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बुधवार, 18 जुलाई 2012
मेरे देश की उन बेटियो की है कहानी ,
जिन्हें किहते हैं हम बेटी रानी , ये मेरे देश की उन बेटियो की है कहानी , डर और दर्द के साए में बीतता है इनका बचपन और जबानी ,
माँ का पेट ही इन की कबर बन जाता है , अपना ही खून कातिल बन जाता है , नहीं आता किसी को इन पर रेहम , नहीं आता इनके कतल पर किसी आँख में पानी , डर और दर्द के साए में बीतता है इनका बचपन और जबानी ,
कुछ इसी वी बदनसीब हैं यो इस दुनिया में आ जाती है , कुछ इसी वी बदनसीब हैं यो आपने ही माँ बाप से दर्द पाती हैं , बेबी आफरीन और बेबी पलक का खून बता रहा है दुनिया बेटो की है दीवानी , डर और दर्द के साए में बीतता है इनका बचपन और जबानी ,
बचपन बिता जबानी की और कदम बडाया , हर आँख को भूखे शेर की तरहां देखते पाया , मर्दों के इस समाज में हर बार चलती है उन्ही की मनमानी , डर और दर्द के साए में बीतता है इनका बचपन और जबानी ,
दहेज के लिए इन्हें साढ़ दिया जाता है , खोखले कानून की कमजोरी से कातिल बच जाता है , दुनिया बदल रही है मगर मेरे देश की बेटी की दशा वाही पुराणी , डर और दर्द के साए में बीतता है इनका बचपन और जबानी , जिन्हें किहते हैं हम बेटी रानी , ये मेरे देश की उन बेटियो की है कहानी ,
अगर आप 25 जुलाई को अनशन में नहीं आना चाहते या आना भी चाहते हैं और नहीं भी तो इस पेज को जरुर पड़े शायद आप का आने का इरादा पका हो जाये , जय हिंद
दोस्तो मेरी कोशिश देश को करप्षन के खिलाफ एक करने की है ताकि करप्षन के खिलाफ अन्ना की लड़ाई को जीता या सके ,
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