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गुरुवार, 20 अप्रैल 2023

केदारनाथ कि यात्रा पर जाते समय क्या-क्या लेकर जाना चाहिए |

केदारनाथ कि यात्रा पर जाते समय क्या-क्या लेकर जाना चाहिए |
What to carry while traveling to Kedarnath in Hindi



नमस्कार साथियों आज के इस आर्टिकल में हम केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय आपको क्या-क्या लेकर जाना चाहिए इसके बारे में पूरी जानकारी जानने वाले हैं। इस आर्टिकल में हम केवल वैसे ही वस्तु के बारे में बात करेंगे, जिसे ले जाना आपके लिए जरूरी होगा। इस आर्टिकल में बताए गए जानकारी के अलावा भी आप कई सारी अपने जरूरत के हिसाब से वस्तुओं को ले जा सकते हैं। तो चलिए हम जानते हैं, कि आपको केदारनाथ की यात्रा के लिए कौन-कौन से सामान अपने साथ ले जाना जरूरी होता है।

इस आर्टिकल में अपने साथ ले जाने वाले बताए गए जरूरी सामान अगर आप चार धाम की यात्रा पर भी जा रहे हैं, तो भी तकरीबन सभी सामान ले जाना आपके लिए जरूरी होगा। तो चलिए अब हम जान लेते हैं कि आपको केदारनाथ की यात्रा या चार धाम की यात्रा पर जाते समय अपने साथ क्या-क्या जरूरी होता है ले जाना।
विषय - सूचीकेदारनाथ / चार धाम की यात्रा पर जाते समय अपने साथ ले जाने वाले सामानों की लिस्ट –केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय कौन कौन से डॉक्यूमेंट अपने साथ ले जाना चाहिए ?
केदारनाथ की यात्रा पर अपने साथ कितना और कैसा लगेज (बैग) ले जाना चाहिए ?
केदारनाथ की यात्रा पर जाने के लिए अपने साथ कैसा कपड़ा ले जाना उचित रहेगा ?
केदारनाथ की यात्रा के लिए कैसा जूता ले जाना उचित रहेगा ?
केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय बारिश से बचने के लिए अपने साथ क्या-क्या ले जाना चाहिए ?
केदारनाथ की यात्रा पर ले जाने वाले कुछ जरूरी सामान –
केदारनाथ की यात्रा के लिए अपने साथ कौन-कौन से दवा ले जाना चाहिए ?
केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय अपने साथ कैश ले जाना उचित रहेगा या नहीं ?
केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय अपने साथ कौन सी कंपनी का सिम ले जाना चाहिए ?
केदारनाथ / चार धाम की यात्रा पर जाते समय अपने साथ ले जाने वाले सामानों की लिस्ट –
केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय कौन कौन से डॉक्यूमेंट अपने साथ ले जाना चाहिए ?


केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय आपके पास आधार कार्ड और यात्रा पास होना जरूरी है। यात्रा पास एक वयस्क व्यक्ति के अलावा बच्चों का भी होना काफी ज्यादा जरूरी है। वैसे आपके पास ये दोनों डॉक्यूमेंट रहेगा, तो आप अपना केदारनाथ की यात्रा आसानी से पूरा कर सकते हैं।

इन दोनों डॉक्यूमेंट के अलावा आप अपने हिसाब से कोई और डॉक्यूमेंट भी ले जा सकते हैं। एक और बात आप अपने साथ ले जाने वाले आधार कार्ड या यात्रा पास का फोटो कॉपी अपने साथ जरूर ले जाए, क्योंकि इसकी जरूरत कभी भी आपको पड़ सकती है।
केदारनाथ की यात्रा पर अपने साथ कितना और कैसा लगेज (बैग) ले जाना चाहिए ?



केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय आपको एक बात की ध्यान रखनी है, कि आप अपने साथ ले जाने वाले जरूरतमंद सामानों को ट्रॉली वाले लगेज (बैग) में ले जाने से बचें, अगर आपके पास खुद की गाड़ी नहीं है तो। क्योंकि आपको ट्रॉली वाले लगेज से कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।

आपको बता दें कि केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय आप अपने साथ दो बैग ले जाए, जिनमें एक बैग 70 से 80 लीटर एवं दूसरा बैग 30 से 40 लीटर का आप अपने साथ ले जाए, यही आपके लिए उचित रहेगा। ऐसा इसलिए कि आप अपने जरूरतमंद सामान जिसे आप कभी-कभी उपयोग करते हैं, उसे आप बड़े बैग में और जिसे आप एनी टाइम प्रयोग में लाते हैं, उसे छोटे बैग में ले जा सकते हैं।

एक बात और जब आप केदारनाथ ट्रेक की यात्रा शुरू करेंगे तो आप अपने साथ घर से ले गए अपना पूरा सामान तो आप केदारनाथ ट्रेक की यात्रा पर ले जाएंगे नहीं, इसलिए जरूरतमंद सामान जो कि केदारनाथ की यात्रा के समय काम आने वाला होगा उसे आप जो छोटा बैग आपके पास होगा उसमे ले जा सकते हैं।

केदारनाथ की यात्रा पर जाने के लिए अपने साथ कैसा कपड़ा ले जाना उचित रहेगा ?

केदारनाथ की यात्रा पर जब भी आप जाएं तो आप अपने साथ दोनों टाइप के कपड़े यानी कि गर्म मौसम के दौरान उपयोग में आने वाले कपड़े और ठंड के मौसम के दौरान उपयोग में आने वाले कपड़े जरूर साथ ले जाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि जब भी आप केदारनाथ की यात्रा पर जाएंगे तो आपको जैसे-जैसे दिन ढलेगा वैसे-वैसे ठंड का सामना अधिक करना होगा।

कभी-कभी तो ऐसा होता है कि गर्मी के दिनों में भी वहां पर स्नोफॉल देखने को मिल जाता है। या कभी-कभी बारिश होने के वजह से भी ठंड में काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखी जा सकती है। केदारनाथ की यात्रा पर आप ऊनी वाले जैकेट, हैंड ग्लॉब्स एवं एक कैप अवश्य ले जाएं। इन सबके अलावा आप अपने पहनावे एवं जरूरत के हिसाब से कपड़े ले जा सकते हैं।

केदारनाथ की यात्रा के लिए कैसा जूता ले जाना उचित रहेगा ?

केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय जूता एवं सॉक्स को लेकर भी लोगों के मन में कन्फ्यूजन होता है, कि यहां पर कैसा जूता एवं कितने जोड़ी सॉक्स ले जाए। आपको बता दें कि आप केदारनाथ की यात्रा पर लेदर वाले जूते या कपड़े वाले जूते ले जाने से बचें, क्योंकि केदारनाथ की यात्रा पर आपको कई जलप्रपात से होकर गुजारना पड सकता है, जिसकी वजह से आपके लेदर वाले जूते या कपड़े वाले जूते आसानी से भीग जाएंगे और सूखने में काफी समय भी लगेगा।

आप यहां पर ट्रेकिंग वाले जूते ले जाएं यह आपके लिए अच्छा रहेगा। इसके अलावा आप यहां पर अपने साथ चार से पांच जोड़ी सॉक्स जरूर ले जाएं।
केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय बारिश से बचने के लिए अपने साथ क्या-क्या ले जाना चाहिए ?


केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय आप अपने साथ अपने जरूरत के हिसाब से छाता, रेनकोट एवं अपने साथ ले जाने वाले बैग या सामान के लिए रैन कवर अवश्य ले जाए। एक बात और जितना हो सके आप इन सामानों को अपने शहर से ही खरीद ले। क्योंकि जहां से केदारनाथ की यात्रा शुरू होती है, वहां पर यह सामान मिल तो जाएंगे पर उनकी क्वालिटी कोई खास नहीं होती है।

केदारनाथ की यात्रा पर ले जाने वाले कुछ जरूरी सामान –

केदारनाथ की यात्रा पर आप अपने साथ एक टॉर्च अपने जरूरत के हिसाब से पावर बैंक भी साथ ले जाएं, क्योंकि केदारनाथ ट्रैक की यात्रा पर आपको मोबाइल वगैरह चार्ज करना पड सकता है। और वहां पर बिजली की उतनी सही से व्यवस्था है नहीं। आप अपने साथ एक पानी का बोतल भी अवश्य रखें, क्योंकि यात्रा के दौरान आपके पास बोतल रहने पर वाटरफॉल के पानी का उपयोग कर सकते हैं। इन सबके अलावा आप अपने साथ कुछ खाने के लिए ड्राई फ्रूट भी कैरी कर सकते हैं।

केदारनाथ की यात्रा के लिए अपने साथ कौन-कौन से दवा ले जाना चाहिए ?

केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय आप अपने साथ कुछ मेडिसिन भी कैरी जरूर करें, क्योंकि केदारनाथ की यात्रा पर आपको कुछ दावा जैसे पेन किलर की दावा एवं स्प्रे और बुखार की दवा अवश्य ले जानी चाहिए। इसके अलावा आप अपने साथ कपूर भी जरूर ले जाएं, क्योंकि कभी आपको अगर अधिक थकान या सांस लेने में दिक्कत हो तो आप कपूर का उपयोग कर सकते हैं। इन सबके अलावा आप अपने साथ एक छोटा ऑक्सीजन सिलेंडर भी ले जा सकते हैं।
केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय अपने साथ कैश ले जाना उचित रहेगा या नहीं ?

केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय कैस को लेकर बहुत से लोगों के मन में एक विचार आता है कि यहां पर कैश ले जाना उचित रहेगा या नहीं। तो आपको बता दें की केदारनाथ की यात्रा के दौरान आप अपने साथ अपने जरूरत के हिसाब से कैश जरूर रखें। क्योंकि केदारनाथ की यात्रा के समय आपको एटीएम तो दिखेगा और उसमें पैसा होगा या नहीं इसके बारे में कोई गारंटी नहीं है। अगर आप वहां पर किसी दुकान से पैसा निकलना चाहते हैं, तो आपको वह दुकानदार 5 या 10 पर्सेंट कमीशन ही ले लेगा। इसलिए आप अपने साथ अपने जरूरत के मुताबिक कैश जरूर ले जाएं।

केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय कैस को लेकर एक और प्रश्न लोगों के मन में रहती है, कि क्या हम वहां पर यूपीआई ट्रांजैक्शन नहीं कर सकते। तो आपको बता दें कि यूपीआई ट्रांजैक्शन की व्यवस्था तो आपको कहीं कहीं देखने को मिल जाएंगी पर कभी-कभी नेटवर्क प्रॉब्लम फेस करने की वजह से आप UPI ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे। इसलिए आपको अपने साथ कैस ले जाना ही होगा।
केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय अपने साथ कौन सी कंपनी का सिम ले जाना चाहिए ?

केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय लोगों के मन में सबसे बड़ा प्रश्न रहता है, कि यहां पर अपने साथ किस कंपनी का सिम लेकर जाना उचित रहेगा। तो आपको बता दें कि केदारनाथ की यात्रा पहले से काफी सरल हो गया है। पहले की तुलना में यहां पर तकरीबन सभी कंपनियों की नेटवर्क देखी जा सकती है।

लेकिन एक बात है कि सभी कंपनियों का नेटवर्क आपको केदारनाथ की यात्रा के दौरान सभी जगहों पर देखने को नहीं मिलेगी। कहीं पर जियो का नेटवर्क रहेगा तो idea नहीं, तो कभी idea का नेटवर्क रहेगा तो बीएसएनल का नहीं। इसलिए आप अपने साथ एक से अधिक कंपनी का सिम ले जाएं, यही आपके लिए उचित रहेगा।

केदारनाथ की यात्रा पर जाते समय हमें अपने साथ कौन-कौन से सामान ले जाना चाहिए, कौन-कौन से सामान की जरूरत पड़ती है के बारे में लिखा गया यह आर्टिकल आपको अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों के साथ शेयर करें। ताकि जब वह भी यहां पर जाने का प्लान बनाएं तो उन्हें भी इसके बारे में जानकारी हो सके।

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भारतीय सेना के हवलदार हंगपन दादा के बारे में हर भारतीय को पता होना चाहिए

26 मई 2016 को भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी आतंकवादियों से निपटने के दौरान शहीद हुए भारतीय सेना के हवलदार हंगपन दादा के बारे में हर भारतीय को पता होना चाहिए

हवलदार हैंपन दादा


अपने साथियों द्वारा दादा के नाम से पुकारे जाते हैं, का जन्म 2 अक्टूबर 1979 को अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले के बोरदुरिया गाँव में हुआ था। हवलदार दादा एक उत्सुक खिलाड़ी थे और कई किलोमीटर तक दौड़ते थे और एक बच्चे के रूप में हर दिन 25-30 पुश-अप भी करते थे। हवलदार दादा सेना 1997 मे सेना की पैराशूट रेजिमेंट की 3 वीं बटालियन में भर्ती हुए। छह साल बाद, वह असम रेजिमेंटल सेंटर के साथ सेवा करने के लिए चले गए और 24 जनवरी 2008 को असम रेजिमेंट की चौथी बटालियन में शामिल हो गए।


कुछ साल बाद 2016 में, हवलदार दादा ने जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद विरोधी अभियानों में लगे 35 राष्ट्रीय राइफल्स के साथ सेवा करने के लिए स्वेच्छा से काम किया। उन्हें पालतू जानवरों के रूप में सांपों को रखने का शौक था । हवलदार दादा एक सिपाही के रूप में श्रेष्ठ थे और अपने साथियों के साथ-साथ वरिष्ठों द्वारा भी उन्हें पसंद किया जाता था।


नौगाम ऑपरेशन: 26 मई 2016


मई 2016 के दौरान, हवलदार दादा की इकाई, 35 आरआर (राष्ट्रीय राइफल्स) को जम्मू-कश्मीर में नौगाम सेक्टर में तैनात किया गया था। 26 मई 2016 को, उनकी यूनिट को नौगाम सेक्टर में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी। आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए रात में तलाशी शुरू करने का निर्णय लिया गया। 26 मई की रात में, हवलदार दादा ने अपने अन्य साथियों के साथ, योजनाबद्ध ऑपरेशन के अनुसार छिपे हुए आतंकवादियों पर हमले का नेतृत्व किया । संदिग्ध क्षेत्र में पहुंचने के बाद, हवलदार दादा ने अपनी टीम के साथ आतंकवादियों की गतिविधि को देखा और उन पर एक अच्छे टीम वर्क के साथ हमला किया। 24 घंटे तक चली इस मुठभेड़ मे दादा ने 2 आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया। देखते ही अन्य दो आतंकवादी भाग गए और एक दीवार के पीछे छिप गए। दो आतंकवादि जो दीवार के पीछे छिपे थे, हवलदार दादा ने उनमें से एक पर हमला किया और उनमे से एक को मौत के घाट उतार दिया तब तक चौथे आतंकवादी ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी लकिन अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए दादा ने उसपर हमला किया और उसको भी बुरी तरह घायल कर दिया लकिन ज्यादा घावों की वजह से दादा वीरगति को प्राप्त हो गए।



हवलदार दादा ने इस कार्रवाई से एक बड़े आतंकवादी हमले को असफल किया और अपने साथियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। हवलदार दादा को 2016 में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, “अशोक चक्र” शांति के लिए दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार दिया गया था।

अपनी वीरता के लिए दादा आज भी हम हज़ारों भारतीयो के दिलों में जिंदा है

जय हिन्द. 🇮🇳

जय भारत. 🇮🇳

धन्यवाद. 🖋️

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