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गुरुवार, 31 जुलाई 2025

उच्च रक्तचाप की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कुछ नुस्खे हर घर मे एक ना एक बी-पी का पेसेट होता हे और वो जीवनभर बी-पी. की दवा खाता हे ।

उच्च रक्तचाप की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कुछ नुस्खे 
हर घर मे एक ना एक बी-पी का पेसेट होता हे और वो जीवनभर बी-पी. की दवा खाता हे । 

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🍀👉हमे सबसे पहले यह देखना है कि बी.पी.का कारण क्या है  हर बीमारी में पहला कारण है टेंशन।फिर शारीरिक परिश्रम की कमी, गलत खान-पान और कोलेसट्राल का बढना । 
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🍀👉इलाज:-1.कभी भी बी.पी.ज्यादा होने पर तुरंत एक गिलास गुनगुना पानी में आधा चम्मच काली मिच॔ का पाउडर मिलाकर  पीने से तुरंत लेवल में आ जायेगा।    

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🍀👉2.एक लहसुन की कली सुबह खाली पेट पानी से लें।              

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🍀👉3.एक कप पानी में आधा नींबू का रस मिलाकर पीने से बहुत फायदा होता है दिन में तीन-चार बार लें। ये सब अजमाया हुआ है।         

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🍀👉4. दो टमाटर सुबह खाली पेट खावे ।                                     

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🍀👉5.तीन भाग गाजर के रस में एक भाग पालक का रस मिलाकर सुबह पीने से रक्तचाप सामान्य होता है ।                                          

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🍀👉6.मुनक्का या शहद के साथ लहसुन खाने से रक्तचाप सामान्य होता है।                                   

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🍀👉7.क्रोध नहीं करें, नमक कम करदें,घी तेल,मिच॔-मसाले कम करदें।                                             
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🍀👉8.नहाने के बाद एक गिलास पानी पिएँ । बस आप ये नियमित करें । शवासन जरुर करें                        

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इन नुस्खो मे से आप किसी भी 1का प्रयोग करके उच्चरक्तचाप की बिमारी से छुटकारा पा सकते हे ये सभी नुस्खे परिक्षित है                                        

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ज़िंदगी की पूजा खत्म हो जाती है और हवन सामग्री बची रह जाती है। हम बचाने में इतने खो जाते हैं कि जब सब कुछ होना हवन कुंड के हवाले है, उसे बचा कर क्या करना। बाद में तो वो सिर्फ धुंआ ही देगा।

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*बहुत छोटी सी कहानी*

मैं एक गृह प्रवेश की पूजा में गया। पंडित जी पूजा करा रहे थे।

पंडित जी ने सबको हवन में शामिल होने के लिए बुलाया। सबके सामने हवन सामग्री रख दी गई। पंडित जी मंत्र पढ़ते और कहते, “स्वाहा।”

लोग चुटकियों से हवन सामग्री लेकर अग्नि में डाल देते। गृह मालिक को स्वाहा कहते ही अग्नि में घी डालने की ज़िम्मेदीरी सौंपी गई। 

हर व्यक्ति थोड़ी सामग्री डालता, इस आशंका में कि कहीं हवन खत्म होने से पहले ही सामग्री खत्म न हो जाए। गृह मालिक भी बूंद-बूंद घी डाल रहे थे। उनके मन में भी डर था कि घी खत्म न हो जाए। 

मंत्रोच्चार चलता रहा, स्वाहा होता रहा और पूजा पूरी हो गई। 
सबके पास बहुत सी हवन सामग्री बची रह गई। घी तो आधा से भी कम इस्तेमाल हुआ था। 

हवन पूरा होने के बाद पंडित जी ने कहा कि आप लोगों के पास जितनी सामग्री बची है, उसे अग्नि में डाल दें। गृह स्वामी से भी उन्होंने कहा कि आप इस घी को भी कुंड में डाल दें। 

एक साथ बहुत सी हवन सामग्री अग्नि में डाल दी गई। सारा घी भी अग्नि के हवाले कर दिया गया। पूरा घर धुंए से भर गया। वहां बैठना मुश्किल हो गया। 
एक-एक कर सभी कमरे से बाहर निकल गए। 

अब जब तक सब कुछ जल नहीं जाता, कमरे में जाना संभव नहीं था।काफी देर तक इंतज़ार करना पडा, सब कुछ स्वाहा होने के इंतज़ार में। 

मेरी कहानी यहीं रुक जाती है। 

उस पूजा में मौजूद हर व्यक्ति जानता था कि जितनी हवन सामग्री उसके पास है, उसे हवन कुंड में ही डालना है। पर सबने उसे बचाए रखा। सबने बचाए रखा कि आख़िर में सामग्री काम आएगी। 

ऐसा ही हम करते हैं। यही हमारी फितरत है। हम अंत के लिए बहुत कुछ बचाए रखते हैं। 

ज़िंदगी की पूजा खत्म हो जाती है और हवन सामग्री बची रह जाती है। हम बचाने में इतने खो जाते हैं कि जब सब कुछ होना हवन कुंड के हवाले है, उसे बचा कर क्या करना। बाद में तो वो सिर्फ धुंआ ही देगा। 

संसार हवन कुंड है और जीवन पूजा। एक दिन सब कुछ हवन कुंड में समाहित होना है। अच्छी पूजा वही है, जिसमें हवन सामग्री का सही अनुपात में इस्तेमाल हो l 

*🙏. . . 🙏*

जिसके सेवन से हमारा पूरा शरीररोग मुक्त रहता हैं और हमारीरोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती हैं।

👉 *आंवला*
किसी भी रूप में थोड़ा सा
आंवला हर रोज़ खाते रहे,
जीवन भर उच्च रक्तचाप
और हार्ट फेल नहीं होगा।

👉 *मेथी*
मेथीदाना पीसकर रख ले।
एक चम्मच एक गिलास
पानी में उबाल कर नित्य पिए।
मीठा, नमक कुछ भी नहीं डाले।
इस से आंव नहीं बनेगी,
शुगर कंट्रोल रहेगी और
जोड़ो के दर्द नहीं होंगे
और पेट ठीक रहेगा।

👉 *नेत्र स्नान*
मुंह में पानी का कुल्ला भर कर
नेत्र धोये।
ऐसा दिन में तीन बार करे।
जब भी पानी के पास जाए
मुंह में पानी का कुल्ला भर ले
और नेत्रों पर पानी के छींटे मारे, धोये।
मुंह का पानी एक मिनट बाद
निकाल कर पुन: कुल्ला भर ले।
मुंह का पानी गर्म ना हो इसलिए
बार बार कुल्ला नया भरते रहे।

भोजन करने के बाद गीले हाथ
तौलिये से नहीं पोंछे।
आपस में दोनों हाथो को रगड़ कर
चेहरा व कानो तक मले।
इससे आरोग्य शक्ति बढ़ती हैं।
नेत्र ज्योति ठीक रहती हैं।

👉 *शौच*
ऐसी आदत डाले के नित्य
शौच जाते समय दाँतो को
आपस में भींच कर रखे।
इस से दांत मज़बूत रहेंगे,
तथा लकवा नहीं होगा।

👉 *छाछ*
तेज और ओज बढ़ने के लिए
छाछ का निरंतर सेवन
बहुत हितकर हैं।
सुबह और दोपहर के भोजन में
नित्य छाछ का सेवन करे।
भोजन में पानी के स्थान पर
छाछ का उपयोग बहुत हितकर हैं।

👉 *सरसों तेल*
सर्दियों में हल्का गर्म सरसों तेल
और गर्मियों में ठंडा सरसों तेल
तीन बूँद दोनों कान में
कभी कभी डालते रहे।
इस से कान स्वस्थ रहेंगे।

👉 *निद्रा*
दिन में जब भी विश्राम करे तो
दाहिनी करवट ले कर सोएं। और
रात में बायीं करवट ले कर सोये।
दाहिनी करवट लेने से बायां स्वर
अर्थात चन्द्र नाड़ी चलेगी, और
बायीं करवट लेने से दाहिना स्वर
अर्थात सूर्य स्वर चलेगा। 

👉 *ताम्बे का पानी*
रात को ताम्बे के बर्तन में
रखा पानी सुबह उठते बिना
कुल्ला किये ही पिए,
निरंतर ऐसा करने से आप
कई रोगो से बचे रहेंगे।
ताम्बे के बर्तन में रखा जल
गंगा जल से भी अधिक
शक्तिशाली माना गया हैं।

👉 *सौंठ*
सामान्य बुखार, फ्लू, जुकाम
और कफ से बचने के लिए
पीसी हुयी आधा चम्मच सौंठ
और ज़रा सा गुड एक गिलास पानी में
इतना उबाले के आधा पानी रह जाए।
रात को सोने से पहले यह पिए।
बदलते मौसम, सर्दी व वर्षा के
आरम्भ में यह पीना रोगो से बचाता हैं।
सौंठ नहीं हो तो अदरक का
इस्तेमाल कीजिये।

👉 *टाइफाइड*
चुटकी भर दालचीनी की फंकी
चाहे अकेले ही चाहे शहद के साथ
दिन में दो बार लेने से
टाइफाईड नहीं होता।

👉 *ध्यान*
 हर रोज़ कम से कम 15 से 20
मिनट मैडिटेशन ज़रूर करे।

👉 *नाक*
रात को सोते समय नित्य
सरसों का तेल नाक में लगाये।
हर तीसरे दिन दो कली लहसुन
रात को भोजन के साथ ले।
प्रात: दस तुलसी के पत्ते और
पांच काली मिर्च नित्य चबाये।
सर्दी, बुखार, श्वांस रोग नहीं होगा।
नाक स्वस्थ रहेगी।

👉 *मालिश*
स्नान करने से आधा घंटा पहले
सर के ऊपरी हिस्से में
सरसों के तेल से मालिश करे।
इस से सर हल्का रहेगा,
मस्तिष्क ताज़ा रहेगा।
रात को सोने से पहले
पैर के तलवो, नाभि,
कान के पीछे और
गर्दन पर सरसों के तेल की
मालिश कर के सोएं।
निद्रा अच्छी आएगी,
मानसिक तनाव दूर होगा।
त्वचा मुलायम रहेगी।
सप्ताह में एक दिन पूरे शरीर में
मालिश ज़रूर करे।

👉 *योग और प्राणायाम*
 नित्य कम से कम आधा घंटा
योग और प्राणायाम का
अभ्यास ज़रूर करे।

👉 *हरड़*
हर रोज़ एक छोटी हरड़
भोजन के बाद दाँतो तले रखे
और इसका रस धीरे धीरे
पेट में जाने दे।
जब काफी देर बाद ये हरड़
बिलकुल नरम पड़ जाए
तो चबा चबा कर निगल ले।
इस से आपके बाल कभी
सफ़ेद नहीं होंगे,
दांत 100 वर्ष तक निरोगी रहेंगे
और पेट के रोग नहीं होंगे। 

👉 *सुबह की सैर*
सुबह सूर्य निकलने से पहले
पार्क या हरियाली वाली जगह पर
सैर करना सम्पूर्ण स्वस्थ्य के लिए
बहुत लाभदायक हैं।
इस समय हवा में प्राणवायु का
बहुत संचार रहता हैं।
जिसके सेवन से हमारा पूरा शरीर
रोग मुक्त रहता हैं और हमारी
रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती हैं।

👉 घी खाये मांस बढ़े,
  अलसी खाये खोपड़ी,
     दूध पिये शक्ति बढ़े,
 भुला दे सबकी हेकड़ी।

👉तेल तड़का छोड़ कर
       नित घूमन को जाय,
       मधुमेह का नाश हो
     जो जन अलसी खाय ।।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

आज हम आपको ऐसे घरेलु नुस्खे बताने जा रहे जिससे आप अपने चेहरे के दाग मिटा सकते हैं।

दाग धब्बे आपके चेहरे की खूबसूरती को बिगाड़ कर रख देते है। इसलिए जरुरी है की जहां तक संभव हो चेहरे पर होने वाले दाग से चेहरे को बचाया जाए। ये बहुत मुश्किल काम नहीं है। ना ही इसके लिए आपको महंगी क्रीम लगाने की जरुरत है। इसके लिए सिर्फ थोडा सतर्क रहकर चेहरे की देखभाल की जानी चाहिए। चेहरे को धुल-मिटटी व धूप से बचाना चाहिए, दो तीन बार दिन में साफ जल से चेहरे को धोना चाहिए और कुछ आसान से घरेलु नुस्खे अपनाए जाने चाहिए।
आज हम आपको ऐसे घरेलु नुस्खे बताने जा रहे जिससे आप अपने चेहरे के दाग मिटा सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ घरेलु नुस्खे...
आइए जानते हैं कपूर के ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में...वैसे तो कपूर का इस्तेमाल हर घर में पूजा-पाठ करने में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन आयुर्वेद में इसके अनेक लाभ बताए गए हैं। इसलिए इसका इस्तेमाल कई औषधियां बनाने के लिए किया जाता है। आप भी अपनी छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स दूर करने के लिए कपूर की मदद ले सकते हैं।
जानिए अन्य फायदे...-नारियल का तेल और कपूर मिलाकर रख लें। इसे रोज पिंपल्स, जले या चोट के दाग पर लगाएंगे तो कुछ दिनों में ये निशान मिट जाएंगे।-नारियल के तेल में कपूर मिलाएं। इसे गुनगुना कर सिर की मालिश करें और एक घंटे बाद सिर घो लें। डैंड्रफ की प्रॉब्लम खत्म होगी और बाल नहीं झडेंग़े।-रेग्युलर रात को सोने से पहले कच्चे दूध में जरा-सा कपूर का पाउडर डालें। रुई की मदद से इसे चेहरे पर लगाएं। 5 मिनट बाद धो लें। स्किन हेल्दी बनेगी और चेहरे का ग्लो बढ़ेगा।-एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवाइन डालकर उबालें। पानी आधा रह जाए, तो इसमें जरा सा कपूर डालकर पी जाएं। पेट दर्द में जल्द आराम मिलेगा।-कपूर, अजवाइन, पिपरमेंट को बराबर मात्रा में मिलाकर कांच की बरनी में भरें। इसे धूप में रखें। 6-8 घंटे बाद इसे हटा लें। तैयार मिश्रण की 4-5 बूंद डालकर शर्बत बनाकर पिएं। आराम मिलेगा।-मसल्स या जोड़ों के दर्द की शिकायत है, तो दर्द वाली जगह पर कपूर के तेल से मालिश करें। जल्द राहत मिलेगी।-खुजली या फंगल इन्फेक्शन होने पर प्रॉब्लम वाली जगह पर नारियल के तेल में कपूर डालकर लगाने से आराम मिलेगा।-जलने पर कपूर या कपूर का तेल लगाइए। जलन खत्म होगी और इन्फेक्शन का खतरा टलेगा।-घर में कपूर का धुंआ करने से आसपास मौजूद बैक्टीरिया खत्म होते हैं, जिससे इन्फेक्शन और बीमारियों का खतरा टलता है।-गर्म पानी में थोड़ा सा कपूर और नमक डालें। इसमें कुछ देर पैर डालकर रखें, फिर स्क्रब करके मॉइश्चराइजर क्रीम लगा लें। फटी एडिय़ों की प्रॉब्लम दूर होगी।-जैतून के तेल में कपूर मिलाकर सिर की मालिश करें। स्ट्रेस और सिरदर्द की प्रॉब्लम दूर होगी।-कपूर में एंटीबायोटिक प्रॉपर्टी चोट ठीक करने में मदद करती है। चोट लगने, कट जाने या घाव हो जाने पर प्रॉब्लम वाली जगह पर कपूर मिला पानी लगाने से आराम मिलेगा।-दांत दर्द पर दर्द वाली जगह पर कपूर का पाउडर लगाएं। जल्द राहत मिलेगी।-कपूर को शुद्ध घी में मिलाकर मुंह के छालों मे लगाएं। छालों से राहत मिलेगी।-सर्दी-जुकाम होने पर तिल या नारियल तेल में कपूर मिलाकर चेस्ट और सिर पर लगाएं या इसके पानी की भाप लें। राहत मिलेगी।

खून साफ करने का चमत्कारी उपाय, इससे शरीर में भरी-पडी गंदगी सिर्फ़ 6 घंटे में बाहर निकल जाएगी

खून साफ करने का चमत्कारी उपाय, इससे शरीर में भरी-पडी गंदगी सिर्फ़ 6 घंटे में बाहर निकल जाएगी

रक्त या खून शरीर के करोड़ों सेल्स को ऑक्सीजन मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व पहुँचाने का काम करता है और यही सेल्स हमारे स्वस्थ शरीर का निर्माण करते हैं। हमारे गलत खानपान से अधिक अम्लीय पदार्थ और नमक के सेवन से ये धीरे धीरे दूषित होता रहता है शरीर से विजातीय पदार्थ जैसे मल मूत्र आदि अगर सही से ना निकले तो भी ये गंदगी शरीर के रक्त में घुल जाती है। जिस कारण से अनेक रोग उत्पन्न हो जाते हैं जिनमे चर्म रोग विशेष हैं इसलिए स्वस्थ और सुन्दर शरीर की कामना रखने वालों को अपने रक्त की शुद्धि पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खून को प्राकृतिक तरीके से साफ़ करने और शरीर के अंदर की गंदगी को बाहर निकालने के लिए इन आहारो को अपने भोजन में ज़रूर शामिल करें।

रक्त या खून साफ करने के प्राकृतिक तरीके
आंवला रक्त में बढ़ी हुई गर्मी को कम करता है रक्त में जमा मल विष को दूर कर रक्त शुद्ध करता है मांस में गर्मी बढ़ा कर मांस के मल को जलाता है। पेशी कोषों को शुध्द करता है। आंवला हर प्रकार शरीर की हर चीज़ की सफाई करता है। चर्म रोगों में लाभदायक है यह विटामिन सी का भण्डार है और नया रक्त बनाता है और शरीर की गंदगी बाहर निकल जाती है।
बेल का चूर्ण और देशी बूरा सामन मात्रा में मिला कर पानी से फँकी ले खून साफ़ हो जायेगा।
कच्चे दूध की लस्सी पीने से रक्त शुद्ध रहता है चार दिन दूध में शहद डालकर पीएँ।
नीम्बू रक्त को शुद्ध करता है नीम्बू को फीके गरम पानी में दिन में तीन बार पीना चाहिए। पानी, चाय की तरह गर्म होना चाहिए।
25 ग्राम मुनक्के रात को पानी में भिगों दें इन्हे प्रात: पीसकर एक कप पानी में घोलकर प्रतिदिन पीते रहने से शरीर की गंदगी बाहर निकल जाती है और खून साफ़ होता है।
60 ग्राम करेले का रस एक कप पानी में मिलाकर नित्य कुछ दिन तक सेवन करने से शरीर का दूषित खून साफ़ हो जाता है।
आधा चम्मच हल्दी, एक चम्मच पिसा हुआ आंवला मिला कर गर्म पानी से फंकी लेने से खून साफ़ होता है।
नीम की पाकी हुयी दस निम्बोली नित्य चूसने से रक्तविकार ठीक हो जाता है।
लाल टमाटर का रस सुबह शाम एक एक गिलास पीने से खून साफ़ होता है चर्म पर होने वाली छोटी छोटी फुंसियां खुजली त्वचा का रूखापन सूखापन तथा लाल चकते दूर हो जाते हैं।
गाजर नारंगी अमरुद गन्ना बेर परवल पालक सेम यह खून शुध्द करती है इन चीजों को अपने भोजन में ज़रूर शामिल करें।

शुक्रवार, 25 जुलाई 2025

Gems & Art Plaza – India's Royal Jewellery Destination in Jodhpur, Rajasthan


💎 Gems & Art Plaza 
 India's Royal Jewellery Destination in Jodhpur, Rajasthan
(Exclusive Jewellery & Art Work)
📍 Plot No. 1A, 1B, Parwati Nagar, Circuit House Rd, East Patel Nagar, Jodhpur
📞 +91 9829024466 | 🌐 www.gemartplaza.com
📍  Get directions  💬 Leave Review


🏰 20 Years of Royal Heritage – 

The Story of Gems & Art Plaza

    M/s Gems & Art Plaza is not just a jewellery showroom — it is a symbol of heritage, craftsmanship, and timeless elegance nestled in the royal city of Jodhpur. Serving clients across the globe for over two decades, we are proud to be known as Jodhpur’s most iconic and reputed jewellery destination.


We are manufacturers, designers, and retailers of royal and designer jewellery, bringing centuries-old Rajasthani traditions to life in contemporary form. Our showroom blends the soul of Rajputana artistry with the needs of the modern, elite clientele.


 

🛕 Presence in Jodhpur’s Finest Heritage Hotels

To serve our high-profile customers and international visitors, we proudly operate branches across Jodhpur’s most luxurious properties and heritage hotels:

RAAS Haveli

Ajit Bhawan Palace

Khaas Bagh

On The Rocks

Ranbanka Palace

The Ummed

Taj Hari Mahal

Jodhpur Airport

For the past 25 years, these prestigious locations have allowed us to reach discerning clients from around the world — including royalty, celebrities, designers, collectors, and brides.

✨ Our Signature Collections

At Gems & Art Plaza, every piece tells a story of Indian heritage and fine craftsmanship. We specialize in:

💍 Traditional Kundan Meena Polki Bridal Jewellery


💎 Rose-Cut Diamond Jewellery   

🌈 Precious & Semi-Precious Gems Jewellery 
      (Emerald, Ruby, Sapphire, Tourmaline, Tanzanite)

🎨 Victorian Jewellery

⚜️ Silver-Gold Mixed Antique Jewellery

👑 Rajputana Bridal Jewellery


Each design is handcrafted by our team of expert artisans using traditional techniques passed down for generations.

🌍 Global Reach & Celebrity Clientele

Our creations have been admired and owned by jewellery lovers across India and around the world. Gems & Art Plaza has proudly served celebrity clients, global collectors, and royal families from all corners of the globe.

🕴️ Our Notable Clients Include:

  • Hollywood Icons: 
    Richard Gere, Peter O’Toole, Angelina Jolie, Brad Pitt, 
    Jackie Chan, Priyanka Chopra & Nick Jonas, Sofie Turner 

  • Royal Families : 
    Princess Marie Chantal of Greece, Indian Royal Families and Many worldwide Royal Families, 


  • Bollywood Celebrities: Amitabh Bachchan, Aamir Khan, Rani Mukerji, Govinda, Richa Pallod, Shreya Saran, Jackie Shroff and many more

  • Music Legends: Asha Bhosale, Suresh Wadkar, Anup Jalota, Shivmani & many more

     

  • Business Tycoons: Laxmi Niwas Mittal, Tina Ambani & Many more 

  • Sports Icon: Sachin Tendulkar


Their visits to our Jodhpur showroom speak volumes about our unmatched reputation in traditional Indian jewellery.


💬 What Makes Us the Best Jewellery Showroom in Jodhpur?
✔️ 100% BIS Hallmarked Gold
✔️ IGI/GIA Certified Diamonds
✔️ Custom-made Bridal & Celebrity-Inspired Jewellery
✔️ Worldwide Shipping & Safe Delivery
✔️ Over 1,00,000+ Happy Clients
✔️ Multi-language support for international guests

🛍️ Visit Us for an Unforgettable Jewellery Experience

If you're seeking a place where Rajasthani royal tradition meets modern luxury, look no further than Gems & Art Plaza. Whether it's for a wedding, heritage photoshoot, film, or custom bridal piece, we ensure every client feels like royalty.

📍 Visit our flagship store:

 No. 1A, 1B, 
Parwati Nagar,
 Circuit House Road, 
Jodhpur, Rajasthan 342006 (INDIA)

📞 Contact: +91 9829024466

📧 Email: jodhpurgemsartplaza@gmail.com |                    gemartplaza@hotmail.com
🌐 Website: www.gemartplaza.com
📲 Instagram: @gemsartplaza
👍 Facebook: Gems & Art Plaza

📍 Click here for directions 

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रविवार, 13 जुलाई 2025

नरेंद्र मोदी कोई सामान्य राजनेता नहीं हैं। वह आधुनिक युग के विदुर और चाणक्य के संयुक्त रूप हैं।

*मित्रो नरेंद्र मोदी कोई सामान्य राजनेता नहीं हैं।* 
*वह आधुनिक युग के विदुर और चाणक्य के संयुक्त रूप हैं।* 
*मोदी, गांधी की तरह लोगों के दिमाग से खेलना जानते हैं।*

*गाँधीजी ने अहिंसा की आड़ में*
*अपने चहेते मुसलमानों को एक अलग देश दे दिया।* 
*मुसलमानों के हाथों लाखों हिंदू मारे गये।* 
*हमारी हिन्दू बहन, बेटियों के साथ अनगिनत दुष्कर्म और बलात्कार किये गये।*

*सैकड़ों मंदिरों में कुरान पढ़ी गई..* 
*लेकिन गांधी ने हिंदुओं के लिए कुछ नहीं किया।* 
*भगवत गीता किसी मस्जिद में नहीं पढ़ाई गई।*

*कांग्रेस के वोट बैंक की रक्षा के लिए..* 
*तीन करोड़ मुसलमानों को भारत से पलायन करने से रोका गया!*

*75 साल बाद असली चाणक्य आया है..* 
*वह भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के आधे रास्ते पर पहुंच गए हैं।* 
*मुसलमानों का विश्वास जीतने की आड़ में*
*वह भारत में मुसलमानों पर* 
*उल्लेखनीय तेजी से राजनीतिक शिकंजा कस रहा है।*

*क्या आपको लगता है कि मोदी इस बात से अनजान हैं*
*कि मुसलमान कैसे वोट करते हैं ?* 
*वह गणनाएँ हमसे बेहतर जानता है।* 
*वह जानते हैं कि 25 अक्टूबर 1951 से कांग्रेस ने यह कैसे मैनेज किया है।* 
*वे अभी भी मुस्लिम वोट बैंक को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं।* 
*वह उन्हें खेलने दे रहा है।*

*मोदीजी ने गांधी-गांधी का नारा लगाया..* 
*लेकिन मूर्ति सरदार पटेल की बनवा दी!*

*मोदीजी ने गांधी-गांधी का नारा लगाया..* 
*और सुभाषचंद्र बोस की वीरता का गुणगान करके* 
*और उस दिग्गज के नाम पर एक स्मारक और संग्रहालय बनाकर स्वतंत्रता दिवस मनाया।*

*मोदीजी ने गांधी-गांधी का जाप किया..* 
*और धारा 370 ख़त्म कर*
*जम्मू-कश्मीर से राजनीतिक इस्लामीकरण को हमेशा के लिए ख़त्म कर दिया।*

*मोदीजी ने गांधी-गांधी का जाप किया..* 
*लेकिन 2 अक्टूबर को लाल बहादुर शास्त्री को महत्व देकर..* 
*नई पीढ़ी को जागृत कर दिया।*

*बाकी सब कुछ उनकी सर्वोत्तम योजना के अनुसार ही चल रहा है।* 
*मोदी एक मिशन पर हैं..*
*उसे निराश मत करो।* 
*यह राजनीतिक संन्यासी हमारी और बड़े-बड़े राजनीतिक पंडितों की समझ से परे है।* 
*भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के उनके प्रयास को कोई नहीं रोक सकता।*

*अभी उसे किसी की सलाह की जरूरत नहीं..* 
*उसे आपके वोट चाहिए।*
*वह जानता है कि बाकी काम कैसे करना है।* 
*हम 1000 साल से सो रहे हैं..* 
*इसीलिए मैकाले की शिक्षा प्रणाली का अंधापन* 
*और 70 साल की* 
*कांग्रेस की टुकड़ों पर पलने की आदत है।*

*यकीन मानिए* 
*अगर 60 फीसदी हिंदू भी जाग गए..*
*तो यह तय है..* 
*कि अगले 30 साल के भीतर भविष्य में हिंदुओं के लिए एक बेहतर दुनिया होगी।*

*इसलिए आपको इस संदेश को*
*समान विचारधारा वाले अन्य लोगों तक फैलाने की जरूरत है।*
*किसी के बहकावे में न आएं..* 
*और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास रखें।*

*मैंने अपना काम कर दिया है..* 
*अब आपकी बारी है* 
*कम से कम 10 लोगो को जगाने की*
*भारत माता की जय*
*वन्दे मातरम - जय हिंद*
*🪷 🇮🇳  🙏  🇮🇳 🪷 RSS  की  स्थापना  भारत  की आजादी  से  पहले 1925 में  हुई,   देश  में  हिन्दू  तब भी  थे ।*

   *लेकिन ,  वो RSS के  साथ नहीं, महात्मा गाँधी  के  साथ चले।*
 
    *इस  साथ के बदले  गाँधी ने  हिंदुओं  की जमीन काट कर   मुसलमानों को  दे दी, वो  जमीन जो  हज़ारों साल से हिंदुओं  की  थी।*

    *क्षणिक  आवेश के  बाद शांत हुआ देश का  हिन्दू तब भी गोडसे  के  साथ नहीं गया, नेहरू   के  साथ गया।*

*चार दशक बाद, 1980 में  भाजपा बनी  लेकिन  देश का हिन्दू   तब भी भाजपा  के साथ नहीं  था, इंदिरा  के साथ था, राजीव के  साथ था।*

*तब संसद भवन/ राष्ट्रपति भवन में रोजा इफ्तार  होता था,हिन्दू ने कोई ऐतराज  नहीं किया।*

*हिन्दू तो अपने घर में माता को चूनर चढ़ा कर खुश था।*
*हज के लिए सब्सिडी दी जा रही थी,* *हिन्दू तब अमरनाथ वैष्णो देवी की यात्रा में आतंकियों  की गोली खा कर  भी खुश था।*

*ट्रेनों में, पार्कों में, बसों में, सड़कों को घेर कर  नमाज होती थी।*
*बेचारा हिन्दू खुद को बचा के कच्ची पगडंडी से घर-ऑफिस  निकल जाता था।*

*( दिल्ली में CAA,NRC के विरोध में महीनों धरना चला, हिन्दू १५-२० किमी चक्कर लगाकर घर आफिस जाता था लेकिन फ्री के चक्कर में केजरीवाल को जिताया। भीषण  दंगों का  दंश झेला !*

*पूरे देश में  वक्फ की आड़ में अनगिनत मस्जिदें बन रही थीं, हिन्दू को कोई ऐतराज नहीं था।*

*वो तो तब अस्पताल मांग रहा था।*

*जगह  जगह  मज़ारें बनाकर जमीन कब्जाई जा रही थी, हिन्दू  उन्हीं  मज़ारों पर माथा  टेककर अपने  बच्चों  के लिए स्कूल मांग रहा था।*

*फिर एक दिन हिंदुओं ने अपने आराध्य श्रीराम जी का अपना एक मंदिर वापस मांग लिया।*

*लेकिन कुछ लोग रावण की तरह अभिमान में डूबे थे।* 

   *रावण ने  कहा था सीता वापस नहीं करूँगा, ये राम और इसकी वानर सेना क्या ही कर लेगी।*

    *कलयुग के  रावणों  को भी लगा, मन्दिर  वापस नहीं करेंगे, ये  काल्पनिक राम और  इसकी वानर सेना  क्या ही कर लेगी।* 
                                                                                                                                                                                        *बाबर  ना  तो अयोध्या में  पैदा हुआ था और न अयोध्या में मरा था।*
*उसके नाम से मस्ज़िद देश में कहीं भी बन सकती थी।*
*देश में  हज़ारों  लाखों मस्जिदों के बनने पर भी  हिन्दू को  ऐतराज नहीं था।*

*उसे चाहिए था तो बस एक मंदिर, लेकिन उसे मिला क्या?* 
*माथे पर लगाने के लिए  रामभक्तों के रक्त से  सनी  अयोध्या  की मिट्टी, अर्चन के  लिए खून से  लाल सरयू का जल, अर्पण  के लिए ट्रेन  की बोगी  में जली हुई  रामभक्तों की लाशें।*

*अभी तक स्कूल अस्पताल  नौकरी के सपनों में खोया बहुसंख्यक हिन्दू  जिद पर अड़ गया।                                                                                                                                                                     उसका  स्वाभिमान जाग गया।*                                                                                                                                                          
   *वो उठ  खड़ा हुआ, एकजुट हुआ और अपने ही देश  में दोयम दर्जे का नागरिक बने रहने का अभिशाप एक झटके में उखाड़ फेंका।* 

*बात  सिर्फ एक मंदिर की थी, आज वो अपना  हर मन्दिर वापस लेने की जिद पकड़ बैठा है।*

   *हिंदुओं ने  वो कर दिखाया है, जो संसार की  कोई भी सभ्यता नहीं कर पाई।*

       *न यहूदी अपने धार्मिक स्थल वापस ले पाए, न ईसाई और न पारसी।*
*और ना ही मुसलमान यहूदियों या ईसाईयों से अपने धार्मिक स्थल  वापस ले पाए !*

*लेकिन हिंदुओं ने इनके जबड़े में हाथ डाल कर अपने आराध्य का घर वापस ले लिया।*      
                                                                                                                                                                                                                     *ये मदमस्त वानरों की टोली है,*
*इनके रास्ते में मत आओ,*
*भले ही आप राजनीति के सर्वोच्च पद पर हों या धर्म के।*
 
*ये राम की वानर सेना है, जो लड़ना भी जानती है और अब जीतना भी।*

*और हां अयोध्या तो झांकी है,  अभी हिंदू राष्ट्र व  मथुरा काशी बाकी है ।*

*भारत माता की जय।*
*वंदे मातरम् - जय हिंद।*
*इस संदेश को कम से कम पांच ग्रुप में जरूर भेजें।*

*कुछ लोग नहीं भेजेंगे  जो नहीं  भेजेंगे वो  वही हिंदू हैं जो उस वक्त भी हिंदुओं के साथ नहीं बल्कि विधर्मियों के साथ खड़े थे !*

*लेकिन मुझे यकीन है आप जरूर भेजेंगे।*
*{ शपथ है आपको "राम" की ५ ग्रुप में भेजना ही है ,*सोए हुए आलसी हिन्दुओं के लिये }-*            

*जय जयश्री राम*

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गुरुवार, 10 जुलाई 2025

बुढ़ापे को बीमारी न समझें,👉 बदलाव को नुकसान न मानें।

विदेश के एक अस्पताल के निदेशक ने बुज़ुर्गों के लिए 5 अहम बातें बताई हैं:-


कई "बीमारियाँ" असल में बीमारी नहीं, बल्कि सामान्य बुढ़ापा हैं।

  1. आप बीमार नहीं हैं, आप बस बूढ़े हो रहे हैं।

  2. जिन तकलीफों को आप बीमारी समझते हैं, उनमें से ज़्यादातर दरअसल उम्र बढ़ने के सामान्य संकेत हैं।

  3. भूलने की बीमारी का मतलब अल्ज़ाइमर नहीं होता।

अगर आप चाबी कहां रखी है भूल जाएं, लेकिन बाद में खुद ही ढूंढ लें, तो ये डिमेंशिया नहीं है। घबराने की ज़रूरत नहीं — ये बुढ़ापा है, कोई रोग नहीं।

  1. धीरे चलना या पैरों का कांपना लकवा नहीं है।

ये मांसपेशियों की कमजोरी का संकेत हो सकता है। इसका इलाज दवा नहीं बल्कि व्यायाम है।

  1. नींद न आना मतलब इंसोम्निया नहीं है।

बुढ़ापे में दिमाग की नींद की प्रक्रिया बदलती है — इसे "स्लीप स्ट्रक्चर" का बदलाव कहते हैं। नींद की गोली लेना खतरनाक हो सकता है — इससे गिरने का जोखिम बढ़ता है, और याददाश्त पर असर पड़ता है। बेहतर उपाय है, दिन में धूप में समय बिताना, नियमित दिनचर्या रखना, यही सबसे अच्छी "नींद की दवा" है।

  1. शरीर में दर्द यानी गठिया या ऑस्टियोपोरोसिस नहीं है।

बुज़ुर्ग अक्सर कहते हैं — हाथ-पैर में हर जगह दर्द है, क्या ये रूमेटिज़्म है या हड्डियों की कमजोरी है ?
हां, उम्र बढ़ने से हड्डियाँ पतली होती हैं, लेकिन 99% दर्द नसों की उम्र से जुड़ा होता है, इसे “सेंट्रल सेंसिटाइजेशन” कहते हैं।
दवा से आराम नहीं मिलेगा, हल्का व्यायाम और फिजियोथेरेपी ही कारगर उपाय है। सोने से पहले गरम पानी में पैर डुबाना + गर्म सेंक + हल्की मालिश, दवा से कहीं ज़्यादा असरदार है।

  1. टेस्ट रिपोर्ट में असामान्यता मतलब बीमारी नहीं होती।

हो सकता है रिपोर्ट के मापदंड पुराने हों। WHO कहता है, बुज़ुर्गों के शारीरिक संकेत थोड़े लचीले होने चाहिए। जैसे थोड़ा ज़्यादा कोलेस्ट्रॉल नुकसान नहीं करता, बल्कि लंबे जीवन में मदद करता है क्योंकि कोलेस्ट्रॉल से हार्मोन और कोशिकाओं की झिल्ली बनती है। बहुत कम कोलेस्ट्रॉल से इम्युनिटी घटती है।

"अमरीकी हस्पतालों की हाई ब्लड प्रेशर गाइडलाइन" कहती है — बुज़ुर्गों के लिए ब्लड प्रेशर <150/90 mmHg तक ठीक है न कि <120/80, जो युवाओं के लिए है।
👉 बुढ़ापे को बीमारी न समझें,

👉 बदलाव को नुकसान न मानें।

बुढ़ापा कोई रोग नहीं — यह जीवन की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।?"

बुज़ुर्गों और उनके बच्चों के लिए तीन ज़रूरी बातें:-

  1. हर असहजता बीमारी नहीं होती — यह याद रखें।

  2. बुज़ुर्गों का सबसे बड़ा "डर" है चैक अप।

हेल्थ चेकअप रिपोर्ट या विज्ञापन देखकर बिलकुल डरिए मत।

  1. बच्चों की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी केवल माँ-बाप को अस्पताल ले जाना नहीं है, बल्कि उनके साथ टहलना, धूप में बैठना, खाना, बातें करना, यही असली दवा है।

बुढ़ापा दुश्मन नहीं है, गलतफहमी ही असली दुश्मन है ....?

जय श्री कृष्ण जी
🌹🙏🌹

कार ऑटोमैटिक लें या मैनुअल? पैसा खर्च करने से पहले बेहतर ऑप्शन समझ लीजिए।

कार ऑटोमैटिक लें या मैनुअल? पैसा खर्च करने से पहले बेहतर ऑप्शन समझ लीजिए। 

👉👉मैनुअल कार सीखना आसान नहीं होता है. क्योंकि आपको सभी गियर की जानकारी रखनी होती है. कौन सा गियर कब डालना है, क्लच कैसे छोड़ना है, पैर कितनी ताकत से रखना है आदि. वहीं, ऑटोमैटिक कार में ये काम थोड़ा आसान है. इंजन स्टार्ट करना है और एक्सेलेटर पर पैर रखना है. बस, इतना करते ही गाड़ी चलनी शुरू हो जाएगी. ये सिस्टम उन लोगों के लिए परफेक्ट है, जो आसानी से कार चलाना सीखना चाहते हैं.

👉👉अगर शहर में रहते हैं, जहां ट्रैफिक लगना आम बात है, तो मैनुअल आपके पैरों को थोड़ा नहीं बल्कि बहुत कष्ट देगी. अगर जो बारिश में फंस गए तो बार-बार गियर बदलते-बदलते और क्लच पर पैर रखते-रखते, हाथ-पैर क्या, पूरा शरीर दुखने वाला है. लेकिन इस मामले में ऑटोमैटिक कार सुकून देती है. बार-बार न गियर बदलने हैं और न ही क्लच पर पैर रखना है. 

👉👉यदि आप एक उत्साही ड्राइवर हैं जो कार पर नियंत्रण चाहते हैं और ईंधन दक्षता को महत्व देते हैं, तो मैनुअल कार आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। यदि आप शहर में रहते हैं और ड्राइविंग को आसान और आरामदायक बनाना चाहते हैं, तो ऑटोमैटिक कार एक अच्छा विकल्प है। 

👉👉आप अगर कम खर्च वाली कार चाहते हैं और ईंधन दक्षता को प्राथमिकता देते हैं तो मैनुअल गियरबॉक्स आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, आप आरामदायक और सुविधाजनक ड्राइविंग अनुभव चाहते हैं या भारी ट्रैफिक या पहाड़ी इलाकों में गाड़ी चलाते हैं तो ऑटोमैटिक गियरबॉक्स आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

👉👉मैनुअल कार को जब आप बेचते हैं तो ऑटोमेटिक की तुलना में इसकी रीसेल वैल्यू कम होती है.  

👉👉ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन वाली कारों की ड्राइविंग बेहद सुविधाजनक होती हैं, चालक को क्लच छोड़ने या गियर पोजिशन देखने की जरूरत नहीं होती, सिर्फ एक पेडल को दबाकर कार चलाई जा सकती है.

👉👉ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन कारें मैनुअल कारों की तुलना में कम माइलेज देती हैं, जिसके कारण फ्यूल खर्च बढ़ जाता है.

👉👉ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन वाली कारें मैनुअल कारों की तुलना में अधिक महंगी होती हैं, इनका बीमा और मेंटनेंस भी ज्यादा होता है.
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रविवार, 6 जुलाई 2025

विश्व का सबसे प्राचीन, वैज्ञानिक और विस्तृत समय गणना तंत्र — भारतीय ऋषि-मुनियों की अद्भुत देन 🇮🇳



📿 सेव कर सुरक्षित कर लीजिए — ऐसी पोस्ट विरले ही मिलती है!


🕉️ विश्व का सबसे प्राचीन, वैज्ञानिक और विस्तृत समय गणना तंत्र — भारतीय ऋषि-मुनियों की अद्भुत देन 🇮🇳

क्षण-क्षण की वैज्ञानिक गणना

  • 🔹 1 काष्ठा = सेकंड का 34,000वां भाग
  • 🔹 1 त्रुटि = सेकंड का 300वां भाग
  • 🔹 2 त्रुटि = 1 लव = 1 क्षण
  • 🔹 30 क्षण = 1 विपल
  • 🔹 60 विपल = 1 पल
  • 🔹 60 पल = 1 घड़ी = 24 मिनट
  • 🔹 2.5 घड़ी = 1 होरा (घंटा)
  • 🔹 3 होरा = 1 प्रहर
  • 🔹 8 प्रहर = 1 दिवस (वार)

🗓️ काल चक्र का विस्तार

  • 🔸 24 होरा = 1 दिन
  • 🔸 7 दिन = 1 सप्ताह
  • 🔸 4 सप्ताह = 1 माह
  • 🔸 2 माह = 1 ऋतु
  • 🔸 6 ऋतुएं = 1 वर्ष
  • 🔸 100 वर्ष = 1 शताब्दी
  • 🔸 10 शताब्दियां = 1 सहस्राब्दी
  • 🔸 432 सहस्राब्दी = 1 युग
  • 🔸 2 युग = द्वापर युग
  • 🔸 3 युग = त्रेता युग
  • 🔸 4 युग = सतयुग
  • सतयुग + त्रेता + द्वापर + कलियुग = 1 महायुग
  • 🔸 72 महायुग = 1 मन्वंतर
  • 🔸 1000 महायुग = 1 कल्प

🌊 प्रलय और पुनर्निर्माण का विज्ञान

  • 🌀 1 नित्य प्रलय = 1 महायुग (पृथ्वी पर जीवन का अंत और पुनः आरंभ)
  • 🌀 1 नैमित्तिक प्रलय = 1 कल्प (देवों का अंत और जन्म)
  • 🌀 1 महालय = 730 कल्प (ब्रह्मा का अंत और पुनर्जन्म)

🕯️ भारत की अद्वितीय द्वैत और त्रैतीय संरचना

🟢 दो (2) की व्यवस्था:

  • नर – नारी
  • शुक्ल पक्ष – कृष्ण पक्ष
  • वैदिक पूजा – तांत्रिक पूजा
  • उत्तरायण – दक्षिणायन

🔵 तीन (3) का समन्वय:

  • ब्रह्मा – विष्णु – महेश
  • महा सरस्वती – महा लक्ष्मी – महा गौरी
  • पृथ्वी – आकाश – पाताल
  • सत्वगुण – रजोगुण – तमोगुण
  • ठोस – द्रव – वायु
  • प्रारंभ – मध्य – अंत

🔱 यह है हमारे भारत का वैदिक समय विज्ञान — जो आज भी विज्ञान को चमत्कृत करता है।
हमें गर्व है कि हम उस संस्कृति से जुड़े हैं जिसने समय को सबसे पहले समझा और गिनना सिखाया।

🙏 जय भारत। जय वैदिक विज्ञान। जय सनातन संस्कृति।


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