यह ब्लॉग खोजें

शनिवार, 30 दिसंबर 2023

अपनी ही मौत का सामान तैयार करने के लिए अब हिन्दू 2,04,683 X 26,000 = Rs 5,32,17,58,000.00 (लगभग 533 करोड़ रुपये) प्रतिमास का जजिया कर देने के लिये आगे बढ़ रहा है

*भारत का विचित्र राज्य केरल -* 
_*नास्तिक Communist शासित केरल*? 
या फिर 
*धर्मनिरपेक्ष कांग्रेस + मुस्लिम लीग (IUML) शासित केरल?*  ...._ 

 *केरल में मदरसों की संख्या = 21,683 ...* 

*केरल में कुल 14 जनपद (जिले)* .. 

*इसका मतलब केरल में प्रति जिला 1,459 मदरसा  ....* 

*हर जिले में 70 पंचायत*.... 

*मतलब प्रति पंचायत 22 मदरसा*  ... 

*मतलब केरल के प्रत्येक किलोमीटर पर एक मदरसा  ...* 

_*इन मदरसों में 2,04,683 मजहबी मास्टर यानी मौलवी हैं*_

*जो इस 21,683 मदरसों में मजहबी "पढ़ाई" (?) कराते हैं*  ...

  
*प्रति मदरसा 9 ऐसे मजहबी मास्टर यानी मौलवी हुए* ... 

*केरल सरकार प्रति मजहबी मास्टर को Rs.6,000/- प्रतिमास की तनख्वाह बांटती है  ...* 
*केरल के उच्च शिक्षा और अल्पसंख्यक मंत्री का नाम है K. T. Jalil जो कि SIMI का सदस्य था* ... 

*इसनें SIMI के Ban होने पर CPI (M) की सदस्यता लेली* ...

 
*अब SIMI का यह सदस्य कम्युनिस्ट राज में केरल का शिक्षा मंत्री है* ... 

*अभी के समय 2,04,683 X 6000 = Rs. 1,22,80,98,000.00 (यानी कि लगभग 123 करोड़ ) रुपये*
 *प्रति मास का जजिया कर हिन्दू भरते हैं इन मजहबी मास्टरों को  ...* 

_*यहाँ से निकले हुए "तालिबान" का प्लेसमेंट ISIS में होता है जिसमे से अभी 14 पकड़े गये हैं।*

 *ISIS-Khorasan के बम - बन्दूक मारनें वाले विभाग में कामगार के रूप में  ...* 
 *केरल का यह शिक्षा मन्त्री जो कि "जलील"  है,* 

*अब इन मजहबी मास्टरों यानि कि मौलवियों की तनख्वाह 26,000 करने की मांग की है , जिसको पूरा करने की  तैयारी केरल की कम्युनिस्ट सरकार कर रही है  ....* 
_*इसका मतलब अपनी ही मौत का सामान तैयार करने के लिए अब हिन्दू 2,04,683 X 26,000 = Rs 5,32,17,58,000.00 (लगभग 533 करोड़ रुपये) प्रतिमास का जजिया कर देने के लिये आगे बढ़ रहा है*  ..._   
. 
*कोई भी हिन्दुओं की ऐसी संस्था नहीं है जिसके कर्मचारी को कोई सरकार वेतन देती हो* - 
*जैसे* 
*कोई पुजारी, कोई मन्दिर या धर्मार्थ संस्थान*  ... 

*उल्टे सरकार हिन्दुओं के मन्दिरों के रुपए ले लेती है और काफिरों की मारने की शिक्षा देने वालों को उस पैसे से तनख्वाह बाँटती है* .... 
*हिन्दू मंदिरों और संस्थाओं को सरकारी दासता से मुक्त करो*...

*अब हमें अपने रुपए*  
*अपना गला काटने वालों को नहीं देना है,* 
*इसलिये इसके विरुद्ध सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म पर एक जोरदार मुहिम चलानें की आवश्यकता है* 
*जिसमें आप सब के सहयोग की आवश्यकता है*... !

🙏🇮🇳🚩

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी करें

टिप्पणी: केवल इस ब्लॉग का सदस्य टिप्पणी भेज सकता है.

function disabled

Old Post from Sanwariya