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मंगलवार, 24 मार्च 2026

'धुरंधर 2' में हमजा बना मौत का तूफान, कराची की सड़कों पर दहशत! रोंगटे खड़े कर देगा ‘धुरंधर 2’

 

‘धुरंधर 2’ के लिए थिएटर में घुसने के साथ ही आपको कहानी के सारे किरदार, प्लॉट ट्विस्ट, डायलॉग, गाने याद आने लगेंगे. आदित्य धर की फिल्ममेकिंग ने ‘धुरंधर’ से ऐसा असर छोड़ा था कि हमज़ा की कहानी पूरी देखने के लिए पिछले तीन महीने से दिमाग कुलबुलाकर रह गया है. आदित्य ये कुलबुलाहट जानते हैं, वो अपने दर्शक को जानते हैं और भरोसा करते हैं. ‘धुरंधर 2’ शुरू होते ही आप उसी कहानी में वापस पहुंच जाते हैं जिसने दिसंबर में साढ़े तीन घंटे के लिए जनता को सीटों से चिपका कर रख दिया था. और ‘धुरंधर 2’ का माल-मसाला कैसा निकला, चलिए बताते हैं.

रणवीर सिंह ने मचाया बवाल

धुरंधर 2’ ने सबसे पहले उन लोगों की शिकायत दूर की है जो पहली फिल्म में रणवीर सिंह के तगड़े धनाके का वेट कर रहे थे. लेकिन उन्हें वो धमाका सिर्फ एंड में दिखा. कहानी जसकीरत सिंह रांगी से शुरू होती है. उसकी लाइफ में ऐसा क्या था जिसने उसे किलिंग मशीन बना दिया, इसकी कहानी देखने के लिए कालेज थोड़ा मजबूत रखना होगा. जसकीरत की कहानी का सबसे बड़ा इमोशन बदला है. इस सीक्वेंस में रणवीर की एनर्जी देखकर पता चलता है कि उनकी कितनी मेहनत लगी है. हिंसा के लिए लगने वाली ताकत के साथ जो इमोशन खर्च होता है, उसे उतारने में भी रणवीर खरे साबित हुए हैं.

जसकीरत का बैकग्राउंड दिखाने के बाद फिल्म उसी ल्यारी में लौटती है, जहां आज वो हमज़ा बनकर राज करने निकला है. ये पोर्शन हमज़ा की टैक्टिकल प्लानिंग, उसके पॉलिटिकल दिमाग और जासूसी स्किल्स को चमकाता है. जमील जमाल, एसपी चौधरी, मेजर इकबाल और उजैर बलोच से हमज़ा कैसे खेल रहा है. वो फर्स्ट हाफ की हाईलाइट है. मगर इंटरवल से ठीक पहले कहानी में एक ट्विस्ट है. हमज़ा और जसकीरत के बीच का पर्दा हटाने वाला एक किरदार आ चुका है. माहौल सेट है, ‘धुरंधर 2’ उसी फॉर्म में है जो ‘धुरंधर’ का कमाल थी. सेकंड हाफ में फिल्म खुलते ही, माहौल बदलेगा.

पंजाब में ड्रग्स की समस्या, अलगाववादी आंदोलनों को मिलती फंडिंग, नेपाल-यूपी के रास्ते देश में घुसती नकली करंसी... ये सब 'धुरंधर 2' के नैरेटिव को एंगेजिंग बनाती हैं. ये वो खबरें हैं जो आप अखबारों में पढ़ते आए हैं, लेकिन फिल्म इन्हें जिस तरह पाकिस्तान की जमीन पर उगे आतंकवाद से जोड़ती है, वो स्क्रीन पर सॉलिड कहानी बनता है. स्क्रीनप्ले आपको एक ऐसी कहानी देता है जिसके घटने की कल्पना आपने रियल घटनाओं को देखकर कभी की होगी, या सुनी होगी. मगर उस फिक्शन को 'धुरंधर 2' मजबूत विजुअल्स देती है.

कराची में हमज़ा का कहर

सेकंड हाफ में हमज़ा उर्फ जसकीरत को अजय सान्याल (आर माधवन) ने खुली छूट दे दी है कि अब वो सारी बेड़ियां तोड़ कर कराची में खुला कहर मचाए. पर असल में बेड़ियां तोड़ी हैं ‘धुरंधर 2’ ने सेकंड हाफ में ये फ़िल्म एक अलग ही चीज है.

‘धुरंधर 2’ का सेकंड हाफ इस बात की कोई परवाह नहीं करता कि आप इस फिल्म को पॉलिटिकल होने के लिए कितना जज करेंगे. और न्यूट्रल कहलाने वाली लकीर के किस तरफ देखेंगे. लेकिन ‘असाधारण रियल घटनाओं’ पर आधारित होने का दावा करती ये कहानी खुले तौर पर पॉलिटिकल रेफरेंस गिराती चलती है. चाहे सरहद के उस पर पाकिस्तान की बात हो, या इस पर भारत की.

पूर्व नेता पर न्यूज चैनलों के सामने चली गोली का सीन. नोटबन्दी को पाकिस्तानी आतंकियों की साजिश नाकाम करने वाला फैसला बताने के सीक्वेंस. भारत से कई सालों पहले गायब हुए एक खूंखार गैंगस्टर को पाकिस्तान में दिखाना. ‘धुरंधर 2’ एक बार के लिए उन सारी घटनाओं को सच की तरह ट्रीट करती है, जिन्हें अभी तक वाइल्ड कॉन्सपिरेसी थ्योरीज माना जाता रहा है. फ़िल्म में एक सीक्वेंस तो ऐसा आता है जब पाकिस्तान में भारत के खिलाफ आतंकवाद का चेहरा रहे बड़े आतंकी थोक में मारे जा रहे हैं. यहां फ़िल्म रियल घटनाओं को फिक्शन से जितना ज्यादा मैंक करने की कोशिश करती है, इंगेजमेंट उतना ही कम होता है. लेकिन ये तय है कि इस फ़िल्म में दिखाई गई एक-एक घटना का सोशल मीडिया-मीडिया में खूब एक्स-रे होने वाला है.

मगर ऐसा करते हुए ‘धुरंधर 2’ फर्स्ट हाफ से लंबा सेकंड हाफ आपके सामने रखती है. इस हिस्से की पेसिंग कुछेक जगहों पर ड्रॉप होती है. लेकिन आदित्य धर अपने बस्ते से क्या नया निकालने वाले हैं ये दिलचस्पी कभी खत्म नहीं होती. रणवीर सिंह सेकंड हाफ में वो सबकुछ कर रहे हैं, जिसकी उम्मीद पहले पार्ट का पहला टीजर देखते हुए आपने की होगी. उन्होंने धर के विजन के आगे खुद को पूरी तरह सरेंडर किया है.

संजय दत्त का एसपी चौधरी ‘धुरंधर 2’ में पहले से भी ज्यादा खतरनाक हो गया है. बल्कि संजय दत्त के लिए ‘धुरंधर 2’ वो फ़िल्म है, जो उनके लिए ‘KGF 2’ होती हुई लग रही थी. अर्जुन रामपाल का मेजर इकबाल इस बार वो विलेन बना है, जिसकी उम्मीद शायद लोगों को फर्स्ट पार्ट से थी. राकेश बेदी साहब का जमील जमाल ‘धुरंधर 2’ का असली हीरो है! फ़िल्म खत्म होने को आएगी तो आप उनके लिए तालियां-सीटियां निकाल सकते हैं.

‘धुरंधर 2’ पहली फ़िल्म की कहानी को उसी रास्ते ले जाती है, जहां जाने की उम्मीद इसे थी. मगर ऐसा करने में इसके स्टाइल, नैरेटिव या एक्शन से कोई समझौता नहीं किया गया है. एक्शन, वायलेंस और गालियां तो पहली फ़िल्म से दोगुनी हैं. और तीनों चीजें पहली फ़िल्म से ज्यादा करारी भी हैं. मगर लंबाई एक छोटा सा मुद्दा तो है ही. कैमियोज के लिए जितनी एक्साइटमेन्ट थी, उतने दमदार नहीं हैं. पोस्ट क्रेडिट सीन है, इसलिए अंत तक बैठें जरूर. हालांकि, उस सीन से आप कितने खुश होंगे ये बाद की बात है!

कुल मिलाकर ‘धुरंधर 2’ दमदार और सॉलिड सीक्वल है, जिसपर प्रोपेगेंडा होने या न होने के टेस्ट पहले से बि ज्यादा होंगे. सिर्फ एक फ़िल्म की तरह देखने वाले दर्शके के लिए ये थोड़ी लंबी जरूर है, मगर लगातार एक के बाद एक सिनेमैटिक मोमेंट्स डिलीवर करती है.

जर्मन शेपर्ड… - जानते है कि आदित्य धर ने धुरंधर की मार्केटिंग क्यों नहीं की?

 

जर्मन शेपर्ड…

आत्ममुग्धता! जो अपनी खूबसूरती या कमियों को नजरअंदाज कर खुद को सबसे बढ़िया समझता है। अंग्रेजी में इसे “self-obsessed” कहते हैं।

छेनू कुमार और जर्मन शेपर्ड इसी परिभाषा में आते है।

अर्थात् इन लोगों पालने की चीज़ें तो नहीं पाली है लेकिन जो पलानी नहीं चाहिए, वह अवश्य पाली है।

गलतफहमी, इन दोनों को लगता है कि सिस्टम सिर्फ इनसे लगता है। इनके कहे वाक्य अंतिम है।

खैर...

जानते है कि आदित्य धर ने धुरंधर की मार्केटिंग क्यों नहीं की?

दरअसल, आदित्य को अच्छे से मालूम था कि जर्मन शेपर्ड अपनी आत्ममुग्धता में धुरंधर का अच्छा प्रचार करेगा। क्योंकि उसे लगता है कि मेरे सिस्टम में धुरंधर बनी है और मुझे इसकी जानकारी नहीं है। स्पाई थ्रिलर में इतने बड़े ऑपरेशन हो गए लेकिन मुझे सूचना तक नहीं दी।

इसलिए ट्रेलर रिलीज़ के बाद से धुरंधर की सत्यता मापने बैठ गया था कल निकला है और अपने दर्शकों के सामने निवाला फेंक दिया।

इधर हम सभी राष्ट्रवादी लोग इस जर्मन शेपर्ड का हारमोनियम बजाने तैयार बैठे है।

जर्मन शेपर्ड ने आत्ममुग्धता का प्रशिक्षण मोहिनी थिएटर ऑफ़ ड्रामा कंपनी से लिया है इसके गुरु 108 मोहिनी चीफ है। आत्ममुग्धता का क्रिएशन उन्होंने ही किया है।

मोहिनी थिएटर्स ऑफ़ ड्रामा कंपनी का सबसे अच्छा एल्यूमनी है।

आदित्य धर को धुरंधर रिवेंज का प्रमोशन करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि अभी जर्मन शेपर्ड की खुजली खत्म नहीं होगी तो आगे भी प्रचार में होगा।

तीसरे रविवार में धुरंधर ने अवतार फायर एंड ऐश को लिटा दिया है और 30 करोड़ प्लस वसूला है। इसलिए जर्मन शेपर्ड अधिक भौंका है।

धुरंधर और धुरंधर 2 की इतनी जबरदस्त प्लानिंग कि चार महीने से हिन्दुस्तानी जहन में और कोई फिल्म घुस ही नहीं रही ।

 

मान गए भाई आदित्य धर ! धुरंधर और

धुरंधर 2 की इतनी जबरदस्त प्लानिंग कि

चार महीने से हिन्दुस्तानी जहन में और कोई

फिल्म घुस ही नहीं रही । सनी देओल की

बॉर्डर 2 आई और सिनेमाघरों से उतर भी

गई । अच्छी फिल्म थी , लेकिन खास बात

यह कि धुरंधर नेटफ्लिक्स पर घर घर देख

जाने के बावजूद सिनेमाघरों में आज भी

धड़ल्ले से चल रही है ।

इसी दौरान कश्मीरी पंडित आदित्य धर ने

धुरंधर 2 का टीजर जारी कर एक आग

जलाए रखी है । जाहिर है कि पूर्व घोषित

रिलीज तिथि 19 मार्च तक फिल्म के प्रति

क्रेज बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया

का भारी इस्तेमाल किया जा रहा है । जैसा

कि कल ही बताया गया कि धुरंधर का लिंक

आदित्य धर की ही ब्लॉक बस्टर फिल्म उरी

से जोड़ते हुए धुरंधर में विकी कौशल को भी

लाया गया है । कहा जा रहा है कि दिसंबर में

आई फिल्म धुरंधर तो एक ट्रेलर थी , फिल्म

का असली मजा तो धुरंधर 2 में आएगा ?

वाह रे कश्मीरी पंडित आदित्य धर ! तुम्हारी

क्रिएटिव खोपड़ी का भी जवाब नहीं । धुरंधर

से 1000 करोड़ और अब्रॉड जोड़कर कुल

1400 करोड़ कमा चुके धर धुरंधर 2 से

कितना कमाएंगे , कहना मुश्किल है । चूंकि

धुरंधर 2 की रिलीज डेट धुरंधर आने के

साथ ही घोषित कर दी गई थी अतः अनेक

बड़े निर्माता उसके आसपास अपनी फिल्म

रिलीज नहीं कर रहे हैं । धुरंधर ने दिखा

दिया कि देश क्या है , देशभक्ति क्या है और

राष्ट्रवाद क्या है ।

कुछ समय से जब से कश्मीर फाइल्स , उरी ,

केरला स्टोरीज , बंगाल फाइल्स , इमरजेंसी ,

आर्टिकल 370 जैसी फिल्में आई समझो

गदर ही मच गया । केंद्र में एक दशक पूर्व

नई सरकार बनने के बाद हिन्दुत्व और

राष्ट्रवाद ने जो ऊंची उड़ान भरी वह वाया

बॉर्डर 2 अब धुरंधर 2 पर जाकर ही थमने

वाली है । कमाल की बात है कि पाकिस्तान

में करांची के ल्यारी कस्बे से उड़ने वाली

दुश्मन विरोधी आग अक्षय खन्ना , रणवीर

सिंह , संजय दत्त , सारा अर्जुन , राकेश बेदी ,

अर्जुन रामपाल आदि के कंधों से फैलते हुए

गर्म हवा बनकर बर्फीले मौसम में भी छाई

हुई है ।

धुरंधर 2 आने का ख़ौफ़ इस कदर जिंदा है

कि धुरंधर से भौचक्का पाकिस्तान टकटकी

लगाए भारत की ओर देख रहा है । धुरंधर 2

की रिलीज डेट के पास अब कोई भी फिल्म

रिलीज नहीं होगी । एक फिल्म का इतना

ख़ौफ़ पहले कभी नहीं देखा । भारतीय

सिनेमा यदि हॉलीवुड को मात देती फिल्में

बना रहा है तो यह सुखद है । टीवी और

ओटीटी के जमाने में धुरंधर ने दर्शकों को

कतारबद्ध होकर सिनेमाघरों की ओर खींचा ,

दुनिया में सर्वाधिक फिल्में बनाने वाले भारत

के लिए यह गौरव का विषय है ।


जितने भी आतंकी हमले भारत पर हुए ..भारत ने ओपनली बदला जरूर लिया है फिर चाहे वो बालाकोट हो या ऑपरेशन सिंदूर,

 

जितने भी आतंकी हमले भारत पर हुए ..भारत ने ओपनली बदला जरूर लिया है फिर चाहे वो बालाकोट हो या ऑपरेशन सिंदूर,

लेकिन बात अगर इंटेलिजेंस की करें तो उनकी दुनिया में इसको बदला लेना नहीं कहते, बदला तो वो होता है जो चोरी छिपे लिया जाता है..

फ़रवरी २०२२ की घटना है,

कराची में ज़ाहिद अखुंड नाम का एक आदमी रहता था जिसकी उमर लगभग ५० साल के क़रीब होगी।

कराची के पूर्वी हिस्से के अख़्तर कॉलोनी में उसकी एक फर्नीचर की दुकान थी।

लेकिन रहता वो पाकिस्तान के पॉश इलाके क्लिफ़्टन में जहाँ आर्मी वाले रहते हैं।

एक दिन हसन रज़ा नाम का कोई बड़ा कस्टमर उससे मिलने वाला था, उसने कहीं बड़ा घर खरीदा था तो उसे फर्नीचर चाहिए था।

उस दिन ज़ाहिद को दुकान नहीं जाना था लेकिन कस्टमर बड़ा कैश लेकर आ रहा था तो जाना पड़ा..

अब जाहिद अपनी होंडा सिटी में बैठकर जैसे ही घर से निकला , दो लोग बाइक से उसका पीछा करने लगे और उसे बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि कोई उसका पीछा कर रहा है।

इवन वे सिर्फ पीछा ही नहीं कर रहे थे बल्कि ये तक सुनिश्चित कर रहे थे कि ज़ाहिद उस रूट पर ही जाए।

जैसे ही वो दुकान के पास पहुँचा, बाइक उसके सामने आकर रुकी। दो लोग बाइक से उतरे, उन्होंने अपने मुँह पर कपड़ा बाँध रखा था,

ज़ाहिद को लगा कि शायद उन्हें रास्ता पूछना है, तो वो बोला, क्या है ?

बाइक चलाने वाले ने पूछा,

ज़हूर इब्राहिम मिस्त्री?

ज़ाहिद ने कहा, समझ नहीं आ रहा क्या कह रहे हो,

बाइक वाला फिर बोला,

ज़हूर इब्राहिम मिस्त्री ना ?

और बाइकमैन ने गन निकाली उसकी छाती पर पहला फायर कर दिया,

गोली चली, तो आवाज़ सुनकर आसपास के लोग भी आ गए,

तभी हमलावर ने दूसरी गोली मारी और बोला

ये वाली रुपिन कत्याल की तरफ़ से..

और इसके बाद दो और फायर किए और जिधर से आए उधर ही हवा की तरह चले गए..

बाद में वो कराची के चोर बाजार पहुंचे, वहाँ जाकर बाइक के पुर्जे पुर्जे अलग कर दिए कि लो अब ढूँढ लो बाइक और फिर गायब हो गए।

और ये वही जहूर मिस्त्री था जो १९९९ में IC-814 के प्लेन हाईजैकिंग में शामिल था, और ज़हूर ने ही प्लेन के यात्री रुपिन कात्याल की बेरहमी से गला काट कर हत्या कर दी थी..

और धुरंधर में कहता है कि

"हिंदू एक डरपोक कौम है, पड़ोस में ही रहते हैं हम, गूदेभर का ज़ोर लगा लो और बिगाड़ लो जो बिगाड़ सकते हो।

अपनी मौत को सामने देखकर समझ आ गया होगा कि हिंदू डरपोक कौम नहीं है और ज़्यादा ज़ोर लगाने की जरूरत नहीं है, दो बाइकमैन ही काम कर सकते हैं।

धुरंधर रिवेंज की यह स्टोरी सबसे इंटरेस्टिंग है

क्योंकि

२२,२३ साल बाद जब कोई अपनी जिंदगी में खुश है, इतना कुछ हो गया था, लेकिन अब उसके पास पॉश एरिया में ख़ुद अपार्टमेंट है, अपने देश में है..

और तो और उसके लिंक जैश-ए- जैसे आतंकी संगठन के साथ है,

उसके बाद भी कोई घर में घुसकर मार देगा ..ऐसा तो उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा..

वैसे इस पूरी घटना को लेकर कभी कोई आधिकारिक बयान नहीं है,

लेकिन जिस तरीके से ये ऑपरेशन किया गया , ट्रैकिंग, पहचान कन्फर्म करना और फिर सटीक हमला

उसे देखकर इसे एक टारगेटेड किलिंग माना जाता है।

#dhurandhar #bollywood #ranveersingh


*स्कैम का नया तरीका!* 30 मिनट में आपकी ज़िंदगी पैसे के मामले में बर्बाद हो सकती है।

 

*स्कैम का नया तरीका!*

30 मिनट में आपकी ज़िंदगी पैसे के मामले

में बर्बाद हो सकती है।

यह कोई आम फ़ोन स्कैम नहीं है — यह

कहीं ज़्यादा खतरनाक है।

उन्हें आपका पैसा, आपका पासवर्ड या

आपका भरोसा नहीं चाहिए।

उन्हें सिर्फ़ आपकी मेहरबानी चाहिए।

हाल ही में, मॉल, मेट्रो स्टेशन, मार्केटप्लेस

और पब्लिक जगहों पर एक नया "मदद

मांगने वाला स्कैम" सामने आया है।

स्कैमर आमतौर पर अच्छे कपड़े पहने अधेड़

उम्र के या बुज़ुर्ग लोग होते हैं। वे कह सकते

हैं कि उन्हें अपना फ़ोन इस्तेमाल करना नहीं

आता, उन्हें अपनी पेंशन या सब्सिडी चेक

करनी है, या उन्होंने गलती से गलत पेज दबा

दिया है, और वे आपसे अपना फ़ोन चलाने में

मदद मांगते हैं।

खतरनाक हिस्सा:

जब आप फ़ोन हाथ में लेते हैं, तो यह

अक्सर पहले से ही वीडियो कॉल पर होता

है, या स्क्रीन रिकॉर्डिंग और फेशियल

रिकग्निशन परमिशन चालू होती हैं।

दूसरी तरफ़ से कोई आपको देख रहा होता

है। आपको लगता है कि आप मदद कर रहे

हैं, लेकिन आपका बायोमेट्रिक डेटा इकट्ठा

किया जा रहा होता है।

यह कोई आम स्कैम नहीं है। यह एक AI

बायोमेट्रिक आइडेंटिटी स्कैम है।

उन्हें आपका पैसा नहीं चाहिए। वे आपको

चाहते हैं।

अगर आप फ़ोन को छूते हैं (फिंगरप्रिंट),

नंबर या वेरिफिकेशन कोड पढ़ते हैं

(आवाज़), या बोलते या फ़ोन इस्तेमाल करते

समय स्क्रीन देखते हैं (चेहरे का मूवमेंट), तो

आपके तीन मुख्य बायोमेट्रिक

आइडेंटिफायर — फिंगरप्रिंट, आवाज़ और

चेहरा — चोरी हो सकते हैं।

मॉडर्न AI आपका लगभग परफेक्ट

डिजिटल क्लोन बना सकता है।

इसके बाद जो होता है वह डरावना है।

स्कैमर आपके डिजिटल क्लोन का इस्तेमाल

ऑनलाइन लोन, कंज्यूमर फाइनेंसिंग, क्रेडिट

कैश-आउट के लिए अप्लाई करने और

ऑटोमैटिकली फेस और वॉयस वेरिफिकेशन

पास करने के लिए कर सकते हैं।

30 मिनट के अंदर, आप जितने भी लोन के

लिए एलिजिबल हैं, वह खत्म हो सकता है।

जब आपको बैंक नोटिफिकेशन मिलते हैं, तो

आपको पता चलता है कि आपका पैसा

गायब नहीं हुआ है — बल्कि, आप लाखों या

करोड़ों रुपये के कर्ज़ में डूबे हुए हैं।

ये 3 नियम याद रखें:

अजनबियों को अपना फ़ोन चलाने में कभी

मदद न करें। किसी भी चीज़ को न छुएं, न

क्लिक करें, न देखें, और न ही ज़ोर से पढ़ें

— भले ही वे कहें, "बस एक क्लिक।"

अनजान वीडियो कॉल: तुरंत कॉल

डिस्कनेक्ट करें। कैमरे में देखने और बात

करने की रिक्वेस्ट पर कभी भी कोऑपरेट न

करें।

यह मैसेज बुज़ुर्गों, बच्चों और अच्छे दोस्तों

के साथ शेयर करें। स्कैमर अब अच्छे लोगों

को टारगेट कर रहे हैं।

आखिरी याद:

कभी यह न सोचें, "मैं इतना बदकिस्मत नहीं

होऊंगा," या "मैं इतना स्मार्ट हूं कि इस स्कैम

में नहीं फंसूंगा।"

इसी कॉन्फिडेंस और दयालुता का स्कैमर

फायदा उठाते हैं।

प्लीज़ यह मैसेज शेयर करें।

एक एक्स्ट्रा शेयर का मतलब है एक पीड़ित

कम🙏

मोनालिसा के चाचा ने “चौंकाने” वाला खुलासा किया है।

 

मोनालिसा के चाचा ने “चौंकाने” वाला खुलासा किया है।

चाचा विजय भोसले ने कहा है कि फरमान खान मोनालिसा को बहन मानते हुए उसे “दीदी” कहता था। उन्होंने कहा कि इस रिश्ते को तार-तार करते हुए शादी किए जाने से हम सब सदमे में हैं।

विजय भोसले ने फोन पर चर्चा करते हुए बताया कि फरमान उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन करने के लिए आया था, और उसने हिंदू धर्म के मुताबिक रुद्राक्ष की माला टीका आदि धारण किए हुए थे।

वह मोनालिसा को हमेशा बहन मानते हुए दीदी कह कर पुकारता था। हमें नहीं मालूम था कि दीदी पुकारने वाला व्यक्ति इस रिश्ते को तार-तार कर देगा।

उन्होंने कहा कि हमारे साथ धोखा हुआ है।

उन्होंने बताया कि फरमान ने छुप-छुप कर रील और गाने डालकर मोनालिसा और उसके पिता को प्रभावित कर लिया। उन्होंने कहा कि केवल मोनालिसा नहीं पूरे परिवार को फंसाया गया।

उन्होंने कहा कि वह कहता था कि एक महीने की ट्रेनिंग में कहां से कहां पहुंच जाओगे, ऐसी लाइफ बनेगी कि हमको याद करोगे।

वहीं, विजय भोसले ने बताया कि जब उन्होंने अपने छोटे भाई जय सिंह से पूछा कि यह व्यक्ति कौन है, तो उन्होंने बताया कि वह मोनालिसा को बहन बोलता है और मुझे पापा या अंकल बोलता है।

उन्होंने बताया कि फरमान और उसके साथियों ने सनोज मिश्रा और ट्रेनर महेंद्र लोधी के खिलाफ भड़का कर उनसे दूर कर दिया और उसे केरल ले गए।


क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर है?

 

दुनिया में परमाणु युद्ध हुआ तो सिर्फ ये 2 ही देश बचेंगे !

10 साल तक बरसेगी बर्फ, 5 अरब लोगों की मौत...!

क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर है?

अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन-ताइवान विवाद और कई क्षेत्रों में चल रहे संघर्ष दुनिया को एक ख"तरनाक मोड़ पर ला खड़ा कर रहे हैं। विशेषज्ञों की चेतावनी है कि अगर कभी प"रमाणु युद्ध हुआ और दुनिया की लगभग 12,000 न्यूक्लियर मिसाइलों का इस्तेमाल हो गया, तो इसके परिणाम मानव सभ्यता के लिए विनाशकारी होंगे।

वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार:

• लगभग 5 अरब लोगों की मौ@त हो सकती है।

• पूरी धरती “न्यूक्लियर विंटर” (परमाणु शीत) की चपेट में आ सकती है।

• कई क्षेत्रों में 10 साल तक बर्फ और अंधकार जैसी स्थिति बन सकती है।

परमाणु विस्फोटों से निकलने वाले आग के गोले 100 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो सकते हैं। शुरुआती ध"माकों में करोड़ों लोग मा@रे जाएंगे, लेकिन असली तबाही उसके बाद आएगी—जब सूरज की रोशनी धरती तक पहुंचना लगभग बंद हो जाएगी।

न्यूक्लियर विंटर के बड़े प्रभाव:

• सूरज की रोशनी को रोकने वाली कालिख से पूरी दुनिया में अंधेरा

• तापमान में भारी गिरावट (कुछ जगहों पर -20°C से -30°C)

• ओजोन परत को भारी नुकसान और ख"तरनाक UV किरणें

• खेती और फूड सप्लाई सिस्टम का लगभग ख"त्"म हो जाना

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति में भी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे दूरस्थ समुद्री देशों में जीवन की कुछ संभावना बच सकती है। हालांकि वहां भी लोगों को अंधेरे, रेडिएशन और भोजन की कमी से जूझना पड़ेगा।

सच यही है कि परमाणु युद्ध में कोई विजेता नहीं होता — केवल मानवता की हार होती है।

इसलिए दुनिया को युद्ध नहीं, शांति और समझदारी की जरूरत है।


लहसुन के जरिए चीन का जहरीला खेल, लोगों की सेहत से कर रहा खिलवाड़; भारत समेत कई देश निशाने पर

 

  • देसी लहसुन के बढ़ते दामों का फायदा उठाते हुए चीन ने अपने जहरीले लहसुन को भारतीय बाजार में चोरी-छुपे घुसाना शुरू कर दिया है।

चीन से आने वाला घटिया और जहरीला लहसुन एक बार फिर हिंदुस्तान समेत कई देशों में फैल रहा है। इस लहसुन से लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। देसी लहसुन के बढ़ते दामों का फायदा उठाते हुए चीन ने अपने जहरीले लहसुन को भारतीय बाजार में चोरी-छुपे घुसाना शुरू कर दिया है। यह लहसुन न सिर्फ सेहत के लिए खतरनाक है बल्कि भारत के किसानों और कारोबारियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।

पहले से ही है चीनी लहसुन पर पाबंदी

भारत ने 2014 में ही चीन से लहसुन के आयात पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बावजूद चीन का जहरीला लहसुन चोरी-छिपे हिंदुस्तानी मार्केट में बिक रहा है। हाल ही में गुजरात के 'गोंडल एग्रीकल्चर प्रोड्यूस' बाजार से 750 किलो चीनी लहसुन जब्त किया गया। इस घटना के बाद कारोबारियों ने राज्य और केंद्र सरकार को तुरंत सूचित किया। जानकारों का कहना है कि यह जहरीला लहसुन लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

चीन के जहरीले लहसुन का सेहत पर असर

चीन से आने वाले लहसुन में मेटाइल ब्रोमाइड नामक जहरीला केमिकल इस्तेमाल किया जाता है। यह केमिकल लहसुन को फफूंद से बचाने के लिए लगाया जाता है और यह इंसानी सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। इसके लंबे समय तक सेवन से लीवर, किडनी और नसों की समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, इससे आंखों की रोशनी में भी कमी हो सकती है और अन्य गंभीर बीमारियों का सामना भी करना पड़ सकता है।

हिंदुस्तानी लहसुन की मांग बढ़ी, चीन परेशान

भारत और चीन दोनों ही लहसुन के बड़े उत्पादक हैं लेकिन चीन के लहसुन में मौजूद हानिकारक केमिकल्स और उसकी घटिया गुणवत्ता की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी मांग कम हो गई है। इसके विपरीत, भारत के देसी लहसुन की मांग घरेलू और बाहरी बाजार में बढ़ रही है। खासकर मध्य प्रदेश और राजस्थान से उगाया जाने वाला लहसुन अंतरराष्ट्रीय बाजार में लोकप्रिय हो रहा है। चीन अब सस्ते दामों में अपने जहरीले लहसुन को भारतीय बाजार में फैलाने की कोशिश कर रहा है ताकि वह दोबारा अपनी पकड़ बना सके।

जारी है धर-पकड़

हाल ही में कस्टम विभाग ने नेपाल के रास्ते हिंदुस्तान में आने वाले 16 टन चीनी लहसुन को जब्त किया। विभाग ने अब तक 1400 क्विंटल जहरीला चीनी लहसुन नष्ट कर दिया है। सरकार और संबंधित विभाग लहसुन के इस जहरीले खेल पर रोक लगाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं लेकिन चोर बाजारी अब भी जारी है।

देर से शादी और धीरे धीरे समाज खत्म

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       ★  विचारणीय तथ्य  ★ 
   भविष्य की एक ज्वलंत समस्या
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👉🏿   जब बच्चों का विवाह
    20 साल में होता था, तो 
   एक सदी में 5 पीढ़ियाँ होती थीं.

👉🏿 जब बच्चों का विवाह
     25 साल में होता था, तो 
    एक सदी में 4 पीढ़ियाँ होती थीं.

👉🏿 अब बच्चों का विवाह
    30 साल में होता है, तो 
   एक सदी में 3 पीढ़ियाँ होती हैं.

👉🏿  सोचने वाली बात है.
        क्या हमारा समाज 
अगली सदी तक जीवित रहेगा ?
     आज एक अजीब सा 
       अंधेरा फैल रहा है.

🏚️    गली-मोहल्ले वीरान हैं, 
      आस-पास के घर खाली हैं.
आज घरों में बच्चों की आवाज कम 
        पति-पत्नी की आवाज 
         ज्यादा सुनाई देती है.

★  लड़कियाँ 30-35 साल तक 
              कुंवारी हैं.
★  लड़के 35 साल के बाद भी 
         कुँवारें घूम रहे हैं.
★  देर से शादी ...
   फिर सम्बंध विच्छेद (तलाक)

         टूटते परिवार  ...
         दुखी माँ-बाप.
      माता-पिता अकेले..
पूरी पीढ़ी खालीपन अनुभव करती है.

🤷🏻‍♀️   क्या हम इसे 
    "पढ़ा-लिखा समाज" कहें या 
"स्वयं को नुकसान पहुँचाने वाला समाज" 

💁🏻‍♂️  यह तो जनसंख्या कम करने की
           एक खामोश साज़िश है.

★ अगर 50 जोड़ों में 
      सिर्फ़ एक बच्चा हो
      तो अगली पीढ़ी में 
      सिर्फ़ नाममात्र के बच्चे होंगे.

👉  अगर ऐसा ही चलता रहा, 
        तो तीसरी पीढ़ी लगभग 
           गायब हो जाएगी.

👉 मोहल्ले,गलियाँ खाली पड़ी हैं.
         सब लोग रोड़ पर हैं.
        जीवन का आधा समय तो 
          रोड़ पर ही बीत जाता है.

★  गाँव के गाँव खत्म हो रहे हैं.

★ शहरों में ऊँची इमारतें हैं, लेकिन 
संयुक्त परिवार प्रथा समाप्त हो गयी है.

👉  नई बहुएं
    "सिर्फ़ एक ही बच्चा" चाहती हैं.
    🤷🏻‍♀️  क्या यही समाज है ?
❓ क्या यही हमारे पुरखों की 
             विरासत है ?

👉   सच तो यह है, कि ....
    बच्चे अब प्यार की निशानी नहीं रहे.
         बल्कि बच्चे पैदा करना ...
           एक मजबूरी सी है.

⚖️   सबसे बड़ी गलती — 
      लड़की के पिता की है,
        वही पिता जिसने 
     20-22 साल की उम्र में 
             विवाह करके 
          परिवार बसाया था.

अब वही पिता 30 साल की उम्र तक 
     अपनी बेटी का विवाह न करके 
           बहादुरी दिखा रहे हैं.

👉  परिणाम ????

लड़के लड़कियाँ डिप्रेशन में जा रहे हैं.

👉  आज बच्चों का सही समय पर 
          विवाह नहीं हो रहा है, और
               न सही समय पर 
           कोई नौकरी मिल रही है.

👉  समाज धीरे-धीरे 
      समाप्त होता जा रहा है.

👉   इसी कारण बच्चे 
       समाज के साथ नहीं
    अकेले रहना पसंद करते हैं.
         यानी एकल परिवार
  यहाँ तक कि बच्चे भी नहीं चाहिए.

★  देर से शादी करना
★  देर से बच्चा करना, फिर
         एक बच्चे के बाद 
   मेडिकल और लालन-पालन का
             बहाना करना.
💁🏻‍♀️  यह आम बात हो गई है.

   हजारों जवान लड़के लड़कियाँ
    उम्र के कारण कुंवारे घूम रहे हैं.
      समाज के समझदार लोग 
          चुप्पी साधे हुए हैं.

★  विवाह, परिवार, बच्चे – 
इन सब को बोझ समझा जा रहा है.

🎈 विवाह ... कोई दुनियावी बंधन नहीं 
    यह घर परिवार और समाज का 
                स्तम्भ है.

🎈 प्रजाति, सभ्यता और संस्कार को
       आगे बढ़ाने का एक तरीका है.

💥 अब हम सब को समझने का 
         समय आ गया है.
🫵   बच्चों को ‘हद से ज्यादा'
      आजादी दे कर हमने उनकी 
             समझ छीन ली.
★ विवाह टलता रहा, और जब हुआ,
      तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

        फिर वही अकेलापन

🫵  लड़के लड़कियों के लिए
        विवाह की सही उम्र
🔹  लड़कों के लिए 30 साल से पहले
🔸 लड़कियों की  25 साल से पहले.

🚩 वर्ना इतिहास लिखेगा ...
  “वह हिंदू समाज, जिसने चुपचाप 
      स्वयं को खत्म कर लिया.” 
    सोचो और समझदारी दिखाओ.

        अपने बच्चों का विवाह
           समय पर कीजिये.
🙏

   क्योंकि ... परिवार नहीं बचा, तो 
         समाज को भी देर सवेर 
       ध्वस्त होते देर नहीं लगनी है.

  यही कारण है ...डेविड सेलबॉर्न और 
        बिल वार्नर जैसे लेखक 
   यह कहने पर मजबूर हो जाते हैं , कि 
       ★   इस्लाम के मज़बूत 
      फैमिली सिस्टम की वजह से  ...
           देर सवेर ... अधिकांश देश
    *◆  इस्लाम से हार जायेंगे. ◆*
 भारत में भी हिन्दू परिवार परम्परा का 
     पतन होना प्रारम्भ हो चुका है.
          रक्त के 5 रिश्ते
     समाप्त होने की कगार पर हैं.
       ताऊ, चाचा, बुआ, मामा
        मौसी जैसे रिश्ते
          आने वाले समय में
             देखने-सुनने को
              नहीं मिलने वाले हैं.

      इसे इस तरह  👇🏽
     समझा जा सकता है-

    पुत्र       पुत्री
     2         1        (मौसी X)
     1         2      (चाचा, ताऊ X)
     1         1   (चाचा, ताऊ, मौसी X)
     1         0          X
     0         1          X
  परिणाम
     0         0
       सिंगल चाइल्ड फैमिली को 
    उनका निर्णय तीसरी पीढ़ी याने 
    जिनके आप ... दादा-दादी होंगे 
        बुरी तरह प्रभावित करेगा.
     जिस दादा को मूल से अधिक 
            ब्याज प्यारा होता है,
                उसका तो ....
     मूलधन भी समाप्त हो जाएगा.
     इसके लिए वह स्वयं उत्तरदायी है.

          इसलिए दम्पत्ति को 
      सिंगल चाइल्ड के निर्णय पर
     गंभीरता से विचार करना होगा.

    यह घटती आबादी के आँकड़े
             बोल रहे हैं.
 यह विश्लेषण सरकारी आँकड़ों के 
        अध्ययन से आ रहा है.

        आपका पौत्र या प्रपौत्र 
               इस संसार में 
           अकेला खड़ा होगा.
       उसे अपने रक्त के रिश्ते की
           आवश्यकता होगी तो 
     इस पूरे ब्रह्मांड में उसका अपना 
                   कोई नहीं होगा.

      यह अत्यंत सोचनीय विषय है.

      ये न केवल हमारे बच्चों को
       एकाकी जीवन जीने को 
      मजबूर करेगा बल्कि हमारी 
       हिंदू परिवार सभ्यता को ही 
                नष्ट कर देगा.

 हम जो हिन्दू एकता की बात करते हैं 
  ये तो सभ्यता ही समाप्त हो जाएगी.
       और इन सबके लिए हमारी
      वर्तमान पीढ़ी उत्तरदायी होगी.
        अगर आप इस विषय को
           गंभीर समझते हैं तो 
     इस समस्या पर विचार करें,

   घर परिवार में, पति पत्नी के बीच,
       रिश्तेदारों में, दोस्तो में एवं 
     विभिन्न बैठकों एवं आयोजनों में 
          इस विषय पर मंत्रणा करें.

      अपनी सभ्यता, संस्कार औऱ
            पीढ़ियों को बचाये.

              👫  💁🏻‍♀️ 👬 
┄┅════❁ 🙏 ❁════┅┄
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           साभार
  🌹  ꧁!! राम रामजी राधे राधेजी !!꧂  🌹
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