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शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2011

ज़िन्दगी है छोटी , हर पल में खुश रहो,

ज़िन्दगी है छोटी , हर पल में खुश रहो,


ज़िन्दगी है छोटी , हर पल में खुश रहो,
ऑफिस में खुश रहो, घर में खुश रहो।

आज पनीर नहीं है, दाल में ही खुश रहो,
आज जिम जाने का समय नहीं, दो कदम चल के ही खुश रहो।

आज दोस्तों का साथ नहीं, टीवी देख कर ही खुश रहो,
घर जा नहीं सकते तो, फ़ोन करके ही खुश रहो।

आज कोई नाराज़ है, उसके इस अंदाज़ में भी खुश रहो,
जिसे देख नहीं सकते, उसकी आवाज़ में ही खुश रहो।

जिसे पा नहीं सकते, उसकी याद में ही खुश रहो,
लैपटॉप न मिला तो क्या, डेस्कटॉप में ही खुश रहो।

बिता हुआ कल जा चुका है, उसकी मीठी यादों में ही खुश रहो,
आने वाले पल का पता नहीं, सपनों में ही खुश रहो।

हंसते-हंसते ये पल बीत जाएंगे, आज में ही खुश रहो,
ज़िन्दगी है छोटी, हर पल में खुश रहो!

by
"Sanwariya"
www.sanwariya.webs.com

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