जर्मन शेपर्ड…
आत्ममुग्धता! जो अपनी खूबसूरती या कमियों को नजरअंदाज कर खुद को सबसे बढ़िया समझता है। अंग्रेजी में इसे “self-obsessed” कहते हैं।
छेनू कुमार और जर्मन शेपर्ड इसी परिभाषा में आते है।
अर्थात् इन लोगों पालने की चीज़ें तो नहीं पाली है लेकिन जो पलानी नहीं चाहिए, वह अवश्य पाली है।
गलतफहमी, इन दोनों को लगता है कि सिस्टम सिर्फ इनसे लगता है। इनके कहे वाक्य अंतिम है।
खैर...
जानते है कि आदित्य धर ने धुरंधर की मार्केटिंग क्यों नहीं की?
दरअसल, आदित्य को अच्छे से मालूम था कि जर्मन शेपर्ड अपनी आत्ममुग्धता में धुरंधर का अच्छा प्रचार करेगा। क्योंकि उसे लगता है कि मेरे सिस्टम में धुरंधर बनी है और मुझे इसकी जानकारी नहीं है। स्पाई थ्रिलर में इतने बड़े ऑपरेशन हो गए लेकिन मुझे सूचना तक नहीं दी।
इसलिए ट्रेलर रिलीज़ के बाद से धुरंधर की सत्यता मापने बैठ गया था कल निकला है और अपने दर्शकों के सामने निवाला फेंक दिया।
इधर हम सभी राष्ट्रवादी लोग इस जर्मन शेपर्ड का हारमोनियम बजाने तैयार बैठे है।
जर्मन शेपर्ड ने आत्ममुग्धता का प्रशिक्षण मोहिनी थिएटर ऑफ़ ड्रामा कंपनी से लिया है इसके गुरु 108 मोहिनी चीफ है। आत्ममुग्धता का क्रिएशन उन्होंने ही किया है।
मोहिनी थिएटर्स ऑफ़ ड्रामा कंपनी का सबसे अच्छा एल्यूमनी है।
आदित्य धर को धुरंधर रिवेंज का प्रमोशन करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि अभी जर्मन शेपर्ड की खुजली खत्म नहीं होगी तो आगे भी प्रचार में होगा।
तीसरे रविवार में धुरंधर ने अवतार फायर एंड ऐश को लिटा दिया है और 30 करोड़ प्लस वसूला है। इसलिए जर्मन शेपर्ड अधिक भौंका है।
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