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शुक्रवार, 25 अगस्त 2023

अधाधुंध कांग्रेस की आलोचना करते जाना ठीक नहीं है। कांग्रेस की उपलब्धियां भी जाननी चाहिए

इतिहास ज्ञात होना चाहिए -: 
अधाधुंध कांग्रेस की आलोचना करते जाना ठीक नहीं है। कांग्रेस की उपलब्धियां भी जाननी चाहिए और देखिए। कौन कहता है की कांग्रेस ने पिछले 65 सालों में कुछ काम नही किया ? बहुत किया, लेकिन मुसलमानों के लिए ? • पाकिस्तान बनाया, मुसलमानों के लिए, • बांग्लादेश बना,  मुसलमानों के लिए, • धारा ३७० लागू हुई, मुसलमानों के लिए। • अल्पसंख्यंक बिल आया, मुसलमानों के लिए। • मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड बना, मुसलमानों के लिए। • अल्पसंख्यंक मंत्रालय बना, मुसलमानों के लिए। • वक़्फ़ बोर्ड बनाया, मुसलमानों के लिए। • अल्पसंख्यंक विश्वविद्यालय बना, मुसलमानों के लिए। • देश का बंटवारा धार्मिक आधार पर हुआ, मुसलमानों के लिए। • Places of worship Act लाये,  मुसलमानों के लिए। • Anti communal violence bill दो बारी संसद में पेश किया परंतु BJP ने पास नहीं होने दिया,  वो बिल भी मुसलमानों के लिए और कहीं अगर यह बिल पास हो जाता तो हिंदुओं को ख़त्म होने में मात्र 10 साल लगते ?  यदि किसी को कोई शक हो तो google पर जाकर पढ़ सकता है। • देश को चुपचाप इस्लामिक देश बनाने की तैयारी कांग्रेस ने की थी, और हिंदूओं के लिए सिर्फ आरक्षण दिया, ताकि हिंदू समाज सदा आपस मे लड़ता रहे और कभी गजवा-ए-हिन्द को समझ ही न पाये । हिंदूओं को दुय्यम, दोयम ( second rate citizen) नागरिक बनाने के लिए - हिंदू कोड बिल लाये, तो वो भी मुसलमानों के लिए, कभी - कभी मन करता है कि पोस्ट ही ना करूं ?  फिर ख्याल आता है कि पढेगा भारत, तभी तो कांग्रेसियों की छाती पे चढ़ेगा भारत ? इस पोस्ट को पढ़कर कुछ समझ आया तो अधिक से अधिक लोगों तक क्या पोस्ट पहुंचने में सहयोग करें। जय श्री राम राधे राधे गोविन्दा ❣️🙏🚩

अनंत काबरा की कलम से....🎇🎇 इंडिया नही‌ भारत कहो


अनंत काबरा की कलम से....

🎇🎇 इंडिया नही‌ भारत कहो 🎇🎇

सभी को शुभकामनाएं... भारत का चंद्रयान 3, चांद के दक्षिणी हिस्से पर पहुंचने वाला पहला राष्ट्र बन गया!*

साफ है... जहां एक और कुछ नकली पार्टियों के दलाल नेता, अभिनेता, तनखैय्या बुद्धिजीवी खिसिया कर *राजीव गांधी चांद योजना... का विज्ञापन देने की सोच रहे होंगे* या फिर *मुफ्त में कुछ और...* ताकि *हिंदुस्तान* टाइप अखबार *विज्ञापन से खरीदें जा सकें...* वहीं भारत को दुनिया भर के शीर्ष पर पहुंचाने का उत्साह दिखाने वाले अपने काम में लगे हुए हैं... 

*परिवारवाद से राष्ट्रवाद की तरफ एक बड़ा कदम बढ़ा चुके अग्रिम पंक्ति के नेताओं को हालांकि अभी भी इंडिया वहम ने जकड़ रखा है...* जल्दी ही वो भी *#भारत_चैलेंज* अपनाएंगे... अन्य कोई विकल्प है ही नहीं... न उनके पास न हमारे पास... धरती की कक्षा से निकल कर चांद पर पहुंचे चंद्रयान 3 की सफलता के साथ ही *इंडिया* की मानसिकता से निकलेगा भारत...

क्योंकि आज भारतीय जनता ने दुनिया को बता दिया... *चांद पर झण्डा होना और झंडे पर चांद होने का मतलब, चांद तारों वाली दुनिया को बता दिया भारत ने...* 

पाकिस्तान जैसे झंड पतंग देशों को भी... जिन्हें बस केवल कब्जा, धर्मांतरण आता है, खालिस्तान के आतंकियों को भी जिन्हें भारतीय ध्वज का अपमान करने के अलावा *कनाडाई* होने का कुछ विकल्प नजर नहीं आता... 

*अब पूरी दुनिया को अंतरिक्ष तकनीक भी बेचेगा भारत!* 

और यहां कुछ नालायक, धूर्त लोग अभी भी अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत को जातियों में तोड़कर उसका धर्मांतरण करने वाले I-N-D-I-A वालों के चक्कर में पड़े हैं... 

*इसलिए आपका जानना अब बहुत जरूरी है कि...*

*प्रयागराज से हरिशंकर गुप्ता* ने चंद्रयान के सतह पर सुरक्षित उतरने के लिए हेजार्डस मैकेनिज्म बनाया!

*मिर्जापुर से आलोक पांडेय* ने लैंडिंग और कम्युनिकेशन की जिम्मेदारी को संभाला!

*उन्नाव के युवा वैज्ञानिक आशीष मिश्रा* ने  लॉन्चिंग से लेकर लैंडिंग के नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक्स और थ्रोटलिंग वाल्व के विकास पर कार्य किया, वो 14 साल से इसरो में हैं! 

*मुरादाबाद के वैज्ञानिकों मेघ भटनागर* ने चंद्रयान 3 का ब्रेन ऑनबोर्ड सॉफ्टवेयर की क्वालिटी कंट्रोलिंग, *अनीश रमन सक्सेना* चंद्रयान वन से इसमें जुड़े हैं, और *रजत प्रताप* सिंह चंद्रयान को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाने वाले रॉकेट कंट्रोलिंग मिशन का हिस्सा हैं!

*फतेहपुर के सुमित कुमार और उनकी टीम* ने यान के लैंडर और रोवर में लगे अत्याधुनिक कैमरों का डिजाइन किया! 

*प्रतापगढ़ के रवि केसरवानी* ने *शेप* डिजाइन किया ताकि चंद्रयान अब सीधे धरती से जुड़कर प्रकाश ले ना की चंद्रमा से रिफ्लेक्ट होकर मिलने वाला प्रकाश! 

*रांची की हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन ने होरीजोंटल स्लाइडिंग डोर, फोल्डिंग प्लेटफॉर्म, विल बोगी जैसे उपकरणों को बनाया!*

*फिरोजाबाद के टिकरी गांव के किसान के बेटे धर्मेंद्र प्रताप यादव* इसरो में 2011 से वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर हैं जिन्होंने मंगलयान से लेकर, चंद्रयान-1, चंद्रयान-2, मिशन में भी भाग लिया अब चंद्रयान-3 में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं!

लेकिन *इसमें एक भी कन्वर्ट, परवर्ट, रावण की पत्थरबाज सेना नहीं है,* क्योंकि वो सभी तो *इंडिया* को बेचने वाले पप्पुओं, भैयाजियों, बहनजियों, दीदियों, इटालियन मेमों के दलालों के जूते सफाई कार्यक्रम में शामिल हैं!

लगे हुए हैं, साम दाम दण्ड भेद से भारत को बर्बाद करने के *इंडिया* कार्यक्रम में, हत्या, लूट, बलात्कार, आगजनी, तोड़फोड़ के खूनी खेला में, जिसकी शुरुआत से अभी तक, इनका एजेंडा है *किसी भी तरह भारत को ईस्ट इंडिया कम्पनी* के लिए *महा-ठग-बंधन* का *इंडिया* बनाए रखा जाए, विदेशी धन से संचालित ये *बड़ा खेला है, धर्मांतरण का!?* 

इस बड़े खेला में *पाकिस्तानी, खालिस्तानी, मुफ्तखोर जेलिंस्की टाइप कितने ही जोकर हैं...* जो भारत के लगभग सभी राज्यों में हैं! 

दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल तक, पंजाब से राजस्थान तक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र, तेलंगाना, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ ही नहीं पूर्वोत्तर भारत से लेकर पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक, लगभग सभी राज्यों में, खास तरीके से, *मुफ्त पानी, बिजली, चावल, गेंहू, लैपटॉप, राशन, एक पर एक फ्री शराब की बोतल के अलावा सीधे अकाउंट में नोट डलवा* भारतीय जनता को *भारत को टुकड़ों टुकड़ों में बांटकर, भारत को विधर्मी बनाने की साजिश में लगे हुए हैं!?*

इसलिए चंद्रयान तो ठीक है, चांद के बाद मंगल, सूरज तक पहुंच जाओगे, पर असुरों से, रावणों से, इस धरती को कौन बचाएगा, कैसे पूछता है भारत!??? जो जल्लाद बन देश को कुतरने में लगे हुए हैं, दु:ख तो इस बात का है, एक भी कांग्रेसी, एक भी वामपंथी, एक भी मजहबी मौलाना/मौलवी, एक भी  फिल्मकार ने‌ बधाई संदेश तक प्रेषित नहीं किया उल्टा मनोबल गिराने‌ का सांस्कृतिक कार्यक्रम किया.. दूसरी ओर चंद्रयान को चांद पर भेजने से पहले सभी वैज्ञानिकों ने तिरुपति बालाजी के दर्शन किए और मन्नत मांगी और‌ लैंडिंग से पूर्व सभी सनातनियों ने यज्ञ, मंत्र जाप और‌ प्रार्थनाएं की..

आज से इंडिया बोलना और लिखना बंद, जब अमरीका, चीन, यहां तक पाकिस्तान समेत, दुनिया भर के सभी देशों का नाम उनकी भाषा में भी वही होता तो भारत को अंग्रेजी में इंडिया कहने वालों के लिए एक चुनौती *#Bharat_Challenge* आज से इंडिया न बोलेंगे, न लिखेंगे बस *भारत* बोलेंगे और भारत लिखेंगे, और अन्य से भी यही निवेदन करेंगे, अंग्रेज चले गए, अब अंग्रेजी गुलामी की मानसिकता से निकलो बाहर!

*गर्व से कहो, हम भारतीय हैं... इंडियन नही... भारत अब धीरे धीरे अपनी रक्षा के लिए स्वदेशी हथियार बना निर्यात करने‌ के लिए संकल्पबद्ध हो‌ चुका है..
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डॉ.अनंत काबरा
जय मां भारती और वंदे मातरम
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