जय श्री कृष्णा, ब्लॉग में आपका स्वागत है यह ब्लॉग मैंने अपनी रूची के अनुसार बनाया है इसमें जो भी सामग्री दी जा रही है कहीं न कहीं से ली गई है। अगर किसी के कॉपी राइट का उल्लघन होता है तो मुझे क्षमा करें। मैं हर इंसान के लिए ज्ञान के प्रसार के बारे में सोच कर इस ब्लॉग को बनाए रख रहा हूँ। धन्यवाद, "साँवरिया " #organic #sanwariya #latest #india www.sanwariya.org/
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शुक्रवार, 3 जुलाई 2026
ABSLI Anmol Akshaya – Child Education Planning
सभी वरिष्ठ नागरिक (55 से ऊपर की उम्र के) कृपया अवश्य पढ़ें, हो सकता है आपके लिए फायदेमंद हो ..
👨🏫👩🏫 सभी वरिष्ठ नागरिक (55 से ऊपर की उम्र के) कृपया अवश्य पढ़ें, हो सकता है आपके लिए फायदेमंद हो ..
आप जानते हैं कि मन चाहे कितना ही जोशीला हो पर साठ की उम्र पार होने पर यदि आप अपनेआप को फुर्तीला और ताकतवर समझते हों तो यह गलत है। वास्तव में ढलती उम्र के साथ शरीर उतना ताकतवर और फुर्तीला नहीं रह जाता।
आपका शरीर ढलान पर होता है, जिससे ‘हड्डियां व जोड़ कमजोर होते हैं, पर कभी-कभी मन भ्रम बनाए रखता है कि ‘ये काम तो मैं चुटकी में कर लूँगा’। पर बहुत जल्दी सच्चाई सामने आ जाती है मगर एक नुकसान के साथ।
सीनियर सिटिजन होने पर जिन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए, ऐसी कुछ टिप्स दे रहा हूं।
-- धोखा तभी होता है जब मन सोचता है कि ‘कर लूंगा’ और शरीर करने से ‘चूक’ जाता है। परिणाम एक एक्सीडेंट और शारीरिक क्षति!
ये क्षति फ्रैक्चर से लेकर ‘हेड इंज्यूरी’ तक हो सकती है। यानी कभी-कभी जानलेवा भी हो जाती है।
-- इसलिए जिन्हें भी हमेशा हड़बड़ी में काम करने की आदत हो, बेहतर होगा कि वे अपनी आदतें बदल डालें।
भ्रम न पालें, सावधानी बरतें क्योंकि अब आप पहले की तरह फुर्तीले नहीं रहे।
छोटी सी चूक कभी बड़े नुक़सान का कारण बन जाती है।
-- सुबह नींद खुलते ही तुरंत बिस्तर छोड़ खड़े न हों, क्योंकि आँखें तो खुल जाती हैं मगर शरीर व नसों का रक्त प्रवाह पूर्ण चेतन्य अवस्था में नहीं हो पाता ।
अतः पहले बिस्तर पर कुछ मिनट बैठे रहें और पूरी तरह चैतन्य हो लें। कोशिश करें कि बैठे-बैठे ही स्लीपर/चप्पलें पैर में डाल लें और खड़े होने पर मेज या किसी सहारे को पकड़कर ही खड़े हों। अक्सर यही समय होता है डगमगाकर गिर जाने का।
-- गिरने की सबसे ज्यादा घटनाएं बाथरुम/वॉशरुम या टॉयलेट में ही होती हैं। आप चाहे अकेले हों, पति/पत्नी के साथ या संयुक्त परिवार में रहते हों लेकिन बाथरुम में अकेले ही होते हैं।
-- यदि आप घर में अकेले रहते हों, तो और अधिक सावधानी बरतें क्योंकि गिरने पर यदि उठ न सके तो दरवाजा तोड़कर ही आप तक सहायता पहुँच सकेगी, वह भी तब जब आप पड़ोसी तक समय से सूचना पहुँचाने में सफल हो सकेंगे।
— याद रखें बाथरुम में भी मोबाइल साथ हो ताकि वक्त जरुरत काम आ सके।
-- देशी शौचालय के बजाय हमेशा यूरोपियन कमोड वाले शौचालय का ही इस्तेमाल करें। यदि न हो तो समय रहते बदलवा लें, इसकी तो जरुरत पड़नी ही है, अभी नहीं तो कुछ समय बाद।
संभव हो तो कमोड के पास एक हैंडिल लगवा लें। कमजोरी की स्थिति में इसे पकड़ कर उठने के लिए ये जरूरी हो जाता है।
बाजार में प्लास्टिक के वेक्यूम हैंडिल भी मिलते हैं, जो टॉइल जैसी चिकनी सतह पर चिपक जाते हैं, पर इन्हें हर बार इस्तेमाल से पहले खींचकर जरूर जांच-परख लें।
-- हमेशा आवश्यक ऊँचे स्टूल पर बैठकर ही नहायें।
बाथरुम के फर्श पर रबर की मैट जरूर बिछाकर रखें ताकि आप फिसलन से बच सकें।
-- गीले हाथों से टाइल्स लगी दीवार का सहारा कभी न लें, हाथ फिसलते ही आप ‘डिस-बैलेंस’ होकर गिर सकते हैं।
-- बाथरुम के ठीक बाहर सूती मैट भी रखें जो गीले तलवों से पानी सोख ले। कुछ सेकेण्ड उस पर खड़े रहें फिर फर्श पर पैर रखें वो भी सावधानी से।
-- अंडरगारमेंट हों या कपड़े, अपने चेंजरूम या बेडरूम में ही पहनें। अंडरवियर, पाजामा या पैंट खडे़-खडे़ कभी नहीं पहनें।
हमेशा दीवार का सहारा लेकर या बैठकर ही उनके पायचों में पैर डालें, फिर खड़े होकर पहनें, वर्ना दुर्घटना घट सकती है।
कभी-कभी स्मार्टनेस की बड़ी कीमत चुकानी पड़ जाती है।
-- अपनी दैनिक जरुरत की चीजों को नियत जगह पर ही रखने की आदत डाल लें, जिससे उन्हें आसानी से उठाया या तलाशा जा सके।
भूलने की आदत हो, तो आवश्यक चीजों की लिस्ट मेज या दीवार पर लगा लें, घर से निकलते समय एक निगाह उस पर डाल लें, आसानी रहेगी।
-- जो दवाएं रोजाना लेनी हों, उनको प्लास्टिक के प्लॉनर में रखें जिससे जुड़ी हुई डिब्बियों में हफ्ते भर की दवाएँ दिन-वार के साथ रखी जाती हैं।
अक्सर भ्रम हो जाता है कि दवाएं ले ली हैं या भूल गये।प्लॉनर में से दवा खाने में चूक नहीं होगी।
-- सीढ़ियों से चढ़ते उतरते समय, सक्षम होने पर भी, हमेशा रेलिंग का सहारा लें, खासकर ऑटोमैटिक सीढ़ियों पर। "Escalators"...
ध्यान रहे अब आपका शरीर आपके मन का ओबिडियेंट सरवेन्ट नहीं रहा।
— बढ़ती आयु में कोई भी ऐसा कार्य जो आप सदैव करते रहे हैं, उसको बन्द नहीं करना चाहिए।
कम से कम अपने से सम्बन्धित अपने कार्य स्वयं ही करें।
— नित्य प्रातःकाल घर से बाहर निकलने, पार्क में जाने की आदत न छोड़ें, छोटी मोटी एक्सरसाइज भी करते रहें। नहीं तो आप योग व व्यायाम से दूर होते जाएंगे और शरीर के अंगों की सक्रियता और लचीला पन कम होता जाएगा। हर मौसम में कुछ योग-प्राणायाम अवश्य करते रहें।
— घर में या बाहर हुकुम चलाने की आदत छोड़ दें। अपना पानी, भोजन, दवाई इत्यादि स्वयं लें जिससे शरीर में सक्रियता बनी रहे।
बहुत आवश्यक होने पर ही दूसरों की सहायता लेनी चाहिए।
— घर में छोटे बच्चे हों तो उनके साथ अधिक समय बिताएं, लेकिन उनको अधिक टोका-टाकी न करें। उनको प्यार से सिखायें।
-- ध्यान रखें कि अब आपको सब के साथ एडजस्ट करना है न कि सब को आपसे।
-- इस एडजस्ट होने के लिए चाहे, बड़ा परिवार हो, छोटा परिवार हो या कि पत्नी/पति हो, मित्र हो, पड़ोसी या समाज।
एक मूल मंत्र सदैव उपयोग करें।
-
नोन अर्थात नमक। भोजन के प्रति स्वाद पर नियंत्रण रखें।
-
मौन कम से कम एवं आवश्यकता पर ही बोलें।
-
कौन (मसलन कौन आया कौन गया, कौन कहां है, कौन क्या कर रहा है) अपनी दखलंदाजी कम कर दें।
नोन, मौन, कौन के मूल मंत्र को जीवन में उतारते ही वृद्धावस्था प्रभु का वरदान बन जाएगी जिसको बहुत कम लोग ही उपभोग कर पाते हैं।
कितने भाग्यशाली हैं आप, इसको समझें।
*🙏🏻धन्यवाद!🙏🏻*
गुरुवार, 11 जून 2026
🏆 विजय उसी की होती है जो परिस्थितियों से नहीं, अपने भय से जीतता है
मंगलवार, 26 मई 2026
जेल में बंद कैदी रोज़ रामायण पढ़ता था… एक दिन जेलर को पता चला कि उसने अपराध क्यों किया था।
आदित्य बिरला का नया i-GAP Plan retirement plan
🌟 आदित्य बिरला का नया i-GAP Retirement Plan 🌟
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इस प्लान में:
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✅ 🛡️ ₹50 लाख तक Death Benefit
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✅ 🔄 आने वाली Income को Mutual Funds / AIF में Reinvest करने का विकल्प
💰 योजना कैसे काम करती है?
🔹 निवेश अवधि:
📅 सिर्फ 5 साल तक
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🔹 Income कब शुरू होगी?
⏳ 6वें वर्ष से Lifetime
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🎯 यह प्लान किनके लिए है?
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बुधवार, 13 मई 2026
लढ़ा कॉलोनी में नए पावर पंप ट्यूबवेल का लोकार्पण: गर्मियों में राहत की नई उम्मीद 💧
लढ़ा कॉलोनी में नए पावर पंप ट्यूबवेल का लोकार्पण: गर्मियों में राहत की नई उम्मीद 💧
जोधपुर शहर के वार्ड नंबर 55 स्थित लढ़ा कॉलोनी में आज एक ऐतिहासिक और जनहितकारी कार्य का शुभारंभ हुआ। वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहे क्षेत्रवासियों के लिए यह दिन किसी राहत से कम नहीं रहा। पावर पंप ट्यूबवेल का उद्घाटन जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली द्वारा किया गया।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, पार्षद प्रत्याशी एवं मंडल अध्यक्ष नगेंद्र सिंह शेखावत सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन नरेंद्र सिंह इंदा (शक्ति प्रमुख) ने किया।
पारंपरिक स्वागत में दिखी संस्कृति और सम्मान की झलक 🌸
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति की सुंदर परंपरा के साथ हुई। सर्वप्रथम लढ़ा कॉलोनी की भगवती देवी जाजू द्वारा अतिथियों का कुमकुम तिलक कर आत्मीय स्वागत किया गया।
इसके पश्चात लढ़ा कॉलोनी युवा विकास समिति के सदस्यों—
रामलाल जांगिड़, गजेंद्र वैष्णव, सुनील शर्मा, अमृत बोहरा, कैलाश चंद्र लढ़ा एवं चंपाल लाल जाजू—ने अतिथियों को साफा पहनाकर एवं मालाएं अर्पित कर सम्मानित किया। यह दृश्य सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का प्रतीक बना।
महिला शक्ति के साथ हुआ लोकार्पण: एक प्रेरणादायक पहल 👩🦰
कार्यक्रम का सबसे खास क्षण वह रहा जब महिला शक्ति की भागीदारी से ट्यूबवेल का उद्घाटन किया गया। महिलाओं द्वारा स्वास्तिक चिन्ह बनवाया गया और उसके बाद विधायक अतुल भंसाली ने बटन दबाकर ट्यूबवेल का विधिवत लोकार्पण किया।
यह पहल न केवल एक सुविधा का शुभारंभ थी, बल्कि यह समाज में महिलाओं के सम्मान और उनकी सक्रिय भूमिका का सशक्त संदेश भी देती है।
अब नहीं सताएगी पानी की कमी 💧
गर्मियों में पानी की समस्या से जूझ रहे लढ़ा कॉलोनी के निवासियों के लिए यह ट्यूबवेल किसी वरदान से कम नहीं है। लंबे समय से चली आ रही जल संकट की समस्या के समाधान की दिशा में यह एक ठोस कदम है।
क्षेत्रवासियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। लोगों ने जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से आने वाले समय में बड़ी राहत मिलेगी।
एकजुटता से विकास का संदेश 🤝
इस कार्यक्रम में भाजपा नेता लक्ष्मण सिंह भाटी, प्रदेश सहसंयोजक महेंद्र सिंह शेखावत, लढ़ा कॉलोनी युवा विकास समिति के सदस्य, महिला मोर्चा की प्रतिनिधियां एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब जनप्रतिनिधि और समाज एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो विकास की गति तेज होती है और समस्याओं का समाधान संभव हो पाता है।
निष्कर्ष: विकास की ओर बढ़ता एक और कदम 🚀
लढ़ा कॉलोनी में पावर पंप ट्यूबवेल का यह लोकार्पण केवल एक उद्घाटन नहीं, बल्कि क्षेत्र के उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ता हुआ एक मजबूत कदम है। यह पहल न सिर्फ वर्तमान की समस्या का समाधान है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक बेहतर जीवन की नींव रखती है।
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जानिए भारत के बढ़ते आयात, विदेशी निर्भरता और आर्थिक दबाव की पूरी कहानी
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भारत का पैसा आखिर जा कहाँ रहा है?
जानिए भारत के बढ़ते आयात, विदेशी निर्भरता और आर्थिक दबाव की पूरी कहानी
भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, लेकिन एक बड़ा सच यह भी है कि हम जितना कमाते हैं, उससे कहीं ज्यादा विदेशी वस्तुओं और सेवाओं पर खर्च कर देते हैं।
📌 भारत का स्वदेशी Gold Production सालाना 2 टन भी नहीं है, जबकि भारत हर साल लगभग 750–800 टन सोना आयात करता है।
यानी हम दुनिया के सबसे बड़े Gold Importers में शामिल हैं।
📊 भारत का Export vs Import Balance
✅ भारत का कुल वार्षिक निर्यात (Exports):
लगभग 366 Billion Dollar
❌ भारत का कुल वार्षिक आयात (Imports):
लगभग 775 Billion Dollar
⚠️ यानी भारत हर साल भारी Trade Deficit झेल रहा है।
सरल भाषा में कहें तो —
भारत से जितना पैसा आता है, उससे कहीं ज्यादा पैसा विदेश चला जाता है।
🛢️ 1. Crude Oil & Mineral Oil Import
भारत के कुल आयात का लगभग 28% हिस्सा सिर्फ Crude Oil और Mineral Oil का है।
💰 अनुमानित खर्च:
लगभग 217 Billion Dollar सालाना
कारण:
- पेट्रोल-डीजल की अत्यधिक खपत
- निजी वाहनों का बढ़ता उपयोग
- सार्वजनिक परिवहन का कम उपयोग
- ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर धीमी प्रगति
📌 यदि:
- Car Pooling बढ़े
- Public Transport मजबूत हो
- Electric Vehicles और Renewable Energy बढ़े
तो अरबों डॉलर बचाए जा सकते हैं।
💎 2. Gold, Silver, Diamonds & Gems Import
भारत के कुल आयात का लगभग 24.8% हिस्सा
सोना, चांदी, हीरे और रत्नों का है।
💰 अनुमानित खर्च:
लगभग 192 Billion Dollar सालाना
भारत में:
- शादियों में Gold दिखावा
- Investment के नाम पर Gold खरीद
- Imported Diamond Jewellery का craze
- Luxury Lifestyle की बढ़ती होड़
इन सबने Import Bill को बहुत बढ़ा दिया है।
📌 यदि:
- लोग अत्यधिक Gold Buying कम करें
- Local Handmade Jewellery को बढ़ावा दें
- Recycled Gold और Indian Craftsmanship अपनाएँ
तो देश का विदेशी मुद्रा दबाव काफी कम हो सकता है।
💻 3. Electronics & Technology Import
मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर, चिप्स, इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी आदि पर भारत सालाना लगभग:
💰 170 Billion Dollar खर्च करता है।
जो कुल आयात का लगभग 24.3% है।
📱 सबसे बड़ी निर्भरता:
- Apple iPhone
- Samsung
- Chinese Electronics
- Taiwanese Chips
- Imported Computer Hardware
⚠️ भारत assembling तो करता है, लेकिन core technology, chips और high-end manufacturing में अभी भी विदेशी निर्भरता बहुत ज्यादा है।
📌 समाधान:
- Made in India Electronics
- Semiconductor Manufacturing
- Indigenous Technology Development
- भारतीय Brands को समर्थन
🧪 4. Chemical & Plastic Import
भारत सालाना लगभग:
💰 49 Billion Dollar
Chemical और Plastic वस्तुओं पर खर्च करता है।
कारण:
- Imported Industrial Chemicals
- Plastic Raw Material
- Pharma Base Chemicals
📌 यदि भारत Chemical Manufacturing में आत्मनिर्भर बने, तो Import Bill में बड़ी कमी संभव है।
✈️ 5. Foreign Tourism & Destination Weddings
भारतीय हर साल:
💰 20+ Billion Dollar
विदेश यात्राओं, Holiday Packages और Destination Weddings पर खर्च करते हैं।
आज:
- Thailand Weddings
- Dubai Tourism
- Europe Honeymoon
- Maldives Luxury Trips
एक बड़ा Status Symbol बन चुके हैं।
📌 जबकि भारत स्वयं:
- Tourism Diversity
- Heritage
- Spiritual Tourism
- Luxury Destinations
में दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में है।
🎓 6. विदेशों में पढ़ाई पर भारतीयों का भारी खर्च
यह सबसे कम चर्चा वाला लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
🇺🇸 🇨🇦 🇬🇧
भारतीय छात्र हर साल सिर्फ:
- America
- Canada
- UK
में पढ़ाई के लिए लगभग:
💰 70 Billion Dollar तक खर्च करते हैं।
🇪🇺 European Union देशों में अतिरिक्त:
💰 लगभग 3.85 Billion Dollar
खर्च होते हैं।
⚠️ इसमें:
- Tuition Fees
- Hostel
- Living Expenses
- Foreign Currency Outflow
सब शामिल है।
📌 सवाल: क्या भारत में विश्वस्तरीय शिक्षा व्यवस्था और Research Infrastructure विकसित नहीं किया जाना चाहिए?
🇮🇳 असली मुद्दा क्या है?
समस्या सिर्फ Gold Import नहीं है।
समस्या है:
❌ अत्यधिक विदेशी निर्भरता
❌ दिखावे की Lifestyle
❌ Imported Brand Obsession
❌ Domestic Manufacturing की कमजोरी
❌ Consumption आधारित Economy
✅ समाधान क्या हो सकते हैं?
✔️ Swadeshi को बढ़ावा
✔️ भारतीय उद्योगों का समर्थन
✔️ Public Transport उपयोग
✔️ Domestic Tourism को प्रोत्साहन
✔️ भारतीय शिक्षा एवं Research में निवेश
✔️ Technology Manufacturing में आत्मनिर्भरता
✔️ Luxury दिखावे की मानसिकता में बदलाव
🇮🇳 याद रखिए
जब तक:
- हम विदेशी वस्तुओं को Status Symbol मानते रहेंगे,
- तब तक Dollar बाहर जाता रहेगा,
- और Rupee पर दबाव बढ़ता रहेगा।
भारत को सिर्फ “Consumer Market” नहीं,
बल्कि “Global Producer” बनना होगा।
🚩 स्वदेशी अपनाइए — भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाइए।
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रविवार, 10 मई 2026
आने वाले 30 वर्षों में दुनिया से जेलें समाप्त हो जाएँगी।”
शनिवार, 9 मई 2026
पैकिंग आटा में कीड़े क्यों नही पड़ते ?? आंखें खोल देने वाला सच --
पैकिंग आटा में कीड़े क्यों नही पड़ते ??
आंखें खोल देने वाला सच --
एक प्रयोग करके देखें गेहूं का आटा पिसवा कर उसे 2 महीने स्टोर करने का प्रयास करें।
आटे में कीड़े पड़ जाना स्वाभाविक हैं, *आप आटा स्टोर नहीं कर पाएंगे।*
फिर ये बड़े बड़े ब्रांड आटा
कैसे स्टोर कर पा रहे हैं?
यह सोचने... वाली बात है।
एक केमिकल है- बेंजोयलपर ऑक्साइड, जिसे ' फ्लौर इम्प्रूवर ' भी कहा जाता है।* इसकी पेरमिसीबल लिमिट 4 मिलीग्राम है,लेकिन आटा बनाने वाली फर्में 400 मिलीग्राम तक ठोक देती हैं।कारण क्या है? आटा खराब होने से लम्बे समय तक बचा रहे।*बेशक़ उपभोक्ता की किडनी का बैंड बज जाए।
... कोशिश कीजिये खुद सीधे गेहूं खरीदकर अपना आटा पिसवाकर खाएं।
नियमानुसार आटे का समय..
ठंडके दिनों में 30 दिन
गरमी के दिनों में 20 दिन
बारिस के दिनों में 15 दिन का
बताया गया है।
ताजा आटा खाइये,
स्वस्थ रहिये...समझदार बनें,
अपने लिए पुरुषार्थी बन सभी
गेंहू पिसवा कर काम ले।
न कि रेडीमेड थैली का........
केवल 3 बदलाव कर के देखे
1.) नमक सेंधा प्रयोग करे,
2.) आटा चक्की से पिसवा कर लाये,
3.) पानी मटके का पिये,
सुबह गर्म पानी पिये...
आधी बीमारियों से छुटकारा पाएंगे ........!!
बीजेपी के जीतते ही इस अवैध टोल बूथ को बंद कर दिया गया
ट्रक ड्राइवर विश्वास ही नहीं कर रहे हैं कि जिन सड़कों पर पिछले 32 साल से उन्हें गैर कानूनी तरीके से ₹500 देना पड़ रहा था
हर हाईवे पर गैर कानूनी वसूली केंद्र बना था जिसका पैसा अभिषेक बनर्जी को जाता था
आज बिना किसी पैसे के उनका ट्रक गुजर रहा है
यह देखिए ट्रक ड्राइवर के आंखों में आंसू आ गए बोल रहा है 32 साल में पहली बार मेरा ट्रक बगैर पैसे के निकला
अब अगर कोई बोले बंगाल में SIR से हारे तो उसको जूता जुटा मारीयेगा
जिनके द्वारा कैश में वसूली होती थी और 5% रखकर बाकी कैश आगे बढ़ा दिया जाता था और उसके बाद अंत तक यह पैसा अभिषेक बनर्जी को जाता था
इन अवैध टोल बूथ में सबसे बड़ा टोल बूथ सिलीगुड़ी हाईवे पर था जहां बाइक से ₹50 कार से ₹200 ट्रक से ₹2000 और मल्टी एक्सल ट्रक से ₹3000 लिए जाते थे इसके अलावा डीजल पेट्रोल भरी हुई टैंकर और कोयला वाले ट्रक से ₹2000 एक्स्ट्रा लिए जाते थे
इस टोल बूथ का नाम फुलवारी टोल बूथ था और इसकी प्रतिदिन की कमाई 80 लाख से लेकर 1 करोड रुपए थी
और यहां पर दूसरे राज्य के नंबर वाले गाड़ियों से दोगुना वसूला जाता था
...और यहां से प्रतिदिन कमीशन खर्च सब कुछ काट के करीब 30 से 50 लाख रुपए अभिषेक बनर्जी को जाते थे
बीजेपी के जीतते ही इस अवैध टोल बूथ को बंद कर दिया गया
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