बुधवार, 15 अगस्त 2012

हर स्वप्न का कुछ अर्थ या फल जरुर होता है...

जय महाकाल बंधुओ.....चलिए आज मुल्लो और सेकुलरों को छोड कर आप साथियों सहित स्वप्नलोक मे चला जाए...! हम आप सभी स्वप्न देखते है...कई बार कुछ अजीबो-गरीब स्वप्न भी आ जाते है और हम अगर अनुकूल स्वप्न है तो खुश हो जाते है...और प्रतिकूल स्वप्न हो तो विचलित हो जाते है....क्या आपने कभी उसके अर्थ को समझने का प्रयास किया है.....हर स्वप्न का कुछ अर्थ या फल जरुर होता है....तो ये पोस्ट पढ़िए और जानिए स्वप्नों के बारे मे............ भारतीय दर्शनशास्त्र के अनुसार भूत, वर्तमान और भविष्य का सूक्ष्म आकार हर समय वायुमंडल में विद्यमान रहता है। जब व्यक्ति निद्रावस्था में होता है तो सूक्ष्माकार होकर अपने भूत और भविष्य से संपर्क स्थापित करता है। यही संपर्क स्वप्न का कारण और स्वप्न का माध्यम बनता है।
व्यक्ति सक्रिय है, वह स्वप्न अवश्य देखता है। सभी प्राणियों में मनुष्य ही एक मात्र ऐसा प्राणी है जो स्वप्न देख सकता है। अर्थात् जो मनुष्य स्वप्न नहीं देखता, वह जीवित नहीं रह सकता। इसका अभिप्राय यह है कि जो जीवित और सक्रिय है, वह स्वप्न अवश्य देखता है। केवल जन्म से अंधे व्यक्ति स्वप्न नहीं देख सकते लेकिन वे भी स्वप्न में ध्वनियां तो सुनते ही हैं। अर्थात स्वप्न तो उनको भी आते हैं। स्वप्न सोते हुए ही नहीं, जागते हुए भी देखे जा सकते हैं। इस प्रकार स्वप्न को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है।
जागृत अवस्था के स्वप्न
निद्रावस्था के स्वप्न
जागृत अवस्था के स्वप्न कवियों, दार्शनिकों, प्रेमी-प्रेमिकाओं, अविवाहित किशोर, युवक-युवतियों को अधिक आते हैं। ये स्वप्न कलात्मक होते हैं। भारतीय दर्शनशास्त्र के अनुसार भूत, वर्तमान और भविष्य का सूक्ष्म आकार हर समय वायुमंडल में विद्यमान रहता है। जब व्यक्ति निद्रावस्था में होता है तो सूक्ष्माकार होकर अपने भूत और भविष्य से संपर्क स्थापित करता है। यही संपर्क स्वप्न का कारण और स्वप्न का माध्यम बनता है। जिस व्यक्ति विशेष की साधना इतनी प्रबल होती है कि वह जागृतावस्था में या ध्यानावस्था में इन भूत-भविष्य के सूक्ष्म आकारों से संपर्क कर लेता है, वही योगी और भविष्यदृष्टा कहलाता है।
अवचेतन मन की पहुंच हमारे शरीर तक ही सीमित नहीं, वरन् वह विश्व के किसी भी भाग में जब चाहे पहुंच सकता है। उसके द्वारा तीनों लोकों के कोने-कोने का समाचार प्राप्त हो सकता है। अतः भूत, भविष्य और वर्तमान तीनों कालों का ज्ञान अवचेतन मन से ही संभव है।
नीचे कुछ मुख्य-मुख्य स्वप्नों के भावों फलों का संक्षिप्त वर्णन किया जा रहा है। स्वप्न फलों के संबंध में निम्न बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है। रात्रि में तीन बजे से सूर्योदय के पूर्व के स्वप्न सात दिन में, मध्य रात्रि के स्वप्न 1 माह में, मध्य रात्रि से पहले के स्वप्न 1 वर्ष में अपना फल प्रदान करते हैं। दिन के स्वप्न महत्वहीन होते हैं। एक रात में एक से अधिक स्वप्न आएं तो अंतिम स्वप्न ही फलदायक होगा।
शुभ स्वप्न फल विचार
स्वप्न में जिस पुरुष को अपने सिर पर घर जलता दिखाई दे, उसे राज्य पद मिलता है।
जो पुरुष स्वप्न में कानों में कुंडल, माथे पर मुकुट और गले में मोतियों का हार धारण करता है वह निश्चित ही राज्यपद को प्राप्त करता है।
स जो पुरुष स्वप्न में अपने शत्रुओं को पराजित होते हुए देखता है वह पुरुष पदोन्नति प्राप्त करता है।
जो पुरुष स्वप्न में गाय, बैल, पक्षी, हाथी पर चढ़कर अपने आपको समुद्र को पार करता हुआ देखता है वह
राजा है।
जो पुरुष स्वप्न में कमल के पत्ते पर बैठकर खीर खाता है वह राज्यपद को प्राप्त करता है।
यदि कोई स्त्री स्वप्न में अपनी योनि के क्षेत्र को विकसित देखती है तो उसे किसी पुरुष के धन की प्राप्ति होती है।
जिस पुरुष के स्वप्न में सारे बाल झड़ जाते हैं या वह अपने आपको केश विहीन देखता है तो उसे अतुल्य धन की प्राप्ति होती है।
जो पुरुष स्वप्न में कुम्हार को घड़ा बनाते देखता है उसके शोक का नाश होता है और उसे बहुत धन की प्राप्ति होती है।
जो पुरुष स्वप्न में अपने आपको ऊंची दीवार पर बैठा देखे तो उसको सुख-संपत्ति प्राप्त होती है।
यदि कोई पुरुष स्वप्न में अपने को अपनी आयु से बड़ा देखे तो उसको मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।
अशुभ स्वप्न फल विचार :
यदि कोई स्त्री अपने आपको स्वप्न में गंजा देखे तो उसे गरीबी का सामना करना पड़ेगा।
यदि पुरुष स्वप्न में देखे कि उसके साथ दुर्घटना घट गयी है तो उसे शीघ्र ही बीमारी जकड़ लेती है।
यदि कोई स्वप्न में यात्रा के लिए वाहन द्वारा जाने की तैयारी में है तो उसे यात्रा छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि यात्रा में उसकी मृत्यु हो सकती है।
यदि कोई स्वप्न में अपने आपको शीशा तोड़ते हुए देखता है तो उसके परिवार में शीघ्र ही किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है।
यदि कोई पुरुष स्वप्न में चीटियों को मारे तो व्यापार का नाश होता है।
जो पुरुष अपनी नाव को तूफान में फंसते देखता है तो आने वाला समय दुर्भाग्य की सूचना देता है।
यदि कोई पुरुष स्वप्न में कड़वी दवा लेता है तो वह अनेक प्रकार की कठिनाईयों में पड़ जाता है।
स्वप्न में रोता बच्चा देखना बीमारी और निराशा की सूचना देता है।
प्रणय संबंधी स्वप्न फल विचार :
यदि कोई युवती स्वप्न में किसी रत्न जड़ी अंगूठी अथवा नैकलेस को देखती है तो उसका दांपत्य
जीवन सुखी व्यतीत होता है।
यदि युवती स्वप्न में किसी मित्र के दिये हुए कंगन पहनती है तो उसका शीघ्र ही विवाह हो जाता है।
यदि पुरुष स्वप्न में कोई सुंदर वस्त्र देखता है तो उसे मधुर स्वभाव वाली विदुषी पत्नी की प्राप्ति होती है।
यदि पुरुष स्वप्न में औरत को घूंघट निकालते देखता है तो उसका दांपत्य जीवन सुखमय व्यतीत होता है।
जब कोई पुरुष स्वप्न में अपनी खोई हुई वस्तु प्राप्त करता है तो उसे आगामी जीवन में सुख मिलता है।
यदि कोई युवती स्वप्न में अपने आपको मेले अथवा नुमाइश में घूमती देखे तो उसे योग्य पति की प्राप्ति होती है।
यदि कोई पुरुष स्वप्न में इंद्र धनुष देखता है तो उसका वास्तविक जीवन सुखमय व्यतीत होता है।
यदि अविवाहित युवती अपने प्रेमी को किसी अन्य युवती से विवाह करता देखे तो विवाह शीघ्र हो जाता है।
यदि कोई पुरुष स्वप्न में किसी सुंदर व स्वस्थ्य नवजात शिशु को देखता है तो उसको संतान प्राप्त होती है।
यदि किसी स्त्री को कोई पुरुष स्वप्न में अंगूठी भेंट में दे तो उसका पति उसे अत्यंत प्रेम करेगा।
मिश्रित स्वप्न फल विचार :
जो पुरुष स्वप्न में जीवित गिद्ध को देखता है उसके सौभाग्य में वृद्धि होती है। यदि गिद्ध आकाश में ऊंचाई पर उड़ता दिखाई दे तो अत्यधिक सौभाग्यशाली होता है।
यदि कोई पुरुष स्वप्न में साफ-सुथरी श्मशान भूमि को देखे तो उसके व्यापार में वृद्धि होती है।
यदि कोई पुरुष स्वप्न में अपने आपको पुस्तक पढ़ते देखता है तो उसका समाज में मान-सम्मान बढ़ता है।
स्वप्न में मशीन द्वारा घाकाटना सौभाग्य वृद्धि का प्रतीक है।
यदि कोई पुरुष स्वप्न में किसी युवती को कर्णफूल पहने देखे तो उसे कोई शुभ समाचार मिलता है।
जो पुरुष स्वप्न में अनाज का ढेर देखता है उसे अपने परिश्रम से सफलता प्राप्त होती है।
जो पुरुष स्वप्न में अनाज का ढेर देखता है उसे अपने परिश्रम से सफलता प्राप्त होती है।
जो पुरुष स्वप्न में कॉफी अथवा चाय पीता है, उसे जीवन में हर्षोल्लास और समृद्धि मिलती है।
यदि कोई पुरुष स्वप्न में अपने पैरों-हाथों में दर्द का अनुभव करे तो उसे धन की प्राप्ति होती है।
यदि कोई पुरुष स्वप्न में कारीगर बनकर मकान बनाता है तो उसको जीवन में अपार सफलता मिलती है।

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