यह ब्लॉग खोजें

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2013

ककड़ी का चिकित्सा में प्रयोग

ककड़ी ग्रीष्म ऋतु का फल है। ककड़ी का प्रयोग कच्ची अवस्था में ही किया जाता है। कच्ची ककड़ी में आयोडीन पाया जाता है। ककड़ी बेल पर लगने वाला फल है। गर्मी में पैदा होने वाली ककड़ी स्वास्थ्यवर्ध्दक तथा वर्षा व शरद ऋतु की ककड़ी रोगकारक मानी जाती है।
ककड़ी स्वाद में मधुर, मूत्रकारक, वातकारक, स्वादिष्ट तथा पित्त का शमन करने वाली होती है।
उल्टी, जलन, थकान, प्यास, रक्तविकार, मधुमेह में ककड़ी फायदेमंद हैं।

ककड़ी के अत्यधिक सेवन से अजीर्ण होने की शंका रहती है, परन्तु भोजन के साथ ककड़ी का सेवन करने से अजीर्ण का शमन होता है। ककड़ी की ही प्रजाति खीरा व कचरी है। ककड़ी में खीरे की अपेक्षा जल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है। ककड़ी के बीजों का भी चिकित्सा में प्रयोग किया जाता है।

1- ककड़ी का रस निकालकर मुंह, हाथ व पैर पर लेप करने से वे फटते नहीं हैं तथा मुख सौंदर्य की वृध्दि होती है।

2- ककड़ी काटकर खाने या ककड़ी व प्याज का रस मिलाकर पिलाने से शराब का नशा उतर जाता है। बेहोशी में ककड़ी काटकर सुंघाने से बेहोशी दूर होती है।

3- ककड़ी के बीजों को ठंडाई में पीसकर पीने से ग्रीष्म ऋतु में गर्मीजन्य विकारों से छुटकारा प्राप्त होता है।

4- ककड़ी की जड़ 10 ग्राम, एक कप दूध व एक कप पानी में मसलकर धीमी आंच पर पकाएं। जब दूध शेष रह जाय तब गर्भवती स्त्री को पिलाने से गर्भावस्था में होने वाले उदरशूल से मुक्ति मिलती है।

5- ककड़ी की मींगी एक तोला, सफेद कमल की पंखुड़ी एक तोला, जीरा आधा चम्मच तथा मिश्री एक चम्मच, सभी को महीन पीसकर सेवन करने से श्वेत प्रदर रोग में लाभ होता है।

6- ककड़ी के बीज पानी के साथ पीसकर चेहरे पर लेप करने से चेहरे की त्वचा स्वस्थ व चमकदार होती है।

7- ककड़ी के रस में शक्कर या मिश्री मिलाकर सेवन करने से पेशाब की रुकावट दूर होती है।

8- ककड़ी की मींगी मिश्री के साथ घोंटकर पिलाने से पथरी रोग में लाभ पहुंचता है।
*******
ककड़ी का रस निकालकर मुंह, हाथ व पैर पर लेप करने से वे फटते नहीं हैं तथा मुख सौंदर्य की वृध्दि होती है। ककड़ी काटकर खाने या ककड़ी व प्याज का रस मिलाकर पिलाने से शराब का नशा उतर जाता है। ककड़ी से त्वचा चिकनी होती है। ककड़ी भूख को बढ़ाती है और मन को शांत करती है। इसके सेवन से दस्त रोग में लाभ मिलता है। यह गर्मी को शांत करती और बेहोशी को दूर करती है। पकी ककड़ी का उपयोग करने से गर्मी शांत होती है एवं पाचनशक्ति बढ़ती है। यह पित्त से उत्पन्न दोषों को दूर करती है। इसका सेवन अधिक मात्रा में करने से वातज्वर और कफ पैदा हो सकता है।

खाँसी की आयुर्वेदिक चिकित्सा




खाँसी कोई रोग नहीं होता। यह गले में हो रही खराश और उत्तेजना की सहज प्रतिक्रिया होती है। असल में खाँसी गले और सांस की नलियों को खुला रखने के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है, पर हद से ज़्यादा होनेवाली खाँसी किसी न किसी बीमारी या रोग से जुड़ी होती है। कुछ खाँसीयां सूखी होती हैं, और कुछ बलगम वाली।


खाँसी तीव्र या पुरानी होती है:
तीव्र खाँसी अचानक शुरू हो जाती हैं, और सर्दी-ज़ुकाम, फ्लू या सायनस के संक्रमण के कारण होती है। यह आम तौर से दो या तीन हफ़्तों में ठीक हो जाती है।
पुरानी या दीर्घकालीन खाँसी दो तीन हफ़्तों से ज़्यादा जारी रहती है।

खाँसी के घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार
375 मिलीग्राम फुलाया हुआ सुहागा शहद के साथ रात्री में लेने से या मुनक्के और मिश्री को मुहं में रखकर चूसने से खाँसी में लाभ मिलता है।
1 ग्राम हल्दी के पाउडर को एक चम्मच शहद में मिलाकर लेने से भी सूखी खाँसी में लाभ मिलता है।
आधा तोला अनार की सूखी छाल बारीक कूटकर, छानकर उसमे थोडा सा कपूर मिलायें। यह चूर्ण दिन में दो बार पानी के साथ मिलाकर पीने से भयंकर और कष्टदायक खाँसी मिटती है।
सौंफ और मिश्री का चूर्ण मुहं में रखने से रह रह कर होनेवाली गर्मी की खाँसी मिट जाती है।
सूखी खाँसी के उपचार के लिए एक छोटे से अदरक के टुकड़े को छील लें और उसपर थोड़ा सा नमक छिड़क कर उसे चूस लें।
2 ग्राम काली मिर्च और 1-1/2 ग्राम मिश्री का चूर्ण या शितोपलादी चूर्ण 1-1ग्राम दिन में 3 बार शहद के साथ चाटने से खाँसी में लाभ होता है।
नींबू के रस में 2 चम्मच ग्लिसरीन और 2 चम्मच शहद मिलाकर मिश्रण बना लें, और रोजाना इस मिश्रण का 1 चम्मच सेवन करने से खाँसी से काफी रहत मिलेगी।
मेहंदी के पत्तों के काढ़े से गरारे करना लाभदायक सिद्ध होता है।
अदरक की चाय का सेवन करने से भी खाँसी ठीक होने में लाभ मिलता है।
लंबे समय तक इलायची चबाने से भी खाँसी से राहत मिलती है।
लौंग के प्रयोग से भी खाँसी की उत्तेजना से काफी आराम मिलता है।
लौंग का तेल, अदरक और लहसून का मिश्रण बार बार होने वाली ऐसी खांसी से राहत दिलाता है जो कि तपेदिक, अस्थमा और ब्रौन्काइटिस के कारण उत्पन्न होती है। यह मिश्रण हर रात को सोने से पहले लें।
तुलसी के पत्तों का सार, अदरक और शहद मिलाकर एक मिश्रण बना लें, और ऐसी गंभीर खाँसी के उपचार के लिए लें जो कि तपेदिक और ब्रौन्काइटिस जैसी बीमारियों के कारण शुरू हुई है।
सीने में बलगम के जमाव को निष्काषित करने के लिए अंजीर बहुत ही उपयोगी होते हैं, और खाँसी को मिटाने में काफी सहायक सिद्ध होते हैं।
अदरक को पानी में 10-15 मिनट के लिए उबाल लें और उसमें एक दो चम्मच शुद्ध शहद मिलकर दिन में तीन चार बार पीये। ऐसा करने से आपका बलगम बाहर निकलता रहेगा और आपको खांसी में लाभ पहुंचेगा।

खान पान और आहार
ठंडे खान पान के सेवन से बचें क्योंकि इससे आपके गले की उत्तेजना और अधिक उग्र हो सकती है। और किसी भी तरल पदार्थ को पीने से पहले गर्म ज़रूर करें।
खान पान में पुराने चावल का प्रयोग करें।
ऐसे खान पान का सेवन बिलकुल ना करें जिससे शरीर को ठंडक पहुँचे। खीरे, हरे केले, तरबूज, पपीता और संतरों के सेवन को थोड़े दिनों के लिए त्याग दें।

शनिवार, 30 मार्च 2013

सफलता के 20 मँत्र



सफलता के 20 मँत्र
=============
1.खुद की कमाई से कम खर्च हो ऐसी जिन्दगी बनाओ..!
2. दिन मेँ कम से कम 3 लोगो की प्रशंशा करो..!
3. खुद की भुल स्वीकार ने मेँ कभी भी संकोच मत करो..!
4. किसी के सपनो पर हँसो मत..!
5. आपके पीछे खडे व्यक्ति को भी कभी कभी आगे जाने का मौका दो..!
6. रोज हो सके तो सुरज को उगता हुए देखे..!
7. खुब जरुरी हो तभी कोई चीज उधार लो..!
8. किसी के पास से कुछ जानना हो तो विवेक से दो बार पुछो..!
9. कर्ज और शत्रु को कभी बडा मत होने दो..!
10. ईश्वर पर पुरा भरोशा रखो..!
11. प्रार्थना करना कभीमत भुलो, प्रार्थना मेँ अपार शक्ति होती है..!
12. अपने काम से मतलब रखो..!
13. समय सबसे ज्यादा किमती है, इसको फालतु कामो मेँ खर्च मत करो..!
14. जो आपके पास है, उसी मेँ खुश रहना सिखो..!
15. बुराई कभी भी किसी कि भी मत करो करो,
क्योकिँ बुराई नाव मेँ छेद समान है, बुराई छोटी हो बडी नाव तो डुबोही देती है..!
16. हमेशा सकारात्मक सोच रखो..!
17. हर व्यक्ति एक हुनर लेकर पैदा होता बस उस हुनर को दुनिया के सामने लाओ..!
18. कोई काम छोटा नही होता हर काम बडा होता है जैसे कि सोचो जो काम आप कर रहे हो अगर आप वह काम आप नही करते हो तो दुनिया पर क्या
असर होता..?
19. सफलता उनको ही मिलती है जो कुछकरते है
20. कुछ पाने के लिए कुछ खोना नही बल्कि कुछ करना पडता है

(30 मार्च 2013 का राशिफल)





पंचांग: चतुर्थी व्रत। राहुकाल:प्रात: 09.00 से 10.30 तक। विक्रमी (विश्वावसु) संवत् 2069, 09 चैत्र मास शक 1934, चैत्र मास 17 प्रविष्टे, चैत्र कृष्ण पक्ष तृतीया 08.34 तक उपरांत चतुर्थी 30.08 तक तदोपरांत पंचमी,विशाखा नक्षत्र 28.19 तक उपरांत अनुराधा नक्षत्र, हर्षण योग 07.56 तक उपरांत वज्र योग 28.49 तक तदोपरांत सिद्धि योग, विष्टि (भद्रा) करण 08.34 तक उपरांत बव करण,चन्द्रमा वृश्चिक राशि में 22.44 पर। सूर्योदय: 06.18 सूर्यास्त 18.34

मेष : नौकरी व व्यवसाय संबंधी समस्याएं आज परशन कर सकती है। आज का दिन आपके लिए काफी तनावपूर्ण और असुविधाजनक चल रहा है। यदि आप अपने काम पर जा रहे हैं, तो रास्ते में कोई व्यक्ति आपके साथ वाद-विवाद खड़ा कर सकता है। धैर्य से काम ले।

वृष :मानसिक रूप से भारी कष्ट आपको विचलित कर सकता है। मन में अशांति और असुरक्षा के बावजूद आज आप अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम पूरे कर पाएंगे। कारोबार में आगे बढ़ने के लिए आपके पुराने संबंध काम आएंगे। कोई नया वाहन खरीदने की योजना बन सकती है।

मिथुन : आज का शुभ है। सुखद समाचार मिलेगा और आर्थिक प्रसंग भी उठेंगे। काफी दिनों से चल रही दौड़भाग और मेहनत के बावजूद संभावित लाभ नहीं मिलने तथा अधूरे काम के पूरे नहीं हो पाने के कारण आपका स्वास्थ्य कुछ नरम रहेगा। शाम के समय कुछ दौड़भाग बढ़ सकती है।

कर्क: सुबह – सुबह कोई कोई महत्वपूर्ण कार्य सफल हो सकता है। आज का दिन आपके कारोबार के लिए बहुत ही अनुकूल और शुभ साबित होगा। यदि आप किसी मांगलिक कार्य का आयोजन कर रहे हैं, तो उसकी सफलता आपके ही हाथ में आएगी। धन की कमी के बावजूद आज आपकी आर्क क्षमता सुखद रहेगी।

सिंह : मनोवांछित की सिद्धि होगी। महत्वपूर्ण कार्य का आरंभ दोपहर तक कर लें उसके बाद समय ठीक नहीं है। व्यापार में महत्वपूर्ण काम समय पर बनते हुए नजर आएंगे। आज कुछ खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन आपकी सूझबूझ की दूरदृष्टि किसी सफलता को आपके द्वार पर ला सकती है।

कन्या : आज सौभाग्य और कार्य सफलता आपको खुश करेगी। काफी समय से अटके हुए काम बन जाने से आपकी मनोदशा बहुत ही उत्साहपूर्ण रहेगी। दौड़भाग और छोटी- मोटी यात्रा करने से आने वाले दिनों में अच्छे कारोबार के संकेत मिलेंगे। कोई नया काम करने की योजना भी हो सकती है। व्यर्थ के पचड़ों में नहीं पड़कर अपने जरूरी काम पूरे करें।

तुला : दोपहर बाद कुछ मायूसियां खत्म होंगी और उत्साह प्रबल होंगे। आज के दिन आपको व्यक्तिगत कार्यों के अलावा सामाजिक कार्यों में भी सफलता मिलेगी। घर मकान और वाहन आदि से जुड़ी हुई समस्याओं का समाधान हो जाएगा। देश विदेश से अच्छे समाचार आदि मिलने की प्रबल संभावना है। शाम तक आपकी सुख समृद्धि और मानसिक शांति में कई गुना वृद्धि हो सकती है।

वृश्चिक : अपनी मौजूदा अर्थव्यवस्था को ठीक करने तथा मान प्रतिष्ठा को कायम रखने के लिए आपको संघर्ष करना पड़ सकता है। यदि आप कारोबार में अपने सहयोगी की योजना बना रहे हैं, तो उस मामले में कुछ प्रगति हो सकती है, लेकिन कोई भी कार्य करने से पहले उसके पक्ष और विपक्ष पर पूरी तरह सोच विचार कर लें।

धनु : कुछ अच्छे काम बन जाने से धन प्राप्ति के कारण जरूरी खर्चे और जिंमेदारी निपटाने में सहायता मिल सकती है। यदि आप किसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, तो उसके लिए अभी थोड़ा समय ओर देना होगा। हो सकता है अगले दो तीन दिनों में आपको आर्थिक संकट से मुक्ति मिल जाए।

मकर: आपके गिरते स्वास्थ्य के कारण आपके सगे संबंधियों को भी चिंता हो सकती है। बेहतर यही होगा कि फिलहाल आप अपनी सामर्थ्य के बाहर किसी काम को नहीं करें। जो भी आर्क दबाव या जरूरी खर्च आपके ऊपर आ रहे हैं, उनके लिए किसी से सहयोग लेना आवश्यक होगा।

कुंभ: दोपहर बाद उलझने भी दूर होंगी और पराक्रम का प्रतिफल भी मिलेगा। अपने आर्थिक और व्यापारिक कार्यों को संपन्न करने में आज के दिन आपको अपने परिजनों और शुभचिंतकों का पूरा सहयोग मिलेगा। आपके निजी मित्र और दोस्त भी कुछ सकारात्मक रूख लेकर आपसे मिल सकते हैं।

मीन: चंद्रमा के अच्छे गोचर के अनुसार आज का दिन भी आपके लिए शुभफलदायक सिद्ध होगा। आपके सभी व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान हो जाएगा। कोई उच्चस्तर का राजनैतिक व्यक्ति भी आपको अपने संपर्क क्षेत्र में ला सकता है। यदि आप कोई नया कारोबार करने की सोच रहे हैं तो आगे बढें।

शुक्रवार, 22 मार्च 2013

22 मार्च 2013 का राशिफल

22 मार्च 2013 का राशिफल
पंचांग: लट्ठमार होली नन्दगांव। राहुकाल:प्रात: 10.30 से 12.00 तक। विक्रमी (विश्वावसु) संवत् 2069, 01 चैत्र मास शक 1934, चैत्र मास 09 प्रविष्टे, फाल्गुन शुक्ल पक्ष दशमी 16.10 तक उपरांत एकादशी, पुनर्वस नक्षत्र 07.11 तक उपरांत पुष्य नक्षत्र, अतिगंड़ योग 23.37 तक उपरांत सुकर्मा योग, गर करण 16.10 तक उपरांत वणिज करण,चन्द्रमा कर्क राशि में दिन रात। सूर्योदय: 06.26 सूर्यास्त 18.29

मेष: आज के दिन आपको अपनी व्यवसाय में छवि सुधारने की चिंता रहेगी। वैसे तो आप मेहनत करने में कभी पीछे नहीं हटते हैं। आर्थिक कठिनाइयां दूर होंगी। शासन-सत्ता व राजकीय क्षेत्रों से जुड़े लोग क्रियाशील होंगे। किसी प्रिय व्यक्ति से भावनात्मक कष्ट मिल सकता है।

वृष: आज के दिन आपको कुछ ऐसे लोगों की सलाह पर अमल करना होगा जिससे आपको पारिवारिक जीवन या घर के सदस्यों की नाराजगी दूर हो जाए। किसी प्रियजन से अचानक भेंट से उत्साह में वृद्धि होगी। संतान के भविष्य संबंधी चिंताएं मन पर प्रभावी होंगी।

मिथुन: आज का दिन आपको किसी पिछली घटना को बार- बार याद दिलाकर उत्साह में कमी ला सकता है। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण सौदे का लाभ उठाने में सक्षम होंगे। भावनाओं को त्याग त्याग सकारात्मकता पर ध्यान दें।

कर्क: विशेष परिश्रम के बावजूद मायूसियां बनी रहेंगी। सफलता के लिए ऐसी करतूत आपको आगे बढ़ने में मददगार साबित नहीं हो पाएगी। पारिवारिक वातावरण सुखद होगा। किसी मांगलिक आयोजन में आमंत्रित होंगे। परिजनों की बातों का बुरा न मानें।

सिंह: यदि आप जोखिम भरे कामों से धन कमाना चाहते हैं, तो यह उम्मीद आपको आगे चलकर बहुत अच्छा परिणाम नहीं देगी। प्रयासरत् क्षेत्रों में कुछ नयी उमंग की अनुभूति करेंगे। नई सफलताओं की ओर आकषिर्त होंगे। परिश्रम से न डरें।

कन्या: आज के दिन आपकी सोच और विचार शक्ति कुछ भौतिकवादी अधिक हो रही है। सत्संगियों की निकटतावश ईश्वरीय आस्था बढ़ेगी। राजनीति से जुड़े लोकों की क्रियाशीलता बढ़ेगी। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। उच्चस्तरीय लोगों से संबंध प्रगाढ़ होंगे। आलस्य त्यागें।

तुला: आज किसी वाहन या किसी अचल सम्पत्ति का क्रय हो सकता है। आज के दिन आपको अपनी जरूरत को पूरी करने के लिए कुछ नियमित आमदनी का भी ख्याल रखना होगा। अच्छे कार्य द्वारा अच्छी छबि व गरिमा को प्राप्त करेंगे।

वृश्चिक: आपके जीवन में चल रहे कुछ विवादास्पद मामले ऐसे हैं जिन्हें इस वक्त सुलझा लेना जरूरी होगा। घर में कुछ तनावपूर्ण वातावरण रहेगा। शिक्षा में मनोवांछित सफलता न मिलने से मन परेशान होंगे। रोजगार क्षेत्र में चल रहे प्रयास सार्थक होंगे।

धनु: आज के दिन आपको आराम करने का पूरा मौका मिलेगा। आपके स्वभाव के कुछ पहलू ऐसे हैं, जो दूसरों को गलतफहमी का शिकार बना सकते हैं। लेकिन आज इन सबका उत्तर देने में आप समर्थ रहेंगे। किसी बुजुर्ग से वैचारिक मतभेद संभव। सरकारी कर्मचारियों के स्थानान्तरण अथवा पदोन्नति का योग है।

मकर: आज के दिन आप अपने रुके हुए काम को पूरा करने के लिए कुछ ऐसे कदम उठाएंगे जो कि अप्रत्याशित होंगे। लेनदेन में सावधानी बरतें। विपरीतलिंगी संबंधों में निकटता से जरूरी कार्य में विलंब होगा।

कुंभ: इस समय आपकी बौद्धिक और शारीरिक ऊर्जा शिखर पर है। यही नहीं आपने सफलता प्राप्त करने के लिए सही सीढ़ी का चुनाव भी कर रखा है। कानूनी मामलों में मनोवांछित परिणाम मिल सकते हैं। मीडिया अथवा लेखन से जुड़े लोगों के लिए अच्छा समय है।

मीन: जीवन में अचानक हो रही उथल-पुथल से न घबड़ायें बल्कि धैर्य व विवेक से काम लें। विषम स्थितियों के मध्य जरूरी जिम्मेदारी की पूर्ति में बिलंब से मन चिंतित होगा। अगर इन सबके लिए कुदरत कोई मौका या साथ दे तो उस वक्त की नजाकत को समझना बुद्धिमानी होगी। कड़ी मेहनत के बाद ही उपलब्धि का सुख मिलता है।

गुरुवार, 21 मार्च 2013

21 मार्च 2013 का राशिफल+ पंचांग:

 विक्रम संवत 2069। शक संवत 1934। मास फाल्गुन । पक्ष शुक्ल पक्ष। तिथि नवमी 14.26। नक्षत्र पुनर्वसु-पूर्ण रात्रि । योग शोभन 23.30। करण कौलाव 14.26। सूर्य राशि मीन । चन्द्र राशि मिथुन । राहुकाल 13.30- 15:00। अभिजीतमुहूर्त 12:10-12.58। सूर्योदय 06:33। सूर्यास्त 18.34। चंद्रोदय 13.16। तिथि विशेष -------
शुभ कार्य शिक्षा, भूमि, लकडी़, वाहन, प्रशासनिक, औषधि, आभूषन,धार्मिक कार्य आदि। वर्ज्य दक्षिण, पूर्व तथा नैॠत्य दिशा में यात्रा।


मेष- आपको नए कार्य करने की प्रेरणा देंगे। हालांकि आप अपने विचारों में स्थिरता का अभाव रहने से कुछ मामलों में उलझन का अनुभव करेंगे। नौकरी या व्यवसाय में स्पर्धात्मक वातावरण रहेगा। लघु यात्रा के संयोग खड़े होंगे। भाई-बंधुओं के साथ मेल-जोल बना रहेगा। उससे लाभ होगा। स्त्रियों को वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए।

वृषभ- मन की डांवाडोल प्रवृत्ति महत्त्वपूर्ण अवसरों से आपको वंचित रखेगी। आज नए कार्य का आरंभ करना उचित नहीं है। बातचीत में आपका झक्की व्यवहार संघर्ष खड़ा करेगा। आर्थिक लाभ होगा। विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है।

मिथुन- आज का दिन ताजगी और स्फूर्ति से परिपूर्ण रहेगा। उत्तम भोजन, सुंदर वस्त्रालंकार और मित्रों व स्वजनों के साथ आपका दिन खूब आनंद में व्यतीत होगा। दांपत्य जीवन में सुख-संतोष की भावना अनुभव करेंगे। आर्थिक लाभ और आयोजनों के लिए अनुकूल दिन है। खर्च अधिक होगा। इसलिए उसपर संयम रखना पड़ेगा।

कर्क- परिवार में मनमुटाव के अवसर आएँगे, इसलिए मानसिक बेचैनी रहेगी। मन दुविधा का अनुभव करेगा इसलिए महत्त्वपूर्ण निर्णय टालना हितकर है। किसी के साथ गलतफहमी या वाद-विवाद खड़े होने की संभावना है। स्वास्थ्य सम्बंधी लापरवाही तंदुरुस्ती खराब करेगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में संभलकर काम लेना पड़ेगा। मानहानि और धन हानि होने की संभावना है।

सिंह- आज का दिन आपके लिए लाभदायक साबित होगा, परंतु मन की डांवाडोल स्थिति के कारण आप हाथ में आए हुए अवसर को खो न दें, इसका ध्यान रखना पड़ेगा। स्त्री मित्रों से मुलाकात और लाभ होगा। बुजुर्गों को आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे। घर में मांगलिक कार्य होंगे। व्यापारियों के व्यापार में वृद्धि होगी। नौकरीपेशा लोगों की आय में वृद्धि होगी। बाहर जाने का आयोजन होगा।

कन्या- नए कार्यों की शुरुआत करने के लिए मन में बनाई हुई योजनाएँ साकार होंगी। पिता के साथ आत्मीयता बढ़ेगी। उनसे लाभ होगा। व्यापारी और नौकरी वालों को अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। धन और मान- सम्मान में वृद्धि होगी। सरकार की तरफ से लाभ होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। गृहस्थजीवन में सुख-शांति और संवाद बने रहेंगे। वसूली या व्यापार के काम से बाहर जाना होगा।

तुला- बौद्धिकों या साहित्यानुरागियों के साथ मुलाकात से आप ज्ञान गोष्ठी में समय व्यतीत करेंगे। नए कार्य का आरंभ कर सकेंगे। लंबी दूरी की यात्रा या तीर्थस्थानों पर जाने की संभावना है। विदेशगमन के लिए अवसर बनेंगे। विदेश में बसने वाले मित्रों या स्नेहीजनों के समाचार मिलेंगे। स्वास्थ्य थोड़ा नरम-गरम रहेगा। संतानों की समस्याओं से चिंता उत्पन्न होगी,

वृश्चिक- वाणी और व्यवहार पर आज संयम रखना आवश्यक है। दैनिक कार्यों के अतिरिक्त नए कार्य हाथ में लेना उचित नहीं है। बीमार पड़ने का योग है। इसलिए खान-पान पर ध्यान दें। अचानक धन लाभ होगा। आध्यात्मिक साधना के लिए अच्छा समय है। चिंतन-मनन में समय व्यतीत करने से मानसिक शांति के साथ उलझनों से दूर रह सकेंगे।

धनु- पार्टी, पिकनिक, प्रवास, सुंदर भोजन और वस्त्र-परिधान आज के दिन की विशेषता रहेंगे। मनोरंजन की दुनिया में विहार करेंगे। विपरीत लिंगीय व्यक्ति के साथ की मुलाकात रोमांचक रहेगी। दांपत्य जीवन में उत्तम सुख की प्राप्ति होगी। सार्वजनिक सम्मान और ख्याति मिलेगी। बौद्धिक, तार्किक विचार-विनिमय होगा। भागीदारी में लाभ होगा।

मकर- व्यापार-धंधे के विकास और आर्थिक आयोजनों के लिए आज अनुकूल दिन है। वसूली या पैसे की लेन-देन करने में सफलता मिलेगी। आयात-निर्यात में व्यापारियों को लाभ होगा। परिवार में हर्षोल्लास का वातावरण रहेगा। आर्थिक लाभ होगा। कानूनी उलझनों से बचें। तंदुरुस्ती बनी रहेगी। विरोधियों की चाल निष्फल जाएगी।

कुंभ- मानसिक अशांति और उद्वेग भरा दिन है। तेजी से बदलते विचारों के कारण अनिर्णायकता रहेगी, इसलिए ठोस निर्णय नहीं ले सकेंगे। संतानों के प्रश्न उलझन में डालेंगे। पेट की बीमारी से पीड़ित होने की संभावना है, कार्य निष्फलता हताशा पैदा करेगी और आकस्मिक धन खर्च होगा।

मीन- आज के दिन सावधानी रखने की सलाह देते हैं। पारिवारिक सदस्यों के साथ मतभेद पैदा होगा। माता का स्वास्थ्य चिंता का कारण का कारण बनेगा। स्वास्थ्य खराब होने की संभावना है। मानसिक उद्वेग और धन और मानहानि होगी। नौकरी में समस्याएँ खड़ी होंगी। स्थावर जायदाद के दस्तावेज बनवाने में ध्यान रखें। स्त्रियों के साथ के सम्बंध हानिकारक साबित हो सकते हैं।

बुधवार, 20 मार्च 2013

20-03-2013 ka rashi phal

20-03-2013 ka rashi phal

पंचांग: विक्रम संवत 2069। शक संवत 1934। मास फाल्गुन। पक्ष शुक्ल पक्ष। तिथि अष्टमी 12.11। नक्षत्र आर्द्रा 28.44। योग सौभाग्य 22.57। करण बव 12.11। सूर्य राशि मीन। चन्द्र राशि मिथुन। राहु काल 12:00-13:30। अभिजीतमुहूर्त--- सूर्योदय 06.34। सूर्यास्त 18.34। चंद्रोदय 12.25। तिथि विशेष----- शुभ कार्य व्यापारिक वस्तुओं, लेखाकार्य, शिक्षण, लेखन, शिल्प, कानून, वकालत, वाहन, संपादन आदि। वर्ज्य पश्चिम, उत्तर तथा ईशान दिशा में यात्रा।


मेष- विचारों की अस्थिरता आपको उलझनपूर्ण परिस्थिति में डालेगी। नौकरी-व्यवसाय के क्षेत्र में स्पर्द्धायुक्त वातावरण रहेगा, जिसमें से बाहर आने का प्रयत्न कामयाब साबित होगा। नए कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे छोटे-से प्रवास की संभावना है। बौद्धिक तथा लेखन कार्य के लिए अच्छा दिन है।

वृषभ- मन की दुविधा ठोस निर्णय पर आने में रोकेगी। परिणाम स्वरूप हाथ में आए हुए अवसर खोएंगे। व्यवहार के कारण संघर्ष में उतरने की संभावना है। लेखक, कारीगर, कलाकारों को अपने कौशल प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। आपकी वाकपटुता आपका कार्य संपन्न करेगी और दूसरे को मोहित करेगी।

मिथुन- आज का दिन लाभदायक साबित होने की आशा रख सकते हैं। सुबह से ताजगी और प्रसन्नता का अनुभव होगा। मित्रों तथा सगे- सम्बंधियों के साथ मिलकर उत्तम भोजन का आनंद लेंगे। आर्थिक लाभ मिलने के साथ-साथ कहीं से गिफ्ट प्राप्त होने से आप अधिक खुश होंगे, । सभी के साथ मिलकर आनंददायक प्रवास का आयोजन की संभावना है। दांपत्य जीवन में संवादिता बनी रहेगी।

कर्क- शरीर और मन में बेचैनी तथा अस्वस्थता का अनुभव होगा। मन की संदिग्धता और दुविधा आपकी निर्णय शक्ति को कसौटी के शिखर पर चढ़ाएंगे। विशेष रूप से परिवारजनों के साथ मनमुटाव का प्रसंग बनने से मन में उदासी बढ़ेगी। माताजी का स्वास्थ्य चिंता का कारण बनेगा। धन खर्च बढ़ेगा।

सिंह- आज के दिन आपको विविध लाभ मिलने की संभावना है। ऐसे समय में मन का ढीलापन आपको लाभ से वंचित न कर दे, इसका ख्याल रखना पड़ेगा। मित्र-मंडल एवं स्त्री वर्ग और बुजुर्गों से लाभ होगा। नौकरी, व्यवसाय में पदोन्नति और आय वृद्धि का योग है। दांपत्य जीवन में जीवनसाथी के साथ अधिक निकटता अनुभव करेंगे। पुत्र तथा पत्नी से लाभ होगा।

कन्या- नए कार्य शुरू करने के लिए निर्मित योजनाओं को अमल में लाने का आज उत्तम समय है। व्यापार में लाभ होगा। बकाया वसूली के पैसे वसूल किए जा सकेंगे। नौकरी पेशावालों की पदोन्नति की संभावनाएं हैं। पिता की तरफ से लाभ होगा। परिवार में आनंद-उत्साह का वातावरण रहेगा। गृहस्थजीवन में मेल-जोल रहेगा। सरकारी कामकाज पूरे होंगे और स्वस्थता से आज का दिन व्यतीत करेंगे,

तुला- लंबी दूरी की यात्रा या धार्मिक स्थान की मुलाकात होगी। विदेश यात्रा के लिए अनुकूलता रहेगी। फिर भी आपको संतान और स्वास्थ्य के सम्बंध में चिंता रहेगी। नौकरी पेशावालों को उच्च पदाधिकारियों तथा सहकर्मियों का आज सहयोग नहीं मिलेगा। विरोधियों या प्रतिस्पर्द्धियों के साथ चर्चा में गहरे न उतरने की गणेशजी सलाह देते हैं। धन का खर्च होगा।

वृश्चिक- आज का दिन बिना किसी प्रवृत्ति के सावधानीपूर्वक व्यतीत करना पड़ेगा। नए कार्य शुरू न करें। क्रोधावेश और अनैतिक आचरण आपको कठिनाई में डाल सकते हैं। समय से भोजन नहीं मिलेगा। राजकीय अपराधी प्रवृत्तियों से दूर रहने और नए सम्बंध विकसित करने की सलाह देते हैं। दुर्घटना से बचें। इष्टदेव का नाम स्मरण राहत देगा।

धनु- बौद्धिक, तार्किक, विचार-विनिमय और लेखन कार्य के लिए शुभ दिन है। मनोरंजन, प्रवास, मित्रों के साथ मिलन-मुलाकात, सुंदर भोजन और वस्त्र परिधान, विपरीत लिंगीय पात्रों के साथ की निकटता आज के दिन को आनंदित और रोमांचित बनाएगा। भागीदारी में लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ के सम्बंधों में अधिक धनिष्ठता रहेगी। सार्वजनिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी।

मकर- आपके व्यापार-धंधे का विकास होगा। आर्थिक रूप से लाभदायक दिन होने से पैसे की लेन-देन में सरलता रहेगी। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा। कार्यकर्ता तथा अधीनस्थ लोगों का सहयोग मिलेगा। ननिहाल पक्ष की तरफ से अच्छे समाचार मिलेंगे। प्रतिस्पर्द्धियों को पराजित करने में कामयाब साबित होंगे।

कुंभ- आज आप संतानों और अपने स्वास्थ्य के सम्बंध में चिंतित रहेंगे। अपच, पेट-दर्द से परेशान होंगे। विचारों में तेजी से परिवर्तन मानसिक स्थिरता में खलल पहुंचाएगी। आज नए कार्यों का आरंभ न करना हितकर है। यात्रा प्रवास में कठिनाइयां आएंगी।

मीन- शारीरिक-मानसिक भय रहेगा। कुटुंबीजनों के साथ वाद-विवाद होगा। माताजी का स्वास्थ्य खराब होगा। अनचाही घटनाओं से आपके उत्साह में कमी आएगी। अनिद्रा से परेशान रहेंगे। धन और कीर्ति की हानि होगी। स्त्री वर्ग तथा पानी से दूर रहने की गणेशजी की सलाह देते हैं। स्थावर मिल्कियत तथा वाहन आदि की समस्याएं चिंता पैदा करेंगी।

स्वस्थ्य रहने के 7000 सूत्र

मित्रो हमारे देश मे 3000 साल पहले एक ऋषि हुए जिनका नाम था बागवट जी ! वो 135 साल तक जीवित रहे ! उन्होने अपनी पुस्तक अशटांग हिरद्यम मे स्वस्थ्य रहने के 7000 सूत्र लिखे ! उनमे से ये एक सूत्र राजीव दीक्षित जी की कलम से आप पढ़ें !

बागवट जी कहते है, ये बहुत गहरी बात वो ये कहते है जब आप भोजन करे कभी भी तो भोजन का समय थोडा निश्चित करें । भोजन का समय निश्चित करें । ऐसा नहीं की कभी भी कुछ भी खा लिया । हमारा ये जो शरीर है वो कभी भी कुछ खाने के लिए नही है । इस शरीर मे जठर है, उससे अग्नि प्रदिप्त होती है । तो बागवटजी कहते है की, जठर मे जब अग्नी सबसे ज्यादा तीव्र हो उसी समय भोजन करे तो आपका खाया हुआ, एक एक अन्न का हिस्सा पाचन मे जाएगा और रस मे बदलेगा और इस रस में से मांस,मज्जा,रक्त,मल,मूत्रा,मेद और आपकी अस्थियाँ इनका विकास होगा ।

हम लोग कभी भी कुछ भी खाते रहते हैं । ये कभी भी कुछ भी खाने पद्ध्ती भारत की नहीं है, ये युरोप की है । युरोप में doctors वो हमेशा कहते रहते है की थोडा थोडा खाते रहो, कभीभी खाते रहो । हमारे यहाँ ये नहीं है, आपको दोनों का अंतर समझाना चाहता हूँ । बागवटजी कहते है की, खाना खाते का समय निर्धरित करें । और समय निर्धरित होगा उससे जब आप के पेट में अग्नी की प्रबलता हो । जठरग्नि की प्रबलता हो । बागवटजी ने इस पर बहुत रिसर्च किया और वो कहते है की, डेढ दो साल की रिसर्च के बाद उन्हें पता चला की जठरग्नि कौन से समय मे सबसे ज्यादा तीव्र होती है । तो वो कहते की सूर्य का उदय जब होता है, तो सूर्य के उदय होने से लगभग ढाई घंटे तक जठरग्नि सबसे ज्यादा तीव्र होती है ।

मान लो अगर आप चेन्नई मे हो तो 7 बजे से 9 बजे तक जठरग्नि सबसे ज्यादा तीव्र होगी । हो सकता है ये इसी सूत्रा अरूणाचल प्रदेश में बात करूँ तो वो चार बजे से साडे छह का समय आ जाएगा । क्यांे कि अरूणाचल प्रदेश में सूर्य 4 बजे निकल आता है । अगर सिक्कीम मे कहूँगा तो 15 मिनिट और पहले होगा, यही बात अगर मे गुजरात मे जाकर कहूँगा तो आपसे समय थोडा भिन्न हो जाएगा तो सूत्रा के साथ इसे ध्यान मे रखे । सूर्य का उदय जैसे ही हुआ उसके अगले ढाई घंटे तक जठर अग्नी सबसे ज्यादा तीव्र होती है । तो बागवटजी कहते है इस समय सबसे ज्यादा भोजन करें ।

बागवटजी ने एक और रिसर्च किया था, जैसे शरीर के कुछ और अंग है जैसे हदय है, जठर,किडनी,लिव्हर है इनके काम करने का अलग अलग समय है ! जैसे दिल सुबह के समय सबसे अधिक काम करता है ! 4 साढ़े चार बजे तक दिल सबसे ज्यादा सक्रीय होता है और सबसे ज्यादा heart attack उसी समय मे आते है । किसी भी डॉक्टर से पूछ लीजीए, क्योकि हदय सबसे ज्यादा उसी समय में तीव्र । सक्रीय होगा तो हदय घात भी उसी समय होगा इसलिए 99 % हार्ट अॅटॅक अर्ली मॉनिंग्ज मे ही होते है । इसलिए तरह हमारा लिव्हर किडनी है, एक सूची मैने बनाई है, बाहर पुस्तको मे है । संकेतरूप मे आप से कहता हूँ की शरीर के अंग का काम करने का समय है, प्रकृती ने उसे तय किया है । तो आप का जठर अग्नी सुबह 7 से 9.30 बजे तक सबसे ज्यादा तीव्र होता है तो उसी समय भरपेट खाना खाईए ।

ठीक है । फिर आप कहेगे दोपहर को भूख लगी है तो थोडा और खा लीजीए । लेकीन बागवट जी कहते है की सुबह का खाना सबसे ज्यादा । अगर आज की भाषा में अगर मे कहूँ तो आपका नाष्टा भरपेट करे । और अगर आप दोपहर का भोजन आप कर रहे है तो बागवटजी कहते है की, वो थोडा कम करिए नाश्ते से थोडा 1/3 कम कर दीजीए और रात का भोजन दोपहर के भोजन का 1/3 कर दीजीए । अब सीधे से आप को कहता हूँ । अगर आप सवेरे 6 रोटी खाते है तो दोपहर को 4 रोटी और शाम को 2 रोटी खाईए । अगर आप को आलू का पराठा खाना है आपकी जीभ स्वाद के लिए मचल रही है तो बागवटजी कहते है की सब कुछ सवेरे खाओ, जो आपको खानी है सवेरे खाओ, हाला की अगर आप जैन हो तो आलू और मूली का भी निषिध्द है आपके लिए फिर अगर जो जैन नहीं है, उनके लिए ? आपको जो चीज सबसे ज्यादा पसंद है वो सुबह आओ । रसगुल्ला , खाडी जिलेबी, आपकेा पसंद है तो सुबह खाओ । वो ये कहते हे की इसमें छोडने की जरूरत नहीं सुबह पेट भरके खाओ तो पेट की संतुष्टी हुई , मन की भी संतुष्टी हो जाती है ।

और बागवटजी कहते है की भोजन में पेट की संतुष्टी से ज्यादा मन की संतुष्टी महत्व की है।
मन हमारा जो है ना, वो खास तरह की वस्तुये जैसे , हार्मोन्स , एंझाईम्स से संचालित है । मन को आज की भाषा में डॉक्टर लोग जो कहते हैं , हाला की वो है नहीं लेकिन डाक्टर कहते हैं मन पिनियल गलॅंड हैं ,इसमे से बहुत सारा रस निकलता है । जिनको हम हार्मोन्स ,एंझाईम्स कह सकते है ये पिनियल ग्लॅंड (मन )संतुष्टी के लिए सबसे आवश्यक है , तो भोजन आपको अगर तृप्त करता है तो पिनियललॅंड आपकी सबसे ज्यादा सक्रीय है तो जो भी एंझाईम्स चाहीए शरीर को वो नियमित रूप मंे समान अंतर से निकलते रहते है । और जो भोजन से तृप्ती नहीं है तो पिनियल ग्लॅंड मे गडबड होती है । और पिनियल ग्लॅंड की गडबड पूरे शरीर मे पसर जाती है । और आपको तरह तरह के रोगो का शिकार बनाती है । अगर आप तृप्त भोजन नहीं कर पा रहे तो निश्चित 10-12 साल के बाद आपको मानसिक क्लेश होगा और रोग होंगे । मानसिक रोग बहुत खराब है । आप सिझोफ्रनिया डिप्रेशन के शिकार हो सकते है आपको कई सारी बीमारीया ,27 प्रकार की बीमारीया आ सकती है , । कभी भी भोजन करे तो, पेट भरे ही ,मन भी तृप्त हो । ओर मन के भरने और पेट के तृप्त होने का सबसे अच्छा समय सवेरे का है ।

अब मैने(राजीव भाई ने ) ये बागवटजी के सूत्रों को चारो तरफ देखना शुरू किया तो मुझे पता चला की मनुष्य को छोडकर जीव जगत का हर प्राणी इस सूत्रा का पालन कर रहा है । मनुष्य अपने को होशियार समझता है । लेकिन मनुष्य से ज्यादा होशियारी जीव जगत के प्राणीयों मे है । आप चिडीया को देखो, कितने भी तरह की चिडीये, सबेरे सुरज निकलते ही उनका खाना शुरू हो जाता है , और भरपेट खाती है । 6 बजे के आसपास राजस्थान, गुजरात में जाओ सब तरह की चिडीया अपने काम पर लग जाती है। खूब भरपेट खाती है और पेट भर गया तो चार घंटे बाद ही पानी पीती है । गाय को देखिए सुबह उठतेही खाना शुरू हो जाता है । भैंस, बकरी ,घोडा सब सुबह उठते ही खाना खाना शुरू करंगे और पेट भरके खाएँगे । फिर दोपहर को आराम करेंगे तो यह सारे जानवर ,जीवजंतू जो हमारी आँखो से दीखते है और नही भी दिखते ये सबका भोजन का समय सवेरे का हैं । सूर्योदय के साथ ही थे सब भोजन करते है । इसलिए, थे हमसे ज्यादा स्वस्थ रहते है ।

मैने आपको कई बार कहा है आप उस पर हँस देते है किसी भी चिडीया को डायबिटीस नही होता किसी भी बंदर को हार्ट अॅटॅक नहीं आता । बंदर तो आपके नजदीक है ! शरीर रचना मे बस बंदर और आप में यही फरक है की बंदर को पूछ है आपको नहीं है बाकी अब कुछ समान है । तो ये बंदर को कभी भी हार्ट अॅटॅक, डासबिटीस ,high BP ,नहीं होता ।

मेरे एक बहुत अच्छे मित्रा है, डॉ. राजेंद्रनाथ शानवाग । वो रहते है कर्नाटक में उडूपी नाम की जगह है वहाँपर रहते है । बहुत बडे ,प्रोफेसर है, मेडिकल कॉलेज में काम करते है । उन्होंने एक बडा गहरा रिसर्च किया ।की बंदर को बीमार बनाओ ! तो उन्होने तरह तरह के virus और बॅक्टेरिया बंदर के शरीर मे डालना शुरू किया, कभी इंजेक्शन के माध्यम से कभी किसी माध्यम से । वो कहते है, मैं 15 साल असफल रहाँ । बंदर को कुछ नहीं हो सकता । और मैने कहा की आप ये कैसे कह सकते है की, बंदर कुछ नहीं हो सकता , तब उन्हांने एक दिन रहस्य की बात बताई वो आपको भी ,बता देता हूँ । की बंदर का जो है न RH factor दुनिया में ,सबसे आदर्श है, और कोई डॉक्टर जब आपका RH factor नापता है ना ! तो वो बंदर से ही कंम्पेअर करता है , वो आपको बताता नहीं ये अलग बात है । कारण उसका ये है की, उसे कोई बीमारी आ ही नहीं सकती । ब्लड मे कॉलेस्टेरॉल बढता ही नहीं । ट्रायग्लेसाईड कभी बढती नहीं डासबिटीस कभी हुई नहीं । शुगर कितनी भी बाहर से उसके शरीर मे डंट्रोडयूस करो, वो टिकती नहीं । तो वो प्रोफेसर साहब कहते है की, यार ये यही चक्कर है ,की बंदर सवेरे सवेरेही भरपेट खाता है । जो आदमी नहीं खा पाता ।

तो वो प्रोफेसर रवींद्रनाथ शानवागने अपने कुछ मरींजों से कहा की देखो भया , सुबह सुबह भरपेट खाओ ।तो उनके कई मरीज है वो मरीज उन्हे बताया की सुबह सुबह भरपेट खाना खाओ तो उनके मरीज बताते है की, जबसे उन्हांने सुबह भरपेट खाना शुरू किया तो , डासबिटीस माने शुगर कम हो गयी, किसी का कॉलेस्टेरॉल कम हो गया, किसी के घटनों का दर्द कम हो गया कमर का दर्द कम हो गया गैस बनाना बंद हो गई पेट मे जलन होना, बंद हो गयी नींद अच्छी आने लगी ..... वगैरा ..वगैरा । और ये बात बागवटजी 3500 साल पहले कहते ये की सुबह की खाना सबसे अच्छा । माने जो भी स्वाद आपको पसंद लगता है वो सुबह ही खाईए ।

तो सुबह के खाने का समय तय करिये । तो समय मैने आपका बता दिया की, सुरज उगा तो ढाई घंटे तक । माने 9.30 बजे तक, ज्यादा से ज्यादा 10 बजे तक आपक भोजन हो जाना चाहिए । और ये भोजन तभी होगा जब आप नाश्ता बंद करेंगे । ये नाष्ता हिंदुस्थानी चीज नहीं है । ये अंग्रेजो की है और आप जानते है हमारे यहाँ क्या चक्कर चल गया है , नाष्टा थोडा कम, करेंगे ,लंच थोडा जादा करेंगे, और डिनर सबसे ज्यादा करेंगे । सर्वसत्यानाष । एकदम उलटा बागवटजी कहेते है की, नाष्टा सबसे ज्यादा करो लंच थोडा कम करो और डिनर सबसे कम करो । हमारा बिलकूल उलटा चक्कर चल रहा है !

ये अग्रेज और अमेरिकीयो के लिए नाष्टा सबसे कम होता है कारण पता है ??वो लोग नाष्टा हलका करे तो ही उनके लिए अच्छा है। हमारे लिए नाष्टा ज्यादा ही करना बहूत अच्छा है । कारण उसका एकही है की अंग्रेजो के देश में सूर्य जलदी नही निकलता साल में 8-8 महिने तक सूरज के दर्शन नहीं होते और ये जठरग्नी है । नं ? ये सूरज के साथ सीधी संबंध्ति है जैसे जैसे सूर्य तीव्र होगा अग्नी तीव्र होगी । तो युरोप अमेरिका में सूरज निकलता नहीं -40 तक . तापमान चला जाता है 8-8 महिने बर्फ पडता है तो सूरज नहीं तो जठरग्नी तीव्र नहीं हो सकती तो वो नाष्टा हेवियर नही कर सकते करेंगे तो उनको तकफील हो जाएँगी !

अब हमारे यहाँ सूर्य हजारो सालो से निकलता है और अगले हजारो सालों तक निकलेगा ! तो हमने बिना सोचे उनकी नकल करना शुरू कर दिया ! तो बाग्वट जी कहते है की, सुबह का खाना आप भरपेट खाईए । ? फिर आप इसमें तुर्क - कुतुर्क मत करीए ,की हम को दुनिया दारी संभालनी है , किसलिए ,पेट के लिए हीं ना? तो पेट को दूरूस्त रखईये , तो मेरा कहना है की, पेट दुरूस्त रखा तो ही ये संभाला तोही दुनिया दारी संभलती है और ये गया तो दुनिया दारी संभालकर करेंगे क्या?

मान लीजिए, पेट ठीक नहीं है , स्वास्थ ठीक नहीं है , आप ने दस करोंड कमा लिया क्या करेंगे, डॉक्टर को ही देगे ना ? तो डॉक्टर को देने से अच्छा किसी गोशाला वाले को दिजीए ;और पेट दुरूस्त कर लिजिए । तो पेट आपका है तो दुनिया आपकी है । आप बाहर निकलिए घरके तो सुबह भोजन कर के ही निकलिए । दोपहर एक बजे में जठराग्नी की तीव्रता कम होना शुरू होता है तो उस समय थोडा हलका खाए माने जितना सुबह खाना उससे कम खाए तो अच्छा है। ना खाए तो और भी अच्छा । खाली फल खायें , ज्यूस दही मठठा पिये । शाम को फिर खाये ।

अब शाम को कितने बजे खाएं ???

तो बाग्वट जी कहते हैं हमे प्रकति से बहूत सीखने की जरूरत हैं । दीपक । भरा तेल का दीपक आप जलाना शुरू किजीए । तो पहिली लौ खूप तेजी से चलेगी और अंतिम लव भी तेजी से चलेगी माने जब दीपक बूजने वाला होगा, तो बुझने से पहले ते जीसे जलेगा , यही पेट के लिए है । जठरग्नी सुबह सुबह बहूत तीव्र होगी और शमा को जब सूर्यास्त होने जा रहा है, तभी तीव्र होगी, बहुत तीव्र होगी । वो कहते है , शामका खाना सूरज रहते रहते खालो; सूरज डूबा तो अग्नी भी डूबी । तो वैसे जैन दर्शन में कहा है सभी भोजन निषेध् है बागवटजी भी यही कहते है ,तरीका अलग है ,बस । जैन दर्शन मे अहिंसा के लिए कहते है,वो स्वास्थ के लिए कहेते है । तो शाम का खाना सूरज डुबने की बाद दुनिया में ,कोई नहीं खाता । गाय ,भैंस को खिलाके देखो नहीं खाएगी ,बकरी ,गधे को खिलाके देखो, खाता नहीं । हा बिलकूल नहीं खाता । आप खाते है , तो आप अपने को कंम्पेअर कर लीजीए किस के साथ है आप ? कोई जानवर, जीवटाशी सूर्य डूबने के बाद खाती नही ंतो आप क्यू खा रहे है ?

प्रकृती का नियम बागवटजी कहते है की पालन करीए माना रात का खाना जल्दी कर दीजिए ।
सूरज डुबने के पहले 5.30 बजे - 6 बजे खायिए । अब कितना पहले ? बागवट जीने उसका कॅल्क्यूलेशन दिया है, 40 मिनिट पहले सूरज चेन्नई से शाम 7 बजे डूब रहा है । तो 6.20 मिनट तक हिंदूस्थान के किसी भी कोने में जाईए सूरज डूबने तक 40 मिनिट तक निकलेगा । तो 40 मिनिट पहले शाम का खाना खा लिजीए और सुबह को सूरज निकलने के ढाई घंटे तक कभी भी खा लीजीए । दोनो समय पेट भरके खा लिजिए । फिर कहेंगे जी रात को क्या ? तो रात के लिए बागवटजी कहेते है की, एक ही चीज हैं रात के लिए की आप कोई तरल पदार्थ ले सकते है । जिसमे सबसे अच्छा उन्होंने दूध कहा हैं । बागवटजी कहते है की, शाम को सूरज डूबने के बाद ‘हमारे पेट में जठर स्थान में कुछ हार्मोन्स और रस या एंझाईम पैदा होते है जो दूध् को पचाते है’ । इसलिए वो कहते है सूर्य डूबने के बाद जो चीज खाने लायक है वो दूध् है । तो रात को दूध् पी लीजीऐ । सुबह का खाना अगर आपने 9.30 बजे खाया तो 6.00 बजे खूब अच्छे से भूक लगेगी ।

फिर आप कहेंगे जी, हम तो दुकान पे वैठे है 6 बजे तो डब्बा मँगा लीजिए । दुकान में डिब्बा आ सकता है । हाँ दुकान में आप बैठे है, 6 बजे डब्बा आ सकता है और मैं आपको हाथ जोडकर आपसे कह रहाँ हूँ की आप मेरे से अगर कोई डायबिटीक पेशंट है, कोई भी अस्थमा पेशंट है, किसी को भी बात का गंभीर रोग है आज से ये सूत्रा चालू कर दिजीए । तीन महिने बाद आप खुद मुझे फोन करके कहंगे की, राजीव भाई, पहले से बहुत अच्छा हूँ sugar level मेरा कम हो रहा है ।
अस्थमा कम हो रहा है। ट्रायग्लिसराईड चेक करा लीजीए, और सूत्रा शुरू करे, तीन महीने बाद फिर चेक करा लीजीए, पहले से कम होगा, LDL बहुत तेजी से घटेगा ,HDL बढ़ेगा । HDL बढना चाहिए, LDL VLDL कम होना ही चाहिए । तो ये सूत्रा बागवटजी का जितना संभव हो आप ईमानदारी से पालन करिए वो आपको स्वस्थ रहने में बहुत मदद करेगा !!

function disabled

Old Post from Sanwariya