रविवार, 9 फ़रवरी 2014

कैसे राष्ट्रवादी हैं सब ....??

कैसे राष्ट्रवादी हैं सब ....??
कांग्रेस, आरक्षण, भाजपा,सपा, आपा पर 'राष्ट्रवादिता' में धुंआ उठने लगता है पर बिना राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के ओलंपिक से निलंबित भारत के शामिल होने पर सुगबुगाहट तक नहीं होती...?
मोदी की रैली या राहुल की बकलोली पर सबके पेज, पोस्ट भरे हुए हैं किंतु राष्ट्रीय सम्मान के विषय पर,,, भारत के अपमान पर सब चुप....??
यह अज्ञानता है या संकीर्ण और कूटरचित राष्ट्रवादिता ...??
निर्णय आप ही करें...
क्योंकि मैं निरा कूढ़मगज अपने भाव कहने लायक ही नहीं रहा, क्योंकि कुछ cock eyed सोच के बंधु इसमें भी लोकप्रियता का मंगतापन ढूंढ लेते हैं जैसे अपनी भावना व्यक्त करने पर मैं सुपर डुपर लोकप्रिय बन जाऊंगा और लोकसभा टिकट से लेकर ,राज्यसभा सदस्यता,गवर्नर पद या क्रांतिकारी प्रवक्ता पद लेकर मेरे घर के बाहर लाईनें लगी होंगी....??
मूरख बंधुओं .... राष्ट्रवादिता बोलने का ही भाव नहीं, राष्ट्र के सम्मान, अपमान से जुडे हर बिंदु पर अत्यधिक संवेदनशीलता होती है जिसमें गलती और क्षमा दोनों का स्थान नहीं तथा नजरअंदाज करने वाला हर नागरिक राष्ट्रद्रोही ही होता है...!!

 
जो सहमत नहीं मुझे अपनी मित्र सूची से निकाल बाहर करे, किंतु यदि सहमत हैं तो विचार करने का कष्ट करें....!!

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे

copy disabled

function disabled