सोमवार, 20 मई 2013

कब्ज यानी की constipation

कब्ज यानी की constipation :


जो आजकल के खान पान और तनाव भरे जीवन में बहुत आम हो गया है , आइये जाने की कब्ज क्या क्या आपके शारीर को नुक्सान पंहुचा सकता है और इससे बाख कैसे सकते है :
* कब्ज एकाग्रता को जबरदस्त रूप से घटा देता है , ज्यादा समय तक रहने वाला कब्ज एकाग्रता को बनाने ही नहीं देगा , चिडचिडापन , ज्यादा गुस्सा आना , कब्ज वाले लोग ज्यादा किसी से मिलते जुलते नहीं है , अपने मन की बात किसी से नहीं कहते , कब्ज लीवर के कार्य करने की क्षमता को कम करता है , large intestine और small intestine को कमजोर करता है , यानी की पूरी पाचन क्रिया कमजोर पड़ती चली जाती है , लम्बे समय तक रहने वाला कब्ज धीरे धीरे ह्रदय पर भी असर डालता है ।
* कब्ज के कारण सर्द दर्द रहना , आँखों में दर्द या कमजोरी , कसी काम में मन न लगाना ।
* अगर आपके हाथों के नाखून का उपरी हिस्सा कालापन या बैंगानिपन लिए हुए है तो सतर्क रहने की जरुरत है , साथ में अपनी जीभ देखे , अगर जीभ पर ज्यादा दाने बढ़ रहे है और सामान्य से ज्यादा जीभ सफ़ेद रहती है , उसपर हमेशा सफ़ेद परत मोटी सी जमी रहती है तो आपको अपने पेट का ध्यान रखना चाहिए बिना कोई देरी करे ।
* अपने हाथ पर मस्तिष्क रेखा और हृदय रेखा का हिस्सा देखें , और साथ में अपना शुक्र पर्वत देखें , अगर इन दोनों हिस्सों की त्वचा काफी चिकिनी हो गयी है , चमकती हुई , और शुक्र पर्वत पर लाल या काले धब्बे दिखाते है तो या तो आपको कब्ज की समस्या है या कभी भी जीवन में हो सकती है ।
* जो गर्भवती महिलाएं खुश नहीं रहती , या जो महिलाएं ज्यादा दवा का सेवन करती रहती है , उनके होने वालों बच्चों को शत प्रतिशत कब्ज सताता है ।
* कब्ज का उपचार दो स्तर पर किया जाता है , पहला स्तर , सोच का , और दूसरा स्तर , उपाय और परहेज करके ।
* आजकल हम सब दूसरों के सुख से दुखी , और दूसरों के दुःख में सुखी होते है , ऐसा मत करे , दूसरों के सुख में सुख पाएं , और दूसरों का दुःख बाटें , यह कहना ही आसान नहीं बल्कि अपने जीवन में अपनाना भी बहुत आसान है , सोच को बदला जा सकता है , और जिस दिन आप अपनी सोच बदल लेंगे , सच मानिए , जीवन बहुत आसान हो जायेगा , सदाचारी बने , अच्छा व्यवहार करे अपनों से भी और दूसरों से भी , बस आपको करना क्या है ..... अपनी सोच बदलनी है ।
* कब्ज का मतलब है सिकुड़ जाना , सोच का भी सिकुड़ना, और पेट का भी सिकुड़ना , तो खुले , व्यवहार में भी खुले , मिले जुले , हसे , खुश रहे , अच्छी बातें सोचे , प्यार बाटें , आपकी इस सोच का आपके पेट पर अपने आप असर पड़ने लगेगा ।
* दिन में 2-3 बारी काली हरड अच्छी तरह से साफ़ करके चूसनी चाहिए , और खाना खाने से आधे घंटे के बाद तो जरुर ही ले ले , कब्ज धीरे धीरे ख़तम होने लगेगा ।
* सोने से पहले सौंफ का पानी जरुर ले , इससे अपच , गैस और कब्ज की बिमारी नहीं होगी ।
* 5 मुन्नाक्का यानी की किशमिश कटोरी भर दूध में भिगोकर रखें , और सोने से आधा घंटा पहले इन मुन्नाक्के का सेवन कर ले , अगर आपको रात में दूध नुक्सान नहीं करता तो वह दूध का भी सेवन कर ले ।
* इसबगोल , नारियल पानी कब्ज में बहुत सहायता करता ।
* कब्ज वाले लोग बहुत कम पानी पीते है , इस आदत को बदले , पानी का सेवन ज्यादा करे , गर्मियों में ही नहीं बल्कि सर्दियों में भी ।
* अगर छोटे बच्चों को कब्ज होता है तो बहुत हलके हाथों से उनके पेट पर हिंग या देसी घी से मालिश करे , मालिश की दिशा अपने हाथों को नाभि से निचे की तरफ ले जाते हुए हो । छोटे बचों को गैस नहीं बनेगी और कब्ज की समस्या कम होगी ।
* गर्भवती महिलाओं को पानी का सेवन अधिक करना चाहिए , देर रात में भोजन नहीं करना चाहिए , मैदा और गैस बनाने वाली चीजों से दूर रहना चाहिए , और bread तो छोड़ ही देनी चाहिए ।
* कब्ज वाले लोगों को कटहल , बैंगन , कच्चा टमाटर कम ही खाना चाहिए , साथ में राजमा , छोले भी सीमित मात्रा में ले

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