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बुधवार, 12 सितंबर 2018

क्या-क्या कुदरती घोषित कर दोगे आप ?? #धारा_377

क्या-क्या कुदरती घोषित कर दोगे आप ??
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तस्वीर में दिख रहा बड़ा सा कुत्ता दरअसल एक आदमी है, जिसे लगता है कि वो सेक्सुअली एक कुत्ता है।वह चाहता है उसे कुत्ते की तरह ट्रीट किया जाये । ये ड्रेस सेक्स टॉयज़ बनाने वाली कंपनियां बनाती हैं, अच्छी कीमत पर बेचती हैं।
हार्मोन्स के इंजेक्शन से सेक्स चेंज की जुगाड़ तो बाजार ने खोज ली है, लेकिन अभी इंसान को कुत्ता बनाने वाले हार्मोन्स नहीं बन सके, लिहाजा मानसिक कुत्तों को ड्रेस ही बेची जा रही है। हो सकता है कि आने वाले सालों में इन्हें बोलना भुलाकर भौंकने की व्यवस्था कोई कंपनी खोज निकाले.!

दुनिया में सेक्स मार्केट इस समय करीब 35 बिलियन डॉलर का है। 2020 तक ये करीब 55 बिलियन डॉलर होगा। एक साल में तकरीबन 50,000 करोड़ की सेक्स चेंज सर्जरी भी हो रही है। बाजार के इस मेडिकल क्षेत्र में अभी बहुत स्कोप है। लेकिन बाजार ग्रो करे इसके लिए जरूरी है पहले विकृति को स्वीकृति मिले। उसके बाद शौक और फिर ट्रेंड बने। विज्ञापनों को ध्यान से देखा होगा या मार्केटिंग को पढ़ा होगा तो पहला फंडा है कि जहर भी बेचना है तो उसे ग्लोरीफाई किया जाए.!
ये कुत्ता कोई तस्वीर नहीं है। ये एक कम्युनिटी है। LGBT की तरह।
ये खुद को '#ह्यूमन_पप्स' कहते हैं।

किसी एक आध शख्स के 'शौक' से शुरू हुई पप्स कम्युनिटी आज हजारों लाखों में पहुंच गई है। ब्रिटेन के एंटवर्प शहर में 'मिस्टर पपी यूरोप' की प्रतियोगिता आयोजित की गई। इनके अपने प्राइड क्लब्स भी हैं, दुनिया के तमाम शहरों में, जहां ये इकट्ठा होकर अपने अंदर के कुत्ते को गर्व से सेलिब्रेट करते हैं।"

होमोसेक्सुअल्स की तरह ही ये कुत्ते और पिल्ले भी तमाम आयोजन करते हैं, और अपने अधिकारों की मांग करते हैं कि दुनिया उन्हें सम्मान से स्वीकार करे जैसे आम लोगों को स्वीकार करती है।
इसी तरह '#ज़ूफाइल्स' नाम से एक कम्युनिटी भी है। ये वो लोग हैं जिन्हें इंसान सेक्सुअली आकर्षित नहीं करते। चाहे फिर वो लड़की हो या लड़का.! इन्हें जानवरों से इंटरकोर्स आकर्षित करता है। इनमें से कई कहते हैं कि इंसानों के संपर्क में जब तक थे ये अपनी सेक्सुअलिटी को पहचान नहीं पाए थे। अब पहचान लिया, और सुखी हैं। ज़ूफाइल्स में भी कई आइडेन्टिटीज़ हैं।
जैसे कि कुत्तों के साथ सेक्सुअल रिश्ते बनाने वाले साइनोफाइल्स, घोड़ों से साथ वाले इक्विनोफाइल्स, सुअर के साथ वाले पोर्किनोफाइल्स.!!
ये सब भी समाज में स्वीकृति की मांग कर रहे हैं और इनके क्लब्स की संख्या 15-20 लाख तक पहुंच चुकी है।
कई देशों में ये लीगल भी है, कुछ में बैन.! डेनमार्क ने हाल में कानून बनाकर ज़ूफीलिया बैन कर दिया, इसे लेकर इस समाज में बहुत नाराज़गी है। भेदभाव बंद करने की मांग कर रहे हैं। कुछ का कहना है जानवर भी उनके साथ रिश्ते को एन्जॉय करते हैं और ये आपसी सहमति से होता है,
और कुछ कहते हैं कि जानवर को मारकर खाने की बात करने वाले जानवर से सेक्स में एनिमल राइट्स कहाँ से घुसेड़ लाते.?

एक सर्वे में पता चला कि 81% पुरुष और 100% ज़ूफ़ाइल महिलाएं केवल जानवरों से आकर्षण को ही अपने ज़ूफ़ाइल होने की वजह मानते हैं। उनके मुताबिक इसके पीछे न कोई कारण है, न मानसिक बीमारी.!! ये उनका नेचुरल ज़ूफ़िलिक सेक्सुअल ओरिएंटेशन है, जस्ट लाइक हेट्रोसेक्सुअल्स.!! इन्हें भी खुद पर 'प्राइड' है और समाज में अपनी सेक्सुअल आइडेंटिटी को सम्मान और बराबरी का स्थान दिलाना चाहते हैं.!!
इसी तरह खुद को लड़की की तस्वीर में देखकर एक्साइट होने वाले ऑटोगाइनेफाइल्स हैं, खुद को किसी जानवर की सेक्सुअल लाइफ में मानने वाले ऑटोज़ूफाइल्स, पेड़ो से सेक्स करना पसंद करने वाले डेंड्रोफाइल्स, कीड़ों को अपने ऊपर डालकर सेक्सुअल प्लेज़र लेने वाले फॉर्मिकोफाइल्स., ये सब अपने आपको सामान्य और आम लोगों की तरह बताते हैं.!!
सामान्यतः कानूनन अपराधी होने के चलते डार्क वेब पर छिपकर पीडोफाइल्स भी बच्चो के साथ सेक्स करने के अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इनके पास भी अपने मनोवैज्ञानिक और कथित मानवाधिकार के तर्क हैं।
सबके अपने तर्क हैं, आग्रह दुराग्रह हैं.! होमोसेक्सुअल्स की संख्या ज्यादा है तो उन्होंने होमोसेक्सयूलिटी को ज्यादा नेचुरल घोषित कर लिया.! जिनकी संख्या कम है वो अभी खुली 'प्राइड परेड' नहीं कर पाते।
लेकिन नेचर तो 'प्रोडक्टिवली पर्पसफुल' प्रक्रियाओं को पैदा करती है और यही नेचर के लिए नेचुरल होने का मतलब है। रिप्रोडक्शन को डिस्ट्रक्शन से अलग करने के लिए सेक्स में इमोशन्स, प्लेज़र, बॉन्डिंग और सिक्योरिटी को नेचर ने जोड़ दिया, ताकि सृजन खूबसूरत लगे।

शुद्ध साइंस की भाषा में कहें तो हर जाति के जीवन की हर गतिविधि का मकसद जीन ट्रांसफर ही है। लेकिन नेचर के साथ विकृति और अपवाद हमेशा लिंक्ड रहते। आज कथित समाजसेवी, मानवाधिकारवादी विकृति को 'प्राइड' बताने के लिए कैम्पेन कर रहे हैं।
नॉन-रिप्रोडक्टिव सेक्सुअल साइकोलॉजी को साइंस की भाषा में पैराफीलिया कहते हैं। खुद को अपोजिट सेक्स का सोचने वाले होमोसेक्सुअल्स हो या अपने आपको जानवर समझने वाले ऑटोज़ूफाइल्स, नेचर के सामान्य नियमों पर ये सब पैराफाइल्स असामान्य मानसिक या हार्मोनल विकृतियां ही हैं। कैंटर के रिसर्च पेपर में होमोसेक्सुअल्स के प्रति बहुत उदारता बरतते हुए भी निष्कर्ष यही निकला कि होमोसेक्सुअल्स और पैराफाइल्स में कई कोरिलेट्स हैं, और इस मनोदशा के पीछे के बहुत फैक्टर्स पर रिसर्च बाकी है। लेकिन जज साहब ने घोषणा कर दी कि होमोसेक्सुअलिटी एकदम सामान्य बात है।
दुनिया में सेक्स मार्केट इस समय करीब 35 बिलियन डॉलर का है। 2020 तक ये करीब 55 बिलियन डॉलर होगा। एक साल में तकरीबन 50,000 करोड़ की सेक्स चेंज सर्जरी भी हो रही है। बाजार के इस मेडिकल क्षेत्र में अभी बहुत स्कोप है। लेकिन बाजार ग्रो करे इसके लिए जरूरी है पहले विकृति को स्वीकृति मिले। उसके बाद शौक और फिर ट्रेंड बने। विज्ञापनों को ध्यान से देखा होगा या मार्केटिंग को पढ़ा होगा तो पहला फंडा है कि जहर भी बेचना है तो उसे ग्लोरीफाई किया जाए.!
ख़ैर, आजकल जब कुत्ते का पट्टा पहने इंसान आदमी बनने को तैयार नहीं, तो नेचुरल अननेचुरल की बात मजाक से ज्यादा क्या होगा.!! लेकिन बात ये है कि Section 377 हटने के पहले भी बैडरूम में कोई झांकने नहीं आता था, अब भी नहीं आएगा.! लेकिन होमोसेक्सुअल्स की पर्सनल लाइफ अगर उनका पर्सनल मसला है तो होमोसेक्सुअलिटी को कोई इज्जत दे या हिकारत भरी निगाह से देखे., उसकी पर्सनल चॉइस में क्यों घुसना.??
वैसे, कोर्ट से Section 377 खत्म हुआ है, HIV और STDs का ख़तरा नहीं.!!
साभार हिमांशु मिश्र.....

बुजर्गों के लिए हेल्थ टिप्स

बुजर्गों के लिए हेल्थ टिप्स:-
1. आहार और खानपान- खासकर इस उम्र में खाना हल्का,सुपाच्य ,कम तेल,मिर्च मसालेवाला और जहां तक हो सके शाकाहारी लें।
वैज्ञानिक शोधों से ये साबित हो चुका है कि जो लोग,कम खाते हैं और शाकाहारी खानपान अपनाते हैं वो ज्यादा लंबा और ज्यादा स्वस्थ जीवन ज्वेते हैं ,बनिस्बत उनलोगों के जो ज्यादा मात्रा में खाना खाते हैं और मांसाहार अपनाते हैं।
बढ़ती उम्र के साथ चूंकि ,मांसपेशियां शिथिल और कमजोर पड़ने लगती हैं,इसीलिये आहार में प्रोटीन की जरूरत भी बढ़ जाती है।इसी के मद्देनजर खाने में प्रोटीन के स्त्रोत,जैसे की दालें, सोयाबीन,चना,पनीर और टोफू(सोया पनीर) की मात्रा बढ़ा दें।कैल्शियम और विटामिन डी की कमी की वजह से हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं, जिस वजह से कमर में दर्द और जोड़ीं में दर्द बहुत ही आम समस्या बन जाती है।इसीलिए ये बहुत ज़रूरी हो जाता है ,की दूध,दही और दूध से बने पदार्थों के रूप में,खाने में भरपूर मात्रा में बराबर कैल्शियम लें।डॉक्टरी सलाह पर ,कैल्शियम और विटामिन डी के सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं।
खाने में साबुत अनाज और फाइबरयुक्त आहार लें।प्रचुर मात्रा में सब्ज़ियों और फलों का सेवन करें।1 मौसमी फल प्रतिदिन खाने का नियम ज़रूर बना लें।1 चम्मच घी के रूप में ,थोड़ी सी वसा का भी अवश्य ही सेवन करें।
खाना थोड़ी मात्रा में लें और बराबर लें ,जिससे शरीर में स्फूर्ति और शक्ति बनी रहे।विशेषकर रात का खाना हल्का लें और जल्दी अवश्य ही लें।
2. नींद-सात से आठ घंटे की तनावरहित नींद लेने की कोशिश करें।अगर तनाव और अनिद्रा की समस्या है तो ध्यान ,योग का सहारा लें।बहुत ज़रूरी है ,की सारे दिन किसी ना किसी गतिविधि में खुद को व्यस्त रखें ,ताकि रात को नींद आने में समस्या ना हो।अगर फिर भी दिक्कत महसूस हो तो,अनिद्रा की समस्या के लिए डॉ से मिलें।
3. व्यायाम- नियम से हफ्ते में कम से कम 3 दिन,आधे घंटे के लिए, घूमना जारी रखें।अगर शरीर में ताकत हो तो जिम ट्रेनर के संरक्षण में वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज करने से ,हड्डियां मजबूत होंगी और मांसपेशियां भी कमजोर नही पड़ेगी।इसके साथ ही साथ,अगर आप पहले से ही जॉगिंग या स्विमिंग जैसी एक्सरसाइज करते रहें हो ,तो उसको जारी रखने में कोई हर्ज नही।
साथ ही आपको योग ,ध्यान,प्राणायाम और सूर्य नमस्कार करने से भी स्वास्थ की दृष्टि से बेहद लाभ मिलेंगे।
एक वैज्ञानिक शोध में तो ये भी देखा गया है ,की जो लोग डांस में रूचि रखते हैं और स्वयम डांस सीखते और करते हैं ,वो ज्यादा समय तक स्वस्थ और युवा बने रहते हैं और उनकी याददाश्त भी मजबूत होती है।तो हुई ना एक चौंकानेवाली मजेदार बात!
4. जीवनशैली-सिर्फ वृद्धावस्था ही क्यों,बल्कि बाल्यपन से लेकर युवावस्था से लेकर वृद्धावस्था,में,कुल मिलाकर जीवन के हर पड़ाव में व्यक्ति को एक नियमित जीवनशैली अपनानी चाहिए ही,जिसमें जल्दी सोना और सूर्योदय के साथ उठना ,एक बेहद कारगर आदत है।निश्चित ही,नियमित दिनचर्या,स्वस्थ जीवन की अमूल्य कुंजी है।
5. बीमारियां-वृद्धावस्था में एक बहुत बड़ा डर व्यक्ति को बीमार पड़ने का रहता है।इस उम्र में लोगों को उच्च रक्तचाप, डायबिटीज और जोड़ों की समस्या होना बहुत ही आम होता है।अगर आप उच्च रक्तचाप(हाई ब्लड प्रेशर) या डायबिटीज से पीड़ित हैं तो नियमित तौर पर अपनी दवाइयों का बराबर सेवन करें।डॉ से पूछे बिना अपनी दवाई अपनेआप कभी भी, यूँ ही बंद करने की बिलकुल भी गलती ना करें ,नहीं तो इन बीमारियों के चलते आपको हार्ट अटैक,स्ट्रोक या पक्षाघात(पैरालिसिस) भी हो सकता है।स्वास्थ के लिए सजग और सचेत रहे ,लेकिन लगातार चिंतित बिलकुल भी नही।साल में कम से कम एकबार, अपने शरीर का डॉक्टर से पूरा चेकउप और खून पेशाब की जरूरी जांचें भी अवश्य कराएं।
6. आँख,कान और दांत की देखभाल-इस उम्र में अक्सर पास की नज़र कमजोर हो जाती है और कान से भी अक्सर कम सुनाई पड़ने लगता है।अगर आपको ऐसी कोई भी समस्या है तो ठीक नंबर का चश्मा बनवाकर लगाने और हियरिंग ऐड(सुनने का उपकरण),इस्तेमाल करने में रत्तीभर भी ना झिझकें।आखिर जब आपकी इंद्रियां सही से काम करेंगी, तभी तो आप चिंतामुक्त जीवन का आनंद उठा पाएंगे।अगर आपने अपने दांतों की हमेशा सही देखभाल की है,तो इस उम्र में भी आप सहीसलामत दांतो का लाभ उठा पाएंगे।अगर दांतो या मसूड़ों में दिक्कत हो तो डेंटिस्ट से सलाह लेकर उचित इलाज जरूर कराएं।आजकर दांतों के लिए बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध जो हैं।
7. धूम्रपान ,शराब,तंबाकू या गुटखा,किसी भी नशे का सेवन पूरी तरह से बंद कर दें।
8. आखिरी,और सबसे महत्वपूर्ण सन्देश,जीवनभर आप अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करते रहे और घर के लिए रोटी का इंतज़ाम करने और बच्चों की अच्छी परवरिश करने में लगे रहे।लेकिन उम्र का ये पड़ाव सिर्फ और सिर्फ आपके लिए और आपके जीवनसाथी के लिए होना चाहिए है।
जीवनसाथी को भरपूर समय दें,उनको अब अपने जीवन की प्राथमिकता बनाएं।सारी अधूरी हसरतों को साथ में पूरा करने की कोशिश करें।खूब घूमें फिरें।अब बच्चों को अपनी ज़िम्मेदारियाँ स्वयम ही उठाने दें। नाती पोतों के साथ खूब खेलें ।खूब किस्से कहानियां सुनाएं।अपने जीवन से जुड़ी रोचक घटनाओं को बताएं।अपने अनुभव की अमूल्य धरोहर उन्हें सौंपे।दोस्तो और रिश्तेदारों के साथ ज्यादा से ज्यादा वक़्त बिताएं।क्या मालूम, सांझ की इस बेला में किसका, कितना और कब तक साथ मिलें।
कोई पुराना शौक जो दिल के किसी कोने में पड़ा दम तोड़नेही वाला था, उसको शॉक ट्रीटमेंट देकर जागृत करें।टूटी कलम और कागज़ दोबारा उठा लें ,पुराना सितार या गिटार बजा लें।साथ में सालसा डांस क्लास ज्वाइन करें।
कुछ वक़्त अवश्य ही समाज को दें,फिर चाहे वो अस्पताल में या वृद्धाश्रम में बीमारों की देखभाल के लिए हो या की फिर अनाथ बच्चों को पढ़ाना हो।सामान का मोह त्याग दें ।सोशल मीडिया का इस्तेमाल सीखकर, दिल की कहें ,दिल की सुनें और निरंतर नयी चीज़ें सीखते रहें।स्मार्ट फ़ोन इस्तेमाल करते नहीं बनता ना?कोई बात नही☺। आज शाम ही, अपने आठ दस साल के पोते से सही तरीके से इस्तेमाल करना सीख लें।
घर में कम से कम ,बस ज़रुरत का अच्छी क्वालिटी का सामान रखें ।बाकी हो सके तो जरूरतमंदों को दे दें।
मन करे तो जीवनसाथी से जोर से लड़ भी लें।और फिर जब वो आपसे रूठकर,मुंह फुलाकर बैठ जाएं ,तो मनपसंद गरमा गरम जलेबी का दोना लाकर ,ज़बरदस्ती उनके मुंह में ठूंस दें और ज़ोर से खिलखिलाकर हंस पड़ें।जश्न मनाने का एक भी मौका ना छोड़ें ।बल्कि मौके ढूंढ ढूंढकर जश्न मनाएं।फिर चाहे घर में जन्मदिन हो या शादी की सालगिरह या कुछ और पर्व,त्यौहार।
जमा किया पैसा अपने लिए और अपने जीवन साथी जे ऊपर खर्च करें।
याद रखें, " पूत सपूत तो क्यों धन संचय,और पूत कपूत तो क्यों धन संचय।"
ईश्वर में आस्था रखें और अपनी आध्यात्मिक यात्रा निरंतर जारी रखें।
दोस्तों,चलते चलते...
सर पर बड़े बड़ों का हाथ होना,ईश्वर की एक बहुत बड़ी नेमत होती है।उसके लिए प्रभु का शुक्रगुज़ार रहें।उनको बस थोड़ा सा प्यार और भरपूर सम्मान ज़रूर दें। फिर देखिये ,आपके घर आँगन की बगिया ,एक मज़बूत वट वृक्ष की छाया में कैसे फैलेगी फूलेगी।


--
Jai shree krishna

Thanks,

Regards,


कैलाश चन्द्र लढा(भीलवाड़ा)www.sanwariya.org
sanwariyaa.blogspot.com
https://www.facebook.com/mastermindkailash

आज का पंचांग 12 September 2018

.               *।। 🕉  ।।*
    🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩
📜««« *आज का पंचांग* »»»📜
कलियुगाब्द........................5120
विक्रम संवत्.......................2075
शक संवत्..........................1940
मास................................भाद्रपद
पक्ष....................................शुक्ल
तिथी.................................तृतीया
दोप 04.13 पर्यंत पश्चात चतुर्थी
रवि..............................दक्षिणायन
सूर्योदय...................06.12.35 पर
सूर्यास्त....................06.33.19 पर
सूर्य राशि...............................सिंह
चन्द्र राशि.............................कन्या
नक्षत्र...................................चित्रा
रात्रि 01.05 पर्यंत पश्चात स्वाति
योग.....................................ब्रह्मा
रात्रि 02.19 पर्यंत पश्चात इंद्र
करण...................................गरज
दोप 04.13 पर्यंत पश्चात वणिज
ऋतु......................................वर्षा
दिन..................................बुधवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :-
12 सितम्बर सन 2018 ईस्वी ।

👁‍🗨 *राहुकाल* :-
दोपहर 12.22 से 01.54 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
उत्तरदिशा - यदि आवश्यक हो तो तिल का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।

☸ शुभ अंक...............3
🔯 शुभ रंग...............हरा

🌞 *चौघडिया :-*
प्रात: 06.15 से 07.47 तक लाभ ।
प्रात: 07.47 से 09.18 तक अमृत ।
प्रात: 10.50 से 12.22 तक शुभ ।
दोप. 03.25 से 04.57 तक चंचल ।
सायं 04.57 से 06.29 तक लाभ ।
रात्रि 07.57 से 09.25 तक शुभ ।

📿 *आज का मंत्र* :-
।।ॐ वक्रतुण्डाय नम: ।।

🎙 *सुभाषितम्* :-
बालस्तावत् क्रीडासक्तः,
तरुणस्तावत् तरुणीसक्तः।
वृद्धस्तावच्चिन्तासक्तः,
परे ब्रह्मणि कोऽपि न सक्तः॥७॥
अर्थात :-
बचपन में खेल में रूचि होती है , युवावस्था में युवा स्त्री के प्रति आकर्षण होता है, वृद्धावस्था में चिंताओं से घिरे रहते हैं पर प्रभु से कोई प्रेम नहीं करता है॥७॥

🍃 *आरोग्यं* :-
*खुशी के लिए सात योग  -*

*1. मुक्तासन -*
यह आसन विशेष रूप से तनाव को ध्यान में रखकर और राहत देने के लिए योग विशेषज्ञ द्वारा सिफारिश की जाती है। यह मुद्रा खुशी को बढ़ावा देने, अवसाद की भावनाओं को कम करने में सहायता करता है। मानसिक लाभ के अलावा यह बाह और कलाई, पैरों, नितंबों, पेट और रीढ़ की हड्डी के चारों ओर मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है। यह अस्थमा, पीठ दर्द, बांझपन, और ऑस्टियोपोरोसिस को कम करने में मदद करने के लिए भी जाना जाता है।

⚜ *आज का राशिफल :-*

🐏 *राशि फलादेश मेष* :-
बेरोजगारी दूर होगी। संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे।

🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेाग। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। बेचैनी रहेगी।

👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
दौड़धूप अधिक होगी। शोक समाचार मिल सकता है। बेमतलब झुंझलाहट रहेगी। विवाद को बढ़ावा न दें। पुराना रोग उभर सकता है। जल्दबाजी में फैसला न लें। बुरी खबर मिल सकती है। उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। जल्दबाजी से बचें।

🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
घर-बाहर पूछ-परख बढ़ेगी। प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। काम के प्रति समर्पण बढ़ेगा। निवेश मनोनुकूल लाभ देगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। मेहनत सफल रहेगी। प्रमाद न करें।

🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। मेहमानों का आगमन होगा। शुभ सूचना प्राप्त होगी। मान बढ़ेगा। प्रसन्नता रहेगी। विवाद में न पड़ें। व्यवसाय ठीक चलेगा। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। मान बढ़ेगा।

👱🏻‍♀ *राशि फलादेश कन्या* :-
अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। जोखिम न उठाएं। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रमाद न करें। निवेश शुभ रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी।

⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। वाणी पर संयम आवश्यक है। जोखिम न उठाएं। लेन-देन में सावधानी रखें। आय-व्यय बराबर रहेंगे। चिंता व तनाव रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी।

🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
लेनदारी वसूल होगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। रुके कामों में गति आएगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रसन्नता बढ़ेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी।

🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
योजना फलीभूत होगी। रोजगार में वृद्धि होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। लाभ होगा। परीक्षा व साक्षात्कार में सफलता मिलेगी। अप्रत्याशित लाभ संभव है।

🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होगी। आय में निश्चितता रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। काम में बाधा उत्पन्न हो सकती है। जल्दबाजी न करें। जोखिम न लें। अपरिचितों पर अतिविश्वास न करें, बाकी सामान्य रहेगा।

🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
अपरिचित व्यक्ति पर अतिविश्वास न करें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। कानूनी बाधा उत्पन्न हो सकती है। आय बनी रहेगी। आगंतुकों पर व्यय होगा। लेन-देन में सावधानी रखें।

🐋 *राशि फलादेश मीन* :-
राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। रोजगार में वृद्धि होगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। यात्रा, निवेश, नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली होगी।

☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

शुक्रवार, 7 सितंबर 2018

बछ बारस की कहानी

💐💐बछ बारस की कहानी  💐💐
Bachh Baras Ki Kahani

बछ बारस की कहानी  ( 1 )

एक बार एक गांव में भीषण अकाल पड़ा। वहां के साहूकार ने गांव में एक बड़ा तालाब बनवाया परन्तु उसमे पानी नहीं आया। साहूकार ने पंडितों से उपाय पूछा।

पंडितो ने बताया की तुम्हारे दोनों पोतो में से एक की बलि दे दो तो पानी आ सकता है। साहूकार ने सोचा किसी भी प्रकार से गांव का भला होना चाहिए।

साहूकार ने बहाने से बहु को एक पोते हंसराज के साथ पीहर भेज दिया और एक पोते को अपने पास रख लिया जिसका नाम बच्छराज था । बच्छराज की बलि दे दी गई । तालाब में पानी भी आ गया।

साहूकार ने तालाब पर बड़े यज्ञ का आयोजन किया। लेकिन झिझक के कारण बहू को बुलावा नहीं भेज पाये। बहु के भाई ने कहा ” तेरे यहाँ इतना बड़ा उत्सव है तुझे क्यों नहीं बुलाया ? मुझे बुलाया है , मैं जा रहा हूँ।


बहू बोली ” बहुत से काम होते है इसलिए भूल गए होंगें ,  अपने घर जाने में कैसी शर्म ” मैं भी चलती हूँ।

घर पहुंची तो सास ससुर डरने लगे कि बहु को क्या जवाब देंगे। फिर भी सास बोली बहू चलो बछ बारस की पूजा करने तालाब पर चलें। दोनों ने जाकर पूजा की। सास बोली , बहु तालाब की किनार कसूम्बल से खंडित करो।

बहु बोली मेरे तो हंसराज और बच्छराज है , मैं खंडित क्यों करूँ। सास बोली ” जैसा मैं कहू वैसे करो “।  बहू ने सास की बात मानते हुए किनार खंडित की और कहा ” आओ मेरे हंसराज , बच्छराज लडडू उठाओ। ”

सास मन ही मन भगवान से प्रार्थना करने लगी –  हे बछ बारस माता मेरी लाज रखना।

भगवान की कृपा हुई। तालाब की मिट्टी में लिपटा बच्छराज व हंसराज दोनों दौड़े आये। बहू पूछने लगी “सासूजी ये सब क्या है ?” सास ने बहू को सारी बात बताई और कहा भगवान ने मेरा सत रखा है। आज भगवान की कृपा से सब कुशल मंगल है।  खोटी की खरी , अधूरी की पूरी

हे बछ बारस माता जैसे सास का सत रखा वैसे सबका रखना।

बछ बारस की कहानी  ( 2 )

एक सास बहु थी। सास को गाय चराने के लिए वन में जाना जाना था। उसने बहु से कहा “आज बज बारस है में वन जा रही हूँ तो तुम गेहू लाकर पका लेना और धान लाकर उछेड़ लेना। बहू काम में व्यस्त थी।

उसने ध्यान से सुना नहीं। उसे लगा सास ने कहा गेहूंला धानुला को पका लेना।  गेहूला और धानुला गाय के दो बछड़ों के नाम थे। बहू को कुछ गलत तो लग रहा था लेकिन उसने सास का कहा मानते हुए बछड़ों को काट कर पकने के लिए चढ़ा दिया ।


सास ने लौटने पर पर कहा आज बछ बारस है , बछड़ों को छोड़ो पहले गाय की पूजा कर लें। बहु डरने लगी , भगवान से प्रार्थना करने लगी बोली हे भगवान मेरी लाज रखना , भगवान को उसके भोलेपन पर दया आ गई।

हांड़ी में से जीवित बछड़ा बाहर निकल आया। सास के पूछने पर बहु ने सारी घटना सुना दी। और कहा भगवान ने मेरा सत रखा , बछड़े को फिर से जीवित कर दिया।

इसीलिए बछ बारस के दिन गेंहू नहीं खाये जाते और कटी हुई चीजें नहीं खाते है। गाय बछड़े की पूजा करते है।

हे बछ बारस माता जैसे बहु की लाज रखी वैसे सबकी रखना।🙏🏻🙏🏻

खोटी की खरी ,अधूरी की पूरी।

बुधवार, 5 सितंबर 2018

आज का पंचांग 5 september 2018

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    🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩
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कलियुगाब्द........................5120
विक्रम संवत्.......................2075
शक संवत्..........................1940
मास................................भाद्रपद
पक्ष....................................कृष्ण
तिथी.................................दशमी
दोप 02.57 पर्यंत पश्चात एकादशी
रवि.............................दक्षिणायन
सूर्योदय..................06.10.29 पर
सूर्यास्त...................06.40.02 पर
सूर्य राशि..............................सिंह
चन्द्र राशि...........................मिथुन
नक्षत्र..................................आर्द्रा
संध्या 07.09 पर्यंत पश्चात पुनर्वसु
योग...................................सिद्धि
प्रातः 08.40 पर्यंत पश्चात वरिघ
करण..................................विष्टि
दोप 02.57 पर्यंत पश्चात बव
ऋतु.....................................वर्षा
दिन..................................बुधवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :-
05 सितम्बर सन 2018 ईस्वी ।

👁‍🗨 *राहुकाल* :-
दोपहर 12.25 से 01.58 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
उत्तरदिशा - यदि आवश्यक हो तो तिल का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।

☸ शुभ अंक...............1
🔯 शुभ रंग...............हरा

💮 चौघडिया :-
प्रात: 06.13 से 07.46 तक लाभ ।
प्रात: 07.46 से 09.18 तक अमृत ।
प्रात: 10.51 से 12.24 तक शुभ ।
दोप. 03.30 से 05.03 तक चंचल ।
सायं 05.03 से 06.35 तक लाभ ।
रात्रि 08.03 से 09.30 तक शुभ ।

📿 *आज का मंत्र* :-
।।ॐ वक्रतुण्डाय नम: ।।

🎙 *सुभाषितम्* :-
यथा हि एकेन चक्रेण
न रथस्य गतिर्भवेत्।
एवं पुरूषकारेण विना
दैवं न सिध्यति॥
अर्थात :-
जिस प्रकार एक पहिये वाले रथ की गति संभव नहीं है, उसी प्रकार पुरुषार्थ के बिना केवल भाग्य से कार्य सिद्ध नहीं होते हैं।

🍃 *आरोग्यं* :-
*हृदय रोग के लिए प्राणायाम  -*

*3. कपालभाति प्राणायाम -*
कपालभाति प्राणायाम फेफड़ों, स्प्लीन, लीवर, पैनक्रियाज के साथ-साथ दिल के कार्य में सुधार करता है। यह न केवल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है बल्कि धमनी के अवरोध को दूर करने में भी मददगार है। ध्यान के किसी आसन में बैठकर आंखें बंद कर लीजिए और पूरे शरीर को शिथिल या ढीला छोड़ दीजिए। अब नाक से तेजी से श्वास को बाहर निकालने की क्रिया करें। श्वास को बाहर निकालते वक्त पेट को भीतर की ओर खींचे। यह ध्यान दें कि सांस को छोड़ने के बाद, सांस को बाहर न रोककर बिना प्रयास किए सामान्य रूप से सांस को अन्दर आने दें। इससे एक सकेंड में एक बार सांस फेंकने की क्रिया कह सकते हैं। इसके बाद श्वास को अंदर लीजिए। ऐसा करते वक्त संतुलन बनाये रखें। वैसे दिल के मरीजों को कपालभाती प्राणायाम धीरे-धीरे करना चाहिए।

⚜ *आज का राशिफल :-*

🐏 *राशि फलादेश मेष* :-
मेहनत का फल मिलेगा। घर-बाहर पूछ-परख बढ़ेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। परिवार की चिंता रहेगी। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की होगी। शुभ समाचार मिलेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। चिंता रहेगी। व्यवसाय संतोषजनक रहेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। लाभ होगा। बेरोजगारी दूर होगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है।

👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। झंझटों से दूर रहें। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी।

🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। शारीरिक कष्ट संभव है। नोकझोंक हो सकती है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। लेन-देन में सावधानी रखें। दूसरों पर विश्वास न करें। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी।

🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। यात्रा से लाभ होगा। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रमाद न करें।

👱🏻‍♀ *राशि फलादेश कन्या* :-
नए उपक्रम के प्रारंभ करने का मन बनेगा। कार्यों में सुधार होगा। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। जल्दबाजी में निर्णय न लें। आय में वृद्धि होगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे।

⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कार्यों में गति आएगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। थकान महसूस होगी। वरिष्ठ जनों की सलाह मानें। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी।

🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
कुसंगति से हानि होगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी आवश्यक है। विवाद से बचें। पुराना रोग उभर सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम न उठाएं। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। यात्रा मनोरंजक रहेगी।

🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। बेचैनी रहेगी। काम पर ध्यान दें। राजकीय बाधा दूर होगी। धनार्जन सहज होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नए अनुबंध हो सकते हैं। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जोखिम न उठाएं।

🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
संपत्ति की खरीद-फरोख्त लाभदायक रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। बेरोजगारी दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। कानूनी अड़चन दूर होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी।

🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
पार्टी व पि‍कनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। धन प्राप्ति के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता रहेगी। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। जल्दबाजी न करें। वाहन व मशीनरी आदि के प्रयोग में सावधानी रखें।

🐋 *राशि फलादेश मीन* :-
बुरी सूचना प्राप्त हो सकती है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। पुराना रोग उभर सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। वस्तुएं संभालकर रखें।

☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

रविवार, 2 सितंबर 2018

मुसलमान ईद की तरह मनाते हैं कृष्ण जन्माष्टमी

मुसलमान ईद की तरह मनाते हैं कृष्ण जन्माष्टमी, हिंदुओं के साथ मिलकर बदल रहे इतिहास

भगवान कृष्ण के जन्मदिन यानी जन्माष्टमी के मौके पर जयपुर शहर में तीन दिनों का उत्सव आयोजित किया जाता है। इस दौरान यहां कव्वाली, नृत्य और नाटकों का आयोजन होता है। लोगों का कहना है कि यहां इस त्योहार को हिंदू, मुस्लिम और सिख एक साथ मिलकर मनाते हैं। एक बुजुर्ग ने बताया कि इस दरगाह में पिछले कई सालों से जन्माष्टमी मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि देश में हिंदू मुस्लिम में भाईचारे को कायम रखा जा सके।
देश में आज भी कई ऐसी जगह हैं जहां कुछ लोग धर्म व कट्टरवाद से ऊंचा उठकर आपसी खुशी को अहमियत देते हैं। और अपनी ही पहल से हिंदू-मुस्लिम की एकता की मिसाल बने हुए हैं। जयपुर से 200 किलोमीटर दूर झुंझुनू जिले के चिड़ावा स्थित नरहड़ दरगाह, शरीफ हजरत हाजिब शकरबार दरगाह लोगों के लिए विभिन्न धर्मों की एकता का सबक सिखाती है। यहां मुस्लिम समुदाय के लोग दरगाह में जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाते हैं।

यहां आयोजित मेले में दूरदराज से लोग पहुंचते हैं और मेले का लुत्फ उठाते हैं। इस दौरान यहां पहुंचने वाले हिंदू श्रद्धालु मंदिर में पूजा करने के साथ-साथ दरगाह में फूल, चादर, मिठाई आदि चढ़ाकर अपनी-अपनी मुरादें मांगते हैं। वाकई देश के लिए मिसाल है ये दरगाह।शक्करबार शाह अजमेर के सूफी संत ख्वाजा मोइनुदीन चिश्ती के समकालीन थे तथा उन्हीं की तरह सिद्ध पुरुष थे। शक्करबार शाह ने ख्वाजा साहब के 57 साल बाद देह त्यागी थी। राजस्थान व हरियाणा में तो शक्करबार बाबा को लोक देवता के रूप में पूजा जाता है। शादी, विवाह, जन्म, मरण कोई भी कार्य हो बाबा को अवश्य याद किया जाता है। इस क्षेत्र के लोग गाय, भैंसों के बछड़ा पैदा होने पर उसके दूध से जमे दही का प्रसाद पहले दरगाह पर चढ़ाते हैं। इसके बाद ही पशु का दूध घर में इस्तेमाल होता है।

जन्माष्टमी की रात करें -अचूक उपाय

जन्माष्टमी की रात इनमें से करें कोई 1 अचूक उपाय, हो जाएंगे मालामाल

इस विशेष दिवस को भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाने वाले श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यही कारण है कि इस पर्व को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के नाम से जाना जाता है।
इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2 सितंबर दिन रविवार को मनाई जाएगी। हिंदूओं में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बहुत शुभ माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन किये जाने वाले उपाय बहुत फलदायी साबित होते हैं और व्यक्ति की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। कृष्ण जन्माष्टमी पर लक्ष्मी-कृष्ण से जुड़े हम आपको 5 ऐसे महत्वपूर्ण उपाय बताने जा रहे हैं जिन्हें करने पर आपका घर में धन धान्य से संपन्न हो जाएगा। लक्ष्मी-कृष्ण से जुड़े इन पांच उपायों में से आप कृष्ण जन्माष्टमी के दिन कोई भी उपाय कर सकते हैं।

जन्माष्टमी की रात इनमें से करें कोई 1 उपाय
शंख

कृष्ण जन्माष्टमी के दिन प्रभु श्रीकृष्ण के नंदलाल स्वरूप का अभिषेक एक शंख में दूध डालकर अच्छी तरह से करें। अभिषेक करने के बाद माता लक्ष्मी की पूजा करें। भगवान कृष्ण और मां लक्ष्मी की कृपा से आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो जाएगी और आपको धन की कभी कमी नहीं होगी।

फल और अनाज
यदि आप वास्तव में कृष्ण जन्मोत्सव और उपवास को सफल बनाना चाहते हैं तो जन्माष्टमी के शुभ दिन गरीबों को फल और अनाज दान करें। आप चाहें तो किसी धार्मिक जगह जैसे मंदिर और मठ जाकर भी गरीब लोगों को अपने सामर्थ्य के अनुसार दान दे सकते हैं। संभव हो तो आप किसी ज्योतिष से पूछ लें कि आपको कितना दान करना चाहिए। इस दिन दान करना वास्तव में फलदायी होता है।


सिक्का
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण की पूजा करते समय पूजा स्थल पर कुछ सिक्के रखें और उसके बाद पूजा शुरू करें। जब पूजा खत्म हो जाए तो उस सिक्के को उठाकर अपने बटुए में रख लें और हमेशा रखे रहें। माना जाता है कि यह उपाय करने से लक्ष्मी जी की कृपा होती है।

धन कौड़ी
कृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा शुरू करने से पहले 11 कौड़ियों को एक पीले वस्त्र में बांधकर पूजा स्थल पर मां लक्ष्मी की प्रतिमा के पास रखें और भगवान श्रीकृष्ण और मां लक्ष्मी का पूजन एक साथ करें। माना जाता है कि कौड़ियां मां लक्ष्मी को बहुत प्रिय हैं। पूजा समाप्त करने के बाद कौड़ियों को पीली पोटली को अपने धन के भंडार या तिजोरी में रख दें। मां की कृपा से आपके धन धान्य में वृद्धि हो जाएगी।

दीया
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शाम तुलसी पूजन करें। तुलसी के पौधे को लाल चुनरी ओढ़ाकर दीपक जलाएं। इसके बाद तुलसी के पौधे के सामने ही बैठकर माला लेकर "ॐ वासुदेवाय नम:" का जाप दो बार पूरी माला फेरकर करें। आपकी आर्थिक परेशानी दूर हो जाएगी और घर में समृद्धि आएगी।

जन्माष्टमी पर बनाएं धनिया पंजीरी



जन्माष्टमी के दिन रात को कृष्ण जन्म के समय भगवान कृष्ण को धनिया पंजीरी का भोग लगाया जाता है और इसके बाद इस प्रसाद को सभी भक्तों में बांट दिया जाता है। आप भी जन्माष्टमी पर अपने घर में धनिया पंजीरी बनाकर कान्हा को भोग लगाएं, इसे आसानी से बनाया जा सकता है। चलिए आपको बताते हैं धनिया पंजीरी बनाने की विधि...

सामग्री :-
धनिया पावडर- 1 कप
पावडर शक्कर- 1/2 कप
मखाने- 1 कप
घी- 2 कप
घिसा नारियल- 1/4 कप
मेवे- 1/2 कप कटे हुए
हरी इलायची- 4
किशमिश- 2 चम्मच

विधि :-
एक कढ़ाई में घी गरम करें, इसमें सारे मेवे डाल कर हल्का भून लें। उसके बाद इसी कढ़ाई में घिसा नारियल भूनें और इसे बाहर निकालकर कढ़ाई में और घी डालें, इस घी में धनिया पावडर डाल कर महक आने तक भूनें।
जब धनिया अच्छी तरह भुन जाएं तो गैस बंद कर दें, इसके बाद धनिया पावडर में इलायची पावडर और भुने मेवे, मखाने, किशमिश और शक्कर मिलाएं, पंजीरी को अच्छी तरह से मिलाएं। भोग के लिए धनिया पंजीरी बनकर तैयार है।

कृ्ष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रसाद के लिये धनिया की बर्फी

कृ्ष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रसाद के लिये पारंपरिक रूप से
धनिये की पंजीरी (Dhania Panjiri)

और
धनिया की बर्फी बनाई जाती है. धनिया बर्फी पिसे हुए धनिया में नारियल पाउडर, मावा या फूले हुये रामदाना - राजगिरा मिला कर बनाई जाती है. आप इस जन्माष्टमी पर नारियल का पाग और मिगी का पाग तो बना ही रहे होंगे, प्रसाद के लिये धनिया बर्फी भी बना डालिये.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Dhania Barfi

धनियां पाउडर - 1 कप
नारियल चूरा - 1 कप
चीनी - 1 कप
खरबूजे के बीज - 1/4 कप
छोटी इलाइची - 4
देशी घी - 2 टेबल स्पून

विधि:
पैन में घी डालकर गरम कीजिये, धनियां पाउडर डालिये और मीडियम फ्लेम पर 3-4 मिनिट, खुशबू आने तक भून लीजिये. भुना हुआ धनियां पाउडर प्याली में निकाल कर रख लीजिये.

पैन में नारियल चूरा डालकर 1 मिनिट चलाते हुये भून लीजिये. भुना नारियल पाउडर प्याली में निकालिये.
अब खरबूजे के बीज पैन में डालिये और लगातार चलाते हुये बीज फूलने तक भून लीजिये (खरबूजे के बीज भूनते समय उचटकर कढ़ाई से निकल कर बाहर आ रहे हों तो ऊपर से हाथ से पकड़ कर प्लेट ढककर रखें और कलछी से चलाते हुये बीज भूने, ये बहुत जल्दी भून जाते हैं). भुने बीज प्याले में निकाल लीजिये.

इलाइची को छील कर पाउडर बना लीजिये.
पैन में चीनी और आधा कप से थोड़ा कम पानी डालिये, चीनी घुलने के बाद चाशनी को और 2 मिनिट और पका लीजिये, चाशनी में भुना धनियां पाउडर, नारियल चूरा, इलाइची पाउडर और बीज डालकर मिलाइये और मिलाते हुये तब तक पका लीजिये जब तक कि मिश्रण जमने वाली कनिसिसटेन्सी पर न पहुंच जाय. चैक करने के लिये चम्मच से जरा सा मिश्रण प्याली में डालिये ठंडा होने पर उंगली और अंगूठे से चिपका कर देखिये, आप महसूस कर लेंगे कि वह जम जायेगा, अगर लगे कि गीला है, तो 1-2 मिनिट और पका लीजिये.
किसी प्लेट या ट्रे में घी लगाकर चिकना कीजिये, मिश्रण को प्लेट में एक जैसा फैला दिजिये. बर्फी जमने के बाद बर्फी को अपने मन पसन्द आकार में काट कर तैयार कर लीजिये.

धनिये की बर्फी तैयार है,
कृष्णा को प्रसाद चढ़ाने के बाद सभी को प्रसाद दीजिये और आप भी खाइये. धनिये की बर्फी को 15 दिन तक फ्रिज से बाहर रख कर खाया जा सकता है

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