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मंगलवार, 21 मई 2019

घर से कबाड़ और कचरे को हटाकर वास्तु देव की कृपा को बढ़ाएं

"घर से कबाड़ और कचरे को  हटाकर वास्तु देव की कृपा को बढ़ाएं"

✅वास्तु शास्त्र के अनुसार कचरे कबाड़ रखने के लिए नेऋत्य कोण [दक्षिण -पश्चिम] को सबसे उपयुक्त माना गया है ।

✅सर्वप्रथम वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में कचरे कबाड़ होना ही नही चाहिए ,

✅अगर है तो घर के सारे सदस्य छुट्टी के दिन बैठकर अलग अलग कर लें ।

✅कुछ सामान को जरूरतमंद को दे दें क्योंकि आप यह निश्चित मानिये ये आपके कुछ भी काम का नही है ,

✅ये जीवन भर कुछ भी काम नही आने वाला । कुछ सामान को कबाड़ी के पास बेच दें इससे आपको कुछ पैसे मिल जायेंगे

✅ देखिये आपने कबाड़ निकाला नही कि लक्ष्मी कि कृपा शुरू हो गयी ।

✅जरूरत मंद को आपने जैसे ही सामान दिया नही कि वो लोग आपको दुवा देना शुरू कर देंगे ---

✅यह भी समृद्धि कि शुरुवात है ---निर्मल बाबा के अनुसार आपकी कृपा वँही रुकी हुयी थी ----कबाड़ हटाते ही कृपा शुरू हो गई।

✅नेऋत्य कोण वैवाहिक जीवन का कोण है अगर पति-पत्नी के सम्बन्धों में कोई अवरोध या कडुवाहट है तो इस कोण में स्थित कबाड़ को तुरंत घर से बाहर का रास्ता दिखाएँ ।

✅इसी कोण से बच्चों का विवाह देखा जाता है अगर बच्चों के विवाह में कोई बाधा उत्पन्न हो रहा है तो इस कोण के कबाड़ हो तुरंत हटा दें ।

✅पति-पत्नी के बीच अगर तलाक के केस कोर्ट में चल रहे हैं और कोई भी एक पक्ष पुन: मिलने को इच्छुक है तो इस कोण में स्थित कचरे कबाड़ की तुरंत बिदाई की तैयारी करें ।

✅राजनीती के क्षेत्र में काम करने वालो के लिए ---इसी कोण से मतदाताओं के साथ सम्बन्ध देखा जाता है -----

✅राजनेता भूलकर भी इस कोण में कबाड़ न रखें ----राजनेताओं के लिए नेऋत्य कोण अत्यंत महत्व पूर्ण है क्योंकि इसी कोण से पार्टी आलाकमान से सम्बन्ध भी देखा जाता है ,

✅और बगैर आलाकमान से अच्छे सम्बन्ध बनाये आपको पार्टी की टिकिट ,मंत्री पद ,राज्यसभा ,राजभोग मिलने से रहा

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शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019

हनुमान_जन्मोत्सव

#बजरंगबलि_हनुमान_का_जन्मदिन_हनुमान_जन्मोत्सव_के_रूप_में_मनाया_जाता_है।

जो इस बार 19 अप्रैल 2019 को दिन शुक्रवार को आ रहा है इस बार चैत्रपूर्णिमा 18 अप्रैल को शाम 6:42 से लग रही है जो 19 अप्रैल को 4:51 बजे तक रहेगी
शास्त्रानुसार, हनुमान जी को श्रीराम का परम भक्त माना जाता है और इसे जुड़ी कई कथाएं भी हैं।

वैसे बजरंगबली के भक्तों में हनुमान जन्मोत्सव पर बहुत ही अधिक उत्साह रहता है और इस दिन उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए वे विशेषरूप से मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं।

हनुमान जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर साफ वस्त्र पहनें। किसी शांत एवं एकांत कमरे में पूर्व दिशा की ओर मुख करके लाल आसन पर बैठें। स्वयं लाल या पीली धोती पहनें। अपने सामने चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमानजी की मूर्ति स्थापित करें। चित्र के सामने तांबे की प्लेट में लाल रंग के फूल का आसन देकर श्रीहनुमान यंत्र को स्थापित करें। यंत्र पर सिंदूर से टीका करें और लाल फूल चढ़ाएं। मूर्ति तथा यंत्र पर सिंदूर लगाने के बाद धूप, दीप, चावल, फूल व प्रसाद आदि से पूजन करें।
सरसों या तिल के तेल का दीपक एवं धूप जलाएं-

धर्म ग्रंथों में हनुमानजी के 12 नाम बताए गए हैं, जिनके द्वारा इस दिन उनकी स्तुति की जाती है।

हनुमानजी के इन 12 नामों का जो रात में सोने से पहले व सुबह उठने पर अथवा यात्रा प्रारंभ करने से पहले पाठ करता है, उसके सभी भय दूर हो जाते हैं और उसे अपने जीवन में सभी सुख प्राप्त होते हैं।
वह अपने जीवन में अनेक उपलब्धियां प्राप्त करता है।
हनुमानजी की 12 नामों वाली स्तुति इस प्रकार है-

#स्तुति

हनुमानअंजनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबल:। रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिंगाक्षोअमितविक्रम:।।
उदधिक्रमणश्चेव सीताशोकविनाशन:। लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा।।
एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मन:। स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च य: पठेत्।।
तस्य सर्वभयं नास्ति रणे च विजयी भवेत्। राजद्वारे गह्वरे च भयं नास्ति कदाचन।।

इन 12 नामो से होती है हनुमानजी की स्तुति, जानिए इनकी महिमा

1- #हनुमान
हनुमानजी का यह नाम इसलिए पड़ा क्योकी एक बार क्रोधित होकर देवराज इंद्र ने इनके ऊपर अपने वज्र प्रहार किया था यह वज्र सीधे इनकी ठोड़ी (हनु) पर लगा। हनु पर वज्र का प्रहार होने के कारण ही इनका नाम हनुमान पड़ा ।

2- #लक्ष्मणप्राणदाता
जब रावण के पुत्र इंद्रजीत ने शक्ति का उपयोग कर लक्ष्मण को बेहोश कर दिया था, तब हनुमानजी संजीवनी बूटी लेकर आए थे। उसी बूटी के प्रभाव से लक्ष्मण को होश आया था।इस लिए हनुमानजी को लक्ष्मणप्राणदाता भी कहा जाता है ।

3- #दशग्रीवदर्पहा
दशग्रीव यानी रावण और दर्पहा यानी धमंड तोड़ने वाला । हनुमानजी ने लंका जाकर सीता माता का पता लगाया, रावण के पुत्र अक्षयकुमार का वध किया साथ ही लंका में आग भी लगा दी ।इस प्रकार हनुमानजी ने कई बार रावण का धमंड तोड़ा था । इसलिए इनका एक नाम ये भी प्रसिद्ध है ।

4- #रामेष्ट
हनुमान भगवान श्रीराम के परम भक्त हैं । धर्म ग्रंथों में अनेक स्थानों पर वर्णन मिलता है कि श्रीराम ने हनुमान को अपना प्रिय माना है । भगवान श्रीराम को प्रिय होने के कारण ही इनका एक नाम रामेष्ट भी है ।

5- #फाल्गुनसुख
महाभारत के अनुसार, पांडु पुत्र अर्जुन का एक नाम फाल्गुन भी है । युद्ध के समय हनुमानजी अर्जुन के रथ की ध्वजा पर विराजित थे । इस प्रकार उन्होंने अर्जुन की सहायता की । सहायता करने के कारण ही उन्हें अर्जुन का मित्र कहा गया है । फाल्गुन सुख का अर्थ है अर्जुन का मित्र ।

6- #पिंगाक्ष
पिंगाक्ष का अर्थ है भूरी आंखों वाला ।अनेक धर्म ग्रंथों में हनुमानजी का वर्णन किया गया है । उसमें हनुमानजी को भूरी आंखों वाला बताया है । इसलिए इनका एक नाम पिंगाक्ष भी है ।

7- #अमितविक्रम
विक्रम का अर्थ है पराक्रमी और अमित का अर्थ है बहुत अधिक । हनुमानजी ने अपने पराक्रम के बल पर ऐसे बहुत से कार्य किए, जिन्हें करना देवताओं के लिए भी कठिन था । इसलिए इन्हें अमितविक्रम भी कहा जाता हैं ।

8- उदधिक्रमण
उदधिक्रमण का अर्थ है समुद्र का अतिक्रमण करने वाले यानी लांधने वाला । सीता माता की खोज करते समय हनुमानजी ने समुद्र को लांधा था। इसलिए इनका एक नाम ये भी है ।

9- #अंजनीसूनु
माता अंजनी के पुत्र होने के कारण ही हनुमानजी का एक नाम अंजनीसूनु भी प्रसिद्ध है ।

10- #वायुपुत्र
हनुमानजी का एक नाम वायुपुत्र भी है । पवनदेव के पुत्र होने के कारण ही इन्हें वायुपुत्र भी कहा जाता है ।

11- #महाबली
हनुमानजी के बल की कोई सीमा नहीं हैं । इसलिए इनका एक नाम महाबली भी है ।

12- #सीताशोकविनाशन
माता सीता के शोक का निवारण करने के कारण हनुमानजी का ये नाम पड़ा ।

गुरुवार, 18 अप्रैल 2019

फोड़ा घणा घाले


 *'फोड़ा घणा घाले'*

थोथी हथाई,
पाप री कमाई,
उळझोड़ो सूत,
माथे चढ़ायोड़ो पूत.... *फोड़ा घणा घाले।*

झूठी शान,
अधुरो ज्ञान,
घर मे कांश,
मिरच्यां री धांस.... *फोड़ा घणा घाले।*

बिगड़ोडो ऊंट,
भीज्योड़ो ठूंठ,
हिडकियो कुत्तो,
पग मे काठो जुत्तो.... *फोड़ा घणा घाले।*

दारू री लत,
टपकती छत,
उँधाले री रात,
बिना रुत री बरसात.... *फोड़ा घणा घाले।*

कुलखणी लुगाई,
रुळपट जँवाई,
चरित्र माथे दाग,
चिणपणियो सुहाग.... *फोड़ा घणा घाले।*

चेहरे पर दाद,
जीभ रो स्वाद,
दम री बीमारी,
दो नावाँ री सवारी.... *फोड़ा घणा घाले।*

अणजाण्यो संबन्ध,
मुँह री दुर्गन्ध,
पुराणों जुकाम,
पैसा वाळा ने 'नाम'.... *फोड़ा घणा घाले।*

घटिया पाड़ोस,
बात बात में जोश,
कु ठोड़ दुखणियो,
जबान सुं फुरणियो.... *फोड़ा घणा घाले।*

ओछी सोच,
पग री मोच,
कोढ़ मे खाज,
मूरखां रो राज.... *फोड़ा घणा घाले।*

कम पूंजी रो व्यापार,
घणी देयोड़ी उधार,
बिना विचार्यो काम .... *फोड़ा घणा घाले !*

*फोड़ा उ पार पावन वास्त खान-पान और संगत सात्विक राखणी पड़ ह*

*सही नही (खानपान और संगत ) राख्या हु टाबर पप्पू जियांका हु जाएं*

*कांग्रस न दियोडो वोट भी घणो फोड़ा का साथ टाबरां को भविष्य ख़राब  करहै*

*ओ बेमौसम पानी जो आवे है कीचड़ कर लो औरउ कमल ही कमल खिलासी*

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बुधवार, 17 अप्रैल 2019

रोगानुसार गाय के घी के उपयोग

*रोगानुसार गाय के घी के उपयोग* :
१. गाय का घी नाक में डालने से पागलपन दूर होता है ।
२. गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्म हो जाती है
३. गाय का घी नाक में डालने से लकवा का रोग में भी उपचार होता है ।
४. 20-25 ग्राम गाय का घी व मिश्री खिलाने से शराब, भांग व गांजे का नशा कम हो जाता है ।
५. गाय का घी नाक में डालने से कान का पर्दा बिना ओपरेशन के ही ठीक हो जाता है ।
६. नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है और दिमाग तरोताजा हो जाता है ।
७. गाय का घी नाक में डालने से कोमा से बाहर निकल कर चेतना वापस लोट आती है
८. गाय का घी नाक में डालने से बाल झडना समाप्त होकर नए बाल भी आने लगते है ।
९. गाय के घी को नाक में डालने से मानसिक शांति मिलती है, याददाश्त तेज होती है ।
१०. हाथ-पॉँव मे जलन होने पर गाय के घी को तलवो में मालिश करें जलन ठीक होता है ।
११. हिचकी के न रुकने पर खाली गाय का आधा चम्मच घी खाए, हिचकी स्वयं रुक जाएगी ।
१२. गाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व कब्ज की शिकायत कम हो जाती है ।
१३. गाय के घी से बल और वीर्य बढ़ता है और शारीरिक व मानसिक ताकत में भी इजाफा होता है ।
१४. गाय के पुराने घी से बच्चों को छाती और पीठ पर मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है ।
१५. अगर अधिक कमजोरी लगे, तो एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पी लें ।
१६. हथेली और पांव के तलवो में जलन होने पर गाय के घी की मालिश करने से जलन में आराम आयेगा ।
१७. गाय का घी न सिर्फ कैंसर को पैदा होने से रोकता है और इस बीमारी के फैलने को भी आश्चर्यजनक ढंग से रोकता है ।
१८. जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक की तकलीफ है और चिकनाई खाने की मनाही है तो गाय का घी खाएं, इससे ह्रदय मज़बूत होता है ।
१९. देसी गाय के घी में कैंसर से लड़ने की अचूक क्षमता होती है। इसके सेवन से स्तन तथा आंत के खतरनाक कैंसर से बचा जा सकता है ।
२०. गाय का घी, छिलका सहित पिसा हुआ काला चना और पिसी शक्कर या बूरा या देसी खाण्ड, तीनों को समान मात्रा में मिलाकर लड्डू बाँध लें । प्रतिदिन प्रातः खाली पेट एक लड्डू खूब चबा-चबाकर खाते हुए एक गिलास मीठा गुनगुना दूध घूँट-घूँट करके पीने से स्त्रियों के प्रदर रोग में आराम होता है, पुरुषों का शरीर मोटा ताजा यानी सुडौल और बलवान बनता है ।
२१. फफोलों पर गाय का देसी घी लगाने से आराम मिलता है ।
२२. गाय के घी की छाती पर मालिश करने से बच्चो के बलगम को बहार निकालने मे सहायता मिलती है ।
२३. सांप के काटने पर 100 -150 ग्राम गाय का घी पिलायें, उपर से जितना गुनगुना पानी पिला सके पिलायें, जिससे उलटी और दस्त तो लगेंगे ही लेकिन सांप का विष भी कम हो जायेगा ।
२४. दो बूंद देसी गाय का घी नाक में सुबह शाम डालने से माइग्रेन दर्द ठीक होता है ।
२५. सिर दर्द होने पर शरीर में गर्मी लगती हो, तो गाय के घी की पैरों के तलवे पर मालिश करे, इससे सिरदर्द दर्द ठीक हो जायेगा ।
२६. यह स्मरण रहे कि गाय के घी के सेवन से कॉलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है । वजन भी नही बढ़ता, बल्कि यह वजन को संतुलित करता है । यानी के कमजोर व्यक्ति का वजन बढ़ता है तथा मोटे व्यक्ति का मोटापा (वजन) कम होता है ।
२७. एक चम्मच गाय के शुद्ध घी में एक चम्मच बूरा और 1/4 चम्मच पिसी काली मिर्च इन तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय चाट कर ऊपर से गर्म मीठा दूध पीने से आँखों की ज्योति बढ़ती है ।
२८. गाय के घी को ठन्डे जल में फेंट ले और फिर घी को पानी से अलग कर ले यह प्रक्रिया लगभग सौ बार करे और इसमें थोड़ा सा कपूर डालकर मिला दें । इस विधि द्वारा प्राप्त घी एक असर कारक औषधि में परिवर्तित हो जाता है जिसे जिसे त्वचा सम्बन्धी हर चर्म रोगों में चमत्कारिक कि तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं । यह सौराइशिस के लिए भी कारगर है ।
२९. गाय का घी एक अच्छा (LDL) कोलेस्ट्रॉल है। उच्च कोलेस्ट्रॉल के रोगियों को गाय का घी ही खाना चाहिए । यह एक बहुत अच्छा टॉनिक भी है ।
३०. अगर आप गाय के घी की कुछ बूँदें दिन में तीन बार, नाक में प्रयोग करेंगे तो यह त्रिदोष (वात पित्त और कफ) को सन्तुलित करता है ।
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विशेषज्ञों का कहना है कि इस संदेश को पढ़ने वाला प्रत्येक व्यक्ति इसे १० लोगों/ग्रुप तक भेज दे तो वह कम से कम एक व्यक्ति का जीवन रोगमुक्त कर सकता
जय गऊ माता
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मंगलवार, 16 अप्रैल 2019

IAS के एग्जाम में अचानक मुसलमानों की बाढ़ क्यो आ गयी है.... कड़वा सच

यह बहुत खतरनाक संकेत है भविष्य के लिए।
इसे अपने सभी ग्रुप्स और मित्रो को भेजिए।
*सावधान भारत सरकार, सावधान हिंदू*

IAS के एग्जाम में अचानक मुसलमानों की बाढ़ क्यो आ गयी है.... कड़वा सच

पिछले 4-5 सालों से कश्मीरी मुस्लिम युवक UPSC में बहुत सेलेक्ट हो रहें , इसका कारण जानना चाहा , कश्मीरी ही नहीं बल्कि पूरे भारत से मुस्लिम युवक भी बड़ी मात्रा में upsc की बाजी मार रहें पहले इनका चयन % कम था ।
आप इसमें एक पैटर्न देखेंगे बस मेरी बात सावधानी से समझने की कोशिश करियेगा
जो मुस्लिम उर्दू साहित्य mains में रखेगा जाहिर है हिन्दू उर्दू नही पढ़ते उन्हें जाँचने वाला भी मुस्लिम ही होगा और वो चाहेगा उसकी कौम का बन्दा अधिकारी बने ताकि बाद में प्रेशर ग्रुप बना सकें पूरी सरकार पे ,ये उर्दू सेIAS,ओर UPSC जैसी परीक्षाओं में मुस्लिम और कश्मीरी युवकों को देश के उच्च पदों पर बिठाने की साज़िश है जिस से जब भी हिन्दू मुस्लिम गृह युद्ध हो ये कट्टर मुल्ले अपनी कोम का साथ दे और ओवेसी जैसे लोग इन को आसानी से अपने कब्जे में कर सके

अभी आप देखेंगे तो mains में आप उर्दू ही रख सकते हैं ऐसा तमाम वेबसाइट्स आपको दिखायेंगी लेकिन एक न्यूज़ चैनल पर मैंने कुछ दिन पहले जब रिजल्ट आया था तो उसमे किसी कश्मीरी के बारे में बता रहा था
उसने विषय बताया था , *urdu & islamic studies* से इन्होंने *upsc* दिया है , क्या ऐसा कुछ UPSC में शामिल हुआ है ?
खोजने का प्रयास कीजियेगा इसमें कितनी सत्यता है ।
किसी को पता हो तो कमेन्ट सेक्शन में बताइयेगा जरूर
अगर इस्लामिक स्टडी शामिल हुआ है तो मैं इसका पुरजोर विरोध करता हूँ , लेकिन यह जानकारी केवल उस न्यूज चैनल पर एक झलकी पर आधारित है , इसकी सत्यता मैं बिलकुल नही जानता ।
अब एक बात और गौर करने वाली है ,
1.अल अमीन एजुकेशनल सोसाइटी , बैंगलोर
2. जामिया सल्फ़िया , वाराणसी
3. अल बरकत इंस्टिट्यूट , अलीगढ
4. Aliah यूनिवर्सिटी , कोलकाता
5. अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी
6. अल फलाह यूनिवर्सिटी , फरीदाबाद
7. अंजुमान हमी ए मुसलमीन , भटकल
8. अंजुमन ए इस्लाम , मुंबई
9. अंसार अरेबिक कालेज , मल्लपुरम
10. अल जामिया अल इस्लामिया , मल्लपुरम
11. वीमेन इस्लामिया कालेज , मल्लपुरम
12. चौधरी नियाज मुहम्मद कालेज , बैसूली बदायूँ
13. दारुल हुदा इस्लामिक यूनिवर्सिटी
14. हमदर्द यूनिवर्सिटी दिल्ली
15. जमाल मोहम्मद कालेज trichy
16. इब्न सीना अकैडमी
17. जामिया अर्फ़िया , कौशाम्बी
18. जामिया मिलिया इस्लामिया
19. जामिया नूरिया अरबिया
20. मदरसा अल बकीयत अल सहलात , वेल्लूर
आदि आदि इत्यादि ये सारे मुस्लिम स्पेशल इंस्टिट्यूट हैं , यहाँ हिन्दू मिलेंगे नही , मिलेंगे भी तो नाम मात्र के वो भी कुछ जगह जो केंद्रीय बड़ी यूनिवर्सिटी हैं जैसे अलीगढ या ओस्मानिया हैदराबाद , बाकी हजारों इंस्टिट्यूट जहाँ हिन्दू झाँकने भी नहीं जाता
अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी/कालेज के अंतर्गत चल रहे , सरकार से पैसा पाते हैं और पढ़ाते हैं इस्लामिक स्टडीज ।

एक भी ऐसी यूनिवर्सिटी इस देश में है जहाँ हिंदुत्व या वैदिक कल्चर की पढ़ाई होती हो ?
जहाँ वेद पढ़ाये जाते हों ?
पर इस्लामिक स्टडी की हजारों हैं ।

एक भी सिक्ख को अब एसपीजी में नौकरी नही मिलती प्राइम मिनिस्टर की सुरक्षा के लिए जब से इंदिरा गाँधी की मौत हुई है , पंजाब में जब स्वर्ण मंदिर में सेना घुसी थी पंजाब रेजिमेंट के कई सैनिकों और अधिकारियों ने विद्रोह कर दिया था सेना में अंत में नियम बदला आज महार रेजिमेंट में भी ब्राह्मण अधिकारी/ सैनिक भेज दिया जाता है , सिक्खों को बाँट दिया गया , आज हर रेजिमेंट में ये आपको मिलेंगे।

ये इस्लामिक स्टडी से , इन्हें आईएएस बनाना मतलब असंतोष और प्रेशर ग्रुप का निर्माण करना , किसी भी कठोर नीति को कश्मीर के विरुद्ध ये बनने नही देंगे ।।
39 करोड़ की आबादी माइनॉरिटी नही होती है , इनसे सारे अल्पसंख्यक अधिकार लिए जाने चाहिए । ये भारत का मुस्लिम समुदाय बहुसंख्यक है । इंडोनेशिया के बाद विश्व की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी भारत में है ????

ताज्जुब यह है कि फिर भी अल्पसंख्यक है ??????
सबसे पहले इनके मदरसे गिनने चहिए , इन इस्लामिक संस्थाओं में क्या चल रहा , क्या पढ़ाया जा रहा सबकी जाँच हो , इन्हें कोई वित्तिय सहायता नही देनी चाहिए , । यही सच्ची धर्मनिरपेक्षता है , यही secularism है ।
इनमे गणित , विज्ञान, कंप्यूटर के शिक्षक भर्ती किये जाने चाहिए !!

*सरकार को चाहिए कि UPSC, IAS, IPS जैसी उच्च पद की परीक्षाओं को केवल हिंदी जो कि राष्ट्रभाषा है और english जो कि प्रचलित भाषा और कार्य भी ज्यादातर इसमे ही होता है इसलिए इन्ही 2 भाषाओ में परीक्षा करवाये न कि रीजनल भाषा मे जिस से भविष्य के भारत को देश भक्त पदाधिकारी मिले न कि देशद्रोही ओर सरकार को झुकाने वाले आखिर इतने उचे पद पर जाने वाले अधिकारियों को कम से कम हिंदी और अंग्रेजी का ज्ञान तो होना ही चाहिए क्यों कि भविष्य में उर्दू में किसी भी आफ़िस में काम नही होगा फिर उर्दू की जरूरत क्या है ये अधिकारी किसी मदरसे में तो पढ़ाने नही जाएंगे मोदी जी कृपया सोचिये ओर समय रहते उर्दू को UPSC exam से बाहर कीजिये*।
मैं यह मैसेज सब को भेज रहा हूँ कृपया इस विषय को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लिया जाय ।

गुरुवार, 11 अप्रैल 2019

लड़कियां विशेष ध्यान दें। क्या आप जानते है। बॉडी पार्ट्स आते कहाँ से है???

👩‍🎤👩‍🏭लड़कियां विशेष ध्यान दें।
क्या आप जानते है। बॉडी पार्ट्स आते कहाँ से है???

कैसे जरूरत के हिसाब से अंगदान नही होता, अब आप 40 लाख देकर किडनी बदलवा देते हो, अब पैसे दिए हो तो 16-25 आयु के आसपास की मजबूत किडनी ही लगाएगा 🏥डाॅक्टर...
-
आखिर बॉडीपार्ट्स कहाँ से आते है...??? ✂मुर्दाघरो में पड़ी लाशो से या एक्सीडेंट में मरने वालो से...??*

ये पर्याप्त नही होती और 16-25 के 🤮लड़के ज्यादातर नशा करके अपने ज्यादातर पार्ट खराब कर चुके होते हैं...
-
एक जगह है...!!और वो है...
भारत में मिडिल क्लास फैमिली की 🧟‍♀लडकियां...!!!
*_ये लडकियां सिगरेट, गुटखा या शराब नही यूज करती और बॉडी को मेंटेन रखती

 हैं...,**इनके दात, हड्डी, आँते, चमडा़, क्रेनियम, लीवर, किडनी, हृदय सब सही और ट्रांसप्लांट के लिए परफेक्ट होता है..._

इन 🧜‍♀लडकियों में "लवबग" 🙋‍♂डालकर इनको कहीं भी ले जाना आसान होता है...- लावबग का मतलब है दिमाग मे *प्रेम-प्यार का कीड़ा
.
इसीलिए दिसम्बर में केदारनाथ, PK जैसी लव जिहाद प्रोमोटिंग फिल्मे आती हैं...
दिसम्बर में फ़िल्मी हीरोटाइप राज, करन, राहुल टाइप, अब्दुल, सलीम, जावेद जैसे आशिक घूमना शुरू करते हैं...ये बंदे कोई लवर नही बल्कि प्रोफेशनल क्रिमिनल होते हैं,,
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हर साल फरवरी के अंत तक मिडिल क्लास फैमिली की 2 से 4 लाख लडकियां घर से गायब हो जाती हैं...

व्यौरा दिया जाता है कि...
आशिकी में घर से भाग गयी..,ना तो कोई केस बनता है, ना कोई खोजता है...
अंत में उनका एक बाल तक नही मिलता...जरा सोचिये, ये 🤦‍♀लडकिया कहाँ पहुँच जाती है??

आप अच्छी तरह समझ सकते हो,
-
जैसे ही कोई लव जिहादी पकड़ा जाता है,
नेता और मिडिया इसमें फुदकना शुरू कर देते हैं.

असल में पहले तो इन 🧞‍♀बच्चियों का भरपूर शारीरिक शोषण किया जाता है उसके पश्चात हत्या कर दी जाती है और अंग व्यापार से इनकी कमाई होती है..
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अभी आप गूगल पर ' Black market price of human body parts सर्च करके अंगो के भाव देखिएगा.. फिर Organ Transplant Rate in India सर्च करके अंग प्रत्यारोपण का खर्च देखना...

अगर एक 🙍‍♀लडकी की बॉडी को ढंग से खोले, और प्रत्यारोपण योग्य अंगों की सही कीमत लगे तो कम से कम 5 करोड़ आराम से मिल जाता है,,।

इसीलिए लव जिहाद और मानव तस्करी पर ना तो कभी कोई कानून बनता है, और ना ही कोई बनने देता है...।
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एक बात और
कभी भी किसी नेता या बिजनेसमेन की बेटी घर से नही भागती/गायब होती है...।हमेशा वही लडकिया गायब होती हैं, जिनके परिवार की कोई राजनितिक या क़ानूनी Approach/पकड़ नही होती...।
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2015 में UP से 4000 लडकिया गायब हुई थी, केवल ह्यूमन ट्रैफिकिंग से बचने के लिए ही Anti-Romio Squad बनाया गया था, जिसका नेताओ, मिडिया और बिना दिमाग वालों ने भरपूर विरोध किया था,,,।
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माना कि हमारी लाड़ली बहिन 🙆‍♂🙋‍♀🙋‍♂बेटियां सब जानती हैं, लेकिन क्रिमिनल मार्केटिंग और अंग प्रत्यारोपण के लिए सही और असली अंग आते कहाँ से हैं... ये नही जानती,,,
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अपनी बहिन🙋‍♀🙆‍♂🙆‍♀🤦‍♀ बेटियों का ध्यान दें, क्योंकि,
जो बाहर हो रहा है, वो हमारे घर में कभी भी हो सकता है...!
कृपया, पढ़कर अपने संपर्क में सभी को शेयर कीजिये जिससे किसी की बहन-बेटी इस तरह के षड़यंत्र का शिकार ना हो!

घर में, दोस्तों में, चर्चा करने मेँ शर्माएं नहीं हमारी तथाकथित बेशर्मी किसी परिवार की इज्जत और बहिन🧚‍♀🧚‍♂-बेटी की अनमोल जान बचा सकेगी
आइये हम अपना नैतिक दायित्व निभाएं
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हेरतअंगेज सच्चाई कोशिश करें ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे, प्रारम्भ में कुछ भाषाई क्लिष्टता लेगेगी लेकिन धैर्यपूर्वक पढ़ें.

हेरतअंगेज सच्चाई कोशिश करें ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे,
प्रारम्भ में कुछ भाषाई क्लिष्टता लेगेगी लेकिन धैर्यपूर्वक पढ़ें.
 इस लेख के अन्त में कुछ महत्वपूर्ण सबूत जोड़े गये हैं

प्रचार की वैज्ञानिक पद्धति — (भाग−६))
अपनी बात मत कहें,उनके मुँह से उनकी ही बातें लोगों को सुनाइये और अर्थ बताइये । यही प्रचार की वैज्ञानिक पद्धति है ।

काँग्रेस के दिमागमन्त्री चिदम्बरम् ने आज प्रेस कान्फ्रेन्स में कहा कि न्यूनतम आय स्कीम को “fully explain” तब किया जायगा जब काँग्रेस सत्ता में आ जायगी,अभी केवल “basic features” का खुलासा किया जायगा!
क्योंकि अभी इस स्कीम के केवल “basic features” ही लिखे गये हैं,“fully explain”करने लायक पूरी स्कीम बनायी ही नहीं गयी है क्योंकि काँग्रेस को पता है कि वह सत्ता से कोसों दूर रहेगी,अतः पूरी स्कीम बनाने के पीछे समय नष्ट करके क्या लाभ — वह भी चुनाव के कीमती समय में?
दिमागमन्त्री ने साफ कह दिया है कि “स्कीम को डिजाइन करने के लिये एक्सपर्ट कमिटी गठित की जायगी” । अर्थात् अभी स्कीम “डिजाइन” ही नहीं की गयी है!बिना डिजाइन की स्कीम को स्कीम कहना चाहिये?केवल चुनावी स्टण्ट?
राहुल ने कहा था कि चिदम्बरम् और “एक्सपर्टों” द्वारा स्कीम का पूरा ब्यौरा दिया जायगा । आज चिदम्बरम् ने हाथ खड़े कर दिये,कहा कि “एक्सपर्ट कमिटी” तो सत्ता मिल जाने पर ही बनायी जायगी,अर्थात् अभी जिन लोगों ने स्कीम बनायी है वे एक्सपर्ट नहीं हैं । चिदम्बरम् ने कहा कि पूरा ब्यौरा “चिदम्बरम् और एक्सपर्टों” द्वारा नहीं दिया जायगा,बल्कि “एक्सपर्टों” द्वारा दिया जायगा,अर्थात् चिदम्बरम् एक्सपर्ट नहीं हैं । एक्सपर्ट रहते तब न पूरा ब्यौरा देते!
अभी पूरा ब्यौरा देने में क्या कठिनाई है यह मुझे पता है और चिदम्बरम् को भी पता है,किन्तु वे बतायेंगे नहीं,क्योंकि तब स्वीकारना पड़ेगा कि स्कीम को लागू करना असम्भव है,क्योंकि ३६०००० करोड़ रूपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ने पर पहले से ही विशाल फिस्कल डिफिसिट असहनीय स्तर पर चला जायगा और उसके घातक परिणाम होगें — बड़े पैमाने पर नोट छापकर बजट घाटा को पूरा करेंगे तो मँहगाई इतनी बढ़ेगी कि लोग काँग्रेसियों को घरों से खींच−खींचकर पीटेंगे तथा विदेश में भी रूपये की शक्ति टूट जायगी । अर्थात् देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जायगी । कर बढ़ाकर बजट घाटा को पूरा करेंगे तो करदाता पीटेंगे!
कहीं सत्ता मिल गया तब क्या करेंगे?उसका भी उपाय कर दिया है — स्कीम को कई फेजों में लागू करेंगे । अर्थात् पहला फेज राहुल के जीवनकाल तक चलेगा ।
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दूसरा फेज प्रियङ्का की सन्तान के जीवनकाल तक चलेगा,क्योंकि राहुल की सन्तान तो होने से रही!प्रियङ्का के सुपुत्र “Raihan” और सुपुत्री “Miraya” हैं । किस भाषा के नाम हैं?प्रियङ्का ने बौद्ध सम्प्रदाय की दीक्षा ले रखी है यह बात मीडिया छुपाती है,क्योंकि आजकल उसे कट्टर हिन्दू जो दिखाना है (https://www.indiatvnews.com/…/unknown-facts-priyanka…/page/6)!
बर्मा से आये बौद्ध गुरु गोयनका से विपासना सीखती है । एक और बात कम लोग जानते हैं — वह केवल १३ वर्ष की थी तभी से राबर्ट वाड्रा के साथ ⋅⋅⋅⋅ था (https://www.indiatvnews.com/…/unknown-facts-priyanka…/page/8),उसकी मम्मी भी १३ वर्ष की थी तो इटली के नामी गिरामी लोगों के साथ उनका ⋅⋅⋅⋅ था!दादी भी उसी उम्र की थी तो फ़िरोज़ ख़ान उर्फ़ गैण्डी के साथ ⋅⋅⋅⋅ था!दादी के पिता और पिता की बहन इन मामलों के अन्तर्राष्ट्रीय एक्सपर्ट थे तथा इलाहाबाद के लाल इलाके में पैदा हुए थे,और उनके पिता तो अपने पिता के मरणोपरान्त पैदा हुऐ थे!खानदानी लोग हैं!बिन भतीजे के चाचा ने बनारस की अपने गुप्त “पार्टनर” साध्वी श्रद्धा के साथ जो किया उसपर मीडिया मौन है (“बनारस की साध्वी श्रद्धा” छद्म नाम था जिस नाम से रात में प्रधानमन्त्री आवास जाती थी “योग” सिखाने!असल में ईसाई थी,नन के छद्मवेश में),श्रद्धा के बेटे को बंगलुरु के ईसाई अनाथालय में डाल दिया,बड़ा होने के बाद से वह चीख−चीखकर अपने बाप का नाम बताता रहा किन्तु मीडिया नहीं सुनती!उस K.K.Dominic (Arun Nehru) को कब न्याय मिलेगा?अमित शाह को कहिये कि उसे भाजपा मे ले आयें और हल्ला मचायें । सबूत प्रस्तुत है —
(1)
https://www.geni.com/…/Pandit-Jawaharla…/6000000003923543660
(2)
https://www.geni.com/…/K-K-Dominic-Arun…/6000000016226155444
यह बेचारा तो मर चुका है किन्तु उसके बेटे ने यह वेबपेज बनाया और चीख−चीखकर जवाहरलाल नेहरु का पोता अपने को बता रहा है किन्तु कोई नहीं सुनता!
(3)
और यह है साध्वी श्रद्धा जो एक ईसाई नन थी —
https://www.geni.com/…/Isabel-SwamiKann…/6000000016423676124

बुधवार, 10 अप्रैल 2019

दलाली का काला बाजार' ध्वस्त होने वाला हैं

1989 में राकेश रोशन ने एक फिल्म बनायी थी 'काला बाजार'।फिल्म भ्रष्टाचार पर केंद्रित थी।इस फिल्म में कादर खान एक भ्रष्ट क्लर्क के रोल में था।जो भी बंदा अपना कोई काम करवाने दफ्तर में आता उससे कादर खान कोई रिश्वत नही माँगताबस एक कप चाय माँगता पोस 'बाहर जो चाय की दुकान है वहाँ से मेरे लिये एक कप चाय ले आओ।दो या तीन चम्मच चीनी डलवाकर'। जब वो बंदा चाय लेने जाता तब चाय वाला जॉनी लिवर उससे एक चम्मच चीनी के 200 रुपये के हिसाब से रिश्वत ले लेता था।
संजय भंडारी कौन है ? रीपुल नाथ कौन है ? कमलनाथ कौन है ? कक्कड़ कौन हैं ? मोईन खान कौन हैं ?
ये सब वही करप्ट चायवाले हैं जो अपने आका का पैसा वसूलते थे हथियारों के दलालों से ।
संजय भंडारी वाड्रा को लंदन में बेनामी बँगले खरीदकर देता हैं चीनी 12 चम्मच।
रीपुल नाथ की सीडी बनाने वाली कम्पनी अगस्ता विमान के दलालों से करोड़ों कैश लेती हैं चीनी 18 चम्मच।
मोइन खान काँग्रेस दफ्तर का पैसा अपने घर में रखता हैं  चीनी 2 चम्मच।
ये सारे करप्ट चायवाले जॉनीलिवर है ये अपने आका कादर खान के लिये रिश्वत इकठ्ठा करते है।आका की सेटिंग भी तगड़ी है।करप्ट चायवाला पकड़ा भी जाये तो ये साबित नही हो सकता कि ये रिश्वत का पैसा उस AP या FAM का है । इनके लिंक कभी आपस में जुड़ नही सकते थे।
फिर एक ईमानदार चायवाला आया।उसने पूरे जाल को ध्यान से देखा।जाल बड़ा उलझा हुआ था।उसे पता था कि इस जाल में बिना तैय्यारी के हाथ मारा तो खुद ही फँसने का डर हैं । उसने टाइम लिया । पहले सबके तार जोड़े । लिंक अच्छे से कनेक्ट किये।तथ्य पूरे जुटाये।
फिर पकड़ा उन दलालों को जो क्लर्क और चायवाले के बीच की कड़ी थे।सबसे पहले सारा डिप्लोमेटिक जोर लगाकर राजीव सक्सेना ,क्रिश्चियन मिशेल को पकड़ा ।
अब सारे तार जुड़ चुके हैं।अब करप्ट चायवालों का नंबर हैं। कमलनाथ , रीपुल नाथ , मोइन खान , संजय भंडारी का नंबर हैं। करोड़ों पकड़ा रहें हैं और भी माल मिलेगा।सारे लिंक जुड़ चुके हैं।आका आधी रात को करप्ट चायवाले के घर जाकर बैठे हैं।बैचेनी बढ़ रही हैं।'दलाली का काला बाजार' ध्वस्त होने वाला हैं
स्क्रिप्ट दमदार हैं।शूटिंग जारी है ।ओवर एक्टिंग के लिये कोई जगह नही हैं।
इस फिल्म के निर्देशक हैं
 नरेन्द्र मोदी ।

आज कई राजनितिक दलों की नींद उड़ी हुई होगी जिन्होंने चुनाव में खर्च करने के लिए मोटा पैसा जोड़ रखा होगा

आयकर अधिकारीगण याद रहे --कांग्रेस सरकार आई तो भुगतना पड़ेगा -
नगरी नगरी द्वारे द्वारे मोदी चोर पकड़ रिया -

110 दिन की कमलनाथ की सरकार और आयकर छापों में रकम
निकल रही है 500 करोड़ --यानि 4.5 करोड़ रोज कमाया है -
मीडिया चैनल्स बड़ी सफाई से छुपा रहे हैं कि मोज़र बेयर कंपनी
का मालिक दीपक पुरी कमलनाथ का बहनोई है और रातुल पुरी
कमलनाथ का भांजा है --जिसका सीधा मतलब निकलता है ये
दोनों पुरी बाप बेटे है --और ये दोनों छापेमारी के लपेटे में है कमल
नाथ के सचिव, प्रवीण कक्कड़ के साथ --

आज कांग्रेस के नेता अंदर ही अंदर भड़क रहे होंगे कि एक बार
हमारी सरकार आ गई तो आयकर अधिकारियों को तो दिन में तारे
दिखा देंगे --मगर वो अधिकारी भी क्या करें --अभी तो उनके बॉस
प्रधान मंत्री मोदी और अरुण जेटली हैं जो ठीक चुनाव से पहले पैसे
 के गंदे खेल का भांडा फोड़ दिया --

चिदम्बरम और कांग्रेस के कुछ चुनिंदा नेता कह रहे है कि छापेमारी
 से हमारे चुनाव प्रचार में बाधा डालने की कोशिश की गई है --लूटा
हुआ पैसा जो 90% मुसलामानों के वोटों के लिए बांटना था वो रुक गया
 ना -वैसे आज पश्चिमी उत्तरप्रदेश की भाई बहन की 3 रैलियाँ जरूर रद्द
 हो गई 

लेकिन दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया का कोई ट्वीट नहीं
आया है जैसे वो इन छापों से गदगद हैं --क्या पता कमलनाथ की कुर्सी
की टांग टूटे और इन्हे नई कुर्सी मिले -- ये दोनों कभी हिन्दुओं को ना
पूछने वाले आजकल मंदिर मंदिर भटक रहे हैं और दिग्विजय सिंह
तो हिन्दुओं को आतंकी कहता है फिर भी मंदिरों में नाक रगड़ रहा
है --

कांग्रेसी भी कलप रहे होंगे कि ये आयकर की छापेमारी और पाकिस्तान
को ठोकना आचार संहिता के दायरे में क्यों नहीं आता -चले जाएँ फिर
 एक बार सुप्रीम कोर्ट में कि सरकार की ऐसी कार्यवाही पर भी रोक
 लगाई जाये -आखिर मेहनत से कमाया हुआ पैसा मोदी रेड करके कैसे
 हड़प सकता है --

कमलनाथ ने CRPF के साथ राज्य पुलिस का टकराव करा कर ममता
बनर्जी बनने की कोशिश की है मगर वो भूल जाता है कि केंद्र सरकार
के हाथ राज्य सरकार से ज्यादा लम्बे होते हैं --

आज कई राजनितिक दलों की नींद उड़ी हुई होगी जिन्होंने चुनाव में खर्च
करने के लिए मोटा पैसा जोड़ रखा होगा --पता नहीं कब छापा पड़ जाये
और सब कुछ चला जाये --केजरीवाल तो विदेशों से मिला "चंदा" भी छुपाने
में लगा होगा और निर्देश दे रहा होगा --मेरा नाम कोई ना ले --

जो होना है वो होगा --अब तो बस राम राम जपो -


"मैं भी चौकीदार"
08/04/2019
#मोदी फिर से आएगा-2019

क्या यह सच है कि मोदी भारत के सबसे बुरे प्रधानमंत्री हैं?

क्या यह सच है कि मोदी भारत के सबसे बुरे प्रधानमंत्री हैं?

कोई भी प्रशासक सभी लोगों के लिए अच्छा या बुरा नहीं हो सकता। मोदी निम्नलिखित वर्गों समूहों के लिए भारत के सबसे बुरे प्रधानमंत्री सिद्ध हुए हैं।

कालाबाजारियों के लिए। मोदी शासन में यूरिया, सीमेंट,प्याज, दाल,आलू,चीनी की किल्लत कभी दिखाई दी आपको?
फर्जी गैस कनेक्शन, फर्जी राशनकार्ड धारी, फर्जी छात्रवृत्ति लेने वाले, फर्जी कर्मचारी ,नम्बर दो का बिजनेस करनेवाले, नम्बर दो का माल बनाने वाली कम्पनियों के लोग मोदी से बहुत दुखी हुए हैं।
राजनैतिक दल जो अपने प्रतिनिधियों के द्वारा सरकारी नौकरियों में धांधली करवाते थे।
रक्षा सौदों में दलाली करनेवाले लोग
बेनामी सम्पत्ति संग्रह करते भ्रष्ट नेता और अफसर
विदेशों में कालाधन जमा करनेवाले लोग
सरकारी जमीनों पर कब्जा कर मकान दुकान बना कर रास्ता अवरुद्ध किये हुए लोग।इलाहाबाद, जौनपुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर जिलों में इतने अधिक अतिक्रमण हटाये गये हैं कि शायद विश्व रिकॉर्ड होगा यह।ऐसा ही अभियान पूरे यूपी में चलाया जा रहा है। मैं इसका प्रत्यक्षदर्शी गवाह हूँ। व्यापारी ,दुकानदार बहुत गुस्से में हैं इस अत्याचार से।बीस पच्चीस फुट रोड की जमीन पर बनी दुकानें अभी तक सभी सरकारों को मान्य कैसे थी?

उपरोक्त समूहों के लिए मोदी सबसे बुरे प्रधानमंत्री सिद्ध हुए हैं क्योंकि इनकी दुकानें बंद हो गई हैं।

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