रविवार, 17 अगस्त 2014

ये तो प्रेम कि बात है, उद्धव !!

ये तो प्रेम कि बात है, उद्धव !!
ये तो प्रेम कि बात है, उद्धव ! बंदगी तेरे बस कि नहीं है !-२    !
यहा सरदे के होते है ,सौदे ,-२ ,  आशिकी इतनी सस्ती नहीं है !!
ये तो ........................................ तेरे बस कि नहीं है !!

प्रेम वालो ने कब वक्त पूछा, उनकी पूजा में सुनले ऐअ उद्धव !-२ !
यहाँ दम दम में होती है पूजा,-२, सर झुकाने कि फुरसत नहीं है !!
ये तो ........................................ तेरे बस कि नहीं है !!

जो उतरती है चढ़ती है मस्ती, वो हकीकत में मस्ती नहीं है !-२ !
जो असल में है मस्ती में डूबे,-२, उन्हें क्या परवाह जिन्दगी कि !!
ये तो ........................................ तेरे बस कि नहीं है !!

जिसकी नजरो में श्याम प्यारे , वो तो रहते है जग से निराले !-२!
जिसकी नजरो में मोहन समाये,-२,वो नजर फिर तरसती नहीं है !!
ये तो ........................................ तेरे बस कि नहीं है !!

ये तो प्रेम कि बात है, उद्धव ! बंदगी तेरे बस कि नहीं है !-२    !
यहा सरदे के होते है ,सौदे  , -२ ,   आशिकी इतनी सस्ती नहीं है !!
ये तो ........................................ तेरे बस कि नहीं है !!

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