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रविवार, 13 जून 2021

देश की अपेक्षाओं के महासागर में कर्मवीर मेहनती मोदी के 7 साल के काम का हिसाब

फकीर को प्रधानमंत्री बने सात साल पूरे हुए।
देश की अपेक्षाओं के महासागर में कर्मवीर मेहनती मोदी के 7 साल  के काम का हिसाब




📌 अंतर्राष्ट्रीय  सदस्यता:

● EBRD सदस्यता
● International Energy Agency
● Australia Group
● SCO सदस्यता
● Wassenaar Arrangement
● MTCR सदस्यता
● CREN
● Asian Infrastructure Investment Bank (AIIB)
● International Solar Alliance

📌 सुरक्षा समझौते:

● अमेरिका के साथ Military Logistic Pact 'LEMOA'
● फ्रांस के साथ Military Logistic Pact 'MLSA'
● साउथ कोरिया के साथ Military Logistic Pact
● जापान के साथ Cross Servicing Agreement 'ACSA'
● ऑस्ट्रेलिया के साथ MLSA pact
● रूस के साथ Military Logistic Pact
● 'सबांग पोर्ट' इंडोनेशिया तक पहुंच
● 'एसोम्शन आइलैंड' पर नौसेना बेस
● 'अगालेगा द्वीप' में सैन्य बेस
● ओमान में 'दुक्म पोर्ट' तक पहुंच
● श्रीलंका में 'त्रिंकोमाली पोर्ट' बनाने के लिए
● सिंगापुर के साथ समुद्री लॉजिस्टिक समझौता
● इज़राइल के साथ व्हाइट शिपिंग समझौता

📌 बड़े कदम:

● रिटायर्ड सैनिकों के लिए ओआरओपी
● 7वां वेतन आयोग
● किसानों के लिए एमएसपी में वृद्धि
● पीएम किसान सम्मान निधि
● एमएसएमई को 1 करोड़ ऋण
● जीएसटी स्लैब में कमी
● एमएसएमई को 40 लाख टर्नओवर तक जीएसटी से छूट

📌 वित्तीय बचत:

● काला धन रिकवरी : 94,000 करोड़ से अधिक
● अघोषित आय : 1.3 लाख करोड़ से अधिक
● एनपीए रिकवरी : 5.63 लाख करोड़ से अधिक
● रक्षा सौदों से अतिरिक्त बचत : 1.92 लाख करोड़ से अधिक
● डीबीटी बचत : 1.78 लाख करोड़ से अधिक
● विनिवेश से बचत : 2.8 लाख करोड़ से अधिक
● खानों की नीलामी से बचत : 1.81 लाख करोड़ से अधिक

📌 प्रमुख रक्षा सौदे:

● राफेल मल्टीरोल फाइटर जेट
● S-400 SAM
● प्रोजेक्ट 17A फ्रिगेट
● Barak-8 MRSAM
● 'अरिहंत क्लास' न्यूक्लियर सबमरीन
● 'अपाचे' और 'चिनूक' हेलीकॉप्टर
● अकुला-द्वितीय परमाणु पनडुब्बी
● प्रोजेक्ट 11356 क्लास फ्रिगेट्स
● M777, 'धनुष' होवित्जर आर्टिलरी
● K-9 ट्रैक होवित्जर 
● AK-203 असॉल्ट राइफल
● "MH-60R" नौसेना हेलीकॉप्टर सौदा

📌 बड़ा 56" एक्शन:

● म्यांमार स्ट्राइक
● सर्जिकल स्ट्राइक
● बालाकोट एयर स्ट्राइक
● जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध
● डोकलाम स्टैंड-ऑफ
● जेकेएलएफ प्रतिबंधित
● 'पाक' और 'बांग्लादेश' से सटी सीमा सील
● नागरिकों पर कोई बड़ा आतंकवादी हमला नहीं
● गलवान स्टैंड-ऑफ

📌 बड़ा बदलाव:

● स्विस बैंक की जमा राशि में 91% की कमी
● अत्यधिक गरीब 2011 में 26 करोड़ से घटकर 5 करोड़ रह गए
● ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग 142 से 63 हो गई
● अप्रैल 2021 में UPI लेनदेन 2,641 मिलियन रहा
● 2020-21 में उच्चतम खाद्यान्न उत्पादन 303 मिलियन टन रहा

📌 वित्तीय सुधार (रिफॉर्म):

● आधार अधिनियम, 2016 (धन विधेयक)
● नोट बंदी
● Bankruptcy & Insolvency Code Bill 2016
● Good & Service Tax (GST)
● बेनामी संपत्ति अधिनियम
● भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक (FEOB)
● ई-वे बिल
● रक्षा खरीद नीति (डीपीपी)
● बैंकों और एनबीएफसी की तरलता बढ़ी
● 111 लाख करोड़ की राष्ट्रीय इन्फ्रा योजना पेश की गई
● कॉर्पोरेट टैक्स को कम किया गया

📌 लंबे समय से लंबित प्रमुख मुद्दों का समाधान:

● बांग्लादेश सीमा विवाद
● एनआरसी कार्यान्वयन
● ट्रिपल तलाक
● नागा शांति समझौता
● नागरिकता संशोधन विधेयक
● पाकिस्तान से 'एमएफएन' का दर्जा वापस लेना

📌 सार्वजनिक योजनाएं:

● मुद्रा योजना : 28.82 करोड़ से अधिक लोगों को ऋण
● स्वच्छ भारत योजना : 11.35 करोड़ से अधिक टॉयलेट
● 'स्मार्ट सिटी' मिशन
● 'नमामि गंगे' मिशन
● 'आयुष्मान भारत' योजना
● पीएम जन धन योजना : 42.38 करोड़ से अधिक बैंक अकाउंट
● उज्जवला योजना : 8.03 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन
● पीएम फसल बीमा योजना : 8.94 करोड़ से अधिक 
● 'सौभाग्य' योजना : 2.62 करोड़ से अधिक घर में बिजली कनेक्शन
● PMAY किफायती आवास : 1.86 करोड़ से अधिक घर
● 'उजाला' एलईडी बल्ब योजना : 36.73 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब
● 'उड़ान' योजना
● 'मेक इन इंडिया' योजना
● आत्मनिर्भर भारत
● PLI स्कीम
● अटल पेंशन योजना : 3.04 करोड़ लाभार्थी
● पीएम जीवन ज्योति बीम योजना : 10.32 करोड़ से अधिक
● पीएम सुरक्षा बीमा योजना : 23.36 करोड़ 
● अटल टिंकरिंग लैब्स : 8,878
● हर घर जल योजना

📌 स्मारक स्थापित:

● राष्ट्रीय समर स्मारक
● लाल किला बैरक संग्रहालय
● राष्ट्रीय पुलिस स्मारक
● सिनेमा संग्रहालय
● स्टैच्यू ऑफ यूनिटी - सरदार पटेल
● पं. दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल
● डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक
● "पी. वी. नरसिम्हा राव" के लिए स्मारक

📌 लंबित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं पूर्ण:

● कोल्लम बाईपास
● बाणसागर कैनाल
● वाराणसी कोलकाता जलमार्ग (NW-1)
● बोगीबील ब्रिज
● कटरा रेल लाइन
● सरदार सरोवर डैम
● पश्चिमी और पूर्वी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
● कोटा चंबल ब्रिज
● पाक्योंग हवाई अड्डा
● ढोला सदिया ब्रिज
● चेनानी नाशरी सुरंग
● रोहतांग सुरंग

📌 अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति:

● ADNOC तटवर्ती तेल खोज
● चाबहार बंदरगाह समझौता
● आसियान-भारत समझौता
● जापान के साथ 75 अरब डॉलर मुद्रा विनिमय समझौता
● अबू धाबी में हिंदू मंदिर
● रूस के साथ रुपया - रूबल व्यापार 
● INSTC परियोजना
● रूस-भारत गैस पाइपलाइन*

📌 अंतरिक्ष मिशन और उपग्रह:

● गगनयान मिशन
● EMISAT
● Microsat-R
● GSAT-7A
● GSAT-15 
● HySIS Satellite
● Catrosat' Series
● South Asia Satellite
● एक साथ 104 सेटेलाइट स्थापित
● मिशन शक्ति
● नाविक नेविगेशन सिस्टम

📌 बड़े वादे:

● 5 लाख तक कर योग्य आय पर शून्य कर
● 10% आर्थिक आरक्षण
● प्रधान मंत्री श्रम योगी मान-धन योजना
● दूसरे घर पर टैक्स छूट
● स्टार्ट अप के लिए 50 लाख का ऋण
● 'किसान क्रेडिट कार्ड' से 1 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण

📌 मेगा प्रोजेक्ट्स:

● बुलेट ट्रेन परियोजना
● ट्रेन-18, तेजस और हमसफर ट्रेनें
● सामरिक कच्चे तेल के भंडार
● डिफेंस कॉरिडोर
● मेट्रो ट्रेन परियोजना
● भारतमाला प्रोजेक्ट
● सागरमाला परियोजना
● डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC)
● सामरिक सीमा सड़कें
● औद्योगिक कॉरिडोर
● नदी को जोड़ने वाली परियोजना
● मेगा फूड पार्क
● सिटी गैस वितरण (पाइप लाइन से गैस) (CGD)

📌 परमाणु शक्ति:

● यूरेनियम के लिए 'ऑस्ट्रेलिया' से करार
● यूरेनियम के लिए 'कजाखस्तान' के साथ करार
● यूरेनियम के लिए 'कनाडा' के साथ अनुबंध
● यूरेनियम के लिए 'उज्बेकिस्तान' के साथ करार
● कुडनकुलम परमाणु अनुबंध (5th & 6th)
● 6 'VVER' रिएक्टरों के लिए 'रूस' के साथ अनुबंध
● 6 'ईपीआर' रिएक्टरों के लिए 'फ्रांस' के साथ अनुबंध
● 6 'AP1000' रिएक्टरों के लिए 'यूएसए' के ​​साथ अनुबंध

📌 महत्वपूर्ण पहल:

● डिफेंस के लिए पीएम छात्रवृत्ति
● जल शक्ति मंत्रालय का गठन
● नई शिक्षा नीति 
● पहली बार जम्मू कश्मीर में 'इन्वेस्टर्स समिट'
● 'PM KISAN' सभी किसानों के लिए बढ़ाया गया
● दुकानदारों/नौकरों के लिए पेंशन योजना
● बच्चो से बलात्कार के लिए मौत की सजा
● जम्मू-कश्मीर बैंक के भ्रष्टाचार पर कार्रवाई
● 1800 से अधिक अनावश्यक कानून हटाए गए
● ई-वाहन नीति लागू
● बीएसएनएल के लिए रिवाइवल प्लान स्वीकृत
● गर्वी गुजरात भवन का शुभारंभ
● पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए SFURTI
● राजनेताओं की अनुचित Z+ सुरक्षा हटाई गई
● औद्योगिक संबंध संहिता को मंजूरी दी
● राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड की स्थापना
● "फिट इंडिया" लांच
● कई भगोड़ों के खिलाफ ईडी, सीबीआई और आईटी द्वारा कार्रवाई

📌 आगामी प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं:

● बिलासपुर-मंडी-शिमला-लेह रेल लाइन (465 Km)
● मिसामारी-तेंगा-तवांग रेल लिंक (378 Km)
● जोजिला सुरंग
● सेला दर्रा सुरंग
● केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना
● दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे
● रतले जल विद्युत परियोजना (850 MW)
● सावलकोट पनबिजली परियोजना (1856 MW)
● पाकल दुल डैम
● मुंबई ट्रांस हार्बर सी लिंक
● तटीय फ्रीवे
● बाड़मेर रिफाइनरी
● धुबरी-फुलबारी ब्रिज
● 'ब्रह्मपुत्र' पर पानी के नीचे रेल-सड़क सुरंग
● माजुली ब्रिज
● रामेश्वरम धनुष्कोडी रेल लाइन
● चार धाम रोड और रेल नेटवर्क

📌 शैक्षणिक संस्थान: 

● AIIMS - 15
● IIM's - 7
● IIT's - 7
● IIIT's - 14
● मेडिकल कॉलेज - 90
● नवोदय विद्यालय - 62
● केन्द्रीय विद्यालय - 103
● विश्वविद्यालय - 141

📌 प्रमुख विधेयक पारित:

● अनुच्छेद 35ए और 370 की समाप्ति
● जम्मू और कश्मीर (पुनर्गठन) विधेयक, 2019
● ट्रिपल तलाक बिल
● एनआईए (संशोधित) बिल
● यूएपीए (संशोधित) विधेयक
● पॉक्सो (संशोधित) विधेयक
● अनधिकृत कॉलोनियां विधेयक
● श्रम सुरक्षा विधेयक पारित
● नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित
● आरटीआई (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित
● चिट फंड (संशोधन) विधेयक पारित
● उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2019 पारित
● मोटर वाहन संशोधन विधेयक पारित
● जीएसटी बिल पास
● आईबीसी बिल पास
● शत्रु संपत्ति बिल पास
● आर्थिक भगोड़ा अपराधी बिल पास
● सोशल मीडिया के लिए कोड ऑफ एथिक्स रूल्स

📌 अर्थव्यवस्था:

● सकल घरेलू उत्पाद 4.71% (औसत) (विश्व 2.47%)
● 4.61% की निम्न औसत महंगाई
● 5.68% की औसत बेरोजगारी दर (WB)
● सकल घरेलू उत्पाद अनुपात में उच्चतम कर प्राप्ति
● ~$593 बिलियन अब तक का उच्च विदेशी मुद्रा भंडार
● 2020 में 81.72 अरब डॉलर का अब तक का सबसे अधिक एफडीआई
● आरबीआई से 5.44 लाख करोड़ का सरप्लस ट्रांसफर

📌 इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट:

● राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण - 61,828 Km
● बिजली क्षमता स्थापित - 133.60 GW
● ग्रामीण सड़क निर्माण - 2.29 लाख करोड़ Km
● रेलवे लाइन दोहरीकरण : 1,458 Km/year
● ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं - 871
● उड़ान योजना के तहत 56 हवाईअड्डे शुरू
● भारतनेट: 5.21 लाख किलोमीटर से अधिक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई
● 111 राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास

📌 महत्वपूर्ण पहल:

● मृदा स्वास्थ्य कार्ड
● फसल बीमा
● नीम कोटेड यूरिया
● 'जन औषधि' केंद्र : 7748
● डाक बैंक
● भीम ऐप
● ई-नाम पोर्टल 
● अटल टिंकरिंग लैब
● मिशन 'इंद्रधनुष'
● जेम पोर्टल
● TReDS सिस्टम
● डिजी लॉकर
● पासपोर्ट सेवा ऐप

📌 चाक चौबंद सुरक्षा:

● पाक और बांग्ला सीमाओं पर स्मार्ट फेंसिंग
● 17 एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (ALG's)
● राष्ट्रीय राजमार्गों पर 29 हवाई पट्टियां
● 794 नई बीओपी (Border Out Posts)
● 13,029 व्यक्तिगत और 1,431 बड़े समुदायिक बंकर
● सब बेस 'आईएनएस वर्षा' और 'दीसा' में एयरबेस
● लक्षद्वीप में नौसेना के लिए रणनीतिक चौकी
● नौसेना बेस आईएनएस कैंपबेल बे और आईएनएस कोहासा
● फुल बॉडी ट्रक स्कैनिंग सिस्टम (FBTSS)
● नेटवर्क फॉर स्पेक्ट्रम (एनएफएस) परियोजना लागू
● 36 रडार स्टेशन, Ph-II में 38 और
● 27 टोही प्रणाली (LORROS)
● 110 मजबूत आश्रय 'Blast Pens'
● प्रमुख रडार निगरानी स्टेशन 'नारकोंडम द्वीप'
● भंडारण, राडार आदि के लिए 24 अनुपयोगी हवाई क्षेत्र

📌 रक्षा परियोजनाएं:

● A-SAT मिसाइल परियोजना
● S5 क्लास न्यूक्लियर सबमरीन
● SSN क्लास न्यूक्लियर सब
● 'प्रलय' मिसाइल
● 'अग्नि-1पी' मिसाइल
● निर्भय मिसाइल
● SFDR Popularization
● 'K-5' & 'K-6' मिसाइल
● एंटी रेडिएशन मिसाइल (ARM)
● XR-SAM परियोजना
● DRDO QR-SAM
● Air launched 'SANT' Missile Project
● Brahmos-ER, Brahmos-A & Brahmos-NG

📌 महत्वपूर्ण मील के पत्थर:

● राफेल मामले में मोदी सरकार को मिली क्लीन चिट
● "हाउडी मोदी" कार्यक्रम हुआ
● ओबीसी पैनल का गठन
● भारत ने आरसीईपी को खारिज कर दिया
● "नमस्ते ट्रंप" कार्यक्रम का आयोजन
● चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति
● Facial Recognition System स्थापित
● "95% सफलता के साथ लॉन्च हुआ चंद्रयान-2''
● मुंबई मेट्रो परियोजना चरणबद्ध शुरू की गई
● RuPay कार्ड अबू धाबी में लॉन्च किया गया
● असम के लिए एनआरसी सूची प्रकाशित
● "राम मंदिर" का निर्माण शुरू
● अनियमित जमा योजनाएं प्रतिबंधित
● जम्मू-कश्मीर सचिवालय से हटाया गया जम्मू-कश्मीर का झंडा
● जम्मू-कश्मीर अधिवास नियम पुनर्परिभाषित

📌 भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस:

● 5 करोड़ फर्जी बैंक खाते समाप्त
● 4.49 करोड़ फर्जी एलपीजी कनेक्शन रद्द
● मनरेगा से 3.1 करोड़ फर्जी लाभार्थी हटाए
● 2.98 करोड़ फर्जी राशन कार्ड रद्द
● 98.8 लाख फर्जी आंगनबाडी लाभार्थियों को हटाया
● 3.38 लाख शेल कंपनी डीरजिस्टर्ड
● 20,000 एनजीओ के एफसीआरए लाइसेंस रद्द
● 11.44 लाख फर्जी पैन निष्क्रिय
● एनएसएपी में 7.57 लाख फर्जी लाभार्थियों को हटाया
● 12.86 लाख फर्जी अल्पसंख्यक लाभार्थियों को हटाया
● 7 लाख से अधिक फर्जी छात्रवृत्ति समाप्त

📌 भारत के प्रधानमंत्री को विश्व में मान्यता:

● Saudi Arab : "The King Abdulaziz Sash"
● Afghanistan : "Amir Amanullah Khan"
● Palestine : "Grand Collar"
● UN : "Champions Of The Earth"
● South Korea : "Seoul Peace Prize"
● WMS : "Philip Kotler Presidential Award"
● UAE : "Zayed Medal"
● Russia : "Order of Saint Andrew the Apostle"
● Maldives : "Order of the Distinguished Rule of Izzudeen"
● Bahrain : The King Hamad Order of the Renaissance
● Modi conferred "Order Of Zayed" in Dubai.

📌 कोविड-19 महामारी:

● कोविड-19 के लिए PM-CARES फंड
Video go
● 6 स्वदेशी टीके विकसित हो रहे है
● 27.1 लाख करोड़ रुपये का 'आत्मनिर्भर पैकेज'
● कम 234 मृत्यु / 10 लाख जनसंख्या में
● सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान

























अभूतपूर्व,  आश्चर्यजनक 
🙏🙏🙏
मोदी है तो मुमकिन है🙏🙏

वरिष्ठ नागरिकों के लिए केंद्र सरकार का वरदान - चिकित्सा परामर्श पूरी तरह से निःशुल्क

*वरिष्ठ नागरिकों के लिए केंद्र सरकार का वरदान - चिकित्सा परामर्श पूरी तरह से निःशुल्क*
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और अन्य सभी नागरिकों के लिए एक उत्कृष्ट परामर्श योजना शुरू की है।
बुजुर्ग लोग, विशेष रूप से उच्च रक्तचाप, मधुमेह आदि वाले लोग ओपीडी के लिए अस्पताल नहीं जाते हैं। वे सिर दर्द, शारीरिक दर्द जैसी छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज घर पर ही करवाते हैं और अस्पताल जाने को तैयार नहीं होते।

अब आप नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से Google Chrome पर परामर्श और उपचार प्राप्त कर सकते हैं। ध्यान दें:
*1*. रोगी पंजीकरण का चयन करें।

*2*. अपना मोबाइल नंबर टाइप करें। रजिस्ट्रेशन के लिए मोबाइल पर ओटीपी टाइप करें।

*3*. रोगी विवरण और जिला दर्ज करें। अब, आप ऑनलाइन डॉक्टर से जुड़ेंगे। उसके बाद आप वीडियो के माध्यम से अपनी किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर ऑनलाइन दवा लिखेंगे। आप दवा को मेडिकल फार्मेसी की दुकान में दिखाकर ले सकते हैं।

*यह सेवा पूर्णतः निःशुल्क है।*
                                      
आप इस सेवा का उपयोग रविवार सहित प्रतिदिन सुबह 10.00 बजे से दोपहर 3.00 बजे तक कर सकते हैं।

कृपया इसे अपनी संपर्क सूची में वरिष्ठ नागरिकों को भेजें।

यह है केंद्र सरकार की वेबसाइट:

*https: //www.eSanjeevaniopd.in*

 https://play.google.com/store/apps/details?id=in.hied.esanjeevaniopd


दोस्तों यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक शानदार कदम है....
कृपया लाभ उठाएं और इसे उन सभी वरिष्ठ नागरिकों को अग्रेषित करें जिन्हें आप जानते हैं।
🙏🙏

स्वास्तिक एवं मूर्तियो वाली मस्जिद

.स्वास्तिक एवं मूर्तियो वाली मस्जिद 


जो तस्वीरे आप देख रहे है, सरकारी रिकॉर्ड में यह " ढाई दिन का झोपड़ा" नाम की मस्जिद है । 
जिसका निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने मात्र ढाई दिन में करवाया , ऐसी कोरी गप्प भी गढ़ रखी है ।।

इस मंदिर प्रांगण को गौर से देखे, क्या इसके पत्थर की सज्जा का कार्य ढाई दिन में हो सकता है ? संभव है की ऐसे महान मंदिरो के निर्माण में 250 वर्ष लग गए हो, ढाई 3 पीढ़ी खपाकर यह मंदिर बना हो, ओर उसे ढाई दिन में तोड़कर नाम रख दिया गया, ढाई दिन का झोपड़ा ...

चौहान राजा विग्रहराज चौहान चतुर्थ ने इस गुरुकुल मंदिर का निर्माण करवाया था । मूर्तियां स्वस्तिक शिलालेख आज तक है ।

कोरी गप्प इतिहास कि पुस्तकों में लिख देने से सत्य नहीं बदलता,हमारी हर कृति मन्दिर स्वत: खुद प्रमाण है 
स्कैनिंग कि भी जरूरत नहीं पड़ेगी।।

हर हर महादेव 🚩
 ✍️💥🚨💥🚨💥🚨🤷🏻‍♂️

गुरुवार, 10 जून 2021

9 जून -बलिदान दिवस - बन्दा बैरागी का बलिदान दिवस

महान बलिदानी- बंदा बैरागी

9 जून/बलिदान-दिवस

आज बन्दा बैरागी का बलिदान दिवस है।

इस लेख के माध्यम से जाने बंदा बैरागी के अमर बलिदान की गाथा।

बन्दा बैरागी का जन्म 27 अक्तूबर, 1670 को ग्राम तच्छल किला, पुंछ में श्री रामदेव के घर में हुआ। उनका बचपन का नाम लक्ष्मणदास था। युवावस्था में शिकार खेलते समय उन्होंने एक गर्भवती हिरणी पर तीर चला दिया। इससे उसके पेट से एक शिशु निकला और तड़पकर वहीं मर गया। यह देखकर उनका मन खिन्न हो गया। उन्होंने अपना नाम माधोदास रख लिया और घर छोड़कर तीर्थयात्रा पर चल दिये। अनेक साधुओं से योग साधना सीखी और फिर नान्देड़ में कुटिया बनाकर रहने लगे।

इसी दौरान गुरु गोविन्दसिंह जी माधोदास की कुटिया में आये। उनके चारों पुत्र बलिदान हो चुके थे। उन्होंने इस कठिन समय में माधोदास से वैराग्य छोड़कर देश में व्याप्त मुस्लिम आतंक से जूझने को कहा। इस भेंट से माधोदास का जीवन बदल गया। गुरुजी ने उसे बन्दा बहादुर नाम दिया। फिर पाँच तीर, एक निशान साहिब, एक नगाड़ा और एक हुक्मनामा देकर दोनों छोटे पुत्रों को दीवार में चिनवाने वाले सरहिन्द के नवाब से बदला लेने को कहा।

बन्दा हजारों सिख सैनिकों को साथ लेकर पंजाब की ओर चल दिये। उन्होंने सबसे पहले श्री गुरु तेगबहादुर जी का शीश काटने वाले जल्लाद जलालुद्दीन का सिर काटा। फिर सरहिन्द के नवाब वजीरखान का वध किया। जिन हिन्दू राजाओं ने मुगलों का साथ दिया था, बन्दा बहादुर ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। इससे चारों ओर उनके नाम की धूम मच गयी।

उनके पराक्रम से भयभीत मुगलों ने दस लाख फौज लेकर उन पर हमला किया और विश्वासघात से 17 दिसम्बर, 1715 को उन्हें पकड़ लिया। उन्हें लोहे के एक पिंजड़े में बन्दकर, हाथी पर लादकर सड़क मार्ग से दिल्ली लाया गया। उनके साथ हजारों सिख भी कैद किये गये थे। इनमें बन्दा के वे 740 साथी भी थे, जो प्रारम्भ से ही उनके साथ थे। युद्ध में वीरगति पाए सिखों के सिर काटकर उन्हें भाले की नोक पर टाँगकर दिल्ली लाया गया। रास्ते भर गर्म चिमटों से बन्दा बैरागी का माँस नोचा जाता रहा।

काजियों ने बन्दा और उनके साथियों को मुसलमान बनने को कहा; पर सबने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। दिल्ली में आज जहाँ हार्डिंग लाइब्रेरी है,वहाँ 7 मार्च, 1716 से प्रतिदिन सौ वीरों की हत्या की जाने लगी। एक दरबारी मुहम्मद अमीन ने पूछा - तुमने ऐसे बुरे काम क्यों किये, जिससे तुम्हारी यह दुर्दशा हो रही है ?

बन्दा ने सीना फुलाकर सगर्व उत्तर दिया - मैं तो प्रजा के पीड़ितों को दण्ड देने के लिए परमपिता परमेश्वर के हाथ का शस्त्र था। क्या तुमने सुना नहीं कि जब संसार में दुष्टों की संख्या बढ़ जाती है, तो वह मेरे जैसे किसी सेवक को धरती पर भेजता है।

बन्दा से पूछा गया कि वे कैसी मौत मरना चाहते हैं ? बन्दा ने उत्तर दिया, मैं अब मौत से नहीं डरता; क्योंकि यह शरीर ही दुःख का मूल है। यह सुनकर सब ओर सन्नाटा छा गया। भयभीत करने के लिए उनके पाँच वर्षीय पुत्र अजय सिंह को उनकी गोद में लेटाकर बन्दा के हाथ में छुरा देकर उसको मारने को कहा गया।

बन्दा ने इससे इन्कार कर दिया। इस पर जल्लाद ने उस बच्चे के दो टुकड़ेकर उसके दिल का माँस बन्दा के मुँह में ठूँस दिया; पर वे तो इन सबसे ऊपर उठ चुके थे। गरम चिमटों से माँस नोचे जाने के कारण उनके शरीर में केवल हड्डियाँ शेष थी। फिर 9 जून, 1716 को उस वीर को हाथी से कुचलवा दिया गया। इस प्रकार बन्दा वीर बैरागी अपने नाम के तीनों शब्दों को सार्थक कर बलिपथ पर चल दिये।

बंदा बैरागी जैसे महान वीरों ने हमारे धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। खेदजनक बात यह है कि उनकी बलिदान से आज की हमारी युवा पीढ़ी अनभिज्ञ है। यह एक सुनियोजित षड़यंत्र है कि जिन जिन महापुरुषों से हम प्रेरणा ले सके उनके नाम तक विस्मृत कर दिए जाये। इस लेख को इतना शेयर कीजिये कि भारत का बच्चा बच्चा बंदा बैरागी के महान बलिदान से प्रेरणा ले सके।

बुत का अर्थ मूर्ति है।फ़ारसी में यह शब्द बुद्ध का पर्याय है।

बुत का अर्थ मूर्ति है।
फ़ारसी में यह शब्द बुद्ध का पर्याय है।


हमें लगता है कि भारत से निकलकर बौद्ध मत चीन जापान की तरफ फैला जबकि सच्चाई यह है कि भारत के पश्चिम में इसका प्रभाव उससे कई कई गुना था।
बौद्ध धर्म का अरब जगत में बहुत प्रभाव था। वहाँ हरेक जगह बुद्ध की इतनी मूर्तियां थीं कि वहाँ मूर्ति का पर्याय ही बुद्ध बन गया।
जैसे हाल ही में बामियान (अफगानिस्तान में)  बुद्ध की विशाल मूर्तियां थीं जिन्हें तालिबान आतंकवादियों ने तोप से उड़ा दिया।
इस्लाम के उदय और प्रसार में बौद्ध बहुत बड़ी बाधा थे। बौद्धों की मूर्ति पूजा से चिढ़कर ही #बुतशिकन की अवधारणा गढ़ी गई।
बुतपरस्त अर्थात बुद्ध की भक्ति/ आस्था और बुतशिकन अर्थात बुद्ध को तोड़ना या तहस नहस करना।
बाद में इतिहास लेखकों ने चाहे जो गोलमाल लिखा हो लेकिन इस्लाम का हथौड़ा सर्वाधिक बौद्धियों पर ही चला और जमकर मूर्तियां तोड़ी गईं। अच्छा सच्चा मुसलमान बनने की पहली शर्त ही यह हो गई कि वह कितनी मूर्तियां तोड़ता है। यह आज भी जारी है। रेगिस्तान में दबी कई मूर्तियों को अब भी खोजकर तोड़ा जाता है।
भारत में मूर्तिकला की दो शैलियाँ हैं 1.गांधार शैली और 2.मथुरा शैली।
दोनों का ही सम्बन्ध बुद्ध की मूर्तियों से है।
आज नवबौद्ध चर्च और वामपंथियों के प्रभाव में जो बौद्ध-मुस्लिम एकता की बातें करते हैं उन्हें यह तथ्य अवश्य जानना चाहिए कि किसने किसको मारा था।
तथ्य यह भी है कि भारत पर प्रथम मुस्लिम आक्रमण 712 ईसवी में जो मुहम्मद बिन कासिम ने किया, उससे पहले वे कई हमलों में भयंकर मार खाकर लौट चुके थे और तब वहां के बौद्ध भिक्षुओं ने राजधानी ब्रह्मनाबाद के वे सारे गुप्त रहस्य कासिम को पहले ही बता दिए थे, जिनमें एक गुप्त झरना भी था जिससे राजधानी को पानी की आपूर्ति होती थी। इसके अलावा बहुत सारे मुस्लिम सैनिक दिन के समय बौद्ध भिक्षुओं के वेश में नगर में प्रविष्ट हो चुके थे क्योंकि भिक्षुओं की सर्वत्र निर्बाध एंट्री थी।
इस प्रकार परिवार सहित दाहिरसेन का बलिदान हुआ और नगर जीतने के बाद शेष बचे सभी पुरुषों को, जिनके निचले बाल उग चुके थे उन सबको पंक्ति बनाकर कत्लेआम किया गया और शेष महिलाओं, बच्चों को भेड़ बकरी की तरह हांक कर बगदाद की मंडियों में गुलामों के रूप में बेचा गया। 30हजार से अधिक पुरुषों को मारा गया और दो लाख महिलाओं बच्चों को गुलाम के रूप में बेचा गया।
सिंध में फैले बौद्ध मठों के भिक्षु  वहाँ से उठा लिए गए और बुखारा की मस्जिदों में झाड़ू लगाते हुए पाए गए।
#ks_कुमार

शिखा (चोटी) का वैज्ञानिक महत्त्व

शिखा (चोटी) का वैज्ञानिक महत्त्व 

हिन्दू धर्म का छोटे से छोटा सिध्दांत,छोटी- से- छोटी बात भी अपनी जगह पूर्ण और कल्याणकारी हैं। छोटी सी शिखा अर्थात् चोटी भी कल्याण, विकास का साधन बनकर अपनी पूर्णता व आवश्यकता को दर्शाती हैं। शिखा का त्याग करना मानो अपने कल्याण का त्याग करना हैं। जैसे घङी के छोटे पुर्जे की जगह बडा पुर्जा काम नहीं कर सकता क्योंकि भले वह छोटा हैं परन्तु उसकी अपनी महत्ता है। शिखा न रखने से हम जिस लाभ से वंचित रह जाते हैं, उसकी पूर्ति अन्य किसी साधन से नहीं हो सकती।

'हरिवंश पुराण' में एक कथा आती है हैहय व तालजंघ वंश के राजाओं ने शक, यवन, काम्बोज पारद आदि राजाओं को साथ लेकर राजा बाहू का राज्य छीन लिया। राजा बाहु अपनी पत्नी के साथ वन में चला गया। वहाँ राजा की मृत्यु हो गयी। महर्षिऔर्व ने उसकी गर्भवती पत्नी की रक्षा की और उसे अपने आश्रम में ले आये। वहाँ उसने एक पुत्र को जन्म दिया, जो आगे चलकर राजा सगर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। राजासगर ने महर्षि और्व से शस्त्र और शास्त्र विद्या सीखीं। समय पाकर राजा सगरने हैहयों को मार डाला और फिर शक, यवन, काम्बोज, पारद, आदि राजाओं को भी मारने का निश्चय किया। ये शक, यवन आदि राजा महर्षि वसिष्ठ की शरण में चले गये। महर्षि वसिष्ठ ने उन्हें कुछ शर्तों पर उन्हें अभयदान दे दिया। और सगर को आज्ञा दी कि वे उनको न मारे। राजा सगर अपनी प्रतिज्ञा भी नहीं छोङ सकते थे और महर्षि वसिष्ठ जी की आज्ञा भी नहीं टाल सकते थे। अत: उन्होंने उन राजाओं का सिर शिखा सहित मुँडवाकर उनकों छोङ दिया।

प्राचीन काल में किसी की शिखा काट देना मृत्युदण्ड के समान माना जाता था। बङे दुख की बात हैं कि आज हिन्दु लोग अपने हाथों से अपनी शिखा काट रहे है। यह गुलामी की पहचान हैं। शिखा हिन्दुत्व की पहचान हैं। यह आपके धर्म और संस्कृति की रक्षक हैं। शिखा के विशेष महत्व के कारण ही हिन्दुओं ने यवन शासन के दौरान अपनी शिखा की रक्षा के लिए सिर कटवा दिये पर शिखा नहीं कटवायी।

डा॰ हाय्वमन कहते है-''मैने कई वर्ष भारत में रहकर भारतीय संस्कृति का अध्ययन किया हैं, यहाँ के निवासी बहुत काल से चोटी रखते हैं, जिसका वर्णन वेदों में भी मिलता हैं। दक्षिण में तो आधे सिर पर 'गोखुर' के समान चोटी रखते हैं। उनकी बुध्दि की विलक्षणता देखकर मैं अत्यंत प्रभावित हुआ हुँ। अवश्य ही बौध्दिक विकास में चोटी बड़ी सहायता देती हैं। सिर पर चोटी रखना बढा लाभदायक हैं। मेरा तो हिन्दु धर्म में अगाध विश्वास हैं और मैं चोटी रखने का कायल हो गया हूँ।

"प्रसिद्ध वैज्ञानिक डा॰ आई॰ ई क्लार्क एम॰ डी ने कहा हैं" मैंने जबसे इस विज्ञान की खोज की हैं तब से मुझे विश्वास हो गया हैं कि हिन्दुओं का हर एक नियम विज्ञान से परिपूर्ण हैं। चोटी रखना हिन्दू धर्म ही नहीं, सुषुम्ना के केद्रों की रक्षा के लिये ऋषि- मुनियों की खोज का विलक्षण चमत्कार हैं।

"इसी प्रकार पाश्चात्य विद्वान मि॰ अर्ल थामस लिखते हैं की "सुषुम्ना की रक्षा हिन्दु लोग चोटी रखकर करते हैं जबकि अन्य देशों में लोग सिर पर लम्बे बाल रखकर या हैट पहनकर करते हैं। इन सब में चोटी रखना सबसे लाभकारी हैं। किसी भी प्रकार से सुषुम्ना की रक्षा करना जरुरी हैं। "वास्तव में मानव- शरीर को प्रकृति ने इतना सबल बनाया हैं की वह बड़े से बड़े आघात को भी सहन करके रह जाता हैं परन्तु शरीर में कुछ ऐसे भी स्थान हैं जिन पर आघात होने से मनुष्य की तत्काल मृत्यु हो सकती हैं। इन्हें मर्म-स्थान कहाजाता हैं।

शिखा के अधोभाग में भी मर्म-स्थान होता हैं, जिसके लिये सुश्रुताचार्य ने लिखा है मस्तकाभ्यन्तरोपरिष्टात् शिरासन्धि सन्निपातो।
रोमावर्तोऽधिपतिस्तत्रपि सद्यो मरणम्।
अर्थात् मस्तक के भीतर ऊपर जहाँ बालों का आवर्त (भँवर) होता हैं, वहाँ संपूर्ण नाङियों व संधियों का मेल हैं, उसे 'अधिपतिमर्म' कहा जाता हैं। यहाँ चोट लगने से तत्काल मृत्यु हो जाती हैं (सुश्रुत संहिता शारीरस्थानम् : ६.२८)

सुषुम्ना के मूल स्थान को 'मस्तुलिंग' कहते हैं। मस्तिष्क के साथ ज्ञानेन्द्रियों- कान, नाक, जीभ, आँख आदि का संबंध हैं और कामेन्द्रियों- हाथ, पैर, गुदा, इन्द्रिय आदि का संबंध मस्तुलिंग से हैं मस्तिष्क व मस्तुलिंग जितने सामर्थ्यवान होते हैं उतनी ही ज्ञानेन्द्रियों और कामेन्द्रियों- की शक्ति बढ़ती हैं। मस्तिष्क ठंडक चाहता हैं और मस्तुलिंग गर्मी । मस्तिष्क को ठंडक पहुँचाने के लिये क्षौर कर्म करवाना और मस्तुलिंग को गर्मी पहुँचाने के लिये गोखुर के परिमाण के बाल रखना आवश्यक होता है। अत: चोटी के लम्बे बाल बाहर की अनावश्यक गर्मी या ठंडक से मस्तुलिंग की रक्षा करते हैं।

शिखा रखने के अन्य निम्न लाभ बताये गये हैं- 
१ शिखा रखने तथा इसके नियमों का यथावत् पालन करने से सद्‌बुद्धि, सद्‌विचारादि की प्राप्ति होती हैं।
२ आत्मशक्ति प्रबल बनती हैं।
३ मनुष्य धार्मिक, सात्विक व संयमी बना रहता हैं।
४ लौकिक- पारलौकिक कार्यों मे सफलता मिलती हैं।
५ सभी देवी देवता मनुष्य की रक्षा करते हैं।
६ सुषुम्ना रक्षा से मनुष्य स्वस्थ, बलिष्ठ, तेजस्वी और दीर्घायु होता हैं।
७ नेत्रज्योति सुरक्षित रहती हैं।

इस प्रकार धार्मिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक सभी दृष्टियों से शिखा की महत्ता स्पष्ट होती हैं।

ये था कांग्रेसियों का हिंदुत्व दमन



*भाजपा मोदी से पहले और मोदी के बाद:*

*जब तक भाजपा वाजपेयी जी की विचारधारा पर चलती रही, वो राम के बताये मार्ग पर चलती रही। मर्यादा, नैतिकता, शुचिता इनके लिए कड़े मापदंड तय किये गये थे। परन्तु कभी भी पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकी!*

*जहाँ करोड़ों रुपये के घोटाले-घपले करने के बाद भी, कांँग्रेस बेशर्मी से अपने लोगों का बचाव करती रही, वहीं पार्टी फण्ड के लिए मात्र एक लाख रुपये ले लेने पर भाजपा ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष बंगारू लक्षमण  को हटाने में तनिक भी विलंब नहीं किया!*

*परन्तु चुनावों में नतीजा ?*

*वही ढाक के तीन पात...*

*झूँठे ताबूत घोटाला के आरोप पर तत्कालीन रक्षामंत्री जार्ज फर्नांडिस का इस्तीफा, परन्तु चुनावों में नतीजा ??*

*वही ढाक के तीन पात...*

*कर्नाटक में येदियुरप्पा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते ही येदियुरप्पा को भाजपा ने निष्कासित करने में कोई विलंब नहीं किया.....*

*परन्तु चुनावों में नतीजा ??*

*वही ढाक के तीन पात...*

*खैर....*

*फिर होता है नरेन्द्र मोदी  का पदार्पण! ........मर्यादा पुरुषोत्तम राम के चरण चिन्हों पर चलने वाली भाजपा को वो कर्मयोगी श्री कृष्ण की राह पर ले आते हैं !*

*श्री कृष्ण अधर्मी को मारने में किसी भी प्रकार की गलती नहीं करते हैं। ...........छल हो तो छल से, कपट हो तो कपट से, अनीति हो तो अनीति से , अधर्मी को नष्ट करना ही उनका ध्येय होता है!*

*इसीलिए वो अर्जुन को केवल कर्म करने की शिक्षा देते हैं !*

*कुल मिलाकर सार यह है कि अभी देश दुश्मनों से घिरा हुआ है, नाना प्रकार के षडयंत्र रचे जा रहे हैं ! इसलिए अभी हम नैतिकता को अपने कंधे पर ढोकर नहीं चल सकते हैं ! ........   नैतिकता को रखिये ताक पर, और यदि इस देश को बचाना चाहते हैं, तो सत्ता को अपने पास ही रखना होगा! ...........वो चाहे किसी भी प्रकार से हो - साम, दाम, दंड, भेद - किसी भी प्रकार से!*

*बिना सत्ता के आप कुछ भी नहीं कर सकते हैं ! इसलिए भाजपा के कार्यकर्ताओं को चाहिए कि कर्ण का अंत करते समय कर्ण के विलापों पर ध्यान ना दें! .........केवल ये देखें कि अभिमन्यु की हत्या के समय उनकी नैतिकता कहाँ चली गई थी ?*

*कर्ण के रथ का पहिया जब कीचड़ में धंँस गया, तब भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा: पार्थ, देख क्या रहे हो ? ......इसे समाप्त कर दो!*

*संकट में घिरे कर्ण ने कहा: यह अधर्म है !*

*भगवान श्री कृष्ण ने कहा: अभिमन्यु को घेर कर मारने वाले, और द्रौपदी को भरी दरबार में वेश्या कहने वाले के मुख से आज अधर्म की बातें शोभा नहीं देती  !!*

*आज राजनीतिक गलियारा जिस तरह से संविधान की बात कर रहा है, तो लग रहा है जैसे हम पुनः महाभारत युग में आ गए हैं !*

*विश्वास रखो, महाभारत का अर्जुन नहीं चूका था ! आज का अर्जुन भी नहीं चूकेगा !*

*यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारतः!*
*अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानम सृजाम्यहम !*

*चुनावी जंग में अमित शाह जो कुछ भी जीत के लिए पार्टी के लिए कर रहे हैं, वह सब उचित है!*

*अटल बिहारी वाजपेयी जी  की तरह एक वोट का जुगाड़ न करके आत्मसमर्पण कर देना, क्या एक राजनीतिक चतुराई थी ?*

*अटलजी ने अपनी व्यक्तिगत नैतिकता के चलते, एक वोट से अपनी सरकार गिरा डाली, और पूरे देश को चोर लुटेरों के हवाले कर दिया !*

*साम, दाम, दण्ड , भेद ,राजा या क्षत्रिय द्वारा अपनाई जाने वाली नीतियाँ हैं, जिन्हें उपाय-चतुष्टय (चार उपाय) कहते हैं !*

*राजा को राज्य की व्यवस्था सुचारु रूप से चलाने के लिये सात नीतियाँ वर्णित हैं !*

*उपाय चतुष्टय के अलावा तीन अन्य हैं - माया, उपेक्षा तथा इन्द्रजाल !!*

*राजनीतिक गलियारे में ऐसा विपक्ष नहीं है, जिसके साथ नैतिक-नैतिक खेल खेला जाए! सीधा धोबी पछाड़ आवश्यक है !*

*एक बात और!*

*-:अनजाना इतिहास:-*

*बात १९५५ की है! सउदी अरब के बादशाह "शाह सऊद"  प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू के निमंत्रण पर भारत आए थे। वे ४ दिसम्बर १९५५ को दिल्ली पहुँचे, जहाँ उनका पूरे शाही अन्दाज़ में स्वागत किया गया! शाह सऊद दिल्ली के बाद, वाराणसी भी गए!*

*सरकार ने दिल्ली से वाराणसी जाने के लिए, "शाह सऊद" के लिए एक विशेष ट्रेन में, विशेष कोच की व्यवस्था की! शाह सऊद जितने दिन वाराणसी में रहे उतने दिनों तक बनारस के सभी सरकारी इमारतों पर "कलमा तैय्यबा" लिखे हुए झंडे लगाए गए थे!*
😡😡
*वाराणसी में जिन-जिन रास्तों-सडकों से "शाह सऊद" को गुजरना था, उन सभी रास्तों-सड़कों में पड़ने वाले मंदिर और मूर्तियों को परदे से ढक दिया गया था!*

*इस्लाम की तारीफ़, और हिन्दुओं का मजाक बनाते हुए शायर "नज़ीर बनारसी" ने एक शेर कहा था:* -👇🏻
*अदना सा ग़ुलाम उनका,*
*गुज़रा था बनारस से,*
*मुँह अपना छुपाते थे,* 
*काशी के सनम-खाने!*

*अब खुद सोचिये कि क्या आज मोदी और योगी के राज में, किसी भी बड़े से बड़े तुर्रम खान के लिए, ऐसा किया जा सकता है ? आज ऐसा करना तो दूर, कोई करने की सोच भी नहीं सकता!*

*हिन्दुओं, उत्तर दो, तुम्हें और कैसे अच्छे दिन देखने की तमन्ना थी ?*

*आज भी बड़े बड़े ताकतवर देशों के प्रमुख भारत आते हैं, और उनको वाराणसी भी लाया जाता है! लेकिन अब मंदिरों या मूर्तियों को छुपाया नहीं जाता है, बल्कि उन विदेशियों को गंगा जी की आरती दिखाई जाती है, और उनसे पूजा कराई जाती है!* 
🙏
*ये था कांग्रेसियों का हिंदुत्व दमन!*
😡
*राष्ट्रधर्म सर्वोपरि🚩*

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