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शनिवार, 2 मई 2026
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सोमवार, 27 अप्रैल 2026
रेगिस्तान का मेवा पीलू फल - राजस्थान की गर्मी का असली टॉनिक
जाल या पीलू का पेड़ भारत में बिहार, राजस्थान, कर्नाटक, सिंध आदि शुष्क प्रदेशों में पाया जाता है। राजस्थान का थार मरुस्थल, जहाँ पर सुदूर रेतीले धोरों में वनस्पति बहुत कम मात्रा में पायी जाती हैं वहां पर भी जाल का पेड़ खूब फलता-फूलता है | यह रेगिस्तानी और मैदानी भागों से लेकर 500 मीटर की ऊँचाई वाले इलाकों तक भी पाया जाता है। जाळ का वृक्ष घना और छायादार होता है, और लगभग 4 से 5 मीटर ऊंचाई तक बढ़ जाता है | इसकी टहनियां पोली और कमजोर होती हैं |
पीलू या जाळ का पेड़ (salvadora olcoides)
राजस्थान की गर्मी का असली टॉनिक
गांव में बुजुर्ग कहते हैं - "पिलू खाया, लू नहीं सताया"
पिलू / जाल का फल - रेगिस्तान का मेवा
1. क्या है पिलू?
पेड़: जाल या पीलू का पेड़, Salvadora persica -
फल: छोटे-छोटे अंगूर जैसे गुच्छे में लगते हैं -
सूखने के बाद: कोकड़ कहते हैं -
इलाका: जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर - थार का रेगिस्तान
2. ताकत और फायदे -
ठंडा तासीर: गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखता है। लू नहीं लगने देता। -
पेट के लिए रामबाण: कब्ज, एसिडिटी, गर्मी के दस्त में फायदा। -
ताकतवर: आयरन, कैल्शियम, मिनरल से भरपूर। कमजोरी दूर करता है। -
दांतों के लिए: जाल की दातून तो दुनिया भर में मशहूर है - Miswak
3. खाने का तरीका - ✅ मई-जून में मिलता है - गर्मी चरम पर हो तब
✅ 10-20 दाने एक साथ खाओ - एक-एक से मुंह में छाले पड़ जाते हैं
✅ बीज बाहर थूकना पड़ता है - बीज कड़वा होता है, सिर्फ गूदा खाओ
✅ बहुत मुश्किल से मिलता है - अब जाल के पेड़ कम हो गए
लू के प्रभाव को कम करने के लिए पीलू फल एक रामबाण औषधि मानी जाती है. इसे खाने से शरीर में न केवल पानी की कमी पूरी हो जाती है बल्कि लू भी नहीं लगती है
पोखरण के जंगलो में ये फल सिर्फ 1 महीने के लिए होते है और ज्यादा आंधी और बारिश से ये फल झड़ जाते हैं. इनका बाजार में मिलना दुर्लभ होता है, इसलिए इनकी कीमत 300-500 रुपये प्रति किलो तक होती है.
जाल के पत्तों और फल के आकार के अनुसार ये दो प्रकार के होते है, जिन्हें खारी जाल और मीठी जाल के नाम से जाना जाता हैं
खारी जाल के पत्ते लगभग एक इंच लम्बे और आधा इंच चौड़े होते हैं, और फल छोटे और गहरे चमकदार रंग के होते है, वहीँ मीठी जाल के पत्ते एक से डेढ़ इंच लम्बे और 5 से 10 मिमी चौड़े होते हैं और फल खारी जाल के फल की अपेक्षाकृत थोड़े बड़े और भूरे मटमैले और हलके पीले रंग के होते हैं | 
मीठी जाल के पत्ते और फल
खारी जाल के पत्ते और फल
जाल के फलों को पीलू कहा जाता है | भीषण गर्मी के मौसम में जब थार के तपते धोरे लू के थपेड़ो से आम जन को त्रस्त कर रहे होते है, तब उस भीषण गर्मी में जाल के ये स्वादिष्ट फल शीतलता प्रदान करते हैं |जाल के ये पीलू अंगूर की तरह रसभरे होते है, जिनके गुदा के बीच में एक बीज होता हैं | इनके फलों या पीलू के सुखा कर भी स्टोर किया जाता है, जो बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं |
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| रसभरे पीलू जाल का विभिन्न भाषाई नाम |
- Hindi – पीलू, छोटा पीलू, खरजाल
- English – मेसवाक (Meswak), साल्ट बुश ट्री (Salt bush tree), मस्टर्ड ट्री (Mustard tree), Tooth brush tree (टूथ ब्रश ट्री)
- Sanskrit – पीलू , पीलू, गुडफल्, स्रीं, शीतफल, गौली, शीत, सहस्राक्षी, शीतसह, श्याम, करभवल्लभ, पीलूक
- Oriya – कोटुङ्गो (Kotungo), टोबोटो (Toboto)
- Urdu – पीलू (Pilu)
- Kannada – गोनी मारा (Goni mara), गोनी (Goni)
- Gujarati – पीलू (Pilu), खरि जाल (Khari jal)
- Tamil – पेरुन्गोलि (Perungoli), कलावी (Kalavi)
- Telugu – गोगु (Gogu), गुनिया (Gunia)
- Bengali – पीलूगाछ (Pilugach), पीलू (Pilu)
- Nepali – पिलु (Pilu)
- Punjabi – पीलू (Pilu), झाल (Jhal)
- Marathi – पीलू (Pilu), खाकिन (Khakin)
- Malayalam – उका (Uka)
- Arabic – अराक (Arak), मिसवाक (Miswaq)
- Persian – दरख्ते मिसवाक (Darkhate miswak)
आयुर्वेदिक जानकार ये बताते हैं कि पीलू एक बहुत ही गुणी औषधि है और पीलू का प्रयोग कर कई रोगों को ठीक किया जा सकता है. पेट के रोग, पथरी, बवासीर और तिल्ली विकार में पीलू का उपयोग कर लाभ पाया जा सकता है. इसी तरह वात्त, पित्त और कफ दोष तथा सिर दर्द आदि में भी पीलू का प्रयोग लाभदायक होता है.
- निशोथ, पीलू, अजवायन, कांजी आदि अम्ल द्रव्य तथा चित्रकादि पाचन द्रव्यों को मिलाकर सेवन करें। इससे पेट दर्द और आंतों के रोग में लाभ होता है।
- पीलू के पेस्ट से पकाए हुए घी का सेवन करने से पेट के फूलने की समस्या में लाभ (peelu ke fayde) होता है।
- भुने हुए पीलू फल (pilu fruit) को सेंधा नमक के साथ खाएं और साथ में गोमूत्र, दूध या अंगूर का रस पीने से पेट की बीमारी जैसे – पैट की गैस की समस्या (Meswak tree benefits) ठीक होती है।
- रोज सुबह 7 दिन से एक माह तक पीलू को अकेले या छाछ के साथ सेवन करें। इससे बवासीर, पेट की गैस, पाचन विकार, गुदा विकार आदि में लाभ (peelu ke fayde) मिलता है।
- सहिजन बीज, जड़ी बीज, कनेर पत्ते, पीलू वृक्ष की जड़, बेलगिरी तथा हींग को थूहर के दूध के साथ पीस लें। इसे बवासीर के मस्सों पर लेप करने से लाभ होता है।
- पीलू के तेल में बत्ती भिगोकर गुदा में रखने से बवासीर में लाभ होता है।
गुरुवार, 23 अप्रैल 2026
भगवान करे आपके माता-पिता कभी उस हालत में न आएं।
एक जेरियाट्रिशियन (वृद्धावस्था विशेषज्ञ) के दिल से निकले शब्द:
बुढ़ापे में, अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक बिस्तर पर पड़ा रहता है और उसके बच्चे सिर्फ यह कहते हैं, “आराम से करो” (Take it slow), तो अक्सर यही सबसे खतरनाक स्थिति की शुरुआत होती है।
“एक बुज़ुर्ग के लिए लेटना आसान है, लेकिन उठना बहुत मुश्किल। कई बार बीमारी नहीं मारती, बल्कि बिस्तर मार देता है।”
27 साल के अनुभव वाले एक जेरियाट्रिक्स विभाग के निदेशक की सच्ची कहानी:
मेरा नाम सोंग युआनमिंग है, मेरी उम्र 54 साल है।
मैंने प्रांतीय राजधानी के एक शीर्ष अस्पताल में 27 वर्षों तक जेरियाट्रिक्स विभाग में काम किया है।
मैंने 16,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया है और 2,400 से अधिक गंभीर स्थिति के नोटिस लिखे हैं।
आज मैं कोई मेडिकल भाषा नहीं इस्तेमाल करूंगा, सिर्फ तीन सच्ची कहानियाँ बताऊंगा, जो मैंने खुद देखी हैं।
हर एक कहानी आपके माता-पिता के लिए बहुत मायने रखती है।
पहली कहानी (2019 की शरद ऋतु)
मरीज: 81 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक, श्रीमान सन
उन्हें जांघ की हड्डी (फेमोरल नेक) में फ्रैक्चर था।
सर्जरी सफल रही। तीसरे दिन डॉक्टर ने कहा कि उन्हें वॉकर के सहारे चलने की कोशिश करनी चाहिए।
लेकिन उनके बेटे ने मना कर दिया:
“पापा इतने बूढ़े हैं, अभी सर्जरी हुई है। अगर फिर गिर गए तो? आराम से करो, उन्हें आराम करने दो।”
मैंने यह “आराम से करो” कम से कम 500 बार सुना है।
हर बार यह सुनकर मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
क्योंकि 80 साल से ऊपर के लोगों के लिए ये तीन शब्द अक्सर एक खाई की ओर इशारा करते हैं।
श्रीमान सन ने बेटे की बात मानी और आराम करने लगे।
- 7वें दिन: खांसी शुरू
- 12वें दिन: 38.7°C बुखार, CT में फेफड़ों में हाइपोस्टैटिक निमोनिया
- 18वें दिन: ICU में भर्ती
- 23वें दिन: मृत्यु
मौत का कारण न फ्रैक्चर था, न सर्जरी की जटिलता—
बल्कि बिस्तर पर पड़े रहने से हुआ निमोनिया।
हड्डी ठीक हो गई थी, लेकिन फेफड़े बिस्तर ने खराब कर दिए।
दूसरी कहानी (जनवरी 2021)
मरीज: 78 वर्षीय स्ट्रोक (लकवा) के मरीज, श्रीमान ली
10 दिन बाद हालत स्थिर हो गई।
मैंने उनकी बेटी से कहा:
“सबसे जरूरी है—रीहैबिलिटेशन। जितनी जल्दी शुरू करें उतना अच्छा।
उन्हें दिन में कम से कम दो बार बैठाना है, हर बार 30 मिनट।
अगर हो सके तो खड़ा करें, चलाएं।”
बेटी बहुत सेवा भाव वाली थी। उसने 24 घंटे की देखभाल के लिए केयरटेकर रख लिया।
सब कुछ परफेक्ट था—खाना, नहलाना, डायपर बदलना…
लेकिन एक चीज नहीं हुई—उन्हें हिलाया नहीं गया।
उसे डर था—थक जाएंगे, दर्द होगा, गिर जाएंगे।
हर बार जब केयरटेकर बैठाने की कोशिश करता, वह कहती:
“जबरदस्ती मत करो, आराम करने दो।”
तीन महीने बाद—
उनका दूसरा पैर भी बेकार हो गया।
यह दूसरा स्ट्रोक नहीं था—
यह मसल एट्रॉफी (मांसपेशियों का गलना) था।
- लंबे समय तक लेटे रहने से हर हफ्ते 1.5%–3% मांसपेशियां खत्म होती हैं
- 3 महीने में लगभग 40% मांसपेशियां खत्म
नतीजा:
आधा लकवा → पूरा लकवा
“अभी भी खड़े हो सकते हैं” → “अब कभी नहीं खड़े हो पाएंगे”
वे 14 महीने और जीवित रहे।
इस दौरान उन्हें 3 बेडसोर (घाव) हुए।
सबसे बड़ा घाव इतना गहरा था कि हड्डी दिख रही थी।
ड्रेसिंग करते समय वे तौलिया काटते थे, और आंखों से आंसू बहते थे।
हर बार बेटी रोती और कहती—
“पापा, आराम से करो।”
यह “आराम से करो”—
सबसे नरम लेकिन सबसे क्रूर व्यवहार है।
तीसरी कहानी (2023)
मरीज: 83 वर्षीय श्रीमान झाओ (हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी)
उनका बेटा इंजीनियर था—तार्किक सोच वाला।
सर्जरी के अगले दिन वह मेरे पास नोटबुक लेकर आया:
“डॉक्टर, कृपया रोज का रीहैब प्लान बना दीजिए।”
मैंने 7 दिन का प्लान बनाया:
- दिन 1: एंकल एक्सरसाइज, हर घंटे 20 बार
- दिन 2: पैर उठाना, 10 बार × 4 सेट
- दिन 3: वॉकर के साथ खड़ा होना (2 मिनट × 3 बार)
- दिन 5: 10 कदम चलना (4 बार)
- दिन 7: 8 मीटर चलना
क्या उन्हें दर्द हुआ?
हाँ।
तीसरे दिन जब वह खड़े हुए, उनके माथे पर पसीना और होंठ सफेद थे।
बेटे ने न कहा “आराम करो”, न कहा “रुक जाओ।”
उसने कहा:
“पापा, सिर्फ 30 सेकंड खड़े रहो। मैं टाइम कर रहा हूँ।”
30 सेकंड।
उन्होंने दांत भींचकर पूरा किया।
वही 30 सेकंड सबसे असरदार दवा थे।
14वें दिन—
वह खुद चलकर वार्ड से बाहर आए।
धीरे-धीरे, लेकिन अपने पैरों पर।
वह उस साल के 184 मरीजों में सबसे बेहतर रिकवर हुए।
27 साल का अनुभव — 5 सच्चाई
-
2 हफ्ते से ज्यादा बिस्तर = तेज मांसपेशी नुकसान
लेटना आराम नहीं, विनाश है। -
पहले 72 घंटे = गोल्डन पीरियड
इस समय में चलना शुरू हुआ या नहीं—यही तय करता है भविष्य। -
तीन खतरनाक चीजें:
- निमोनिया
- ब्लड क्लॉट
- बेडसोर
ये बीमारी से ज्यादा जान लेते हैं।
-
गलत सेवा भाव (Filial piety)
सब कुछ खुद करना = उन्हें अपाहिज बनाना। -
सच्ची सेवा = उन्हें खड़ा करना
चाहे “कठोर” क्यों न बनना पड़े।
अंतिम संदेश
मुझसे पूछा गया—आपको सबसे ज्यादा किस बात का डर लगता है?
मैंने कहा—
मुझे गंभीर बीमारी से डर नहीं लगता।
मुझे डर लगता है जब कोई कहता है—
“आराम से करो।”
क्योंकि इसका मतलब होता है—उन्होंने कोशिश छोड़ दी है।
*मैंने अपने परिवार से कह दिया है:
“अगर मैं कभी बिस्तर पर पड़ा रहूं—
मुझे ‘आराम से करो’ मत कहना।”
“मुझे उठाओ, चलाओ, टाइमर लगाओ—
और कहो: पापा, बस 30 सेकंड और!”
आप सबके लिए
भगवान करे आपके माता-पिता कभी उस हालत में न आएं।
लेकिन अगर आएं—
तो याद रखना:
❌ “आराम से करो” मत कहना
✅ “मैं आपको खड़ा होने में मदद करूंगा” कहना
वो 30 सेकंड—
उनकी पूरी जिंदगी बदल सकते हैं।
क्योंकि खुद चलकर टॉयलेट जाना—
बुढ़ापे की सबसे कीमती आज़ादी है।
इसे बचाइए। अभी से।
सोमवार, 20 अप्रैल 2026
लेंसकार्ट कवर-अप: हिंदू घृणा की कॉर्पोरेट कहानी
भुलक्कड़ हिन्दू ईद मनाएगा, मत्स्य जयंती भूल जाएगा।
शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026
पड़ोसी विहीन हो रहे हैं। आप वीरान हो रहे हैं।आज गांव सूने हो चुके हैं शहर कराह रहे हैं |
सोमवार, 13 अप्रैल 2026
CCTV Security Risk in India: क्या आपके घर का कैमरा बन सकता है “दुश्मन की आंख”?
भारत में CCTV कैमरों से जुड़ा बड़ा खतरा! जानिए कैसे आपका CCTV कैमरा हैक होकर आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है और कैसे करें बचाव।
सावधान! आपके घर का CCTV बन सकता है “दुश्मन की आंख”
📌 डिजिटल युग की नई सच्चाई
आज हर घर, दुकान और ऑफिस में CCTV कैमरा लगाना आम हो गया है।
हम इसे सुरक्षा का सबसे मजबूत साधन मानते हैं…
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है —
👉 यही कैमरा आपकी जासूसी का माध्यम भी बन सकता है?
🔍 असली खतरा क्या है?
आजकल ज्यादातर CCTV कैमरे:
- इंटरनेट से जुड़े होते हैं (IP Camera)
- मोबाइल से लाइव देखे जा सकते हैं
- क्लाउड पर डेटा स्टोर करते हैं
👉 यही सुविधा उन्हें हैकिंग के लिए आसान लक्ष्य बना देती है।
⚠️ कैसे होता है CCTV का दुरुपयोग?
1. 🔓 Unauthorized Access
- डिफॉल्ट पासवर्ड रहने पर
- कोई भी व्यक्ति आपका कैमरा एक्सेस कर सकता है
2. ☁️ Data Leak
- वीडियो क्लाउड सर्वर पर जाता है
- कमजोर सुरक्षा होने पर डेटा चोरी हो सकता है
3. 🔄 Malware Attack
-
नकली अपडेट के जरिए कैमरा कंट्रोल हो सकता है
🏠 क्या आपका घर सुरक्षित है?
👉 एक अनुमान के अनुसार:
- 70% से ज्यादा CCTV यूजर्स बेसिक सिक्योरिटी नहीं अपनाते
-
ज्यादातर लोग:
- पासवर्ड नहीं बदलते
- अपडेट नहीं करते
📌 इसका मतलब:
आपका घर, परिवार और प्राइवेसी खतरे में हो सकते हैं
🌍 राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर
यह केवल घर तक सीमित नहीं है:
- रेलवे स्टेशन
- ट्रैफिक सिस्टम
- सरकारी कार्यालय
👉 अगर ये कैमरे असुरक्षित हैं, तो
देश की रणनीतिक जानकारी लीक हो सकती है
📜 सरकार के कदम
भारत सरकार:
- CCTV सुरक्षा ऑडिट की तैयारी में है
- कुछ विदेशी उपकरणों पर नियंत्रण कर रही है
- डेटा सिक्योरिटी को लेकर नियम बना रही है
🛡️ कैसे करें बचाव? (MOST IMPORTANT)
✅ जरूरी सुरक्षा उपाय
✔ मजबूत पासवर्ड रखें
✔ नियमित Software Update करें
✔ Trusted Brand ही खरीदें
✔ Camera को Secure Network से जोड़ें
✔ Local Storage (DVR/NVR) का उपयोग करें
❌ ये गलती कभी न करें
❌ Default Password न रखें
❌ सस्ते unknown brand से बचें
❌ Public WiFi पर कैमरा एक्सेस न करें
🕉️ SANWARIYAA संदेश
“सुरक्षा केवल उपकरण से नहीं, जागरूकता से आती है।”
हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं,
👉 समाज को जागरूक बनाना है
✍️ निष्कर्ष
CCTV कैमरा आपकी सुरक्षा का साधन है,
लेकिन यदि सही तरीके से उपयोग न किया जाए तो यह
👉 “दुश्मन की आंख” भी बन सकता है
🕉️ SANWARIYAA संदेश
“सुरक्षा केवल उपकरण से नहीं, जागरूकता से आती है।”
हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं,
👉 समाज को जागरूक बनाना है
✍️ निष्कर्ष
CCTV कैमरा आपकी सुरक्षा का साधन है,
लेकिन यदि सही तरीके से उपयोग न किया जाए तो यह
👉 “दुश्मन की आंख” भी बन सकता है
📢
👉 इस जानकारी को अपने परिवार और मित्रों के साथ शेयर करें
👉 डिजिटल सुरक्षा को गंभीरता से लें
शनिवार, 11 अप्रैल 2026
11 छोटे धंधे जो बिना पैसा के शुरू होते हैं,और महीने का लाखों का खेल
मैं वही आदमी हूँ जो सीधी बात करता है
न घुमाता है, न चमकाता है
आज फिर वही सच बताऊंगा जो लोग अंदर सोचते हैं, पर बोलते नहीं
काम हर गली में पड़ा है
बस देखने वाली नजर चाहिए और थोड़ा सा हिम्मत
आज 11 तरीके हैं
कुछ बिना पैसे, कुछ 10-15 हजार में, और कुछ 20-50 हजार में
लेकिन कमाई हर एक में है अगर आप सच में करने वाले इंसान हो
पहला काम थोड़ा अलग है
लोगों के घर खाली पड़े हैं, पर किराएदार से डरते हैं
आप “भरोसे वाला किरायेदार” ढूंढने का काम शुरू करो
डॉक्यूमेंट चेक करो, सही आदमी दिलाओ
एक डील में 2000 से 5000 आराम से
दूसरा काम बिना पैसे का है
OLX और फेसबुक पर लोग सस्ता बेचते हैं जल्दी में
आप वही सामान पकड़ो, फोटो अच्छा डालो, और महंगे में बेचो
बस समझदारी चाहिए, पैसा नहीं
तीसरा काम छोटा है लेकिन चलता खूब है
मोबाइल कवर, चार्जर, ईयरफोन
एक बैग में लेकर निकल जाओ
लेकिन खेल यह है कि घर तक पहुंचाने का वादा करो
लोग सुविधा के लिए ज्यादा पैसे देंगे
चौथा काम दिल वाला है
लोगों के पुराने फोटो, वीडियो, कैसेट धूल खा रहे हैं
आप उन्हें मोबाइल में बदल दो
यादों के लिए लोग पैसा देते हैं बिना बहस के
पाँचवा काम दिमाग वाला है
ऑफिस जाने वालों को घर का खाना चाहिए
आप खुद मत बनाओ
2-3 घरों से जुड़ जाओ
आप सिर्फ डिलीवरी संभालो
हर टिफिन पर थोड़ा सा भी बचा तो महीने में अच्छी रकम बन जाएगी
छठा काम मजेदार है
शादी, पार्टी में लोग भटकते रहते हैं किसे बुलाएं
आप 4-5 डेकोरेटर से जुड़ जाओ
आप काम दिलाओ, कमीशन खाओ
सीधा खेल
सातवां काम थोड़ा मेहनत वाला है
पुराना फर्नीचर खरीदो
थोड़ा ठीक कराओ
फिर बेच दो
एक सामान में ही हजारों बच जाते हैं
आठवां काम लोग मजाक समझते हैं
गाड़ी साफ करने का
सुबह का 2-3 घंटे काम
अगर 10 गाड़ी पकड़ ली तो महीने की कमाई खुद समझ जाओ
नौवां काम आज के टाइम का है
हर दुकान गूगल पर दिखना चाहती है
आप उनका प्रोफाइल संभालो
फोटो डालो, रिव्यू दिलाओ
हर दुकान से महीने के पैसे
दसवां काम थोड़ा बड़ा है
छोटे दुकानदारों के पास सामान रखने की जगह नहीं होती
आप एक कमरा लो
उनका सामान रखो
हर महीने किराया लो
धीरे धीरे बड़ा गेम बन सकता है
ग्यारहवां काम असली चालाक लोगों का है
आपको जो भी थोड़ा आता है
सीवी बनाना, एक्सेल, सोशल मीडिया
आप ग्राहक पकड़ो
काम किसी और से सस्ते में करवाओ
बीच का पैसा आपका
अब एक बात दिल में बैठा लो
गरीब इसलिए नहीं रहता कि उसके पास मौका नहीं होता
गरीब इसलिए रहता है क्योंकि वह हर मौके में कमी ढूंढता है
और अमीर
वह हर कमी में मौका ढूंढ लेता है
अब फैसला आपका है
आप पढ़कर खुश हो जाओगे
या एक काम पकड़कर जिंदगी बदल दोगे
सोमवार, 6 अप्रैल 2026
सर्व शक्तिशाली पंचमुखी हनुमान कवच स्तोत्र हनुमान जी को समर्पित है।
पंचमुखी हनुमान कवच स्तोत्र
सर्व शक्तिशाली पंचमुखी हनुमान कवच स्तोत्र हनुमान जी को समर्पित है।
पंचमुखी हनुमान कवच बहुत ही शुभ फलदायी है।
पंचमुखी हनुमान कवच का जाप करने से जातक के आसपास एक सुरक्षा आवरण बन जाता है, जो जातक को सभी संकटों से बचाता है। उसके सभी शत्रु से उसे मुक्ति देता हैं।
पंचमुखी हनुमान कवच पाठ की सरल विधि।
पंचमुखी हनुमान कवच स्तोत्र का जाप करने से पहले स्नान कर खुद को पवित्र कर लें।
स्नान के बाद पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर को किसी लाल आसन पर स्थापित करें।
पंचमुखी हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
इसके बाद पंचमुखी हनुमान कवच स्तोत्र का पाठ करें।
पाठ करने के बाद हनुमान जी को प्रणाम करते हुए अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगें।
पंचमुखी हनुमान कवच स्तोत्र से लाभ।
पंचमुखी हनुमान की आराधना से जातक के भय, रोग-दोष का नाश होता है।
पंचमुखी हनुमान की आराधना करने वाले जातक के जीवन में सुख शांति आता है।
श्री हनुमान कवच से बुराइयों पर जीत मिलती है।
इस कवच स्तोत्र के पाठ से भूत, प्रेत, चांडाल, और बुरी आत्माओं से मुक्ति मिलती है। शत्रु का नाश होता है।
अथ श्री पंचमुखहनुमत्कवचम् स्तोत्र
श्री गणेशाय नमः।
ॐ अस्य श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषि:।
गायत्री छंद:। पञ्चमुख-विराट् हनुमान् देवता। ह्रीं बीजम्।
श्रीं शक्ति:। क्रौं कीलकं। क्रूं कवचं।
क्रैं अस्त्राय फट्। इति दिग्बन्ध:।
अर्थ:
इस पंचमुख हनुमत कवच स्तोत्र के ऋषि ब्रह्मा हैं, छंद गायत्री है, देवता पंचमुख विराट हनुमान जी हैं, ह्रीं बीज मंत्र है, श्रीं शक्ति है, क्रौं कीलक है, क्रूं कवच है और ‘क्रैं अस्त्राय फट्’ मंत्र दिग्बन्ध हैं।
श्री गरुड़ उवाच
अथ ध्यानं प्रवक्ष्यामि शृणु सर्वांगसुंदर,
यत्कृतं देवदेवेन ध्यानं हनुमतः प्रियम्॥
अर्थ:
गरुड़जी ने उद्घोष किया हे सर्वांगसुंदर, देवाधिदेव के द्वारा, उन्हें प्रिय रहने वाला जो हनुमानजी का ध्यान लगाया, मैं उनके नाम का सुमिरण करता हूं। मैं उन मां का ध्यान करता हूं, जिनसे आपकी उत्पत्ति हुई है।
पञ्चवक्त्रं महाभीमं त्रिपञ्चनयनैर्युतम्,
बाहुभिर्दशभिर्युक्तं सर्वकामार्थसिद्धिदम्।।
अर्थ:
श्री हनुमान जी पांच मुख वाले, अत्यंत विशालकाय, पंद्रह नेत्र (त्रि-पञ्च-नयन) धारी हैं, श्री हनुमान जी दस हाथों वाले हैं, वे सकल काम एवं अर्थ इन पुरुषार्थों की सिद्धि करने वाले देव हैं। भाव है की श्री हनुमान जी पांच मुख वाले, पंद्रह नेत्र धारी और दस हाथों वाले हैं जो सभी कार्यों को सिद्ध करते हैं।
पूर्वं तु वानरं वक्त्रं कोटिसूर्यसमप्रभ,
दंष्ट्रा कराल वदनं भ्रुकुटिकुटिलेक्षणम्॥
अर्थ:
श्री हनुमान जी का मुख सदा ही पर्व दिशा की और रहता है, पूर्व मुखी हैं। श्री हनुमान जी जो वानर मुखी हैं, उनका तेज करोड़ों सूर्य के तुल्य है। श्री हनुमान जी के मुख पर विशाल दाढ़ी है और इनकी भ्रकुटी टेढ़ी हैं। ऐसे दांत वाले श्री हनुमान जी हैं।
अस्यैव दक्षिणं वक्त्रं नारसिंहं महाद्भुतम्,
अत्युग्र तेज वपुष् भीषणं भय नाशनम्॥
अर्थ:
श्री हनुमान जी बदन दक्षिण दिशा में देखने वाला है और इनका मुख सिंह मुखी है जो अत्यंत ही दिव्य और अद्भुत है। श्री हनुमान जी का मुख भय को समाप्त करने वाला है। श्री हनुमान जी का मुख शत्रुओं के लिए भय पैदा करने वाला है।
पश्चिमं गारुडं वक्त्रं वक्रतुण्डं महाबलम्,
सर्व नाग प्रशमनं विषभूतादिकृन्तनम्॥
अर्थ:
श्री हनुमान जी का जो मुख पश्चिम दिशा में देखने वाला है वह गरुद्मुख है और वह मुख अत्यंत ही बलवान और सामर्थ्यशाली है। विष और भूत को (समस्त बाधाओं को दूर करने वाला) दूर करने वाला गरुडानन है। साँपों और भूतों को दूर करने वाले हैं।
उत्तरं सौकरं वक्त्रं कृष्णं दीप्तं नभोपमम्।
पातालसिंहवेतालज्वररोगादिकृन्तनम्॥
अर्थ:
श्री हनुमान जी का उत्तर दिशा में देखने वाला मुख वराह मुख (आगे की और मुख निकला हुआ ) है। वराह मुख श्री हनुमान जी कृष्ण वर्ण के हैं और उनकी तुलना आकाश से की जा सकती है। श्री हनुमान जी पाताल वासियों के प्रमुख बेताल और भूगोल के कष्ट हरने वाले हैं। बीमारियों और ज्वर को समूल नष्ट करने वाले ऐसे वराह मुख हनुमान जी हैं।
ऊर्ध्वं हयाननं घोरं दानवान्तकरं परम्।
येन वक्त्रेण विप्रेन्द्र तारकाख्यं महासुरम् ॥
जघान शरणं तत् स्यात् सर्व शत्रु हरं परम्।
ध्यात्वा पञ्चमुखं रुद्रं हनुमन्तं दयानिधिम् ॥
अर्थ:
ऊर्ध्व दिशा मुखी हनुमान जी हैं जो दानवों का नाश करने वाले हैं। हे हनुमान जी (वीसपेंद्र) जी आप गायत्री के उपासक हैं और आप असुरों का नाश करने वाले हैं। हमें ऐसे पंचमुखी हनुमान जी की शरण में रहना चाहिए। श्री हनुमान जी रूद्र और दयानिधि हैं इनकी शरण में हमें रहना चाहिए। श्री हनुमान जी भक्तों के लिए दयालु और शत्रुओं का नाश करने वाले हैं।
खड़्गं त्रिशूलं खट्वाङ्गं पाशमङ्कुशपर्वतम्।
मुष्टिं कौमोदकीं वृक्षं धारयन्तं कमण्डलुं॥
भिन्दिपालं ज्ञानमुद्रां दशभिर्मुनिपुङ्गवम्।
एतान्यायुधजालानि धारयन्तं भजाम्यहम्॥
अर्थ:
श्री पंचमुख हनुमान जी हाथों में तलवार, त्रिशूल और खड्ग धारी हैं। श्री हनुमान जी के हाथों में तलवार, त्रिशूल, खट्वाङ्ग नाम का आयुध, पाश, अंकुश, पर्वत है और मुष्टि नाम का आयुध, कौमोदकी गदा, वृक्ष और कमंडलु पंचमुख हनुमानजी ने धारण कर रखे हैं। श्री हनुमान जी ने भिन्दिपाल (लोहे धातु से बना अस्त्र) अस्त्र को धारण कर रखा है। श्री हनुमान जी का दसवां शस्त्र ज्ञान मुद्रा है।
प्रेतासनोपविष्टं तं सर्वाभरणभूषितम्।
दिव्य माल्याम्बरधरं दिव्यगन्धानुलेपनम्॥
अर्थ:
श्री हनुमान जी प्रेतासन पर बैठे हैं और उन्होंने समस्त आभूषण धारण कर रखे हैं, श्री हनुमान जी ने दिव्य मालाएं ग्रहण कर रखी हैं जो आकाश के समान हैं और यह दिव्य गंध का लेप समस्त बाधाओं को दूर करने वाला है।
सर्वाश्चर्यमयं देवं हनुमद्विश्वतो मुखम्,
पञ्चास्यमच्युतमनेकविचित्रवर्णवक्त्रं,
शशाङ्कशिखरं कपिराजवर्यम्।
पीताम्बरादिमुकुटैरुपशोभिताङ्गं,
पिङ्गाक्षमाद्यमनिशं मनसा स्मरामि॥
अर्थ:
श्री हनुमान जी समस्त आश्चर्यों से भरे हुए हैं और श्री हनुमान जी जिन्होंने विश्व में सर्वत्र जिन्होंने मुख किया है, ऐसे ये पंचमुख-हनुमानजी हैं और ये पांच मुख रहने वाले (पञ्चास्य), अच्युत और अनेक अद्भुत वर्णयुक्त (रंगयुक्त) मुख रहने वाले हैं। श्री हनुमान जी ने चन्द्रमा को अपने शीश पर धारण कर रखा है और सभी कपियों में सर्वश्रेष्ठ रहने वाले ऐसे ये हनुमानजी हैं। श्री हनुमान जी पीतांबर, मुकुट आदि से सुशोभित हैं। श्री हनुमान जी पिङ्गाक्ष, आद्यम् और अनिशं हैं। ऐसे इन पंचमुख-हनुमानजी का हम मनःपूर्वक स्मरण करते हैं।
मर्कटेशं महोत्साहं सर्व शत्रु हरं परं।
शत्रुं संहर मां रक्ष श्रीमन्नापदमुद्धर॥
अर्थ:
श्री हनुमान जी वानरों में श्रेष्ठ हैं, प्रचंड हैं और बहुत उत्साही भी हैं। श्री हनुमान जी शत्रुओं का नाश करने वाले हैं और में रक्षा कीजिए मेरा उद्धार कीजिये वानर श्रेष्ठ, प्रचंड उत्साही हनुमान जी सारे शत्रुओं का नि:पात करते हैं।हे श्रीमन् पंचमुख-हनुमानजी, मेरे शत्रुओं का संहार कीजिए। संकट में से मेरा उद्धार कीजिए।
ॐ हरिमर्कट मर्कट मंत्र मिदं परि लिख्यति लिख्यति वामतले।
यदि नश्यति नश्यति शत्रुकुलं यदि मुञ्चति मुञ्चति वामलता॥
ॐ हरि मर्कटाय स्वाहा॥
अर्थ:
महाप्राण हनुमान जी के बाये पैर के तलवे के नीचे ‘ॐ हरि मर्कटाय स्वाहा’ लिखने से उसके केवल शत्रु का ही नहीं बल्कि शत्रु कुल का नाश हो जायेगा। श्री हनुमान जी वामलता को यानी दुरितता को, तिमिर प्रवृत्ति को हनुमानजी समूल नष्ट कर देते हैं और ऐसे एक बदन को स्वाहा कहकर नमस्कार किया है।
॥ ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पूर्वकपिमुखाय सकलशत्रुसंहारकाय स्वाहा॥
अर्थ:
सकल शत्रुओं का संहार करने वाले पूर्व मुख को, कपिमुख को, भगवान श्री पंचमुख-हनुमानजी को मेरा नमन है।
॥ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय दक्षिणमुखाय करालवदनाय नरसिंहाय सकलभूतप्रमथनाय स्वाहा॥
अर्थ:
दुष्प्रवृत्तियों के प्रति भयानक मुख रहने वाले (करालवदनाय), सारे भूतों का उच्छेद करने वाले, दक्षिण मुख को, नरसिंह मुख को, भगवान श्री पंचमुख-हनुमानजी को मेरा नमस्कार है।
॥ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पश्चिममुखाय गरुडाननाय सकलविषहराय स्वाहा॥
अर्थ:
हर प्रकार के विष का हरण करने वाले पश्चिममुखी को, गरुड़ मुख को, भगवान श्री पंचमुख-हनुमानजी को मेरा नमस्कार है।
॥ॐ नमो भगवते पंचवदनाय उत्तरमुखाय आदिवराहाय सकलसंपत्कराय स्वाहा॥
अर्थ:
सकल संपदाएं प्रदान करने वाले उत्तरमुख को, आदिवराहमुख को, भगवान श्री पंचमुख-हनुमान जी को मेरा नमस्कार है।
॥ॐ नमो भगवते पंचवदनाय ऊर्ध्वमुखाय हयग्रीवाय सकलजनवशकराय स्वाहा॥
अर्थ:
सकल जनों को वश में करने वाले, ऊर्ध्वमुख को, अश्वमुख को, भगवान श्री पंचमुख-हनुमानजी को मेरा नमस्कार है।
॥ॐ श्री पंचमुख हनुमंताय आंजनेयाय नमो नमः॥
अर्थ:
अंजनी पुत्र श्री पञ्चमुख-हनुमान जी को पुन: मेरा नमस्कार है।
आप सबके बार बार पूछने पर ये पंचमुखी हनुमान कवच स्तोत्र भेजा है।
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