Pages

शनिवार, 10 दिसंबर 2022

  ऐसी चीज जो नाभि पर लगाते रहने से 40 साल का भी 25 साल का नजर आने लगता है

 

बचपन से ही नाभि पर साधारण देसी घी/सरसों तेल/ हींग या लौंग वाला देसी घी लगाते हमने देखा है। आजकल तो नाभि से सम्बंधित चीजों की बाढ़ जैसी आ गई है तेल लगाने से लेकर मालिश, लेप, नेवल केंडलिग, विभिन्न प्रकार के नेवल थेरपिज आदि। हमारे यहां इसका इस्तेमाल पीढ़ियों से चला आ रहा है और यह बेहद असरदार साबित होता रहा है।

सबसे पहले जान लेते हैं नाभि की महत्वता:-

  • जब हम कुंडलिनी, नाड़ी तंत्र और क्लासिकल हट योग की बात करते हैं तब आपकी नाभि को ऊर्जा के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखा जाता है।
  • नाभि को प्राण की उत्पत्ति या बीज के रूप में भी देखा जाता है क्योंकि मां से गर्भ में पल रहे बच्चे को सारे पोषक तत्व नाभि (umbilical cord) से ही प्राप्त होते हैं।
  • कुंडलिनी के संदर्भ में नाभि के स्थान को मणिपुर 👆👆👆चक्र / एनर्जी चैनल के रूप में देखा जाता है इसे सोलर पलक्स …जो शरीर में ऊर्जा को बनाए रखता है…शरीर में वात पित्त और कफ जैसे दोषों को सुचारू रूप से संचालित करने में सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है।
  • हमारे शरीर में अपानवायु और प्राणवायु को लेकर जा रही लगभग 72,000 नाड़ियों का समन्वय यहां होता है जो आपके शरीर के विभिन्न प्रकार की ऊर्जा केंद्रों से जुड़ी होती है।
  • इसके अलावा नाभि महिलाओं में एक सैक्सुअल अरुज़ल पोइंट है और पुरुष भी इस अंग की और संभवत आकर्षित होते हैं। इसी के चलते आजकल नाभि को आकर्षक बनाने के लिए सर्जरी का बिजनेस काफी फल-फूल रहा है।
  • इसके साथ ही दुनिया भर के कई कल्चरों में महत्व दिया गया है जैसे जापान में इससे संबंधित एक फेस्टिवल का आयोजन भी किया जाता है।
    [1]

आकार:-

  • नाभि विभिन्न प्रकार के आकार लिए होती है...
[2]
  • और इसका शेप खासकर गर्भवती महिलाओं में बदलता हुआ भी देखा गया है।

लाभ:-

एक छोटी सी नजर इसके लाभों पर डाल लेते हैं:-

  • नाभि मुख्यता पैंक्रियास और एड्रिनल ग्लैंड से जुड़ा होता है और यह दोनों ही हमारे शरीर में सबसे महत्वपूर्ण हारमोंस को बनाने वाले ग्लैंड हैं यदि हम नाभि पर तेल लगाते हैं तो इनका असर सीधा-सीधा इन दोनों पर पड़ता है जो इनकी कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलने में मदद करता है।
  • हमारे शरीर में डिटॉक्सिफिकेशन, शरीर में बन रहे खतरनाक टॉक्सिंस को शरीर से बाहर निकालने में,
  • रूखी, बेजान त्वचा को पोषित और चमकदार बनाने के लिए,
  • जिन लोगों को डाइजेस्टिव सिस्टम संबंधी रोग होते हैं जैसे खाने का समय पर ना पचना या गैस, बदहजमी, मंद जठराग्नि होना आदि में लाभदायक होता है।
  • इसके अलावा नाभि पर तेल लगाने से पीरियड के समय होने वाले दर्द में भी राहत मिलता है,
  • नाभि में तेल लगाने से पुराने से पुराना सर दर्द,
  • असमय बालों का सफेद होना, स्मरण शक्ति के लिए,
  • किडनी या लिवर सम्बंधी रोग,
  • आंखों की रोशनी के लिए,
  • महिलाओं में प्रजनन के संबंधित परेशानियां,
  • लोग स्ट्रेस के लिए भी नेवल ऑयल थेरेपी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
    [3]

नोट:-इस में से काफी उपाय हमने खुद आजमाएं हैं।


तेल या लेप:-

  • नाभि पर विभिन्न प्रकार के तेलों या विभिन्न प्रकार के पदार्थों के लेप का प्रावधान है।
  • आप इसके लिए
  1. 🔸सरसों का तेल- जठराग्नि के लिए, 
  2. 🔹नीम का तेल -ऐक्ने के लिए,  
  3. 🔸देसी घी- एलर्जी, नजला-जुकाम, चक्रों की शुद्धि के लिए, त्वचा को जवान बनाएं रखने के लिए, 
  4. 🔹 तिल का तेल-शरीर में दर्द में राहत के लिए, 
  5. 🔸कैस्टर ऑयल-बालो सम्बंध रोगों के लिए, 
  6. 🔹 टी-ट्री आयल,  
  7. 🔸एसेंशियल ऑयल में आप अपनी पसंद से चुनाव कर सकते हैं,  
  8. 🔸इसके अलावा बादाम का तेल-आखों के लिए, 
  9. 🔹 नारियल का तेल- डेंड्रफ के लिए, आदि 

विशेष:-

  • हमें बिलकुल नहीं लगता है कि किसी चीज के केवल एक बार इस्तेमाल से आप इतना बड़ा परिवर्तन देख सकते हैं जितना कि प्रश्न में बताया गया है इसके विपरित अगर आप लंबे समय की बात करती है तो बिल्कुल ऐसा बदलाव होना कोई बड़ी बात नहीं है।
  • हमने ऐसे कई लोगों को देखा है जो अपनी उम्र से काफी वर्ष कम लगते हैं और पूछने पर वह इसी तरह की कुछ खास नियमों का पालन करते हैं जिसकी वजह से अपनी उम्र से कम नजर आतें हैं… इसके साथ ही केवल तेल या कोई थेरपी करना लाभकारी नहीं मान सकते हैं इसके लिए आपको प्राणायाम को भी साथ में बराबर तवज्जो देने पड़ती है।
  • हमारे यहां तो गाय के देसी घी को नाभि में इस्तेमाल से कायाकल्प की बात कही जाती है क्योंकि देसी घी से त्वचा , मुलायम और चमकदार बनती है, समय के साथ रिंकल्स, त्वचा का समय के साथ ढीला हो जाना आदि में चमत्कारी प्रभाव दिखाता है।
  • हम खुद भी काफी समय से सरसों और गाय के शुद्ध देसी घी का इस्तेमाल करते आ रहें हैं और यह बेहद असरदार है।
http://sanwariyaa.blogspot.com/2022/12/40-25.html

*!!! नाभि - तन्त्र !!!*

     *-: नाभि तन्त्र कुदरत की अद्भुत रचना :-*

✍🏻!! हमारा शरीर परमात्मा की अद्भुत देन है ! गर्भ की उत्पत्ति नाभी के पीछे होती है ! गर्भधारण के नौ महीनें अर्थात २७० दिन में एक सम्पूर्ण बाल स्वरूप बनता है ! नाभी के द्वारा सभी नसों का जुडाव गर्भ के साथ होता है ! और उसको माता के साथ जुडी हुई नाडी से सम्पूर्ण जरूरी पोषण पूरे गर्भकाल में मिलता रहता है ! और बच्चा गर्भ में आराम से रहता है ! नाभी हमारे पूरे सरीर का केन्द्र है ! हमारे सरीर जो बहत्तर हजार नाड़ियों का समूह है उन सब का जुड़ाव इसी नाभि से रहता है ! इसलिए मृत्यु के तीन घंटे तक नाभी गर्म रहती है ! इसलिए नाभी एक अद्भुत भाग है !!

▪️हमारी नाभि में गाय का शुद्ध घी या तेल डालने व लगाने से बहुत सारी बीमारियों व शारीरिक दुर्बलता का उपाय हो सकता है !!

*१ :-* आँखों का शुष्क हो जाना, नजर कमजोर हो जाना, दिमाग की कमजोरी, चमकदार त्वचा और बालों का झड़ना, बालों की लम्बाई, व बालों की खुस्की हटाने व चमकदार बनाने लिये उपाय !!

▪ सोने से पहले ३ से ७ बूँद गरी ( नारियल ) का तेल  नाभी में डालें और नाभी के आसपास डेढ़ इंच गोलाई में फैला देवें !!

*२ :-* घुटनों और जोड़ों का दर्द, जोड़ों से कट कट की आवाज, व स्लिप डिस्क, साइटिका, कमरदर्द आदि के लिए उपाय !!

▪ सोने से पहले ३ से ७ बूंद अण्डी ( एरण्डी ) का तेल नाभी में डालें और उसके आसपास डेढ इंच गोलाई में फैला देवें !!

*३ :-* शरीर में कम्पन्न तथा जोड़ो में दर्द और शुष्क त्वचा, होंठो का फटना, एड़ियों का फटना या एड़ियों से खाल निकलना आदि के लिए उपाय !!

▪ रात को सोने से पहले ३ से ७ बूंद सरसों का तेल नाभी में डालें और उसे चारों ओर डेढ इंच गोलाई में फैला देवें !!

*४ :-* मुंह और गाल पर होने वाले पिम्पल, झाईं, फुंसी, फोड़े, त्वचारोग, खून की खराबी, एलर्जी, छाजन,व सरीर पर दाने आदि के लिए उपाय !!

▪ नीम का तेल ३ से ७ बूंद नाभी में उपरोक्त तरीके से डालें !!

*५ :-* हमारे बालों का असमय सफेद हो जाना, बाल झड़ना, व कमजोर बाल, चेहरे पर झाइयॉ, पिंम्पल, चेहरे पर खुश्की, व चेहरे में चमक लाने के लिए उपाय !!

▪नाभि में बादाम का तेल या गाय का शुद्ध घी ३ से ७ बूंद डालने व डेढ़ इंच गोलाई में फैलाएं !!

*६ :-* शरीर का मोटापा, वजन बढ़ना, घुटनों व जोड़ो का दर्द, जोड़ों से कट कट की आवाज आना, चलने में तकलीफ होना, कन्धों का दर्द, यूरिक एसिड बढ़ना, स्लिप डिस्क, कमरदर्द, कोलेस्ट्राल बढ़ना, आदि अनेको बीमारियों के लिए उपाय !!

▪️जैतून का तेल ३ से ७ बूंद लेकर नाभि पर डालें व डेढ़ इंच गोलाई में फैलाएं !!

*नोट :-*  नाभि में तेल या घी डालने से पहले नाभि को अच्छी तरह से रुई की सहायता से साफ करलें ! फिर तेल या घी को हल्का सुहाता सुहाता गुनगुना कर लें ! फिर रात को आराम ले सीधे लेटकर नाभि में तेल या घी डालें व नाभी की गोलाई पर लगाएं ! व ऐसे ही सीधे लेटें रहें लगभग बीस मिनट तक ! ऐसे ही आप रोज या एक दिन छोड़कर भी कर सकते हैं !!

         *-: नाभी में तेल डालने का कारण :-*

✍🏻!! हमारी नाभी को मालूम रहता है ! कि हमारी कौन सी रक्तवाहिनी सूख रही है ! इसलिए वो उसी धमनी में तेल का प्रवाह कर देती है !!

*जैसे :-* जब बालक छोटा होता है ! और उसका पेट दुखता है तब हम हींग और पानी या तैल को मिलाकर उसके पेट और नाभी के आसपास लगाते हैं ! और उसका दर्द तुरंत गायब हो जाता है ! बस यही काम है ! नाभि में तेल या घी डालने का !!

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी करें