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बुधवार, 10 अप्रैल 2019

आपको कौन सा भारत अच्छा लगता है - मोदी के साथ, या मोदी के बिना?

आपको कौन सा भारत अच्छा लगता है - मोदी के साथ, या मोदी के बिना?


आज सही मायने में इस विशाल मंच पर, झकझोर देने वाला, औऱ DEADLINE खींचने वाला सवाल उठाया गया है, जो आने वाली शताब्दियों तक के लिये महान भारत के भविष्य की तो दिशा निर्धारित करेगा ही,साथ ही पूरे एशिया महाद्वीप सहित सम्पूर्ण विश्व की शान्ति, सभ्यताओं, संस्कृतियों यहाँ तक कि पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व की दशा औऱ दिशा भी निर्धारित करेगा। आतंकवाद, देशद्रोह तथा घृणित राजनीति से पीड़ित देश की जनता को अपने बुद्धि विवेक का इस्तेमाल करते हुए इस महत्वपूर्ण चुनावी समय में एक नहीं अनेक DEADLINE खींचने की आवश्यकता है………

1.देशद्रोही औऱ राष्ट्रभक्त नेताओं के बीच,

2.देश का खजाना लूटने वाले औऱ आर्थिक सुधार करनेवाले,

3.आतंकवाद के समर्थक तथा आतंक का सफाया करनेवाले

4.पाकिस्तान परस्त तथा पाकिस्तान को औकात दिखाने वाले

5.हिन्दू संस्कृति के विरोधी तथा हिन्दू संस्कृति के रक्षक,

6.हिन्दूओं पर अत्याचार,गैर हिन्दुओं पर कृपा करनेवाले तथा सबको समान दृष्टि से देखने वाले

7.देश विरोधी नारेबाजों के समर्थक तथा देशप्रेमियों के समर्थक

8.बेईमान, भ्रष्ट, नमक हराम तथा ईमानदार,नमक हलाल

9.देश की अवनति करनेवाले तथा देश की उन्नति करनेवाले

10.जम्मू कश्मीर में धारा 35 A औऱ धारा 370 को लगवाने वाले औऱ उसका समर्थन करनेवाले तथा इन धाराओं को समाप्त करके पूरे देश के नागरिकों को जम्मूकश्मीर में सम्पत्ति खरीदने का अधिकार दिलाने वाले,

11.जम्मू कश्मीरको भारत से अलग करने का षडयंत्र करके उसे अपने बाप की जागीर समझने वाले तथा जम्मूकश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानने वाले……..आदि आदि।

आजाद देश मे सन् 1947 से 2014 तक देश को मनमाने ढ़ंग से लूटने खसोटने वाले बड़े सुकून से बेखौफ चांदी काटते रहे क्योंकि उन्हें किसी की परवाह नहीं थी। जाति,धर्म औऱ सम्प्रदाय विशेष को बढ़ावा देकर अपने वोट बैंक मजबूत करते करते लोकतंत्र को अपने हाथों की कठपुतली बना कर दशकों तक “गरीबी हटाओ” के नाम पर खुद को ही अमीर बनाने में लगे रहे।बीच मे अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार भी आयी लेकिन कोमल हृदय वाले वाजपेयी जी उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की स्थिति मे नहीं थे।लेकिन हर चीज का समय आता जरूर है। देश गवाह है मनमोहन सरकार मे सोनिया एण्ड फैमिली ने पाप का घड़ा इतना ज्यादा भर लिया कि जनता उसे फोड़ने के लिये मोदी जी को ले आयी ।अब मोदी जी पूरी लगन से,जनता द्वारा दी हुई घड़ा फोड़ने की जिम्मेदारी को निभा रहे हैं तो बरसों देशकी मलाई खाने वालों को बहुत ही बेचैनी औऱ परेशानी हो रही है, ससुराल जाने का डर सताने लगा है। विपक्ष के नाम पर देश के सारे भ्रष्टाचार मे आकण्ठ डूबे बेशर्म दागी नेताओं तथा नेत्रियों की जमात को मंच पर गलबहियां करते देख आँखों को विश्वास नहीं होता क्योंकि अपनी जान बचाने की जुगत मे गठबंधन का नाटक करनेवाले ये सभी कलाकार पहले भी एक दूसरे को नीचा दिखाते थे औऱ हमेशा दिखायेंगे। कह रहे हैं.. मोदी हटाओ, देश बचाओ। जबकि इनकी मंशा है…मोदी हटाओ, हमेंबचाओ।

दुनिया को भी मोदी चाहिए……………

गौर कीजिये सभ्य दुनिया पर विकृत मानसिकता वाले भयंकर विनाशकारी आतंक के गम्भीर खतरे तथा संकट की आहट पूरा विश्व सुन रहा है।यहाँ न केवल सिरफिरे किम जोंग उन जैसे अमेरिका को चुनौती देने वाले मौत के सौदागर अपितु सारी दुनिया के लिये सिरदर्द बने ISIS से निपटने की चुनौतियां हैं।यद्यपि विश्व के सभी सभ्य देशों को यह चिंता सता रही है कि ऐसे विध्वंसकारी हाथों मे अत्यंत विनाशक तथा घातक हथियारों का होना किसी भी समय पृथ्वी पर जीवन के विनाश का कारण बन सकता है। औऱ ऐसे मे महात्मा गाँधी की महत्ता दुनिया को समझ आने लगी है।जिससे प्रेरित होकर अनेक देश उनकी प्रतिमाएं लगवा कर दुनियाभर मे शान्ति के सन्देश फैलाने मे लगे हैं।उसी भारत से अदम्य् साहस से भरे हुए एक ऐसे निर्भीक सूर्य (नरेंद्र मोदी) का उदय हुआ है जो मानव जाति के कल्याण तथा उद्धार हेतु भारत के साथ साथ सारी दुनिया से, प्राणीमात्र को दुःख औऱ पीड़ा देने वाली हर बुरी शक्तियों की कालिमा (अन्धकार) को समूल मिटाने के अटल इरादे से उठ खड़ा हुआ हैऔऱ विश्व की महाशक्तियों के लिये भी अनुकरणीय आदर्श बन गया है।विगत पाँच वर्षों मे जिस तरह BRICKS,……..आदि दुनिया के बड़े मंचों पर मोदी जी ने अपनी अद्भुत नेतृत्व क्षमता से दुनिया से आतंकवाद के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया, सारा विश्व उनकी महान प्रतिभा का कायल है,तथा अभूतपूर्व रुप से आतंकवाद के खिलाफ एक जुट होकर भारत की हर तरह से मदद करने को तैयार है।मोदी जी भी GLOBAL CONCERNS तथा देश से जुड़ी सभी चिन्ताओं तथा उनके समाधान के लिये ACTION PLANS को ACTIVE MODE मे लाने के लिये अभूतपूर्व नेतृत्व कर रहे हैं।

अब आप ही बताएं,मैंने अपने अनुभव औऱ अल्प ज्ञान के आधार जो कुछ लिखा, क्या सत्य नहीं है ? मुझे केवल आशा ही नहीं, अमर शहीदों के तड़पते हुए परिवारों के हृदयविदारक दृश्यों को आँखों में समाये इस मन को दृढ़ विश्वास है कि माँ भारती की फिक्र करनेवाला प्रत्येक भारतवासी मोदी वाले भारत को ही चाहता है,बिना मोदी वाले भारत को नहीं।

वन्दे मातरम् !

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