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सोमवार, 18 जुलाई 2011
बचपन के दुःख कितने अच्छे हुआ करते थे
बचपन के दुःख कितने अच्छे हुआ करते थे
तब दिल नही खिलोने टुटा करते थे
आज एक आंसू गिरे तो सहा नही जाता
बचपन में तो जी भर कर रोया करते थे :'
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