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शुक्रवार, 27 मार्च 2026
'धुरंधर 2' प्रोपेगेंडा नहीं है, यह फिल्म उन लोगों की 'बौद्धिक नसबंदी' है जो आतंकवाद को 'भटके हुए नौजवानों का गुस्सा' बताते थे।"
#अतीक और #अतीफ का तो मुद्दा ही नहीं है। उसे बंद करिए। कंट्रोवर्सी गई तेल लेने। हां ये है कि अगर आप उन लोगों में से हैं जिन्हें धमाकों की गूँज से ज्यादा आतंकियों के 'मानवाधिकार' की चिंता सताती है, तो 'धुरंधर 2' आपके लिए सिनेमा नहीं, 'कच्चा सुलगता कोयला' है। निर्देशक ने उन लोगों की बखिया उधेड़ दी है जो दिल्ली से लेकर मुंबई तक लाशों के ढेर पर अपनी राजनीति की रोटियाँ सेंकते थे।
फिल्म का सबसे 'जहरीला' (उनके लिए जो इसे पचा नहीं पाएंगे) प्रहार उस 0.5 फ्रंट पर है। यह वह फ्रंट है जो सीमा पर बंदूक नहीं चलाता, बल्कि स्टूडियो और ड्राइंग रूम में बैठकर आतंकियों के लिए 'ग्राउंड' तैयार करता है।
"फिल्म में उन बुद्धिजीवियों की धज्जियां उड़ाई गई हैं जो आतंकियों के एनकाउंटर पर आधी रात को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं, पर फटे हुए चिथड़ों में अपनों को ढूंढते आम आदमी के लिए उनके पास सिर्फ 'शांति' का ज्ञान होता है।"
रणवीर सिंह ने इस फिल्म में 'पुलिस' का किरदार नहीं निभाया, बल्कि उन करोड़ों भारतीयों के 'गुस्से' को परदे पर उतारा है। जब वे 2008 के सूरत में उन 26 बमों को डिफ्यूज करते हैं, तो वह केवल बारूद नहीं, बल्कि उस 'प्रशासनिक सुस्ती' को भी डिफ्यूज करते हैं जिसने देश को नरक बना दिया था।
फिल्म साफ कहती है कि "शांति की अपील" से बम नहीं रुकते, बम रुकते हैं उस 'इरादे' से जो दुश्मन के घर में घुसकर उसका हिसाब चुकता करना जानता हो।
2005-2013 का वो खूनी दौर दिखा है जब वाराणसी की आरती हो या दिल्ली की दिवाली, अहमदाबाद की सड़कें हों या मुंबई की ट्रेनें—फिल्म ने एक-एक कर उन 24 जख्मों को कुरेदा है।
अतीफ अहमदजैसे गुर्गों और उनके विदेशी आकाओं के बीच के उस 'पवित्र' गठबंधन की ऐसी-तैसी कर दी गई है, जिसे सालों तक 'भाईचारा' कहकर पाला गया।
फिल्म का वो हिस्सा जहाँ 'टेरर-कैश' को कागज का टुकड़ा बनते दिखाया गया है, वह उन लोगों के गाल पर लाल निशान छोड़ जाएगा जो आज भी उस फैसले पर छाती पीटते हैं
'धुरंधर 2' प्रोपेगेंडा नहीं है, यह उन लोगों के लिए 'कड़वा सच' है जिनकी दुकान 'अस्थिर भारत' से चलती थी। यह फिल्म उन गिरगिटों की पहचान कराती है जो तिरंगे की आड़ में पड़ोस के झंडे को सलाम करते हैं।
'धुरंधर 2' केवल एक फिल्म नहीं है, यह उन 24 हमलों की याद दिलाती एक 'चेतावनी' है। यह फिल्म उन लोगों के गाल पर करारा तमाचा है जो पाकिस्तान के 'समर्थन' और भारत के 'विरोध' की महीन लकीर पर सर्कस करते हैं।
"अगर इस फिल्म को देखकर आपको दर्द हो रहा है, तो समझ लीजिए कि फिल्म का निशाना बिल्कुल सटीक लगा है। यह फिल्म उन लोगों की 'बौद्धिक नसबंदी' है जो आतंकवाद को 'भटके हुए नौजवानों का गुस्सा' बताते थे।"
"अगर आप 'लिबरल' चश्मा उतारकर देखेंगे, तो आपको इसमें देश का दर्द दिखेगा। और अगर चश्मा लगा रहा, तो यकीनन आपको यह प्रोपेगेंडा ही लगेगा।"
#Dhurandhar2 #ExposingTheTraitors #0Point5Front #RanveerSingh #IndiaFightsBack #JusticeServed
मंगलवार, 24 मार्च 2026
धुरंधर 2 का धमाका! पहले ही दिन 236 करोड़ पार, ‘जवान’ का रिकॉर्ड टूटा, बॉक्स ऑफिस पर तूफान
आदित्य धर की स्पाई एक्शन सीक्वल फिल्म 'धुरंधर 2' ने ओपनिंग डे पर रिकॉर्डतोड़ कमाई की है। प्रीमियर डे पर देश में 43 करोड़ का नेट कलेक्शन करने वाली इस फिल्म ने 19 मार्च को रिलीज डे पर इतिहास रच दिया है। रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म ने गुरुवार को देश में 100+ करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है। यही नहीं, वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाई भी 236 करोड़ के पार चली गई है। सिनेमाघरों में सभी 21,728 शोज में दर्शकों का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला है। गुड़ी पड़वा की छुट्टी के कारण महाराष्ट्र में अलग धूम रही है। जबकि आगे ईद के कारण अब वीकेंड पर यह फिल्म और बंपर कमाई करने वाली है। 'धुरंधर 2' पहले दिन देश में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली चौथी फिल्म बन गई है। जबकि इसने ओपनिंग डे पर सबसे अधिक कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म का कीर्तिमान भी बना लिया है। यही नहीं, A रेटिंग के मामले में यह 'सलार' को पछाड़कर पहले दिन सबसे बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड भी बना चुकी है।
बॉलीवुड को वर्ल्ड लेवल का पहचान दिलाने वाली ये फिल्म अब सिनेमाघरों में एक नया इतिहास रचने जा रही है। बीते साल दिसंबर में रिलीज 'धुरंधर पार्ट 1' ने देश में 1005 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया था। लेकिन रणवीर सिंह की 'धुरंधर: द रिवेंज' जिस रफ्तार से बढ़ रही है, यह दोगुनी-तीन गुनी कमाई कर सकती है। फिल्म में भी उनका किरदार हमज़ा अली मजारी, उस घायल शेर की तरह है जो अपने शिकार पर घाट लगाकर उसे दबोचने के लिए इस बार पूरी तरह से तैयार है। 3 घंटे 49 मिनट और 6 सेकंड की रनटाइम और महंगी टिकटों के बाद भी फिल्म का क्रेज देखने लायक है। आइए जानते हैं फिल्म ने गुरुवार को पहले दिन कितनी कमाई की है।
'धुरंधर 2' की ओपनिंग डे पर बंपर कमाई, प्रीमियर से 138.5% ज्यादा
sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, जहां बुधवार को पेड प्रिव्यू के 12,292 शोज दिखाए गए थे और उनसे 43.00 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन हुआ था, वहीं ओपनिंग डे पर शोज की संख्या 21,728 रही। फिल्म की कमाई में ऐसा भूचाल नजर आया कि कलेक्शन में 138.5% की बढ़ोतरी हुई। ओपनिंग डे, गुरुवार को इस फिल्म ने ₹102.55 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर डाला है। इस तरह, कुल मिलाकर प्रीमियर और ओपनिंग डे से ₹145.55 करोड़ का नेट कलेक्शन हो चुका है। वहीं, ग्रॉस कलेक्शन की बात की जाए तो इसने पेड प्रिव्यू के साथ ओपनिंग डे पर ₹172.63 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली है।
सबसे अधिक हिंदी में हुई कमाई
'धुरंधर 2' देशभर में 5 भाषाओं में रिलीज हुई है। ओपनिंग डे पर इसने सबसे अधिक 99.10 करोड़ रुपये कमाई हिंदी वर्जन से की है। जबकि पवन कल्याण की 'उस्ताद भगत सिंह' के साथ टक्कर के बाद भी तेलुगू वर्जन से 2.12 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ है। हालांकि, प्रीमियर के बाद ओपनिंग डे पर भी तमिल-तेलुगू के कई शोज कैंसिल होने की खबर है। तकनीकी कारणों से शोज नहीं चले, इस कारण पैसे रिफंड भी किए गए हैं।
'धुरंधर 2' की वर्ल्डवाइड कमाई कितनी
वहीं, अगर 'धुरंधर 2' के वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो बताया जा रहा है कि इसने विदेशों में करीब 64 करोड़ रुपये की कमाई की है। इसी के साथ फिल्म ने दुनिया भर में 236 करोड़ रुपये के करीब कमाई कर डाली है।
'जवान', 'सलार' और 'पठान' जैसी फिल्मों को पहले ही दिन दे दी पछाड़
इसी के साथ 'धुरंधर 2' पहले दिन सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों 'बाहुबली 2' ( 121.00), 'RRR' (133.00Cr), 'केजीएफ: चैप्टर 2' (₹116.00Cr) से ये फिल्म भले पीछे हो लेकिन ये 'जवान' (₹75.00 करोड़), 'पठान' (₹57.00Cr) जैसी कई फिल्मों से आगे निकल गई है। वहीं इसने 'सालार' (नेट कलेक्शन ₹90.70 Cr) को भी पछाड़ दिया है।
रोंगटे खड़े कर देने वाले सीक्वेंस
रणवीर सिंह से लेकर राकेश बेदी और सारा अर्जुन हर किसी ने एक्टिंग में वो महारत दिखा दी है कि अब इसके आगे उन्हें सब कम लगेगा। हाई ऑक्टेन एक्शन, हिंसा और रोंगटे खड़े कर देने वाले सीक्वेंसेज़ के साथ दिमाग हिला देने वाले ट्विस्ट के आगे आपकी सारी कल्पनाएं फेल साबित होंगी। पाकिस्तान के गैंगवॉर से लेकर भारत के भीतर हुए बड़े फैसलों, नोटबंदी और विवादित ढांचे के सच को फिल्म की कहानी में बुनते हुए इस कदर दर्शकों को बहा ले जाते हैं आदित्य धर कि अंत तक आप इससे बाहर नहीं निकल पाते। वहीं फिल्म में सीटीमार डायलॉग्स की भी कोई कमी नहीं है। हालांकि, पहली फिल्म की तुलना में म्यूजिक इस बार थोड़ा मात खाती दिख रही, लेकिन कहानी और इन धुरंधर एक्टर्स के साथ सब चल जाएगा।
'धुरंधर 2' में हमजा बना मौत का तूफान, कराची की सड़कों पर दहशत! रोंगटे खड़े कर देगा ‘धुरंधर 2’
‘धुरंधर 2’ के लिए थिएटर में घुसने के साथ ही आपको कहानी के सारे किरदार, प्लॉट ट्विस्ट, डायलॉग, गाने याद आने लगेंगे. आदित्य धर की फिल्ममेकिंग ने ‘धुरंधर’ से ऐसा असर छोड़ा था कि हमज़ा की कहानी पूरी देखने के लिए पिछले तीन महीने से दिमाग कुलबुलाकर रह गया है. आदित्य ये कुलबुलाहट जानते हैं, वो अपने दर्शक को जानते हैं और भरोसा करते हैं. ‘धुरंधर 2’ शुरू होते ही आप उसी कहानी में वापस पहुंच जाते हैं जिसने दिसंबर में साढ़े तीन घंटे के लिए जनता को सीटों से चिपका कर रख दिया था. और ‘धुरंधर 2’ का माल-मसाला कैसा निकला, चलिए बताते हैं.
रणवीर सिंह ने मचाया बवाल
धुरंधर 2’ ने सबसे पहले उन लोगों की शिकायत दूर की है जो पहली फिल्म में रणवीर सिंह के तगड़े धनाके का वेट कर रहे थे. लेकिन उन्हें वो धमाका सिर्फ एंड में दिखा. कहानी जसकीरत सिंह रांगी से शुरू होती है. उसकी लाइफ में ऐसा क्या था जिसने उसे किलिंग मशीन बना दिया, इसकी कहानी देखने के लिए कालेज थोड़ा मजबूत रखना होगा. जसकीरत की कहानी का सबसे बड़ा इमोशन बदला है. इस सीक्वेंस में रणवीर की एनर्जी देखकर पता चलता है कि उनकी कितनी मेहनत लगी है. हिंसा के लिए लगने वाली ताकत के साथ जो इमोशन खर्च होता है, उसे उतारने में भी रणवीर खरे साबित हुए हैं.
जसकीरत का बैकग्राउंड दिखाने के बाद फिल्म उसी ल्यारी में लौटती है, जहां आज वो हमज़ा बनकर राज करने निकला है. ये पोर्शन हमज़ा की टैक्टिकल प्लानिंग, उसके पॉलिटिकल दिमाग और जासूसी स्किल्स को चमकाता है. जमील जमाल, एसपी चौधरी, मेजर इकबाल और उजैर बलोच से हमज़ा कैसे खेल रहा है. वो फर्स्ट हाफ की हाईलाइट है. मगर इंटरवल से ठीक पहले कहानी में एक ट्विस्ट है. हमज़ा और जसकीरत के बीच का पर्दा हटाने वाला एक किरदार आ चुका है. माहौल सेट है, ‘धुरंधर 2’ उसी फॉर्म में है जो ‘धुरंधर’ का कमाल थी. सेकंड हाफ में फिल्म खुलते ही, माहौल बदलेगा.
पंजाब में ड्रग्स की समस्या, अलगाववादी आंदोलनों को मिलती फंडिंग, नेपाल-यूपी के रास्ते देश में घुसती नकली करंसी... ये सब 'धुरंधर 2' के नैरेटिव को एंगेजिंग बनाती हैं. ये वो खबरें हैं जो आप अखबारों में पढ़ते आए हैं, लेकिन फिल्म इन्हें जिस तरह पाकिस्तान की जमीन पर उगे आतंकवाद से जोड़ती है, वो स्क्रीन पर सॉलिड कहानी बनता है. स्क्रीनप्ले आपको एक ऐसी कहानी देता है जिसके घटने की कल्पना आपने रियल घटनाओं को देखकर कभी की होगी, या सुनी होगी. मगर उस फिक्शन को 'धुरंधर 2' मजबूत विजुअल्स देती है.
कराची में हमज़ा का कहर
सेकंड हाफ में हमज़ा उर्फ जसकीरत को अजय सान्याल (आर माधवन) ने खुली छूट दे दी है कि अब वो सारी बेड़ियां तोड़ कर कराची में खुला कहर मचाए. पर असल में बेड़ियां तोड़ी हैं ‘धुरंधर 2’ ने सेकंड हाफ में ये फ़िल्म एक अलग ही चीज है.
‘धुरंधर 2’ का सेकंड हाफ इस बात की कोई परवाह नहीं करता कि आप इस फिल्म को पॉलिटिकल होने के लिए कितना जज करेंगे. और न्यूट्रल कहलाने वाली लकीर के किस तरफ देखेंगे. लेकिन ‘असाधारण रियल घटनाओं’ पर आधारित होने का दावा करती ये कहानी खुले तौर पर पॉलिटिकल रेफरेंस गिराती चलती है. चाहे सरहद के उस पर पाकिस्तान की बात हो, या इस पर भारत की.
पूर्व नेता पर न्यूज चैनलों के सामने चली गोली का सीन. नोटबन्दी को पाकिस्तानी आतंकियों की साजिश नाकाम करने वाला फैसला बताने के सीक्वेंस. भारत से कई सालों पहले गायब हुए एक खूंखार गैंगस्टर को पाकिस्तान में दिखाना. ‘धुरंधर 2’ एक बार के लिए उन सारी घटनाओं को सच की तरह ट्रीट करती है, जिन्हें अभी तक वाइल्ड कॉन्सपिरेसी थ्योरीज माना जाता रहा है. फ़िल्म में एक सीक्वेंस तो ऐसा आता है जब पाकिस्तान में भारत के खिलाफ आतंकवाद का चेहरा रहे बड़े आतंकी थोक में मारे जा रहे हैं. यहां फ़िल्म रियल घटनाओं को फिक्शन से जितना ज्यादा मैंक करने की कोशिश करती है, इंगेजमेंट उतना ही कम होता है. लेकिन ये तय है कि इस फ़िल्म में दिखाई गई एक-एक घटना का सोशल मीडिया-मीडिया में खूब एक्स-रे होने वाला है.
मगर ऐसा करते हुए ‘धुरंधर 2’ फर्स्ट हाफ से लंबा सेकंड हाफ आपके सामने रखती है. इस हिस्से की पेसिंग कुछेक जगहों पर ड्रॉप होती है. लेकिन आदित्य धर अपने बस्ते से क्या नया निकालने वाले हैं ये दिलचस्पी कभी खत्म नहीं होती. रणवीर सिंह सेकंड हाफ में वो सबकुछ कर रहे हैं, जिसकी उम्मीद पहले पार्ट का पहला टीजर देखते हुए आपने की होगी. उन्होंने धर के विजन के आगे खुद को पूरी तरह सरेंडर किया है.
संजय दत्त का एसपी चौधरी ‘धुरंधर 2’ में पहले से भी ज्यादा खतरनाक हो गया है. बल्कि संजय दत्त के लिए ‘धुरंधर 2’ वो फ़िल्म है, जो उनके लिए ‘KGF 2’ होती हुई लग रही थी. अर्जुन रामपाल का मेजर इकबाल इस बार वो विलेन बना है, जिसकी उम्मीद शायद लोगों को फर्स्ट पार्ट से थी. राकेश बेदी साहब का जमील जमाल ‘धुरंधर 2’ का असली हीरो है! फ़िल्म खत्म होने को आएगी तो आप उनके लिए तालियां-सीटियां निकाल सकते हैं.
‘धुरंधर 2’ पहली फ़िल्म की कहानी को उसी रास्ते ले जाती है, जहां जाने की उम्मीद इसे थी. मगर ऐसा करने में इसके स्टाइल, नैरेटिव या एक्शन से कोई समझौता नहीं किया गया है. एक्शन, वायलेंस और गालियां तो पहली फ़िल्म से दोगुनी हैं. और तीनों चीजें पहली फ़िल्म से ज्यादा करारी भी हैं. मगर लंबाई एक छोटा सा मुद्दा तो है ही. कैमियोज के लिए जितनी एक्साइटमेन्ट थी, उतने दमदार नहीं हैं. पोस्ट क्रेडिट सीन है, इसलिए अंत तक बैठें जरूर. हालांकि, उस सीन से आप कितने खुश होंगे ये बाद की बात है!
कुल मिलाकर ‘धुरंधर 2’ दमदार और सॉलिड सीक्वल है, जिसपर प्रोपेगेंडा होने या न होने के टेस्ट पहले से बि ज्यादा होंगे. सिर्फ एक फ़िल्म की तरह देखने वाले दर्शके के लिए ये थोड़ी लंबी जरूर है, मगर लगातार एक के बाद एक सिनेमैटिक मोमेंट्स डिलीवर करती है.
जर्मन शेपर्ड… - जानते है कि आदित्य धर ने धुरंधर की मार्केटिंग क्यों नहीं की?
जर्मन शेपर्ड…
आत्ममुग्धता! जो अपनी खूबसूरती या कमियों को नजरअंदाज कर खुद को सबसे बढ़िया समझता है। अंग्रेजी में इसे “self-obsessed” कहते हैं।
छेनू कुमार और जर्मन शेपर्ड इसी परिभाषा में आते है।
अर्थात् इन लोगों पालने की चीज़ें तो नहीं पाली है लेकिन जो पलानी नहीं चाहिए, वह अवश्य पाली है।
गलतफहमी, इन दोनों को लगता है कि सिस्टम सिर्फ इनसे लगता है। इनके कहे वाक्य अंतिम है।
खैर...
जानते है कि आदित्य धर ने धुरंधर की मार्केटिंग क्यों नहीं की?
दरअसल, आदित्य को अच्छे से मालूम था कि जर्मन शेपर्ड अपनी आत्ममुग्धता में धुरंधर का अच्छा प्रचार करेगा। क्योंकि उसे लगता है कि मेरे सिस्टम में धुरंधर बनी है और मुझे इसकी जानकारी नहीं है। स्पाई थ्रिलर में इतने बड़े ऑपरेशन हो गए लेकिन मुझे सूचना तक नहीं दी।
इसलिए ट्रेलर रिलीज़ के बाद से धुरंधर की सत्यता मापने बैठ गया था कल निकला है और अपने दर्शकों के सामने निवाला फेंक दिया।
इधर हम सभी राष्ट्रवादी लोग इस जर्मन शेपर्ड का हारमोनियम बजाने तैयार बैठे है।
जर्मन शेपर्ड ने आत्ममुग्धता का प्रशिक्षण मोहिनी थिएटर ऑफ़ ड्रामा कंपनी से लिया है इसके गुरु 108 मोहिनी चीफ है। आत्ममुग्धता का क्रिएशन उन्होंने ही किया है।
मोहिनी थिएटर्स ऑफ़ ड्रामा कंपनी का सबसे अच्छा एल्यूमनी है।
आदित्य धर को धुरंधर रिवेंज का प्रमोशन करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि अभी जर्मन शेपर्ड की खुजली खत्म नहीं होगी तो आगे भी प्रचार में होगा।
तीसरे रविवार में धुरंधर ने अवतार फायर एंड ऐश को लिटा दिया है और 30 करोड़ प्लस वसूला है। इसलिए जर्मन शेपर्ड अधिक भौंका है।
धुरंधर और धुरंधर 2 की इतनी जबरदस्त प्लानिंग कि चार महीने से हिन्दुस्तानी जहन में और कोई फिल्म घुस ही नहीं रही ।
मान गए भाई आदित्य धर ! धुरंधर और
धुरंधर 2 की इतनी जबरदस्त प्लानिंग कि
चार महीने से हिन्दुस्तानी जहन में और कोई
फिल्म घुस ही नहीं रही । सनी देओल की
बॉर्डर 2 आई और सिनेमाघरों से उतर भी
गई । अच्छी फिल्म थी , लेकिन खास बात
यह कि धुरंधर नेटफ्लिक्स पर घर घर देख
जाने के बावजूद सिनेमाघरों में आज भी
धड़ल्ले से चल रही है ।
इसी दौरान कश्मीरी पंडित आदित्य धर ने
धुरंधर 2 का टीजर जारी कर एक आग
जलाए रखी है । जाहिर है कि पूर्व घोषित
रिलीज तिथि 19 मार्च तक फिल्म के प्रति
क्रेज बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया
का भारी इस्तेमाल किया जा रहा है । जैसा
कि कल ही बताया गया कि धुरंधर का लिंक
आदित्य धर की ही ब्लॉक बस्टर फिल्म उरी
से जोड़ते हुए धुरंधर में विकी कौशल को भी
लाया गया है । कहा जा रहा है कि दिसंबर में
आई फिल्म धुरंधर तो एक ट्रेलर थी , फिल्म
का असली मजा तो धुरंधर 2 में आएगा ?
वाह रे कश्मीरी पंडित आदित्य धर ! तुम्हारी
क्रिएटिव खोपड़ी का भी जवाब नहीं । धुरंधर
से 1000 करोड़ और अब्रॉड जोड़कर कुल
1400 करोड़ कमा चुके धर धुरंधर 2 से
कितना कमाएंगे , कहना मुश्किल है । चूंकि
धुरंधर 2 की रिलीज डेट धुरंधर आने के
साथ ही घोषित कर दी गई थी अतः अनेक
बड़े निर्माता उसके आसपास अपनी फिल्म
रिलीज नहीं कर रहे हैं । धुरंधर ने दिखा
दिया कि देश क्या है , देशभक्ति क्या है और
राष्ट्रवाद क्या है ।
कुछ समय से जब से कश्मीर फाइल्स , उरी ,
केरला स्टोरीज , बंगाल फाइल्स , इमरजेंसी ,
आर्टिकल 370 जैसी फिल्में आई समझो
गदर ही मच गया । केंद्र में एक दशक पूर्व
नई सरकार बनने के बाद हिन्दुत्व और
राष्ट्रवाद ने जो ऊंची उड़ान भरी वह वाया
बॉर्डर 2 अब धुरंधर 2 पर जाकर ही थमने
वाली है । कमाल की बात है कि पाकिस्तान
में करांची के ल्यारी कस्बे से उड़ने वाली
दुश्मन विरोधी आग अक्षय खन्ना , रणवीर
सिंह , संजय दत्त , सारा अर्जुन , राकेश बेदी ,
अर्जुन रामपाल आदि के कंधों से फैलते हुए
गर्म हवा बनकर बर्फीले मौसम में भी छाई
हुई है ।
धुरंधर 2 आने का ख़ौफ़ इस कदर जिंदा है
कि धुरंधर से भौचक्का पाकिस्तान टकटकी
लगाए भारत की ओर देख रहा है । धुरंधर 2
की रिलीज डेट के पास अब कोई भी फिल्म
रिलीज नहीं होगी । एक फिल्म का इतना
ख़ौफ़ पहले कभी नहीं देखा । भारतीय
सिनेमा यदि हॉलीवुड को मात देती फिल्में
बना रहा है तो यह सुखद है । टीवी और
ओटीटी के जमाने में धुरंधर ने दर्शकों को
कतारबद्ध होकर सिनेमाघरों की ओर खींचा ,
दुनिया में सर्वाधिक फिल्में बनाने वाले भारत
के लिए यह गौरव का विषय है ।
जितने भी आतंकी हमले भारत पर हुए ..भारत ने ओपनली बदला जरूर लिया है फिर चाहे वो बालाकोट हो या ऑपरेशन सिंदूर,
जितने भी आतंकी हमले भारत पर हुए ..भारत ने ओपनली बदला जरूर लिया है फिर चाहे वो बालाकोट हो या ऑपरेशन सिंदूर,
लेकिन बात अगर इंटेलिजेंस की करें तो उनकी दुनिया में इसको बदला लेना नहीं कहते, बदला तो वो होता है जो चोरी छिपे लिया जाता है..
फ़रवरी २०२२ की घटना है,
कराची में ज़ाहिद अखुंड नाम का एक आदमी रहता था जिसकी उमर लगभग ५० साल के क़रीब होगी।
कराची के पूर्वी हिस्से के अख़्तर कॉलोनी में उसकी एक फर्नीचर की दुकान थी।
लेकिन रहता वो पाकिस्तान के पॉश इलाके क्लिफ़्टन में जहाँ आर्मी वाले रहते हैं।
एक दिन हसन रज़ा नाम का कोई बड़ा कस्टमर उससे मिलने वाला था, उसने कहीं बड़ा घर खरीदा था तो उसे फर्नीचर चाहिए था।
उस दिन ज़ाहिद को दुकान नहीं जाना था लेकिन कस्टमर बड़ा कैश लेकर आ रहा था तो जाना पड़ा..
अब जाहिद अपनी होंडा सिटी में बैठकर जैसे ही घर से निकला , दो लोग बाइक से उसका पीछा करने लगे और उसे बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि कोई उसका पीछा कर रहा है।
इवन वे सिर्फ पीछा ही नहीं कर रहे थे बल्कि ये तक सुनिश्चित कर रहे थे कि ज़ाहिद उस रूट पर ही जाए।
जैसे ही वो दुकान के पास पहुँचा, बाइक उसके सामने आकर रुकी। दो लोग बाइक से उतरे, उन्होंने अपने मुँह पर कपड़ा बाँध रखा था,
ज़ाहिद को लगा कि शायद उन्हें रास्ता पूछना है, तो वो बोला, क्या है ?
बाइक चलाने वाले ने पूछा,
ज़हूर इब्राहिम मिस्त्री?
ज़ाहिद ने कहा, समझ नहीं आ रहा क्या कह रहे हो,
बाइक वाला फिर बोला,
ज़हूर इब्राहिम मिस्त्री ना ?
और बाइकमैन ने गन निकाली उसकी छाती पर पहला फायर कर दिया,
गोली चली, तो आवाज़ सुनकर आसपास के लोग भी आ गए,
तभी हमलावर ने दूसरी गोली मारी और बोला
ये वाली रुपिन कत्याल की तरफ़ से..
और इसके बाद दो और फायर किए और जिधर से आए उधर ही हवा की तरह चले गए..
बाद में वो कराची के चोर बाजार पहुंचे, वहाँ जाकर बाइक के पुर्जे पुर्जे अलग कर दिए कि लो अब ढूँढ लो बाइक और फिर गायब हो गए।
और ये वही जहूर मिस्त्री था जो १९९९ में IC-814 के प्लेन हाईजैकिंग में शामिल था, और ज़हूर ने ही प्लेन के यात्री रुपिन कात्याल की बेरहमी से गला काट कर हत्या कर दी थी..
और धुरंधर में कहता है कि
"हिंदू एक डरपोक कौम है, पड़ोस में ही रहते हैं हम, गूदेभर का ज़ोर लगा लो और बिगाड़ लो जो बिगाड़ सकते हो।
अपनी मौत को सामने देखकर समझ आ गया होगा कि हिंदू डरपोक कौम नहीं है और ज़्यादा ज़ोर लगाने की जरूरत नहीं है, दो बाइकमैन ही काम कर सकते हैं।
धुरंधर रिवेंज की यह स्टोरी सबसे इंटरेस्टिंग है
क्योंकि
२२,२३ साल बाद जब कोई अपनी जिंदगी में खुश है, इतना कुछ हो गया था, लेकिन अब उसके पास पॉश एरिया में ख़ुद अपार्टमेंट है, अपने देश में है..
और तो और उसके लिंक जैश-ए- जैसे आतंकी संगठन के साथ है,
उसके बाद भी कोई घर में घुसकर मार देगा ..ऐसा तो उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा..
वैसे इस पूरी घटना को लेकर कभी कोई आधिकारिक बयान नहीं है,
लेकिन जिस तरीके से ये ऑपरेशन किया गया , ट्रैकिंग, पहचान कन्फर्म करना और फिर सटीक हमला
उसे देखकर इसे एक टारगेटेड किलिंग माना जाता है।
#dhurandhar #bollywood #ranveersingh
*स्कैम का नया तरीका!* 30 मिनट में आपकी ज़िंदगी पैसे के मामले में बर्बाद हो सकती है।
*स्कैम का नया तरीका!*
30 मिनट में आपकी ज़िंदगी पैसे के मामले
में बर्बाद हो सकती है।
यह कोई आम फ़ोन स्कैम नहीं है — यह
कहीं ज़्यादा खतरनाक है।
उन्हें आपका पैसा, आपका पासवर्ड या
आपका भरोसा नहीं चाहिए।
उन्हें सिर्फ़ आपकी मेहरबानी चाहिए।
हाल ही में, मॉल, मेट्रो स्टेशन, मार्केटप्लेस
और पब्लिक जगहों पर एक नया "मदद
मांगने वाला स्कैम" सामने आया है।
स्कैमर आमतौर पर अच्छे कपड़े पहने अधेड़
उम्र के या बुज़ुर्ग लोग होते हैं। वे कह सकते
हैं कि उन्हें अपना फ़ोन इस्तेमाल करना नहीं
आता, उन्हें अपनी पेंशन या सब्सिडी चेक
करनी है, या उन्होंने गलती से गलत पेज दबा
दिया है, और वे आपसे अपना फ़ोन चलाने में
मदद मांगते हैं।
खतरनाक हिस्सा:
जब आप फ़ोन हाथ में लेते हैं, तो यह
अक्सर पहले से ही वीडियो कॉल पर होता
है, या स्क्रीन रिकॉर्डिंग और फेशियल
रिकग्निशन परमिशन चालू होती हैं।
दूसरी तरफ़ से कोई आपको देख रहा होता
है। आपको लगता है कि आप मदद कर रहे
हैं, लेकिन आपका बायोमेट्रिक डेटा इकट्ठा
किया जा रहा होता है।
यह कोई आम स्कैम नहीं है। यह एक AI
बायोमेट्रिक आइडेंटिटी स्कैम है।
उन्हें आपका पैसा नहीं चाहिए। वे आपको
चाहते हैं।
अगर आप फ़ोन को छूते हैं (फिंगरप्रिंट),
नंबर या वेरिफिकेशन कोड पढ़ते हैं
(आवाज़), या बोलते या फ़ोन इस्तेमाल करते
समय स्क्रीन देखते हैं (चेहरे का मूवमेंट), तो
आपके तीन मुख्य बायोमेट्रिक
आइडेंटिफायर — फिंगरप्रिंट, आवाज़ और
चेहरा — चोरी हो सकते हैं।
मॉडर्न AI आपका लगभग परफेक्ट
डिजिटल क्लोन बना सकता है।
इसके बाद जो होता है वह डरावना है।
स्कैमर आपके डिजिटल क्लोन का इस्तेमाल
ऑनलाइन लोन, कंज्यूमर फाइनेंसिंग, क्रेडिट
कैश-आउट के लिए अप्लाई करने और
ऑटोमैटिकली फेस और वॉयस वेरिफिकेशन
पास करने के लिए कर सकते हैं।
30 मिनट के अंदर, आप जितने भी लोन के
लिए एलिजिबल हैं, वह खत्म हो सकता है।
जब आपको बैंक नोटिफिकेशन मिलते हैं, तो
आपको पता चलता है कि आपका पैसा
गायब नहीं हुआ है — बल्कि, आप लाखों या
करोड़ों रुपये के कर्ज़ में डूबे हुए हैं।
ये 3 नियम याद रखें:
अजनबियों को अपना फ़ोन चलाने में कभी
मदद न करें। किसी भी चीज़ को न छुएं, न
क्लिक करें, न देखें, और न ही ज़ोर से पढ़ें
— भले ही वे कहें, "बस एक क्लिक।"
अनजान वीडियो कॉल: तुरंत कॉल
डिस्कनेक्ट करें। कैमरे में देखने और बात
करने की रिक्वेस्ट पर कभी भी कोऑपरेट न
करें।
यह मैसेज बुज़ुर्गों, बच्चों और अच्छे दोस्तों
के साथ शेयर करें। स्कैमर अब अच्छे लोगों
को टारगेट कर रहे हैं।
आखिरी याद:
कभी यह न सोचें, "मैं इतना बदकिस्मत नहीं
होऊंगा," या "मैं इतना स्मार्ट हूं कि इस स्कैम
में नहीं फंसूंगा।"
इसी कॉन्फिडेंस और दयालुता का स्कैमर
फायदा उठाते हैं।
प्लीज़ यह मैसेज शेयर करें।
एक एक्स्ट्रा शेयर का मतलब है एक पीड़ित
कम🙏
मोनालिसा के चाचा ने “चौंकाने” वाला खुलासा किया है।
मोनालिसा के चाचा ने “चौंकाने” वाला खुलासा किया है।
चाचा विजय भोसले ने कहा है कि फरमान खान मोनालिसा को बहन मानते हुए उसे “दीदी” कहता था। उन्होंने कहा कि इस रिश्ते को तार-तार करते हुए शादी किए जाने से हम सब सदमे में हैं।
विजय भोसले ने फोन पर चर्चा करते हुए बताया कि फरमान उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन करने के लिए आया था, और उसने हिंदू धर्म के मुताबिक रुद्राक्ष की माला टीका आदि धारण किए हुए थे।
वह मोनालिसा को हमेशा बहन मानते हुए दीदी कह कर पुकारता था। हमें नहीं मालूम था कि दीदी पुकारने वाला व्यक्ति इस रिश्ते को तार-तार कर देगा।
उन्होंने कहा कि हमारे साथ धोखा हुआ है।
उन्होंने बताया कि फरमान ने छुप-छुप कर रील और गाने डालकर मोनालिसा और उसके पिता को प्रभावित कर लिया। उन्होंने कहा कि केवल मोनालिसा नहीं पूरे परिवार को फंसाया गया।
उन्होंने कहा कि वह कहता था कि एक महीने की ट्रेनिंग में कहां से कहां पहुंच जाओगे, ऐसी लाइफ बनेगी कि हमको याद करोगे।
वहीं, विजय भोसले ने बताया कि जब उन्होंने अपने छोटे भाई जय सिंह से पूछा कि यह व्यक्ति कौन है, तो उन्होंने बताया कि वह मोनालिसा को बहन बोलता है और मुझे पापा या अंकल बोलता है।
उन्होंने बताया कि फरमान और उसके साथियों ने सनोज मिश्रा और ट्रेनर महेंद्र लोधी के खिलाफ भड़का कर उनसे दूर कर दिया और उसे केरल ले गए।
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