बुधवार, 15 अगस्त 2012

मेरा देश भारत है...."इण्डिया नहीं"...

मेरा देश भारत है...."इण्डिया नहीं"...
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इण्डिया बोलने से पहले विचारे : क्या अर्थ है इण्डिया का ? ...... .इण्डियन शब्द को अंग्रजो ने इडियट शब्द से बनाया है, अर्थात जो इडियट (जाहिल गंवार) होता है वो इण्डियन है।

इसीलिए उन्होंने भारत देश में आकर पूर्व दिशा में (कलकत्ता) अपने पहले कॉर्पोरेट दफ्तर (कम्पनी) का नाम "ईस्ट इण्डिया" रखा क्यूंकि वो भारत के लोगों का शोषण करने के लिए आये थे, उन पर राज करने के लिए आये थे।

अंग्रेज़ो को भारत नाम बोलने मे परेशानी होती थी -अंग्रेज़ 'इंडियन' उस व्यक्ति को कहते है जो उनके हिसाब से जाहिल माना जाता है, अंग्रेज़ इंडियन उस व्यक्ति को कहते थे जो पाषाण कालीन जीवन जीता है।
Remember the old British notorious signboard 'Dogs and Indians not allowed.'
वो भारत के लोगों को जाहिल गंवार यानि इडियट मानते थे इसीलिए इडियट शब्द में थोडा परिवर्तन करके उन्होंने यहाँ के लोगों को इण्डियन कहना शुरू किया)। इसीलिए आप देखें विश्व में जहाँ - जहाँ अंग्रजों का राज था वहां पर 'इण्डियन' यानि इडियट मिल जायेंगे। "जैसे रेड इण्डियन, ब्लैक इण्डियन, वेस्टइंडीज इत्यादि।"

हर भारतीय के नाम का अर्थ है.... हमारे यहाँ बिना भावार्थ के नाम रखने की असांस्कृतिक परंपरा नहीं है। लेकिन हमारे भारत के नाम का अर्थ है:

भारत : भा = प्रकाश + रत = लीन ( हमेशा प्रकाश, ज्ञान मे लीन )

इतना महान अर्थ से परिपूर्ण देश का नाम है फिर क्यूँ हम ऐसे लोगो के दिये नाम 'इण्डिया' का इस्तेमाल करें जिन्होने हमारे देश के शहीदों पर इतने अत्याचार किए ? क्यूँ हम अपने ही देश को गाली दें ? जो भारत को इण्डिया कहते है वे मात्र मैकाले के दिये वचनो का पालन कर रहे हैं।

भारत और इण्डिया मे काफी अंतर है हमारा देश भारत है इंडिया नहीं।

http://www.shreshthbharat.in/literature/india-vs-bharat/

जो भारतीय भाई - बहन मेरी बातों से सहमत हो वो कृपया इस जानकारी को उन पढ़े लिखे काले अंग्रेजों तक जरूर पहुँचायें जो अपने- आपको इडियट (इण्डियन) कहलाने में ज्यादा गर्व महसूस करते हैं। उन्हें समझाए की उन्हें भारतीय कहलाना ज्यादा पसन्द है या इडियट यानि मूर्ख।
वाह रे काले अंग्रेजो....गोरे अंग्रेजों ने अगर तुम्हारी प्रसंशा की होती तो वो समझ में आती थी....पर उनके द्वारा मुर्ख कहे जाने पर भी तुम अपने आपको अगर महान गौरवान्वित महसूस करते हो तो तुम्हारा भगवान ही मालिक है।
वैसे मैकाले का उद्देश्य भी ये ही था। मैकाले तो इस दुनिया से कब का चला गया लेकिन उसके उत्पाद आज भी उत्पादित हो रहे हैं।

अधिक देखें:
https://www.facebook.com/photo.php?fbid=336539829709333&set=a.222302067799777.69335.222235904473060&type=3

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https://www.facebook.com/photo.php?fbid=341392152598021&set=a.341392092598027.71278.100001817185599&type=3

शर्म करो ....शर्म करो ...शर्म करो....!!

भारतीय बनो ...आज से ही ....आपका दोस्त !

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