योग के फायदेऐलोपैथी और होम्योपैथी के दौर में योग और आयुर्वेद का प्रचलन बढ़ता जा रहा है और आगे भी बढ़ेगा। लोगों को योग की ओर झुकना ही होगा। ऐसा लगता है कि आज दवाइयों का नहीं बीमारियों का उत्पादन होने लगा है। दवाइयों पर भरोसा नहीं रहा। दवा भी अब किसी को असर करती है तो किसी को नहीं और आखिर कब तक दवा के भरोसे रहेंगे। हम दवा को नहीं दवा हमें खा रही है।
सब कुछ हो चला दूषित : दूषित अन्न, दूषित जल और वायु प्रदूषण के चलते व्यक्ति वक्त के पहले ही मौत के करीब पहुंच जाता है। शहरी लोगों को गौर से देखने पर पता चलता है कि वे किसी तरह बस जी रहे हैं। खुद पर अत्याचार करते-करते उनके चेहरे मुरझा गए हैं और शरीर भी अब कहने लगा है- बस अब मुझे छोड़ दो।
रोग का फैलाव : किसी को कब्ज है, किसी को अस्थमा, किसी को सिरदर्द बना रहता है तो किसी को तनाव। शहरी जीवन में ये रोग सामान्य हो चले हैं। इसके अलावा अब डायबिटीज, हार्ट अटैक, ब्लडप्रेशर भी आम शहरी जीवन में पैठ बना चुके हैं। वक्त के पहले ही लोग बुढ़े होने लगे हैं और बेवक्त ही मर जाते हैं। इन सबके चलते सबसे ज्यादा मजे में रहते हैं शहर के अस्पताल।
सेहतमंद और स्फूर्तिवान बनाने में सक्षम है योग : ऐसे माहौल में सिर्फ एक ही उपाय है योग और आयुर्वेद का फंडा। योग से जुड़ों और सदा स्वस्थ तथा स्फूर्तिवान बने रहो। आप सोच रहे होंगे कि योग का अर्थ एक्सरसाइज करना है तो जिम ही ठीक है, अखाड़े जाते तो हैं। लेकिन जनाब ये आपकी बॉडी को बनाते और बिगाड़ते हैं, लेकिन यह उसे सेहतमंद और स्फूर्तिवान बनाने में सक्षम नहीं हैं। क्या इससे उम्र लंबी होती है? व्यक्ति सदा जवान बना रह सकता है? नहीं।
योग आपको कई स्तर से सुधारता है- आसन से जहां हड्डी, मांस-मज्जा और भीतरी अंगों में सुधार होता है, वहीं प्राणायाम से शरीर के भीतर की नस और नाड़ियों में सुधार होता है। इसके अलावा बंध, मुद्रा और क्रियाएं हैं जो आपके शरीर से दूषित पदार्थ को बाहर निकालकर हर तरह के रोग को समाप्त करने की ताकत रखती हैं।
सबसे बड़ी दवा योगनिद्रा और ध्यान : इसके अलावा शोध कहते हैं कि नींद सबसे बड़ी दवा है इसीलिए योगनिद्रा जरूरी है। ध्यान पर दुनियाभर में शोध हुए हैं- ध्यान से जहां हार्ट अटैक, ब्लडप्रेशर जैसे रोगों को रोका जा सकता हैं, वहीं इसके नियमित अभ्यास से कई गंभीर बीमारियां भी ठीक की जा सकती हैं।
योग से शारीरिक, मानसिक और आत्मिक तीनों स्तर पर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है। निश्चित ही आप योग से 100 वर्ष तक स्वस्थ रहकर जवान बने रह सकते हैं। बशर्ते कि आप सदा योग की शरण में रहें।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी करें