सोमवार, 28 जनवरी 2013

श्री हनुमान मंत्र (जंजीरा)

श्री हनुमान मंत्र (जंजीरा)
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह  का जबान,
हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान,
अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत,
जाग जाग हड़मान हुँकाला,
ताती लोहा लंकाला,
शीश जटा डग डेरू उमर गाजे,
वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला
आगे अर्जुन पीछे भीम,
चोर नार चंपे  ने सींण,
अजरा झरे भरया भरे,
ई घट पिंड  की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर  हड़मान करें।

एक मंत्र ऐसा भी है जो डर और भय को मात्र
एक माला के जाप मॆं ही छूमंतर कर देता है.
“हनुमान जंजीरा” नामक यह मंत्र आसान और बेहद कारगर है.
श्री हनुमान मंत्र (जंजीरा) की प्रतिदिन एक माला जप करने से मंत्र सिद्ध हो जाता है। हनुमान मंदिर में जाकर साधक अगरबत्ती जलाएँ।  इक्कीसवें दिन उसी मंदिर में एक नारियल व लाल कपड़े की एक ध्वजा चढ़ाएँ। जप के बीच होने वाले अलौकिक चमत्कारों का अनुभव करके घबराना नहीं चाहिए। यह मंत्र भूत-प्रेत, डाकिनी-शाकिनी, नजर, टपकार व शरीर की रक्षा के लिए अत्यंत सफल है।

copy disabled

function disabled