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शनिवार, 30 अगस्त 2025

मोदी सरकार को गिराने के लिए ऑपरेशन 37 "डीप स्टेट" शुरू हो चुका है

ऑपरेशन 37 क्या है
*और*
*आज भारत सबसे ज़्यादा ख़तरे में क्यों है?*
*नीचे पढ़ें👇*
यह बिल्कुल सच है। मोदी सरकार को गिराने के लिए ऑपरेशन 37 "डीप स्टेट" शुरू हो चुका है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी जी को हटाने के लिए CIA और डीप स्टेट को 12 महीने का समय दिया है। जिसके हथियार होंगे डिवीज़न, डायवर्सन और डिसेप्शन। जिसमें वोट चोरी और ऑपरेशन 37 भी शामिल है। इसका एक उदाहरण आप जगदीप धनखड़ के साथ देख ही चुके हैं। उनका लक्ष्य कम से कम 37 भाजपा सांसदों को तोड़कर भाजपा में फूट डालना है - कभी टैरिफ के नाम पर, कभी आरक्षण के नाम पर, कभी दलाल किसान नेताओं के ज़रिए, और यौन-धार्मिक आंदोलन खड़ा करके बांग्लादेश जैसी अराजकता फैलाकर सरकार गिराने की कोशिश की जाएगी। दक्षिण और महाराष्ट्र में हिंदी विरोध प्रदर्शन, कुछ नेताओं का जन्माष्टमी पर गोमांस खाने का ऐलान - इसका एक और उदाहरण है।
डायवर्सन का मतलब है भाजपा के मूल वोटरों पर हमला करके उनके वोटों को दूसरी तरफ़ ले जाना। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के चुनावों की तरह, जो पहले कभी पता नहीं चला, "अगला प्रधानमंत्री कौन होगा?" - अमित शाह या योगी, ऐसे सवाल उठाकर देश के हिंदुओं को बाँटने की कोशिश। साथ ही, पाकिस्तान को उकसाकर और भारत को यूक्रेन-रूस जैसे लंबे युद्ध में उलझाकर अर्थव्यवस्था को तबाह करने की कोशिश भी होगी।
यह तय है कि अगर विपक्ष, डीप स्टेट और ट्रंप 12 महीनों में मोदी जी को गिरा नहीं पाए, तो उन पर जानलेवा हमला करने से भी पीछे नहीं हटेंगे, क्योंकि भारत की प्रगति अमेरिका के पतन का कारण बन रही है। आज अमेरिका सबसे ज़्यादा कर्ज़दार देश है और वह भारत को प्रगति करते नहीं देखना चाहता।
भारत आज सबसे मुश्किल दौर में है। आज हिंदुओं को देश और खुद को बचाने के लिए और ज़्यादा एकजुट होने की ज़रूरत है। दूसरा वर्ग कभी आपके साथ खड़ा नहीं होगा, क्योंकि उसका लक्ष्य गजवा-ए-हिंद को पूरा करना है।
*हिंदुओं जागो, एकजुट रहो, सावधान रहो और अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों को भी सावधान रखो।*
*जय हिंद भारत माता की जय। वंदे मातरम।🌹🙏*
आपसे अनुरोध है कि इसे पढ़ें और अपने सभी दोस्तों, ग्रुप्स, परिचितों और उनसे जुड़े लोगों को भेजें। प्रत्येक व्यक्ति कम से कम 1000 लोगों को लक्षित करे। आपके इस प्रयास का डोमिनो प्रभाव यह होगा कि एक सप्ताह में यह 10 करोड़ लोगों तक पहुँच जाएगा और तीन सप्ताह में यह 100 करोड़ लोगों तक पहुँच जाएगा।
● अमेरिका चाहता है कि भारत हार जाए
● कनाडा/खालिस्तानी चाहते हैं कि भारत हार जाए
● यूरोप चाहता है कि भारत हार जाए
● ब्रिटेन, तुर्की आदि चाहते हैं कि भारत हार जाए
● पाकिस्तान चाहता है कि भाजपा हार जाए
● चीन चाहता है कि भाजपा हार जाए
● हथियार लॉबी चाहती है कि भाजपा हार जाए
● दवा लॉबी चाहती है कि भाजपा हार जाए
● कट्टरपंथी इस्लामवादी चाहते हैं कि भाजपा हार जाए
● राष्ट्र-विरोधी चाहते हैं कि भाजपा हार जाए
● मिशनरी चाहते हैं कि भाजपा हार जाए
● वामपंथी चाहते हैं कि भाजपा हार जाए
● मुसलमान चाहते हैं कि भाजपा हार जाए
शक्तिशाली विदेशी देश चाहते हैं कि भारत हार जाए क्योंकि भारत उनके हथियार निर्यात बाजार और उत्पादन आधार को खा रहा है।
वे नहीं चाहते कि भारतीय रक्षा आयात-स्वतंत्र हो।
वे केंद्र में एक कठपुतली सरकार चाहते हैं, जिसे वे नियंत्रित कर सकें।
भारतीय विपक्ष चाहता है कि भाजपा हार जाए क्योंकि
भाजपा ने अपना वादा पूरा किया...
● राम मंदिर
● सीएए/एनआरसी
● नई शिक्षा नीति
● अनुच्छेद 370
● रक्षा को मज़बूत किया
● एनजीओ पर लगाम लगाई
● नक्सलियों पर लगाम लगाई
● मिशनरियों पर लगाम लगाई
● पत्रकारों को मुफ़्त उपहार बंद किए
● फ़र्ज़ी पैन और आधार कार्ड के ज़रिए नेताओं/नौकरशाहों को मिलने वाली नकद सब्सिडी बंद की
● पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
● कोरोना टीकाकरण
● काशी कॉरिडोर
● अंतरिक्ष पर विजय प्राप्त की
● गुलामी के निशान मिटाए
● बुनियादी ढाँचा
● आईआईटी
● एम्स
● मंत्री स्तर पर शून्य भ्रष्टाचार
● जीएसटी
● नोटबंदी
● शून्य बम विस्फोट
● कश्मीर में शांति
● मोबाइल निर्माण में दूसरे स्थान पर
● रेलवे का 100% विद्युतीकरण
● रेलवे फाटकों का पूर्ण विनाश
● वंदे भारत ट्रेन
● बिना एक भी गोली चलाए पाकिस्तान को तबाह कर दिया
● चीन को काबू में रखें
● हर घर में पानी
● आयुष्मान भारत के तहत चिकित्सा बीमा
● वरिष्ठ नागरिकों के लिए चार धाम यात्रा
और...
● भाजपा देश नहीं बेचेगी
● भाजपा चीन के साथ गुप्त समझौते नहीं करेगी
● भाजपा पाकिस्तान के प्रति नरम नहीं रहेगी
हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भाजपा बार-बार जीते।
2024 भाजपा🚩
2029 हाँ, केवल भाजपा🚩
2034 भाजपा🚩
और आगे......
अपने आस-पास कम से कम 11 लोगों को शिक्षित करें और गैर-भाजपाई के रूप में भाजपा को वोट दें, तब
हमारे बच्चे सुरक्षित रहेंगे
हम एक अच्छा जीवन जीएँगे।
हमें अपनी अगली पीढ़ी को एक
सुरक्षित समाज
सुरक्षित जीवन
सुरक्षित भविष्य देना होगा।
इसे समझें और इसे 11 अलग-अलग क्षेत्रों के समूहों में साझा करें।
इसे 11 दोस्तों के साथ साझा करें और उन्हें इसकी ज़रूरत समझाएँ...
धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻
जय माँ भारती 🇮🇳🇮🇳।


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#IndianUnity
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संयुक्त परिवार को तोड़कर उपभोक्ता बनाया गया भारत: एक खतरनाक साजिश की सच्चाई

“संयुक्त परिवार को तोड़कर उपभोक्ता बनाया गया भारत: एक खतरनाक साजिश की सच्चाई*
*🌍 “जब परिवार टूटते हैं, तभी बाजार फलते हैं” — ये सिर्फ विचार नहीं, पूरी रणनीति है l*

*✊🏻भारत की सबसे मजबूत चीज क्या थी?*

*भारत पर मुग़ल आए, अंग्रेज़ आए, और कई हमलावर आए — लेकिन एक चीज़ कभी नहीं टूटी:-*

*👉 हमारा संयुक्त परिवार।*
***********************
 🔅3 पीढ़ियाँ एक छत के नीचे
 🔅 बुज़ुर्गों का अनुभव
 🔅बच्चों में संस्कार
 🔅खर्च में सामूहिकता
 🔅त्यौहारों में गर्माहट

*यह हमारी असली “Social Security” थी। कोई पेंशन की ज़रूरत नहीं थी, कोई अकेलापन नहीं, कोई Mental Health Crisis नहीं।*

*💣 पश्चिम को यह चीज़ क्यों खटकने लगी?*

*पश्चिमी देश उपनिवेशवादी रहे हैं — उनके लिए बाज़ार सबसे बड़ा धर्म है।*

*लेकिन भारत जैसा देश, जहाँ लोग साझा करते हैं, कम खर्च करते हैं, और सामूहिक सोच रखते हैं — वहां वे अपने उत्पाद बेच ही नहीं पा रहे थे।*

*❇️इसलिए एक शातिर रणनीति बनाई गई:-*

*“इनके परिवार ही तोड़ दो, हर कोई अकेला हो जाएगा, और हर कोई ग्राहक बन जाएगा।”*

*🚩कैसे हुआ ये हमला?*

*📺 1. मीडिया के ज़रिए*


    *संयुक्त परिवार को “झगड़ों का अड्डा”, “बोझ” और “रुकावट” के रूप में दिखाया गया।*
*न्यूक्लियर परिवार को “फ्रीडम”, “मॉर्डन”, “Self-made” बताकर  ग्लैमराइज किया गया।*
*याद कीजिए: टीवी पर कितने शो हैं जहां बहू-सास की लड़ाई दिखती है, और सॉल्यूशन होता है – “अलग हो जाओ!”*
*🛍️ 2. उपभोक्तावाद के ज़रिए*
*जब हर जोड़ा अलग रहने लगा:-*
 🔅 *1 परिवार = अब 4 घर*
 🔅  *1 टीवी = अब 4 टीवी*
 🔅 *1 रसोई = अब 4 किचन सेट*
 🔅 *1 कार = अब 4 स्कूटर + 2 कार*
*बाजार में बूम आ गया – और समाज में टूटन।*
*भारत में क्या हुआ इस “सोचलेवा हमले” के बाद?*

*📉 सामाजिक पतन:-*
 *🔹बुज़ुर्ग अब बोझ हैं*
 *🔹बच्चे अकेले हैं (और स्क्रीन में गुम)*
 *🔹 रिश्तेदार “उपलब्ध नहीं” हैं*
 *🔹संस्कारों की जगह “Influencers” ने ले ली*
*🤯 मानसिक स्वास्थ्य संकट:-*
 *🔹पहले जो बात नानी-दादी से होती थी, अब काउंसलर से होती है*
 *🔹अकेलापन अब इलाज़ मांगता है, पहले प्यार से दूर होता था*
*📦 बाजार का फायदे:-*
 🔅 *हर समस्या का एक उत्पाद*
 🔅 *हर भावना का एक ऐप*
 🔅 *हर उत्सव का एक* “ *ऑनलाइन ऑर्डर* ”*
*“संस्कार की जगह सब्सक्रिप्शन ने ले ली है”*
*🚩आज का सवाल — हम क्या बनते जा रहे हैं?*
*हमने “आधुनिकता” की दौड़ में:-*
 *🔸संयुक्तता को “Outdated” कहा*
 *🔸माता-पिता को “Obstacles” कहा*
 *🔸परिवार को “फालतू भावना” कहा*
 *🔸रिश्तों को “Unfollow” कर दिया*
*🚩लेकिन क्या आपने सोचा?*
*🤔Amazon का फायदा तभी है जब आप Diwali पर अकेले हों — और Shopping करें, परिवार के साथ न बैठें।*
*🤔Zomato तभी कमाता है जब कोई माँ का खाना नहीं खा रहा।*
*🤔Netflix तभी देखेगा जब कोई दादी की कहानी नहीं सुन रहा।*
*🧭 समाधान: हम अभी भी वापसी कर सकते हैं*
 *✔️संयुक्त परिवार को पुनः “संपत्ति” मानें, बोझ नहीं।*
 *✔️बच्चों को उपभोक्ता नहीं, संस्कारी इंसान बनाएं।*
 *✔️बुज़ुर्गों को घर से बाहर न करें — उनके अनुभव हर Google Search से ऊपर हैं।*
*✔️ त्यौहार मनाएं, सामान नहीं।*
*✔️अकेलापन कम करने के लिए App नहीं, अपनापन बढ़ाइए।*
*🔚 निष्कर्ष:-*
*“पश्चिम ने व्यापार के लिए परिवार तोड़े,और हम ‘आधुनिक’ बनने के लिए अपना वजूद बेच आए।”*
*अब समय है रुकने का, सोचने का, और अपने संस्कारों को फिर से अपनाने का — नहीं तो अगली पीढ़ी को ‘संयुक्त परिवार’ शब्द का अर्थ बताने के लिए भी शायद Google की ज़रूरत पड़ेगी।*

   *सभी स्वस्थ रहें सुखी रहें... सुरक्षित रहें..*

    
      👉🏻💯✔️ 
        🔝🙏🏻🔝

शुक्रवार, 29 अगस्त 2025

महाभारत के बाद लोहार्गल जहां पानी से गल गए थे पांडवों के अश्त्र शस्त्र?🚩👇👆

महाभारत के बाद लोहार्गल जहां पानी से गल गए थे पांडवों के अश्त्र शस्त्र?
🚩👇👆
राजस्थान के शेखावटी इलाके के झुंझुनूं जिले से 70 कि. मी. दूर अरावली पर्वत की घाटी में बसे उदयपुरवाटी कस्बे से करीब दस कि.मी. की दूरी पर स्थित है लोहार्गल। जिसका अर्थ होता है जहां लोहा गल जाए। 

यह राजस्थान का पुष्कर के बाद दूसरा सबसे बड़ा तीर्थ है। इस तीर्थ का सम्बन्ध पांडवो, भगवन परशुराम, भगवान सूर्य और भगवान विष्णु से है।

यहाँ गले थे पांडवों के हथियार महाभारत का युद्ध समाप्त हो चुका था, लेकिन जीत के बाद भी पांडव अपने परिजनों की हत्या के पाप से चिंतित थे। लाखों लोगों के पाप का दर्द देख श्री कृष्ण ने उन्हें बताया कि जिस तीर्थ स्थल के तालाब में तुम्हारे हथियार पानी में गल जायेंगे वहीं तुम्हारा मनोरथ पूर्ण होगा।

 घूमते-घूमते पाण्डव लोहार्गल आ पहुँचे तथा जैसे ही उन्होंने यहाँ के सूर्यकुण्ड में स्नान किया, उनके सारे हथियार गल गये। इसके बाद शिव जी की आराधना कर मोक्ष की प्राप्ति की। उन्होंने इस स्थान की महिमा को समझ इसे तीर्थ राज की उपाधि से विभूषित किया।

यहां प्राचीन काल से निर्मित सूर्य मंदिर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसके पीछे भी एक अनोखी कथा प्रचलित है। प्राचीन काल में काशी में सूर्यभान नामक राजा हुए थे, जिन्हें वृद्धावस्था में अपंग लड़की के रूप में एक संतान हुई। 

राजा ने भूत-भविष्य के ज्ञाताओं को बुलाकर उसके पिछले जन्म के बारे में पूछा। तब विद्वानों ने बताया कि पूर्व के जन्म में वह लड़की मर्कटी अर्थात बंदरिया थी, जो शिकारी के हाथों मारी गई थी। शिकारी उस मृत बंदरिया को एक बरगद के पेड़ पर लटका कर चला गया, क्योंकि बंदरिया का मांस अभक्ष्य होता है।

 हवा और धूप के कारण वह सूख कर लोहार्गल धाम के जलकुंड में गिर गई किंतु उसका एक हाथ पेड़ पर रह गया। बाकी शरीर पवित्र जल में गिरने से वह कन्या के रूप में आपके यहाँ उत्पन्न हुई है। 

विद्वानों ने राजा से कहा, आप वहां पर जाकर उस हाथ को भी पवित्र जल में डाल दें तो इस बच्ची का अंपगत्व समाप्त हो जाएगा। राजा तुरंत लोहार्गल आए तथा उस बरगद की शाखा से बंदरिया के हाथ को जलकुंड में डाल दिया।

 जिससे उनकी पुत्री का हाथ स्वतः ही ठीक हो गया। राजा इस चमत्कार से अति प्रसन्न हुए। विद्वानों ने राजा को बताया कि यह क्षेत्र भगवान सूर्यदेव का स्थान है। उनकी सलाह पर ही राजा ने हजारों वर्ष पूर्व यहां पर सूर्य मंदिर व सूर्यकुंड का निर्माण करवा कर इस तीर्थ को भव्य रूप दिया।

भगवान विष्णु ने लिया था मतस्य अवतार यह क्षेत्र पहले ब्रह्मक्षेत्र था। माना जाता है कि यह वह स्थान है जहां भगवान विष्णु ने शंखासूर नामक दैत्य का संहार करने के लिए मत्स्य अवतार लिया था। शंखासूर का वध कर विष्णु ने वेदों को उसके चंगुल से छुड़ाया था। इसके बाद इस जगह का नाम ब्रह्मक्षेत्र रखा।

परशुराम जी ने भी किया था यहां प्रायश्चित।

विष्णु के छठें अंशअवतार भगवान परशुराम ने क्रोध में क्षत्रियों का संहार कर दिया था, लेकिन शान्त होने पर उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ। तब उन्होंने यहां आकर पश्चाताप के लिए यज्ञ किया तथा पाप मुक्ति पाई थी।

यहाँ एक विशाल बावड़ी भी है जिसका निर्माण महात्मा चेतनदास जी ने करवाया था। यह राजस्थान की बड़ी बावड़ियों में से एक है। पहाड़ी पर सूर्य मंदिर के साथ ही वनखण्डी जी का मन्दिर है। कुण्ड के पास ही प्राचीन शिव मन्दिर, हनुमान मन्दिर तथा पाण्डव गुफा स्थित है। इनके अलावा चार सौ सीढ़ियाँ चढने पर मालकेतु जी के दर्शन किए जा सकते हैं।

 श्रावण मास में भक्तजन यहाँ के सूर्यकुंड से जल से भर कर कांवड़ उठाते हैं। यहां प्रति वर्ष माघ मास की सप्तमी को सूर्यसप्तमी महोत्सव मनाया जाता है, जिसमें सूर्य नारायण की शोभायात्रा के अलावा सत्संग प्रवचन के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है।

मालकेतु बाबा की चौबीस कोसी परिक्रमा भाद्रपद मास में श्रीकृषण जन्माष्टमी से अमावस्या तक प्रत्येक वर्ष लोहार्गल के पहाडो में हज़ारों लाखों नर-नारी 24 कोस की पैदल परिक्रमा करते हैं जो मालकेतु बाबा की चौबीस कोसी परिक्रमा के नाम से प्रसिद्ध है। 

पुराणों में परिक्रमा का महात्म्य अनंत फलदायी बताया है। अब यह परिक्रमा और ज्यादा प्रासंगिक है। हरा-भरा वातावरण। औषधि गुणों से लबरेज पेड़-पौधों से आती शुद्ध-ताजा हवा और ट्रैकिंग का आनंद यहां है। और फिर खुशहाली की कामना से अनुष्ठान तो है ही। अमावस्या के दिन सूर्यकुण्ड में पवित्र स्नान के साथ यह परिक्रमा विधिवत संपन्न होती है।
🚩

बुधवार, 27 अगस्त 2025

निब पैन कभी ना चले तो हम सभी ने हाथ से झटका देने के चक्कर में आजू बाजू वालों पर के कपड़ों पर स्याही जरूर छिड़कायी होगी....!!

जब हम स्कूल में पढ़ते थे.......उस स्कूली दौर में होल्डर पेन का जिसे स्याही में डुबोकर चलाया जाता था...उसका अंतिम चरण था और निब वाले फाउंटेन पेन का चलन जोरों पर था.......!(बॉल पेन भी था जिसे डांट पेन भी कहा जाता था उसे उपयोग करनी की इजाजत हमें स्कूल में नहीं थी...पिटाई हो जाती थी....)

तब कैमलिन की स्याही प्रायः हर घर में मिल ही जाती थी......कोई कोई टिकिया से स्याही बनाकर भी उपयोग करता था और बुक स्टाल पर शीशी में स्याही भर कर रखी होती थी 5 पैसा दो और ड्रापर से खुद ही डाल लो ये भी सिस्टम था.........जिन्होंने भी पैन में स्याही डाली होगी वो ड्रॉपर के महत्व से भली भांति परिचित होंगे.......!

कुछ लोग ड्रापर का उपयोग कान में तेल डालने में भी करते थे.......

महीने में दो-तीन बार निब पैन को खोलकर उसे गरम पानी में डालकर उसकी सर्विसिंग भी की जाती थी और लगभग सभी को लगता था की निब को उल्टा कर के लिखने से हैंडराइटिंग बड़ी सुन्दर बनती है.......

सामने के जेब मे पेन टांगते थे और कभी कभी स्याही लीक होकर सामने शर्ट नीली कर देती थी जिसे हम पौंक देना कहते थे......कापी में पौंक देने पर हम ब्लैक बोर्ड के नीचे चाक के टुकड़े ढूंढते थे जो कि स्याही सोखने का काम करते थे.... स्याही से भरे हाथों को हम सिर के बालों में पोंछ लेते थे........इसी वजह से हमारी पिटाई घर और स्कूल में भी होती थी........

हर क्लास में एक ऐसा योद्धा होता था जो पैन ठीक से नहीं चलने पर ब्लेड लेकर निब के बीच वाले हिस्से में बारीकी से कचरा निकालने का दावा कर लेता था.........!!

नीचे के हड्डा(जिब)को घिस कर परफेक्ट करना भी एक आर्ट था........!!

हाथ से निब नहीं निकलती थी तो दांतों के उपयोग से भी निब निकालते थे...दांत , जीभ औऱ होंठ भी नीला होकर भगवान महादेव की तरह हलाहल पिये सा दिखाई पड़ता था.......

दुकान में नयी निब खरीदने से पहले उसे पैन में लगाकर सेट करना फिर कापी में स्याही की कुछ बूंदे छिड़क कर निब उन गिरी हुयी स्याही की बूंदो पर लगाकर निब की स्याही सोखने की क्षमता नापना ही किसी बड़े साइंटिस्ट वाली फीलिंग दे जाता था......!

निब पैन कभी ना चले तो हम सभी ने हाथ से झटका देने के चक्कर में आजू बाजू वालों पर के कपड़ों पर स्याही जरूर छिड़कायी होगी....!!

कुछ बच्चे ऐसे भी होते (हम नहीं...) थे जो पढ़ते लिखते तो कुछ नहीं थे लेकिन घर जाने से पहले उंगलियो में स्याही जरूर लगा लेते थे.......बल्कि पैंट पर भी छिड़क लेते थे ताकि घरवालों को देख के लगे कि बच्चा स्कूल में बहुत मेहनत करता है.......!!

यह निब वाला पेन हथियार का काम भी करता था....कोई जब मारने आता था तो बचाव के लिए तुरंत पेन का ढक्कन खोल कर खुद को महाराणा प्रताप समझते थे....

बिखरी बिसरी यादें....

विश्व का सबसे प्राचीन, वैज्ञानिक और विस्तृत समय गणना तंत्र — भारतीय ऋषि-मुनियों की अद्भुत देन

सेव कर सुरक्षित कर लीजिए — ऐसी पोस्ट विरले ही मिलती है!


🕉️ विश्व का सबसे प्राचीन, वैज्ञानिक और विस्तृत समय गणना तंत्र — भारतीय ऋषि-मुनियों की अद्भुत देन 🇮🇳


क्षण-क्षण की वैज्ञानिक गणना

  • 🔹 1 काष्ठा = सेकंड का 34,000वां भाग
  • 🔹 1 त्रुटि = सेकंड का 300वां भाग
  • 🔹 2 त्रुटि = 1 लव = 1 क्षण
  • 🔹 30 क्षण = 1 विपल
  • 🔹 60 विपल = 1 पल
  • 🔹 60 पल = 1 घड़ी = 24 मिनट
  • 🔹 2.5 घड़ी = 1 होरा (घंटा)
  • 🔹 3 होरा = 1 प्रहर
  • 🔹 8 प्रहर = 1 दिवस (वार)

🗓️ काल चक्र का विस्तार

  • 🔸 24 होरा = 1 दिन
  • 🔸 7 दिन = 1 सप्ताह
  • 🔸 4 सप्ताह = 1 माह
  • 🔸 2 माह = 1 ऋतु
  • 🔸 6 ऋतुएं = 1 वर्ष
  • 🔸 100 वर्ष = 1 शताब्दी
  • 🔸 10 शताब्दियां = 1 सहस्राब्दी
  • 🔸 432 सहस्राब्दी = 1 युग
  • 🔸 2 युग = द्वापर युग
  • 🔸 3 युग = त्रेता युग
  • 🔸 4 युग = सतयुग
  • सतयुग + त्रेता + द्वापर + कलियुग = 1 महायुग
  • 🔸 72 महायुग = 1 मन्वंतर
  • 🔸 1000 महायुग = 1 कल्प

🌊 प्रलय और पुनर्निर्माण का विज्ञान

  • 🌀 1 नित्य प्रलय = 1 महायुग (पृथ्वी पर जीवन का अंत और पुनः आरंभ)
  • 🌀 1 नैमित्तिक प्रलय = 1 कल्प (देवों का अंत और जन्म)
  • 🌀 1 महालय = 730 कल्प (ब्रह्मा का अंत और पुनर्जन्म)

🕯️ भारत की अद्वितीय द्वैत और त्रैतीय संरचना

🟢 दो (2) की व्यवस्था:

  • नर – नारी
  • शुक्ल पक्ष – कृष्ण पक्ष
  • वैदिक पूजा – तांत्रिक पूजा
  • उत्तरायण – दक्षिणायन

🔵 तीन (3) का समन्वय:

  • ब्रह्मा – विष्णु – महेश
  • महा सरस्वती – महा लक्ष्मी – महा गौरी
  • पृथ्वी – आकाश – पाताल
  • सत्वगुण – रजोगुण – तमोगुण
  • ठोस – द्रव – वायु
  • प्रारंभ – मध्य – अंत

🔱 यह है हमारे भारत का वैदिक समय विज्ञान — जो आज भी विज्ञान को चमत्कृत करता है।
हमें गर्व है कि हम उस संस्कृति से जुड़े हैं जिसने समय को सबसे पहले समझा और गिनना सिखाया।

🙏 जय भारत। जय वैदिक विज्ञान। जय सनातन संस्कृति।


#वैदिकविज्ञान #भारतीयगौरव #SanatanDharm #TimeScience #VedicTime #IndianHeritage #ProudToBeIndian #सनातनज्ञान #BharatKaGaurav



मंगलवार, 26 अगस्त 2025

अब रो रहे हैं तो रोओ

अब रो रहे हैं तो रोओ

ऑटो वाले ने मुंह मांगी कीमत मांगी और ब्लैक मेल कर बाध्य किया ओला-उबर रैपीडो के लिए!

BSNL कस्टमर केयर वालों ने 2 -2 घण्टे होल्ड पर रखकर मजबूर किया एयरटेल,वोडाफोन के लिए!

कुछ दुकानदारों ने दो गुना तीन गुना कीमत वसूली और नकली माल देकर मजबूर किया ऑनलाइन शॉपिंग के लिए!

सरकारी अस्पताल के लापरवाही और ग़ैरजिम्मेदाराना व्यवहार ने मजबूर किया प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए,

रोडवेज के धीमे,असुविधाजनक सफर ने मजबूर किया प्राइवेट बसों में डीलक्स कोच के लिए!

सरकारी स्कूल में रिक्त पद, लचर पढ़ाई, अव्यवस्थित प्रबंध और दायित्वबोध की कमी ने मजबूर किया प्राइवेट स्कूल के लिए!

सरकारी बैंक की दादागिरी,ने मजबूर किया प्राइवेट बैंक में खाता खोलने को!

अब रो रहे BSNL बिक जाएगा,

एयर इंडिया बन्द हो जाएगी

तो होने दो!

प्रकृति योग्य का वरण कर नालायकों का मरण स्वयं कर देती है...

प्रश्न -कितने लोगों को भारत संचार निगम लिमिटेड की चिंता है?

उत्तर- सभी को ।

कितने लोग भारत संचार निगम लिमिटेड की सिम का प्रयोग करते हैं?

उत्तर- कोई नहीं।

प्रश्न - सरकारी स्कूल की चिंता कितने लोग करते हैं?

उत्तर- सभी करते हैं!

प्रश्न - सरकारी स्कूल में कितने लोगो के बच्चे पढ़ते हैं?

उत्तर- किसी के नहीं।

प्रश्न - कितने लोग पालीथीन मुक्त वातावरण चाहते हैं?

उत्तर - सभी चाहते हैं!

प्रश्न - पालीथीन का प्रयोग कौन नहीं करता?

उत्तर- सभी करते हैं।

प्रश्न -भ्रष्टाचार मुक्त भारत कौन कौन चाहते हैं?

उत्तर-सभी चाहते!

प्रश्न - अपने व्यक्तिगत काम के लिए कितने लोगों ने रिश्वत नहीं दी?

उत्तर - सभी ने अपने व्यक्तिगत काम के लिए किसी न किसी को किसी न किसी रूप में रिश्वत जरूर दी है।

प्रश्न- गिरते रुपये की चिंता कितने लोग करते हैं?

उत्तर- सभी करते हैं ।

प्रश्न- कितने लोग सिर्फ स्वदेशी सामान खरीदते हैं?

उत्तर- कोई नहीं ।

प्रश्न- यातायात की बिगड़ी हालात से कौन कौन दुखी है?

उत्तर - सभी दुखी ।

प्रश्न- यातायात के नियमों को 100% पालन कौन कौन करता है?

उत्तर- कोई नहीं ।

प्रश्न- बदलाव कौन कौन चाहते हैं?

उत्तर- सभी चाहते।

प्रश्न- खुद कितने लोग बदलना चाहते हैं?

उत्तर - कोई नहीं ।

संभलने की जरूरत है !!

1. चोटियां छोड़ी ,

2. टोपी, पगड़ी छोड़ी ,

3. तिलक, चंदन छोड़ा

4. कुर्ता छोड़ा ,धोती छोड़ी ,

5. यज्ञोपवीत छोड़ा ,

6. संध्या वंदन छोड़ा ।

7. रामायण पाठ, गीता पाठ छोड़ा ,

8. महिलाओं, लड़कियों ने साड़ी छोड़ी, बिछिया छोड़े, चूड़ी छोड़ी , दुपट्टा, चुनरी छोड़ी, मांग बिन्दी छोड़ी।

9. पैसे के लिये, बच्चे छोड़े (आया पालती है)

10. संस्कृत छोड़ी, हिन्दी छोड़ी,

11. श्लोक छोड़े, लोरी छोड़ी ।

12. बच्चों के सारे संस्कार (बचपन के) छोड़े ,

13. सुबह शाम मिलने पर राम राम छोड़ी ,

14. पांव लागूं, चरण स्पर्श, पैर छूना छोड़े ,

15. घर परिवार छोड़े (अकेले सुख की चाह में संयुक्त परिवार)।

अब कोई रीति या परंपरा बची है? ऊपर से नीचे तक गौर करो, तुम कहां पर हिन्दू हो, भारतीय हो, सनातनी हो, ब्राह्मण हो, क्षत्रिय हो, वैश्य हो या कुछ और हो!

कहीं पर भी उंगली रखकर बता दो कि हमारी परंपरा को मैंने ऐसे जीवित रखा है।

जिस तरह से हम धीरे धीरे बदल रहे हैं- जल्द ही समाप्त भी हो जाएंगे।

बौद्धों ने कभी सर मुंड़ाना नहीं छोड़ा!

सिक्खों ने भी सदैव पगड़ी का पालन किया!

मुसलमानों ने न दाढ़ी छोड़ी और न ही 5 बार नमाज पढ़ना!

ईसाई भी संडे को चर्च जरूर जाता है!

फिर हिन्दू अपनी

पहचान-संस्कारों से क्यों दूर हुआ?

कहाँ लुप्त हो गयी- गुरुकुल की शिखा, यज्ञ, शस्त्र-शास्त्र, नित्य मंदिर जाने का संस्कार ?

हम अपने संस्कारों से विमुख हुए, इसी कारण हम विलुप्त हो रहे हैं।

अपनी पहचान बनाओ!

अपने मूल-संस्कारों को अपनाओ!!!
🌹 वेदों की ओर लौटो 🌹

🙏 जय हिन्द 🙏
🙏 जय भारत 🙏

मंगलवार, 12 अगस्त 2025

आयकर विधेयक 2025 में मुख्य बदलाव


🏛️ आयकर विधेयक 2025 में मुख्य बदलाव
📅 प्रभावी तिथि – 1 अप्रैल 2026 से लागू

1) सरल भाषा और ढांचा (S.I.M.P.L.E.) ✨

कानून को काफी छोटा किया गया — अब 536 धाराएं (पहले 819) और 23 अध्याय (पहले 48)।

अनावश्यक/पुराने प्रावधान हटाए गए (जैसे फ्रिंज बेनिफिट टैक्स का उल्लेख)।

S.I.M.P.L.E. सिद्धांत — Streamlined structure, Integrated content, Minimised litigation, Practical provisions, Learning framework, Efficient reforms.


2) टैक्स रेट और स्लैब में कोई बदलाव नहीं 🔒

मौजूदा स्लैब वही रहेंगे (नया टैक्स रेजीम वैकल्पिक):

₹0 – ₹4 लाख → 0%

₹4 – ₹8 लाख → 5%

₹8 – ₹12 लाख → 10%

₹12 – ₹16 लाख → 15%

₹16 – ₹20 लाख → 20%

₹20 – ₹24 लाख → 25%

₹24 लाख से ऊपर → 30%



3) रीबेट (Section 87A – नया रेजीम) 💡

₹60,000 तक की रीबेट, जिससे लगभग ₹12 लाख तक आय वालों को राहत।

₹12 लाख से ऊपर रीबेट धीरे-धीरे कम होती जाएगी और एक सीमा के बाद खत्म हो जाएगी।


4) “टैक्स ईयर” की नई अवधारणा 🗓️

अब “पिछला वर्ष” और “आकलन वर्ष” का फर्क खत्म।

जिस साल आय होगी, उसी साल टैक्स लगेगा।


5) परिभाषाएं अपडेट 📘

capital asset, beneficial owner, और MSME की नई परिभाषा:

माइक्रो: निवेश < ₹1 करोड़ और टर्नओवर < ₹5 करोड़

स्मॉल: निवेश < ₹10 करोड़ और टर्नओवर < ₹50 करोड़



6) हाउस प्रॉपर्टी आय के नियम 🏠

किराए पर दिए गए मकान का वार्षिक मूल्य = अपेक्षित किराया या वास्तविक किराया — जो ज्यादा हो।

पूरी तरह खाली मकान पर अब काल्पनिक (notional) किराया नहीं लगेगा।

30% स्टैंडर्ड डिडक्शन, नगरपालिका टैक्स घटाने के बाद ही मिलेगा।

ब्याज कटौती (प्रि-कंस्ट्रक्शन इंटरेस्ट सहित) सभी प्रकार की संपत्तियों पर लागू।

बिजनेस प्रॉपर्टी अगर अस्थायी रूप से खाली है, तो उस पर हाउस प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लगेगा।


7) डिडक्शन और छूट में बदलाव 🎯

कम्यूटेड पेंशन — अब गैर-नौकरीपेशा को भी पूरी छूट।

इंटर-कॉरपोरेट डिविडेंड (Section 80M) — दोहरी टैक्सेशन से बचने के लिए छूट वापस।

LLP पर AMT — हटा दिया गया, जिससे टैक्स बढ़ने का खतरा टल गया।

चैरिटेबल/धार्मिक ट्रस्ट — पूंजीगत लाभ के पुनर्निवेश और बची हुई आय को आगे ले जाने की सुविधा बहाल।


8) कम्प्लायंस और प्रशासनिक सुधार 🧩

Trust but Verify — पहले भरोसा, बाद में जांच।

देर से रिटर्न भरने पर अब genuine मामलों में रिफंड मिलेगा।

NIL-TDS सर्टिफिकेट लेना आसान, गैर-निवासी को भी सुविधा।

CBDT को डिजिटल टैक्स सिस्टम के लिए ज्यादा अधिकार।


9) फरवरी ड्राफ्ट से मुख्य बदलाव 🛠️

देर से रिटर्न वालों को genuine मामलों में रिफंड।

पेंशन और हाउस प्रॉपर्टी से जुड़ी अस्पष्टता खत्म।

AMT हटाकर LLP को राहत।


10) प्रतिक्रिया 🗣️

टैक्स एक्सपर्ट और उद्योग संगठन सकारात्मक — सरल, स्पष्ट और निवेश-अनुकूल माना गया।

दरों में स्थिरता से बिजनेस प्लान में कोई बाधा नहीं।


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शनिवार, 9 अगस्त 2025

अमेरिका पिछले 100 सालों से महाशक्ति रहा है। उन्होंने हर उस देश को नष्ट कर दिया है जिसने उन्हें चुनौती दी।

अमेरिका पिछले 100 सालों से महाशक्ति रहा है। उन्होंने हर उस देश को नष्ट कर दिया है जिसने उन्हें चुनौती दी।

जब जापान ने उन्हें चुनौती दी, तो उन्होंने उन्हें परमाणु बम मारकर नष्ट कर दिया। जब यूएसएसआर ने उन्हें चुनौती दी, तो उन्होंने उन्हें कोल्ड वार के तहत 17 टुकड़ों में तोड़ दिया।

जब इराक ने अपना सिर उठाया, तो उन्होंने उन्हें नष्ट कर दिया। उन्होंने ईरान के साथ भी ऐसा ही किया।

आज के लेख में आप बहुत कुछ जानेंगे..

आजकल चीन है। लेकिन भारत के अधिक भू-राजनीतिक महत्व प्राप्त करने के साथ, भारत की बारी आ गई है।

पिछले 100 सालों से अमेरिकी उद्योगपतियों ने दुनिया के टॉप टेन उद्योगपतियों पर अपना दबदबा कायम रखा है, टॉप 10 में से 8, 9 तो सिर्फ अमेरिकी उद्योगपति हैं, कोई और दूर-दूर तक नहीं l

जब चीन के "जेक मा" ने तीसरा स्थान हासिल किया तो उनके खिलाफ "लॉबिंग" शुरू हो गई और उन्हें भागना पड़ा, वे अब अडानी और अंबानी जैसे भारतीय कारोबारियों के पीछे पड़े हैं।
अमेरिका की ताकत उसका उद्योग है, वह तकनीक और व्यापार के बल पर पूरी दुनिया को नियंत्रित करता है,

अगर कोई देश या उद्योगपति उनसे मुकाबला करेगा या उन्हें चुनौती देगा तो वे अरबों रुपए खर्च करके उन्हें बर्बाद कर देंगे

पिछले पांच सालों में भारतीय उद्योगपति "अडानी" ऊंची उड़ान भर रहे थे, पिछले साल वे दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उद्योगपति बन गए थे, अगर यही रफ्तार जारी रहती तो वे 2024 में दुनिया के सबसे बड़े उद्योगपति बन जाते, दुनिया भारत की तरफ देखती l

ऊर्जा पर निर्भरता भारत की कमजोरी रही है, जिसके कारण 1991 में भी भारत को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा था  भारत के तेल आयात बिल में भारी वृद्धि के कारण संकट और गहरा गया है।
अडानी भारत की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना- दुनिया की सबसे कम लागत वाली ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना स्थापित करके भारत की ऊर्जा को सुरक्षित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो समय के साथ तेल और गैस की जगह ले लेगी।

यह हिंडनबर्ग द्वारा अडानी पर बार-बार किए गए हमलों की व्याख्या करता है। और हाल ही में सीएनबीसी द्वारा अडानी के दुनिया के दूसरे ट्रिलियनेयर बनने के पूर्वानुमान के साथ, समूह पर हमले यहां से और तेज होंगे।

यदि भारत 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' अभियान चला रहा है, तो इसका मतलब है कि भारत एक बहुत बड़ा बाजार है - जिसमें दुनिया की 20% आबादी रहती है, जो किसी भी अन्य अर्थव्यवस्था की तुलना में तेजी से बढ़ रही है।

अगर भारत आने वाले 20 सालों में आत्मनिर्भर हो जाता है, तो अमेरिका, यूरोप, चीन के साथ-साथ अरब जगत को भी भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।  भारतीय रुपया एक डॉलर के मुकाबले और मजबूत होता रहेगा।
भारत में भी लॉबिंग शुरू हो गई है, हर देश में "पप्पुओं" की कमी नहीं है, मीडिया को खरीदा जा सकता है, यही समूह एक दशक पहले कृष्णा गोदावरी (केजी) बेसिन में भारत की तेल और गैस परियोजना को समाप्त करने वाली शक्ति का कारण बना था।

यूट्यूब, फेसबुक, गूगल, ट्विटर ये सभी प्लेटफॉर्म अमेरिका के हैं, वो जब चाहे किसी के खिलाफ अभियान चला सकता है, भारत में मूर्खों, पप्पुओं, जयचंदों, देशद्रोहियों की कोई कमी नहीं है, चीन में ये सब आसान नहीं है, वहां लोकतंत्र नहीं है,

वहां प्रोपेगेंडा, झूठ फैलाना आसान नहीं है, चीन खुद भारत को आगे बढ़ने से रोक रहा है। आने वाले समय में "भारत" के लिए और भी चुनौतियाँ हैं,

अमेरिका ने अफगानिस्तान में रूस के खिलाफ "तालिबान" जैसे संगठन खड़े करने में अरबों, खरबों डॉलर खर्च किए थे,
भारत को अस्थिर करना और भी आसान है, यहाँ देशद्रोहियों और गद्दारों की कमी नहीं है, यहाँ के कुछ नेताओं के बयानों को देखिए, वे खुलेआम विदेशी एजेंट की तरह काम कर रहे हैं,  मीडिया बिक चुकी है, नेता बिकाऊ हैं,

जब तक भारत के लोग समझदार और चतुर नहीं बनेंगे, भारत "महाशक्ति" नहीं बन सकता

भारत एक बहुत बड़ा बाजार है, कोई भी देश नहीं चाहेगा कि भारत आत्मनिर्भर बने, इसलिए ऐसी बातें कहने वाली सरकारों को हराना/गिराना होगा।

विदेशी ताकतें भारत में "मिश्रित/ कमजोर" सरकार चाहती हैं, जिसके गिरने का हमेशा डर बना रहता है। भारत में पिछले 11 सालों से स्थिर और मजबूत सरकार है।

उन्हें इस बात से परेशानी है कि भारत सरकार अपने ही उद्योगपतियों को मजबूत बना रही है, इनकी सोच है कि इनके पंख काटने हैं, किसी भी देश की ताकत उसके "उद्योगपति" होते हैं जो अपने देश के हुनर और चीजों को विदेशों में बेचते हैं,, उनके हितों की रक्षा करना सरकार का काम है ।
अगर आज "अडानी, अंबानी, टाटा, महिंद्रा" दुनिया को चुनौती दे रहे हैं तो क्या इनकी बर्बादी का जश्न मनाने वाले हमारे देश के ये गद्दार विदेशी एजेंट नहीं हैं ?

पहचानिए इन्हें, ये वही जयचंद हैं।

ये जयचंद आस्तीन के इतने जहरीले सांप हैं कि इन्हें हर भारत विरोधी बात में खुशी मिलती है। ये देश की तरक्की से जुड़े किसी भी आंकड़े या रिपोर्ट को मानने को तैयार नहीं हैं, लेकिन अगर इन्हें कहीं भी देश के खिलाफ कुछ भी दिख जाए तो ये खुशी से पागल हो जाते हैं।

मीडिया लाचार है, बिकाऊ है, ये इन गद्दार नेताओं से सवाल नहीं पूछेगी, लेकिन हम लाचार नहीं हैं... 

इस पोस्ट को पढ़ने वाला 1 व्यक्ति - 1 सदस्य द्वारा कम से कम 20 लोगों या समूहों को यह संदेश अग्रेषित करके और उन्हें इसे आगे अग्रेषित करने का अनुरोध करके हम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से देश को विभाजित करने के अमेरिका के अभियान को भी परास्त कर सकते हैं।

हमें कड़ी मेहनत करनी होगी क्योंकि देश हमारा है और इस देश से जुड़ा वर्तमान और भविष्य हमारा और हमारी पीढ़ियों का है।

त्योहार भारतीय हैं — मिठास भी भारतीय होनी चाहिए।🎁 इस रक्षाबंधन, कुछ असली, ताज़ा, भारतीय मिठाइयों का चयन करें।

बूंदी
खीर
बर्फी
घेवर
चूरमा
रबड़ी
रेबड़ी
फीणी
जलेबी
आम रस
कलाकंद
रसगुल्ला
रसमलाई
नानखटाई
मावा बर्फी
पूरण पोली
मगज पाक
मोहन भोग
मोहन थाल
खजूर पाक
मीठी लस्सी
गोल पापड़ी
बेसन लड्डू
शक्कर पारा
मक्खन बड़ा
काजू कतली
सोहन हलवा
दूध का शर्बत
गुलाब जामुन
गोंद के लडडू
नारियल बर्फी
तिलगुड़ लडडू
आगरा का पेठा
गाजर का हलवा
50 तरह के पेडे
50 तरह की गज़क
20 तरह का हलवा
20 तरह के श्रीखंड 
*इससे भी अधिक तरह की मिठाइयां बनाने वाले देश में*

_*'कुछ मीठा हो जाये'*_ ---के नाम पर केवल _*"चाॅकलेट".और कैडबरी.*_ और वो भी  3 माह पुरानी , साथ मे  5% प्रिजरवेटीव नामक जहर फ्री !!!🪔

 त्योहार भारतीय हैं — मिठास भी भारतीय होनी चाहिए।
🎁 इस रक्षाबंधन, कुछ असली, ताज़ा, भारतीय मिठाइयों का चयन करें।

🛑 विदेशी ब्रांड नहीं, भारतीय स्वाद चुनें।


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✅ शुद्ध मिठास, शुद्ध परंपरा, शुद्ध भारत।
#रक्षाबंधन2025 #भारतीयमिठाइयां #SayNoToPreservatives #DesiSwad #VocalForLocal #CelebrateIndianTradition #IndianSweets #RakhiWithMithai

*विचारणीय.. रक्षाबंधन आ रहा है,निर्णय आपको करना है ...ध्यान में रहे...

बुधवार, 6 अगस्त 2025

🚗 नई कार के पहले 1000 KM: 15 जरूरी सावधानियाँ!



🚗 नई कार के पहले 1000 KM: 15 जरूरी सावधानियाँ!

हर नए कार मालिक के लिए एक उपयोगी गाइड

जब आप नई कार खरीदते हैं, तो शुरुआत के 1000 किलोमीटर बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इसी दौरान इंजन और अन्य पार्ट्स सेट होते हैं। नीचे दी गई 15 जरूरी बातें न केवल आपकी कार की उम्र बढ़ाएँगी, बल्कि ड्राइविंग अनुभव को भी बेहतर बनाएंगी।


---

⚠️ 1. गति (Speed) सीमित रखें

🏁 कार को 60-80 किमी/घंटा से अधिक स्पीड पर न चलाएं।
🔥 तेज स्पीड इंजन पर अनावश्यक दबाव डालती है।

🛑 2. तेज एक्सिलरेशन और ब्रेकिंग से बचें

🦶 धीरे-धीरे एक्सिलरेट करें और ब्रेक भी सॉफ्टली लगाएं।
⚙️ इससे इंजन और ब्रेकिंग सिस्टम को ठीक से सेट होने का समय मिलता है।

⛽ 3. इंजन को ज्यादा देर आइडल (Idle) न रखें

🕒 लंबे समय तक इंजन चालू रखने से फ्यूल और ऑयल की बर्बादी होती है।

🛣️ 4. लंबी हाईवे यात्रा से बचें

🚫 लगातार एक जैसी स्पीड पर चलने से इंजन जल्दी गर्म होता है।

🔄 5. RPM को नियंत्रित रखें

📉 इंजन को 2500–3000 RPM से ऊपर न ले जाएं।

⚖️ 6. ओवरलोडिंग न करें

🚫 शुरुआती दिनों में ज्यादा वजन (लोग या सामान) न डालें।

❄️ 7. AC का सीमित उपयोग करें

🌡️ जरूरत हो तब ही इस्तेमाल करें, ज़रूरत से ज़्यादा नहीं।

🔁 8. स्मूद गियर शिफ्ट करें

🕹️ गियर बदलते समय झटका न दें, वर्ना गियरबॉक्स को नुकसान हो सकता है।

🧪 9. ऑयल और कूलेंट जांचें

📅 हर 200-300 किमी में इंजन ऑयल और कूलेंट का स्तर चेक करें।

🔧 10. पहली सर्विस समय पर करवाएं

📆 आमतौर पर 1000 किमी के बाद पहली फ्री सर्विस होती है — इसे कभी टालें नहीं।

🔍 11. टायर प्रेशर चेक करें

💨 सही प्रेशर से माइलेज और टायर की लाइफ दोनों सुधरते हैं।

🛠️ 12. सस्पेंशन और स्टेयरिंग पर ध्यान दें

👂 कोई असामान्य आवाज़ या झटका महसूस हो तो तुरंत जांच करवाएं।

🌄 13. एक्सपेरिमेंट न करें (जैसे ऑफ-रोडिंग)

🚧 शुरुआती दिनों में केवल सामान्य सड़कों पर ही चलाएं।

🛢️ 14. फ्यूल टैंक खाली न चलाएं

⚠️ बहुत कम फ्यूल पर चलाने से फ्यूल पंप और इंजन को नुकसान हो सकता है।

🧠 15. कार के व्यवहार को समझें

🎧 किसी भी आवाज़, कंपन (vibration) या परफॉर्मेंस में कमी हो तो वर्कशॉप दिखाएं।


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🔚 निष्कर्ष:

नई कार खरीदना एक रोमांचक अनुभव होता है, लेकिन उसका ध्यान रखना ज़रूरी है। ऊपर दिए गए सुझाव अपनाकर आप न सिर्फ अपनी कार की उम्र बढ़ा सकते हैं, बल्कि उसकी परफॉर्मेंस भी लंबे समय तक बरकरार रख सकते हैं।





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📢 Blinkit की 8 मिनट डिलीवरी सेवा – एक सुविधा या खतरा?


📢 Blinkit की 8 मिनट डिलीवरी सेवा – एक सुविधा या खतरा?

आजकल एक कंपनी Blinkit ने शहरों में तेजी से लोकप्रियता पाई है। केवल 8 मिनट में सामान डिलीवर करने की उनकी सेवा कई लोगों के लिए सुविधाजनक साबित हुई है। लेकिन इस सुविधा के पीछे जो खतरे छिपे हैं, उस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा।

Blinkit के डिलीवरी बॉयज़ समय पर सामान पहुँचाने की होड़ में:

तेज रफ्तार से टू-व्हीलर चलाते हैं,

गलत साइड में घुस जाते हैं,

सिग्नल तोड़ते हैं,

और कई बार सामने से आ रहे लोगों का बैलेंस बिगाड़ कर दुर्घटनाओं को जन्म देते हैं।


इन गाड़ियों पर Blinkit की यूनिफॉर्म होती है और अधिकतर टू-व्हीलर पर सवार होते हैं। इनकी गति इतनी तेज होती है कि ये खुद तो निकल जाते हैं, लेकिन आम लोग इनकी वजह से अक्सर हादसों का शिकार हो जाते हैं।

👮 ट्रैफिक पुलिस इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही क्योंकि ये डिलीवरी बॉयज़ हर जगह अचानक घुसते और निकलते हैं।

📍 प्रत्यक्ष प्रमाण चाहिए तो आप कभी भी जोधपुर के "भास्कर चौराहा" के पास स्थित Blinkit ऑफिस के दोनों तरफ़ लगे सीसीटीवी कैमरे चेक कर सकते हैं। हर घंटे में कोई न कोई घटना कैमरे में कैद हो जाएगी।

✋ क्या करना चाहिए 

1. ट्रैफिक पुलिस को Blinkit डिलीवरी बॉयज़ पर विशेष ध्यान देना चाहिए।


2. Blinkit कंपनी को अपने कर्मचारियों को यातायात नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत देनी चाहिए।


3. शहर की सुरक्षा के लिए समय-सीमा की होड़ से ज्यादा जरूरी है नियमों का पालन।



👉 अगर आप भी ऐसे किसी हादसे का शिकार हुए हैं या होते-होते बचे हैं, तो अपनी बात साझा करें और इस पोस्ट को शेयर करें ताकि प्रशासन तक आवाज़ पहुंचे।


मंगलवार, 5 अगस्त 2025

मोदी के रहते अमेरीका का आगे बढ़ना कठीन है..“न्यू यार्क टाइम्स” का मुख्य संपादक "जोसफ होप" ने इस पर एक सनसनीखेज टिप्पणी किया है..

ये नरेंद्र मोदी कौन है ?
“न्यू यार्क टाइम्स” का मुख्य संपादक "जोसफ होप" ने इस पर एक सनसनीखेज टिप्पणी किया है..

इसका पूरा विवरण आप लोगों के समक्ष रख रहा हूँ.. 2 मिनट समय निकालकर ध्यान से जरूर पढ़ियेगा..

"जोसफ होप" मोदी जी पर टिप्पणी करते हुए कहता है कि -

“इस आदमी” का “उत्थान” सारे “संसार” के लिए “खतरा” है.. इसने केवल “भारत” को ही एक महान देश बनाने की इच्छा प्रकट की है.. उसका एकमात्र उद्देश्य 'भारत को सबसे शक्तिशाली बनाना' है.. यदि इस आदमी को न रोक गया तो भविष्य में एक दिन “भारत” विश्व में बहुत शक्तिशाली हो जायेगा और इससे “अमेरिका” को आश्चर्य होगा.. वह एक विशेष रणनीति की अनुसार चलता है और कोई नहीं जानता कि आगे वह क्या करने वाला है ?

उसके मुस्कराते हुए चेहरे के पीछे एक खतरनाक देशभक्त छिपा हुआ है.. वह दुनिया के सभी देशों का उपयोग केवल भारत के हितों के लिए करता है.. पाकिस्तान व अफगानिस्तान के साथ अमेरिका के संबंधों को बिगाड़कर और उसके दुश्मन देशों जैसे वियतनाम के साथ गठजोड़ करके मोदी इन तीनों देशों का उपयोग चीन के खिलाफ करना चाहता है.. वियतनाम ने चीन के दक्षिण के समुद्र में तेल निकालना शुरू कर दिया है, जिसको वह पूरा भारत को भेजता है.. उसने भारतीय कंपनी 'रिलायंस' को वहाँ काम करने के लिए भेज दिया है, ताकि अमेरिका का दबदबा खत्म हो जाये.. अब चीन के दुश्मन वियतनाम पर अमेरिका का नियंत्रण होना है, जो कि, भारत के लिए अच्छा है..

 "भारत में आओ" लांच इंडिया अभियान में चीन और अमेरिका दोनों देशों का 15 अरब डॉलर लगा हुआ है, जो कि भारत 8 साल में भी नहीं ला सकता था.. अब यह आदमी पाकिस्तान को गरीबी की ओर धकेल रहा है.. पाकिस्तान के पुराने दोस्त ईरान में पोर्ट बनाना, जो अफगानिस्तान की सीमा के निकट है और अफगानिस्तान सीमा पर भारतीय सेना का अड्डा बनाना, इन कदमों से उसने ईरान को वह रास्ता दिखाया है कि वह पाकिस्तान को अफगानिस्तान में उलझा हुआ छोड़कर सीधे भारत से व्यापार कर सकता है..

पाकिस्तान ने सेक्शन 2 और 3ए रद्द कर दिए थे.. अब पाक अधिकृत कश्मीर भी भारत के कब्जे में आ जायेगा.. पाकिस्तान चार टुकड़ों में टूटेगा और वह केवल मोदी की ऊंगलियों पर ही नाचेगा.. पाकिस्तान का पंरपरागत साथी सऊदी अरब भी पाकिस्तान को अलग-थलग करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा..

 इस आदमी ने एशिया में चीन और अमेरिका की भूमिका खत्म कर दिया है और सार्क सम्मेलन को रद्द कराके संसार को अपनी शक्ति दिखा दी है.. मोदी ने एशिया में भारत की सर्वोच्चता स्थापित कर दी है.. इसने एशिया की दो महान शक्तियों रूस और जापान के साथ गठबंधन किया है..

चीन हांगकांग में अपनी शक्ति दिखा सकता है, लेकिन मोदी चीन अधिकृत कश्मीर को कब्जे में करने को तैयार है ताकि उसकी "सीपीईसी परियोजना" को रोका जा सके.. चीन मोदी के कहने पर भारत में अपना 40% हिस्सा त्यागने को तैयार है, लेकिन मोदी किसी की सुनने के मूड में नहीं हैं और इसीलिए पाकिस्तान की हालत युद्ध के बिना ही भिखारी जैसी बनाये रखना चाहता है.. इसके परिणामस्वरूप चीन का 62 अरब डाॅलर जो उसने पाकिस्तान में लगाया है, जो पानी में जा रहा है.. मोदी ने अमेरिकी सरकार में लाॅबी बनाकर भारत को MTCR समूह में शामिल कराया है.. मोदी शीघ्र ही परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह NSG को ही बदल डालेगा..

मोदी के रहते अमेरीका का आगे बढ़ना कठीन है..

इस आदमी ने भारत की राजनीति को नये स्तर पर पहुँचा दिया है, संसार को इस बात पर विचार करना चाहिए कि हर देश के अनेक दुश्मन देश होते हैं पर भारत का अब पाकिस्तान ओर चीन के अलावा कोई दुश्मन नहीं है, इसलिए अब यह निश्चित है कि पाकिस्तान की समस्याओं का समाधान, भारत के हाथ में है.. यह व्यक्ति “सर्जिकल स्ट्राइक” करके ही अपनी पकड़ बना सकता है.. यह आदमी पाकिस्तान को किसी युद्ध से भी अधिक हानि पहुँचा रहा है.. मुस्लिम देशों को पाकिस्तान के विरुद्ध उपयोग करके मोदी ने स्वयं को संसार के महानतम नेताओं में से एक सिद्ध कर दिया है.. इन सारी बातों के बीच इस व्यक्ति की सत्यनिष्ठा पर ध्यान देना चाहिए.. शेष संसार के लिए भारत की प्रगति को रोकना कठिन सिद्ध होगी.. इसीलिए मैं इसके पक्ष में हूँ कि संसार के सभी विचारक मिलकर इस पर चर्चा करें और कोई उपाय सोचें..

#NOTE - इस पोस्ट पर मैंने अपना कोई नया शब्द नहीं जोड़ा है.. "जोसफ हफ" ने इंग्लिश में जो कहा है, मैंंने यहाँ उसका केवल हिन्दी अनुवाद किया है..

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