सोमवार, 4 जुलाई 2016

साँवरिया के 100000 नीम लगाने की ये मुहिम - राजस्थान में नीम महोत्सव 03-07-2016

जोधपुर, 03 जुलाई 2016 को साँवरिया की ओर से नीम महोत्सव का आगाज हुआ जिसमे साँवरिया की अध्यक्ष डॉ नीलम मूंदड़ा, संरक्षक श्री सुनिल जी मूंदड़ा, अरुण वर्मा जी, अभिषेक शर्मा जी, महात्मा गांधी अस्पताल के डॉ पी. सी. व्यास व उनकी टीम , बिड़ला स्कूल के संथापक श्री बिड़ला जी, बीजेपी महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती  विनीता जी सेठ , जिलाध्यक्ष श्रीमती इंद्रा राजपुरोहित व भाजपा महिला मोर्चा के सभी सदस्यों, मारवाड़ी महासभा की मधु समदानी जी,  Geo Club International के श्री लक्ष्मण दादा, चिराग भाई व अन्य सभी सदस्यों, वीणा जी मूंदड़ा एवं श्री आनंद जोशी जी अन्य कई लोगों ने इस पुनीत कार्यक्रम में पूरे तन मन से भाग लिया और इसे सफल बनाने में पूर्ण सहयोग किया ।
इसके तहत आज दिनांक 03 जुलाई 2016 को जोधपुर स्थित राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय के गर्ल्स हॉस्टल प्रांगण में 11 नीम लगाकर एवं बी.आर.बिडला स्कूल के प्रांगण में 10 नीम के पौधे लगाकर इसकी शुरूआत की गई ।

साँवरिया के अध्यक्ष डॉ. नीलम जी का कहना है की प्रकृति हमे कितना कुछ देती है अब हमारी बारी है प्रकृति  के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा करने की
इस हेतु डॉ. नीलम जी मूंदड़ा ने साँवरिया के 100000 नीम लगाने की ये मुहिम की शुरुवात की है जो की पूरे राजस्थान में नीम महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा,

 साँवरिया के संस्थापक श्री कैलाशचन्द्र लढ़ा  ने साँवरिया और साँवरिया के पूरी टीम की और से सभी सहयोगी संस्थाओं और सदस्यों को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया
एवं उन्होंने आव्हान किया पूरे देश और राजस्थान की सभी संस्थाओं का "आओ मिलकर पूरे प्रदेश के हर घर से हर व्यक्ति का इस नीम महोत्सव में योगदान होना चाहिए" पूरे प्रदेश में हरित क्रांति की शुरुवात करे| हर घर से हर व्यक्ति द्वारा एक पेड़ किसी भी रूप में पर्यावरण और प्रकृति के लिए लगाइए | " नीम महोत्सव" की शरुवात हर घर से करनी होगी | विभिन्न संस्थाओं द्वारा जो रक्तदान शिविर में जो रक्तदाताओं के सम्मान के लिए उपहार में नीम देना शुरू करे | विभिन्न समारोहों में अतिथियों के सम्मान और स्वागत सत्कार के लिए मोमेंटो की बजाय एक पौधा देकर सम्मानित करे| हिन्दू परिवार के घरों में जो करवा चौथ या अन्य तीज त्योंहारों पर जो नीम की टहनी तोड़कर उसकी पूजा की जाती है इसकी बजाए हर महिला द्वारा एक नीम का पौधा लेकर उसकी पूजा करे और पूजन के पश्चात उस नीम को अपने हाथ से लगाए इससे हर त्योंहार और हर वर्ष नीम और पेड़ों का सम्मानपूर्वक रोपण हो सकेगा | घर के बड़े बुजुर्गो के हाथ नीम से लगवाए ताकि उनकी यादें हमेशा पेड़ों के रूप में हमारे साथ रहेगी | बच्चों के हाथ से बचपन में नीम लगवाए और उसे अपने परिवार के सदस्यों की तरह पाले | अपने जन्मदिन पर हर वर्ष एक नीम लगाए उसे अपनी जिंदगी के उस वर्ष की यादो के साथ याद रखिये| जिस तरह से देश में रक्तदान को एक कर्तव्य और पुनीत कार्य के रूप में हर संस्था और व्यक्ति अपना रहा है वैसे ही "नीम महोत्सव" को भी समाज और देश में परम्परा के रूप में विकसित करना चाहिए|  "अपने लिए तो सभी जीते हैं कभी दूसरों के लिए जीकर देखो"

साँवरिया की अध्यक्ष डॉ नीलम जी ने बताया की भविष्य में सांवरिया का उद्देश्य सम्पूर्ण भारत में गौमाता, गरीबों, दीन दुखियों, असहाय एवं निराश्रितों के उत्थान एवं विकास, निर्धन कन्याओं के पालन पोषण व घर बसाने में सहयोग , भूखे को भोजन व रोजगार उपलब्ध कराने हेतु प्रशिक्षण केंद्र, गौशाला, निःशुल्क अस्पताल, अनाथालय, वृद्धाश्रम, गुरुकुल, अखण्ड भोजनशाला जैसे  उपक्रमों की स्थापना करने का है |


Jai Shree Krishna

Thanks,

Regards,

कैलाश चन्द्र  लढा(भीलवाड़ा)
www.sanwariya.org
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