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बुधवार, 30 सितंबर 2020

बुरी_परिस्थितियो_का_समाधान


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                  #बुरी_परिस्थितियो_का_समाधान 

**एक गांव था , जहा ज्यादातर लोग अपने खेतोँ में आलू की खेती करते थे***

 गांव मे सभी किसानो के पास लगभग समान ही जमीन थी और गाँव के पास नदी होने के कारण किसी को पानी की कोई कमी नहीँ होती थी***

 उसी गाँव में एक सुखीराम नाम का किसान भी था जो बाकी किसानो से ज्यादा अमीर और धनवान था***

 जबकि जमीन उसके पास भी उतनी ही थी जितनी की दूसरे लोगोँ के पास और फसल भी लगभग
सभी के बराबर निकलती थी पर वह दूसरोँ से ज्यादा पैसे कमाता था***

 सभी गाँव वाले  इस बात को लेकर चिंतित थे कि सब के पास जमीन लगभग बराबर है , हम सभी आलू की ही फसल लगाते हैँ , सभी को लगभग समान फसल होती है और एक ही मंडी मेँ बेचते है फिर भी सुखीराम के पास ज्यादा पैसे क्यूँ हे ?***

एक दिन सभी गाँव वाले मिल कर निर्णय करते हें कि हम सुखीराम के पास जाकर पूछते है कि वह हमसे ज्यादा अमीर क्यूँ है और केसे बना ?***

सभी लोग सुखीराम के घर जाते है। सुखीराम सभी की उचित आओ-भगत करता है और पूछता है – ” आप सभी का मेरे घर कैसे आना हुआ ?  ”  सभी लोग पूछते है – ” हमारे खेत , जमीन , फसल , मंडी सभी समान है पर फिर भी तुम ज्यादा  अमीर हो इसका कारण हम जानना चाहते है। ”***

सुखीराम दिल का अच्छा आदमी होता है। वह सभी से पूछता है – ” आप लोग आलू पकने के बाद क्या करते हो। ” गांव वाले बोलते  है – ” आलू पकने के बाद सभी आलू एक जगह इकट्ठा करते है और उन्हें ट्रक या ट्राली मेँ डाल कर मंडी ले जाते है***

 ” सुखीराम पूछता है – ” ट्रक मेँ डाल कर कौन से रास्ते से मंडी ले जाते हो।  ” गांव वाले कहते है – ” जो नया डामर का रास्ता बना है उससे ले जाते है***

 ” सुखीराम बोलता है – ” मै पुराने गड्डे वाले रास्ते से ले जाता हूँ। ” गांव वाले समझ नहीँ पाते है***

 सुखीराम समझाता है – ” मै ट्रक मेँ सारे आलू डाल देता हूँ और पुराने गड्ढे वाले रास्ते से ले जाता हूँ। ”  ट्रक जब गड्डो मे हिलता है तो सभी आलू हिलते है , जिससे बडे-बडे आलू अपने आप ऊपर आ जाते है***

 मीडियम आलू बीच मेँ रह जाते है। छोटे-छोटे आलू अपने आप नीचे चले जाते हैँ***

 और जब मैं मंडी पहुँचता हूँ तो बडे-बड़े आलू को अलग रख देता हूँ , मीडियम आलू अलग लगाता हूँ और छोटे-छोटे आलू को अलग लगाता हूँ***

 बडे आलू देखकर खरीददार सेठ मुझे ज्यादा भाव देते हैँ , मीडियम आलू भी सभी एक समान होने के कारण ज्यादा भाव मिल जाता है***

 और  जिनको छोटे आलू चाहिए वह भी ठीक-ठाक भाव मेँ छोटे आलू खरीद लेते है***

  इसलिए मै तुम लोगो से ज्यादा पैसा कमाता  हूँ***

***हमारी इस दुनिया मेँ भी भगवान हमेँ उस सुखीराम जैसे ही एक साथ सभी लोगोँ को इस दुनिया मेँ डाल देता है  और कई बार हमारे सामने खराब से खराब परिस्थितियाँ लाता है। जिसमे हम अंदर से बाहर तक पूरे हिल जाते है***

 जीवन मेँ इन परिस्थितियों में जो अपने आप को मजबुत  करके ऊपर ले जाता है , आज की दुनिया मेँ उसको ज्यादा मान-सम्मान मिलता है***

 और जो इन परिस्थितियोँ के निचे दब जाता है , निराश हो जाता है , टूट जाता है। उसको दुनिया मेँ कोई जगह नहीँ मिल पाती। ऊपर वाला हमारे लिए ऐसी कई परिस्थितियाँ लाता है , जिसमें हम अपने आपको सफलता  की तरफ ले जा सके। हमेँ हमेशा अपने आप को बड़ा आलू मतलब सफल व्यक्ति बनाने की कोशिश करना चाहिए***

 परिस्थितियाँ हमेँ हमेशा मजबुत बनाने के लिए ही हमारे विपरीत होती है***
😊🌻 "🌻 
👌 👌

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