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मंगलवार, 17 मार्च 2026

सावधान, साइबर ठगों ने निकाला ठगी का नया तरीका,अब ऐसे बना रहे निशाना, पल भर में कर देते हैं एकाउंट साफ़

 

सावधान, साइबर ठगों ने निकाला ठगी का नया तरीका,अब ऐसे बना रहे निशाना, पल भर में कर देते हैं एकाउंट साफ़

पहले 1 रुपए क्रेडिट हुए, फिर कुछ ही देर में एक के बाद एक दो मैसेज आए जिसमें पहली बार में एक लाख रुपए और दूसरी बार में 1 लाख 1 हजार रुपए डेबिट हो गए।

Cyber Fraud: साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जैसे-जैसे लोग जागरूक हो रहे हैं, तो वैसे-वैसे ठग भी नया-नया तरीका ठगने का इजात कर रहे है। अभी तक साइबर ठग ठगी करने के लिए लिंक भेजा करते थे, लोग जब उनकी ठगी की चाल समझने लगे तो साइबर फ्रॉड करने वाले मोबाइल पर फोटो भेजना शुरू कर दिए, जिसमें अदृश्य लिंक छिपी रहती है। फोटो को क्लिक करते ही आपका मोबाइल हैक हो जाएगा और फिर हैकर बड़ी ही आसानी से आपके बैंक खाते को खाली कर देगा।

इसका ताजा शिकार मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहने वाले 52 वर्षीय प्रदीप जैन ही हैं। हैकर ने उनके मोबाइल पर फोटो भेजकर डाउनलोड करते हुए पहचान करने को कहा, प्रदीप कुमार ने जैसे ही फोटो को क्लिक किया, तभी उनका मोबाइल हैक हो गया और कुछ ही देर के भीतर उनके खाते से 2 लाख 1 हजार रुपए निकल गए। प्रदीप कुमार ने अपने साथ हुई ठगी की शिकायत साइबर सेल और कोतवाली थाना पुलिस से की है।

आपको बता दें जबलपुर के कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले प्रदीप जैन 28 मार्च को अपने घर पर बैठे हुए थे। सुबह करीब 9 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का काॅल 9827832213 नंबर से आता है। सामने से आ रही आवाज वाले व्यक्ति ने प्रदीप कुमार के व्हाटसअप पर एक फोटो भेजने के बाद कॉल किया और कहा कि क्या आप इस व्यक्ति को जानते है, प्रदीप कुमार ने मैसेज और काॅल को इग्नोर कर दिया। इसके बाद फिर से काॅल आया और वहीं बात कहीं गई कि क्या इस व्यक्ति को जानते है।

ठग ने फंसाने के लिए बार बार कॉल किया

कुछ देर बाद प्रदीप जैन ने व्हाटसअप पर आई फोटो को क्लिक करने के बाद चेक किया, तो उसमें एक बूढ़े व्यक्ति की तस्वीर थी। इसके बाद लगातार 4 से 5 बार कॉल आए, इस पर प्रदीप ने जवाब दिया कि वह इस बूढ़े व्यक्ति को नहीं जानते है। दोपहर करीब 1 बजकर 35 मिनट पर फिर से उसी नंबर से कॉल किया। इस बार प्रदीप जैन ने तेज आवाज में कहा कि , “मैं इस व्यक्ति को नहीं जानता,” और फोन काट दिया।

फोटो को टच करते ही एक कस्टमर सपोर्ट एप डाउनलोड हो गया

अनजान नंबर से आए काॅल पर बात करने के बाद प्रदीप जैन अपने काम पर लग गए। इस दौरान उनके मोबाइल पर अपने आप एक कस्टमर सपोर्ट एप डाउनलोड हो गया, और तब तक साइबर फ्राड ने प्रदीप जैन का मोबाइल हैक कर लिया था। दोपहर को उनके मोबाइल पर केनरा बैंक का मैसेज अलर्ट आया।

ठगों ने निकाल लिए दो लाख 1 हजार रुपए

प्रदीप जैन को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यह सब हो क्या रहा है, अपने आप क्यों खाते से पैसे निकल रहे है। प्रदीप जैन तुरंत ही बैंक पहुंचे जहां उन्होंने सारी बात बताई। बैंक में बैलेंस चेक किया तो दो लाख 1 हजार रुपए निकल चुके थे। प्रदीप जैन ने तुरंत ही खाते को सीज करवाया, और फिर साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

सोमवार, 16 मार्च 2026

आज शादी एक “इवेंट मैनेजमेंट कंपनी” का प्रोजेक्ट बन गई है।

जो लोग आज 50 लाख उड़ा रहे हैं, कल वही लोग अस्पताल में 5 लाख का इंतज़ाम नहीं कर पाते।  
मुसीबत में न रिश्तेदार आते हैं, न डीजे वाला। सिर्फ़ बैंक बैलेंस काम आता है।  
मैंने पिछले 5 साल में दर्जनों घर देखे हैं जो बेटी की शादी के बाद “घर” रह गए, पर “घरवाले” नहीं रहे।  
ज़मीन गई, गहने गए, नौकरी पर EMI गई, नींद पर दवाई गई, और सम्मान पर “क़र्ज़दार” का ठप्पा लग गया।  
एक शादी ने पूरा परिवार 15-20 साल पीछे धकेल दिया।  

पहले गाँव में तीन मौक़े ही सार्वजनिक होते थे – तिलक, हल्दी, ब्याह।  
बाकी रस्में घर की चारदीवारी में, 10-15 अपने लोगों के बीच।  
मंदिर में 11 बजे तक फेरे, घर आकर 51 लोग खाना खाकर चले जाते थे। ख़र्चा? 50-70 हज़ार।  
और शादी हो जाती थी – खुशी से, शांति से, बिना क़र्ज़ के।  

आज वही शादी एक “इवेंट मैनेजमेंट कंपनी” का प्रोजेक्ट बन गई है।  
एक साधारण मध्यमवर्गीय शादी का हिसाब (2025 के रेट से):

1. सगाई (रेस्टोरेंट + 50 लोग VIP खाना) → 1.2–1.5 लाख  
2. रिंग सेरेमनी (अलग से!) → 80 हज़ार–1 लाख  
3. छेका/गोड़भराई → 50-80 हज़ार  
4. तिलक (पूरे गाँव को खिलाना + टेंट + DJ) → 4–6 लाख  
5. हल्दी (फिल्मी थीम डेकोरेशन + फोटोग्राफर + ड्रोन) → 2–3 लाख  
6. मेहंदी + महिला संगीत (दो अलग-अलग फंक्शन) → 2.5–4 लाख  
7. शादी का दिन  
   • हॉल/फार्महाउस → 3–5 लाख  
   • 30-40 गाड़ियों का किराया → 1.5–2 लाख  
   • बैंड-बाजा-घोड़ी-DJ-लाइट-पटाखे → 2–3 लाख  
   • खाना (1000+ लोग) → 4–6 लाख  
   • कपड़े-गहने-मेकअप → 5–8 लाख  
8. रिसेप्शन (फिर वही सब दोहराओ) → 5–7 लाख  

कुल मिलाकर एक “साधारण” शादी: 30-45 लाख  
दोनों पक्ष मिलाकर: 60-90 लाख  

अब ज़रा आम आदमी का हिसाब देखिए:  
महीने की कमाई: 50-70 हज़ार  
शादी का ख़र्च: 60-90 लाख  
यानी 10-12 साल की पूरी सैलरी एक रात में उड़ा दो।  
और ऊपर से दहेज 10-20 लाख।  

नतीजा?  
- ज़मीन बिकती है  
- माँ के गहने गिरवी पड़ते हैं  
- बाप रात-रात भर नींद की गोलियाँ खाता है  
- लड़की की विदाई के बाद माँ रोती है – खुशी से नहीं, डर से।  

टीवी सीरियल और इंस्टाग्राम रील्स ने हमें सिखाया है कि:  
“शादी बड़ी नहीं, इवेंट बड़ा होना चाहिए”  
और हम बेवकूफ़ी से वही कर रहे हैं।  

सच ये है –  
शादी का असली गवाह मंदिर का शिवलिंग होता है, इंस्टाग्राम की रील नहीं।  
शादी का असली आशीर्वाद माँ-बाप का हाथ सिर पर होता है, ड्रोन शॉट नहीं।  
और शादी के बाद का सुकून क़र्ज़मुक्त नींद होती है, 5-सितारा रिसेप्शन नहीं।  

मेरा प्रस्ताव – वापस वही पुराना तरीक़ा:  
1. सगाई घर पर, 15-20 लोग  
2. शादी मंदिर में, सुबह 11 बजे तक फेरे  
3. सिर्फ़ 10-15 सबसे करीबी लोग  
4. शाम को गाँव/मोहल्ले/सोसायटी में सामूहिक भोज – सबको बुलाओ, दिल खोलकर खिलाओ  
कुल ख़र्च? 2-3 लाख। सम्मान भी बचेगा, ज़मीन भी बचेगी, नींद भी बचेगी।  

जो लोग आज 50 लाख उड़ा रहे हैं, कल वही लोग अस्पताल में 5 लाख का इंतज़ाम नहीं कर पाते।  
मुसीबत में न रिश्तेदार आते हैं, न डीजे वाला। सिर्फ़ बैंक बैलेंस काम आता है।  

अगर तुम भी थक गए हो इस दिखावा-प्रदर्शन से,  
तो आज से ठान लो –  
मेरी आने वाली पीढ़ी की शादी मंदिर में होगी,  
10 अपने लोगों के बीच होगी,  
और बचा हुआ पैसा बेटी के नाम RD में डाल दूँगा।  

कृपया इस पोस्ट को हर उस पिता तक पहुँचाओ  
जो आज रात सोते वक़्त छत की ओर देखकर सोच रहा है –  
“बेटी की शादी कैसे होगी…?”  

आज का सबसे बड़ा पुण्य यही है –  
किसी एक पिता को क़र्ज़ के बोझ से बचा दो।🌹👏जय गोपाला प्रणाम ✍🏽📚🙏🏿

रविवार, 1 मार्च 2026

नींबू जैसे नेगेटिव लोगो को आप कितना भी शक्कर में डुबो कर रखो, पर वो कभी पॉजिटिव होना ही नहीं चाहते*

*Change is by Wish, not by force*

एक छोटे से गांव से आ कर, मुंबई सिटी में धर्मेश ना का एक इंजीनियर नौकरी करता था । उसने मुंबई की fast speed life को स्वीकार कर लिया था । परन्तु सब कुछ होने के बाद भी वह बहुत बैचेन रहता था ।

एक दिन वह एक गुरुजी के पास हरिद्वार के आश्रम में गया । गुरुजी को पूछा कि मैं एक बड़ी कंपनी का CTO बन गया हूं, सब सुविधाएं है, प्रगति भी कर रहा हूं, *परन्तु बहुत से लोग मेरे अनुसार कार्य नहीं करते, मेरी बात नहीं मानते, जबकि में उनको सुधार कर, उनका एवं अपनी कंपनी का भला करना चाहता हूँ, पर वो लोग negative ही बने रहते है, मैं क्या करूं।*

गुरुजी ने थोड़ी सी शक्कर, पानी एवं एक कटा हुआ नींबू मंगवाया । धर्मेश को बोला कि एक  बड़ी ग्लास में शक्कर का बहुत मीठा पानी तैयार करो, फिर नींबू को उसमें डाल दो, और 3 दिन के लिए भिगो कर रख दो । धर्मेश ने ऐसा ही किया ।

अब 3 दिन बाद धर्मेश वापिस गुरुजी के पास आया । गुरुजी ने वो ग्लास मंगवाई और नींबू निकल कर धर्मेश को टेस्ट कराया, धर्मेश का मुंह एकदम खट्टा हो गया । 
गुरुजी ने बोला कि देखो धर्मेश, यह शक्कर तो निस्वार्थ भाव से नींबू को अपने में डुबो कर उसको खट्टे के बजाय, मीठा करना चाह रही थी, परन्तु आज 3 दिन या 30 दिन तक भीगने के बाद भी नींबू का खट्टापन नहीं गया ।

✅ *अतः नींबू जैसे नेगेटिव लोगो को आप कितना भी शक्कर में डुबो कर रखो, पर वो कभी पॉजिटिव होना ही नहीं चाहते*
अतः परिवर्तन forcefully apply नहीं कराया जा सकता, जो परिवर्तन को स्वीकार करेगा, वहीं परिवर्तित हो सकेगा । 
Change is by Acceptance, not by force.....
अब गुरुजी ने उस नींबू को एक ग्लास दूध में डालने को कहा । जैसे ही धर्मेश ने नींबू को दूध में डाला, दूध फट गया ।
गुरुजी ने कहा कि देखो धर्मेश, इतना शक्कर में भिगोने के बाद भी नींबू ने दूध को फाड़ दिया, 
✅ *क्योंकि हर व्यक्ति में कुछ तो अच्छा होता ही है, अतः अब यह तो मैनेजमेंट पर निर्भर करता है कि वह इन नेगेटिव लोगो को यदि सुधार नहीं सकता तो उनकी कोई ना कोई शक्ति को काम ले कर company में value addition कर सके।*
जब ये दूध फाड़ ही रहे है, तो उनका पनीर ही बना कर बेच डालो, एवं company में value addition कर लो ।

So the true leader is the one, who can use every negative person, for the positive value addition of the company.......

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Old Post from Sanwariya