मंगलवार, 17 जुलाई 2018

क्या वाकई आप अब स्वयं को हिन्दू पहचान से जोड़कर नहीं देख पा रहे?

शशि थरूर 'हिन्दू पाकिस्तान' का नाम लेकर उदार हिन्दुओं को सरेआम जूते मार गया, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी शरिया अदालत के पक्ष में खुलकर आ खड़ा हुआ, दिग्विजय सिंह एकबार पुनः हिन्दू आतंकवाद पर खुले आम बोला, राहुल गाँधी ने भी शरिया अदालतों का समर्थन कर अपनी नीयत साफ कर दी....वहीं खानदानी गद्दारों का चश्मों चिराग़ और मध्य प्रदेश कांग्रेस का चेहरा ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने ही कार्यकर्ताओं द्वारा दिया गया नारियल पहले अपने पैरों के पास रखता है और बाद में सड़क पर फेंक देता है।

और आप कहते हो कांग्रेस से इतनी चिढ़ क्यों है? माना कि राजनैतिक स्वार्थ के चलते ढेर सारे हिन्दू अब भी कांग्रेस के साथ जुड़े हैं, पर क्या वाकई आप अंदर से इतने सड़ चुके हैं कि इन देश और धर्म द्रोहियों के विरुद्ध एक शब्द भी नहीं बोल सकते? क्या वाकई आपके भीतर का सनातनी मर चुका है? क्या वाकई आप अब स्वयं को हिन्दू पहचान से जोड़कर नहीं देख पा रहे? क्या वाकई आप की धमनियों में बहने वाला रक्त दूषित हो चुका है?

धिक्कार है ऐसे कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं पर जो धर्म और देश को तार तार कर देने वालों के साथ पूरी ढिठाई से खड़े हैं।

तुमसे लाख दर्ज़ा अच्छे भाजपा के कार्यकर्ता और समर्थक हैं जो ज़रा सा चूक होने पर भी ना अपने स्थानीय नेतृत्व से भिड़ जाते बल्कि केंद्रीय नेतृत्व तक को नहीं बख्शते ना ही प्रधानमंत्री तक को....खुद का लाख बिगड़ जाए पर धर्म और देश पर आंच नहीं आने देना चाहिए, इस मिट्टी और हमारे गौरव की ख़ातिर सब तिनके की मानिंद लगता है, अरे ठोकर मारो ऐसी राजनीति और स्वार्थ को जो तुम्हें हीनता से भर दे, नमक रोटी खा लेना पर कभी किसी की ग़ुलामी मत करना, कमसे कम अपने बुजुर्गों की आत्माओं से तो खौफ खाओ यार....शर्म करो शर्म।

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