यह ब्लॉग खोजें

बुधवार, 30 सितंबर 2026

बकरी का पानी और पितरों का तर्पण — एक सवाल, जिसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया”

यह घटना है प्रयागराज की, प्रयागराज मे एक पंडित जी अपने पित्रों को तर्पण दे रहे थे. पंडित जी सुशिक्षित थे फिर भी वो ये सब कर रहे थे.
पंडित जी को नदी मे तर्पण करता देख वहाँ मौजूद एक नई पीढ़ी का नौजवान आया और नदी मे आधे पाँव जल मे घुस कर हाथों से जल उठाया तथा सूर्य की ओर जल गिराते हुए उच्च स्वर मे आँखे बंद करके बोलता है! “यहां से कोसो दूर मेरी बकरी को प्यास लगी होगी ये जल उस तक जरूर पहुंचे.”

नौजवान की इस मूर्खता भरी हरकत को देख पंडित जी हंस पड़े और ऐतराज़ जताते हुए नौजवान से बोले अरे यजमान यह आप क्या बोल रहे हो यहां से पानी आपकी जीवित बकरी तक कभी नहीं पहुंचेगा.

इस पर नौजवान बोला! यदि आपका दिया हुआ जल पित्तरों तक पहुँच सकता तो मेरा यहां से अर्पण किया जल जल बकरी तक क्यों नहीं पहुँच सकता?

पंडित जी को नौजवान के अल्प ज्ञान पर बड़ा दुख हुआ हालांकि तर्पण करने के पीछे की परम्परा, आस्था का रहस्य और  वेदों के ज्ञान से पंडित जी भली भांति परिचित थे और पंडित जी इस बात से भी पूर्णतः अवगत थे की जल पित्रों तक पहुंचेगा या नहीं पर इसको नौजवान के सामने तत्काल सिद्ध कर पाना पंडित जी के लिए शायद असम्भव था क्योंकि उनके पास सिद्ध करने के लिए कोई मंत्र शक्ति या वस्तु उपलब्ध नहीं थी जिस वजह से उन्होंने उस नौजवान को उत्तर देना भी सही नहीं समझा और मौन हो गए.

इस घटना की वार्तालाप को सुन रहे एक इंजनियर ठहाका मार कर हसने लगे और बोले कि 

“सब पाखण्ड है जी..!” जिसका कोई सबूत ही नहीं उसका क्या अस्तित्त्व.

 अब इस बार वेदों के ज्ञाता पंडित जी ने चुप्पी तोड़ी और अब दोनों को ज्ञान से परिचित कराने के लिए…..नदी से बाहर निकलते हुए पंडित जी,

इंजीनियर बाबू के बगल रखी मेज पर  ‘कैलकुलेटर’ उठाकर एक नंबर डायल करते है…. और केलकुलेटर अपने कान से लगा लेते है. पंडित जी बार बार हेलो हेलो करते रहे लेकिन दूसरी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही थी..इंजीनियर तो पंडित जी की इस हरकत को देख दंग था और उन्हें ताज्जुब भरी नजरो से देखे जा रहे था .
तब पंडित जी उस इंजीनियर साहब से शिकायत करते है कि ये मशीन तो काम ही नहीं कर रही.

इस पर वे इंजीनियर साहब भड़क गए और  बोले- ” ये क्या मज़ाक है…??? ‘कैलकुलेटर’ में मोबाइल का फंक्शन भला कैसे काम करेगा..???”आप अजीब बातें करते हो.

तब इस पर चुटकी बजाते हुए पंडित जी बोले …. तुमने सही कहा…

वही तो मैं भी कह रहा हूँ कि….  स्थूल शरीर छोड़ चुके लोगों के लिए बनी व्यवस्था जीवित प्राणियों पर कैसे काम करेगी ??? वो महाशय जी वहाँ खड़े जल अर्पित करते हुए बोलते है की जल मेरी बकरी तक पहुंचे.भला यह कैसे सम्भव है.

 इस पर इंजीनियर साहब अपनी झेंप मिटाते हुए कहने लगे- “ये सब पाखण्ड है महाशय , अगर ये सच है… तो, इसे सिद्ध करके दिखाइए” तब हम माने की ये वास्तविकता है.

इस पर पंडित जी ने तुरंत बुद्धि दौड़ाई और बोले ये बताइए कि न्युक्लीअर पर न्युट्रान के बम्बारमेण्ट करने से क्या ऊर्जा निकलती है ?

 इंजीनियर बोला   ” बिल्कुल ! इट्स कॉल्ड एटॉमिक एनर्जी।” हाँ तो इससे क्या?

 इतना सुनते ही पंडित जी ने वहाँ रखे चौक और पेपरवेट उठाया और इंजीनियर के हाथ पर थमाते हुए कहा!  अब आपके हाथ में बहुत सारे न्युक्लीयर्स भी हैं और न्युट्रांस भी…!
 अब आप इसमें से एनर्जी निकाल के दिखाइए…!!

इंजीनियर साहब की बुद्धि अब काम ना करे, सब ज्ञान धरे का धरा रह गया और सर खुजलाने लगे.
साहब समझ गए और तनिक लज्जा भी गए और पंडित जी से पीछा छुड़ाने के लिए बहाना लगा कर वहाँ से निकल लिए.
तो दोस्तों  कहने का मतलब है कि….. यदि, हम किसी विषय/तथ्य को प्रत्यक्षतः सिद्ध नहीं कर सकते तो इसका अर्थ है कि हमारे पास समुचित ज्ञान, संसाधन वा अनुकूल परिस्थितियाँ नहीं है ,

 फिर इसका मतलब ये कतई नहीं कि वह तथ्य ही गलत है.वो दुनियां मे एग्जिस्ट ही नहीं करती.

क्योंकि, सिद्धांत रूप से तो हवा में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन दोनों मौजूद है..

फिर , हवा से ही पानी क्यों नहीं बना लेते ???
अब आप सिमित साधन की कमी या अल्प ज्ञान की वजह से तत्काल समय मे हवा से पानी बना पाने मे असक्ष्म है… तो इसका मतलब आप ये घोषित थोड़े ना कर दोगे कि हवा में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन ही नहीं है.
उसी तरह… हमारे द्वारा श्रद्धा से किए गए सभी कर्म दान आदि भी आध्यात्मिक ऊर्जा के रूप में हमारे पित्तरों तक अवश्य पहुँचते हैं.

इसीलिए, व्यर्थ के कुतर्को मे फँसकर अपने धर्म व संस्कार के प्रति कुण्ठा न पालें…! अल्पज्ञान मन मे फालतू के तर्कों को जन्म देने की बजाय विनम्र होकर सही ज्ञान हासिल करने का प्रयास करें.

*🙏जय श्री कृष्ण🙏*
🔖 Hashtags

#जयश्रीकृष्ण #सनातनधर्म #हिंदूधर्म #पितृ #पितृपक्ष #तर्पण #श्राद्ध #आस्था #संस्कार #वेद #वेदज्ञान #सनातनसंस्कृति #धर्मऔरविज्ञान #आध्यात्मिकज्ञान #ज्ञानकीबात #तर्कऔरज्ञान #आध्यात्मिकता #भारतीयसंस्कृति #हिंदूसंस्कृति #धर्मज्ञान #सनातन #भारतीयपरंपरा #प्रयागराज #गंगातट #पितरोंकातर्पण #श्रद्धा #कर्म #संस्कारोंकीशक्ति #Sanwariya #KailashChandraLadha #JaiShriKrishna #SanatanDharma #HinduCulture #Spirituality #VedicKnowledge #IndianCulture #FaithAndScience #Prayagraj

function disabled

Old Post from Sanwariya