"कचरे से कंचन की ओर" – एक जनआंदोलन की शुरुआत
क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों, और न्यायालयों में करोड़ों रुपए की मशीनें, व्हीलचेयर, एम्बुलेंस और अन्य संसाधन सिर्फ इसलिए बेकार पड़े हैं क्योंकि उन्हें ठीक करने वाला कोई नहीं? क्या आपने महसूस किया है कि लाखों-करोड़ों खर्च करने के बाद भी आम जनता को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं?
अब समय आ गया है समाधान का हिस्सा बनने का, न कि सिर्फ समस्या देखने का। हम एक ऐसा मॉडल लेकर आए हैं, जो यदि जोधपुर या देश के केवल 10% भामाशाहों तक भी पहुंच जाए, तो सरकारी परिसरों में सुविधाओं की क्रांति आ सकती है।
🔧 क्या है यह योजना?
इस पहल के अंतर्गत, हम सरकारी संस्थानों में वर्षों से खराब पड़ी मशीनों, उपकरणों और संसाधनों को न्यूनतम लागत में उपयोगी बनाकर फिर से चालू कर सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर:
₹6,000 की व्हीलचेयर को ₹600 में ठीक किया जा सकता है।
₹1 लाख का ICU मेडिकल बैड मात्र ₹10,000 में फिर से उपयोग में लाया जा सकता है।
₹40,000 की ऑटोमैटिक ट्रॉली केवल ₹4,000 में तैयार की जा सकती है।
यहां तक कि ₹1 करोड़ की गाड़ी भी ₹10 लाख से कम लागत में फिर से सड़कों पर दौड़ सकती है।
और मशीनरी का तो कोई अंत ही नहीं! "भगवान मालिक है, कितना कुछ बेकार पड़ा है और कितना कुछ बचाया जा सकता है!"
👁️ हम कर रहे हैं – आप देखिए, जुड़िए
अगर आप अपनी आँखों से यह सब देखना चाहते हैं तो संपर्क करें: 94141 31279
हम चाहते हैं कि आप सिर्फ एक लेटर अपने क्षेत्र के:
कलेक्टर
मेयर
सीओ (Circle Officer)
स्कूल के हेडमास्टर
अस्पताल के अधीक्षक
को दें, जिसमें लिखा हो कि हमारी संस्था उस स्थान पर खराब पड़े संसाधनों को फिर से उपयोगी बनाना चाहती है। अनुमति मिलने पर हमारी टीम सेवा के लिए तत्पर है।
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🤝 आप क्या कर सकते हैं?
1. अपने गांव, कस्बे या शहर में 10 समझदार लोगों की एक समिति बनाएं।
2. आसपास के सरकारी संस्थानों का निरीक्षण करें – क्या वहां कुछ खराब पड़ा है?
3. हमें जानकारी दें – हम सुझाव देंगे कि उसे कम खर्च में कैसे उपयोगी बनाया जा सकता है।
4. लोगों को इस योजना के बारे में समझाएं, जागरूक करें।
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🔁 फायदा किसका?
समाज का — आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
आपका — एक लाख रुपए लगाकर एक करोड़ की मशीनों को फिर से चालू किया जा सकता है।
पर्यावरण का — कबाड़ नहीं बढ़ेगा, संसाधनों का पुनः उपयोग होगा।
रोजगार का — इससे स्थानीय स्तर पर मरम्मत और सेवा उद्योग को बल मिलेगा।
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😔 दुःख होता है...
जब हम देखते हैं कि करोड़ों की मशीनें केवल एक लाख की फिटिंग के इंतजार में सड़ रही हैं।
जब एम्बुलेंस इसलिए खड़ी है क्योंकि डीज़ल का खर्च या ड्राइवर की व्यवस्था नहीं है।
जब भामाशाह करोड़ों खर्च करते हैं लेकिन आम आदमी को सुविधा नहीं मिलती।
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✨ अब बदलाव आपके हाथ में है...
एक चिट्ठी से शुरू करें।
एक समिति से आगे बढ़ें।
एक उदाहरण बनाएं।
एक गांव/शहर से क्रांति हो सकती है।
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🙏 पुण्य कमाइए – समाज को आगे बढ़ाइए
> यह एक सामाजिक, सच्चा, पारदर्शी और प्रेरणात्मक प्रयास है।
यह सिर्फ सुधार नहीं है – यह नवीन भारत का निर्माण है।
केवल चंद कोठारी जैन, जोधपुर
📞 संपर्क करें: 9414131279
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