यह ब्लॉग खोजें

मंगलवार, 30 दिसंबर 2025

विंडोज़ XP का मशहूर वॉलपेपर “Bliss” दरअसल कोई डिज़ाइन या डिजिटल आर्ट नहीं था, बल्कि एक बिल्कुल असली दृश्य था, जैसा उस दिन प्रकृति ने खुद रचा था।

क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे ज़्यादा देखी गई तस्वीर किसी स्टूडियो में नहीं, बल्कि सड़क के किनारे एक पल की रुकावट में खींची गई थी। विंडोज़ XP का मशहूर वॉलपेपर “Bliss” दरअसल कोई डिज़ाइन या डिजिटल आर्ट नहीं था, बल्कि एक बिल्कुल असली दृश्य था, जैसा उस दिन प्रकृति ने खुद रचा था।
1996 की बात है। फोटोग्राफर चार्ल्स ओ’रेयर कैलिफ़ोर्निया के सोनोमा काउंटी की वाइन रीजन से होकर गाड़ी चला रहे थे। यह इलाका Napa और Sonoma के बीच Highway 121 के आसपास पड़ता है। रास्ते में उनकी नज़र एक हरे भरे टीले और उसके ऊपर फैले गहरे नीले आसमान पर पड़ी। उन्होंने बिना ज़्यादा सोचे गाड़ी रोकी, नीचे उतरे और कैमरा निकाल लिया।

उस समय ओ’रेयर के पास Mamiya RZ67 कैमरा था और उसमें Fujifilm Velvia स्लाइड फ़िल्म लगी हुई थी, जो रंगों को बेहद जीवंत दिखाने के लिए जानी जाती है। हाल ही में हुई बारिश की वजह से घास असाधारण रूप से हरी थी और आसमान में बादल बेहद नरम और साफ़ दिख रहे थे। उसी पल उन्होंने कुछ शॉट्स लिए, जिनमें से एक आगे चलकर इतिहास बन गया।

इस तस्वीर में किसी तरह की डिजिटल एडिटिंग नहीं की गई थी। न घास का रंग बदला गया, न आसमान को गहरा किया गया। जो कुछ दिखता है, वही उस दिन मौजूद था। बाद में जब लोग इस फोटो को देखकर कहते थे कि यह “बहुत ज़्यादा परफ़ेक्ट” लगती है, तो ओ’रेयर अक्सर बताते थे कि इसमें कैमरे और मौसम की भूमिका थी, किसी कंप्यूटर की नहीं।

कुछ साल बाद यह फोटो माइक्रोसॉफ्ट तक पहुँची। 2000 के आसपास माइक्रोसॉफ्ट ने इसे Corbis नाम की कंपनी से खरीदा, जो उस समय बिल गेट्स की इमेज लाइसेंसिंग कंपनी थी। 2001 में जब Windows XP लॉन्च हुआ, तो इसी तस्वीर को उसका डिफ़ॉल्ट वॉलपेपर बना दिया गया। यह तस्वीर XP की पहचान बन गई।

इस फोटो की कीमत आज तक सार्वजनिक नहीं की गई है, क्योंकि इस पर गोपनीयता का समझौता था। फिर भी रिपोर्ट्स में कहा जाता है कि यह रकम छह अंकों में थी और उस दौर में एक सिंगल तस्वीर के लिए यह असाधारण मानी जाती थी। कीमत इतनी ज़्यादा थी कि इसकी ओरिजिनल फ़िल्म को सामान्य कूरियर से भेजना संभव नहीं था। माइक्रोसॉफ्ट ने ओ’रेयर को प्लेन टिकट भेजा और वे खुद फिल्म को हाथों हाथ सिएटल ले गए।

Windows XP की एक अरब से भी ज़्यादा कॉपियाँ इंस्टॉल हुईं, और हर बार कंप्यूटर ऑन होते ही यही तस्वीर स्क्रीन पर आती थी। इसी वजह से “Bliss” को दुनिया की सबसे ज़्यादा देखी गई तस्वीरों में गिना जाता है। अनगिनत लोगों के लिए यह सुबह कंप्यूटर खोलते समय दिखने वाला पहला दृश्य था, जो किसी तरह की शांति और खुली दुनिया का एहसास देता था।
समय के साथ उस जगह की शक्ल बदल गई। जिस पहाड़ी पर घास थी, वह आज फिर से अंगूर के बागों से ढकी हुई है।
 1990 के दशक में phylloxera नाम की बीमारी ने वहाँ के पुराने vineyards नष्ट कर दिए थे, जिस कारण कुछ समय के लिए घास उग आई थी। Bliss उसी दुर्लभ दौर की तस्वीर है, जब वह इलाका बिल्कुल अलग दिखता था।

चार्ल्स ओ’रेयर ने बाद में कहा कि उन्होंने National Geographic के लिए दशकों तक काम किया, दुनिया भर की तस्वीरें लीं, लेकिन लोग उन्हें सबसे ज़्यादा इसी एक फोटो के लिए पहचानते हैं। यह उनके करियर का सबसे अनजाना लेकिन सबसे अमर पल बन गया।

आज भी “Bliss” सिर्फ़ एक वॉलपेपर नहीं, बल्कि 2000 के शुरुआती टेक्नोलॉजी दौर की याद बन चुकी है। एक साधारण सड़क किनारे लिया गया फैसला, कुछ मिनट की रुकावट, और एक कैमरे का क्लिक, जिसने इतिहास में अपनी जगह बना ली।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी करें

function disabled

Old Post from Sanwariya