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सोमवार, 3 दिसंबर 2012

मिसेस शब्द का सही अर्थ - वेश्या

मिसेस शब्द का सही अर्थ - वेश्या
अँग्रेज़ी भाषा की वेबस्टर डिक्शनरी मे देखिए क्या कहा गया है
A Women other then his wife with whom a married man has a continuing Sexual relationship

http://www.marriam-webster.com/dictionery/mistress

मिसेस का अर्थ होता है पत्नी को छोड़कर वे सभी स्त्रियाँ जिनके साथ शारीरिक संबंध बनाए गये हो
www.thefreedictionary.com/mistress/
www.merriam-webster.com/dictionary/mistress/


और पढ़े लिखे काले अंग्रेज बात बात मे अपनी पवित्र चरित्रवान् धर्मपत्नी को मिसेस मिसेस कहते रहते हैं
कहीं आप भी आज तक अपनी धर्मपत्नी को इस गंदे शब्द से तो नही संबोधित करते थे यदि करते भी थे तो आज से मत करिएगा - क्योंकि अर्थ का अनर्थ ना हो जाए
इसलिए भारतीय पवित्र ओर चरित्रवान् शब्दो का ही प्रयोग करे

ज़्यादा जानकारी के लिए भाई श्री राजीव दीक्षित जी को सुने
पर राजीव दीक्षित लिख कर सर्च करे

तो मैं मान लूँ कि आज से हर भारतीय अपनी धर्मपत्नी को मिसेस नही कहेगा ????
 

एनर्जी ड्रिंक से बचें

एनर्जी ड्रिंक से बचें


ऐसे लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जो स्पोर्ट्स एनर्जी ड्रिंक्स पीते हुए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। एनर्जी ड्रिंक्स बहुत मेहनत वाली कसरतों के साथ इस्तेमाल की जानी चाहिए जबकि ये लोग ऑफिस में बैठे-बैठे एनर्जी ड्रिंक्स की कई बोतल गले में उतार देते हैं। इसके नतीजे बीमारियों के रूप में सामने आ रहे हैं।

यह जानकारी एक शोध अध्ययन से सामने आई है कि स्पोर्ट्स एनर्जी ड्रिंक के ग़लत इस्तेमाल से कई लोगों ने अपनी जिंदगी को जोखिम में डाल दिया है। एनर्जी ड्रिंक्स में शक्कर बहुत अधिक डाली जाती है ताकि एथलीट या तीव्र कसरत करने वाले तत्काल ताकत हासिल कर सकें। इसकी हर २५० मिलीलीटर की बोतल में ३०० से अधिक कैलोरी होती हैं। साथ ही इसमें कैफीन भी अधिक मात्रा में होती है। शक्कर की अधिकता से अनेक नुकसान हैं जबकि कैफीन की ज्यादा मात्रा दिल की बीमारियाँ एवं सामाजिक व्यवहार में बदलाव के लिए जिम्मेदार मानी जाती है। इस शोध अध्ययन का सुझाव है कि एनर्जी ड्रिंक केवल गहन कसरत करने वाले व्यक्तियों को ही पीना चाहिए। १८ प्रतिशत लोग ऑफिस में काम के दौरान थकान महसूस करने के साथ ही एनर्जी ड्रिंक की बोतल मुंह से लगा लेते हैं। कसरत से पहले पानी पीने से निर्जलीकरण की समस्या नहीं होती। ८० प्रतिशत लोग कसरत से पहले पानी पीना भूल जाते हैं।


नुकसान एनर्जी ड्रिंक के


-एनर्जी ड्रिंक्स के फायदों से अधिक नुकसान हैं। एनर्जी ड्रिंक्स पीने वालों को इसकी लत लग जाती है।


- इस तरह की ड्रिंक्स पर यह नहीं लिखा होता है कि यह पेय किस औषधि के साथ रिएक्शन कर सकता है। किस औषधि के साथ यह पेय प्रतिक्रिया कर सकता है यह लिखा जाना चाहिए।


-एनर्जी ड्रिंक्स में शक्तिशाली रसायन डाले जाते हैं जो शरीर के पूरे सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं।


-इस पेय से दिल की धड़कन एवं रक्तचाप प्रभावित होते हैं।


ध्यान रहे कि एनर्जी ड्रिंक कभी भी पानी का विकल्प नहीं हो सकता। जब भी प्यास लगे उसे पानी से ही बुझाएं। कसरत के बाद पसीने के रूप में शरीर का पानी निकल जाता है। इस समय एनर्जी ड्रिंक पानी का विकल्प नहीं है। इसलिए कसरत से पहले पानी पी लें ताकि शरीर में कसरतों के दौरान निर्जलीकरण न हो। पानी के स्थान पर एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की वजह से और अधिक निर्जलीकरण हो सकता है।


एनर्जी ड्रिंक्स को कभी भी शराब के साथ मिलाकर न पिएं। एनर्जी ड्रिंक ऊर्जा को सक्रिय करती है जबकि शराब अवसादग्रस्त करती है(डॉ. प्रीति शुक्ला,सेहत,नई दुनिया, चतुर्थांक 2012)।ॐ ॐ

रोज करें थोड़े से तुलसी के पत्तों का ये आसान प्रयोग मिट जाएंगे ये सारे रोग

रोज करें थोड़े से तुलसी के पत्तों का ये आसान प्रयोग मिट जाएंगे ये सारे रोग

तुलसी घर के वातावरण को पवित्र बनाती है साथ ही हवा में मौजूद बीमारी के बैक्टीरिया आदि को नष्ट कर देती है। तुलसी की सुंगध हमें श्वास संबंधी कई रोगों से बचाती है। साथ ही तुलसी की एक पत्नी रोज सेवन करने बार-बार बुखार नहीं आता। तुलसी की पत्नी खाने से हमारे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता काफी बढ़ जाती है।तुलसी एक औषधी है। आयुर्वेद
में तुलसी को संजीवनी बूटी के समान माना जाता है।


तुलसी में कई ऐसे गुण होते हैं जो बड़ी-बड़ी जटिल बीमारियों को दूर करने और उनकी रोकथाम करने में सहायक है। कहते हैं जो व्यक्ति प्रतिदिन तुलसी की पांच पत्तियां खा लेते हैं वह अनेक प्रकार के रोगों से सुरक्षित रहते हैं। इसके तीन महीने तक सेवन करने से खांसी, सर्दी,बुखार, मलेरिया, कालाजार, जुकाम या काफ, जन्मजात जुकाम, श्वास रोग, दमा, स्मरण शक्ति का अभाव, पुराना से पुराना सिरदर्द, नेत्र-पीड़ा, उच्च अथवा निम्न रक्तचाप, ह्रदय रोग, शरीर का मोटापा, अम्लता, पेचिश, कब्ज, गैस, मन्दाग्नि,गुर्दे का ठीक से काम न करना, गुर्दे की पथरी खून की कमी,दांतों का रोग, सफेद दाग तथा अन्य बीमारियां, गठिया का दर्द, वृद्धावस्था की कमजोरी, विटामिन ए और सी की कमी से उत्पन्न होने वाले रोग, सफेद दाग, कुष्ठ तथा चर्म रोग, शरीर की झुर्रियां, पुरानी बिवाइयां, महिलाओं की बहुत सारी बीमारियां, बुखार, खसरा आदि रोग दूर होते है।

सिर, गले, नाक का दर्द, आंख के रोग, सूजन, खुजली, अजीर्ण, उलटी , हृदयरोग, कृमि, फोड़े, मुहांसे, जलन , बालतोड़, लू लगना, स्नायूपीड़ा, स्वप्नदोष, मूर्छा, विष आदि तथा स्त्रियों और बच्चों के सामान्य रोगों के लिए चिकित्सा स्वयं ही की जा सकती है। तुलसी स्वाईन फ्लू को दूर रखने के लिए उपयोगी है। तुलसी के उपयोग से मनुष्यों में रोग प्रतिरोधक क्षमता तीव्रता से बढ़ती है और खाली पेट बीस-पच्चीस तुलसी के पत्तों का सेवन करने से स्वाईन फ्लू से बचा जा सकता है। तुलसी दमा टी.बी. में गुणकारी हैं।

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