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बुधवार, 14 नवंबर 2018

क्या गुरु गोविंद सिंह जी के बच्चों के नाम पर बाल दिवस नही होना चाहिए !

14 Nov #क्या गुरु गोविंद सिंह जी के बच्चों के नाम पर बाल दिवस नही होना चाहिए !
क्या आप जानते हैं विश्व की सबसे मंहंगी ज़मीन सरहिंद, जिला फतेहगढ़ साहब (पंजाब) में है, जो मात्र 4 स्क्वेयर मीटर है।
क्यों हुई ये छोटी सी ज़मीन सबसे महंगी? जरूर जानिये - रोंगटे खड़े कर देनें वाली ऐतिहासिक घटना।
यहां पर श्री गुरु गोविंद सिंह जी क दोे छोटे साहिबजादों का अंतिम संस्कार किया गया था।
सेठ दीवान टोडर मल ने यह ज़मीन 78000 सोने की मोहरें (सिक्के) दे कर मुस्लिम बादशाह से खरीदी थी।सोने की कीमत के मुताबिक इस 4 स्कवेयर मीटर जमीन की कीमत 2500000000 (दो अरब पचास करोड़)बनती है।
दुनिया की सबसे मंहंगी जगह खरीदने का रिकॉर्ड विश्व मे कहीं नहीं है ! आजतक दुनिया के इतिहास में इतनी मंहंगी जगह कहीं नही खरीदी गयी।
और....दुनिया के इतिहास में ऐसा युद्ध ना कभी किसी ने पढ़ा होगा ना ही सोचा होगा, जिसमे 10 लाख की फ़ौज का सामना महज 42 लोगों के साथ हुआ था और जीत किसकी होती है..??
उन 42 सूरमो की !
यह युद्ध 'चमकौर युद्ध' (Battle of Chamkaur) के नाम से भी जाना जाता है जो कि मुग़ल योद्धा वज़ीर खान की अगवाई में 10 लाख की फ़ौज का सामना सिर्फ 42 सिखों से, 6 दिसम्बर 1704 को हुआ जो कि गुरु गोबिंद सिंह जी की आज्ञा से तैयार हुए थे !
नतीजा यह निकलता है की उन 42 शूरवीरों की जीत होती है और हिंदुस्तान में मुग़ल हुकूमत की नींव, जो बाबर ने रखी थी, उसे जड़ से उखाड़ दिया गया।
औरंगज़ेब ने भी उस वक़्त गुरु गोविंद सिंह जी का लोहा माना और घुटने टेक दिए और ऐसे मुग़ल साम्राज्य का अंत हुआ।
औरंगजेब की तरफ से एक प्रश्न किया गया गुरु गोविंद सिंह जी से, कि यह कैसी फ़ौज तैयार की आपने जिसने 10 लाख की फ़ौज को उखाड़ फेंका?
गुरु गोविंद सिंह जी ने जवाब दिया,
"चिड़ियों से मैं बाज लडाऊ,
गीदड़ों को मैं शेर बनाऊ
सवा लाख से एक लडाऊं,
तभी गोविंद सिंह नाम कहाउँ !!" गुरु गोविंद सिंह जी ने जो कहा वो किया और जिन्हें आज हर कोई शीश झुकता है। यह है हमारे भारत की अनमोल विरासत जिसे कभी पढ़ाया ही नहीं जाता!
अगर आपको यकीन नहीं होता तो एक बार जरूर Google में लिखे 'बैटल ऑफ़ चमकौर' और सच आपको स्वयं पता लग जाएगा।
आपको अगर ये लेख थोड़ा सा भी अच्छा लगा हो और आपको भारतीय होने पर गर्वान्वित करता हो तो ज़रूर इसे आगे शेयर करें जिससे हमारे देश के गौरवशाली इतिहास के बारे में दुनिया को पता लगे !
कुछ आगे
चमकौर साहिब की जमीन, आगे चलकर, एक समृद्ध सिख ने खरीदी। उस को इसके इतिहास का कुछ पता नहीं था। जब पता चला कि यहाँ गुरु गोविंद सिंह जी के दो बेटे शहीद हुए थे, तो उन्होंने यह ज़मीन गुरु महाराज जी के बेटों की यादगार ( गुरुद्वारा साहिब) के लिए देने का मन बनाया।
जब अरदास करने के समय उस सिख से पूछा गया कि अरदास में उनके लिए गुरु साहिब से क्या विनती करनी है ....तो उस सिख ने कहा के गुरु जी से विनती करनी है कि मेरे घर कोई औलाद ना हो ताकि मेरे वंश में कोई भी यह कहने वाला ना हो कि यह ज़मीन मेरे बाप दादा ने दी है।
वाहेगुरु... 
और यही अरदास हुई और बिलकुल ऐसा ही हुआ कि उन सिख के घर कोई औलाद नहीं हुई।
अब हम अपने बारे में सोचें
50....100 रु. दे कर क्या क्या माँगते हैं _

सोमवार, 12 नवंबर 2018

आज के दौर की दिवाली

दीपावली के आगमन से पूर्व से ही शुभकामनाओं के संदेशे तो बहुत आये लेकिन मेहमान कोई नही आया. सोचता हूँ ड्राइंग रूम से सोफा हटा दूं. या ड्राइंग रूम का कांसेप्ट बदलकर वहां स्टडी रूम बना दूं.
दो दिन से व्हाट्स एप और एफबी के मेसेंजर पर मेसेज खोलते, स्क्रॉल करते और फिर जवाब के लिए टाइप करते करते पहले दाहिने और अब तो हाथ के अंगूठे में भी दर्द होने लगा है. संदेशें आते जा रहे हैं. बधाईयों का तांता है . लेकिन मेहमान नदारद है .
ये है आज के दौर की दीवाली....
मित्रों, घर के आसपास के पड़ौसी अगर छोड़ दें तो त्यौहार पर मिलने जुलने का रिवाज़ खत्म हो चला है. पैसे वाले दोस्त और अमीर किस्म के रिश्तेदार मिठाई या गिफ्ट तो भिजवाते है लेकिन घर पर बेल ड्राईवर बजाता है. वो खुद नही आते.
दरअसल घर अब "घर" नही रहा. ऑफिस के वर्क स्टेशन की तरह घर एक स्लीप स्टेशन है. हर दिन का एक रिटायरिंग बेस. आराम करिए, फ्रेश हो जाईये और चल पड़िए अगले दिन काम पर...
घर अब सिर्फ घरवालों का है. घर का समाज से कोई संपर्क नही है. मेट्रो युग में समाज और घर के बीच तार शायद टूट चुके हैं. हमें  स्वीकार करना होगा कि ये बचपन वाला घर नही रहा. अब घर और समाज के बीच में एक बड़ा फासला सा है.
वैसे भी शादी अब मेरिज हाल में होती है. बर्थडे मैक डोनाल्ड या पिज़्ज़ा हट में मनाया जाता है. बीमारी में नर्सिंग होम में खैरियत पूछी जाती है. और अंतिम आयोजन के लिए सीधे लोग घाट पहुँच जाते है.
सच तो ये है कि जब से डेबिट कार्ड और एटीएम आ गये है तब से मेहमान क्या ...चोर भी घर नही आते.
मैं सोचता हूँ कि चोर आया तो क्या ले जायेगा...फ्रिज, सोफा, पलंग, लैप टॉप..टीवी...कितने में बेचेगा इन्हें चोर? अरे री -सेल तो olx ने चौपट कर दी है. चोर को बचेगा क्या ? वैसे भी अब कैश तो एटीएम में है इसीलिए होम डेलिवरी वाला भी पिज्ज़ा के साथ डेबिट मशीन साथ लाता है.

सच तो ये है कि अब सवाल सिर्फ घर के आर्किटेक्ट को लेकर ही बचा है.
जी हाँ....क्या घर के नक़्शे से ड्राइंग रूम का कांसेप्ट खत्म कर देना चाहिये ?
इस दीवाली जरा इस सवाल पर गौर करियेगा।
     सादर🙏🙏💐

आज का पंचांग 12 नवंबर 2018

.                 ।। 🕉 ।।
*🙏🌹जय श्री राम🌹🙏*
   🚩 🌞 *सुप्रभातम्* 🌞 🚩
📜««« *आज का पंचांग* »»»📜
कलियुगाब्द........................5120
विक्रम संवत्.......................2075
शक संवत्..........................1940
मास................................कार्तिक
पक्ष...................................शुक्ल
तिथी.................................पंचमी
रात्रि 01.52 पर्यंत पश्चात षष्ठी
रवि.............................दक्षिणायन
सूर्योदय..................06.37.19 पर
सूर्यास्त...................05.44.34 पर
सूर्य राशि..............................तुला
चन्द्र राशि..............................धनु
नक्षत्र.............................पूर्वाषाढ़ा
रात्रि 02.30 पर्यंत पश्चात उत्तराषाढ़ा
योग.....................................धृति
दोप 02.56 पर्यंत पश्चात शूल
करण....................................बव
दोप 12.46 पर्यन्त पश्चात बालव
ऋतु.....................................शरद
दिन.................................सोमवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-*
12 नवम्बर सन 2018 ईस्वी ।

👁‍🗨 *राहुकाल :-*
प्रात: 08.03 से 09.26 तक ।

🚦 *दिशाशूल :-*
पूर्व दिशा- यदि आवश्यक हो तो दर्पण देखकर यात्रा प्रारंभ करें।

☸ शुभ अंक..............3
🔯 शुभ रंग.............लाल

📜 *चौघडिया :-*
प्रात: 06.40 से 08.02 तक अमृत
प्रात: 09.25 से 10.47 तक शुभ
दोप. 01.32 से 02.54 तक चंचल
अप. 02.54 से 04.16 तक लाभ
सायं 04.16 से 05.39 तक अमृत
सायं 05.39 से 07.17 तक चंचल ।

📿 *आज का मंत्र :-*
|| ॐ देवाधिदेवाय नमः ||

🎙 *संस्कृत सुभाषितानि :-*
अभिवादनशीलस्य
नित्यं वॄद्धोपसेविन:।
चत्वारि तस्य वर्धन्ते
आयुर्विद्या यशो बलम्॥
अर्थात :
विनम्र और नित्य अनुभवियों की सेवा करने वाले में चार गुणों का विकास होता है - आयु, विद्या, यश और बल ॥

🍃 *आरोग्यं :-*
चेहरे की त्वचा पर नारियल के तेल के लाभ -

*3. डैंड्रफ़ की समस्या -*
डैंड्रफ़ की समस्या हर किसी के लिए शर्मनाक हो सकती है। इसलिए खुद को डैंड्रफ से दूर खने के लिए अपने बालों पर हल्का गर्म नारियल तेल लगाइए और उसके बाद शैंपू कर लीजिए।

⚜ *आज का राशिफल :-*

🐏 *राशि फलादेश मेष :-*
घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। अधिक ध्यान देना पड़ेगा। भय, तनाव व चिंता रहेंगे। अपनी बात ठीक ढंग से लोगों को समझा नहीं पाएंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के काम अपने पक्ष में रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।

🐂 *राशि फलादेश वृष :-*
चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। छोटे बच्चों पर निगाह रखें। विवाद से क्लेश होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। समय पर काम नहीं होने से तनाव रहेगा। दूसरों से अपेक्षा न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। झंझटों में न पड़ें।

👫 *राशि फलादेश मिथुन :-*
वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। घर-परिवार के सदस्य सहयोग करेंगे। प्रसन्नता रहेगी। किसी मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। यात्रा लाभदायक रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। बाहरी सहयोग मिलेगा।

🦀 *राशि फलादेश कर्क :-*
संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ देंगे। रोजगार मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। प्रभावशाली व्यक्तियों से परिचय बढ़ेगा। पारिवारिक तनाव रह सकता है। स्वास्थ्य पर व्यय होगा। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। जोखिम न लें।

🦁 *राशि फलादेश सिंह :-*
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। कला रचना के क्षेत्र में रुचि रहेगी। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा। ईष्ट मित्रों के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा। चिंता रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। लोगों की बातों में न आकर स्वयं निर्णय लें।

👩🏻 *राशि फलादेश कन्या :-*
बुरी खबर मिल सकती है। भागदौड़ रहेगी। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। बड़े निर्णय सोच-समझकर करें। कुसंगति से हानि होगी। पुराना रोग उभर सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। पारिवारिक अशांति रह सकती है। जल्दबाजी न करें। लाभ के अवसर हाथ से निकलेंगे।

⚖ *राशि फलादेश तुला :-*
मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। भाग्य का साथ रहेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। प्रभावशाली व्यक्तियों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। घर-बाहर पूछ-परख बढ़ेगी। लाभ में वृद्धि होगी। तनाव रहेगा। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है।

🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-*
कानूनी अड़चन का सामना करना पड़ सकता है। विवाद से बचें। बेचैनी रहेगी। पुराने भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बढ़ेगा। मित्र व संबंधियों के साथ अच्‍छा समय गुजरेगा। आय बनी रहेगी। आलस्य हावी रहेगा। प्रमाद न करें। चिंता में कमी रहेगी।

🏹 *राशि फलादेश धनु :-*
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। रोजगार में वृद्धि होगी। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। व्यापार में पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। झंझटों में न पड़ें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। पारिवारिक मतभेद कम होंगे। प्रसन्नता रहेगी।

🐊 *राशि फलादेश मकर :-*
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। दूसरों से अपेक्षा पूरी नहीं होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुसंगति से बचें। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ होगा। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय बनी रहेगी। कार्य पर अधिक ध्यान देना पड़ेगा।

🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-*
डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। लाभ में वृद्धि तथा मान-सम्मान सहज ही मिलेगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। भाग्य अनुकूल रहेगा। थकान महसूस होगी। ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय होगा। पारिवारिक सौहार्द बढ़ेगा। निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे।

🐋 *राशि फलादेश मीन :-*
योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। समय की अनुकूलता बनी हुई है। कार्य में ध्यान दें। लाभ में वृद्धि होगी। घर-बाहर सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है। लापरवाही न करें। उत्साह बना रहेगा। विवेक से कार्य की बाधा दूर होगी।

☯ *आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।*

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

मंगलवार, 6 नवंबर 2018

आज की दुनिया बहुत ADVANCE है

आज की दुनिया बहुत ADVANCE है
इस ADVANCE दुनिया की ADVANCE TECHNOLOGY में
आपके इस ADVANCE दोस्त की तरफ से आपको ADVANCE “दिल से
ADVANCE में सभी मित्रों को "सांवरिया" & Police Public Press की तरफ से दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाये
Mastermind wishing you Happy Diwali in Advance

दिवाली पर्व तिथि व मुहूर्त 2018

दिवाली 2018

7 नवंबर

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 17:57 से 19:53

प्रदोष काल- 17:27 से 20:06

वृषभ काल- 17:57 से 19:53

अमावस्या तिथि आरंभ- 22:27 (06 नवंबर)

अमावस्या तिथि समाप्त- 21:31 (07 नवंबर)




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दीपावली स्पेशल

दीपावली स्पेशल

दीपावली में हर व्यक्ति चाहता है की लक्ष्मी उस पर मेहरान हो लक्ष्मी देवी को प्रसन्न करने और दीवाली पर धन पाने के कुछ अचूक उपाय बतलाये जा रहे है आशा है इनका प्रयोग कर पाठक गण इसका लाभ उठा सकेंगे ये उपाय इस प्रकार है

(1)-दीपावली पूजन में 11 कोड़ियां, 21 कमलगट्टा, 25 ग्राम पीली सरसों लक्ष्मीजी को चढ़ाएं (एक प्लेट में रखकर अर्पण करें)। अगले दिन तीनों चीजें लाल या पीले कपड़े में बांधकर तिजौरी में या जहां पैसा रखते हों वहां , रख दें।
(2)- दीपावली के दिन अशोक वृक्ष की जड़ का पूजन करने से घर में धन-संपत्ति की वृद्धि होती है
(3)- दीपावली के दिन पानी का नया घड़ा लाकर पानी भरकर रसोई में कपड़े से ढंककर रखने से घर में बरक्कत और खुशहाली बनी रहती है
(4)- धनतेरस के दिन हल्दी और चावल पीसकर उसके घोल से घर के मुख्य दरवाजे पर ऊँ बनाने से घर में लक्ष्मीजी (धन) का आगमन बना ही रहता है
(5)- नरक चतुर्दशी छोटी दीपावली को प्रात:काल अगर हाथी मिल जाए तो उसे गन्ना या मीठा जरूर खिलाने से अनिष्ठों, जटिल मुसीबतों से मुक्ति मिलती हह्य। अनहोनी से सदेव रक्षा होती है
(6)- दीपावली के पूजन के बाद शंख और डमरू बजाने से घर की दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मीजी का आगमन बना रहता है ।
(7)- दीपावली के दिन पति-पत्नी सुबह लक्ष्मी-नारायण विष्णु मंदिर जाएं और एक साथ लक्ष्मी-नारायणजी को वस्त्र अर्पण करने से कभी भी धन की कमी नहीं रहेगी। संतान दिन दूनी, रात चौगुनी तरक्की करेगी।
(8)- दीपावली के दिन इमली के पेड़ की छोटी टहनी लाकर अपनी तिजेरी या धन रखने के स्थान पर रखने से धन में दिनोंदिन वृद्धि होती है
(9)- दीपावली के दिन काली हल्दी को सिंदूर और धूप दीप से पूजन करने के बाद 2 चाँदी के सिक्कों के साथ लाल कपड़े में लपेटकर धन स्थान पर रखने से आर्थिक समस्याएं कभी नहीं रहतीं।
(10)- दीपावली के अगले दिन गाय के गोबर का दीपक बनाकर उसमें पुराने गुड़ की एक डेली और मीठा तेल डालकर दीपक जलाकर घर के मुख्य द्वार के बीचोंबीच रख दें। इससे घर में सुख-समृद्धि दिनों दिन बढ़ती रहेगी।
(11)- दीपावली के दिन मुक्तिधाम (श्मशानभूमि) में स्थित शिव मंदिर में जाकर दूध में शहर मिलाकर चढ़ाने से सट्टे और शेयर बाजार से धन अवश्य ही मिलता है
(12)- दीपावली के दिन नया झाड़ू खरीदकर लाएं। पूजा से पहले उससे पूजा स्थान की सफाई कर उसे छुपाकर एक तरफ रख दें। अगले दिन से उसका उपयोग करें, इससे दरिद्रता का नाश होगा और लक्ष्मीजी का आगमन बना रहेगा
(13)- दीपावली के दिन एक चाँदी की बाँसुरी राधा-कृष्णजी के मंदिर में चढ़ाने के बाद 43 दिन लगातार भगवान श्रीकृष्णजी के कोई भी मंत्र का जाप करें। गाय को चारा खिलाएं और संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। निश्चय ही भगवान श्रीकृष्णजी की कृपा से आपको संतान प्राप्ति अवश्य ही होगी।
(14)- दीपावली पर गणेश-लक्ष्मीजी की मूर्ति खरीदते समय यह अवश्य ही देखें कि गणेशजी की सूड़ गणेशजी की दांयी भुजा की ओर जरूर मुड़ी हो। इनकी पूजा दीपावली में करने से घर


में रिद्धि-सिद्धि धनसंपदा में बढ़ोत्तरी, संतान की प्रतिष्ठा दिनोंदिन बढ़ती है
(15)- भाईदूज के एक दिन एक मुट्ठी साबुत बासमती चावल बहते हुए पानी में महालक्ष्मीजी का स्मरण करते हुए छोड़ने से धन्य-धान्य में दिन-प्रतिदिन वृद्धि होती है
(16)- आंवले के फल में, गाय के गोबर में, शंख में, कमल में, सफेद वस्त्रों में लक्ष्मीजी का वास होता है इनका हमेशा ही प्रयोग करें। आंवला घर में या गल्ले में अवश्य ही रखें।
(17)- दीपावली के दिन हनुमान मंदिर में लाल पताका चढ़ाने से घर-परिवार की उन्नति के साथ ख्याति धन संपदा बढ़ाती है
(18)- नरक चतुर्दशी की संध्या के समय घर की पश्चिम दिशा में खुले स्थान में या घर के पश्चिम में 14 दीपक पूर्वजों के नाम से जलाएं, इससे पितृ दोषों का नाश होता है तथा पितरों के आशीर्वाद से धन-समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है

सोमवार, 5 नवंबर 2018

दिवाली 2018 7 नवंबर लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 17:57 से 19:53

  • दिवाली पर्व तिथि व मुहूर्त 2018

    दिवाली 2018
    7 नवंबर
    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 17:57 से 19:53
    प्रदोष काल- 17:27 से 20:06
    वृषभ काल- 17:57 से 19:53
    अमावस्या तिथि आरंभ- 22:27 (06 नवंबर)
    अमावस्या तिथि समाप्त- 21:31 (07 नवंबर)

     लक्ष्मी पूजन करना अति शुभफलदाई होगा और मनवांछित फलों की प्राप्ति होगी। घर में कुछ ऐसी तैयारियां हैं जो दीपावली से पूर्व की जाती हैं जिससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। आप भी शुभ दीवाली मनाना चाहते हैं तो यूं करें मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारी -

    - दीपावली की साफ-सफाई करते समय जल को व्यर्थ न बहाएं क्योंकि जल लक्ष्मी का रूप हाेता है इसलिए पानी काे गंदा करना या बेमतलब बहाना इसका सीधा अर्थ लक्ष्मी काे ठाेकर मारना है इसलिए जहां भी पानी टपकता देखें उसे यथासंभव बंद करवाएं आपकाे धन लाभ हाेगा।

    - दीपावली से कुछ दिन पूर्व घर की दहलीज में चांदी की तार अवश्य डलवाएं। यह आपकाे सफलता की आेर अग्रसर करेगी।

    - वास्तु सिद्धांत के अनुसार दीपावली पर अपने घर की 27 चीजाें का स्थान परिवर्तन अवश्य करें। इसका उद्देश्य आपके जीवन में आई हुई रूकावटाें काे दूर करना है आैर कमाल की बात है कि हमारे नक्षत्राें की गिनती भी 27 ही हाेती है। यदि आप घर के बर्तन काे उठाकर दूसरी जगह पर रखते हैे ताे उसे भी स्थान परिवर्तन ही माना जाता है। इस तरह 27 वस्तुआें का स्थानातरण करके अपने रूके हुए जीवन काे प्रगतिशील बनाया जा सकता है।

    - वास्तु के हिसाब से घर में कम से कम 3 दिन की सफाई जरूरी है एक दिन दीपावली से पहले, दीपावली के दिन तथा काली चाैदस यानि दीपावली के दूसरे दिन। सफाई करते समय सेंधा नमक पानी में डाल कर पोछा लगाएं तथा घर के प्रत्येक काेने में नमक मिले पानी से साफ-सफाई करें ताकि घर में आने वाली नकारात्मक ऊर्जा काे खत्म किया जा सकें।

    - घर के मुुख्य प्रवेश द्वार पर लाल रंग के सिंदूर से स्वास्तिक का चिन्ह आगे व पीछे दाेनाें तरफ बनाएं ताकि आने आैर जाने वाले दाेनाें काे गणेश भगवान जी का आशीर्वाद मिले। सुख एवं समृद्धि का प्रवेश हाे एवं दुख आैर दरिद्रता घर से बाहर प्रस्थान करें।

    - रंग-बिरंगी रंगाेली से घर को सजाने के लिए पहले ही रंग बना कर रख लें और उन्हें अच्छी धूप दिखाएं। रंगोली से मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए उनके चरणाें का स्वरूप इस तरह बनाएं कि वाे घर में आ रहे हाें।

    - आम के पत्ताें का बंधन बना कर मुख्य द्वार पर लगाएं।

    - घर के उत्तर तथा पूर्व की दिशा काे गंगा जल डालकर शुद्ध करें। गणेश जीे का श्री स्वरूप माता लक्ष्मी के दाहिनें तरफ रखें। दाेनाें स्वरूप बैठने की मुद्रा में हाेने चाहिए।

    - विद्युतीय प्रकाश (electronics lights) के स्थान पर प्राकृतिक राेशनी उपयाेग करें। यह वातावरण काे भी स्वच्छ रखेगी तथा कम खर्चे में आपके घर की शाेभा भी बढ़ाएगी। शास्त्रों में दीवाली के शुभ अवसर पर घी के दीए जलाने का वर्णन किया गया है। यदि आपकी सामर्थ्य न हो तो तेल के दीए जलाना भी लाभकारी एवं शुभ होता है। घर के बाहर तथा घर के भीतर चार काेनाें वाला दीया अवश्य जगाएं। राेशनी की ये चार लाै माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, कुबेर देवता एवं इन्द्र देवता का प्रतीक मानी गई है।

    - दीपावली के दिन पीपल का पेड़़ (घर काे छाेड़ कर कहीं आेर) लगाने से साै गाय दान करने के बराबर का पुण्य प्राप्त होता है तथा इससे वातावरण भी स्वच्छ हाेता है।

    उपर्युक्त लिखे वास्तु ज्याेतिष आधारित तरीकाें से दीपावली के इस पावन पर्व का स्वागत कीजिए तथा बड़े प्रेम एवं श्रद्धा भाव से इस पर्व काे सबके साथ मिल-बांट कर मनाएं। पुराने गिले-शिकवाें काे भूले आैर कुछ समय भगवान की पूजा-अर्चना एवं ध्यान में गुजारें। फिर देखिएगा कैसे आपका जीवन नई उमंगाें एवं खुशियाें से भर जाएगा आैर हाे जाएगा आपका सच्चा भाग्य-परिवर्तन।
    यह आपको कैसा लगा अबश्य बताएं और अपने परिचित बंधुओं ,मित्रों को शेयर करे

शुक्रवार, 2 नवंबर 2018

काली हल्‍दी के टोटके खाली नहीं जाते

काली हल्‍दी के टोटके खाली नहीं जाते
इस धरती पर प्रकृति ने जो कुछ भी उत्पन्न किया है, वह बेवजह नहीं है। बहुत सी वस्तुएं है, जिनके बारे में अज्ञान हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी ही दुर्लभ वस्तुओं में से एक काली हल्दी के बारे में बतायेंगे जिसे आप-अपने जीवन में उपयोग करके अनेक प्रकार की समस्याओं से निजात पाकर सुखद एंव समृद्धिदायक जीवन व्यतीत कर सकेंगे। खास बात यह है कि काली हल्‍दी से जुड़े टोटके जल्‍दी खाली नहीं जाते हैं।
हल्दी को मसाले के रूप में भारत में बहुत प्राचीन समय से उपयोग में लाया जा रहा है। पीली हल्दी को बहुत शुद्ध माना जाता है इसलिए इसका उपयोग पूजा में भी किया जाता है।। हल्दी की अनेक प्रजातियां हैं लेकिन पीली हल्दी के अलावा काली हल्दी से पूजा की जाती है तंत्र की दुनियां में काली हल्दी का प्रयोग विभिन्न तरह के टोटको में किया जाता है। काली हल्दी को धन व बुद्धि का कारक माना जाता है। काली हल्दी का सेवन तो नहीं किया जाता लेकिन इसे तंत्र के हिसाब से बहुत पूज्यनीय और उपयोगी माना जाती है। अनेक तरह के बुरे प्रभाव को कम करने का काम करती है। नीचे लिखे इसके कुछ उपायों को अपनाकर आप भी जिन्दगी से कई तरह के दुष्प्रभावों को मिटा सकते हैं।

काली हल्दी बड़े काम की है। वैसे तो काली हल्दी का मिल पाना थोड़ा मुश्किल है, किन्तु फिर भी यह पन्सारी की दुकानों में मिल जाती है। यह हल्दी काफी उपयोगी और लाभकारक है।

काली हल्दी से भी होता है वशीकरण
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- काली हल्दी के 7 से 9 दाने बनायें। उन्हे धागे में पिरोकर धुप, गूगल और लोबान से शोधन करने के बाद पहन लें। जो भी व्यक्ति इस तरह की माला पहनता है वह ग्रहों के दुष्प्रभावों से व टोने- टोटके व नजर के प्रभाव से सुरक्षित रहता है।

- गुरुपुष्य-योग में काली हल्दी को सिंदूर में रखकर धुप देने के बाद लाल कपड़े में लपेटकर एक दो सिक्को के साथ उसे बक्से में रख दें। इसके प्रभाव से धन की वृद्धि होने लगती है।

- काली हल्दी का चुर्ण दूध में डालकर चेहरे और शरीर पर लेप करने से त्वचा में निखार आ जाता है।

- यदि आप किसी भी नए कार्य के लिए जा रहे है तो काली हल्दी का टीका लगाकर जाएं। यह टीका वशीकरण का कार्य करता है। काली हल्दी को तंत्र के अनुसार वशीकरण के लिए जबरदस्त माना जाता है। यदि आप भी चाहते हैं कि आप किसी को वश में कर पाएं तो काली हल्दी का तिलक एक सरल तंत्रोक्त उपाय है।
1- यदि परिवार में कोई व्यक्ति निरन्तर अस्वस्थ्य रहता है, तो प्रथम गुरूवार को आटे के दो पेड़े बनाकर उसमें गीली चीने की दाल के साथ गुड़ और थोड़ी सी पिसी काली हल्दी को दबाकर रोगी व्यक्ति के उपर से 7 बार उतार कर गाय को खिला दें। यह उपाय लगातार 3 गुरूवार करने से आश्चर्यजनक लाभ मिलेगा।

2- यदि किसी व्यक्ति या बच्चे को नजर लग गयी है, तो काले कपड़े में हल्दी को बांधकर 7 बार उपर से उतार कर बहते हुये जल में प्रवाहित कर दें।


3- किसी की जन्मपत्रिका में गुरू और शनि पीडि़त है, तो वह जातक यह उपाय करें- शुक्लपक्ष के प्रथम गुरूवार से नियमित रूप से काली हल्दी पीसकर तिलक लगाने से ये दोनों ग्रह शुभ फल देने लगेंगे।

4- यदि किसी के पास धन आता तो बहुत किन्तु टिकता नहीं है, उन्हे यह उपाय अवश्य करना चाहिए। शुक्लपक्ष के प्रथम शुक्रवार को चांदी की डिब्बी में काली हल्दी, नागकेशर व सिन्दूर को साथ में रखकर मां लक्ष्मी के चरणों से स्पर्श करवा कर धन रखने के स्थान पर रख दें। यह उपाय करने से धन रूकने लगेगा।

5- यदि आपके व्यवसाय में निरन्तर गिरावट आ रही है, तो शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरूवार को पीले कपड़े में काली हल्दी, 11 अभिमंत्रित गोमती चक्र, चांदी का सिक्का व 11 अभिमंत्रित धनदायक कौड़ियां बांधकर 108 बार ऊँ नमो भगवते वासुदेव नमः का जाप कर धन रखने के स्थान पर रखने से व्यवसाय में प्रगतिशीलता आ जाती है।

6- यदि आपका व्यवसाय मशीनों से सम्बन्धित है, और आये दिन कोई मॅहगी मशीन आपकी खराब हो जाती है, तो आप काली हल्दी को पीसकर केशर व गंगा जल मिलाकर प्रथम बुधवार को उस मशीन पर स्वास्तिक बना दें। यह उपाय करने से मशीन जल्दी खराब नहीं होगी।

7- दीपावली के दिन पीले वस्त्रों में काली हल्दी के साथ एक चांदी का सिक्का रखकर धन रखने के स्थान पर रख देने से वर्ष भर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

8- यदि कोई व्यक्ति मिर्गी या पागलपन से पीडि़त हो तो किसी अच्छे मूहूर्त में काली हल्दी को कटोरी में रखकर लोबान की धूप दिखाकर शुद्ध करें। तत्पश्चात एक टुकड़ें में छेद कर धागे की मद्द से उसके गले में पहना दें और नियमित रूप से कटोरी की थोड़ी सी हल्दी का चूर्ण ताजे पानी से सेंवन कराते रहें। अवश्य लाभ मिलेगा।

कमल गट्टे से धन. कमलगट्टे की माला

कमल गट्टे से धन. कमलगट्टे की माला
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धन प्राप्ति के लिए किए जाने वाले तंत्र प्रयोगों में कई वस्तुओं का उपयोग किया जाता है, कमल गट्टा भी उन्हीं में से एक है। शत्रुजन्य कष्टों से बचाव हेतु मंत्र जप भी कमल गट्टे की माला से किया जाता है। लक्ष्मीजी के लिए मंत्रोच्चार द्वारा किये जाने वाले हवन में कमलगट्टे के बीजों से आहुति दी जाती है कमल गट्टा कमल के पौधे में से निकलते हैं व काले रंग के होते हैं। यह बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। मंत्र जप के लिए इसकी माला भी बनती है।मंत्र जप में जप माला देव शक्ति स्वरूप व जाग्रत मानी जाती है। जिसके लिए अलग-अलग मंत्र जप माला अलग-अलग देव कृपा के लिए प्रभावी मानी गई है। लक्ष्मी जी के मंत्रों एवं धनदायक मंत्रों के जप कमलगट्टे की माला से करते हैं।
ऐश्वर्य की देवी महालक्ष्मी की पूजा न केवल धनवान व समृद्ध बनाती है, बल्कि यश, प्रतिष्ठा के साथ शांति, पवित्रता, शक्ति व बुद्धि भी देने वाली मानी गई है।शुक्रवार को देवी लक्ष्मी की सुबह और शाम दोनों ही वक्त स्नान के बाद यथासंभव लाल वस्त्र पहन लाल पूजा सामग्रियों से पूजा करें। देवी की चांदी या किसी भी धातु की बनी प्रतिमा को दूध, दही, घी, शकर और शहद से बने पंचामृत व पवित्र जल से स्नान कराने के बाद लाल चंदन, कुंकुम, लाल अक्षत, कमल गुलाब या गुड़हल का फूल चढ़ाकर घर में बनी दूध की खीर का भोग लगाएं। पूजा के बाद नीचे लिखे लक्ष्मी मंत्रों में किसी भी एक या दोनों का लाल आसन पर कमलगट्टे की माला से कम से कम 108 बार जप करें-
ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं
ॐ ह्रीं श्रीं सौं:
श्रीं ह्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नम:
ॐ महालक्ष्म्यै नमः
- पूजा व मंत्र जप के बाद माता लक्ष्मी की आरती करें, प्रसाद ग्रहण करें व माता को चढ़ाया थोड़ा-सा कुंकुम कागज में बांध तिजोरी मे रखें।

उपाय
1- यदि रोज 108 कमल के बीजों से आहुति दें और ऐसा 21 दिन तक करें तो आने वाली कई पीढिय़ां सम्पन्न बनी रहती हैं।
2- यदि दुकान में कमल गट्टे की माला बिछा कर उसके ऊपर लक्ष्मी का चित्र स्थापित किया जाए व्यापार निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर होता है।
3- कमल गट्टे की माला लक्ष्मी के चित्र पर पहना कर किसी नदी या तालाब में विसर्जित करें तो उसके घर में निरंतर लक्ष्मी का आगमन बना रहता है।
4- जो व्यक्ति प्रत्येक बुधवार को 108 कमलगटटे के बीज लेकर घी के साथ एक-एक करके अग्नि में 108 आहुतियां देता है। उसके घर से दरिद्रता हमेशा के लिए चली जाती है।
5- जो व्यक्ति पूजा-पाठ के दौरान की माला अपने गले में धारण करता है उस पर लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहती है।
6- शुक्रवार, दीपावली, नवरात्रि या किसी देवी उपासना के विशेष दिन कमलगट्टे की माला से अलग-अलग रूपों में लक्ष्मी मंत्र जप देवी लक्ष्मी की कृपा से धन, ऐश्वर्य व यश पाने, कामनासिद्धि व मंत्र सिद्धि का अचूक उपाय माना गया है

धनतेरस के दिन अवश्य खरीदे पीतल के वर्तन

धनतेरस के दिन अवश्य खरीदे पीतल के वर्तन
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धनतेरस के दिन अवश्य खरीदे पीतल के वर्तनसुख.समृद्धि, यश और वैभव का पर्व धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर और मृत्यु के देवता सुर्यपुत्र यमराज की पूजा का बड़ा महत्व है, हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के त्रयोदशी तिथि को मनाए जाने वाले इस महापर्व के बारे में पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन देवताओं के वैद्य धनवंतरी ऋषि अमृत कलश सहित सागर मंथन से प्रकट हुए थे, जिस कारण इस दिन धनतेरस के साथ.साथ धनवंतरी जयंती भी मनाया जाता है। चूंकि पीतल भगवान धनवंतरी की धातु मानी जाती है, इसलिए इस दिन पीतल खरीदना भी शुभ माना जाता है,

नई चीजों के शुभ कदम के इस पर्व में मुख्य रूप से नए बर्तन या सोना.चांदी खरीदने की परंपरा है, आस्थावान भक्तों के अनुसार चूंकि जन्म के समय धनवंतरी के हाथों में अमृत का कलश था, इसलिए इस दिन बर्तन खरीदना अति शुभ होता है। इस दिन घरों को साफ़.सफाई, लीप.पोत कर स्वच्छ और पवित्र बनाया जाता है। शाम के समय रंगोली बना दीपक जलाकर धन और वैभव की देवी मां लक्ष्मी का आवाहन किया जाता है

कहा जाता है कि इसी दिन यमराज से राजा हिम के पुत्र की रक्षा उसकी पत्नी ने किया था। जिस कारण दीपावली से दो दिन पहले मनाए जाने वाले ऐश्वर्य का त्यौहार धनतेरस पर सांयकाल को यमदेव के निमित्त दीपदान किया जाता है, इस दिन को यमदीप दान भी कहा जाता है,

मान्यता है कि ऐसा करने से यमराज के कोप से सुरक्षा मिलती है और पूरा परिवार स्वस्थ रहता है

धनतेरस पूजा विधि और मुहूर्त


धनतेरस 2018 – धनतेरस पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

दिवाली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। दिवाली पर्व का आरंभ धनतेरस से होता है। पांच दिनों तक चलने वाले इस पर्व के पहले दिन धन तेरस मनाया जाता है। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही धन्वन्तरि का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि को धनतेरस के नाम से जाना जाता है। धन्वन्तरी जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथो में अमृत से भरा कलश था। भगवान धन्वन्तरी क्योकि कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए ही इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है।  साल 2018 में धनतरेस  5 नवंबर को है। धन तेरस के दिन धन के देवता कुबेर और मृत्यदेव यमराज की पूजा-अर्चना को विशेष महत्त्व दिया जाता है। इस दिन को धनवंतरि जयंती के नाम से भी जाना जाता है।


धनतेरस की पौराणिक कथा

यह तिथि विशेष रूप से व्यापारियों के लिए अति शुभ माना जाता है। महर्षि धन्वंतरि को स्वास्थ्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार सागर मंथन के समय महर्षि धन्वंतरि अमृत कलश लेकर अवतरित हुए थे। इसीलिए इस दिन बर्तन खरीदने की प्रथा प्रचलित हुई। यह भी माना जाता है कि धनतेरस के शुभावसर पर चल या अचल संपत्ति खरीदने से धन में तेरह गुणा वृद्धि होती है।
एक और कथा के अनुसार एक समय भगवान विष्णु द्वारा श्राप दिए जाने के कारण देवी लक्ष्मी को तेरह वर्षों तक एक किसान के घर पर रहना था। माँ लक्ष्मी के उस किसान के रहने से उसका घर धन-समाप्ति से भरपूर हो गया। तेरह वर्षों उपरान्त जब भगवान विष्णु माँ लक्ष्मी को लेने आए तो किसान ने माँ लक्ष्मी से वहीँ रुक जाने का आग्रह किया। इस पर देवी लक्ष्मी ने कहा किसान से कहा कि कल त्रयोदशी है और अगर वह साफ़-सफाई कर, दीप प्रज्वलित करके उनका आह्वान करेगा तो किसान को धन-वैभव की प्राप्ति होगी। जैसा माँ लक्ष्मी ने कहा, वैसा किसान ने किया और उसे धन-वैभव की प्राप्ति हुई। तब से ही धनतेरस के दिन लक्ष्मी पूजन की प्रथा प्रचलित हुई।


धनतेरस पूजा की विधि

धनतेरस की संध्या में यमदेव निमित्त दीपदान किया जाता है। फलस्वरूप उपासक और उसके परिवार को मृत्युदेव यमराज के कोप से सुरक्षा मिलती है। विशेषरूप से यदि गृहलक्ष्मी इस दिन दीपदान करें तो पूरा परिवार स्वस्थ रहता है।
बर्तन खरीदने की परंपरा को पूर्ण अवश्य किया जाना चाहिए। विशेषकर पीतल और चाँदी के बर्तन खरीदे क्योंकि पीतल महर्षि धन्वंतरी का अहम धातु है। इससे घर में आरोग्य, सौभाग्य और स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति होती है। व्यापारी इस विशेष दिन में नए बही-खाते खरीदते हैं जिनका पूजन वे दीवाली पर करते हैं।
धनतेरस के दिन चाँदी खरीदने की भी विशेष परंपरा है। चन्द्रमा का प्रतीक चाँदी मनुष्य को जीवन में शीतलता प्रदान करता है। चूंकि चाँदी कुबेर की धातु है, धनतेरस पर चाँदी खरीदने से घर में यश, कीर्ति, ऐश्वर्य और संपदा की वृद्धि होती है।
संध्या में घर मुख्य द्वार पर और आँगन में दीप प्रज्वलित किए जाते हैं और दीवाली का शुभारंभ होता है।


धनतेरस 2018 क्या है शुभ मुहूर्त



धन तेरस तिथि - 5 नवंबर 2018, सोमवार
धनतेरस पूजन मुर्हुत - 18:05 बजे से 20:01 बजे तक
प्रदोष काल - 17:29 से 20:07 बजे तक
वृषभ काल - 18:05 से 20:01 बजे तक
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ - 01:24 बजे, 5 नवंबर 2018
त्रयोदशी तिथि समाप्त - 23:46 बजे, 5 नवंबर 2018

धनतेरस कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी यानि तेरस के दिन मनाया जाने वाला बहुत ही खास त्यौहार है दरअसल इस दिन से ही दिवाली के त्यौहारों की शुरुआत होती है। भगवान धन्वंतरि को इस त्यौहार का देवता मानते हैं क्योंकि वह इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे जिसका पान कर देवता अमर हुए। लेकिन इस दिन धनादि देव कुबेर और समृद्धि प्रदान करने वाली माता लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है। माता लक्ष्मी की पूजा क्यों की जाती है इस बारे में एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है।

पौराणिक कथा

माता लक्ष्मी की विशेष पूजा तो वैसे दिवाली के दिन की जाती है लेकिन धनतेरस पर माता लक्ष्मी की पूजा करने के पिछे भी एक पौराणिक कथा प्रचलित है। कथा कुछ यूं है कि एक बार भगवान विष्णु मृत्युलोक यानि भूलोक में गमन करने के लिये निकल पड़े। माता लक्ष्मी ने भी निवेदन किया कि वह भी उनके साथ आना चाहती हैं। भगवान विष्णु उनके स्वभाव से परिचित थे इसलिये पहले ही उन्हें आगाह किया कि मैं आपको एक ही शर्त पर साथ लेकर चल सकता हूं। माता लक्ष्मी मन ही मन बहुत खुश हुई कि चलो सशर्त ही सही भगवन साथ ले जाने के लिये तो माने। माता फटाक से बोली मुझे सारी शर्तें मंजूर हैं। भगवान विष्णु ने कहा जो मैं कहूं जैसा मैं कहूं आपको वैसा ही करना होगा। माता बोली ठीक है आप जैसा कहेंगें मैं वैसा ही करूंगी। दोनों भू लोक पर आकर विचरण करने लगे। एक जगह रुककर श्री हरि ने माता से कहा कि मैं दक्षिण दिशा की तरफ जा रहा हूं। आपको यहीं पर मेरा इंतजार करना होगा। यह कहकर भगवान विष्णु दक्षिण दिशा की तरफ बढ़ गये। अब माता को जिज्ञासा हुई कि दक्षिण दिशा में ऐसा क्या है जो भगवान मुझे वहां नहीं ले जाना चाहते। माता का स्वभाव तो वैसे भी चंचल ही माना जाता है। उनसे वहां पर ज्यादा देर नहीं रुका गया और वे भगवान विष्णु की तरफ ही बढ़ने लगी। आगे जाकर माता को सरसों का खेत दिखाई देता है। उसकी सुंदरता ने माता का मन मोह लिया। वे फूलों को तोड़कर अपना श्रृंगार करने लगीं। इसके बाद वे कुछ ही दूर आगे बढ़ी थी कि गन्ने के खेत उन्हें दिखाई दिये। उन्हें गन्ना चूसने की इच्छा हुई तो गन्ने तोड़कर उन्हें चूसने लगीं ही थी कि भगवान विष्णु वापस आते हुए दिखाई दे जाते हैं। सरसों के फूलों से सजी माता लक्ष्मी को गन्ना चूसते हुए देखकर भगवान विष्णु उन पर क्रोधित हो गये। भगवान ने कहा कि आपने शर्त का उल्लंघन किया है। मैनें आपको वहां रूकने के लिये कहा था लेकिन आप नहीं रूकी और यहां किसान के खेतों से फूल व गन्ने तोड़कर आपने अपराध किया है। इसकी सजा आपको मिलेगी। भगवान विष्णु ने माता लक्ष्मी को 12 वर्ष तक किसान की सेवा करने का शाप दे दिया और स्वंय क्षीरसागर गमन कर गये।
अब विवश माता लक्ष्मी को किसान के घर रहना पड़ा। एक दिन माता लक्ष्मी ने किसान की पत्नी को देवी लक्ष्मी की प्रतिमा की पूजा करने की कही और कहा इससे तुम जो भी मांगोगी तुम्हें मिलेगा। कृषक की पत्नी ने वैसा ही किया। कुछ ही दिनों में उनका घर धन-धान्य से पूर्ण हो गया। हंसी खुशी समृद्धि में 12 साल का समय बीत गया। जब भगवान विष्णु माता लक्ष्मी को लेने के लिये आये तो किसान ने माता को न जाने देने का हठ किया। इस पर माता लक्ष्मी ने कहा कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की तेरस की दिन यदि वह विधिपूर्वक मेरी पूजा करे तो वह उसके घर से नहीं जायेंगी। लेकिन वह इस दौरान उन्हें दिखाई नहीं देंगी। वह एक कलश की स्थापना करे और उसमें कुछ धन रखे वह धन उन्हीं यानि लक्ष्मी का रूप ही होगा। इस प्रकार तेरस के दिन किसान ने माता के बताये अनुसार ही पूजा कर कलश स्थापना की और किसान का घर धन-धान्य से पूर्ण रहने लगा। तब से लेकर आज तक धनतेरस पर माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा भी चली आ रही है।
आप पर भी मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे आप सबको धनतेरस के त्यौहार की हार्दिक शुभकामनाएं

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