शनिवार, 18 अगस्त 2012

राष्ट्र पिता का मूल्यांकन फिर से किया जाए !

राष्ट्र पिता का मूल्यांकन फिर से किया जाए !



1 . क्या राष्ट्रीय पिता उसे कहते है जो किसी एक विशेष समुदाय के प्रति तुष्टिकरण की नीति रखता हो..

2 . ऐसे अहिंसा के पुजारी जिसके मंदिर मे एक महीने मे दस लाख लोग मौत के काल मे समा गए..

3 . अगर इसे महात्मा कहते है तो वो 10 लाख लोगो की मौते नहीं होती.! उसे पता थी यह बात कि ऐसा हो जायेगा, क्योकि वह तो महात्मा थे ना ?

4 . ब्रह्मचर्य का सिर्फ अभ्यास कोई भला 60 साल तक करता है ? उसके प्रयोग करता हो, ब्रह्मचर्य का पालन जन्म से लागू होता है, गाँधी ने इसकी अलग ही परिभाषा लिख डाली...

5 . ऐसा महात्मा जो पाकिस्तान को 55 करोड़ जैसी भारी-भरकम राशी (आज के समय मे 20,000 करोड़) देने के लिए अनशन पर बैठा हो..

6 . ऐसा "राष्ट्रपिता" जो जनता को सिखाये कि कैसे अपनी मांगो के लिए हड़ताल करनी चाहिए, ये हाल आज भी है, लोग हड़ताले करते है रोज, बैंक की हड़ताल, शिक्षको की हड़ताले.. वगैरह

7 . ऐसा महात्मा जो सरकार पर मस्जिद बनवाने के लिए दबाव बनाता हो और सोमनाथ मंदिर के लिए पैसे मांगने पर उसे व्यर्थ का सरकारी खर्च मानता हो!

8 . इस महात्मा को सिर्फ भारत के भूखे नंगो को इकठ्ठा करना आता था जिसकी कला आज के रौल विंची, अंतोनियो, बियंका मे भी है (राहुल गाँधी, सोनिया, प्रियंका)

9 . कहते है कि गाँधी तपती धूप मे यात्रा करते थे तो उस ज़माने मे क्या किसान घर मे छत के नीचे खेती-बाड़ी करते थे?? और क्या साथ मे मारुती गाड़ी रखते थे ? कम ही ऐसे थे जो गाड़ी / बेलगाडी से यात्रा करते थे..

10 . कांग्रेस के द्वारा घोषित तथाकथित "राष्ट्रपिता" क्या भारत इतिहास के अकेले भारतीय थे जो ब्रह्मचर्य की बाते करते थे, उनके भी संताने थी और ब्रह्मचर्य का अखंड पालन करने वाले विवेकानंद क्यों नहीं राष्ट्रपिता बनाये गए.? वो तो गाँधी से 100 गुना बड़े और सच्चे देश भक्त थे और दुनिया उन्हें आदर भाव देती है, पूरी दुनिया मे उन्होंने भारत का मान बढाया था!

11 . लेकिन स्वामी विवेकानंद जी जैसे धर्म पुरुष से कोई सत्ता हासिल नहीं होती थी इसलिए "गाँधी" ब्रांड का सहारा लिया कांग्रेस ने.!!

12 . भारतवासियों को हमेशा दूसरे गाल पर भी खाने की सलाह देने वाले गांधी के कांग्रेसी अनुयायी कितने हत्यारों ( गुरु, मदनी, कसाब आदि ) को पनाह देते हैं..

13 . अगर ऐसे महात्मा कहा जाता है तो नाथूराम जैसे तथाकथित "हत्यारा" जिसकी अस्थिया आज भी पुणे में पड़ी है, उसने एक दिन कहा था कि "मेरी अस्थिया उस सिन्धु नदी मे बहा देना जिस दिन सिन्धु नदी भारत झंडे के तले बहने लगे !" ऐसा भला क्यों कहा? जब उनका मानसिक संतुलन का "टेस्ट" हुआ था तो उनका स्वास्थ्य एकदम ठीक था सामान्य मनुष्य की तरह! फिर उनको कांग्रेस की किताबो मे मानसिक रोगी क्यों कहा गया ?

14 . ये कांग्रेस के द्वारा घोषित महात्मा है, जिन्होंने पुरे विश्व में अंग्रेजी साहित्य के माध्यम से अपने सत्ता के तृष्णा के लिए किसी तथाकथित "महात्मा" का सहारा लिया जिसने हमेशा बोस, पटेल, भगत सिंह, अशफाक उल्लाह खान, राजगुरु की नीतियों का विरोध किया और उन्हें देश द्रोही तक कह दिया..

15 . आज समय आ गया है की नई पीढ़ी कांग्रेसी किताबो के इतिहास से परे सच्चाई जानने का प्रयास करे, और सुनिश्चित करे कि राजगुरु, भगत सिंह, बोस, पटेल, गोडसे आदि देश भक्त थे या फिर ये तथाकथित "महात्मा" भारत के नोट पर शोभा बनने के लायक है.!

16 . गांधी "जी" (?) ने एक बार कहा था कि यदि गो-हत्या देख कर दुःख होता है तो उसके विरोध में अपनी जान दे दो लेकिन गो-हत्या करने वाले को क्षति मत पहुँचाओ... वाह रे गाँधी वाह! मतलब गायें तो मारी हीं जाएँ और साथ में गोपालक भी मरे... तो लक्ष्य किसका सधा ? मुसलमानों को हम गाय के साथ स्वयं को भी समर्पित करें!!

17 . आजकल राहुल गांधी जैसे अज्ञानी को भी महान बना देती है मीडिया नाम की ब्रांडिंग एजेंसी, वैसे ही गांधी को उस समय एक ब्रांडिंग एजेंसी ने ब्रांड बनाया था घर घर तक!! आप ही बताइये उस एजेंसी की मेहनत व्यर्थ जाने वाली थी क्या (क्यूंकी उस समय लोग ज्यादा अनपढ़ थे) यही कारण था कि भगतसिंह, आजाद, बॉस जैसे लोगो के साथ पढे-लिखे लोग थे...
आज की जनता से यह अवश्य पूछना/सर्वे करना चाहिए कि उसका राष्ट्रपिता कैसा हो??
ना कि एक पार्टी किसी अयोग्य व्यक्ति को राष्ट्र-पिता जैसा महान दर्जा दें..
और भारत का राष्ट्र पिता गाँधी जैसा हो तो फिर स्वामी विवेकानंद, गौतम बुद्ध, दयानंद सरस्वती, महर्षि अरविन्द, सुभाष चन्द्र बोस, भगत सिंह, आजाद, टोपे, मंगल पांडे, वीर सावरकर ( इन्हें तो कांग्रेस आतंकवादी कहती है), राज गुरु, अश्फाकउल्लाह खान, बिस्मिल, राणा प्रताप, शिवाजी, भामा शाह, राणा सांगा, राणा कुम्भा, रामदास, तुका राम, संत कबीर, रैदास, राम कृष्ण परमहंस, राम, कृष्ण, अर्जुन, भीम, भरत, भीष्म पिता, परशुराम, युधिष्ठिर, पृथ्वी राज चौहान ( भारत का अंतिम हिन्दू सम्राट जिसने मोहम्मद गौरी जैसे नीच, आतंकवादी को 14 बार परास्त किया), राजा हर्षवर्धन (ऐसे महान सम्राट के बारे मे शायद मेक-डोनाल्ड और काफी कैफे मे जाने वाला क्या जाने?), अशोक क्या सिर्फ कहानिया मात्र थे??
क्या ये सभी गाँधी से कम महान थे ...
अच्छा हुआ कि गाँधी जैसे "महापुरुष" ने इस मुर्दी सदी मे मुर्दे लोगो के संग अवतार लिया!!
वरना देशभक्त क्रान्तिकारियों और राष्ट्रभक्तों को इस देश के लिए अपनी शहादत का अफसोस होता...

आज के ज़माने मै गाँधी को महत्व क्यों दिया जा रहा है इसका एक कारण है कि ओबामा गाँधी को मानता है ( मानने का ढोंग करता है, काले अंग्रेजो को बेवकूफ बनाने के लिए..)

नोट: मेरी गाँधी के साथ कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, मेरे ह्रदय मे सिर्फ हमारी हजारो साल पुरानी सभ्यता का गौरव है !
इसलिए मुझे घृणा है ऐसे लोगो से जो राष्ट्र-पिता शब्द का अपमान करते है और उस शब्द का मतलब नहीं समझते, मेरे भारत का पिता ऐसा नहीं हो सकता है ! वन्दे मातरम्... !

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