बुधवार, 22 फ़रवरी 2017

आज का पंचांग एवं राशिफल

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *आज का दिनांक - 22 फरवरी  2017*
⛅ *दिन - बुधवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2073*
⛅ *शक संवत -1938*
⛅ *अयन - उत्तरायण*
⛅ *ऋतु - वसंत ऋतु*
⛅ *गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार मास - माघ*
⛅ *मास - फाल्गुन*
⛅ *पक्ष - कृष्ण*    
⛅ *तिथि - एकादशी रात्रि 08:19 तक - रात्रि 08:20 से द्वादशी*
⛅ *नक्षत्र - पूर्वाषाढा*
⛅ *योग- सिद्धि*
⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:34 से दोपहर 01:59 तक*
⛅ *सूर्योदय - 07:06*
⛅ *सूर्यास्त - 18:38*
⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व  विवरण - विजया एकादशी, गुरु गोलवरकर जयंती  (ति.अ.)*
💥 *विशेष* - *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है lराम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।। आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *विजया एकादशी* 🌷
🙏🏻 *फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहते हैं। यह एकादशी अपने अपने नाम के अनुसार ही विजय प्रदान करने वाली है। इस व्रत में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस बार विजया एकादशी व्रत 22 फरवरी, बुधवार को है।*
🌷 *व्रत विधि* 🌷
🙏🏻 *व्रत के एक दिन पहले (21 फरवरी, मंगलवार) पूजा स्थान पर एक बाजोट (पटिया) स्थापित करें। इस पर सप्त धान (7 प्रकार का अनाज) रखें। इसके बाद अपनी इच्छा के अनुसार सोना, चांदी, तांबा अथवा मिट्टी का कलश बनाकर अनाज पर स्थापित करें। एकादशी की सुबह स्नान आदि करने के बाद उस कलश में पंचपल्लव (पांच तरह के पेड़ के पत्ते) रखकर भगवान श्रीविष्णु की मूर्ति स्थापित करें और विधि सहित धूप, दीप, चंदन, फूल, फल एवं तुलसी से भगवान की पूजा करें।*
🙏🏻 *व्रती (व्रत करने वाला) पूरे दिन भगवान की कथा का पाठ करें  और रात में कलश के सामने बैठकर जागरण करें। द्वादशी तिथि (23 फरवरी, गुरुवार) को कलश किसी योग्य ब्राह्मण को दान कर दें।*
🙏🏻 *इस प्रकार विजया एकादशी व्रत करने से हर प्रकार की विपरीत परिस्थिति में भी विजय प्राप्त होती है।*
          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *शिवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *वैसे तो भगवान शिव का अभिषेक हमेशा करना चाहिए,लेकिन शिवरात्रि(24 फरवरी,2017)का दिन कुछ खास है। यह दिन भगवान शिवजी  का विशेष रूप से प्रिय माना जाता है। कई ग्रंथों में भी इस बात का वर्णन मिलता है। भगवान शिव का अभिषेक करने पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है मनोकामना पूरी होती है। धर्मसिन्धू के दूसरे परिच्छेद के अनुसार,अगर किसी खास फल की इच्छा हो तो भगवान के विशेष शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। यहां जानिए किस धातु के बने शिवलिंग की पूजा करने से कौन-सा फल मिलता है।*
1⃣ *सोने के शिवलिंग पर अभिषेक करने से सत्यलोक (स्वर्ग) की प्राप्ति होती है ।*
2⃣ *मोती के शिवलिंग पर अभिषेक करने से रोगों का नाश होता है।*
3⃣ *हीरे से निर्मित शिवलिंग पर अभिषेक करने से दीर्घायु की प्राप्ति होती है ।*
4⃣ *पुखराज के शिवलिंग पर अभिषेक करने से धन-लक्ष्मी की प्राप्ति होती है ।*
5⃣ *स्फटिक के शिवलिंग पर अभिषेक करने से मनुष्य की सारी कामनाएं पूरी हो जाती हैं ।*
6⃣ *नीलम के शिवलिंग पर अभिषेक करने से सम्मान की प्राप्ति होती है ।*
7⃣ *चांदी से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से पितरों की मुक्ति होती है ।*
8⃣ *ताम्बे के शिवलिंग पर अभिषेक करने से लम्बी आयु की प्राप्ति होती है ।*
9⃣ *लोहे के शिवलिंग पर अभिषेक करने से शत्रुओं का नाश होता है ।*
🔟 *आटे से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से रोगों से मुक्ति मिलती है ।*
1⃣1⃣ *मक्खन से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने पर सभी सुख  प्राप्त होते हैं ।*
1⃣2⃣ *गुड़ के शिवलिंग पर अभिषेक करने से अन्न की प्राप्ति होती है ।*
        🌞 *~   हिन्दू पंचांग ~* 🌞
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