेगी। घर-परिवार की चिंता रहेगी। जल्दबाजी से बाधा होगी। शोक समाचार मिल सकता है। व्यापार में इच्छित सफलता मिलेगी।

🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
धन प्राप्ति सुगम होगी। थकान रहेगी। प्रतिष्ठा वृद्धि होगी। मेहनत का फल मिलेगा। नौकरी, निवेश व यात्रा लाभ देंगे।

👱🏻‍♀ *राशि फलादेश कन्या* :-
वरिष्‍ठजनों का सहयोग मिलेगा। धनलाभ होगा। झंझटों में न पड़ें। विवाद से बचें। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा।

⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
रोजगार मिलेगा। नौकरी, निवेश व यात्रा मनोनुकूल रहेंगे। अस्वस्थता संभव है। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। भूमि, जायदाद के सौदों में लाभ होगा।

🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
वाणी पर नियंत्रण रखें। शत्रु सक्रिय होंगे। लाभ कम होगा। व्ययवृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। संतान की तरक्की होगी।

🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। धनलाभ होगा। बेचैनी रहेगी। रुका हुआ धन मिलेगा, प्रयास करें।थकान रहेगी। कार्य की गति बढ़ेगी।

🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
योजना फलीभूत होगी। जोखिम जल्दबाजी से बचें। हानि हो सकती है। कार्यस्‍थल पर परिवर्तन संभव है। आर्थिक स्थिति कष्टकारी होगी।

🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
राजकीय बाधा दूर होगी। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। जल्दबाजी से बचें। प्रमाद न करें। पूजा-पाठ में मन लगेगा। विशेष कार्य बन जाने से हर्ष होगा।

🐋 *राशि फलादेश मीन* :-
जोखिम व जमानत के कार्य टालें।वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। विवेक से कार्य करें, लाभ होगा।

☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

।। *शुभम भवतु* ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय*  🚩🚩

बुधवार, 25 जुलाई 2018

आज का पंचांग 25 July 2018

.             ।।  🕉  ।।
      🌞 *सुप्रभातम्* 🌞
  ««« *आज का पंचांग* »»»
कलियुगाब्द....................5120
विक्रम संवत्...................2075
शक संवत्......................1940
मास............................आषाढ़
पक्ष...............................शुक्ल
तिथी...........................त्रयोदशी
रात्रि 08.46 पर्यंत पश्चात चतुर्दशी
रवि..........................दक्षिणायन
सूर्योदय...............05.55.17 पर
सूर्यास्त...............07.11.46 पर
सूर्य राशि..........................कर्क
चन्द्र राशि..........................धनु
नक्षत्र...............................मूल
संध्या 06.39 पर्यंत पश्चात पूर्वाषाढ़ा
योग..................................इंद्र
प्रातः 08.39 पर्यंत पश्चात वैधृति
करण............................कौलव
प्रातः 07.34 पर्यंत पश्चात तैतिल
ऋतु.................................वर्षा
दिन.............................बुधवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :-
25 जुलाई सन 2018 ईस्वी ।

👁‍🗨 *राहुकाल* :-
दोपहर 12.33 से 02.11 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
उत्तरदिशा - यदि आवश्यक हो तो तिल का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।

☸ शुभ अंक...............1
🔯 शुभ रंग...............हरा

📜 *चौघडिया :-*
प्रात: 05.58 से 07.36 तक लाभ ।
प्रात: 07.36 से 09.15 तक अमृत ।
प्रात: 10.53 से 12.32 तक शुभ ।
दोप. 03.49 से 05.28 तक चंचल ।
सायं 05.28 से 07.06 तक लाभ ।
रात्रि 08.28 से 09.49 तक शुभ ।

📿 *आज का मंत्र* :-
।।ॐ वक्रतुण्डाय नम: ।।

🎙 *सुभाषितम्* :-
सुखं शेते सत्यवक्ता सुखं शेते मितव्ययी ।
हितभुक् मितभुक् चैव तथैव विजितेन्द्रिय: ॥
अर्थात :-
सत्य बोलनेवाला , मर्यादित खर्चा करनेवाला , हितकारक पदार्थ जरूरी प्रमाण मे खानेवाला , तथा जिसने इन्द्रियोंपर विजय पाया है , वह चैन की नींद सोता है ।

🍃 *आरोग्यं* :-
*फ्लू से लड़ने के लिए आसान घरेलू उपचार -*

*1. शहद के साथ काली मिर्च -*
फ्लेवोनोइड्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीबैक्टीरियल से भरपूर काली मिर्च सर्दी-जुकाम या फ्लू के उपचार के लिए जाना जाता है। यह ब्लड सर्कुलेशन को उत्तेजित करता है और शरीर, विशेष रूप से हाथों और पैरों को वार्म करता है, विषाक्त पदार्थों को दूर करता है और साइनस जमाव में सुधार करता है। आप शहद के साथ काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं। शहद के साथ मिलाकर लिया जाता है तो ये जमे हुए बलगम को बाहर निकालने में सहायता मिलती है।

*2. शहद और नींबू -*
विटामिन सी का बहुत ही अच्छा स्रोत नींबू एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल है और संक्रमण की प्रगति को रोकने के लिए उत्कृष्ट है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और ठंड और फ्लू के लक्षणों से छुटकारा पाने में मदद करता है। शहद और नींबू ना सिर्फ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है बल्कि त्वचा के लिए भी बहुत उपयोगी है। इससे कोलेस्ट्रॉल,वजन, मुंह से दुर्गन्ध इत्यादि कई सारी समस्याओं से छुटकारा पाने में सहायता मिलती है।

⚜ *आज का राशिफल :-*

🐏 *राशि फलादेश मेष* :-
बुद्धि सम्बन्धी कार्य सफल रहेंगे। शुभ आयोजन में भाग लेने का अवसर मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
अशुभ सुचना मिल सकती है । जमानत व जोखिम के कार्य टालें । श्रम अधिक, लाभ कम होगा । धैर्य रखें ।

👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
वाद विवाद को बढ़ावा न दें । प्रयास सफल रहेंगे । धन प्राप्ति सुगम होगी । कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी ।

🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
शुभ सुचना प्राप्त होगी । प्रसन्नता रहेगी । चोट व रोग से बचें । अतिथि आगमन होगा । आय के स्त्रोत बढ़ेंगे ।

🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
रोजगार व्यवसाय में अभीवृद्धि होगी । यात्रा सफल रहेगी । भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है । प्रसन्नता रहेगी ।

👱🏻‍♀ *राशि फलादेश कन्या* :-
व्यय वृद्धि होगी । विवाद को बढ़ावा न दें । दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं । पारिवारिक चिंता बनी रहेगी ।

⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
रुका हुआ पैसा मिल सकता है । यात्रा, निवेश व नौकरी में मनोनुकूल लाभ होगा । जल्दबाजी न करें ।

🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
आय में अभिवृद्धि होगी । योजना फलीभूत होगी । नए अनुबंध हो सकते हैं । वस्तुएं संभालकर रखें ।

🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी । राजकीय सहयोग मिलेगा । रोजगार में वृद्धि होगी । व्यापार व्यवसाय ठीक चलेगा ।

🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
जोखिम व जमानत के कार्य टालें । जल्दबाजी से बड़ा नुकसान हो सकता है । अपेक्षित कार्यों में बाधा होगी ।

🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी । वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है । प्रसन्नता रहेगी ।

🐋 *राशि फलादेश मीन* :-
संपत्ति के कार्य बनेंगे । उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे । बड़ी सफलता मिल सकती है । प्रमाद न करें ।

☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

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