हम उस दवा की बात करेंगे जो शॉक, अस्थमा, लो ब्लड प्रेशर, हृदय की कमजोरी, एलर्जी रिएक्शन, हेमोरेज, हाय फीवर, यूटिकेरिया, ग्रेव्स और एडिसन डिजीज, तथा हार्मोनल इम्बैलेंस से होने वाली कमजोरी (adrenal insufficiency या chronic stress से थकान, वीकनेस) में सबसे तेज़ और सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती है। यह है एड्रेनालिनम (Adrenalinum). यह दवा सुप्रारेनल ग्रंथि के सेक्रेशन (एपिनेफ्रिन/एड्रेनालिन) से बनती है। होम्योपैथी में इसे “शॉक, अस्थमा, लो बीपी और एड्रेनल कमजोरी का सबसे अच्छा टॉनिक” कहा जाता है। जब मरीज कहे “डॉक्टर साहब, शॉक लग गया है, सांस फूल रही है, बीपी बहुत कम है, थकान बहुत है, हार्मोनल असंतुलन से कमजोरी महसूस हो रही है” – तो यह दवा 7-15 दिन में चमत्कार कर देती है।
🌿🌿🌿🌿Adrenalinum क्या है?
Adrenalinum एक होम्योपैथिक सरकोड दवा है जो एड्रेनल ग्रंथि (suprarenal glands) के मेडुला से निकाले गए एपिनेफ्रिन से बनाई जाती है।
मुख्य कंपाउंड: एड्रेनालिन – वासोकॉन्स्ट्रिक्शन (रक्त वाहिकाओं का संकुचन) करता है, ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, सिम्पैथेटिक सिस्टम को स्टिमुलेट करता है, एड्रेनल फंक्शन को बैलेंस करता है।
उपयोग और फायदे
एड्रेनालिनम मुख्य रूप से शॉक, रेस्पिरेटरी, कार्डियोवैस्कुलर, एलर्जी और हार्मोनल इम्बैलेंस में इस्तेमाल होती है।
1. शॉक / सर्कुलेटरी कोलैप्स – पेलर, लो बीपी, कोल्ड स्वेट, एनेस्थीसिया के दौरान शॉक
2. अस्थमा / एक्यूट लंग कंजेशन – ब्रोंकियल अस्थमा, डिफिकल्ट ब्रीदिंग, थोरैसिक कंस्ट्रिक्शन
3. लो ब्लड प्रेशर / हार्ट फेलियर – कमजोर पल्स, हार्ट फेलियर
4. एंजाइना पेक्टोरिस / एरिटेरियोस्क्लेरोसिस – एंजाइना, क्रॉनिक एओर्टाइटिस
5. हाय फीवर / एलर्जी – हाय फीवर, सीरम रैशेज, एक्यूट यूटिकेरिया
6. हेमोरेज / ब्लीडिंग – कैपिलरी ब्लीडिंग रोकना
7. हार्मोनल इम्बैलेंस से कमजोरी – एड्रेनल इंसफिशिएंसी (Addison’s disease), क्रॉनिक स्ट्रेस/बर्नआउट से थकान, वीकनेस, एंडोक्राइन डिसऑर्डर (Grave’s disease), एड्रेनल एग्जॉर्शन से जनरल डेबिलिटी
विभिन्न पोटेंसी जो विभिन्न बीमारियों में काम आती हैं
2X-6X: एक्यूट शॉक, अस्थमा, लो बीपी, हार्मोनल कमजोरी – दिन में 2-4 बार (सबसे ज्यादा इस्तेमाल, बोएरिक के अनुसार)
30C : एलर्जी, हाय फीवर, एंजाइना – दिन में 2-3 बार
200C : क्रॉनिक अस्थमा, एड्रेनल कमजोरी, हार्मोनल इम्बैलेंस – हफ्ते में 1 डोज
1M : बहुत पुरानी कार्डियक या एंडोक्राइन समस्या – महीने में 1 डोज
सावधानियां
- अधिक डोज से कार्डियक या आर्टेरियल समस्या हो सकती है
- सॉल्यूशन को एयर और लाइट से बचाएं
- गर्भवती महिलाएँ डॉक्टर की सलाह से
- 3 महीने कोर्स के बाद 15 दिन गैप जरूरी
एड्रेनालिनम शॉक, अस्थमा, लो ब्लड प्रेशर और हार्मोनल इम्बैलेंस से कमजोरी की नंबर-1 होम्योपैथिक दवा है।
जब मरीज कहे “डॉक्टर साहब, शॉक लग गया, सांस नहीं आ रही, थकान बहुत है, हार्मोनल कमजोरी महसूस हो रही है” – तो यह दवा 7-15 दिन में नई ताकत देती है। हजारों मरीजों ने अस्थमा, एलर्जी, शॉक और एड्रेनल कमजोरी ठीक की है। यह एड्रेनल का होम्योपैथिक चमत्कार है। कोई भी होम्योपैथिक दवा होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह से ही लें।
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