गुरुवार, 27 सितंबर 2012

गांधी परिवार की पुरी वंशावली

आज मै आप लोगोँ को गांधी परिवार से बखुबी परिचय करवाना चाहता हुँ।
जिसके लिये मैने एक चार्ट दिया है।
इसे पढ़कर आप गांधी परिवार की पुरी वंशावली के अध्यापक हो जायेगेँ।

अब आप एक नजर इधर भी देखे।

ये नकली गाँधी परिवार अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी कर सकता है।
क्योँकि इस परिवार के लिए रिश्तों या भावनाओ की कोई कद्र नहीं होती।
ये नकली गाँधी परिवार सिर्फ पैसे को ही भगवान समझता है।
आइये कुछ तथ्यों पर नजर डाले :-
१- जवाहर लाल नेहरु की पत्नी टीवी की बीमारी से बुरी तरह प्रभावित थी। लेकिन नेहरु ने उनका कभी हाल चाल तक नहीं लिया उन्हें इलाहबाद मे मरने के लिए छोड़ कर खुद दिल्ली मे एडविना के साथ इश्क फरमाता था।
२- जब नेहरु की सगी बहन का देहांत नैतीताल मे हुआ था तो इस "पवित्र" परिवार का कोई भी सदस्य नहीं पंहुचा।
३- ये "पवित्र " परिवार ने अपने सगे दामाद फिरोज को भी दुत्कार दिया।
४- इंदिरा गाँधी राजीव और सोनिया के शादी के सख्त खिलाफ थी ..फिर राजीव और सोनिया का विवाह हरबंश रॉय बच्चन और तेजी बच्चन ने अपने घर पर करवाया तेजी बच्चन ने सोनिया का कन्यादान किया।
भारतीय संस्कृति मे कन्यादान करने वाली माँ का दर्जा जन्म देने वाली माँ से भी बड़ा माना गया है। बाद मे बच्चन परिवार की राजनितिक झुकाव कांग्रेस से हट गया।
लेकिन ये सोनिया जो अपने हर भाषण मे खुद को भारतीय बहू बताती है। ये तेजी बच्चन जी के निधन पर नहीं गयी इतना ही नहीं तेजी बच्चन दो साल तक लीलावती अस्पताल मे भर्ती रही लेकिन ये नकली गाँधी परिवार का कोई भी सदस्य कभी भी उनका हाल चाल लेने नहीं गया।
जबकि इस दौरान कई बार सोनिया राहुल और प्रियंका मुंबई गए थे।
जब तेजी बच्चन का निधन हुआ था तो बच्चन परिवार ही नहीं बल्कि पुरे देश को विश्वास था कि सोनिया गाँधी अपने उस माँ के निधन पर अवश्य जाएँगी जिसने उनका साथ बहुत ही कठिन परिस्थिति मे दिया था।
यहाँ तक कि मुंबई पुलिस भी ये मानकर कि गाँधी परिवार तेजी जी के अंतिम संस्कार मे अवश्य आएगा , अपने इंतजाम मे जुट गयी..फिर अंत मे पांच घंटे देर से उनका अंतिम संस्कार हुआ ..
फिर अमिताभ ने तेजी जी का अंतिम अरदास अमृतसर के स्वर्ण मंदिर मेरखा था ..[तेजी बच्चन सिख्ख थी ] फिर वहा भी गाँधी परिवार से कोई नहीं पंहुचा ..
५- ये खानदान कितना भारतीय है आप अंदाजा इस बात से लगा ले कि वरुण गाँधी अपनी शादी का निमत्रंण लेकर खुद १० जनपथ गए थे ..लेकिन चूँकि ये परिवार अपने आपको"पवित्र " मानता है इसलिए कोई भी नहीं गया ..
६- जवाहर लाल नेहरु के सगे भांजे अरुण नेहरु को भी १० जनपथ मे आने की मनाही है ..
७- फिरोज का परिवार आज बड़ी ही मुफलिसी मे मुंबई मे गुजारा कर रहा है ,लेकिन इस परिवार ने उन्हें भुला दिया ..
८- यहाँ तक की प्रियंका से शादी के सिर्फ एक साल मे बाद राबर्ट वढेरा ने सभी बड़े अखबारों मे ये"खास सुचना " देकर छपवाया की उसका अब उसके परिवार से कोई भी रिश्ता नहीं है ..
९- प्रियंका से शादी के दो साल केअन्दर ही राबर्ट के भाई , बहन , और पिता की रहस्यमय और संदिह्ध परिस्थिति मे मौत हों गयी।
१०- नेहरु की बहन विजय लक्ष्मी पंडित के परिवार को भी अब १० जनपथपर जाना संभव नहीं है।

मित्रों ये है इस "पवित्र " परिवार की भारतीयता और भारतीय संस्कृति से प्रेम।

साभार______________योगी
प्रेमी

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