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सोमवार, 8 जून 2020

आज इंडिया में ऐसा कोई रिटायरमेंट प्लान उपलब्ध नहीं है,

रिटायरमेंट प्लानिंग

आज इंडिया में ऐसा कोई रिटायरमेंट प्लान उपलब्ध नहीं है, जहा पर आप अपने वर्किंग पीरियड के दौरान इन्वेस्टमेंट करके आपके रिटायरमेंट के दौरान हर माह निश्चित रकम पा सके |

इसके लिए आपको आपकी इनकम शुरू होने के साथ ही उसका प्लानिंग शुरू करना जरूरी है| इसकी जरुरत क्यों है, ये आपको निचे बताई गई कुछ बातो से पता चलेगा,

1.. पहले बैंक  ऍफ़.डी का इंटरेस्ट रेट करीब 13% था, पोस्ट आफिस के सर्टिफिकेट में करीब 14%, पी.पी.ऍफ़. में करीब 12% था जबकि इन्फ्लेशन करीब 10% रहता था तो नेट इंटरेस्ट पॉजिटिव मिलता था |

2. आज से 15 - 20 साल पहले ज्यादातर लोग सरकारी नौकरी करते थे और वो जब रिटायर होते थे उसके बाद उनको पेंशन मिलता था जो की इन्फ्लेशन के साथ बढ़ता था |

3, आज से 15 - 20 साल पहले से हमारा खर्चा लाइफस्टाइल में ज्यादा बढ़ा है, जिसके कारन हम इन्फ्लेशन कम रहने के बावजूद कई बार तंग अवस्था पैदा करते है |

अगर आज कोई फॅमिली का मंथली एक्सपेंस 25000 रूपये है, तो आज से 25 साल बाद यही खर्चा अगर 6% इन्फ्लेशन को भी ध्यान में ले तो वो करीब 112000 रूपये हो सकता है, 

क्या आपको लगता है 25 साल बाद आपके इन्वेस्टमेंट पे आपको 6% इंटरस्ट मिलेगा? बिलकुल नहीं शायद ज्यादा से ज्यादा 2% से 2.50% मिल सकता है और अगर यही हुआ तो आपको हर महीने रिटायरमेंट के बाद के इन्फ्लेशन को ध्यान में न ले फिर भी 112000 रूपये के खर्च के लिए आपको 56,00,000 की वेल्थ आपके पास होनी चाहिए, और अगर आप इन्फ्लेशन को ध्यान में ले तो ये शायद 75,00,000 हो जायेगा |

यही 75,00,000 लाख की वेल्थ बनाने के लिए अगर आजसे आप 8% की इंटरेस्ट में इन्वेस्ट करते हो तो आप हर महीने 8250/- का इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा, मगर यही इन्वेस्टमेंट अगर आप 5 साल बाद शुरू करोगे तो आपको हर महीने 13200/- का और अगर 10 साल बाद शुरू करोगे तो आपको हर महीने 22200/- का इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा |*ABSLI कम्पनी की लाईफ टाईम पेंशन योजना*
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( *विजन लाईफ़ इनकम प्लान* )
1. यह प्लान 1 से 60 वर्ष की उम्र का व्यक्ति ले सकता हैं ।
2 . बीमा आपकी 100वर्ष की उम्र तक चलेगा।
3 . प्रीमियम आप 15 से 40 वर्ष तक जमा करा सकते हैं या *आप 8, 10, 12 वर्ष की टर्म भी ले सकते है जिसमे मिनिमम किश्त एक लाख रुपये आयेगी*
4 . कम से कम किश्त साल की 15000/-Rs आयेगी व् बीमा (200000/-) दो लाख का होगा।
5. माना कि आपकी उम्र 30 वर्ष है तो..और आप. 25 साल के लिये ये स्कीम ले रहे है, तो आपकी किश्त 50 हजार रुपये आएगी व् 12लाख का बीमा होगा और 25 वर्ष बाद मैच्यूरिटी पर एक मुश्त 15 लाख रूपये 10(10)D मे टेक्स फ्री आपकोे दे दिये जायेंगे।
6 . फिर आपकी 55 वर्ष की उम्र से 100 वर्ष तक 1,20,000/- सालाना पेंशन मिलती रहेगी एवं आपका 12 लाख का बीमा भी फ्री चलता रहेगा।
7 .यदि पॉलिसी लेने वाले की 1 से 55 वर्ष में किसी भी तरह ( प्रथम वर्ष में आत्महत्या को छोड़कर) मौत होती है तो बीमा + बोनस मिलेगा व् पॉलिसी बन्द हो जायेगी ।
8. यदि 55 से 100 वर्ष के बीच में पोलिसी धारक की मौत होती है तो 12 लाख रुपये मिल जायेंगे व् पॉलिसी बन्द हो जायेगी।
9 .पॉलिसी लेने के 25 वर्ष बाद आपको जो रकम 15 लाख तो गारंटीड मिलेगी ही पर 100 वर्ष पूरे होने पर 12लाख + बोनस (10 (10)D मे भी टेक्स फ्री मिलेगा।
10 . वर्तमान में बैंक ब्याज दर 6.25 से ज्यादा नही है और आगे आने वाले वर्षों मे केंद्र सरकार की योजना अनुसार ब्याज दर लगभग 2℅ या 3℅ रह जायेगी।
11. विकसित देशों में ब्याज दर आज भी 0.25 से 2℅ ही है जो भारत देश में भी आने वाले वर्षों में शत प्रतिशत हो जायेगा।
12 .इस पॉलिसी में 8 -9.5℅ रिटर्न आगामी 100 वर्ष तक पड़ रहा हैं।
13. इस समय रिटायरमेन्ट के बाद इनकम आधी हो जाती है व् खर्चे बढ़ जाते हैं तब ये प्लान आपकी सारी जरूरते पूरी करता हैं।
14 ..माना कि आज आपके घर का खर्च सालाना 1,20,000 हैं , तो 6℅ भी महंगाई माने तो 20 वर्ष बाद आपको 3.84 लाख सालाना खर्च करना पड़ेगा जिससे आपको 60 वर्ष की उम्र मे वित्तिय परेशानी होगी।
15. इस पॉलिसी में 3 वर्ष बाद कभी भी भरे हुए पैसों के सरेंडर वेल्यु का 80℅ लोन ले सकते हैं।
16. इस पॉलिसी में वेवर प्रीमियम (WOP) भी ले सकते है, जिसमे पॉलिसी धारक के नियमानुसार दो अंग भंग होने या अगर बच्चों के नाम से पॉलिसी लेने पर पिता की मृत्यु होने पर आगे के सारे प्रीमियम माफ़ हो जायेंगे , किन्तु मेच्योरिटी मे कुछ भी फर्क नही पड़ेगा।
17. कुछ लोग बिना सोचे समझे कह देते है कि FD में ज्यादा फायदा रहता हैं, तो ये बात बिल्कुल गलत है क्युकि FD 10 वर्ष से अधिक की नही होती है व् उसमे बीमा भी नही होता है।
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जय श्री कृष्णा
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18 लाख रुपये का पैकेज यानी डेढ़ लाख महीना ?

इंदौर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर फैमिली आत्महत्या केस से सभी को सबक लेना चाहिए 

इसे मेरी सलाह नहीं समय की चेतावनी समझिए कि ये किसी के साथ भी हो सकता है:-

18 लाख रुपये का पैकेज यानी डेढ़ लाख महीना...
इनके दोनों बच्चे DPS में पढ़ते थे.. 
Work from Home की सुविधा थी तो काम के साथ 
शेयर बाजार में ट्रेडिंग का भी धंधा..
पिछले महीने नौकरी गई... 
और इस महीने पूरे परिवार ने की खुदकुशी... 
जबकि मां को पेंशन मिलती थी... 
ससुराल वालों की भी आर्थिक स्थिति अच्छी थी...!

दरअसल इकोनॉमी की आज जैसी हालत है... 
अभी और हज़ारों-लाखों लोगों की नौकरी जाएगी... 
वैसे भी जैसे-जैसे उम्र और सैलरी बढ़ती जाती है... 
पुरानी नौकरी जाने की संभावना उतनी ही ज़्यादा और नई नौकरी मिलने की संभावना उतनी ही कम रहती है... 
तो फिर क्या करें ?

1- बचत.
आज भी इसका कोई विकल्प नहीं है.. 
आपकी सैलरी 2,00,000 हो या 20,000 की। 
एक निश्चित रकम हमेशा बचाएं।
 कम से कम 6 महीने का बफर स्टॉक तो रखें।
अगर आप डेढ़ लाख महीना कमाने के बावजूद नौकरी जाने के महज एक महीने के भीतर आत्महत्या कर लें.. आपका डेबिट और क्रेडिट कार्ड खाली हो तो ये मानिए पूरी तरह से गलती आपकी रही होगी। 

2- शौक 
शौक के हिसाब से नहीं ज़रूरत के हिसाब से रहें.. आदत मत पालिए ...
ब्रांडेड कपड़े पहनना, रेस्तरां में खाना, मॉल और मल्टीप्लेक्स में जाना अच्छा लगता है 
लेकिन इनके बगैर ज़िंदगी नहीं रुकती..
अगर इस मद में कटौती की जाए तब भी 
कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

3- मां-बाप आज भी पैसों से ज़्यादा आपको चाहते हैं। क्या हो गया अगर आप बड़े हो गए ? 
अगर आप अपने माता-पिता को अपनी आर्थिक स्थिति की सही जानकारी देंगे तो आपको आर्थिक और भावनात्मक दोनों तरह की मदद मिलेगी..
 उनसे मदद मांगकर आप छोटे नहीं हो जाएंगे.. 
आत्मसम्मान बाहर वालों के लिए होता है.. 
घर वालों से मदद मांगने में नाक छोटी नहीं हो जाएगी.. 
इंदौर वाले केस में भी मां को पेंशन मिलती थी.. 
ससुराल वाले भी मदद कर सकते थे 
लेकिन मदद मांगी तो होती। 
बॉस की गाली खा सकते हैं तो 
अपनों से मदद मांगने में क्या बुराई है ?

4- खानदानी प्रॉपर्टी.. 
आप भले ही मूर्ख हों और बचत नहीं करते हों लेकिन आपके माता-पिता और दादा-दादी ऐसे नहीं थे..
उन्होंने अपनी सीमित कमाई के बावजूद बचत कर कुछ प्रॉपर्टी जोड़ी होती है... 
गांव में कुछ ज़मीन ज़रूर होती है...
तो याद रखिए कोई भी प्रॉपर्टी या ज़मीन-जायदाद ज़िंदगी से बड़ी नहीं है... 
मुसीबत के वक्त उसे बेचने में कोई बुराई नहीं है।

5- धैर्य और धीरज रखें..
आपकी कंपनी के गेट पर जो सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहता हैं 
उनमें से ज़्यादातर की सैलरी 10 से 20 हज़ार के बीच रहती है... 
देश में आज भी ज़्यादातर लोग 20 हज़ार रूपये महीने से कम ही कमाते हैं.. 
कभी सुना है किसी कम सैलरी वाले को आर्थिक वजह से आत्महत्या करते हुए ? 
खुदकुशी के रास्ता अमूमन ज़्यादा सैलरी वाले लोग और व्यापारी ही चुनते हैं. 
पैसा जितना ज्यादा आता है। 
ज़िंदगी की जंग लड़ने की ताकत उसी अनुपात में कम होती जाती है। 
पैसा कमाइए लेकिन जीवटता को भी जिंदा रखिए। 
इमरजेंसी में काम आएगी।

6- हालात का सामना करें- 
इसमें कोई शक नहीं कि बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने का फैशन है लेकिन सरकारी स्कूल अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुवे हैं... 
याद रखिए आपमें से कई लोग सरकारी स्कूल में पढ़कर ही यहां तक पहुंचे हैं... 
अब भी कई लोग हैं जो सरकारी स्कूल में पढ़कर 
UPSC Crack कर रहे हैं... 
इसलिए अगर नौकरी ना रहे तो 
बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ने को 
बेइज़्ज़ती मत समझिए... 
हो सकता है शुरू में बच्चों को अजीब लगे 
लेकिन बाद में वो भी समझ जाएंगे।

7-  लचीलापन रखिए...
अगर आपको पिछली नौकरी में 75 हज़ार या एक लाख रुपये सैलरी मिलती थी तो ज़रूरी नहीं कि नई भी इतनी की ही मिले... 
मार्केट में नौकरी का घोर संकट है..और इस गलतफहमी में मत रहिए कि आप बहुत टैलेंटेड हैं। टैलेंट बहुत हद तक मालिक और बॉस के भरोसे पर रहता है 
मालिक या बॉस ने मान लिया कि आप टैलेंटेड हैं तो फिर हैं।
 एक बार रोड पर आ गए तो टैलेंट धरा का धरा रह जाएगा।
 आपसे टैलेंटेड लोग मार्केट में खाली घूम रहे हैं।

8- असफलता का स्वाद... 

यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है,
 इसको हम सभी को पूरा करना चाहिए। 
हमारे जीवन में सफलता का जितना महत्व है उतना ही असफलता का भी होना चाहिए। 
हमें अपने आप को, अपने बच्चों को और परिवार को यह बताना चाहिए कि 
हमें किसी भी कार्य में, परीक्षा में, बिजनेस में, खेल में, कृषि में असफलता भी मिल सकती हैं। 
असफलता का स्वाद हमें हमारे बच्चों को बचपन में ही सिखा देना चाहिए। 
अगर आप बच्चे के साथ कोई गेम खेल रहे हैं, 
कुश्ती लड़ रहे हैं, 
तो उस गेम में हमेशा उसको जीताए नहीं, 
उसे हराए और उसे हार का सामना करना भी सिखाएं।
 उसे बताएं कि सिक्के के दो पहलू होते हैं- 
कभी एक ऊपर रहता है, 
कभी दूसरा ऊपर रहता है अर्थात 
समय हमेशा एक सा नहीं रहता है।

अगर वह हमेशा जीतेगा या आप उसे जिताएंगे तो उसे यह कभी पता ही नहीं चलेगा कि 
जीवन में असफलता भी मिलती है और 
भगवान ना करें बड़ा होने पर 
उसे कोई असफलता मिलती है तो 
वह उसका सामना ही ना कर पाएं 
और हिम्मत हार जाएं।

इसे साकारात्मक लें,
 हमलोगो को जीवन भर कुछ न कुछ 
हमेशा सिखते रहना है 
यही बताया गया है।
लेकिन कोरोना वायरस के चलते हुए लाकडाउन ने जो सिखाया
 उसके बारे में हम ने कभी सोचा भी नहीं था, 
लेकिन जीवन का आनंद इसी में है कि 
व्यक्ति हर विपरित परिस्थितियों मे भी
 मुस्करा कर आगे बढ़ें...

ये ज़िन्दगी बहुत रुलाएगी
ये ज़िन्दगी बहुत सताएगी
ये ज़िन्दगी बहुत हंसाएगी, 

लेकिन आपको साकारात्मक ही रहना होगा। 

इसलिए बचत करने की आदत आज से ही शुरू करें!!

सरकार के भरोसे न रहें... 
वास्तविक जीवन जीने की कोशिश करें।

शुक्रवार, 5 जून 2020

चंद्र ग्रहण, इन बातों पर दें ध्यान

*साल का दूसरा चंद्रग्रहण आज,*

साल 2020 का दूसरा चंद्रग्रहण आज यानी 5 जून को लग रहा है. इसके बाद साल का तीसरा 05 जुलाई और आखिरी चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को लगेगा. जबकि इसी महीने सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है. यह सूर्य ग्रहण इस साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा. आज चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse On 5 June) का सूतक काल (5 June Chandra Grahan Timing) भारतीय समयानुसार 05 जून को रात 11 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर 06 जून को ही रात 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा.

*आज रात में लगेगा चंद्र ग्रहण*

आज रात में चंद्र ग्रहण लगेगा. हिंदू पंचांग के अनुसार 5 जून को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि पर चंद्र ग्रहण लगेगा. यह चंद्र ग्रहण उपछाया ग्रहण होगा. यह सिर्फ धुंधला सा दिखाई देगा. आप काफी ध्यान से देखेंगे तो ही समझ में आ पाएगा. ग्रहण मध्य रात्रि 11 बजकर 16 मिनट से रात 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा. इसे पूरे भारत में देखा जा सकता है. इस दौरान चंद्रमा वृश्चिक राशि में होंगे. इसे शास्त्रों के अनुसार 5 जून को लगने वाला चंद्र ग्रहण सामान्य चंद्र ग्रहण से अलग रहेगा, इसे उपछाया ग्रहण कहते है. इसमें कोई सूतक काल नहीं माना जात है.

*साल का दूसरा उपच्छाया चंद्रग्रहण*

यह साल का दूसरा उपच्छाया चंद्रग्रहण है. जो आज लग रहा है. इससे पहले उपच्छाया चंद्रग्रहण 10 जनवरी को भी लगा था. उपच्छाया चंद्रग्रहण में जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया वाले हिस्से में आ जाता है फिर चंद्रमा पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी कटी से लगती है. इसी को उपच्छाया चंद्रग्रहण कहते हैं. उपच्छाया चंद्रग्रहण में सूतक दोष नहीं लगता. फिर भी मान्यता है कि इस दौरान कोई शुभ काम नहीं करना चाहिए.


*चंद्र ग्रहण का स्थानीय समय*

चंद्र ग्रहण का समय शुरू होगा - 5 जून रात 11.15 से

चन्द्र ग्रहण -6 जून को दिन के 12.54 बजे से

चंद्र ग्रहण से अन्तिम स्पर्श - 2.34 बजे

चंद्र ग्रहण का कुल समय – 3 घंटे और 18 मिनट

*ग्रहण काल में रखें ये सावधानियां*

- ग्रहणकाल में प्रकृति में कई तरह की अशुद्ध और हानिकारक किरणों का प्रभाव पड़ता है. इसलिए कई ऐसे कार्य हैं, जिन्हें ग्रहण काल के दौरान नहीं किया जाता है.

- ग्रहणकाल में गर्भवती महिलाओं को कैंची, सूई, चाकू या धारदार चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

- ग्रहणकाल में स्नान न करें. ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें.

- ग्रहणकाल में अन्न, जल ग्रहण नहीं करना चाहिए.

- ग्रहणकाल में सहवास नहीं करना चाहिए.

- ग्रहणकाल के दौरान गुरु प्रदत्त मंत्र का जाप करते रहना चाहिए.

- ग्रहण को खुली आंखों से न देखें. हालांकि चंद्र ग्रहण देखने से आंखों पर कोई बुरा असर नहीं होता.

*गर्भवती महिलाएं इन बातों का रखें ख्याल*

गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के समय विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है. मान्यताओं के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण नहीं देखना चाहिए. ग्रहण देखने से पेट में पल रहे शिशु पर उसका दुष्प्रभाव पड़ सकता हैं. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय लोहे की नुकिली चीजों से दूर रहना चाहिए. तुलसी पत्ता खाने में डालकर रखना चाहिए, ग्रहण के दौरान वहीं खाना गर्भवती महिलाओं को खाना चाहिए. ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सिलाई, कटाई नहीं करना चाहिए.

*एक के बाद एक लगेंगे तीन ग्रहण*

05 जून 2020 चंद्र ग्रहण : 05 जून की रात्रि को 11 बजकर 16 मिनट से 6 जून को 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा, ये उपच्छाया ग्रहण होगा. ये ग्रहण भारत, यूरोप, अफ्रीक, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देगा, उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण सूतक काल का प्रभाव कम रहेगा.

21 जून 2020 सूर्य ग्रहण : 21 जून की सुबह 9 बजकर 15 मिनट से दोपहर 15 बजकर 04 मिनट तक रहेगा, यह वलयाकार सूर्य ग्रहण रहेगा. दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर इस ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव रहेगा. इसे भारत समेतदक्षिण पूर्व यूरोप, हिंद महासागर, प्रशांत महासागर, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के प्रमुख हिस्सों में देखा जा सकेगा.

05 जुलाई 2020 चंद्र ग्रहण : सुबह 08 बजकर 38 मिनट से 11 बजकर 21 मिनट तक रहेगा, ये उपच्छाया ग्रहण होगा. जिसके कारण इसका प्रभाव भारत में बहुत कम रहेगा. इस दिन लगने वाला ग्रहण अमेरिका, दक्षिण-पश्चिम यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्से में दिखाई देगा.

*सूतक काल में भूलकर भी न छूएं तुलसी का पौधा*

ग्रहण लगने पहले ही सूतक काल शुरू हो जाता है. इस समय खाने पीने की मनाही होती है, लेकिन गर्भवती महिलाओं, बीमार व्यक्ति, छोटे बच्चों और वृद्ध लोगों पर ये नियम लागू नहीं होते हैं, साथ ही यह जरूर ध्यान रखें कि सूतक काल लगने से पहले ही भोजन में तुलसी के पत्ते जरूर डाल दें, जिससे ग्रहण काल में जरूरत पड़ने पर इसे खाने का इस्तेमाल किया जा सके. सूतक काल के समय मन ही मन में ईश्वर की अराधना करनी चाहिए. इस दौरान मंत्र जाप कर सकते हैं. वहीं सूतक काल के दौरान किसी भी स्थिति में भूलकर भी तुलसी के पौधे को छूना नहीं चाहिए.

*चंद्र ग्रहण,  इन बातों पर दें ध्यान*

- घरों में ग्रहणकाल में धूप-अगरबत्ती जलाकर रखें, जिससे कि निगेटिव एनर्जी घर से बाहर निकल जाए.

- तुलसी के पौधे को ना छूए और ना ही ग्रहण के दौरान सोए.

- ग्रहणकाल में कैंची का प्रयोग न करें, फूलों को न तोड़े, बालों व कपड़ों को साफ न करें, दातुन या ब्रश न करें, गाय, भैंस, बकरी का दोहन न करें.

- भोजन न करें, कठोर शब्दों का प्रयोग न करें, सहवास ना करें, यात्रा न करें.

- कुशा या तुलसी पत्र ग्रहण प्रारंभ होने के पूर्व खाने-पीने की वस्तुएं जैसे पके भोजन, दूध, दही, घी, मक्खन, अचार, पीने के पानी, तेल आदि में कुशा या तुलसी पत्र डाल देना चाहिए इससे ये दूषित नहीं होते.


*सूतक काल*

सूतक काल चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण दोनों के समय लगता है. सूतक काल में किसी भी तरह का कोई शुभ काम नहीं किया जाता. यहां तक की कई मंदिरों के कपाट भी सूतक के दौरान बंद कर दिये जाते हैं. इस बार 05 जून को चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण हालांकि इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. लेकिन बहुत से लोग हर तरह के ग्रहण को गंभीरता से लेते हैं जिस वजह से वो सूतक के नियमों का पालन भी करते हैं. सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है. वहीं, चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है.

*चंद्र ग्रहण का समय*

चंद्र ग्रहण का समय शुरू – 5 जून को रात को 11.15

परमग्रास चन्द्र ग्रहण – 6 जून को दिन के 12.54 बजे

उपछाया चंद्र ग्रहण से अन्तिम स्पर्श – 2.34 बजे

चंद्र ग्रहण का कुल समय – 3 घंटे और 18 मिनट

*धार्मिक मान्यताएं*

– धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल में भगवान की मूर्ति स्पर्श नहीं करनी चाहिए.

– सूतक काल के समय शुभ काम और पूजा पाठ नहीं की जाती है. भगवान की मूर्ति को स्पर्श करने की भी मनाही होती है.

– ग्रहण के दौरान बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए. इसके अलावा न तो कुछ खाना चाहिए और न ही खाना बनाना चाहिए.

– चंद्र ग्रहण के समय पति-पत्नी को संभोग नहीं करना चाहिए.

– सूतक काल ग्रहण लगने पहले ही शुरू हो जाता है. इस समय खाने पीने की मनाही होती है.

– गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के समय विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी महिलाओं को चंद्र ग्रहण नहीं देखना चाहिए. चंद्र ग्रहण देखने से शिशु पर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय कैंची, चाकू आदि से कोई वस्तु नहीं काटनी चाहिए.

गुरुवार, 4 जून 2020

#गिलोय के औषधीय गुण


#गिलोय के औषधीय गुण
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गिलोय एक दिव्य औषधि है, जो एक बेल के रूप में बढ़ती है और इसकी पत्तियां पान के पत्ते की तरह होती हैं। जहां गिलोय की पत्तियों में कैल्शियम, प्रोटीन, फाॅस्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। वहीं इसके तनों में स्टार्च की भी अच्छी खासी मात्रा होती है। गिलोय से जुड़ी एक कहानी काफी प्रचलित है। कहा जाता है कि जब समुद्र मंथन हुआ तो उससे अनेक चीजेें निकल कर सामने आई थी। उसमें से अमृत बेहद मूल्यवान था, जो देवताओं को प्राप्त हुआ। परंतु दावन छल से अमृत प्राप्त करके भागने लगे। कहते हैं, भागते हुए अमृत की बूंदे जहां जहां धरती पर गिरीं। वहां वहां गिलोय पौधे के रूप में प्रकट हो गया इसलिए इसे अमृत वल्ली भी कहा जाता है। गिलोय की खास बात ये है कि अगर इसकी टहनी को ज़मीन में लगा दिया जाए, तो वो खुद ब खुद पौधे का रूप धारण कर लेता है। इसके अलावा अगर आप गिलोय की टहनी को ज़मीन पर रख दो, तब भी उसकी जड़े अपनी ज़मीन अपने आप खोज लेती हैं।  
गिलोय का इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों में किया जाता है। ये एक तरह का बेहतरीन पावर ड्रिंक भी है। जो रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है। इसकी वजह से कई तरह की बीमारियों से सुरक्षा मिलती है।
रामबाण औषधि गिलोय
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जिस वृक्ष को यह अपना आधार बनती है-उसके गुण भी इसमें समाहित रहते हैं इस दृष्टि से नीम पर चढ़ी गिलोय श्रेष्ठ औषधि मानी जाती है
आप गिलोय को अपने घर के गमले में लगा कर रस्सी से उसकी लता को बांध सकते हैं इसके बाद इसके रस का प्रयोग कर सकते हैं गिलोय एक दवाई के रूप में जानी जाती है जिसका रस पीने से शरीर के अनेको प्रकार के कष्ट और बीमारियां दूर हो जाती हैं-
आजकल  तो बाजार में गिलोय की गोलियां, सीरप, पाउडर आदि भी मिलना शुरु हो चुके हैं-गिलोय शरीर के दोषों (कफ ,वात और पित्) को संतुलित करती है और शरीर का कायाकल्प करने की क्षमता रखती है-
गिलोय का उल्टी-बेहोशी-कफ-पीलिया-धातू विकार-सिफलिस-एलर्जी सहित अन्य त्वचा विकार-चर्म रोग-झाइयां-झुर्रियां-कमजोरी-गले के संक्रमण-खाँसी-छींक-विषम ज्वर नाशक-टाइफायड-मलेरिया-डेंगू-पेट कृमि-पेट के रोग-सीने में जकड़न-जोडों में दर्द-रक्त विकार-निम्न रक्तचाप-हृदयदौर्बल्य-(टीबी)लीवर-किडनी-मूत्ररोग-मधुमेह-रक्तशोधक रोग प्रतिरोधक-गैस-बुढापा रोकने वाली-खांसी मिटाने वाली-भूख बढ़ाने वाली प्राकृतिक औषधि के रूप में खूब प्रयोग होता है-
टाइफायड, मलेरिया, डेंगू, एलीफेंटिएसिस, विषम ज्वर, उल्टी, बेहोशी, कफ, पीलिया, तिल्ली बढऩा, सिफलिस, एलर्जी सहित अन्य त्वचा विकार, झाइयां, झुर्रियां, कुष्ठ आदि में गिलोय का सेवन आश्चर्यजनक परिणाम देता है-यह शरीर में इंसुलिन उत्पादन क्षमता बढ़ाती है-गिलोय बीमारियों से लडऩे, उन्हें मिटाने और रोगी में शक्ति के संचरण में यह अपनी विशिष्ट भूमिका निभाती है-
डाले एक नजर इसके प्रयोग पर 
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1👉 बुखार को ठीक करने का इसमें अद्भुत गुण है पर यह मलेरिया पर अधिक प्रभावी नहीं है लेकिन शरीर की समस्त मेटाबोलिक क्रियाओं को व्यवस्थित करने के साथ सिनकोना चूर्ण या कुनाईनं (कोई भी एंटी मलेरियल) औषधि के साथ देने पर उसके घातक प्रभावों को रोक कर शीघ्र लाभ देती है -
2👉 दीर्घायु प्रदान करने वाली अमृत तुल्य गिलोय और गेहूं के ज्वारे के रस के साथ तुलसी के 7 पत्ते तथा नीम के पत्ते खाने से कैंसर जैसे रोग में भी लाभ होता है-गिलोय की जड़ें शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है-यह कैंसर की रोकथाम और उपचार में प्रयोग की जाती है-
3👉 गिलोय और पुनर्नवा मिर्गी में लाभप्रद होती है-इसे आवश्यकतानुसार अकेले या अन्य औषधियों के साथ दिया जाता है- अनेक रोगों में इसे पशुओं के रोगों में भी दिया जाता है-
4👉 गिलोय उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए, शर्करा का स्तर बनाए रखने में मदद करता है- यह शरीर को दिल से संबंधित बीमारियों से बचाए रखता है-
5👉 गिलोय एक रसायन है-यह रक्तशोधक- ओजवर्धक- ह्रुदयरोग नाशक शोधनाशक और लीवर टोनिक भी है-यह पीलिया और जीर्ण ज्वर का नाश करती है अग्नि को तीव्र करती है वातरक्त और आमवात के लिये तो यह महा विनाशक है-गिलोय की बेल गले में लपेटने से भी पीलिया में लाभ होता है गिलोय के काढ़े में शहद मिलाकर दिन में 3-4 बार पीने से पीलिया रोग ठीक हो जाता है-गिलोय के पत्तों को पीसकर एक गिलास मट्ठा में मिलाकर सुबह सुबह पीने से पीलिया ठीक हो जाता है-
6👉 गिलोय के 6 इंच तने को लेकर कुचल कर उसमे 4 या 5 पत्तियां तुलसी की मिला ले तथा इसको एक गिलास पानी में मिला कर उबालकर इसका काढा बनाकर पीजिये और इसके साथ ही तीन चम्मच एलोवेरा का गूदा पानी में मिला कर नियमित रूप से सेवन करते रहने से जिन्दगी भर आपको कोई भी बीमारी नहीं आती है और यदि इसमें पपीता के 3-4 पत्तो का रस मिला कर लेने दिन में तीन चार लेने से रोगी को प्लेटलेट की मात्रा में तेजी से इजाफा होता है प्लेटलेट बढ़ाने का इस से बढ़िया कोई इलाज नहीं है-यह चिकन गुनियां डेंगू स्वायन फ्लू और बर्ड फ्लू में रामबाण होता है-
7👉 गिलोय का चूर्ण शहद के साथ खाने से कफ और सोंठ के साथ आमवात से सम्बंधित बीमारीयां (गठिया) रोग ठीक होता है-गैस-जोडों का दर्द-शरीर का टूटना-असमय बुढापा-वात असंतुलित होने का लक्षण हैं तो गिलोय का एक चम्मच चूर्ण को घी के साथ लेने से वात संतुलित होता है-
8👉 गिलोय और अश्वगंधा को दूध में पकाकर नियमित खिलाने से स्त्रियों को बाँझपन से मुक्ति मिलती हैं-
9👉 क्षय (टी .बी .) रोग में गिलोय सत्व-इलायची तथा वंशलोचन को शहद के साथ लेने से लाभ होता है-गिलोय सत्व को कुचल कर बारीक पीस कर पानी में घोल ले और छान कर किसी बर्तन में धूप में रख दे जब सारा पानी उड़ जाए तो नीचे सफ़ेद पर्दार्थ प्राप्त होगा यही गिलोय सत्व है -
10👉 प्रतिदिन सुबह-शाम गिलोय का रस घी में मिलाकर या शहद गुड़ या मिश्री के साथ गिलोय का रस मिलकर सेवन करने से शरीर में खून की कमी दूर होती है-
11👉 गिलोय रस में खाण्ड डालकर पीने से पित्त का बुखार ठीक होता है और गिलोय का रस शहद में मिलाकर सेवन करने से पित्त का बढ़ना रुकता है-तथा कब्ज दूर होती है-
12👉 फटी त्वचा के लिए गिलोय का तेल दूध में मिलाकर गर्म करके ठंडा करें- इस तेल को फटी त्वचा पर लगाए वातरक्त दोष दूर होकर त्वचा कोमल और साफ होती है-
13👉 गिलोय को पानी में घिसकर और गुनगुना करके दोनों कानो में दिन में सिर्फ दो बार डालने से कान का मैल निकल जाता है और गिलोय के पत्तों के रस को गुनगुना करके इस रस को कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है-
14👉 मट्ठे के साथ गिलोय का एक चम्मच चूर्ण सुबह शाम लेने से बवासीर में लाभ होता है-
15👉 मुंहासे-फोड़े-फुंसियां और झाइयो पर गिलोय के फलों को पीसकर लगाये मुंहासे-फोड़े-फुंसियां और झाइयां दूर होजाती  है
 100 मि़ ली़ पानी में तीन ग्राम नीम, गिलोय, चिरैता के साथ आधा ग्राम काली मिर्च और एक ग्राम सोंठ का काढ़ा बना कर पीना भी काफी लाभदायक रहता है।इन चीजों को पानी के साथ तब तक उबालना है जब तक वह 60 मिलिग्राम न रह जाए। इसे एक सप्ताह के लिए रोज सुबह खाली पेट पीने पर  कोरोना से लड़ने के लिए शरीर में जरूरी परिरक्षण क्षमता (इम्यूनिटी) पैदा हो जाएगी।

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गांधी-नेहरू परिवार के पक्ष में कांग्रेस द्वारा सत्ता का दुरुपयोग

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 1. राजीव गांधी गोल्ड कप कबड्डी टूर्नामेंट
 2. राजीव गांधी सदभावना रन
 3. राजीव गांधी फेडरेशन कप बॉक्सिंग चैंपियनशिप
 4. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट (फुटबॉल)
 5. एनएससीआई - राजीव गांधी रोड रेस, नई दिल्ली
 6. राजीव गांधी बोट रेस, केरल
 7. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय कलात्मक जिम्नास्टिक टूर्नामेंट
 8. राजीव गांधी कबड्डी मीट
 9. राजीव गांधी मेमोरियल रोलर स्केटिंग चैम्पियनशिप
 10. राजीव गांधी मेमोरियल मैराथन दौड़, नई दिल्ली
 11. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय जूडो चैम्पियनशिप, चंडीगढ़
 12. राजीव गांधी मेमोरियल ट्रॉफी फॉर बेस्ट कॉलेज, कालीकट
 13. राजीव गांधी ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट, अमेठी में राहुल गांधी द्वारा शुरू किया गया
 14. राजीव गांधी गोल्ड कप (अंडर -21), फुटबॉल
 15. राजीव गांधी ट्रॉफी (फुटबॉल)
 16. उत्कृष्ट खेलों के लिए राजीव गांधी पुरस्कार
 17. दिल्ली राज्य द्वारा आयोजित अखिल भारतीय राजीव गांधी बास्केटबॉल (बालिका) टूर्नामेंट
 18. दिल्ली राज्य द्वारा आयोजित अखिल भारतीय राजीव गांधी कुश्ती गोल्ड कप
 19. राजीव गांधी मेमोरियल झोपड़पट्टी फुटबॉल टूर्नामेंट, राजुरा
 20. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय आमंत्रण गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट, जमशेदपुर
 21. राजीव गांधी मिनी ओलंपिक, मुंबई
 22. राजीव गांधी बीचबॉल कबड्डी फेडरेशन
 23. राजीव गांधी मेमोरियल ट्रॉफी प्रेरणा फाउंडेशन
 24. अंतर्राष्ट्रीय इंदिरा गांधी गोल्ड कप टूर्नामेंट
 25. इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट
 26. इंदिरा गांधी बोट रेस
 27. जवाहरलाल नेहरू इंटरनेशनल गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट
 28. जवाहरलाल नेहरू हॉकी टूर्नामेंट
 
 * स्टेडियम *:
 1. इंदिरा गांधी खेल परिसर, दिल्ली
 2. इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली
 3. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, नई दिल्ली
 4. राजीव गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम, बवाना
 5. राजीव गांधी राष्ट्रीय फुटबॉल अकादमी, हरियाणा
 6. राजीव गांधी एसी स्टेडियम, विशाखापत्तनम
 7. राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम, पांडिचेरी
 8. राजीव गांधी स्टेडियम, नाहरगुन, ईटानगर
 9. राजीव गांधी बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम, कोचीन
 10. राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम, कदवंतरा, एर्नाकुलम
 11. राजीव गांधी खेल परिसर, सिंघू
 12. राजीव गांधी मेमोरियल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गुवाहाटी
 13. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम, हैदराबाद
 14. राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम, कोचीन
 15. इंदिरा गांधी स्टेडियम, विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश
 16. इंदिरा गांधी स्टेडियम, ऊना, हिमाचल प्रदेश
 17. इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम, विशाखापत्तनम
 18. इंदिरा गांधी स्टेडियम, देवगढ़, राजस्थान
 19. गांधी स्टेडियम, बोलंगीर, उड़ीसा
 20. जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, कोयंबटूर
 21. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, देहरादून
 22. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, चेन्नई
 23. नेहरू स्टेडियम (क्रिकेट), पुणे
                                                      * हवाई अड्डे / बंदरगाह *:
 1. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, शमशाबाद, हैदराबाद, तेलंगाना
 2. राजीव गांधी कंटेनर टर्मिनल, कोचीन
 3. इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली
 4. इंदिरा गांधी डॉक, मुंबई
 5. जवाहरलाल नेहरू नवीन शेवा पोर्ट ट्रस्ट, मुंबई
 विश्वविद्यालय / शिक्षा संस्थान:
 1. राजीव गांधी भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलांग
 2. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एरोनॉटिक्स, रांची, झारखंड
 3. राजीव गांधी तकनीकी विश्वविद्यालय, गांधी नगर, भोपाल, म.प्र।
 4. राजीव गांधी स्कूल ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ, खड़गपुर, कोलकाता
 5. राजीव गांधी विमानन अकादमी, सिकंदराबाद
 6. राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ, पटियाला, पंजाब
 7. राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान, तमिलनाडु युवा मामले और खेल मंत्रालय
 बजटीय आवंटन 2008-09 - 1.50 करोड़
 बजटीय आवंटन 2009-10 - 3.00 करोड़
 8. राजीव गांधी विमानन अकादमी, बेगमपेट, हैदराबाद, ए.पी.
 9. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, कोट्टायम, केरल
 10. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी, चंद्रपुर, महाराष्ट्र
 11. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, ऐरोली, नवी मुंबई, महाराष्ट्र
 12. राजीव गांधी विश्वविद्यालय, ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश
 13. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, चोल नगर, बैंगलोर, कर्नाटक
 14. राजीव गांधी प्राउडियोगी विश्व विद्यालय, गांधी नगर, भोपाल, म.प्र।
 15. राजीव गांधी D.e.d.  कॉलेज, लातूर, महाराष्ट्र
 16. राजीव गांधी कॉलेज, शाहपुरा, भोपाल
 17. राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी समकालीन अध्ययन संस्थान, नई दिल्ली
 18. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी, रायबरेली, यू.पी.
 19. राजीव गांधी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, भोपाल, म.प्र।
 20. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज, पूर्वी गोदावरी जिला, ए.पी.
 21. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, ठाकुर, कर्नाटक
 22. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेस, पांडिचेरी, तमिलनाडु
 23. राजीव गांधी आईटी और जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय विद्यापीठ
 24. राजीव गांधी हाई स्कूल, मुंबई, महाराष्ट्र
 25. राजीव गांधी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, सतना, म.प्र।
 26. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, श्रीपेरंबुदूर, तमिलनाडु
 27. राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी केंद्र, नागपुर विश्वविद्यालय के आर.टी.एम.
 28. राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी, तिरुवनंतपुरम, केरल
 29. राजीव गांधी महाविद्यालय, मध्य प्रदेश
 30. राजीव गांधी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, इलाहाबाद, यू.पी.
 31. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, बैंगलोर, कर्नाटक
 32. राजीव गांधी सरकार।  पीजी आयुर्वेदिक कॉलेज, पपरोला, हिमाचल प्रदेश
 33. राजीव गांधी कॉलेज, सतना, म.प्र।
 34. राजीव गांधी अकादमी फॉर एविएशन टेक्नोलॉजी, तिरुवनंतपुरम, HB GB HDD gv gv c dc fc केरल
 35. राजीव गांधी मध्य विद्यालय, महाराष्ट्र
 36. राजीव गांधी समकालीन अध्ययन संस्थान, नई दिल्ली
 37. राजीव गांधी सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप
 38. राजीव गांधी औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र, गांधीनगर
 39. राजीव गांधी ज्ञान प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, आंध्र प्रदेश
 40. राजीव गांधी दूरस्थ शिक्षा संस्थान, कोयम्बटूर, तमिलनाडु
 41. राजीव गांधी सेंटर फॉर एक्वाकल्चर, तमिलनाडु
 42. राजीव गांधी विश्वविद्यालय (अरुणाचल विश्वविद्यालय), ए.पी.
 43. राजीव गांधी स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर (RGSMC), केरल
 44. राजीव गांधी विज्ञान केंद्र, मॉरिटस
 45. राजीव गांधी कला मंदिर, पोंडा, गोवा
 46. ​​राजीव गांधी विद्यालय, मुलुंड, मुंबई
 47. राजीव गांधी मेमोरियल पॉलिटेक्निक, बैंगलोर, कर्नाटक
 48. राजीव गांधी मेमोरियल सर्कल दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र (भारत), चेन्नई
 49. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कासगोड, केरल
 50. राजीव गांधी मेमोरियल कॉलेज ऑफ एरोनॉटिक्स, जयपुर
 51. राजीव गांधी मेमोरियल फर्स्ट ग्रेड कॉलेज, शिमोगा
 52. राजीव गांधी मेमोरियल कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जम्मू और कश्मीर
 53. राजीव गांधी साउथ कैंपस, बरकछा, वाराणसी
 54. राजीव गांधी मेमोरियल टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, झारखंड
 55. राजीव गांधी डिग्री कॉलेज, राजमुंदरी, ए.पी.
 56. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), नई दिल्ली
 57. इंदिरा गांधी विकास और अनुसंधान संस्थान, मुंबई, महाराष्ट्र
 58. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून
 59. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय अकादेमी, फुर्सतगंज एयरफील्ड, रायबरेली, उत्तर प्रदेश
 60. इंदिरा गांधी विकास अनुसंधान संस्थान, मुंबई
 61. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, उड़ीसा
 62. इंदिरा गांधी बी.एड.  कॉलेज, मैंगलोर
 63. श्रीमती।  इंदिरा गांधी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, नांदेड़, महाराष्ट्र
 64. इंदिरा गांधी बालिका निकेतन बी.एड.  कॉलेज, झुंझुनू, राजस्थान
 65. इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़
 66. श्रीमती।  इंदिरा गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, नवी मुंबई, महाराष्ट्र
 67. श्रीमती।  इंदिरा गांधी कोलज, तिरुचिरापल्ली
 68. इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज, सागर, मध्य प्रदेश
 69. इंदिरा गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, कश्मीरी गेट, दिल्ली
 70. इंदिरा गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, सारंग, जिला।  धेनकनाल, उड़ीसा
 71. इंदिरा गांधी एयरोनॉटिक्स संस्थान, पुणे, महाराष्ट्र
 72. इंदिरा गांधी इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर, नई दिल्ली
 73. इंदिरा गांधी शारीरिक शिक्षा और खेल विज्ञान संस्थान, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
 74. इंदिरा गांधी हाई स्कूल, हिमाचल
 75. इंदिरा कला संघ विश्व विद्यालय, छत्तीसगढ़
 76. इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला
 77. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुकटपल्ली, आंध्र प्रदेश
 78. नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग, उत्तरकाशी
 79. पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यावसायिक प्रबंधन संस्थान, विक्रम विश्वविद्यालय
 80. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
 81. जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च, बैंगलोर
 82. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुकटपल्ली, एपी
 83. जवाहरलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज औरंगाबाद, महाराष्ट्र में
 84. जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च, एक डीम्ड यूनिवर्सिटी, जक्कुर, पी.ओ.  बैंगलोर
 85. जवाहरलाल नेहरू सामाजिक अध्ययन संस्थान, तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ (पुणे, महाराष्ट्र) से संबद्ध
 86. जवाहरलाल नेहरू कॉलेज ऑफ एरोनॉटिक्स एंड एप्लाइड साइंसेज, कोयंबटूर, (ईएसडी 1968)
 87. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान, कतरास, धनकवड़ी, पुणे, महाराष्ट्र
 88. कमल किशोर कदम, जवाहरलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज औरंगाबाद, महाराष्ट्र
 89. जवाहरलाल नेहरू शिक्षा और तकनीकी अनुसंधान संस्थान, नांदेड़, महाराष्ट्र
 90. जवाहरलाल नेहरू कॉलेज, अलीगढ़
 91. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हैदराबाद
 92. जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय, जबलपुर
 93. जवाहरलाल नेहरू बी.एड.  कॉलेज, कोटा, राजस्थान
 94. जवाहरलाल नेहरू पी.जी.  कॉलेज, भोपाल
 95. जवाहरलाल नेहरू सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, सुंदरनगर, जिला मंडी, एच.पी.
 96. जवाहरलाल नेहरू पब्लिक स्कूल, कोलार रोड, भोपाल
 97. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, काकीनाडा, ए.पी.
 98. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान, इब्राहिमपट्टी, आंध्र प्रदेश
 99. जवाहर नवोदय विद्यालय

 2015-16 तक पूरे भारत में 598 जेएनवी

 696. जवाहर नवोदय विद्यालय
 697. इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च, कल्पक्कम
 698. इंदिरा गाँधी विश्वविद्यालय हरियाणा हरियाणा
                                                            * पुरस्कार: *
 1. राजीव गांधी अवार्ड फॉर आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट
 2. राजीव गांधी शिरोमणि पुरस्कार
 3. राजीव गांधी श्रमिक पुरस्कार, दिल्ली श्रम कल्याण बोर्ड
 4. राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार
 5. राजीव गांधी मानव सेवा पुरस्कार
 6. राजीव गांधी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार
 7. ज्ञान विज्ञान पर मूल पुस्तक लेखन के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार योजना
 8. राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार
 9. राजीव गांधी राष्ट्रीय गुणवत्ता पुरस्कार, 1991 में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा स्थापित
 10. स्वच्छ गांधी, पर्यावरण और वन मंत्रालय, सरकार के लिए राजीव गांधी पर्यावरण पुरस्कार।  भारत की
 11. राजीव गांधी ट्रैवलिंग स्कॉलरशिप
 12. राजीव गांधी (यूके) फाउंडेशन छात्रवृत्ति
 13. राजीव गांधी फिल्म अवार्ड्स (मुंबई)
 14. राजीव गांधी खेलरत्न पुरस्कार
 15. राजीव गांधी पेरिस प्रशस्ति, कर्नाटक
 16. राजीवगांधी व्यावसायिक उत्कृष्टता पुरस्कार
 17. राजीव गांधी उत्कृष्टता पुरस्कार
 18. इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार
 19. राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार
 20. इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी पुरस्कार
 21. इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्षमित्र पुरस्कार, पर्यावरण और वन मंत्रालय
 22. इंदिरा गांधी मेमोरियल नेशनल अवार्ड फॉरबीस्ट एनवायर्नमेंटल एंड इकोलॉजिकल
 23. इंदिरा गांधी पीरवरन पुरशकर
 24. इंदिरा गांधी एनएसएस अवार्ड
 25. राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार
 26. इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार योजना
 27. सर्वश्रेष्ठ पहली फिल्म के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार
 28. इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार द टाउन राजभाषा के लिए
 29. इंदिरा गांधी पुरस्कार ”शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए
 30. विज्ञान कार्यान्वयन को लोकप्रिय बनाने के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार
 31. इंदिरा गांधी शिरोमणि पुरस्कार
 32. इंदिरा गांधी एनएसएस पुरस्कार / राष्ट्रीय युवा
 33. इंदिरा गांधी पीरवरन पुशर पुरस्कार - खोज n सही
 34. इंदिरा गांधी N.S.S पुरस्कार
 35. सामाजिक सेवा के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार, एमपी सरकार।
 36. पोस्ट ग्रेजुएट इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना
 37. इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार योजना
 38. इंदिरा गांधी राजभाषा शील्ड योजना
 39. इंदिरा गांधी वन्यजीव संरक्षण चिड़ियाघर के विजन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी।
 40. जवाहरलाल नेहरू को हर साल कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को दी जाने वाली 15 लाख रुपये की अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए पुरस्कार दिया जाता है, जिसमें 1988 में फिलिस्तीन लिबरेशन फ्रंट के यासर अराफात और 1965 में यू थान्ट शामिल हैं।
 41. सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, रु। का नकद पुरस्कार।  उपरोक्त फिल्म की मान्यता में, श्याम बेनेगल को दिसम्बर 89 में दिया गया 20,000।
 42. जवाहरलाल नेहरू बालकल्याण सरकार द्वारा प्रत्येक 10 जोड़े को 10,000 रुपये का पुरस्कार।  महाराष्ट्र का (TOI-28-4-89)।
 43. शैक्षणिक उपलब्धि के लिए जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड, नई दिल्ली
 44. ऊर्जा के लिए जवाहरलाल नेहरू जन्म शताब्दी अनुसंधान पुरस्कार
 45. इंटरनेशनल अंडरस्टैंडिंग के लिए जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार
 46. ​​नेहरू बाल समिति बहादुरी पुरस्कार
 47. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडल
 48. जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार “1998-99 से, विज्ञान के लोकप्रियकरण के लिए संगठनों (अधिमानतः गैर सरकारी संगठनों) को दिया जाना।
 49. जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता
 50. डीएनए के विकास की अनुसंधान परियोजना के लिए जवाहरलाल नेहरू छात्र पुरस्कार
 
 * छात्रवृत्ति / फैलोशिप: *
 1. विकलांग छात्रों के लिए राजीव गांधी छात्रवृत्ति योजना
 2. एससी / एसटी उम्मीदवारों के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप योजना, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
 3. एसटी उम्मीदवारों के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप योजना
 4. राजीव गांधी फैलोशिप, इग्नू
 5. राजीव गांधी विज्ञान प्रतिभा अनुसंधान अध्येता
 6. राजीव गांधी फैलोशिप, जनजातीय मामलों का मंत्रालय
 7. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा दी गई राजीव गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप योजना
 8. राजीव गांधी फेलोशिप को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के साथ मिलकर राष्ट्रमंडल शिक्षण द्वारा प्रायोजित किया गया
 9. राजीव गांधी विज्ञान प्रतिभा अनुसंधान फैलोशिप जवाहरलाल नेहरू सेंटर द्वारा उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान (नवोदित वैज्ञानिकों को बढ़ावा देने के लिए) विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और राजीव गांधी फाउंडेशन के साथ मिलकर किया गया।
 10. हैबिटेट सेक्टर में राजीव गांधी हुडको फैलोशिप
 11. इंदिरा गांधी मेमोरियल फैलोशिप की जाँच
 12. फुलब्राइट स्कॉलरशिप का नाम अब फुलब्राइट- जवाहरलाल नेहरू स्कॉलरशिप रखा गया है
 13. कैम्ब्रिज नेहरू छात्रवृत्ति, संख्या में 10, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, लंदन में अनुसंधान के लिए, 3 वर्षों के लिए पीएचडी के लिए अग्रणी, जिसमें शुल्क, रखरखाव भत्ता, ब्रिटेन की यात्रा और वापस शामिल हैं।
 14. स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए जवाहरलाल नेहरू फैलोशिप की योजना, सरकार।  भारत की।
 15. नेहरू शताब्दी (ब्रिटिश) फैलोशिप / पुरस्कार
 
 * राष्ट्रीय उद्यान / अभयारण्य / संग्रहालय *:
 1. राजीव गांधी (नागरहोल) वन्यजीव अभयारण्य, कर्नाटक
 2. राजीव गांधी वन्यजीव अभयारण्य, आंध्र प्रदेश
 3. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उद्यान, तमिलनाडु
 4. इंदिरा गांधी प्राणि उद्यान, नई दिल्ली
 5. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिमी घाट पर अनामलाई हिल्स
 6. इंदिरा गांधी प्राणी उद्यान, विशाखापत्तनम
 7. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संघालय (IGRMS)
 8. इंदिरा गांधी वन्यजीव अभयारण्य, पोलाची
 9. राजीव गांधी स्वास्थ्य संग्रहालय
 10. राजीव गांधी प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय
 11. इंदिरा गांधी मेमोरियल संग्रहालय, नई दिल्ली
 12. राज्य सरकार द्वारा औरंगाबाद, महाराष्ट्र में जवाहरलाल नेहरू संग्रहालय खोला गया।
 13. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल गैलरी, लंदन
 14. जवाहरलाल नेहरू तारामंडल, वर्ली, मुंबई।
 15. जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों के लिए
                                             * अस्पताल / चिकित्सा संस्थान *:
 1. राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, बैंगलोर, कर्नाटक
 2. राजीव गांधी कैंसर संस्थान और अनुसंधान केंद्र, दिल्ली
 3. राजीव गांधी होम फॉर हैंडीकैप्ड, पांडिचेरी
 4. श्री राजीव गांधी कॉलेज ऑफ डेंटल ... साइंस एंड हॉस्पिटल, बैंगलोर, कर्नाटक
 5. राजीव गांधी सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी, तिरुवंतपुरम, केरल
 6. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बैंगलोर, कर्नाटक
 7. राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, रायचूर
 8. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज, बैंगलोर, कर्नाटक
 9. राजीव गांधी पैरामेडिकल कॉलेज, जोधपुर
 10. राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज, ठाणे, मुंबई
 11. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कर्नाटक
 12. राजीव गांधी अस्पताल, गोवा
 13. राजीव गांधी मिशन ऑन कम्युनिटी हेल्थ, मध्य प्रदेश
 14. राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दिल्ली
 15. राजीव गांधी होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज, चिनार पार्क, भोपाल, म.प्र
 16. उत्तर पूर्वी इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान संस्थान, शिलांग, मेघालय
 17. इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला
 18. इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य संस्थान, बैंगलोर
 19. इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, शेखपुरा, पटना
 20. इंदिरा गांधी बाल चिकित्सालय, अफगानिस्तान
 21. इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य अस्पताल, धर्माराम कॉलेज, बैंगलोर
 22. इंदिरा गांधी बाल संस्थान, बैंगलोर
 23. इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला
 24. इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस, केरल
 25. इंदिरा गांधी मेमोरियल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, भुवनेश्वर
 26. इंदिरा गांधी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, नागपुर
 27. इंदिरा गांधी आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, कोलकाता
 28. इंदिरा गांधी अस्पताल, शिमला
 29. इंदिरा गांधी महिला एवं बाल अस्पताल, भोपला
 30. इंदिरा गांधी गैस राहत अस्पताल, भोपाल
 31. कमला नेहरू अस्पताल, शिमला
 32. चाचा नेहरू बाल चिकत्सालय
 33. जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER), पुदुचेरी
 34. जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, भोपाल
 35. रायपुर में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज।
 36. नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, नई दिल्ली
 37. नेहरू, विज्ञान केंद्र, वर्ली, मुंबई
 38. जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, भोपाल
 39. पंडित जवाहरलाल नेहरू होम्योपैथिक चिकित्सा विज्ञान संस्थान, महाराष्ट्र
 40. इंदिरा गांधी अस्पताल द्वारका, दिल्ली
 
 * संस्थान / अध्यक्ष / त्यौहार *:
 1. राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान।  (RGNIYD), युवा और खेल मंत्रालय
 2. राजीव गांधी नेशनल ग्राउंड वाटर ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, फरीदाबाद, हरियाणा
 3. आदिवासी क्षेत्रों में राजीव गांधी खाद्य सुरक्षा मिशन
 4. राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान
 5. राजीव गांधी शिक्षा मिशन, छत्तीसगढ़
 6. राजीव चेयर एंडोमेंट की स्थापना 1998 में साउथ एशियन इकोनॉमिक्स का चेयर बनाने के लिए की गई
 7. राजीव गांधी परियोजना - जमीनी स्तर तक शिक्षा को व्यापक उपग्रह संपर्क प्रदान करने के लिए एक पायलट
 8. राजीव गांधी ग्रामीण आवास निगम लिमिटेड (कर्नाटक उद्यम सरकार)
 9. राजीव गांधी सूचना और प्रौद्योगिकी आयोग
 10. राजीव गांधी शांति और निरस्त्रीकरण के लिए अध्यक्ष
 11. राजीव गांधी संगीत समारोह
 12. राजीव गांधी मेमोरियल लेक्चर
 13. राजीव गांधी अक्षय उर्जा दिवस
 14. राजीव गांधी एजुकेशन फाउंडेशन, केरल
 15. राजीव गांधी पंचायती राज सम्मेलन
 16. राजीव गांधी मेमोरियल एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसाइटी, कासगोड, केरल
 17. राजीव गांधी मेमोरियल ट्रॉफी इकनिका स्पर्धा, प्रेरणा फाउंडेशन, कारी रोड
 18. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, जनपथ, नई दिल्ली
 19. इंदिरा गांधी पंचायती राज और ग्रामीण विकास संस्थान, जयपुर, राजस्थान
 20. इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च (IGCAR), कल्पक्कम
 21. इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट एंड रिसर्च, मुंबई
 22. इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी (IGIC), पटना
 23. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली
 24. इंदिरा गांधी नेशनल फाउंडेशन, तिरुवनंतपुरम, केरल
 25. इंदिरा गांधी महिला सहकारी सौत गिरानी लिमिटेड, महाराष्ट्र
 26. इंदिरा गांधी संरक्षण निगरानी केंद्र, पर्यावरण और वन मंत्रालय
 27. सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए पोस्ट-ग्रेजुएट इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति
 28. जवाहर शतकरी सहकारी सखार लिमिटेड
 29. नेहरू युवा केंद्र संगठन
 30. जवाहरलाल नेहरू शताब्दी समारोह
 31. जवाहरलाल नेहरू की स्मृति में विभिन्न संप्रदायों के डाक टिकट और एक रुपये के सिक्के।
 32. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल ट्रस्ट (U.K.) छात्रवृत्ति
 33. जवाहरलाल नेहरू कस्टम हाउस न्हावा शेवा, महाराष्ट्र
 34. जवाहरलाल नेहरू केंद्र के लिए।  उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान, बैंगलोर
 35. जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र, भारत का दूतावास, मास्को
 36. किशोरियों के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू उद्योग केंद्र, पुणे, महाराष्ट्र
 37. पंडित जवाहरलाल नेहरू कृषि और अनुसंधान संस्थान, पांडिचेरी
 

 * सड़कों / भवन / स्थानों: *
 1. राजीव चौक, दिल्ली
 2. राजीव गांधी भवन, सफदरजंग, नई दिल्ली
 3. राजीव गांधी हस्तशिल्प भवन, नई दिल्ली
 4. राजीव गांधी पार्क, कालकाजी, दिल्ली
 5. इंदिरा चौक, नई दिल्ली
 6. नेहरू तारामंडल, नई दिल्ली
 7. नेहरू युवा केंद्र, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली
 8. नेहरू नगर, नई दिल्ली
 9. नेहरू प्लेस, नई दिल्ली
 10. नेहरू पार्क, नई दिल्ली नेहरू हाउस, बीएसजेड मार्ग, नई दिल्ली
 11. जवाहरलाल नेहरू सरकार हाउस नई दिल्ली
 12. राजीव गांधी अक्षय ऊर्जा पार्क, गुड़गांव, हरियाणा
 13. राजीव गांधी चौक, अंधेरी, मुंबई
 14. इंदिरा गांधी रोड, मुंबई
 15. इंदिरा गांधी नगर, वडाला, मुंबई
 16. इंदिरा गांधी खेल परिसर, मुलुंड, मुंबई
 17. नेहरू नगर, कुर्ला, मुंबई
 18. मुंबई के ठाणे में जवाहरलाल नेहरू उद्यान
 19. राजीव गांधी मेमोरियल हॉल, चेन्नई
 20. जवाहरलाल नेहरू रोड, वाडापलानी, चेन्नई, तमिलनाडु
 21. राजीव गांधी सलाई (राजीव गांधी के नाम पर पुरानी महाबलीपुरम सड़क)
 22. राजीव गांधी शिक्षा शहर, हरियाणा
 23. पर्वत राजीव, हिमालय की एक चोटी
 24. राजीव गांधी आईटी हैबिटेट, गोवा
 25. राजीव गांधी नगर, चेन्नई
 26. राजीव गांधी पार्क, विजयवाड़ा
 27. तमिलनाडु के कोयम्बटूर में राजीव गांधी नगर
 28. राजीव गांधी नगर, त्रिची, तमिलनाडु
 29. राजीव गांधी आईटी पार्क, हिंजेवाड़ी, पुणे
 30. राजीव गांधी पंचायत भव, पालनपुर बनासकांठा
 31. राजीव गांधी चंडीगढ़ प्रौद्योगिकी पार्क, चंडीगढ़
 32. राजीव गांधी स्मृति वन, झारखंड
 33. राजीव गांधी की प्रतिमा, पणजी, गोवा
 34. राजीव गांधी रोड, चित्तूर
 35. श्रीपेरंबुदूर में राजीव गांधी स्मारक
 36. इंदिरा गांधी मेमोरियल लाइब्रेरी, हैदराबाद विश्वविद्यालय
 37. इंदिरा गांधी म्यूजिकल फाउंटेन, बैंगलोर
 38. इंदिरा गांधी तारामंडल, लखनऊ
 39. इंदिरा गांधी भारतीय संस्कृति केंद्र (IGCIC), भारतीय उच्चायोग, मौरिटस
 40. इंदिरा गांधी प्राणि उद्यान, भारत के पूर्वी घाट
 41. इंदिरा गांधी नहर, रामनगर, जैसलमेर
 42. इंदिरा गांधी औद्योगिक परिसर, रानीपेट, वेल्लोर जिला
 43. इंदिरा गांधी पार्क, ईटानगर
 44. इंदिरा गांधी स्क्वीयर, पांडिचेरी
 45. इंदिरा गांधी रोड, विलिंगडन द्वीप, कोचीन
 46. ​​इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन, कश्मीर
 47. इंदिरा गांधी सागर बांध, नागपुर
 48. इंदिरा गांधी पुल, रामेश्वर, तमिलनाडु
 49. इंदिरा गांधी अस्पताल, भिवंडी निजामपुर नगर निगम
 50. इंदिरा गांधी स्मारक सांस्कृतिक परिसर, यूपी सरकार।
 51. इंदिरा गांधी खेल स्टेडियम, रोहड़ू जिला, शिमला
 52. इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान, भोपाल
 53. इंदिरा गांधी नगर, राजस्थान
 54. इंदिरा नगर, लखनऊ
 55. सड़कें कई शहरों में जवाहरलाल नेहरू के नाम पर हैं उदा।  जयपुर, नागपुर, विले पार्ले, घाटकोपर, मुलुंड आदि में।
 56. नेहरू नगर, गाजियाबाद
 57. जवाहरलाल नेहरू गार्डन, अमरनाथ
 58. जवाहरलाल नेहरू गार्डन, पन्हाला
 59. जवाहरलाल नेहरू बाजार, जम्मू।
 60. जम्मू श्रीनगर राजमार्ग पर जवाहरलाल नेहरू सुरंग
 61. नेहरू चौक, उल्हास नगर, महाराष्ट्र।
 62. मांडवी, पणजी, गोवा में नेहरू पुल
 63. नेहरू नगर गाजियाबाद
 64. जवाहरलाल नेहरू रोड, धर्मताल, कोलकाता
 65. नेहरू रोड, गुवाहाटी
 66. जवाहर नगर, जयपुर
 67. नेहरू विहार कॉलोनी, कल्याणपुर, लखनऊ
 68. नेहरू नगर, पटना
 69. जवाहरलाल नेहरू स्ट्रीट, पांडिचेरी
 70. नेहरू बाज़ार, मदनपल्ली, तिरुपति
 71. नेहरू चौक, बिलासपुर।  एमपी
 72. नेहरू स्ट्रीट, पोनमालिपट्टी, तिरुचिरापल्ली
 73. नेहरू नगर, एस.एम.  रोड, अहमदाबाद
 74. नेहरू प्राणि उद्यान, हैदराबाद
 75. राजीव गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर), पुणे
 76. राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क, हिंजेवाड़ी, पुणे।
 77. नेहरू नगर, नासिक पुणे।  सड़क।  और बहुत सारे।

 इसके अतिरिक्त, नेहरू-इंदिरा-राजीव के नाम पर 100+ राज्य और केंद्र सरकार की योजनाएं हैं।
 इसलिए, यदि आप कांग्रेस को वोट नहीं देते हैं तो आप भारत को राहुल गांधी के नाम से नहीं देख पाएंगे।  यह आपकी वजह से होगा कि गांधी का नाम लेने की पुरानी भारतीय परंपरा खत्म हो जाएगी।  यह एक पाप होगा!  इसलिए कांग्रेस को वोट देना आपका राष्ट्रीय कर्तव्य है।
 1 संपादित करें:
 टिप्पणियों में अनुरोधों के आधार पर, हमारे पास संजय गांधी के नाम की चीजों की सूची है।
 संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, मुंबई।
 संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, नई दिल्ली।
 संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ।
 संजय गांधी पशु देखभाल केंद्र, नई दिल्ली।
 संजय गांधी संस्थान यदि ट्रामा और आर्थोपेडिक्स (SGITO), बैंगलोर।
 संजय गांधी अस्पताल, जयनगर, बैंगलोर।
 संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, रीवा, मप्र।
 पर्यावरण और पारिस्थितिकी में संजय गांधी पुरस्कार
 संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, पटना।
 संजय गांधी जैविक उद्यान, पटना।
 संजय गांधी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बेल्लारी
 संजय गांधी पॉलिटेक्निक कॉलेज, जगदीश पुर, अमेठी
 संजय गांधी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बैंगलोर।
 संजय गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बैंगलोर।
 संजय गांधी मेमोरियल कॉलेज, रांची।
 संजय गांधी महिला कॉलेज, गया
 संजय गांधी सरकार।  स्वायत्त पीजी कॉलेज, सीधी, मप्र।
 संजय गांधी कॉलेज, शिमला।
 संजय गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सुल्तानपुर, दिल्ली।
 संजय गांधी कॉलेज और अनुसंधान केंद्र, विदिशा, मप्र।
 संजय गांधी बीएड कॉलेज, विदिशा, मप्र।
 संजय गांधी सर्वोदय साइंस कॉलेज, जबलपुर।
 संजय गांधी इंटर कॉलेज, सारण, बिहार।
 संजय गांधी कॉलेज ऑफ लॉ, जयपुर।
 संजय गांधी मेमोरियल गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, हैदराबाद।
 संजय गांधी पीजी कॉलेज, सुरपुर, मेरठ, यूपी।
 संजय गांधी स्टेडियम, पटना।
 संजय गांधी स्टेडियम, नरसिंहगढ़, म.प्र।
 संजय गांधी मार्केट, जालंधर।
 संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, दिल्ली।

 और, पटेल की एक और मूर्ति, एक और कांग्रेसी, उनके और उनके चेलों के लिए अपचनीय हो गई है!  कितनी बेशर्म हरकत है !!  इन लोगों के साथ नरक ..ड

                                                                  * कृपया इसे साझा करें और देश को बड़े पैमाने पर बताएं *
 * गांधी-नेहरू परिवार के पक्ष में कांग्रेस द्वारा सत्ता का दुरुपयोग। "

मंगलवार, 2 जून 2020

#कोविड19 स्कूली बच्चो के सभी अभिभावक जरूर पढ़ें

*कोविड 19,*  ( स्कूली बच्चो के सभी अभिभावक जरूर पढ़ें ) 

अपने मासूम बच्चो को कोरोना के सामने अकाल मृत्यु का निवाला बनने से रोकिए , निजी स्कूलों के झांसे में आने से बचे , एक साल स्कूलों का बायकॉट कीजिये !!!!!

 अब एक नया नाटक आरंभ होने जा रहा है।
 इस बार बलि के बकरे आपके हमारे बच्चे होंगे।
प्रदेश में एक जुलाई से स्कूल खोलने की बात की जा रही है।
अब स्कूल खोलने पर क्या होगा ,कितने भयावह परिणाम आपके और हमारे सामने आने वाले हैं ये कल्पना से परे है।
 कौन सा स्कूल इन बच्चों की जान की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगा?? 
कौन सा स्कूल इन बच्चों को मास्क (वह भी ठीक से) पहनाकर रखेगा?? साबुन सैनिटाइजर का उपयोग बार बार करवाऐगा??  
और फिजिकल डिस्टेंसिंग की तो बात करना ही नहीं चाहिए, कौन ध्यान रखेगा इनका?
जब ये एक दिन की पिकनिक पर लापरवाही करते हैं, अपनी गपशप और फोन पर लगे रहते हैं तब रोज रोज की फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क, सैनिटाइजर ये बच्चे सम्भालेंगे ऐसा सोचना हमारी नादानी होगी।
अपने बच्चों को अभी तो स्कूल भेजना उचित ही नहीं है, ये लोग एक्सपेरिमेंट बेसिस पर स्कूल खोलेंगे, *फीस लेंगे* और कोरोना के केसेस बढ़ने पर स्कूल सबसे पहले बंद करेंगे। 
दुर्भाग्यवश अगर कोई बच्चा कोरोना की चपेट में आ गया तो यह स्कूल वाले खबर लेने की कोशिश भी नहीं करेंगे।
क्या ये बच्चों की जान की गारंटी लेंगे ?
इतनी हड़बड़ी में, खासकर जब हम इस समय कोरोना इन्फेक्शन के पीक की प्रतीक्षा कर रहे हैं, हमारे नौनिहालों हमारे बच्चों को कोरोना का चारा बनाकर तमाशा देखना कहाँ की बुद्धिमानी है?
यह तो स्पष्ट समझा जा सकता है कि यह मामला केवल फीस की रकम के अरबों की हेराफेरी से ही संबंधित है,वरना बच्चे यदि 4-6 महीने बाद स्कूल जायेंगे तो क्या अंतर पड़ना है।यह तो तय है कि कोरोना इस साल जाने वाला नहीं है। 
वैसे भी हमारा स्कूल सिस्टम बच्चों को विकट परिस्थितियों में बचना (जिंदा बचे रहना) *कभी भी नहीं सिखाता है।*
यह तो बच्चों को हाथ कैसे धोना चाहिए अथवा दांतों पर ब्रश ठीक से कैसे करना है यह भी नहीं सिखाता है।
 स्कूल में lunch के पहले बच्चों को हाथ धोने की बात तक तो सिखाई नहीं जाती है??  
पर यही स्कूल फीस लेनी हो तो बच्चों को कोरोना के सामने डालने से गुरेज नहीं करता है।
ये वायरस पहले स्कूली बच्चों में एक से दूसरे में फैलेगा,फिर बच्चा घर आकर घर के दूसरे बच्चों, माता पिता, फिर बुजुर्गों में इन्फेक्शन फैलाऐगा। और इस तरह से यह वायरस पूरे घर को अपने आगोश में ले लेगा। 
 यह सच्चाई है,अगर हमने अपने बच्चों को बतौर Experiment स्कूल भेज दिया तो बहुत जल्दी अब हमें इस जानलेवा मुसीबत का भी सामना करना है। 
 ये कोरोना अब बच्चों के माध्यम से हमारे घरों में आकर फैलेगा।
जुलाई का महीना बरसात के मौसम का प्रारंभ है, बारिश और उमस के कारण वायरस और बैक्टीरिया बड़ी तेजी से फैलते हैं, कोरोना का ये वायरस इस सीजन में कितना भयानक रूप लेगा ये अकल्पनीय है।
ये सच है कि हर माता पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन बच्चों का भविष्य तो हम सब तब देखेंगे जब वह सुरक्षित होंगे। कोरोना लहर के सामने अपने बच्चों को स्कूल में  झोंक देने का अर्थ नरभक्षी जानवर के सामने बच्चों को लड़ने भेजने जैसा है।
यदि आप अभी भी अपने बच्चों को जल्दी स्कूल भेजना चाहते हैं तो स्वयं से कुछ प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास करें:
क्या आपको लग रहा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण कम हो रहा है?
क्या आप ये मानते हैं कि कोरोना बच्चों पर रहम कर देगा ?
क्या ऑटो, टेंपो पर लटकते हुए बच्चों में फिजिकल डिस्टेंसिंग रह पायेगी?
 क्या स्कूल बस कोरोना संक्रमण से अछूती रह सकती है? 
क्या स्कूल के टीचर, आया बाई, चपरासी, बस ड्राइवर, कंडक्टर, गार्ड सभी कोरोना टेस्ट में नेगेटिव साबित होने के बाद ही बच्चों के सामने लाए जायेंगे?
एक एक कक्षा में जहां 40-50-60 बच्चे होते हैं वहां क्या 1-1 मीटर की दूरी बनाए रखी जाएगी?
क्या बच्चे इस दूरी का  8-9 घंटे पालन कर पाऐंगे?? 
प्रार्थना स्थल पर तथा छुट्टी के समय जब बच्चे आपस में टकराते हुए निकलते हैं तब क्या यह दूरी बनाए रखी जा सकेगी?
लगातार मास्क पहनने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी (17%तक) देखी गई है, बच्चों को ऑक्सीजन की ज़रूरत हमसे ज़्यादा होती है, क्या बच्चे 8-9 घंटे मास्क लगा कर रह पाऐंगे?? 
समय समय पर मास्क कैसे उतारना, पुन: कैसे पहनना, पानी पीने व टिफिन खाते समय मास्क कैसे हटाना, उसके बाद हाथ  सैनिटाइजर से या सोप से कितनी देर तक कैसे धोना (रगड़ना) यह सब कौन बताएगा??
क्या पहले से काम के बोझ में दबा शिक्षक/शिक्षिका या स्कूल प्रबंधन आपके पैसे से कोई नया कोरोना सुपरवाइजर नियुक्त करेगा?
क्या बच्चों में कोरोना मॉरटालिटि कम होना आपके हिसाब से काफी है???
क्या बच्चे के इन्फेक्शन होने की अवस्था में स्कूल या शासन कोई जिम्मेदारी लेगा ?
इलाज के लाखों रूपए में कितना हिस्सा स्कूल या शासन वहन करेगा ?
कल को जब केसेस बढ़ेंगे, जो लगातार बढ़ रहें हैं, तब आपके गली मुहल्ले में होने वाली मौत आपको बच्चों समेत सेल्फ क्वाराईन्टिन को विवश कर देगी तब आपके बच्चे की पढ़ाई का साल और स्कूल में पटाई जा चुकी फीस का क्या होगा?
आपसे अनुरोध है कि एक जागरूक जनता और जिम्मेदार माता पिता बने और अपने बच्चों को कोरोना का ग्रास बनने न भेजें। तब तक जब तक कि स्थितियां पूरी तरह सामान्य ना हो जाऐं। 
आप किसी भी धर्म को मानने वाले हों या किसी भी राजनीतिक पार्टी के समर्थक हों, इतनी जल्दी स्कूल खोलने का विरोध करें।
बच्चे हमारी सम्पदा से बढ़कर हैं, उन्हें हम दॉव पर नहीं लगा सकते हैं। जिन्हें पैसे कमाने हैं उन्हें कमाने दीजिए, परन्तु इसके लिए हमारे बच्चे गोटियां नहीं बनेंगे।
आइए कोशिश करें कि स्कूल अभी न खोलें जाएं, हम सब मिलकर विरोध करेंगे तभी बात बनेगी।
यदि आपको इस पोस्ट में कुछ सही लगता है तो  इसे दूसरे पैरेंट्स को ज़रूर फारवर्ड करें।
🙏🏼🙏🏼☺️

रविवार, 24 मई 2020

बड़ी बड़ी नामी #ब्रांडेड #गारमेंट #कंपनियों की कुछ गंदी #मार्केटिंग (#dirty_marketing) के बारे में

बड़ी बड़ी नामी #ब्रांडेड #गारमेंट #कंपनियों की कुछ गंदी #मार्केटिंग  (#dirty_marketing) के बारे में बताना चाहूँगा।

मैं नही जानता कि आपने कभी इन ब्रांडेड कंपनियों की इस #गंदी_मार्केटिंग पर ध्यान दिया है या नही।

आमतौर पर जब हम किसी बड़ी नामी ब्रांडेड कंपनी के पैंट या जीन्स या हाफ पैंट खरीदते हैं तो हम मुख्यतया निम्नलिखित चीजों पर ध्यान देते हैं :-

    1. कपड़ा
    2. रंग
    3. डिज़ाइन
    4. फिटिंग
ये सभी नामी बड़ी ब्रांडेड कंपनी अच्छे कपड़े इस्तेमाल करती हैं जिसे देख कर हम ग्राहक उस रेडीमेड कपड़े को खरीद लेते हैं। लेकिन ये कंपनियां पॉकेट में लगने वाले कपड़े की क़्वालिटी बहोत ही घटिया रखते हैं।

#पॉकेट के लिए #घटिया कपड़ा इस्तेमाल करने के पीछे गंदी मार्केटिंग पालिसी है।

चूंकि कंपनी इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि पैंट का कपड़ा अच्छी क्वालिटी का है इसलिए जल्दी फटेगा नही इसलिए ग्राहक दूसरा कपड़ा जल्दी नही खरीदेगा। किन्तु अगर पॉकेट का कपड़ा फट जायेगा तो ग्राहक दूसरा पैंट खरीदने के लिए मजबूर हो जाएगा। इस प्रकार कंपनी को रोटेशन में ग्राहक मिलता रहेगा और कंपनी की बिक्री होती रहेगी।

सुरक्षा कारणों से मैं किसी भी कंपनी का नाम नही लिख रहा हूँ लेकिन अगली बार जब आप बड़ी नामी कंपनी (खास कर #विदेशी #ब्रांड) का पैंट खरीदने जाएं तो पॉकेट के कपड़े पर अवश्य ध्यान दें।

उत्तर #पढ़ने के लिए #धन्यवाद। #अपवोट करने के लिए अग्रिम में धन्यवाद। उत्तर #शेयर करने के लिए अग्रिम शुक्रिया।

तक्षशिला के खंडहरो से क्षमा मांगनी ही होगी, नालंदा की ख़ाक छाननी ही होगी


यूरोप का सूरज डूबने जा रहा !!

मध्य युग में पूरे यूरोप पे राज करने वाला रोम ( इटली ) नष्ट होने के कगार पे आ गया, मध्य पूर्व को अपने कदमो से रौंदने वाला ओस्मानिया साम्राज्य (ईरान,सऊदी, टर्की) अब घुटनो पर हैं, जिनके साम्राज्य का सूर्य कभी अस्त नहीं होता था, उस ब्रिटिश साम्राज्य के वारिस बर्मिंघम पैलेस में कैद हैं !!

जो स्वयं को आधुनिक युग की सबसे बड़ी शक्ति समझते थे, उस रूस के बॉर्डर सील हैं, जिनके एक इशारे पर दुनिया के नक़्शे बदल जाते हैं, जो पूरी दुनिया के अघोषित चौधरी हैं ?

उस अमेरिका में लॉक डाउन है और जो आने वाले समय में सब को निगल जाना चाहते थे, वो चीन, आज मुँह छिपाता फिर रहा है और सब की गालियां खा रहा है।

एक जरा से परजीवी ने विश्व को घुटनो पर ला दिया! न एटम बम काम आ रहे न पेट्रो रिफाइनारी! मानव का सारा विकास एक छोटे से जीवाणु से सामना नहीं कर पा रहा!! क्या हुआ, निकल गयी हेकड़ी ?

बस इतना ही कमाया था आपने इतने वर्षों में, कि एक छोटे से जीव ने घरो में कैद कर दिया ??

और ये सब देश आशा भरी नज़रो से देख रहे हैं हमारे देश  की तरफ, उस भारत की ओर जिसका सदियों अपमान करते रहे, रोंदते रहे, लूटते रहे। एक मामूली से जीव ने आपको आपकी औकात बता दी !

भारत जानता है कि युद्ध अभी शुरू हुआ है, जैसे जैसे ग्लोबल वार्मिंग बढ़ेगी, ग्लेशियरो की बर्फ पिघलेगी, और आज़ाद होंगे लाखो वर्षो से बर्फ की चादर में कैद दानवीय विषाणु, जिनका न आपको परिचय है और न लड़ने की कोई तैयारी, ये कोरोना तो झांकी है, चेतावनी है, उस आने वाली विपदा की, जिसे आपने जन्म दिया है ।

 मेनचेस्टर की औद्योगिक क्रांति और हारवर्ड की इकोनॉमिक्स संसार को अंत के मुहाने पे ले आयी!

 क्या आप जानते हैं, इस आपदा से लड़ने का तरीका कहाँ छुपा है❓ 
👉 #तक्षशिला के खंडहरो में, #नालंदा की राख में, #शारदा_पीठ के अवशेषों में, #मार्तण्डय के पत्थरो में।।


सूक्ष्म एवं परजीवियों से मनुष्य का युद्ध नया नहीं है, ये तो सृष्टि के आरम्भ से अनवरत चल रहा है, और सदैव चलता रहेगा, इस से लड़ने के लिए के लिए हमने हर हथियार खोज भी लिया था, मगर आपके अहंकार, आपके लालच, स्वयं को श्रेष्ठ सिद्ध करने की हठ धर्मिता ने सब नष्ट कर दिया।

क्या चाहिए था आपको ???

स्वर्ण एवं रत्नो के भंडार ? यूँ ही मांग लेते, #राजा_बलि के वंशज और #कर्ण के अनुयायी आपको यूँ ही दान में दे देते❗

सांसारिक वैभव को त्यागकर आंतरिक शांति की खोज करने वाले #महावीर और #गौतम_बुद्ध के समाज के लिए वे सब यूँ भी मूल्यहिन ही थे, ले जाते। मगर आपने ये क्या किया❓

विश्व बंधुत्व की बात करने वाले समाज को नष्ट कर दिया? जिस बर्बर का मन आया वही भारत चला आया, रौंदने, लूटने, मारने, जीव में शिव को देखने वाले समाज को नष्ट करने।

कोई विश्व विजेता बनने के लिए #तक्षशिला_ को तोड़ कर चला गया, कोई सोने की चमक में अँधा होकर #सोमनाथ लूट कर ले गया, तो कोई किसी को खुद को ऊँचा दिखाने के लिए #नालंदा_ की किताबो को जला गया, किसी ने बर्बरता को जिताने के लिए #शारदा पीठ के टुकड़े टुकड़े कर दिया, तो किसी ने अपने झंडे को ऊंचा दिखाने के लिए विश्व कल्याण का केंद्र बने #गुरुकुल परंपरा को ही नष्ट कर दिया, और आज करुण निगाहों से देख रहे हैं...

उसी पराजित, अपमानित, पद दलित, भारत भूमि की ओर, जिसने अभी अभी अपने घावों को भरके अंगड़ाई लेना आरम्भ किया है❗

किन्तु, हम फिर भी निराश नहीं करेंगे, फिर से माँ भारती का आँचल आपको इस संकट की घडी में छाँव देगा, #श्रीराम के वंशज इस दानव से भी लड़ लेंगे !!

किन्तु, मार्ग उन्ही नष्ट हुए हवन कुंडो से निकलेगा, "जिन्हे कभी आपने अपने पैरों की ठोकर से तोड़ा था। आपको उसी नीम और पीपल की छाँव में आना होगा, जिसके लिए आपने हमारा उपहास किया था। आपको उसी गाय की महिमा को स्वीकार करना होगा, जिसे आपने अपने स्वाद का कारण बना लिया। उन्ही मंदिरो में जाकर घंटा नाद करना होगा, जिनको कभी आपने तोड़ा था। उन्ही वेदों को पढ़ना होगा, जिन्हे कभी अट्टहास करते हुए नष्ट किया था। उसी चन्दन तुलसी को मस्तक पर धारण करना होगा, जिसके लिए कभी हमारे मस्तक धड़ से अलग किये गए थे"❗

ये प्रकृति का न्याय है और आपको स्वीकारना होगा।

  फिर कहता हूँ, इस दुनिया को अगर जीना है, तो #_सोमनाथ में सर झुकाने आना ही होगा, #_तक्षशिला के खंडहरो से क्षमा मांगनी ही होगी, #_नालंदा की ख़ाक छाननी ही होगी। #मंदिरों के घंटानाद की तीव्र ध्वनि तरंगों को चहुओर फैलाना होगा।

हाथ जोड़कर अभिवादन करना आपने शुरू कर दिया है। बहुत जल्दी भारत की छांव में पूरी तरह आपको आना पड़ेगा❗❗

"सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया,
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु,
मा कश्चिद् दुःख भाग् भवेत्"

साभार...🙏

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