यह ब्लॉग खोजें

गुरुवार, 5 अगस्त 2021

एक थीं श्रीमती नीरा आर्य - एक बेसहारा, लावारिस और अनजान के रूप में हुई एक मृत्यु का दर्दनाक सच ..!!!

एक ऐसी घटना, जिसे सुनकर महात्मा और  लेहरु के बारे में फिर से सोचने के लिए आप विवश‌ हो जाएंगे,, क्योंकि सुभाष चंद्र बोस अंग्रेजों की आंखों में गड़ते थे और उनके गायब होने से यही दोनों खूब फले फूले  ..!!

एक बेसहारा, लावारिस और अनजान के रूप में हुई एक मृत्यु का दर्दनाक सच ..!!!
         एक थीं श्रीमती नीरा आर्य ( ०५-०३-१९०२ / २६-०७-१९९८ ) - नेताजी सुभाष चंद्र बोस की रक्षा के लिए इस बहादुर महिला का  "स्तन" तक काट दिया गया ! (मैं स्पष्ट लिखने के लिए सभी से क्षमा चाहूँगा) नीरा आर्य ने श्रीकांत जोइरोंजोन दास से शादी की, जो ब्रिटिश पुलिस में एक सीआईडी ​​इंस्पेक्टर थे। 

     जब कि नीरा आर्य एक सच्ची राष्ट्रवादी थीं, उनके पति एक सच्चे ब्रिटिश नौकर थे। देशभक्त होने के नाते नीरा सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व वाली भारतीय राष्ट्रीय सेना की झांसी रेजिमेंट में शामिल हुईं। 

   नीरा आर्य के पति इंस्पेक्टर श्रीकांत जोइरोंजोन दास सुभाष चंद्र बोस की जासूसी कर रहे थे और जोइरोंजोन दास ने एक बार सुभाष चंद बॉस पर गोलियां चला दीं लेकिन सौभाग्य से सुभाष चंद जी बाल-बाल बच गए। सुभाष चंद बोस को बचाने के लिए नीरा आर्य ने अपने पति की चाकू मार कर हत्या कर दी थी।

           हालाँकि, I.N.A के आत्म समर्पण के बाद । लाल किले में एक मुकदमा (नवंबर-1945 और मई-1946) तक चला। नीरा आर्य को छोड़कर सभी कैदियों को रिहा कर दिया गया । वहीं उसे सेलूर जेल, अंडमान ले जाया गया जहाँ उसे हर दिन प्रताड़ित किया जाता था। 
    
   एक लोहार लोहे की जंजीरें और बेड़ियाँ हटाने आया। उसने जान बूझकर बेड़ियाँ हटाने के बहाने उनकी त्वचा का थोड़ा सा हिस्सा भी काट दिया और उनके पैरों को हथौड़े से 2-3 बार जानबूझ कर मारा। 

       नीरा आर्य ने असहनीय दर्द को सहा। जेलर, जो इस पर पीड़ा का आनंद ले  रहा था, जेलर ने नीरा को रिहा करने की पेशकश  इस शर्त के साथ की कि अगर वह सुभाष चंद बोस के ठिकाने का खुलासा करती है। 

      नीरा आर्य ने जवाब दिया कि बोस की मृत्यु एक विमान दुर्घटना में हुई थी और पूरी दुनिया इसके बारे में जानती है। 

       जेलर ने विश्वास करने से इनकार कर दिया और जवाब दिया, तुम झूठ बोल रही हो, सुभाष चंद बोस अभी भी जीवित हैं। तब नीरा आर्य ने कहा "हाँ, वो ज़िंदा हैं, वो मेरे दिल में रहते हैं !

       जेलर ने गुस्से में आकर कहा, "फिर हम सुभाष चंद बोस को तुम्हारे दिल से निकाल देंगे" जेलर ने उनको गलत तरीके से छुआ और कपड़ों को फाड़ दिया। 

      कपड़े अलग किए और लोहार को उनकी छाती काटने का आदेश दिया। लोहार ने तुरंत ब्रेस्ट रिपर लिया और उसके दाहिने शरीर को कुचलने लगा। बर्बरता यहीं नहीं रुकी, जेलर ने उनकी गर्दन पकड़ ली और कहा कि मैं आपके दोनों 'हिस्सों" को उनके स्थान से अलग कर दूँगा। 
      उन्होंने आगे बर्बर मुस्कान के साथ कहा गनीमत है "ये ब्रेस्ट रिपर गर्म नहीं हुआ है वरना आपके ब्रेस्ट पहले ही कट चुके होते"।

      नीरा आर्य ने अपने जीवन के अंतिम दिन फूल बेचने में बिताए और वह फलकनुमा, भाग्य नगरम में एक छोटी सी झोपड़ी में रहती थीं। 

    'स्वतंत्र कही जाने वाली' सरकार (?)  ने उनकी झोपड़ी को सरकारी जमीन पर बनाने का आरोप लगाते हुए गिरा दिया। 

     नीरा आर्य की मृत्यु २६-०७- १९९८ को एक बेसहारा, लावारिस, अनजानी के रूप में हुई, जिसके लिए पूरी पृथ्वी पर कोई रोने वाला तक नहीं था। 
     मुझे यकीन है , 

हमारे अधिकांश लोग इस सब से अनजान हैं .. और हमारा राष्ट्र गांधी और लेहरू की महान महिमा गा रहा है। 
    आइए उनकी चार दिन पहले गुज़री पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करें।

कुछ बूंद आँसू से ....!!!

🇮🇳🇮🇳🇮🇳️ वंदॆमातरम् 🇮🇳🇮🇳🇮🇳️ 
🚩🚩भारत माता की जय 🚩🚩

🚩 देश, समाज, हर भारतवासी को इनकी सच्चाई से अवगत कराए 🚩

                  🇮🇳 जय हिन्द  🇮🇳

पहले ट्रेनों के नाम होते थे ..निजामुद्दीन एक्सप्रेस..हजरतगंज..अब होते हैं रामायण..वंदेभारत.महाकाल एक्सप्रेस

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
🚨🚨🚩
पहले ट्रेनों के नाम होते थे ..निजामुद्दीन एक्सप्रेस..गरीब नवाज.हजरतगंज..अब होते हैं ...रामायण....वंदेभारत...महाकाल एक्सप्रेस 
फर्क साफ है समझने वालो🤔 के लिए

 कल काशी से...एक ट्रेन का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री जी ने किया जिसका नाम 🙏 महाकाल🚩 एक्सप्रेस रखा गया इस ट्रेन में भगवान शिव के लिए कोच ..b4 में 64 नंबर की बर्थ आरक्षित...सीट पर शिव मंदिर बनाया गया
तीनों ज्योतिर्लिंगों को जोड़ने वाली काशी-महाकाल एक्सप्रेस..

ये तीन धार्मिक स्थानों को जोड़ेगी- वाराणसी में काशी विश्वनाथ..उज्जैन में महाकालेश्वर और इंदौर के पास ओंकारेश्वर 

अभी मोदी को समझना सब कि बस की बात नहींं
👺👺😎😎😡😡


🚨🚨🚩
*देशहित में जारी*
   *बीबीसी के विख्यात पत्रकार मार्क टुली नें ब्यान दिया है, कि "मोदी इस देश के उस बडे बरगद को उखाड़ कर गिरा रहे हैं, जिसमें वर्षों से विषैले कीड़े लगे हुए हैं ! इसके लिए उन्हे लगातार महासंघर्ष करना होगा !"*
   *मोदी नें देश में छुपे सारे जहरीले नागों के बिल में एक साथ हाथ डाल दिया है, इसलिये ये नाग फुफकार रहे हैं, कांग्रेस, वामपंथ, जेहादी, नक्सली, मिशनरी सहित हर तरह के नागों को कांग्रेस नें अपनें पास छुपाए रखा था, भारत भूमि को बर्बाद करने के लिए, वो तो अच्छा हुआ कि मोदी सत्ता में आ गये और इन जहरीले नागों से देश को परिचित और सतर्क कर इन्हें बेनकाब कर दिया, वरना ये जहरीले नाग आनें वाले समय में इस भारत भूमि और हिन्दूओं को निगल जाते और हमारी आनें वाली पीढ़ियों के पास सिवाय रोने, बिलखने के इलावा कुछ नही बचता।*
   *मोदी को बहुत संघर्ष करना होगा और मोदी संघर्ष कर भी लेगा, परन्तु इस देश वासियों को खासकर हिन्दुओं को मोदी के साथ डट कर खड़ा रहना होगा*,
   *क्योंकि मोदी नें ये जंग अपनें लिये नहीं, बल्कि यह  हमारे देशवासी बच्चों, आनें वाली पीढियों और भारत के उज्जवल भविष्य के लिए जंग छेड़ी हुई है।*
    कृपया जनहित में यह आगे भेज कर देशवासी को भी जगानें का काम करें !!


🇮🇳🇮🇳

आपकी रसोई में सौ मर्जो की दवा छिपी है :पुदीना

आपकी रसोई में सौ मर्जो की दवा छिपी है :पुदीना

पुदीना की मूल उत्त्पत्ति का स्थान भूमध्यसागरीयप्रदेश है, परंतु आजकल संसार के अधिकतर देशों में पुदीना का उत्पादन हो रहा है। पुदीना की एक प्रकार की पहाड़ी की किस्म भी होती है

*परिचय :*
पुदीना की मूल उत्त्पत्ति का स्थान भूमध्यसागरीयप्रदेश है, परंतु आजकल संसार के अधिकतर देशों में पुदीना का उत्पादन हो रहा है। पुदीना की एक प्रकार की पहाड़ी की किस्म भी होती है। भारत के लगभग सभी प्रदेशों में पुदीना उगाया जाता है। पुदीना में अधिक तेज खुशबू होती है। 

पुदीना की चटनी अच्छी बनती है। पुदीना का उपयोग कढ़ी में और काढ़ा बनाने में किया जाता है। दाल-साग आदि में भी इसका प्रयोग किया जाता है। यदि हरा व ताजा पुदीना उपलब्ध न हो तो उसके पत्तों को सुखाकर उपयोग में लाया जा सकता है। पुदीना में से रस निकाला जाता है। 

पुदीना की जड़ को जमीन में बोकर पुदीना की उत्त्पति की जाती है। पुदीना किसी भी मौसम में उगाया जा सकता है। घरों के बाहर लॉन में, बड़े गमलों में पुदीना को उगा सकते हैं। पुदीना ( pudina )के पत्तों से भीनी-भीनी सुगंध आती है।
रंग : पुदीना का रंग हरा होता है।

स्वाद : इसका स्वाद तीखा और तेज बदबू वाला होता है।
स्वरूप : पुदीना एक प्रकार की घास है, जिसके पत्ते गोल छोटे और खुशबूदार होते हैं, यह जमीन के ऊपर फैलता है।
स्वभाव : पुदीना खाने में गर्म और खुश्क होता है।

मात्रा : 6 ग्राम पुदीना का सेवन कर सकते हैं। पुदीना के पत्तों का रस 10 से 20 मिलीलीटर तेल में 1 से 3 बूंद तक ले सकते हैं।

*पुदीना के औषधीय गुण:*

पुदीना भारी, मधुर, रुचिकारी, मलमूत्ररोधक, कफ, खांसी, नशा को दूर करने वाला तथा भूख को बढ़ाने वाला है। यह हैजा, संग्रहणी (अधिक दस्त का आना), अतिसार (दस्त), कृमि (कीड़े) तथा पुराने बुखार को दूर करने वाला होता है। यह मन को प्रसन्न करता है, हृदय और गुर्दे के दोषों को दूर करता है, हिचकियों को रोकता है, बादी को समाप्त करता है, पेशाब और पसीना लाता है, बच्चा होने में सहायता करता है, इसके सूंघने से बेहोशी दूर हो जाती है। 

पुदीना अजीर्ण (अपच), मुंह की बदबू, गैस की तकलीफ, हिचकी, बुखार, पेट में दर्द, उल्टी, दस्त, जुकाम, खांसी आदि रोगों में लाभदायक होता है। पुदीना का प्रयोग अर्क (रस) सूप, पेय के रूप में किया जाता है। यह चेहरे के सौंदर्य को बढ़ाने वाला, त्वचा की गर्मी दूर करने वाला, रोगों के कीटाणुओं को नष्ट करने वाला और दिल को ठंडक पहुंचाने वाला है। यह जहरीले कीड़ों के काटने पर और प्रसूति ज्वर में भी लाभकारी होता है।

*पुदीना के लाभ / रोगों का इलाज*

1. मुंह की दुर्गंध: पुदीना ( pudina )की पत्तियों को थोड़े-थोड़े समय के बाद चबाते रहने से मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है। पुदीना की 15-20 हरी पत्तियों को 1 गिलास पानी में अच्छी तरह उबालकर उस पानी से गरारे करने से भी मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है।
2. जहरीले कीड़ों के काटने पर: पुदीना के पत्तों को पीसकर किसी जहरीले कीड़े के द्वारा काटे हुए अंग (भाग) पर लगाएं और पत्तों का रस 2-2 चम्मच की मात्रा में दिन में 3 बार रोगी को पिलाने से आराम मिलता है।
3. चेहरे की सौंदर्यता: पुदीना की पत्तियों को पीसकर गाढ़े लेप को सोने से पहले चेहरे पर अच्छी तरह से मल लें। सुबह चेहरा गर्म पानी से धो लें। इस लेप को रोजाना लगाने से चेहरे के दाग-धब्बे, झांइयां और फुंसियां दूर हो जाती हैं और चेहरे पर निखार आ जाता है।
4. गैस:
★ 4 चम्मच पुदीना के रस में 1 नींबू का रस और 2 चम्मच शहद मिलाकर पीने से गैस के रोग में आराम आता है।
★ सुबह 1 गिलास पानी में 25 मिलीलीटर पुदीना का रस और 30 ग्राम शहद मिलाकर पीने से गैस समाप्त हो जाती है।
★ 60 ग्राम पुदीना , 10 ग्राम अदरक और 8 ग्राम अजवायन को 1 गिलास पानी में डालकर उबाल लें। उबाल आने पर इसमें आधा कप दूध और स्वाद के अनुसार गुड़ मिलाकर पीएं। चौथाई कप पुदीना का रस आघा कप पानी में आधा नींबू निचोड़कर 7 बार उलट-उलट कर पीने से भी गैस से होने वाला पेट का दर्द तुरंत ठीक हो जाता है।
★ पुदीना की ताजी पत्ती, छुहारा, कालीमिर्च, सेंधानमक, हींग, कालीद्राक्ष (मुनक्का) और जीरा इन सबकी चटनी बनाकर उसमें नींबू का रस निचोड़कर खाने से भोजन के प्रति रुचि उत्पन्न होती है, स्वाद आता है, गैस दूर होकर भोजन पचाने की क्रिया तेज होती है और मुंह का फीकापन दूर होता है।
★ 20 मिलीलीटर पुदीना का रस, 10 ग्राम शहद और 5 मिलीलीटर नींबू के रस को मिलाकर खाने से पेट के वायु विकार (गैस) समाप्त हो जाते हैं।
★ पुदीने की पत्तियों का 2 चम्मच रस, आधा नींबू का रस मिलाकर पीने से लाभ होता है।
5. आंतों के कीड़े: पुदीना का रस रोगी को पिलाने से आंतों के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
6. बिच्छू के काटने पर: बिच्छू के काटने पर पुदीना का लेप करने और पानी में पीसकर रोगी को पिलाने से लाभ होता है।
7. पेट में दर्द व अरुचि (भूख का लगना): 3 ग्राम पुदीना के रस में हींग, जीरा, कालीमिर्च और थोड़ा सा नमक डालकर गर्म करके पीने से पेट के दर्द और अरुचि (भोजन की इच्छा न होना) रोग ठीक हो जाते हैं।
8. त्वचा के रोग: खाज-खुजली आदि त्वचा के रोगों में हल्दी और पुदीना का रस बराबर की मात्रा में मिलाकर लगाने से लाभ होता है।
9. सर्दी और खांसी: पुदीना की पत्तियों और कालीमिर्च को मिलाकर गर्म-गर्म चाय रोगी को पिलाने से सर्दी-खांसी, जुकाम, दमा और बुखार में आराम मिलता है।
10. पेट में कीड़े (कृमि): आधा कप पुदीना का रस दिन में 2 बार नियमित रूप से कुछ दिनों तक पिलाते रहने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
11. बदहजमी (भोजन का न पचना), भूख की कमी: 4-6 मुनक्का के साथ 8-10 पुदीना की पत्तियां सुबह-शाम खाने के बाद नियमित रूप से चबाते रहने से आराम मिलेगा।
12. खांसी: चौथाई कप पुदीना का रस इतने ही पानी में मिलाकर रोजाना 3 बार पीने से खांसी, जुकाम, कफ-दमा व मंदाग्नि में लाभ होता है।
13. त्वचा की गर्मी: हरा पुदीना पीसकर चेहरे पर बीस मिनट तक लगाने से त्वचा की गर्मी दूर हो जाती है।
14. जुकाम:
★ पुदीना , कालीमिर्च के पांच दाने और नमक इच्छानुसार डालकर चाय की भांति उबालकर रोजाना तीन बार पीने से जुकाम, खांसी और मामूली ज्वर में लाभ मिलता है।
★ पुदीना के रस की बूंदों को नाक में डालने से पीनस (जुकाम) के रोग में लाभ होता है।
★ पुदीना की चाय बनाकर उसके अंदर थोड़ा-सा नमक डालकर पीने से खांसी और जुकाम में लाभ मिलता है।
★ पुदीना के रस की 1-2 बूंदे नाक में डालने से पीनस (जुकाम) रोग नष्ट हो जाता है।
15. रक्त (खून) का जमना: चोट लग जाने से रक्त जमा हो जाने (गुठली-सी बन जाने पर) पुदीना( pudina ) का अर्क (रस) पीने से गुठली पिघल जाती है।
16. पित्ती: पुदीना 10 या 20 ग्राम को 200 मिलीलीटर पानी में उबालकर छानकर पिलाने से बार-बार उछलने वाली पित्ती ठीक हो जाती है।
17. बिच्छू के डंक: पुदीना का रस पीने से या उसके पत्ते खाने से बिच्छू के डंक मारने से होने वाला कष्ट दूर होता है।
18. सिर का दर्द:
★ सिर पर हरे पुदीना का रस निकालकर लगाने से सिर दर्द दूर हो जाता है।
★ पुदीना की पत्तियों को पानी में पीसकर माथे पर लेप करने से सिर का दर्द खत्म हो जाता है।
19. बच्चों के रोग: कान में दर्द हो तो पुदीना का रस डालें या हरी मकोय का रस कान में डालना चाहिए।
20. हैजा:
★ पुदीना का रस पीने से हैजा, खांसी, वमन (उल्टी) और अतिसार (दस्त) के रोग में लाभ होता है। इससे पेट में से गैस और कीड़े भी समाप्त हो जाते हैं।
★ हैजा होने पर पुदीना , प्याज और नींबू का रस मिलाकर रोगी को देने से लाभ मिलता है।
★ किसी व्यक्ति को हैजा होने पर उस व्यक्ति को प्याज का रस पिलाने से हैजे के रोग में आराम आता है।
★ 30 पुदीने की पत्तियां, 4 कालीमिर्च, काला-नमक 2 चुटकी, 2 भुनी हुई इलायची, 1 चोई इमली पकी। इन सब चीजों में पानी डालकर चटनी बना लें। इस चटनी को बार बार रोगी को चाटने के लिए दें।
★ पुदीना की 30 पत्तियां, कालीमिर्च के दाने 3 नग, कालानमक 1 ग्राम, भुनी हुई 2 छोटी इलायची, कच्ची अथवा पकी इमली 1 ग्राम इन सबको पानी के साथ पीसकर चटनी-सी बना लें। यह चटनी हैजे के रोगी को चटाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त तथा प्यास आदि विकार दूर हो जाते हैं।
★ 10-10 मिलीलीटर पुदीना , प्याज और नींबू का रस मिलाकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में रोगी को पिलाने से हैजे के रोग में बहुत लाभ होता है। इससे वमन (उल्टी) भी जल्दी बंद हो जाती है।
21. वायु के रोग: पुदीना , तुलसी, कालीमिर्च और अदरक का काढ़ा पीने से वायु रोग (वात रोग) दूर होता है और भूख भी बहुत लगती है।
22. आंतों के रोग: पुदीना का ताजा रस शहद के साथ सेवन करने से आंतों की खराबी और पेट के रोग मिटते हैं। आंतों की बीमारी से पीड़ित रोगियों के लिए पुदीना के ताजे रस का सेवन करना बहुत ही लाभकारी है।
23. शीत बुखार में: पुदीना और अदरक का रस या काढ़ा पीने से शीतज्वर मिट जाता है। इससे पसीना निकल आता है और हर प्रकार का ज्वर मिट जाता हैं। गैस और जुकाम के रोग में भी यह काढ़ा बहुत लाभ पहुंचाता है।
24. टायफाइड : पुदीना , राम तुलसी (छोटे और हरे पत्तों वाली तुलसी) और श्याम तुलसी (काले पत्तों वाली तुलसी) का रस निकालकर उसमें थोड़ा-सा शक्कर (चीनी) मिलाकर सेवन करने से टायफाइड (मोतीझारा) के रोग में लाभ होता है।
25. न्युमोनिया (ठंड लगकर बुखार आना) : पुदीना का ताजा रस शहद के साथ मिलाकर हर 1 घंटे के बाद देने से न्युमोनिया (त्रिदोषज्वर-वात, पित्त और कफ) से होने वाले अनेक विकारों (बीमारियों) की रोकथाम करता है और बुखार को समाप्त करता है।
26. चेहरे की झांइयां: पुदीना के रस को मुल्तानी मिट्टी में मिलाकर चेहरे पर लेप करने से चेहरे की झांइयां समाप्त हो जाती हैं और चेहरे की चमक बढ जाती है।
27. पेट के रोग:
★ पुदीना का रस कृमि (कीड़े) और वायु विकारों (रोगों) को नष्ट करने वाला होता है। पुदीना के 5 मिलीलीटर रस में नींबू का 5 मिलीलीटर रस और 7-8 ग्राम शहद मिलाकर सेवन करने से उदर (पेट) के रोग दूर हो जाते हैं।
★ 2 चम्मच पुदीने का रस, 1 चम्मच नींबू का रस और 2 चम्मच शहद को मिलाकर सेवन करने से पेट के रोग दूर होते हैं।
★ 100 मिलीलीटर पुदीना का रस गर्म करके, 9 ग्राम शहद और लगभग 6 ग्राम नमक को मिलाकर पीने से उल्टी होकर पेट की बीमारी ठीक हो जाती है।
28. दाद:
★ शरीर के किसी भाग में दाद होने पर उस भाग पर पुदीना के रस को 1 दिन में 2-3 बार दाद पर लगाने से लाभ मिलता है।
★ पुदीना का रस दाद पर बार-बार लगाते रहने से दाद ठीक हो जाता है।
29. बुखार:
★ पुदीना और तुलसी का काढ़ा बनाकर रोजाना पीने से आने वाला बुखार रुक जाता है।
★ पुदीना और अदरक को पानी में उबालकर काढ़ा बना लें, फिर इसे छानकर दिन में 2 बार पीने से बुखार ठीक हो जाता है। प्रतिश्याय (जुकाम) में भी इससे बहुत लाभ होता है।
★ पुदीना के पत्तों और मिश्री को मिलाकर शर्बत बनाकर बार-बार पीने से कफ के साथ-साथ बुखार में आराम मिलता है।
30. अरुचि (भोजन की इच्छा न करना): हरा धनिया, पुदीना , कालीमिर्च, अंगूर या अनार की चटनी बनाकर उसमें नींबू का रस मिलाकर खाने से अरुचि (भूख का न लगना) समाप्त होती है और पाचन क्रिया तेज होने से भूख भी अधिक लगती है।
31. शरीर में गर्मी: पुदीना की पत्तियों को पानी के साथ पीसकर शरीर पर लेप करने से शरीर की गर्मी दूर होती है।
32. त्वचा का तैलीयपन: चेहरे की त्वचा अधिक तैलीय होने पर रोजाना पुदीना का रस रूई के साथ चेहरे पर लगाने से त्वचा का तैलीयपन कम होता है और चेहरे का सौंदर्य भी बढ़ता है।
33. शारीरिक कमजोरी: पुदीने में विटामिन-ई पाया जाता है, जो शरीर की शिथिलता (कमजोरी) और वृद्धावस्था (बुढ़ापे) को आने से रोकता है। इसके सेवन करने से नसे भी मजबूत होती हैं।
34. पेट के कीड़े: पुदीना को नियमित रूप से खाने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
35. सर्दी-जुकाम: पुदीने के रस की 1 बूंद दिन में 3-4 बार नाक में डालने से सर्दी और जुकाम में लाभ मिलता है।
36. मुंह की सफाई के लिए: पुदीना चबाकर खाने से दांतों के बीच छिपे भोजन के कण दूर होते हैं और मुंह की सफाई भी हो जाती है।
37. आंखों के रोगों में: पुदीना में विटामिन-ए मिलता है, जो आंखों के रोगों में लाभदायक होता है।
38. दांतों का दर्द:
★ सूखे पुदीने को पीसकर प्रतिदिन मंजन करने से दांतों का दर्द ठीक होता है।
★ पुदीना पाचक (हाजमेदार) होता है व पेट का दर्द, वायुविकार, अपच (भोजन) आदि को ठीक कर दांतों का दर्द ठीक करता है।
39. दमा या श्वास:
★ दमा, खांसी, मंदाग्नि और जुकाम होने पर चौथाई कप पुदीना का रस इतना ही पानी मिलाकर प्रतिदिन पीते रहने से लाभ मिलता है।
★ चौथाई कप पुदीना का रस इतने ही पानी में मिलाकर प्रतिदिन 3 बार पीने से लाभ मिलता है। खांसी और दमा इत्यादि विकारों पर पुदीना अपने `कफनिस्सारक` गुणों के कारण काफी असरकारक सिद्ध होता है। पुदीने का रस इन सभी रोगों में बहुत ही लाभकारी होता है।
40. अफारा (गैस का बनना):
★ पुदीना के 5 मिलीलीटर रस में थोड़ा-सा सेंधानमक मिलाकर सेवन कराने से आध्यमान (अफारा) ठीक हो जाता है।
★ पुदीना का रस 50 मिलीलीटर, मिश्री 5 ग्राम और 2 ग्राम यवक्षार मिलाकर खाने से आध्यमान (अफारा, गैस) दूर हो जाता है।
★ पुदीना के पत्तों का शर्बत बनाकर पीने से अफारा में लाभ होता है।
41. खट्टी डकारे आना: पुदीना और इमली को पीसकर उसमें सेंधानमक या शहद मिलाकर खाने से खट्टी डकारे और उल्टी आना शांत हो जाती है।
42. वमन (उल्टी):
★ 4 पुदीना के पत्ते और 2 आम के पत्तों को लेकर 1 कप पानी में डालकर उबालने के लिए रख दें। जब उबलता हुआ पानी आधा बाकी रह जाए तो उस पानी में मिश्री डालकर काढ़े की तरह पीने से उल्टी ठीक हो जाती है।
★ 6 मिलीलीटर पुदीना का रस और लगभग लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग सेंधानमक मिलाकर पीस लें इसे ताजे पानी में मिलाकर थोड़ा-थोड़ा पीने से उल्टी आना बंद हो जाती है।
★ अगर पेट के खराब होने की वजह से छाती भारी-भारी लग रही हो और बेचैनी के कारण उल्टी हो रही हो तो 1 चम्मच पुदीने के रस को पानी के साथ पिलाने से लाभ होता है।
★ 2-2 ग्राम पुदीना , छोटी पीपल और छोटी इलायची को एक साथ मिलाकर खाने से उल्टी होना बंद हो जाती है।
★ 10 बूंद पुदीने के रस को पानी में मिलाकर उसमें शक्कर डालकर पीने से उल्टी आना बंद हो जाती है।
★ पुदीना के पत्तों का शर्बत दिन में कई बार पीने से उल्टी और जी मिचलाना (उबकाई) आदि रोग दूर होते हैं।
★ पुदीना का रस और नींबू के रस को बराबर मात्रा में दिन में 1 चम्मच की मात्रा में 3-4 बार रोगी को पिलाने से उल्टी आना बंद हो जाती है।
★ पुदीना को नींबू के साथ देने से उल्टी आना बंद हो जाती है।
★ आधा कप पुदीना का रस 2-2 घण्टे के अंतराल में पिलाते रहने से लाभ उल्टी, दस्त और हैजा में मिलता है।
43. गर्भनिरोध (गर्भ का न ठहराना): पुदीना को सुखाकर बारीक पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें, फिर इसे स्त्री को संभोग (सहवास) करने से पहले लगभग 10 ग्राम की मात्रा में पानी के साथ पिलाने से स्त्री का गर्भ नहीं ठहरता हैं। ध्यान रहे कि जब गर्भाधान अपेक्षित हो तो इस चूर्ण का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
44. मुंह के छाले: हरा पुदीना , सूखा धनिया और मिश्री बराबर मात्रा में लेकर चबायें और लार को नीचे टपकायें। इससे मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।
45. दस्त: पुदीने को पीसकर प्राप्त रस को 1 चम्मच की मात्रा में लेकर 1 कप पानी में डालकर पीयें।
46. हिचकी:
★ पुदीना के पत्तों को चूसने और पत्तों को नारियल (खोपरे) के साथ चबाकर खाने से हिचकी दूर होती है।
★ पुदीना के पत्ते या नींबू को चूसने या पुदीना के पत्तों को शक्कर (चीनी) में मिलाकर चबाने से हिचकी का आना बंद हो जाता है।
★ पुदीना के सूखे और हरे पत्ते को शक्कर के साथ चबाने से हिचकी नहीं आती है।
★ 2 मिलीलीटर हरे पुदीने के रस में 2 ग्राम चीनी मिलाकर चबाने से हिचकी मिट जाती है।
★ पुदीने के पत्ते को मिश्री के साथ खाने से हिचकी मिट जाती है।
★ पुदीना के रस को हिचकी में पीने से लाभ होता है।
★ हिचकी बंद न हो तो पुदीने के पत्ते या नींबू चूसें। पुदीने के पत्तों पर शक्कर डालकर हर दो घंटे में चबाने से हिचकी में फायदा होता है।
★ 1-1 गोली पुदीना खाना-खाने के बाद सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करने से हिचकी में लाभ होता है।
★ 1 चम्मच पुदीने का रस, 1 चम्मच नींबू का रस और 1 चम्मच शक्कर आदि तीनों को एक साथ मिलाकर पीने से हिचकी नहीं आती है।
47. मुंह की बदबू: पुदीना को पानी से पीसकर घोल बनाकर दिन में 3 से 4 बार कुल्ला करने से मुंह से दुर्गंध व अन्य रोग भी ठीक होते हैं।
48. गर्भवती स्त्री का जी मिचलाना: पुदीना का रस लगभग 30 मिलीलीटर प्रत्येक 6 घंटे पर गर्भवती स्त्री को सेवन कराने से जी का मिचलाना बंद हो जाता है।
49. कान के कीड़े: कान के अंदर अगर बहुत ही बारीक कीड़ा चला जाये तो कान में पुदीने का रस डालने से कान का कीड़ा समाप्त हो जाता है।
50. मासिक-धर्म की अनियमितता: पुदीने की चटनी कुछ दिनों तक लगातार खाने से मासिक-धर्म नियमित हो जाता है।
51. चोट से खून जमने पर:
★ पुदीना का रस पिलाने से जमा हुआ खून टूटकर बिखर जाता है।
★ सूखा पुदीना पीसकर फंकी लेने से खून का जमाव बिखर जाता है।
52. नष्टार्तव (बंद माहवारी): पुदीना के पत्तों का अधिक मात्रा में बार-बार सेवन करने से माहवारी शुरू हो जाती है। इसे चाहे जिस रूप में सेवन किया जाए या इसके पत्तों को पीस-घोलकर या मिश्री मिलाकर शर्बत के रूप में सेवन करना चाहिए।
53. घाव: पुदीने के पत्तों को पीसकर पोटली बनाकर जख्म पर बांधने से घाव के कीड़े मर जाते हैं।
54. अग्निमांद्यता (अपच): 20 हरे पुदीना की पत्तियां, 5 ग्राम जीरा और थोड़ी-सी हींग, कालीमिर्च के 10 दाने, चुटकीभर नमक को मिलाकर चटनी बनाकर 1 गिलास पानी में उबालें जब पानी आधा गिलास शेष रह जाए, तो छानकर पीने से लाभ होता है।
55. अम्लपित्त: 1 कप पानी में पुदीने की चटनी बनाकर, थोड़ी-सी चीनी डालकर अच्छी तरह मिलाकर सेवन करने से अम्लपित्त के कारण पेट में होने वाली जलन को शांत होती है।
56. कफ: कफ (बलगम) होने पर चौथाई कप पुदीना का रस इतने ही गर्म पानी में मिलाकर रोज 3 बार पीने से कफ में लाभ होता है।
57. प्रसव (प्रजनन का दर्द) वेदना: जंगली पुदीना और हंसराज दोनों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेकर काढ़ा बनाकर इसमें थोड़ी सी मिश्री मिलाकर सेवन करने से प्रजनन में दर्द नहीं होता है।
58. यकृत का बढ़ना: पुदीने के रस में नींबू का रस मिलाकर, पानी में डालकर पिलाने से यकृत वृद्धि मिट जाती है।
59. पित्त ज्वर: घबराहट व बैचेनी में पुदीना का रस लाभदायक होता है।
60. लू का लगना:
★ लगभग 20 पुदीना की पत्तियां, लगभग 3 ग्राम सफेद जीरा और 2 लौंग मिलाकर इन सबको पीसकर जल में घोलकर, छानकर रोगी को पिलाने से लू से होने वाली बेचैनी खत्म हो जाती है।
★ लगभग 150 मिलीलीटर पुदीना के रस को इतने ही ग्राम पानी के साथ पीने से लू से होने वाले खतरों से बचा जा सकता है।
★ सूखा पुदीना , खस तथा बड़ी इलायची लगभग 50-50 ग्राम की बराबर मात्रा में लेकर कूट लें और इसका चूर्ण बना लें, फिर इसे एक लीटर पानी में उबालकर काढ़ा बना लें। इस काढ़े को ठंडा करके लगभग 100 मिलीलीटर की मात्रा में पीने से लू ठीक हो जाती है।
61. शीतपित्त:
★ पुदीना 7 ग्राम और 20 ग्राम गुड़ को 100 मिलीलीटर पानी में उबालकर पीने से बार-बार पित्ती निकलना ठीक हो जाती है।
★ पुदीना को पानी के साथ काढ़ा बनाकर थोड़ा-सा गुड़ मिलाकर खाने से पित्त में बहुत ही लाभ होता है।
★ 2 चम्मच पुदीना के पत्तों का सूखा चूर्ण और 1 चम्मच मिश्री या चीनी मिलाकर सेवन करने से पेट के दर्द में आराम होता है।
★ सूखा पुदीना और चीनी को बराबर मात्रा में मिलाकर 2 चम्मच की फंकी लेने से पेट दर्द ठीक हो जाता है।
★ 5-5 मिलीलीटर पुदीना का रस, अदरक का रस और 1 ग्राम सेंधानमक को मिलाकर सेवन करने से पेट का दर्द दूर हो जाता है।
★ 5 मिलीलीटर पुदीना का रस और 5 मिलीलीटर अदरक के रस को मिलाकर, उसमें थोड़ा-सा सेंधानमक डालकर सेवन करने से उदर शूल (पेट में दर्द) समाप्त हो जाता है।
★ पुदीना के 7 पत्ते और छोटी इलायची का 1 दाना पानी के पत्ते में लगाकर खाने से पेट में होने वाले दर्द में लाभ करता है।
★ पुदीना के पत्तों का शर्बत पीने से पेट का दर्द समाप्त हो जाता है।
★ 4 ग्राम पुदीने में आधा-आधा चम्मच सौंफ और अजवायन, थोड़ा-सा कालानमक और लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग हींग को मिलाकर बारीक मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें, इस बने चूर्ण को गर्म पानी के साथ सेवन करने से पेट में होने वाले दर्द में लाभ होता है।
★ 3 ग्राम पुदीना , जीरा, हींग, कालीमिर्च और नमक आदि को पीसकर पानी में मिलाकर पीने से पेट के दर्द में आराम मिलता है।
★ पुदीना , सौंफ, सोंठ और गुलकंद को अच्छी तरह पीसकर पानी में उबालकर दिन में 3 बार रोजाना खुराक के रूप में पीने से पेट के दर्द और कब्ज की शिकायत दूर होती है।
★ 2 चम्मच सूखे पुदीने को काले नमक के साथ सेवन करने से पेट के दर्द में लाभ होता है।
★ सूखा पुदीना और चीनी को बराबर मात्रा में पीसकर रख लें, फिर 2 चम्मच को फंकी के रूप में गर्म पानी के साथ पीने से पेट के दर्द में लाभ होता है।
63. मुर्च्छा (बेहोशी):
★ बेहोश व्यक्ति को पुदीना की खुशबू सुंघाने से बेहोशी दूर हो जाती है।
★ पुदीना के पत्तों को मसलकर सुंघाने से बेहोशी दूर हो जाती है।
64. मूत्ररोग: 2 चम्मच पुदीने की चटनी शक्कर में मिलाकर भोजन के साथ खाने से लाभ होता है।
65. गठिया (घुटनों के दर्द): गठिया के रोगी को पुदीना का काढ़ा बनाकर पीने से पेशाब खुलकर आता है और गठिया रोग में आराम मिलता है।
66. त्वचा के रोग: हरे पुदीना को पीसकर कम से कम 20 मिनट तक चेहरे पर लगाने से चेहरे की गर्मी समाप्त हो जाती है।
67. निम्नरक्तचाप (लो ब्लडप्रेशर): 50 ग्राम पुदीना को पीसकर उसमें स्वाद के अनुसार सेंधानमक, हरा धनिया और कालीमिर्च को डालकर चटनी के रूप में सेवन करने से बहुत लाभ होता है।
68. पीलिया:
★ पुदीना के अधिक सेवन से पीलिया में लाभ होता है।
★ पुदीना की चटनी ( pudina chutney )नित्य रोटी के साथ खाने से पीलिया में लाभ होता है।
★ पुदीना के रस को शहद के साथ पन्द्रह दिनों तक सेवन करने से पीलिया में लाभ होगा।
69. चेहरे के दाग-धब्बे: शराब के अंदर पुदीने की पत्तियों को पीसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे के दाग, धब्बे, झांई सब मिट जाते हैं और चेहरा चमक उठता है।
70. गले के रोग: 5-5 ग्राम पुदीना , लोहबान और अजवायन का रस, 5 ग्राम कपूर और 5 ग्राम हींग को 25 ग्राम शहद में मिलाकर एक साफ शीशी में भरकर रख लें, फिर पान के पत्ते में चूना-कत्था लगाकर शीशी में से 4 बूंदे इस पत्ते में डालकर खाने से गले का दर्द दूर होता है।

*पुदीना के नुकसान  :*

पुदीना धातु के लिए हानिकारक होता है। पित्तकारक प्रकृति होने के कारण पित्त प्रवृति के लोगों को पुदीना का सेवन कम मात्रा में कभी-कभी ही करना चाहिए।

भारत माता की जय 🇮🇳
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः

गोबर को बनाये आमदनी का जरिया, मिलेगा रोजगार, आत्मिक सुख और धन का दरिया

गोबर को बनाये आमदनी का जरिया, मिलेगा रोजगार, आत्मिक सुख और धन का दरिया

गोबर से उपले (कंडे), बिजली और खाद्य बनने की जानकारी तो है लेकिन बहुत कम लोगों को इसके जरिए बड़ा बिजनेस (business) करने के बारे में पता होगा. फिर चाहें आप शहर में हो या फिर गांव में. बस आपके पास पर्याप्त गोबर एकत्रित करने का लिंक होना चाहिए और एक खुली जगह, जहां आप इनके प्रोडक्ट्स को धूप में सुखा सकें. साथ ही ऐसा मार्केट, जहां से सेल ऑर्डर मिल सके. यह बिजनेस (business) आपको ‌कम समय में मालामाल बना सकता है. हालांकि, पहला सवाल मन में आता है, कैसे? इसी सवाल पर हम आपको यहां दे रहे हैं पूरी जानकारी

*एक साथ या अलग अलग बिजनेस*
लकड़ी, धूप और अगरबत्ती.

यह तीनों बिजनेस (business) एकसाथ या अलग अलग कर सकते हैं. सभी के लिए कम इन्वेस्टमेंट और स्पेस चाहिए होता है. इनकी मशीनें ऑनलाइन भी मिलती हैं। लकड़ी बनाने की मशीन करीब 40 से 70 हजार और धूप-अगरबत्ती के लिए मशीन एक से दो लाख रुपये तक की कीमत में उपलब्ध है. रॉ मैटेरियल के लिए आपको चारकोल या बुरादा चाहिए होता है जो आसानी से मिल भी जाता है. इस बिजनेस (business) से पर्यावरण भी बचेगा और अध्यात्म का मार्केट भी मिलेगा. हम दिल्ली को ही लें तो यहां मंदिर, पूजा-अर्चना के अलावा श्मशान घाट में भी गोबर से बनी लकड़ी की मांग है.

*अकेले लकड़ी से कमाएं 50 हजार*
शुरुआत में लकड़ी बनाने का यह बिजनेस आपको चार या पांच हजार रुपये ही कमाई देता है लेकिन छह महीने बाद यह कमाई 10 गुना तक बढ़ जाती है. सबसे अच्छी बात है कि इस बिजनेस (business) में आपके पास खुला मार्केट है और कंपटीशन भी न के बराबर है. यानी आप जितना चाहें उतना बिजनेस (business) बढ़ा सकते हैं और उतनी कमाई भी कर सकते हैं, इसलिए यह अनिलिमिटेड कमाई वाला बिजनेस है. अकेले लकड़ी का व्यापार एक लाख रुपये से कम में शुरू हो सकता है.

*ऐसे समझें मुनाफा*
अनुमान के मुताबिक 50 गाय-भैंस से 2.5 क्विटंल गोबर मिलता है जिनसे 500 से 600 किलो तक लकड़ी बन जाती है. पांच सेंकड में एक किलो और एक मिनट में तीन फुट लंबी लकड़ी तक बन जाती है. गोबर की लकड़ी 600 रुपये प्रति क्विंटल कीमत पर बिकती है. अलग-अलग मार्केट में यह कीमत भी अलग हो सकती है लेकिन गोबर से बनी लकड़ी की कीमत प्राकृतिक लकड़ियों की तुलना में काफी कम होती हैं. इसलिए भी यह अच्छा बिजनेस (business) हो सकता है क्योंकि यहां आपके पास बड़ी डिमांड को कवर अप करने का मौका मिलेगा. गोबर से बन‍ी लकड़ी की खासियत यह है क‍ि मजबूत होने के साथ इसमें कभी

*धूप-अगरबत्ती*
गोबर से धूप और अगरबत्ती भी बनाई जाती है. मार्केट में एक से दो लाख रुपये की कीमत में मशीनें उपलब्ध हैं. ये मशीनें आमतौर पर एक घंटे में 400 किलोग्राम तक प्रोडक्ट्स तैयार कर सकती हैं. ये मशीनें पूरी तरह से ऑटोमैटिक होती हैं जिसके लिए बहुत अधिक मैनपॉवर की जरूरत नहीं होती है. साथ ही बिजली बचत के लिहाज से भी यह किफायती हैं.

मोबाइल से ठगी और गोपनीय जानकारी चुराने व निजी वीडियो फ़ोटो चैट के लीक होने से बचने के लिए करे ये उपाय:

मोबाइल से ठगी और गोपनीय जानकारी चुराने व निजी वीडियो फ़ोटो चैट के लीक होने से बचने के लिए करे ये उपाय:

चेतावनी जारी

सभी एप्पल आईफोन, एंड्रॉइड मोबाइल फोन विंडोज डिवाइस यूजर्स के लिए मोदी सरकार ने एक अलर्ट जारी किया है. नोडल साइबर सुरक्षा एजेंसी, CERT-In ने एप्पल के सॉफ्टवेयर ईकोसिस्टम, गूगल एंड्रॉइड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में कमियों को लेकर चेतावनी दी है. इन यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी कीमत पर इसे अवाइड न करें. दरअसल, इन कंपनियों के ऑपरेटिंग सिस्टम में मौजूद कमियों या खामियों का लाभ उठाकर साइबर क्रिमिनल्स इन डिवाइसेस को हैक कर सकते हैं, इसलिए इससे बचने के लिए एप्पल, विंडोज एंड्रॉइड यूजर्स को अपने ऑपरेटिंग सिस्टम का लेटेस्ट वर्जन डाउनलोड करने की सलाह दी जाती है.

*Android यूजर्स के लिए जानें क्या है सलाह?*

CERT-In के अनुसार, एंड्रॉइड डिवाइसेस के *सिग्नल एप्लिकेशन में एक कमी पाई गई है. इसके चलते कुछ तस्वीरें खुद-ब-खुद सेंड हो जाती है*. इस तरह से यूजर्स की प्राइवेसी भी लीक हो सकती है. इस लेकर एजेंसी ने सलाह दी है कि गूगल प्ले स्टोर से यूजर्स शीघ्र ही Signal ऐप का वर्जन 5.17.3 डाउनलोड कर लें।

*जानें Apple यूजर्स को क्या करना चाहिए?*

साइबर सिक्यॉरिटी एजेंसी ने iOS iPadOS में कमी पाई है, जिससे आपके डिवाइस को हैकर्स कंट्रोल कर सकते हैं. इस बग ने 11.5.1 से पहले के वर्जन पर चलने वाले Apple macOS Big Sur डिवाइसेस, iPhone 6s बाद के डिवाइस, 14.7.1 से पहले वर्जन पर चलने वाले Apple iOS iPadOS डिवाइसेस, iPad Pro (सभी मॉडल), iPad Air 2 बाद के डिवाइस, 5वीं उससे बाद की जेनरेशन के iPad, iPad mini 4 बाद के डिवाइस, iPod touch (7वीं जेनरेशन) को प्रभावित किया है. हाल ही में एप्पल ने इससे जुड़ा सिक्यॉरिटी अपडेट जारी किया है.

वसीयत क्यो है जरूरी, क्या है नियम वसीयत के और क्या हो जब नही हो वसीयत

वसीयत क्यो है जरूरी, क्या है नियम वसीयत के और क्या हो जब नही हो वसीयत,

वसीयत एक कानूनी दस्तावेज है जिसमें यह बताया जाता है कि अपना धन या अपनी संपत्ति मृत्यु के बाद किसे मिलेगी. यानी कि प्रॉपर्टी का उत्तराधिकारी या वारिस कौन होगा, वसीयत में इसकी जानकारी डिटेल में दी जाती है. अगर रुपये-पैसे की सेविंग करते हैं, अंत समय के लिए बचाते हैं तो वसीयत भी उतना ही जरूरी है. क्या पता बिना वसीयत के ही दुनिया छोड़नी पड़े. ऐसी स्थिति में उस सेविंग का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा. पूरा परिवार कमाई से वंचित रह जाएगा. यह सुनने में थोड़ा अटपटा लग सकता है क्योंकि वसीयत शब्द जुबान पर आते ही मृत्यु का खयाल आता है. लेकिन वसीयत सच्चाई है क्योंकि इसके बिना उत्तराधिकारी या वारिस को प्रॉपर्टी लेने में दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं. 

*वसीयत कब होती है लागू*

यहां जानना जरूरी है कि वसीयत तभी वैध होता है जब उसे लिखने वाला व्यक्ति इस दुनिया को छोड़ जाता है. वसीयत में लोग यह भी लिखते हैं कि उनकी दिली इच्छा क्या है और वे किस इच्छा की पूर्ति अपने वारिस या उत्तराधिकारी से कराना चाहते हैं. उदाहरण के लिए कई लोग चाहते हैं कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी प्रॉपर्टी का कुछ हिस्सा या पूरा हिस्सा दान-पुण्य के काम में लगा दिया जाए. अगर वसीयत में इस बात का जिक्र न हो तो वारिस को पता नहीं चलेगा और वह चैरिटी का काम हो सकता है कि न करे.

*कौन बना सकता है वसीयत*

सुनने में यह शब्द बहुत पेचीदा लगता है, लेकिन वाकई में है नहीं. कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 21 साल से ज्यादा हो, वह वसीयत लिख सकता है. अच्छा तो यही माना जाता है कि किसी वकील की सहायता से ही वसीयत लिखा जाए ताकि कोई खामी या त्रुटी न रह जाए. वसीयत को टाइप करके या हाथ से लिख सकते हैं. हाथ से लिखने पर साफ अक्षरों का ध्यान रखना होता है ताकि वारिस को पढ़ने-समझने में दिक्कत न हो. ध्यान रहे कि वसीयत पर दस्तखत जरूर होना चाहिए. ऑनलाइन भी वसीयत बनता है, लेकिन उसकी एक कॉपी रखना जरूरी है जिस पर हस्ताक्षर हो.

*वसीयत लिखते समय इन बातों का रखें ध्यान*

सेल्फ डिक्लेरेशन से शुरू करें जिसमें नाम, पता, उम्र और वसीयत लिखने के समय का जिक्र हो. इसमें बताएं कि किसी के दबाव में वसीयत नहीं लिख रहे बल्कि परिवार की भलाई में यह काम कर रहे हैं

जितना हो सके अपनी प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी दें. स्टॉक, बॉन्ड्स, म्यूचुअल फंड, बैंक अकाउंट और कैश की जानकारी दें. वसीयत लिखते समय इन सभी इनवेस्टमेंट की क्या कीमत है, ये भी बताना चाहिए

जूलरी, आर्टिफैक्ट्स के साथ अचल संपत्ति के बारे में विस्तार से बताएं. वसीयत से जुड़े जो भी कागजात हैं उन्हें बैंक लॉकर जैसे सुरक्षित स्थान पर रखें और इसकी जानकारी दें

जब प्रॉपर्टी की जानकारी दे दें तो वारिस के बारे में बताएं कि किसे कितना परसेंट हिस्सा देना है. वारिस का पूरा नाम लिखना चाहिए ताकि बाद में कोई कानूनी अड़चन न आए. आधार या पासपोर्ट में जो नाम हो, वारिस के उसी नाम का जिक्र करें. वारिस अगर नाबालिग है तो उसके साथ किसी और को सह उत्तराधिकारी बनाएं

वसीयत पर दो गवाहों के दस्तखत चाहिए जो कि हर पेज पर होने चाहिए. हस्ताक्षर के साथ दिनांक और स्थान का भी जिक्र हो

*सादे कागज पर हस्ताक्षर के साथ भी वसीयत मान्य होता है,* लेकिन इसे और मजबूत बनाने के लिए लोकल सब रजिस्ट्रार के ऑफिस से रजिस्टर करा लें. वसीयत पर स्टांप ड्यूटी नहीं लगती लेकिन रजिस्टरिंग फीस देनी होती है

ओरिजिनल वसीयत की एक से ज्यादा कॉपी बना लें और उसे अलग-अलग जगहों पर रखें. एक कॉपी हमेशा वसीयत लिखने वाले के पास होनी चाहिए

*वसीयत में कभी भी बदलाव संभव है लेकिन अंत में जो बदलाव होगा, वही मान्य होगा. बदलाव के साथ ये भी बताना चाहिए कि पिछली बातें अब मान्य नहीं रहेंगी

रसोई गैस से संबंधित बातो को जानिये, क्या है सरकारी नियम और क्या है फायदे आपको

📌 *_रसोई गैस से संबंधित बातो को जानिये, क्या है सरकारी नियम और क्या है फायदे आपको_*

जागरूक रहिये नुकसान से बचिए

लगभग हर घर में गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है। सरकार की उज्जवला योजना के अंतर्गत अधिकतर घरों में गैस कनेक्शन उपलब्ध हुए हैं। लेकिन, ज्यादातर एलपीजी उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन से जुड़ा ये नियम नहीं पता होगा। अगर कोई गैस एजेंसी आपको सिलेंडर की होम डिलिवरी देने में कभी भी आनाकानी करती है और आपको सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी गोडाउन जाना पड़ेगा। कई बार ऐसा होता है जिस चीज का उपयोग हम लोग करते हैं उसके फायदे के बारे में हमें कम ही पता होता है। आज हम भारत के गैस उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन से संबंधित कई ऐसी जानकारी बता रहे हैं जो उपभोक्ताओं को पता ही नहीं होती हैं।
 
*गोडाउन से आप सिलेंडर खुद लाते हैं तो*

अगर आपके पास किसी भी गैस एजेंसी का कनेक्शन है और उसके गोडाउन से आप सिलेंडर खुद लाते हैं तो आप एजेंसी से 19 रुपए 50 पैसा वापस ले सकते हैं।

कोई भी एजेंसी यह राशि देने से इनकार नहीं करेगी। बता दें कि, यह राशि बतौर डिलिवरी चार्ज आपसे ली जाती है। सभी कंपनियों के सिलिंडर के लिए यह राशि तय है। हालांकि, कुछ समय पहले ही इस राशि को बढ़ाया गया है। पहले डिलिवरी चार्ज 15 रुपए था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 19 रुपए 50 पैसा किया गया है।

कोई भी एजेंसी संचालक आपको यह राशि देने से मना करता है तो आप टोल फ्री नंबर 18002333555 पर शिकायत कर सकते हैं। अभी ग्राहकों को सब्सिडी वाले 12 सिलिंडर दिए जाते हैं। यह कोटा पूरा होने के बाद मार्केट रेट पर सिलिंडर खरीदना होता है।

*फ्री में चेंज होता है रेगुलेटर*

अगर आपके सिलेंडर का रेगुलेटर खराब हो गया है तो आप इसे फ्री में एजेंसी से बदल सकते हैं। इसके लिए आपके पास एजेंसी का सब्सिक्रिप्शन वाउचर होना चाहिए। आपको लीक रेगुलेटर को अपने साथ लेकर एजेंसी जाना होगा। सब्सक्रिप्शन वाउचर व रेगुलेटर के नंबर को मिलाया जाएगा। दोनों का नंबर मैच होने पर रेगुलेटर बदल दिया जाएगा। इसके लिए आपको कोई शुल्क नहीं देना होगा।

अगर आपका रेगुलेटर किसी कारण से डैमेज हो जाता है तो भी एजेंसी इसे बदलकर देगी। लेकिन, इसके लिए एजेंसी कंपनी टैरिफ के हिसाब से आप से राशि जमा करवाएगी। यह राशि 150 रुपए तक होती है।

 *हर LPG उपभोक्ता का होता है 50 लाख का इंश्योरेंस*

आपको बता दें कि संबंधित कंपनी की तरफ से हर LPG उपभोक्ता का 50 लाख रुपए तक का इंश्योरेंस होता है। इस इंश्योरेंस की दो स्थिति होती हैं। आपको यह भी बता दें कि इसके लिए किसी भी उपभोक्ता को कोई अतिरिक्त मासिक प्रीमियम नहीं भरना होता। यदि गैस सिलेंडर से कोई हादसा होता है तो पहली कंडीशन के तहत 40 लाख और दूसरी कंडीशन के तहत 50 लाख रुपए संबंधित एजेंसी को देने होते हैं।

LPG सिलेंडर से यदि आपके घर या प्रतिष्ठान में कोई हादसा होता है तो आप 40 लाख तक का इंश्योरेंस क्लेम कर सकते हैं। वहीं सिलिंडर फटने से यदि किसी व्यक्ति की मौत होती है तो 50 लाख रुपए तक का क्लेम किया जा सकता है। इस तरह के एक्सीडेंट में प्रत्येक पीड़ित व्यक्ति को 10 लाख रुपए तक की क्षतिपूर्ति राशि का नियम है।

*फ्री कनेक्शन के लिए*

नई सुविधा में इंडियन ऑयल का एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए 8454955555 पर मिस्ड कॉल करना होगा। साथ ही इंडेन के वर्तमान ग्राहक पंजीकृत फोन नंबर से मिस्ड कॉल करके एलपीजी रिफिल भी बुक करा सकेंगे। जल्द ही चरणबद्ध तरीके में यह सुविधा पूरे देशभर में उपलब्ध होगी। इस सुविधा से ग्रामीण उपभोक्ताओं का जीवन भी आसान होगा।

आयकर रिटर्न भरने के फायदे, अंतिम तिथि से पहले भरे अन्यथा आयकर विभाग की पेनल्टी से नही बचेंगे आप

अंतिम तिथि तक इन्तेजार करना पड़ सकता है भारी, आयकर विभाग की पेनल्टी से नही बचेंगे आप

अगर आप ये सोच रहे हैं कि आईटीआर फाइलिंग (itr filing) की अंतिम तारीख आने में वक्त है, इसलिए आराम से रिटर्न फाइल करेंगे तो यह गलत सोच है. इनकम टैक्स रिटर्न जितनी जल्दी भरेंगे, उतना आपको फायदा होगा. इस काम को जितना लटकाएंगे, उतना नुकसान होगा. सीधी सी बात है कि आईटीआर जल्द भरेंगे तो जल्द रिफंड होगा. रिटर्न फाइल में देरी का मतलब है रिफंड मिलने में देरी. इसलिए आपको तय करना है कि जल्द भरने में भलाई है या देर से.
मान लें कि आपको कुल आय की गणना में व्यवसाय और पेशे से घाटा हुआ है. यदि आपने निर्धारित तारीख से पहले आईटीआर दाखिल नहीं किया है तो इसे बाद के एसेसमेंट ईयर में आगे ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
इसलिए बाद के वर्षों में ‘कैरी फॉरवर्ड और सेट ऑफ लॉस’ का लाभ उठाने के लिए नियत तारीख से पहले अपना आईटीआर फाइल करें.

*1-जुर्माने से बच जाएंगे*
निर्धारित तारीख के बाद आईटीआर फाइल करने के कई घाटे हैं. इसे बिलेटेड रिटर्न कहते हैं. इस पर ब्याज और शुल्क दोनों चुकाना होता है. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234ए के तहत आपको ब्याज भरना पड़ सकता है. यह ब्याज हर महीने 1 प्रतिशत के हिसाब से देना होगा. फी के रूप में 10,000 रुपये तक देने पड़ सकते हैं.

*2-जल्द मिलेगा टैक्स रिफंड*
जब आपको पहले से पता है कि आईटीआर भरने के बाद रिफंड मिलना है तो इसमें देरी क्या करना. अंतिम तारीख के आसपास रिटर्न फाइल करेंगे तो रिफंड में देरी होगी क्योंकि टैक्स डिपार्टमेंट पर काम का बोझ बढ़ जाता है. टैक्स रिफंड जल्द मिल जाए तो उस पैसे को कहीं बिजनेस या फंड में लगाकर लाभ कमा सकते हैं. इस पैसे के निवेश में जितनी देरी करेंगे, किसी स्कीम या फंड में मिलने वाला रिटर्न भी उतना ही लेट चलेगा.

*3-लोन, क्रेडिट कार्ड मिलने में आसानी होगी*
आईटीआर आपका इनकम प्रूफ भी होता है. यह बताता है कि किसी वित्तीय वर्ष में आपने कितने रुपये की कमाई की है या कितना खर्च किया है. जब आप क्रेडिट कार्ड, होन या वीजा आदि के लिए अप्लाई करते हैं तो आईटीआर आपका अनिवार्य दस्तावेज बन जाता है. आपको यह दस्तावेज जमा कराना होता है. अगर समय से आईटीआर फाइल नहीं करेंगे तो इसे सर्टिफिकेट के तौर पर जमा नहीं कर सकेंगे. इसलिए लोन या वीजा के लिए अप्लाई करने वाले हैं तो जल्द आईटीआर भर दें.

*4- बड़े मूल्य का लाइफ कवर खरीद सकते हैं*
आईटीआर के कई फायदों में एक लाइफ कवर भी है. जब आप ज्यादा मूल्य के लाइफ इंश्योरेंस खरीदने जाते हैं तो उसमें आईटीआर आपकी मदद कर सकता है. लाइफ इंश्योरेंस आज की तारीख में सबसे जरूरी निवेश है, खासकर जब आप परिवार में अकेले कमाने लायक हैं. ऐसे में आईटीआर से बहुत मदद मिल सकती है. अगर आप अधिक कीमतों की जैसे 50 लाख या उससे ऊपर के लाइफ कवर लेने जाएंगे तो आईटीआर देना ही होगा. कंपनियां आपके पिछले कुछ साल का आईटीआर मांगती हैं.

*5- अंत समय में फंस सकता है काम*
आईटीआर फाइलिंग का जैसे-जैसे अंतिम दिन नजदीक आता है, हो सकता है कि टैक्स फाइलिंग पोर्टल का काम धीमा हो जाए. चूंकि पोर्टल पर एक साथ कई रिक्वेस्ट आती हैं, इसलिए ऐन समय पर कुछ गड़बड़ी हो सकती है. रिटर्न फाइलिंग प्रोसेस में कुछ तकनीकी खराबी आ सकती है. अंत समय की भीड़ और चिंताओं से मुक्त होना है तो समय पर रिटर्न फाइल करनी चाहिए. ऐसा भी नहीं है कि आप इससे बच सकते हैं. यह सभी लोगों के लिए अनिवार्य है जो लोग कमाई करते हैं. टैक्स डिपार्टमेंट को कोई कार्रवाई न करनी पड़े, इससे बचने का उपाय है कि समय पर रिटर्न फाइल कर चैन की सांस लें.

आयुष्मान योजना में अब ज्यादा फायदा, 5 लाख तक स्वास्थ्य बीमा का लाभ हुआ शामिल

आयुष्मान योजना में अब ज्यादा फायदा, 5 लाख तक स्वास्थ्य बीमा का लाभ हुआ शामिल

मोदी सरकार ने कोरोना से प्रभावित बच्चों के लिए फ्री हेल्थ इंश्योरेंस का ऐलान किया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसकी जानकारी ट्विट कर साझा की। इस जानकारी के मुताबिक जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या अभिभावकों को कोरोना के चलते खोल दिया उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा सरकार की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। इस बीमा का प्रीमियम पीएम केयर स भरा जाएगा।
इन बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना की घोषणा की है, जिसके तहत बच्चों को 18 साल की उम्र तक मुफ्त इलाज मिलेगा। बच्चों को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है।

वहीं जब बच्चे 23 साल के हो जाएंगे तो उन्हें 10 लाख रुपए का फंड दिया जाएगा। सरकार किशोर न्याय( बच्चों की देखभाल और संरक्षण अधिनियम) के तहत बच्चों को ये सुरक्षा प्रदन कर रही है। इस संबंध में pmcaresforhildren.in पर इसकी विस्तृत जानकारी ली जा सकती है।
आपको बता दें कि देश के कई राज्यों ने कोरोना के चलत अनाथ हुए बच्चों की सुरक्षा और उनकी देखभाल के लिए कई घोषणां और स्कीम लागू किया है। हरियाणा सरकार ने ऐसे बच्चों को हर माह 2500 रुपए देने की योजना शुरू की है तो वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे बच्चों के लिए हैलो मुस्कान की शुरुआत की है। यूपी सरकार ने यूनिसेफ के साथ मिलकर हैलो मुस्कान अभियान चलाने का फैसला किया है
 अब आयुष्मान भारत योजन के लाभार्थी अपना 'आयुष्मान कार्ड' (Ayushman cards) मुफ्त में ले सकते हैं यानी इसके लिए अब कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। पहले इस कार्ड के लिए 30 रुपये लिए जाते थे।

*कहां मिलेगा आयुष्मान कार्ड*

लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्ड के जरिये ही लाभार्थी अपना इलाज मुफ्त में करा सकते हैं। लाभार्थियों को आयुष्मान भारत कार्ड देश भर में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर मिलता है।

हालांकि इस कार्ड का डुप्लीकेट बनाने के लिए आपको 15 रुपये देने होंगे।

लाभार्थियों को फ्री कार्ड देना का फैसल राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने किया ताकि इस योजना के तहत सेवा वितरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और सुगम बनाया जा सके।

सरकार ने कहा कि आयुष्मान कार्ड पीएम-जेएवाई के किसी भी अस्पताल में मिल सकता है। अब इसे मुफ्त में जारी किया जाएगा। यह एक तरह का पीवीसी कार्ड है जिसे कागज के कार्ड पर लाया जा रहा है. इस कार्ड को आसानी से कई वर्षों तक संभालकर रखा जा सकता है।

*आयुष्मान भारत योजना क्या है? (What is Ayushman Bharat Yojana)*

आयुष्मान भारत को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana AB-PMJAY) या नेशन हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम (National Health Protection Scheme) या मोदीकेयर (ModiCare) के नाम से भी जाना जाता है। केंद्र सरकार इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करा रही है।

*इलाज के लिए जरूरी है आयुष्मान कार्ड*

इस योजना के तहत देश के दस करोड़ गरीब परिवारों को कैंसर सहित 1300 से ज्यादा बीमारियों का मुफ्त इलाज और हर परिवार को 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जा रहा है। अगर आपका नाम इस योजना के अंतर्गत आता है और आप इसका लाभ लेना चाहते हैं, तो आपके पास 'आयुष्मान कार्ड' होना जरूरी है। इस कार्ड को आयुष्मान कार्ड (Ayushman Bharat Yojana Golden Card) के नाम से भी जाना जाता है।

*आयुष्मान कार्ड बनवाना हुआ आसान*

अगर आपका नाम आयुष्मान भारत योजना में है और आप गोल्डन कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो आपको इस योजना में शामिल अस्पताल या जन सेवा केंद्र से संपर्क करना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्ड बनवाने के लिए जनसेवा केंद्र बनाए गए हैं, जहां आप इस कार्ड को बनवा सकते हैं। इसे बनवाने के लिए आपको पहले 30 रुपये देने होते थे लेकिन अब यह फ्री मिलेगा और साथ में राशन कार्ड, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर बताना होगा।

आयुष्मान भारत में एक नया प्रावधान किया गया है। नया नियम यह है कि इस योजना से जुड़े परिवार में शादी करके आई नई नवेली बहू को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए किसी कार्ड या डाक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं होगी। ऐसी महिलाएं सपनी पति का आधार कार्ड दिखाकर सभी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगी। बता दें कि पहले ऐसी महिलाओं को विवाह प्रमाण पत्र जरूरी होता था।

*आयुष्मान भारत में ऐसे देखें अपना नाम*

-सबसे पहले इस लिंक पर क्लिक करें https://mera.pmjay.gov.in/search/login। इसके बाद अपना मोबाइल नंबर ऐड करें। इसके बाद कैप्चा ऐड करें। फिर ओटीपी जेनेरेट करें। उसके बाद ओटीपी नंबर ऐड करें। उसके बाद राज्य सेलेक्ट करें। उसके अपने नाम या जाति श्रेणी से सर्च करें। उसके बाद अपनी डिटेल इंटर करें और सर्च करें।

*आयुष्मान भारत हेल्पलाइन नंबर*

आप इन नंबरों पर इस बात का पता कर सकते हैं कि आप आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी हैं या नहीं। हेल्पलाइन का नंबर 14555 है। इस पर मरीज आयुष्मान भारत योजना की जानकारी ले सकते हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का एक और हेल्पलाइन नंबर 1800 111 565 भी है। यह नंबर 24 घंटे चालू रहेगा।

IMC गौमूत्र के फायदे - IMC Herbal Gomutra Benefits

IMC गौमूत्र के फायदे | IMC Herbal Gomutra Benefits in Hindi

इंसानों के लिए गौमूत्र किसी वरदान से कम नही है यह इतना प्रभावशाली है कि यह हमारे पूरे शरीर और मस्तिष्क के रोगों को ठीक कर सकता है। गाय के मूत्र में एंटीकैंसर तत्व पाए जाते हैं। यह प्राकृतिक एंटीबायोटिक, एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल, एंटी एलर्जिक की तरह काम करता है। 

आयुर्वेद के अनुसार गौमूत्र एक संजीवनी की तरह है और इसका उपयोग करना पूरी तरह से सुरक्षित है। लेकिन केवल भारतीय नस्ल की गायों में ये गुण पाए जाते हैं।




आयुर्वेद के अनुसार सभी रोगों का जड़ वात, पित्त और कफ दोषों के असंतुलन से होता है। गौमूत्र इन तीनो दोषों को ठीक करने में पूरी तरह सक्षम है। 


गौमूत्र में 18 प्रकार के खनिज तत्व पाए जाते हैं जैसे: आयरन, कॉपर, नाइट्रोजन, मैगनीज, क्लोरिन, कार्बोलिक एसिड, सिलिकॉन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, गोल्ड, सिट्रिक्स, एंजाइम्स, विटामिन ए, बी, सी, डी आदि पाए जाते हैं।



IMC गोमूत्र का उपयोग क्यों करें? 

जैसा की आपको पता है आईएमसी कंपनी के सभी प्रोडक्ट बेस्ट क्वालिटी के होते हैं और प्रोडक्ट की गुणवक्ता में विशेष ध्यान दिया जाता है। 

आईएमसी गोमूत्र का कोई भी बड़े आराम से पी सकता है क्योंकि इसमें इलायची और तुलसी डाली गई है जिससे यह सुगंधित हो जाता है। 

IMC में गौमूत्र कैसे बनाया जाता है?

आईएमसी के हर्बल गोमूत्र को बनाने के लिए पहले गोशाला में खड़ी गाय से सुबह, दोपहर व शाम को स्टील के बर्तन में मूत्र एकत्रित किया जाता है। स्टील टैंक में इक्कठा करने के बाद इसे डबल डिस्टिलेशन के द्वारा सभी अशुद्धियों को निकाल दिया जाता है। इस प्रक्रिया में गोमूत्र की गुणवक्ता में कोई बदलाव नही आता।  

इसके बाद शुद्ध किये गये गोमूत्र में इलाइची और तुलसी डाली जाती है।  इससे तुलसी और इलायची दोनों का भी लाभ मिलता है।

IMC गौमूत्र के फायदे 

  • यह बात पित्त और कफ को संतुलित करता है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है
  • गोमूत्र से बढ़िया डिटॉक्सिफिकेशन कोई नहीं कर सकता। यह शरीर की सारी गंदगी को बाहर निकाल देता है।
  • यह चर्म रोग में लाभकारी है।
  • मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
  • पीलिया की बीमारी में लाभ मिलता है।
  • खून को साफ करता है और रक्त दोषों को दूर करता है।
  • कैंसर की बीमारी में लाभदायक है।
  • यह दर्द निवारक के रूप में भी काम करता है और यह सूजन को भी कम करता है ।
  • हृदय रोग, शुगर और माइग्रेन में लाभकारी है।
  • गोमूत्र श्वास नली फेफड़े संबंधी रोगों में विशेष तौर पर लाभकारी है।
  • सर्दी जुकाम और दमे में गोमूत्र को हल्का गर्म करके पीने से लाभ मिलता है।
  • जोड़ों के दर्द में गोमूत्र को गर्म करके मालिश करने से आराम मिलता है।
  • सुबह शाम को मूत्र से चेहरा धोने पर कील मुंहासे नष्ट हो जाते हैं।
  • पेट दर्द, कब्ज, अपच जैसे पेट सम्बन्धी रोगों को ठीक करता है।
  • शहद, नीबू और पानी के साथ गोमूत्र का रोज सेवन करने से शरीर के अनावश्यक चर्बी और मोटापा दूर हो जाता है।

IMC गौमूत्र का सेवन कैसे करें?

15 ml गोमूत्र को 50 ml पानी में मिलाकर सुबह-शाम खाली पेट पियें। शुरुआत में यदि आपको दस्त हो जाए तो घबराएं नही। यह एक उत्तम लक्षण हैं। शुरुआत कम मात्रा से करें भी 30ml लेवें या चिकित्सक की सलाह से सेवन करें।

IMC गोमुत्र का सेवन स्वस्थ व्यक्ति को भी रोजाना करना चाहिए। यदि गोमूत्र को पानी में मिलाकर नहाए तो शरीर के सभी रोगाणु खत्म हो जाते हैं।

आईएमसी गोमूत्र की कीमत क्या है?

यदि आपके पास आईएमसी की आईडी है तो आप डिस्काउंट प्राइस (DP rate) में खरीद सकते हैं। आईडी नहीं होने पर आप एमआरपी मूल्य पर इस प्रोडक्ट को खरीद सकते हैं।

IMC Herbal Gomutra (500 ml)  - MRP 395 
IMC Herbal Gomutra (1000 ml)  - MRP 725

 डिस्काउंट के बारे में भी जानें

IMC भारत में एक बहुत ज़ोरों से विस्तृत होती एक कंपनी है जो अपने प्रोडक्ट्स को प्रतिस्पर्धा में उतारने के साथ-साथ अपने ग्राहकों को संतुष्ट करने के लिए हर प्रोडक्ट के साथ एक बेहतरीन Business oppurtinity मुहैया करवाई है जिससे हज़ारों ग्राहकों को बेहतरीन क्वालिटी के सामान के साथ उन्हें एक अवसर भी मिला है |

एक बार डिस्काउंट कार्ड बन जाने पर IMC के सभी प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट का प्रावधान है |

डिस्काउंट कार्ड मुफ्त में प्राप्त करने के लिए आपके पास कोई एक ID PROOF होना जरुरी है |

अगर डिस्काउंट कार्ड के बारे में और imc busniess के बारे में इस लिख में लिखा गया तो यह लेख काफी बड़ा हो सकता है इसलिए डिस्काउंट कार्ड मुफ्त में बनवाने के लिए दिए हुए नंबर पर अपना नाम पता और id proof को 9352174466 whatsapp करें |

Whatsapp link  https://wa.me/message/MGAXBXAZ7MHOG1

सावधानी - इसे किसी भी सम्मानित store या किसी सम्मानित website से ही ख़रीदे | यहाँ पर सुझाया गया प्रोडक्ट सैकड़ो बार उपयोग में लिया गया है इसलिए ख़राब और डुप्लीकेट प्रोडक्ट से बचने के लिए इसे चुनें |


Call for Pure Organic and Ayurvedic and Herbal Products
in in all over India
ऑर्डर करने के लिए यहां क्लिक करे
click on link
https://d-p4shop.dotpe.in

हमारे प्रॉडक्ट यहां देखे

for Telegram channel
https://t.me/p4dukan

facebook page
https://www.facebook.com/p4digitalambulance/
 
व्हाट्सएप पर नए product ki जानकारी प्राप्त करने के लिए
व्हाट्सएप करे
just whatsapp on 9352174466

Whatsapp link  https://wa.me/message/MGAXBXAZ7MHOG1

Hemant Bajpai  9414129498

#organic 
#Sanwariya 
#chemicalfree 
#organicfood 
#organicproducts
#chemicalfreeskincare 
#chemicalfreeliving 
#chemicalfreeproducts 
#ayurveda

आईएमसी एलोवेरा जूस के फायदे - IMC Aloe Vera Juice Benefits

आईएमसी एलोवेरा जूस के फायदे - IMC Aloe Vera Juice Benefits in Hindi



एलोवेरा का उपयोग धरती पर प्राचीन काल से औषधि के रूप में हो रहा है। एलोवेरा की लगभग 300 प्रजातियाँ पायी गयी हैं लेकिन इनमे से केवल 4 प्रजातियों में 90% से 100% औषधीय गुण होते हैं और इनमे से कुछ प्रजातियाँ ऐसी भी होती हैं जो किसी काम के नही हैं।

बरबडेंसिस मिलर नाम की प्रजाति को सबसे उत्तम माना गया है इसमें 100% औषधीय गुण होते हैं। IMC की Aloe Vera Fibrous Juice में इसी प्रजाति का उपयोग किया गया है।

आईएमसी के इस प्रोडक्ट में पांच चीजें मिली होतीं हैं:
  1. एलोवेरा
  2. आंवला 
  3. तुलसी
  4. अदरक
  5. स्टीविया 
इन सभी के अपने अलग-अलग फायदे हैं और ये सारी औषधीय चीजें आपस में मिलकर इस एलोवेरा फाइबर्स जूस के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देते हैं।

एलोवेरा में 200 से अधिक औषधीय तत्व होते हैं जिनमे 75 पोषक तत्व, कैल्सियम, आयरन, जिंक, कॉपर, पोटेशियम, सोडियम, मैग्नेशियम आदि होते हैं।

इसमें विटामिन A, B1, B2, B6, B12, C और विटामिन E पाए जाते हैं। एक स्वस्थ शरीर के लिए हमें इन सभी की जरुरत होती है लेकिन ये सभी हमारे शरीर में अपनेआप नही बनते और न ही शरीर में जमा रहते हैं इसलिए हमें एलोवेरा का उपयोग हमेशा करना चाहिए जिससे लगातार हमारे शरीर को ये पोषक तत्व मिलते रहें।

IMC Aloe Vera Fibrous Juice Benefits in Hindi

1. यह एक अति उत्तम बैक्टीरिया नाशक है।

2. एलोवेरा जूस एक बेहतरीन detoxification करने वाला पेय पदार्थ है। हमारे शरीर के अंदर हर छोटे-बड़े हिस्सों और हर नस-नाड़ियों को अंदर से साफ़ करता है और सारी गंदगियों (toxins) को बाहर निकाल देता है जिससे कई सारी बिमारियों से छुटकारा मिल जाता है।

3. यह एक बेहतरीन एंटी-बायोटिक, एंटीसेप्टिक, और एंटी ऑक्सीडेंट है।

4. यह विटामिन सी से भरपूर है जो की सर्दी-जुकाम, खांसी, फ्लु, नाक बहना जैसी बिमारियों में उपयोगी है।

5. कफ तथा पित्त दोष का नाश होता है।

6. एलोवेरा जूस को एनर्जी ड्रिंक के रूप में भी उपयोग किया जाता है। इसमें कई प्रकार के विटामिन, पोषक तत्व, और मिनरल्स पाए जाते हैं जो शरीर को ताकत प्रदान करते हैं।

7. घाव को भरने के लिए यह अति उत्तम दवा है यह दूसरी दवाओं की तुलना में 60-70% अधिक तेजी से काम करता है।

8. रोजाना सेवन से मधुमेह को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

9. यह हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) को नियंत्रित कर सकता है।

10. ह्रदय की कार्यशक्ति को बढाता है।

11. कील-मुहासों, त्वचा की झुर्रियों को कम करता है।

12. खून से बुरे कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रोल को बढाता है।

13. एक गिलास पानी में डॉ चम्मच एलोवेरा मिलकर आँखों को धोने से आँखों की लालीपन और खुजली कम हो जाती है।

14. यह एक बेहतरीन दर्द निवारक है।

15. रोग-प्रतिरोधक क्षमता और ताकत को बढाता है।

16. चोंट लग जाने या जल जाने पर इसका उपयोग करने से दर्द और जलन में राहत मिलता है।

17. पेशाब की किसी भी समस्या के लिए एलो-वेरा अत्यंत गुणकारी है। जिनके गुर्दे निष्क्रिय हो गये हों उनके लिए भी आश्चर्यजनक रूप से गुणकारी हैं।

18. पेट के अल्सर का इलाज इससे किया जा सकता है।

19. लीवर में सूजन और इन्फेक्शन को ठीक करने में सहायक है।

20. दाद-खाज खुजली, एक्जीमा , सोरायसिस में बहुत असरदार औषधि है।

21. स्ट्रेच मार्क्स को हटाने के लिए एलो-जेल और IMC की श्री तुलसी का रोजाना उपयोग करना चाहिए।

22. दाद और एक्जिमा हो गये हों तो एलो जेल लगाकर बांध दें। संतोषजनक परिणाम होंगे।

23. प्रतिदिन 60 ml सुबह-शाम पीने से मोटापा दूर किया जा सकता है, वजन कम किया सकता है।

24. पाचन क्रिया को ठीक करता है। कब्ज को ठीक करता है।

25. मुह के छालों को दूर करने के लिए एलोवेरा जूस को मुंह में भर लेने से राहत मिलती है।

26. घुटने की सूजन को कम करके दर्द भी कम करता है।

27. एलोवेरा को स्त्रियों की सहेली कहा जाता है। महिलाओं की विविध रोगों में इससे अच्छी प्रकृतिक औषधि और कोई नही हो सकती। ध्यान रहे दूध पिलाने वाली और गर्भवती महिलाएं अपने डॉक्टर से पूछ कर इसका उपयोग करें।

28. एलो जेल से सर की मालिश करने से वहां नई कोशिकाओं का जल्दी निर्माण होता है जिससे बाल लम्बे और घने हो जाते हैं इसके अलावा रुसी से भी छुटकारा मिलता है।

29. एलोवेरा त्वचा को मुलायम करने का भी काम करती है और मृत कोशिकाओं को नष्ट करती है।

30. यह मॉइस्चराइजर का काम भी करता है शरीर का रूखापन दूर करता है।

31. स्मरण शक्ति को बढाता है और मानसिक तनाव को कम करता है।

32. 12 महीने के उपर के बच्चे भी इसका उपयोग कर सकते हैं।

33. यह मेटाबोलिक प्रक्रिया को बल देता है जिससे बच्चों को पोषक तत्व अत्यधिक मात्रा में मिलता है, रोग-प्रतिरोधक क्षमता और ताकत को बढाता है।

34. बच्चों का शरीर तंदुरुस्त बनाता है, रात में नींद अच्छी आती है, बिस्तर में पेशाब की शिकायत को कम करता है।

35. बहुत अधिक मात्रा में शराब पेट में चले जाने की दशा में यह बहुत अच्छे विषनाशक का काम करता है।

आईएमसी एलोवेरा जूस की कीमत - IMC Aloe Vera Juice Price

ProductMRP

IMC Aloevera Fibrous Juice - (500 ml)375

IMC Aloevera Fibrous Juice - (1 Ltr)725


डिस्काउंट के बारे में भी जानें

IMC भारत में एक बहुत ज़ोरों से विस्तृत होती एक कंपनी है जो अपने प्रोडक्ट्स को प्रतिस्पर्धा में उतारने के साथ-साथ अपने ग्राहकों को संतुष्ट करने के लिए हर प्रोडक्ट के साथ एक बेहतरीन Business oppurtinity मुहैया करवाई है जिससे हज़ारों ग्राहकों को बेहतरीन क्वालिटी के सामान के साथ उन्हें एक अवसर भी मिला है |

एक बार डिस्काउंट कार्ड बन जाने पर IMC के सभी प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट का प्रावधान है |

डिस्काउंट कार्ड मुफ्त में प्राप्त करने के लिए आपके पास कोई एक ID PROOF होना जरुरी है |

अगर डिस्काउंट कार्ड के बारे में और imc busniess के बारे में इस लिख में लिखा गया तो यह लेख काफी बड़ा हो सकता है इसलिए डिस्काउंट कार्ड मुफ्त में बनवाने के लिए दिए हुए नंबर पर अपना नाम पता और id proof को 9352174466 whatsapp करें |

Whatsapp link  https://wa.me/message/MGAXBXAZ7MHOG1

सावधानी - इसे किसी भी सम्मानित store या किसी सम्मानित website से ही ख़रीदे | यहाँ पर सुझाया गया प्रोडक्ट सैकड़ो बार उपयोग में लिया गया है इसलिए ख़राब और डुप्लीकेट प्रोडक्ट से बचने के लिए इसे चुनें |


Call for Pure Organic and Ayurvedic and Herbal Products
in in all over India
ऑर्डर करने के लिए यहां क्लिक करे
click on link
https://d-p4shop.dotpe.in

हमारे प्रॉडक्ट यहां देखे

for Telegram channel
https://t.me/p4dukan

facebook page
https://www.facebook.com/p4digitalambulance/
 
व्हाट्सएप पर नए product ki जानकारी प्राप्त करने के लिए
व्हाट्सएप करे
just whatsapp on 9352174466

Whatsapp link  https://wa.me/message/MGAXBXAZ7MHOG1

Hemant Bajpai  9414129498

#organic 
#Sanwariya 
#chemicalfree 
#organicfood 
#organicproducts
#chemicalfreeskincare 
#chemicalfreeliving 
#chemicalfreeproducts 
#ayurveda

नोट: इन जानकारियां कंपनी के द्वारा जारी किताबों और ट्रेनिंग videos आदि से ली गयी हैं। इनका उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरुर ले लेवे।

श्री तुलसी के 35 फायदे और नुकसान - IMC Shri Tulsi

श्री तुलसी के 35 फायदे और नुकसान - IMC Shri Tulsi Benefits in Hindi








200 प्रकार की बिमारियों को खत्म करने वाली IMC की श्री तुलसी विश्वभर में सबसे प्रसिद्ध और असरकारक Tulsi drop है। यह पूरी तरह से आयुर्वेदिक है और इसमें किसी भी प्रकार का केमिकल नही है। यह हरिद्वार में IMC की फैक्ट्री में बनता है।

अगर IMC (International Marketing Corporation) की बात करें तो यह एक प्रमाणित कंपनी है जो की विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), GMP, GPP, HALAL, आयुर्वेदिक विभाग और कई सारी संस्थाओं द्वारा प्रमाणित है और इसे कई सारे पुरस्कार भी मिल चुके हैं।

आज हम श्री तुलसी के बारे में निचे दिए गये कुछ बिन्दुओं पर बात करते हैं:
  • श्री तुलसी के क्या फायदे हैं?
  • श्री तुलसी के नुकसान -
  • श्री तुलसी की कीमत क्या है? कहाँ से खरीदें -

आईएमसी की श्री तुलसी में किसी प्रकार की कोई मिलावट नही की जाती, यह 100% शुद्ध होता है, इसमें एक बूँद भी पानी नही मिलाया जाता है। यह हमारे आंगन में उगने वाली तुलसी से कई गुना ज्यादा असरकारी है क्योंकि यह पांच प्रकार की तुलसियों द्वारा बना है जिनका नाम है:
  1. श्याम तुलसी (Ocimum Tenuiflorum)
  2. विष्णु तुलसी (Ocimum Sanctum)
  3. राम तुलसी (Ocimum Gratissimum)
  4. निम्बू तुलसी (Ocimum americanum) 
  5. वन तुलसी (Ocimum Basillicum)
इन पांचों प्रकार की तुलसी का विशेष विधि द्वारा सत् निकाल कर श्री तुलसी को बनाया गया है। यह तेल के रूप में होता है लेकिन इसे विशेष विधि द्वारा पानी में घुलनशील बनाया जाता है।

श्री तुलसी के क्या फायदे हैं?
आईये जानते हैं की आईएमसी की श्री तुलसी के क्या-क्या लाभ हैं और इसका कैसे उपयोग करना चाहिए।

1. यह दुनिया की एक बेहतरीन एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बायोटिक, एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-डिसीस एवम एंटी-इफ्लेमेंट्री है।

2. अगर पीने के पानी को विषाणु और रोगाणुओं से मुक्त करना है तो आप एक गिलास पानी में श्री तुलसी की सिर्फ दो बूँद डाल देवें।

3. सर्दी-खांसी, मलेरिया, डेंगू, प्लेग, फ्लू, स्वाइन-फ्लू, चिकनगुनिया और किसी भी बुखार में यह लाभकारी है।

4. पेट दर्द, गैस्टिक, अपच, कब्ज, उल्टी, दस्त, कृमिरोग आदि में अत्यंत लाभकारी है।

5. दाद खाज, खुजली, एक्जीमा, सोरायसिस में श्री तुलसी की दो-दो बूँद सुबह-शाम पानी के साथ खाली पेट लेना चाहिए।

6. त्वचा की किसी भी समस्या में इसे निम्बू के रस के साथ लगायें।

7. मोटापा से ग्रसित लोगों के लिए भी यह लाभकारी है।

8. जोड़ों का दर्द, गठिया, सूजन में इसका उपयोग करना चाहिए।

9. मूत्र सम्बंधित किसी भी रोग में यह उपयोगी है।

10. सर दर्द में इसका एक बूँद माथे पर लगायें आराम मिलेगा।

11. ब्लड-प्रेशर, शुगर, कैंसर, ह्रदय रोग जैसी बड़ी बिमारियों में भी इसका लाभ लिया जा सकता है।

12. कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने यह उपयोगी है इससे हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है।

13. दांत-मसूड़ों में दर्द, कीड़ा लगना, मसूड़ों में खून आना, पायरिया, नकसीर, फेफड़े में सूजन, अल्सर आदि में उपयोगी है।

14. गला दर्द, आवाज बैठना, मुह में छाले होने पर गर्म पानी में डालकर कुल्ला करें।

15. यह एक बहुत ही बढ़िया विषनाशक है यह शरीर के अंदर के विष (toxins) को बाहर निकालता है।

16. हीमोग्लोबिन (लाल रक्त कणिकाओं) को बढ़ने में सहायता करता है।

17. स्मरण-शक्ति बढ़ने के लिए यह अच्छी दवा है।

19. महिलाओं को गर्भावस्था में होने वाली उलटी को ठीक करने के लिए 4-5 बूँद लेना चाहिए।

20. किसी जहरीले कीड़े के काटने या आग से जलने पर उस स्थान पर श्री तुलसी की कुछ बूंदे डालने से आराम मिलता है।

21. सुबह-शाम अदरक के रस, शहद और तुलसी की बूंदों को मिलाकर दिन में तीन बार लेने से सर्दी-जुकाम और खांसी में आराम मिलता है।

22. मुह के दुर्गन्ध को तुरंत दूर करने के लिए इसके कुछ बूँद मुह में डालना चाहिए।

23. कान दर्द के लिए श्री तुलसी को हल्का गर्म करके एक-एक बूँद कान में टपकायें।

24. नाक में फोड़े, फुंसियाँ होने पर हल्का गर्म कर एक-एक बूँद नाक में डालें।

25. डैंड्रफ और जुओं को ख़तम करने के लिए नीबू का रस और श्री तुलसी दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर बालों में लगायें 3-4 बाद धोएं।

26. रात्रि को 8-10 बूँद शरीर में लगा कर सोयें इससे मच्छर नही काटेंगे।

27. कूलर के पानी में 8-10 बूँद डालें इससे घर रोगाणु और विषाणु मुक्त हो जायेगा और मक्खी-मच्छर भी भाग जायेंगे।

28. सुन्दरता पाने के लिए इसका नियमित उपयोग करें इससे खून साफ होता है और त्वचा चमकदार बनती है।

29. एलो जेल या किसी अच्छी क्रीम के साथ मिलाकर रात में चेहरे में लगायें इससे कील-मुहासे, धब्बे और झुर्रियां खत्म हो जाती हैं।

30. प्रसव के बाद पेट पर बनने वाली लाइनों (स्ट्रेच मार्क्स) को हटाने के लिए इसे एलो-जेल या किसी क्रीम के साथ मिलाकर लगायें।

31. सफ़ेद दाग को हटाने के लिए 10 ml नारियल तेल में 20 ml श्री तुलसी मिलाकर सुबह-शाम मालिश करें।

32. सफेद बाल की समस्या का इलाज भी श्री तुलसी कर सकता है इसके लिए इसे हेयर आयल के साथ मिलाकर बाल की जड़ों पर मालिश करें।

33. खाने में अरुचि, भूख न लगना जैसे समस्या में भी यह लाभकारी है।
34.कैंसर में श्री तुलसी की 8-10 बूँद एक गिलास छाछ के साथ सुबह शाम पीना चाहिए
35. यह वजन को नियंत्रित करने में सहायक है। इससे मोटे व्यक्ति का वजन कम होता है और पतले व्यक्ति का वजन सामान्य हो जाता है।

श्री तुलसी के नुकसान - Shri Tulsi Side effects in Hindi

श्री तुलसी के फायदे के मुकाबले इससे होने वाले नुकसान या साइड इफेक्ट्स बहुत ही कम हैं, लेकिन फिर भी आपको कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए जैसे:
  • "अति सर्वत्र वर्जयेत" यानि किसी भी चीज की अति सही नही है, आप किसी भी औषधि का उपयोग अत्यधिक मात्रा में न करें। यदि आप स्वस्थ हैं तो एक दिन में श्री तुलसी के 2-4 बूँद आपके लिए पर्याप्त है।
  • गर्भावस्था में विशेष ध्यान रखना होता है इसलिए इसका उपयोग न करें तो अच्छा है यदि उपयोग करना चाहते हैं तो चिकित्सकीय परामर्श अवश्य ले लेवें।
  • जिनके दूध पिने वाले छोटे बच्चे हैं उनको भी बिना चिकित्सकीय सलाह के उपयोग नही करना चाहिए।
  • दूध के साथ मिलाकर इसका उपयोग न करें।
  • दूध पिने से पहले या बाद में इसका उपयोग न करें, कम से कम आधे-एक घंटे का अन्तराल रखें।
  • नमक, प्याज, लहसुन, खट्टे फल या मांस के साथ इसका उपयोग हानिकारक है।

श्री तुलसी की कीमत क्या है? कहाँ से खरीदें - Shri Tulsi Price 

आप श्री तुलसी IMC के किसी भी स्टोर या तहसील डिस्ट्रीब्यूटर से खरीद सकते हैं। इसका प्राइस निचे दिया गया है।

Shri tulsi MRP : 195/-
Associate Price : 150/-
B.V : 55

यदि आपके पास ID (डिस्काउंट कार्ड) बनी हुई है तो आपको श्री तुलसी केवल 150 रूपये में मिल जायेगा इसके साथ ही आपको 55 B.V भी मिलेगा।

 डिस्काउंट के बारे में भी जानें

IMC भारत में एक बहुत ज़ोरों से विस्तृत होती एक कंपनी है जो अपने प्रोडक्ट्स को प्रतिस्पर्धा में उतारने के साथ-साथ अपने ग्राहकों को संतुष्ट करने के लिए हर प्रोडक्ट के साथ एक बेहतरीन Business oppurtinity मुहैया करवाई है जिससे हज़ारों ग्राहकों को बेहतरीन क्वालिटी के सामान के साथ उन्हें एक अवसर भी मिला है |

एक बार डिस्काउंट कार्ड बन जाने पर IMC के सभी प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट का प्रावधान है |

डिस्काउंट कार्ड मुफ्त में प्राप्त करने के लिए आपके पास कोई एक ID PROOF होना जरुरी है |

अगर डिस्काउंट कार्ड के बारे में और imc busniess के बारे में इस लिख में लिखा गया तो यह लेख काफी बड़ा हो सकता है इसलिए डिस्काउंट कार्ड मुफ्त में बनवाने के लिए दिए हुए नंबर पर अपना नाम पता और id proof को 9352174466 whatsapp करें |

Whatsapp link  https://wa.me/message/MGAXBXAZ7MHOG1

सावधानी - इसे किसी भी सम्मानित store या किसी सम्मानित website से ही ख़रीदे | यहाँ पर सुझाया गया प्रोडक्ट सैकड़ो बार उपयोग में लिया गया है इसलिए ख़राब और डुप्लीकेट प्रोडक्ट से बचने के लिए इसे चुनें |


Call for Pure Organic and Ayurvedic and Herbal Products
in in all over India
ऑर्डर करने के लिए यहां क्लिक करे
click on link
https://d-p4shop.dotpe.in

हमारे प्रॉडक्ट यहां देखे

for Telegram channel
https://t.me/p4dukan

facebook page
https://www.facebook.com/p4digitalambulance/
 
व्हाट्सएप पर नए product ki जानकारी प्राप्त करने के लिए
व्हाट्सएप करे
just whatsapp on 9352174466

Whatsapp link  https://wa.me/message/MGAXBXAZ7MHOG1

Hemant Bajpai  9414129498

#organic 
#Sanwariya 
#chemicalfree 
#organicfood 
#organicproducts
#chemicalfreeskincare 
#chemicalfreeliving 
#chemicalfreeproducts 
#ayurveda


function disabled

Old Post from Sanwariya