रविवार, 28 अक्तूबर 2018

करवाचौथ विशेष

*#करवाचौथ_विशेष* -

*#सर्वप्रथम मेरी सभी शादीशुदा महिला मित्रो को इस पर्व की अग्रिम बधाई, ईश्वर से कामना है कि आप सभी का व्रत आसान रहे और फलीभूत हो ।।*

करवा चौथ का पर्व भारत में उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में मुख्य रूप से मनाया जाता है। करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को किया जाता है। करवा चौथ स्त्रियों का सर्वाधिक प्रिय व्रत है। यों तो प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गणेश जी और चंद्रमा का व्रत किया जाता है। परंतु इनमें करवा चौथ का सर्वाधिक महत्त्व है। इस दिन सौभाग्यवती स्त्रियां अटल सुहाग, पति की दीर्घ आयु, स्वास्थ्य एवं मंगलकामना के लिए यह व्रत करती हैं। वामन पुराण में करवा चौथ व्रत का वर्णन आता है। 
दाम्पत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए एक दूसरे के प्रति सम्मान ,विश्वास और प्रेम का होना जरूरी है करवाचौथ एक माध्यम है इसे बढ़ाने का । इस व्रत से जहाँ  एक दूसरे के लिए विश्वास दिखाया जाता है वही स्वास्थ्य और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह त्योहार एक प्रभाव छोड़ता है -

*#करवाचौथ भी उन रीतियों में से एक है जिससे आप अपने शरीर को डिटॉक्स करते है और आने वाली ऋतु के लिए खुद को तैयार करते है आइये एक विश्लेषण करते है कैसे ,विश्लेषण पे पूर्व इस पोस्ट में हम कुछ शब्दो को समझ लेते है जिससे आगे आपको समझने में आसानी होगी* --

*#डीटॉक्सिफिकेशन -*

*#वर्कआउट ना करना, प्रॉपर* डाइट ना लेना वगैरह ऐसी कई वजहें हैं, जिनके चलते बॉडी में टॉक्सिंस जमा हो जाते हैं। हेल्दी रहने के लिए इनको फ्लश आउट करना जरूरी है।
जब भी बॉडी में हानिकारक पदार्थ इकट्ठे होते हैं, तब इसके काम करने की क्षमता कम हो जाती है। इससे दिमाग भी थका-थका रहता और पूरी तरह रीलैक्स नहीं हो पाता। बॉडी में टाक्सिंस के जमा होने से और भी कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। मसलन सेल्स में इनके जमा होने से इम्युनिटी सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिससे जुकाम, खांसी, छींकों के लगातार बने रहने की समस्या हो सकती है।

*#इससे_लाभ* -
डिटॉक्सिफिकेशन स्टैमिना को बढ़ाने का बेहतरीन तरीका है। इससे आप लाइट, फ्री और फ्रेश महसूस करेंगे। इससे होने वाले तमाम फायदों में स्किन व कॉम्प्लेक्शन का अच्छा होना, इम्युनिटी सिस्टम का स्ट्रॉन्ग होना, पाचन क्षमता का बढ़ना, स्टैमिना और एनर्जी लेवल बढ़ना, मेटाबॉलिज्म का इंप्रूव होना वगैरह शुमार हैं। डिटॉक्सिफिकेशन के दौरान दी जाने वाली डाइट से ये हानिकारक पदार्थ व वेस्ट मैटर बाहर निकल जाते हैं और पूरी बॉडी का सिस्टम क्लीन होता है।

*#ऋतु_संगम_महीने* -- 

*#देश में तीन ऋतुओं की* प्रधानता है। ये तीनों ही अपने चरम काल में ऋतु गुण धर्म के अनुसार अपना तेवर दिखाती हैं। ग्रीष्मकाल की गर्मी, वर्षाकाल की बरसात एवं ठंड काल की ठंडक अपने चरम रूप को प्राप्त कर नाना प्रकार के कहर ढाते हैं। सम्पूर्ण जीव-जगत इससे थर्रा उठता है। तीनों ऋतुओं की प्रखरता के चलते मौतें भी होती है। और जिन महीनों में ऋतुओं का मिलन होता है उसे ऋतु संगम महीने कहते है।
तीन ऋतु और उनकी तीन संधि बेलाएं नाना प्रकार की बीमारियां ज़रूर देती हैं।

*#इस ऋतु संधि बेला में मौसम* का रूप बदलता है। तापमान बदलता है। हवा की दिशा एवं नमी की मात्रा बदलती है। इस परिवर्तन को शरीर सहन नहीं कर पाता। शरीर के भीतर व बाहर भी कष्ट होता है। नसों व मांसपेशियों में ऐंठन होती है। उनमें व हड्डियों के जोड़ों में दर्द होता है।  मन व शरीर बेचैन हो जाता है। चित्त स्थिर नहीं रहता। मिचली आती है, अपच हो जाती है। दस्त या कब्ज़ भी हो सकता है। भूख में परिवर्तन होता है। नींद में परिवर्तन होता है। गले में खराश व सर्दी जुकाम हो जाता है। ये सब ऋतु संक्रमण या मौसम संधि काल की शारीरिक परेशानियां हैं, जिससे बच्चे व बुजुर्गों व खासकर महिलाओं को इस स्थिति का अधिकतर सामना करना पड़ता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधिक क्षमता कम होती है जो इस संधि बेला में और कम हो जाती है। अतएव इन्हें ऐसे संक्रमण समय में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

*#उपवास_से_लाभ - उपवास* वास्तव में  गत मौसम के दौरान शरीर के भीतर संचित टॉक्सिसिटी की सफाई के लिए ही होता है। उपवास से शरीर इस टॉक्सिक पदार्थ को शरीर से निकालने का उपक्रम करता है जिसके कारण शरीर से टॉक्सिक(गंदगी) साफ हो जाता है और शरीर अपने आपको नई ऋतु के अनुसार तैयार कर लेता है ।।

*#चाँद_का_प्रभाव -- चंद्रमा की* गुरुत्वाकर्षण क्षमता, इंसान के दिमाग, उसके मूड, स्वभाव और चरित्र को भी प्रभावित करता है। साथ ही यह हमारे स्वास्थ्य पर अपना प्रभाव डालता है।शोध में ऐसा देखा गया है कि मानव शरीर जो 70% तक पानी से बना है, उस पर चंद्रमा की रोशनी का प्रभाव बहुत ज्यादा होता है।पूर्णिमा की रात को मेलाटोनिन नामक हार्मोन का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है ,मेलाटोनिन एक ऐसा हार्मोन है जो सामान्य तौर पर रात के वक्त नियमित नींद के लिए शरीर में स्वतः स्रावित होता है। यह दिमाग की पिनियल ग्रंथि से स्रावित होता है। लेकिन जब हमारी दिनचर्या अनियमित होती है और दिमाग पर तनाव और अवसाद अधिक प्रभावी हो जाता है तब इस हार्मोन का स्राव कम हो जाता है। परिणामस्वरूप नींद हमसे दूर जाने लगती है। ऐसे में मेलाटोनिन के स्तर को बढ़ाने के लिए बाजार में मेलाटोनिन सप्लीमेंट मिलते हैं। इनके सेवन से नींद से जुड़ी अनियमितता को दूर किया जा सकता है।

करवाचौथ का व्रत इस मेलाटोनिन हार्मोन के स्तर को सामान्य करने में मदद करता है ।।

*#मेहंदी - आज आप सभी ने* मेहंदी तो लगवाई ही होगी मेहदी का लाभ भी आप सभी को पता ही होगा , पहले मेहंदी केमिकल नही होती थी बल्कि एक तरह से पौधों के पत्तो को पीस कर बनाई जाती थीं ।मेंहदी (Heena) की पत्तियों में टैनिन, वासोन, मैलिक एसिड, ग्लूकोज मैनिटोल, वसराल और म्यूसिलेज आदि तत्च पाए जाते हैं। मेंहदी (Heena – Mehndi) की पत्तियां रंजक द्रव्य के रूप में इस्तेमाल होती हैं।मेंहदी की ठंडी तासीर खून के विकार, उल्टी, कब्ज, कुष्ठ, बुखार, जलन, रक्तपित्त, पेशाब करने में कठिनाई जैसे शारीरिक विकारों को दूर करती है।हाई ब्लड प्रेशर से पीडि़त व्यक्ति के पैरों के तलवों और हथेलियों पर मेंहदी का लेप काफी आरामदायक है। शरीर की बढ़ी हुई गर्मी बाहर निकालने के लिए भी मेंहदी लगाई जाती है। मेंहदी (Heena – Mehndi) पेट की बीमारी में भी आरामदायक है। साथ ही मेंहदी में टीबी को दूर भगाने के गुण भी हैं। इसकी पत्तियों को पीसकर इस्तेमाल करने से टीबी से राहत मिलती है।

*#आभूषण - आभूषण ऊर्जा व* शक्ति भी प्रदान करते हैं। भारतीय समाज में स्त्रियों के लिए आभूषणों का ज़्यादा महत्‍व है,उनके लिए विशेष आभूषणों की परंपरा का चलन है। महिलाओं को सिर में सोना व पैरों में चांदी के गहने धारण कराये जाते हैं। ताकि स्‍वर्णाभूषणों से उत्‍पन्‍न हुई ऊर्जा पैरों में तथा चाँदी से उत्‍पन्‍न होने वाली ठंडक सिर में चली जाए। सर्दी, गर्मी को खींच लेती है इस तरह से सिर को ठंडा व पैरों को गर्म रखने के मूल्यवान चिकित्सकीय नियम का पूर्ण पालन हो जाता है।नाक व कान में सोने का आभूषण इसलिए पहना जाता है कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेब्स सदैव सिरों तथा किनारों की ओर से प्रवेश करती है, इसलिए मस्तिष्क के दोनों भागों को प्रभावशाली बनाने के लिए नाक व कान में स्‍वर्णाभूषण पहनना चाहिए। कान में स्‍वर्णाभूषण पहनने से मासिक धर्म की अनियमितता दूर होती है तथा हिस्टीरिया व हार्निया की रोकथाम होती है। नाक में स्‍वर्णाभूषण धारण करने से सर्दी-खांसी की रोकथाम होती है।पैरों में चाँदी के आभूषण धारण करने से साइटिका व मन के विकार दूर होते हैं तथा स्‍मरण शक्ति मजबूत होती है। पायल पहनने से पीठ, एड़ी व घुटनों के दर्द में लाभ के साथ ही हिस्टीरिया की रोकथाम होती है। रक्‍तविकार व मूत्र विकार दूर होते हैं तथा सांस का रोग नहीं होता।
प्रेसर पॉइंट tb20, tb21 tb23 के दवाब से मन शांत रहता है ।।

*#सिंदूर --  सिंदूर करवाचौथ का* अभिन्न अंग है इसका विशेष महत्व है , यदि मैं आपसे कहु की आप सिंदूर खा लो तो आप कभी नही मानोगे लेकिन यही सिंदूर आठ पूरियों की अठावरी में इस्तेमाल किया जाता है और आप इसे प्रसाद मान के खाते है क्या आपने कभी ध्यान दिया कि ऐसा क्यों है, ऐसा सिंदूर में उपस्थिति सुहागा(बोरेक्स )और पारा (मर्करी ) खिलाने के लिए है इसके कुछ खास फायदे है सुहागा ME पेट की जलन, बलगम, वायु तथा पित्त को नष्ट करता है, और धातुओं को द्रवित करता है।(डेटॉक्सिफिकेशन) ।वही पारा अपनी चमत्कारिक और हीलिंग प्रॉपर्टीज के लिए वैज्ञानिक तौर पर भी मशहूर है। दस्त ,चक्कर आना ,तंद्रा, सरदर्द ,भूख में कमी,आंतों कीडो का संक्रमण आदि का इससे निवारण होता है

*#चावल - इस व्रत में चावल का* इस्तेमाल होता है चावल का फायदा कुछ इस तरह है चावल विभिन्न प्रकार के विटामिन और मिनरल्स का खजाना है. इसमें नियासिन, विटामिन डी, कैल्श‍ियम, फाइबर, आयरन, थायमीन और राइबोफ्लेविन पर्याप्त मात्रा में होता है.चावल में सोडियम की मात्रा न के बराबर होती है. ऐसे में ये उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन की समस्या है.चावल में अच्छी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है जोकि शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है. इस ऊर्जा की जरूरत शरीर के हर भाग को होती है. मस्त‍िष्क इसी ऊर्जा से शरीर का संचालन करता है. चावल से प्राप्त ऊर्जा उपापचय की क्रिया को भी नियमित रखता है.

*#विशेष -*-
वक़्त के साथ परंपरा में संशोधन किया जाना चाहिये पर उसको तिरस्कृत नहीं करना चाहिये, आखिर यही परम्परा हमारे पूर्वजों की धरोहर है। भारतीय महिलाओं की आस्था, परंपरा, धार्मिकता, अपने पति के लिये प्यार, सम्मान, समर्पण, इस एक व्रत में सब कुछ निहित है। भारतीय पत्नी की सारी दुनिया, उसके पति से शुरू होती है उन्हीं पर समाप्त होती है। चाँद को इसीलिये इसका प्रतीक माना गया होगा क्योंकि चाँद भी धरती के कक्षा में जिस तन्मयता, प्यार समर्पण से वो धरती के इर्द गिर्द रहता है, भारतीय औरतें उसी प्रतीक को अपना लेती हैं। वैसे भी भारत, अपनी परंपराओं, प्रकृति प्रेम, अध्यात्मिकता, वृहद संस्कृति, उच्च विचार और धार्मिक पुरज़ोरता के आधार पर विश्व में अपने अलग पहचान बनाने में सक्षम है।

व्रत के दिन प्रातः स्नानादि करने के पश्चात् यह संकल्प बोलकर करवा चौथ व्रत का आरंभ करें-

मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।

और गौरी-गणेश और चित्रित करवा की परंपरानुसार पूजा करें। पति की दीर्घायु की कामना करें।

नमः शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभाम्‌। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे॥

*#फन_नोट -- बीबी शांत रहे* , खुस रहे , स्वस्थ रहे तो पतियों की उम्र वैसे ही बढ़ जाती है । खुस रहिए स्वस्थ रहिए ।। ईश्वर आप सभी के जीवन मे खुशियों के रंग भर दे ।।

*#शुभमस्तु*

शनिवार, 27 अक्तूबर 2018

कांग्रेस के इशारे पर आलोक वर्मा प्रधानमंत्री कार्यालय पर CBI का छापा मार कर नरेंद्र मोदी को बदनाम करने की साजिश में जुटे थे!

एक और सनसनीखेज खुलासे से दहली भारतीय राजनीति, कांग्रेस के इशारे पर आलोक वर्मा प्रधानमंत्री कार्यालय पर CBI का छापा मार कर नरेंद्र मोदी को बदनाम करने की साजिश में जुटे थे!

मोदी सरकार को गिराने के लिए एक और कोंग्रेसी साजिश का पर्दाफ़ाश हुआ है, जिसने भारतीय राजनीति में हड़कंप मचाया हुआ है. यहाँ ये भी साफ़ होता है कि कांग्रेस अपने अंत को देख कर किस कदर छटपटा रही है. सीबीआई में आंतरिक कलह और दो शीर्ष अधिकारियों के बीच आरोप प्रत्यारोप को लेकर सनसनीखेज खुलासा हुआ है.

👉 प्रधानमंत्री कार्यालय पर सीबीआई का छापा मार कर बड़ी साजिश में लगे थे आलोक वर्मा!

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को लेकर खुलासा हुआ है कि वो 10 जनपथ के इशारे पर काम कर रहे थे. और ना केवल काम कर रहे थे बल्कि मोदी सरकार को गिराने की कोंग्रेसी साजिश में भी शामिल थे.

खुलासे के मुताबिक़ कांग्रेस के इशारे पर आलोक वर्मा 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार को संकट में फंसाने की साजिश कर रहे थे. खबर है कि आलोक वर्मा प्रधानमंत्री कार्यालय पर सीबीआई का छापा मार कर पीएम नरेंद्र मोदी को बदनाम करने की साजिश में जुटे थे!

👉 अजीत डोवाल के बेटे शौर्य डोवाल का फोन टेप करवाया था!

रिपोर्ट के मुताबिक़ आलोक वर्मा सीबीआई में कांग्रेस के दलाल के रूप में काम कर रहे थे और अपने पद का दुरुपयोग कर सोनिया गांधी व् अन्य भ्रष्ट कोंग्रेसी नेताओं का कवच बने हुए थे. यही कारण है कि कोंग्रेसी नेताओं पर चल रहे भ्रष्टाचार के केसों को जानबूझ कर लटकाया जा रहा था.

इतना ही नहीं, आलोक वर्मा पर कांग्रेस के इशारे पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के बेटे शौर्य डोवाल का फोन टेप करने का आरोप भी है. रिपोर्ट के मुताबिक़ आलोक वर्मा व राकेश अस्थाना दोनों कांग्रेस के लिए काम कर रहे थे.

👉 चिदंबरम पूरे गैंग का सरगना!

आलोक वर्मा चिदंबरम गिरोह द्वारा संचालित थे, तो अस्थाना अहमद पटेल के संदेसरा ग्रुप से लाभ प्राप्त करने वालों में शामिल थे. कांग्रेस में अपने विरोधियों को ठिकाने लगाने का चिदंबरम का पुराना इतिहास रहा है.

यूपीए-2 में प्रणव मुखर्जी की जासूसी कराने में पहले ही उनका नाम सामने आ चुका है. उनका पूरा गिरोह है, जिसमे वकीलों से लेकर पुलिस व् सीबीआई अधिकारी, सरकारी अम्लों में बैठे बड़े आला अफसर से लेकर न्यायपालिका में बैठे कई जज तक शामिल बताये जा रहे हैं.

👉 अजित डोभाल के आने से कोंग्रेसी साजिशें नाकाम!

यही कारण है कि पीएम मोदी ने आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना, दोनों पर एक साथ सर्जिकल स्ट्राइक कर कांग्रेस के दोनों खेमे पर प्रहार किया है.

👉 सीबीआई की गोपनीय बातें व् फाइलें कोंग्रेसी नेताओं तक पहुँचता था आलोक वर्मा!

ये भी सामने आया है कि सीबीआई द्वारा कोंग्रेसियों के केसों की फाइलों में मौजूद गोपनीय जानकारियां कोर्ट से पहले चिदंबरम की मेज पर पहुंचा दी जाती थी. यहाँ तक कि राहुल गाँधी तक को सीबीआई की आंतरिक जानकारियां पहुंचाई जाती थीं, यही कारण है कि आलोक वर्मा मोदी को फंसाने के लिए राफेल के कागजात का जुगाड़ कर रहे थे और ये बात राहुल गाँधी को पहले से ही पता थी.

मगर बुद्धि के मामले में तंग राहुल गाँधी खुद ही ट्वीट करके फंस गए. राहुल ने ट्वीट करके कहा कि, “सीबीआई चीफ आलोक वर्मा राफेल घोटाले के कागजात इकट्ठा कर रहे थे. उन्हें जबरदस्ती छुट्टी पर भेज दिया गया. प्रधानमंत्री का मैसेज एकदम साफ है जो भी राफेल के इर्द गिर्द आएगा- हटा दिया जाएगा, मिटा दिया जाएगा”.

जिससे तुरंत राहुल पकडे गए कि एक वरिष्ठ सीबीआई अधिकारी क्या काम कर रहा था, इसकी जानकारी उनतक कैसे पहुंच गयी? यहाँ एक बार फिर से स्पष्ट हो गया कि आलोक वर्मा नाम का ये धूर्त सीबीआई अफसर दरअसल 10 जनपथ की कठपुतली था और राहुल गाँधी को गोपनीय सूचनाएं देकर इसने गोपनीयता का उल्लंघन भी किया!

राहुल गांधी के ट्वीट पर उन्हीं की पार्टी के पूर्व नेता शहजाद पूनावाला ने सवाल किया कि आखिर राहुल गांधी को कैसे पता कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा राफेल के दस्तावेज इकट्ठा कर रहे हैं? राहुल गांधी को निश्चित रूप से इस सवाल का खुलासा करना चाहिए.

👉 आलोक वर्मा के काले कारनामों पर एक नज़र!

अगस्ता वेस्टलैंड मामले में अभी तक चार्जशीट न दाखिल की गई हो या फिर उसी मामले में दुबई में गिरफ्तार मुख्य आरोपी मिशेल के प्रत्यर्पण के मामले को लटकाना रहा हो. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ एयरसेल-मैक्सिस घोटाला मामले में चार्जशीट न दाखिल करने की बात हो या उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई को सुस्त करना हो.

लालू प्रसाद यादव के आईआरसीटी (रेलवे होटल) घोटाला मामले में विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को जांच करने से रोकना हो या फिर बिकानेर जमीन घोटाले में राबर्ट वाड्रा की जांच रोकने का मामला हो. इन सारे मामलों में आलोक वर्मा पर सोनिया गांधी से लेकर उनके संबंधियों या उनके नजदीकी सहयोगियों को बचाने का आरोप है.

👉 अगस्ता वेस्टलैंड में अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं क्यों?

अगस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाला मामले में भ्रष्टाचार साबित होने के बाद भी आजतक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई. आरोप है कि इसके पीछे सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा का ही हाथ बताया जा रहा है.

ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि इस घोटाले में सीधे तौर पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम आया है. इतना ही नहीं इस घोटाले के मुख्य आरोपी (बिचौलिया) क्रिश्चियन मिशेल दुबई में गिरफ्तार किया गया.

सीबीआई और ईडी के संयुक्त प्रयास की वजह से दुबई की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण की भी मंजूरी दे दी थी. लेकिन अंत में उसका प्रत्यर्पण नहीं हो पाया. जबकि मिशेल ने भारतीय अधिकारियों के सामने स्पष्ट रूप से सोनिया गांधी का नाम लिया था. लेकिन अंत में उसका प्रत्यर्पण नहीं हो पाया. आरोप है कि कांग्रेस के दबाव के कारण ही आलोक वर्मा ने उनका प्रत्यर्पण नहीं होने दिया.

👉 एयरसेल मैक्सिस मामले में पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम के खिलाफ चार्जशीट नहीं

एयरसेल-मैक्सिस घोटाला मामले में भी अभी तक पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं होने के पीछे आलोक वर्मा का ही हाथ बताया जा रहा है. आरोप है कि आलोक वर्मा पी चिदंबरम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर कांग्रेस आलाकमान को नाराज नहीं करना चाहते थे.

जबकि ईडी और सीबीआई जांच के बाद यह करीब-करीब साबित हो चुका है कि पी चिदंबरम ने अपने बेटे को आर्थिक फायदा पहुंचाने के एबज में एयरसेल मैक्सिस कंपनी को अवैध तरीके 3,500 करोड़ रुपये के लिए एफआईपीबी की मंजूरी दी थी, जबकि यह काम आर्थिक मामले की कैबिनेट कमेटी का है.

लेकिन चिदंबरम ने उसकी सहमति के बगैर ही मंजूरी दे दी थी. इसके बाद भी अभी तक सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है.

👉 पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ कार्रवाई रोकने का आरोप

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर न केवल पी चिदंबरम को बचाने का आरोप लगाया गया है बल्कि उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ चल रही कार्रवाई को भी रोकने का आरोप है. मालूम हो कि कार्ति चिदंबरम से आईएनएक्स मीडिया मामले में ईडी ने कई बार पूछताछ की है.

ईडी के प्रयास से उसकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है, लेकिन सीबीआई ने उसके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. कार्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने के लिए आलोक वर्मा को ही जिम्मेदारा माना जाता है.

👉 आईआरटीसी घोटाले में लालू प्रसाद यादव को बचाने का आरोप

यथावत के संपादक राम बहादुर राय ने अपने आलेख में एक जगह है लिखा है कि अगर लालू प्रसाद यादव रेलवे मंत्री नहीं बनाए गए होते तो उन्होंने अपने परिवार के लिए जो संपत्ति अर्जित की ही है वह नहीं कर पाते.

ऐसे भ्रष्टाचारी को बचाने का आरोप आलोक वर्मा पर है. आरोप है कि जब विशेष निदेशक राकेश अस्थाना आईआरटीसी घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव की जांच कर रहे थे तो आलोक वर्मा ने उन्हें लालू प्रसाद यादव की जांच करने से रोक दिया था.

कांग्रेस तो कांग्रस उसके नजदीकी सहयोगियों को भी बचाने का आरोप आलोक वर्मा पर लगता रहा है. दरअसल कहा जा रहा है कि ये एक इतना धूर्त और मक्कार किस्म का अधिकारी था, जो एक नंबर का बिकाऊ और मौकापरस्त था. पैसों व् निजी फायदे की खातिर ये कांग्रेस समेत अन्य दलों के भ्रष्टाचारी नेताओं को भी बचाता आ रहा था.

👉 बिकानेर जमीन घोटाला मामले में राबर्ट वाड्रा के खिलाफ आगे नहीं बढ़ने दी जांच

बलात छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को भी बचाने का आरोप लगाया गया है. आरोप है कि बिकानेर में एक जमीन घोटाले में रॉबर्ट वाड्रा का नाम आया था. इस मामले की जांच सीबीआई को करनी थी, लेकिन आलोक वर्मा ने उस जांच को आगे ही नहीं बढ़ने दिया.

आरोप है कि कि आलोक वर्मा ने ही दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ जांच को रोक दिया था. आलोक वर्मा द्वारा जांच रोके जाने के कारण आज तक उसके खिलाफ जांच पूरी नहीं हो पाई है.

👉 वामपंथी वकील प्रशांत भूषण की सहायता!

इतना ही नहीं आलोक वर्मा कांग्रेस और विरोधी पार्टियों के लिए एक केंद्र बन गए थे. वे हमेशा से प्रशांत भूषण के संपर्क में रहे हैं. आरोप तो यह भी है कि आलोक वर्मा के कहने पर ही प्रशांत भूषण ने राकेश अस्थाना के खिलाफ जनहित याचिका दायर कर उनकी सीबीआई के विशेष निदेशक के पद पर हुई नियुक्ति को लेकर सवाल उठाया था.

इसके अलावा ये भी आरोप हैं कि आलोक वर्मा द्वारा लीक किये गए दस्तावेजों के आधार पर ही प्रशांत भूषण ने अस्थाना के खिलाफ स्टर्लिंग बायोटेक मामले से लेकर मोईन कुरैशी से संबंध के मामले को उछाला था.

👉 अरुण शौरी तथा यशवंत सिन्हा भी साजिश में शामिल!

साथ ही ये बात भी सामने आयी है कि पीएम मोदी के खिलाफ बीजेपी के मौकापरस्त नेताओं अरुण शौरी तथा यशवंत सिन्हा व् वामपंथी वकील प्रशांत भूषन के साथ मिलकर ये धूर्त सीबीआई अधिकारी आलोक वर्मा रफाल डील मामले में साजिश रच रहा था.

इस तिकड़ी ने सीबीआई को लिखी 132 पेज की चिट्ठी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील मामले में इनलोगों की मंशा पर पानी फेर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील की प्रक्रिया पर सुनवाई की बात करते हुए इन लोगों की साजिश का बेड़ा गर्क कर दिया.

👉 कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के समर्थन से सीबीआई में वापसी के जुगाड़ में लगा आलोक वर्मा!

सुप्रीम कोर्ट से लात पड़ने के बाद ही इन लोगों ने आलोक वर्मा के माध्यम से सीबीआई के बहाने इस मसले को उठाने की योजना बनाई. आरोप है कि आलोक वर्मा कांग्रेस और विरोधी पार्टियों के मुखौटा भर रह गए थे. वे मोदी सरकार को 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले गहरे संकट में डालना चाहते थे, ताकि कांग्रेस को राजनीतिक रूप से भी लाभ मिल सके.

छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा अभी भी चुप नहीं बैठे हैं. वह अभी भी अपना पत्ता चल रहे हैं. खबर आ रही है कि ये भ्रष्ट व् मक्कार अफसर अब कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के समर्थन से दोबारा अपना ओहदा पाने के फिराक में है. दरअसल वे पीएमओ (भास्कर खुलबे और पीके मिश्रा) से टकराने का मन बना चुके हैं. जिस प्रकार दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (राजेंद्र कुमार) पर रेड डाला गया था. उनकी योजना पीएमओ में रेड डालने की थी.

कुल मिलाकर पीएम मोदी के खिलाफ षड्यंत्र किये जा रहे हैं. किसी तरह से उन्हें बदनाम कर दिया जाए या फिर उनकी ह्त्या करवा दी जाए ताकि कांग्रेस सत्ता में वापसी कर सके क्योकि कांग्रेस राज में भ्रष्टाचार व् लूट करना ऐसे अधिकारियों के लिए भी आसान रहता है.

Courtesy : DDBharat

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